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क्या होता है तांत्रिक सेक्स?


क्या होता है तांत्रिक सेक्स?

लोकप्रिय मान्यता के विपरीत तांत्रिक सेक्स, सेक्स से संबंधित कोई अनूठी गतिविधि नहीं है. तांत्रिक सेक्स का मौलिक लक्ष्य है कि इसमें सिवाय अपने पार्टनर को आध्यात्मिक और गहरे तरीक़े से समझने के अलावा कोई और गतिविधि न हो. ऑर्गैज़्म (चरम) पाना भी इसकी प्राथमिकता नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत रिश्ते को मज़बूत बनाने के लिए एक-दूसरे को गहराई से जानने और आनंददायक अंतरंग रिश्ता बनाने पर ज़ोर दिया जाता है.

ज़्यादा समय की ज़रूरत होगी
तांत्रिक सेक्स का यह मतलब नहीं है कि आप घंटों प्यार करें. ‘‘इसके बजाय इसका आधार ये है कि आपके भीतर अपने पार्टनर के प्रति अगाध श्रद्धा हो,’’ कहना है मार्क ए माइकल्स और पैट्रिशिया जॉन्सन का-अपनी किताब तांत्रिक सेक्स मेड सिंपल में. इसका अर्थ यह है कि जब आप अपने पार्टनर के साथ सेक्शुअल संबंध बना रहे हों तो केवल उसके ही साथ होने और रहने की कल्पना भी आपके मन-मस्तिष्क में छाई हो.

लचीले रवैये की ज़रूरत होगी
तांत्रिक सेक्स का मक़सद पुरुष को शारीरिक, मानसिक और आत्मा के स्तर तक तृप्त करना है. इसे आप तब अपनी सांस को नियंत्रित करके प्राप्त कर सकते हैं, जबकि आपका पार्टनर भी अपनी सांस को नियंत्रित कर रहा हो. ऐसी अवस्था में एक-दूसरे की ओर देखते हुए, सेक्शुअल प्रक्रिया को कुछ ख़ास तरीक़ों से यूं करें कि यह सत्र लंबे समय तक चले. इसका मक़सद आपके ऑर्गैज़्म में देरी करके संपूर्ण आनंद देना ही नहीं है, बल्कि इसका मक़सद है आपको अपने पार्टनर के इतने क़रीब ले आना कि आप उसके शरीर को और भी बेहतर ढंग से समझ सकें. तांत्रिक सेक्स की पद्धति, सेक्स की तकनीक और सेक्स की मानसिक पद्धति से भी कहीं आगे के स्तर की है. तांत्रिक सेक्स का कठिन सेक्शुअल पोज़िशन्स (मुद्राओं) से कोई लेना-देना नहीं है. ‘‘ऐसी आसान-सी पोज़िशन्स, जिससे आप दोनों को संतुष्टि मिले और आप उसका आनंद ले सकें. जिससे सेक्स की प्रक्रिया लंबी चले और सेक्शुअल संतुष्टि का स्तर भी ऊंचा रहे,’’ कहना है दिल्ली के सेक्सोलॉजिस्ट डॉ विनोद रैना का.

विचित्रता पसंद करनेवाले लोगों के लिए है
अपनी किताब में मार्क और पैट्रिशिया कहते हैं,‘‘किसी और चीज़ के बजाय तांत्रिक सेक्स का संबंध आपके दृष्टिकोण से ज़्यादा है. अत: इसके लिए केवल आपकी सोच में बदलाव की ही ज़रूरत होती है.’’ ज़्यादातर भारतीय महिलाओं को तांत्रिक सेक्स के बारे में मालूमात ही नहीं हैं और जिन्हें हैं वे भी इसके बारे में कोई सकारात्मक या अच्छी राय नहीं रखती हैं. आर्किटेक्ट हेतल पुनारी कहती हैं,‘‘मुझे तो तांत्रिक सेक्स एक पहेलीनुमा-सी चीज़ लगती है.’’ वे आगे कहती हैं,‘‘मैंने इसे केवल इसलिए नहीं आज़माया है, क्योंकि मैं इसे लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हूं. शायद जब मुझे इसकी पूरी और सही जानकारी मिलेगी, मैं इसे आज़माना चाहूंगी.’’ 


यूं आज़माएं तांत्रिक सेक्स

डॉ उत्तम दवे, सेक्स सलाहकार, मुंबई, तांत्रिक सेक्स के लिए आवश्यक चीज़ों के बारे में बता रहे हैं:

* एक अंधेरे कमरे या मोमबत्ती के मद्धम प्रकाश के बीच आप दोनों आरामदायक तकियों के बीच एक-दूसरे के बेहद क़रीब बैठें.

* एक-दूसरे की आंखों में गहराई से झांकें, कुछ इस तरह, जैसे आप उन्हें बताना चाहते हों कि वो एक बेहतरीन पार्टनर हैं.

* एक-दूसरे से तालमेल बनाते हुए समान गति से सांस लें.

* अपने हाथ उनके शरीर से दो इंच की दूरी पर रखें और उनके शरीर से निकल रही ऊर्जा को स्वीकार करें. फिर आप दोनों इस ऊर्जा का धीरे-धीरे आदान-प्रदान करें. इसके बाद सामान्य सेक्शुअल गतिविधियों की शुरुआत करें.


सेक्स को मसालेदार बनाने के तीन झटपट तरीक़े


सेक्स जब बार-बार की जानेवाली गतिविधि जैसा बन जाता है, तब बोरिंग काम लगने लगता है. अगर आपकी सेक्स लाइफ़ भी बोरिंग हो चुकी है तो फटाफट जानें, सेक्स को स्पाइसी यानी मसालेदार बनाने के तीन अचूक तरीक़े. 


रोल प्ले
लंबे वैवा‌हिक संबंध के बाद सेक्स लाइफ़ बोरिंग हो जाती है. बिस्तर पर रोमांच भरने के लिए जोड़े अक्सर रोल प्ले का सहारा लेते हैं. इसमें दोनों पार्टनर अलग-अलग किरदार निभाते हैं और आपस में सेक्स करते हैं. उन किरदारों के हावभाव ही नहीं, उनके जैसी ड्रेसिंग कमाल कर देती है. स्कूल गर्ल-टीचर, डॉक्टर-पेशेंट और बॉस-सेक्रेटरी कुछ बेहद लोकप्रिय रोल प्लेज़ हैं. कैरेक्टर में आने के बाद सेक्स नई ऊंचाई पर पहुंच जाता है. 



ब्लाइंड फ़ोल्ड 
सेक्स आंखों का ही नहीं, स्पर्श का खेल भी है. तभी तो ज़्यादातर जोड़े सेक्स का असली आनंद अंधेरे कमरे में उठाते हैं. यदि आप अंधेरे को फ़ैंटसी से जोड़ना चाहते हैं तो ब्लाइंड फ़ोल्ड अपनाएं. इसमें पार्टनर की आंखों पर पट्‍टी बांधकर उसे सेक्स के लिए उत्तेजित किया जाता है. इससे वे अधिक उत्तेजित महसूस करते हैं. आप इसका उल्टा भी कर सकते हैं यानी पार्टनर से अपनी आंखों पर पट्टी़ बंधवाकर यह खेल खेल सकते हैं. 


क्विकी 
जब हम पार्टनर से संबंध बनाने के अभ्यस्त हो जाते हैं, तब हमें पता होता है कि अगला चुंबन कहां मिलनेवाला है या किस समय पार्टनर शरीर के किस ‌हिस्से को स्पर्श करेगा. आप दोनों प्यार का धीरे-धीरे आनंद लेते हैं. प्यार का यह धीमापन कई बार बड़ा बोरिंग हो जाता है. ऐसे में कभी-कभी फटाफट सेक्स यानी जिसे क्विकी कहा जाता है अपनाना भी काम का साबित होता है. इसमें दोनों पार्टनर जल्द से जल्द चरम पर पहुंचना चाहते हैं, जिससे न केवल सेक्स की स्पीड बढ़ती है बल्कि कुछ नया होने के कारण मज़ा भी बढ़ जाता है.



उन्हें कैसे बताएं कि आप बिस्तर पर ख़ुश नहीं हैं?

एक सर्वे में पाया गया कि अधिकतर महिलाएं सेक्स से जुड़ी असंतुष्टि के बारे में अपने साथी से बात ही नहीं करतीं. ये ग़लत है! फ़ेमिना बता रही है कि साथी का दिल दुखाए बिना आप कैसे उन्हें प्रभावी ढंग से अपनी असंतुष्टि का कारण बता सकती हैं. 
हाल ही में भारत के 10 शहरों में 19 से 50 वर्ष की अविवाहित, विवाहित और तलाक़शुदा महिलाओं पर कराए गए एक सर्वेक्षण में पाया गया कि 57 प्रतिशत महिलाएं अपने साथी को इस बारे में नहीं बतातीं कि वे सेक्शुअल संबंधों से नाख़ुश हैं. शोधकर्ताओं का मानना है कि वैवाहिक संबंधों में महिलाओं के सेक्शुअल असंतोष की वजह है पति-पत्नी का इस मुद्दे पर बातचीत न करना. इस मुद्दे पर अपने साथी की भावनाओं को ठेस पहुंचाए बिना बातचीत कैसे की जा सकती है? यही तो हम बता रहे हैं:



तुम्हें प्यार का कौन-सा तरीक़ा सबसे ज़्यादा पसंद है?
समस्या पर सीधे चर्चा करने के बजाए इस वाक्य से शुरुआत करें. इससे बातचीत के बहुत से विषय मिल जाएंगे. और धीरे-धीरे आप अपनी समस्या से जुड़ी बात कर सकती हैं. ‘‘आप ऐसे सुझाव दे सकती हैं कि आपको लंबे समय तक फ़ोरप्ले अच्छा लगता है,’’ ये कहना है मुंबई के सेक्सोलॉजिस्ट डॉ राजन भोसले का. ‘‘सभी की पसंद अलग-अलग होती है और पति-पत्नी को एक-दूसरे की पसंद के बारे में जानकारी होनी चाहिए.’’








तुतम ऐसा करते हो तो मुझे बहुत अच्छा लगता है
सीधे-सीधे मुद्दे पर आ जाने के अलावा भी अपनी बात को कहने का प्रभावी तरीक़ा हो सकता है. आप उन्हें ये बातें कह रही हैं, क्योंकि आप चाहती हैं कि वे अपने प्रदर्शन में सुधार लाएं. ‘‘ऐसा नहीं लगना चाहिए कि आप आक्रामक हो रही हैं,’’ यह बताते हुए डॉ भोसले कहते हैं,‘‘ऐसी भाषा का इस्तेमाल न करें, जिससे वे अपनी नज़रों में ही गिर जाएं, क्योंकि इससे आपको सही परिणाम नहीं मिलनेवाला.’’ अच्छी तरह से कही गई बात से उनके अहम् को चोट भी नहीं पहुंचेगी और ये भी पता चल सकेगा कि उन्हें कहां सुधार करना है. 



चलो एक-दूसरे की नकल करें
आप साथी के साथ वे सारी चीज़ें कर सकती हैं, जिनकी अपेक्षा आप अपने लिए रखती हैं. उनके साथ ये खेल खेलिए. उनसे कहिए,‘‘मैं जो आपके साथ कर रही हूं, आप भी उसकी नकल कीजिए. आप उन्हें ख़ास तरह से ख़ास जगह पर चुंबन दे सकती हैं और फिर वे भी उसे दोहराएंगे,’’ यह कहना है नृत्यांगना गुरलीन बाम्ब, 30, का. ‘‘फिर जब आप उन्हें बताएंगी कि उनका ऐसा करना आपको बहुत अच्छा लगा तो वे इसे ख़ुद-ब-ख़ुद याद रखेंगे और अगली बार ज़रूर दोहराएंगे.’’


ये अचरजभरी जगहें
मानव शरीर में तक़रीबन 32 ऐसे हिस्से होते हैं, जो सेक्शुअल क्रियाओं के प्रति बेहद संवेदनशील होते हैं और जिनके बारे में अधिकतर लोगों को पता ही नहीं होता. ‘‘जब हम अलग-अलग तरीक़े आज़माते हैं तो हमें इनके बारे में पता चलता है,’’ डॉ भोसले बताते हैं,‘‘फ़ोरप्ले के दौरान जब आप एक-दूसरे को स्पर्श करते हैं तो उनसे कहें कि वे कुछ अप्रत्याशित-सा करें, जिससे आपको अच्छा लगे. पर यदि आपको उनकी क्रिया पसंद नहीं आती है तो यह सुनिश्चित कर लें कि उन्हें इस बारे में मालूम ज़रूर पड़ जाए.

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