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रोज़ कितने कदम


रोज़ कितने कदम चलना है सही

1. मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में छपी रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 20 मिनट पैदल चलने से शरीर में ग्लूकोज के स्‍तर को नियंत्रण में किया जा सकता है। जिससे हृदय रोग से जुड़ी बीमारियों से बचाव होता है।

2. मेडिकल जर्नल ‘द लैंसेट’ में ही छपी एक अन्‍य रिपोर्ट के अनुसार प्रतिदिन 2000 कदम चलने वाले व्‍यक्तियों में हार्ट अटैक से होने वाली मौतों में 10% तक कम जोखिम कम होता है।

3. कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में 3,34,000 लोगों पर किए गए एक शोध के अनुसार रोज पैदल चलने से सेहत अच्‍छी रहती है और उम्र बढ़ती है।

4.अमेरिकन कैंसर सोसाइटी द्वारा की गई स्‍टडी के अनुसार एक सप्‍ताह में 6 घंटे पैदल चलने वाले व्‍यक्ति अधिक स्‍वास्‍थ रहते हैं।

5. वकाया मेडिकल कॉलेज जापान में हुई एक रिसर्च के अनुसार प्रतिदिन 10,000 कदम पैदल चलने से कोई भी व्‍यक्ति अपने रक्‍त चाप को नियंत्रित कर सकता है। इस रिसर्च में शोधकताओं ने Medium high blood-pressure वाले 83 व्‍यक्तियों पर एक प्रयोग किया। सभी प्रतिभागियों को 12 सप्‍ताह तक प्रतिदिन 10,000 कदम चलाया गया। अवधी के अंत में पाया गया कि सभी व्‍यक्तियों के high blood-pressure में महत्‍वपूर्ण कमी आ गई थी।

अभी तक हमने विज्ञानिको और और चिकित्‍सा जगत में हुई रिसचों के आधार पर पैदल चलने के लाभों को जाना। अब हम एक-एक कर विस्‍तार से पैदल चलने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभों का विक्ष्‍लेषण अपनी एनालिटिकल बुद्धि‍ से करेंगे-


तीर्थ की यात्रा तो दूसरों के कंधों पर सवार होकर की जा सकती है, लेकिन जीवन की ऊंचाइयां तो अपने ही कदमों से तय करनी होती है। तो ये जानें की रोज़ आपको कितना चलना है।

वॉकिंग या टहलने से हाई ब्‍लड प्रेशर या‍नी हापरटेंशन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है। एक रिसर्च से पता चला है कि रोजाना 1000 कदम चलने से सिस्‍टोलिक ब्‍लड प्रेशर में लगभग 0.45 अंक कम होते हैं। टहलने से रक्‍त में एंडोर्फिन’ नामक हार्मोन का रिसाव होता है। जिसे ‘फील गुड’ हार्मोंन कहते हैं। यदि व्‍यक्ति पेड़-पौधों के बीच चलता है तो उसका ब्‍लड-प्रेशर को नियंत्रित किया जा सकता है। इसलिए यदि आप भी high blood pressure की समस्‍या से परेशान हैं तो आपको भी प्रतिदिन सैर करने की आदत बनानी चाहिए। अपने कदमों को फिटनैस ट्रैकर की सहायता से नापना चाहिए। तथा अपने बी पी की जांच नियमित अंतरालो के बाद करनी चाहिए।




तीर्थ की यात्रा तो दूसरों के कंधों पर सवार होकर की जा सकती है, लेकिन जीवन की ऊंचाइयां तो अपने ही कदमों से तय करनी होती है। जीहां, जैसा कि हमारे लिये इस भागदौड़ भरी जिंदगी में सेहत पर ध्यान देना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। व्यस्थ दिनचर्या के चलते खुद को फिट रखने के लिये जिम जाने का समय ही नहीं मिल पाता है। लेकिन आपको जानकर खुशी होगी कि ऐसे में अगर सिर्फ वॉकिंग को अपने डेली रुटीन में शामिल किरेंगे तो न सिर्फ आप बीमारियों से बचा पाएंगे बल्कि दिनभर तरोताजा महसूस करेंगे। लेकिन अब सवाल ये उठता है कि भला रोज़ कितना चला जाए। तो एक शोध में यह सामने आया है कि दिनभर में 10 हजार कदम चलने से कई बीमारियों से दूर रहा जा सकता है। तो इसके लिए स्मार्टफोन आपकी मदद कर सकता है। हाल ही में लॉन्च हुए एक एप से दिनभर पैदल चलने का लेखा-जोखा मालूम किया जा सकता है।


10 हजार सेहत के कदम चलने के फायदे

रोज़ लगभग दस हजार कदम चलना हर एजग्रुप के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। प्रतिदिन औसतन 10,000 कदम (लगभग 2.5 किलोमीटर) टहलने का प्रयास करना चाहिए। डॉक्टर्स मानते हैं कि अगर हम रोज इतना चलें तो हम ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करेंगे। क्योंकि समय की कमी और बिगड़ती जीवनशैली के चलते जिम या योगा सेंटर में जाना थोड़ा मुश्किल हो जाता है, लेकिन जरूरी कामों के लिए बाइक या कार का इस्तेमाल करके पैदल चलें तो रोज 10 हजार कदम चला जा सकता है।


पीडोमीटर एप रखेगा अपडेट

पीडोमीटर एप आपके दिनभर चले कदमों का लेखा-जोखा रखता है। जैसे कि हम पूरे दिन कितने किलोमीटर चले, किस गति में और कितने कदम चले। ये सभी जानकारी इस एप में दर्ज होती हैं। एक्सेलिरोमीटर सेंसर वाले स्मार्टफोन में इस एप को डाउनलोड करके अपने पूरे दिन के कदमों का लेखा-जोखा रखा जा सकता है। साथ ही ये एप हमें ज्यादा चलने के लिए भी मोटिवेट करता है। पीडोमीटर के अलावा मूव्स, रॉनटास्टिक, एक्यूपीडो और नोम वॉक जैसे एप्स भी मौजूद हैं।


कैसे चलें

मसलन, मॉर्निंग वॉक, बाज़ार जाना, यदि ऑफिस घर के नजदीक हो तो पैदल चलकर जाना आदि तरीकों से हम इतना चल कर सेहतमंद रह सकते हैं। जिस प्रकार मॉर्निंग वॉक से फिट रहा जाता है, ठीक उसी प्रकार सुबह-सुबह ट्रेडमिल पर वॉक करना भी फायदेमंद होता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक जितनी कैलोरी हम 30 मिनट के मॉर्निंग वॉक से बर्न करते हैं, उतनी ही हम 6 मिनट के ट्रेडमिल वर्कआउट में बर्न कर सकते हैं।


हर किसी के लिये नहीं ये पैमाना

सामान्य व्यक्ति के लिए 10 हजार कदम चलना काफी फायदेमंद है लेकिन ओबेसिटी से ग्रसित लोगों के लिए यह नुकसानदेह है, क्योंकि ऐसे लोगों का हार्ट कमजोर होता है। उन्हें डॉक्टर से सलाह लेकर धीरे-धीरे अपना टारगेट सेट करना चाहिए कि दिनभर में उन्हें कितना चलना है।


और भी फायदे

रोज 1 घंटे की सैर (सप्ताह में 5 दिन) नियमित रूप से व्यायाम के समान होती है। हार्वर्ड में 1100 लोगों पर किए गए अध्ययनों के अनुसार इससे स्ट्रोक होने का खतरा आधा हो जाता है। डॉक्टर मानते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को 80 वर्ष की उम्र तक स्वस्थ्य रहना हो तो वह प्रतिदिन एक मिनट में 80 कदम चले, 80 ग्राम अनाज खाए और साल में 80 दिन उपवास रखे। यदि प्रतिदिन दस हजार कदम चलते हैं तो कई बीमारियों से दूर रहेंगे।


कितनी हो रफ्तार

आम तौर पर 60 किलोग्राम वजन का इंसान 6.4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से टहल लेता है। इस आधे घंटे में तय की गई दूरी में उसकी 150 कैलोरी ऊर्जा खर्च होती है। इस तरह से न सिर्फ शरीर के वजन को नियंत्रित करता है बल्कि कई रोगों को भी दूर भगाता है। टहलना एक एक्सरसाइज ही नहीं, बल्कि यह मूड बूस्टर भी है।


सैर की सही शुरुआत

पहला हफ्ता - पहले हफ्ते में कम से कम 3 हजार कदम चलने का लक्ष्य निर्धारित करें। इससे अधिक चलना आपके लिये बोनस ही होगा।
दूसरा हफ्ता - इस हफ्ते पहले हफ्ते के कदमों में 1 हजार कदम और मिला दें। हफ्ते में कम से कम 5 दिन जरूर चलें।
तीसरा हफ्ता - इस बार 2 हजार कदमों की संख्या और बढ़ा दें और 7 में से 5 दिन चलें।
चौथा हफ्ता - तीसरे सप्ताह वाला सिलसिला यूंही जारी रखें।
पांचवा हफ्ता - कदमों की संख्या 3 हजार और बढ़ा दें और 7 में 5 दिन चलें। जिसमें 7 में से 3 दिन 4 मिनट के लिए लगातार तेज चलें।
छठा हफ्ता - अपनी बेसलाइन में 5 हजार कदम और बढ़ा दें। इसके साथ 7 में से 3 दिन 5 मिनट के लिए तेज चलें।

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