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मासिक धर्म क्या होता है


मासिक धर्म क्या होता है 
मासिक धर्म (माहवारी) यह एक ऐसा शब्द है जिसके बारे में सार्वजनिक रूप से हर कोई चर्चा नहीं करना चाहता। कई तो ऐसे लोग हैं जो संकोच के कारण इसके अर्थ के बारे में जानने की कोशिश नहीं करते। उन्हें नहीं पता होता कि मासिक धर्म क्या है, क्या यह किसी प्रकार का रोग है, इसका महिलाओं से क्या संबंध है? आइए इन सब सवालों का आसान शब्द में जवाब देने की कोशिश करते हैं।
क्या है मासिक धर्म (Menstrual)
What Is Menstrual Cycle - जानिए, मासिक धर्म चक्र ...
10 से 15 साल के उम्र के बीच लड़की के अंडाशय हर महीने एक विकसित अंडा (डिम्ब) उत्पन्न करना शुरू कर देते हैं। वह अंडा अण्डवाहिका नली (फैलोपियन ट्यूव) के द्वारा नीचे जाता है जो कि अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। जब अंडा गर्भाशय में पहुंचता है, उसका अस्तर (लाइनिंग) रक्त और तरल पदार्थ से गाढ़ा हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यदि अंडा उर्वरित हो जाए, तो वह बढ़ सके और शिशु के जन्म के लिए उसके स्तर में विकसित हो सके।


यही अंडा जब पुरूष के शुक्राणु से मिलते हैं तो महिला गर्भवती होती है और शिशु जन्म लेता है। यदि ऐसा नहीं होता तो वह अंडा स्राव बन जाता है जो कि योनि से निष्कासित हो जाता है। इसी स्राव को माहवारी या मासिक धर्म कहते हैं।


क्या है मासिक चक्र (Menstrual Cycle)

जब माहवारी या पीरियड्स (मेंस्ट्रुएशन) नियमित समय पर हो तो उसे हम मासिक चक्र (Menstrual Cycle) कहते हैं। यह मासिक चक्र बाताता है कि एक लड़की के शरीर के सभी महत्वपूर्ण अंग सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। यही मासिक चक्र एक महत्वपूर्ण बॉडी केमिकल प्रदान करता है जिसे हार्मोन कहते हैं और यही हार्मोन बॉडी को स्वस्थ्य रखता है। मासिक चक्र का होना यह बतलाता है कि एक महिला शरीर गर्भावस्था के लिए तैयार है।

यह मासिक चक्र पीरियड्स के पहले दिन से लेकर अगले पीरियड्स के पहले दिन तक जोड़ा जाता है। औसत रूप से मासिक चक्र 28 दिनों तक होता है। यह वयस्कों में 21 से 35 दिन के बीच होता है जबकि युवा किशोर में 21 से 45 दिन के बीच होता है।

पीरियड्स की शुरुआत किस उम्र में

एक लड़की के लिए पहला पीरियड्स 12 से 15 साल के उम्र के बीच शुरू हो जाता है। इसका मतलब यह नहीं है कि इसी उम्र के बीच लड़की के पीरियड्स शुरू हो जाते है। अगर किसी लड़की के समय पर पीरियड्स शुरू नहीं होते तो उसे डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।


महिलाओं में ये पीरियड्स कब तक चलता है
मेंस्ट्रुअल कप (Menstrual cup in hindi) क्या है ...
हर किसी के दिमाग में यह सवाल रहता है कि महिलाओं में पीरियड्स कब तक चलता है? महिलाओं के जीवन में ऐसा उम्र भी आता है जब पीरियड्स यानि मासिक धर्म होना बन्द हो जाते हैं। इसे हम मेडिकल की भाषा में मीनोपॉज कहते हैं। सामान्य तौर पर यह दौर 45 से 55 साल की उम्र के बीच आता है।

वैसे कुछ महिलाओं में मीनोपॉज की अवस्था उस दौरान भी आती है जब वह बच्चा न पैदा करने की सर्जरी कराती है या फिर महिला को कोई गंभीर बीमारी हो।


शादी के बाद महिलाएं हो जाती हैं मोटी, जानें कैसे 


इस तकनीक और आधुनिक युग में पुरुषों के मुकाबले महिलाएं खुद को स्वस्थ्य और फिट रख रही हैं। हमेशा से ही स्त्रियों का ध्यान अपनी खूबसूरती और फिगर को दुरुस्त रखने में रहता है। आज बाजार में ब्यूटी प्रोडक्ट की भरमार है। खासकर महिलाओं को ध्यान में रखकर रोज नए-नए ब्यूटी प्रोडक्ट बाजार में लाए जा रहे हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि महिलाओं ने अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए इन्हीं ब्यूटी प्रोडक्ट का सहारा लिया है। उधर बाजार भी यह जानता है कि जब तक महिलाओं के अंदर अपनी खूबसूरती बढ़ाने को लेकर उत्सुकता रहेगी तब तक इन प्रोडक्ट की मांग कभी नहीं कम होगी।

यही नहीं, महिलाएं अपने फिगर को लेकर बहुत ही जागरूक रहती हैं। वह तो यही चाहती हैं कि उनकी बॉडी विश्व की सबसे परफेक्ट बॉडी हो। यही वजह है कि महिलाएं शादी से पहले फैशन, फिल्म और ग्लैमरस दुनिया में राज करती हैं. लेकिन शादी के बाद अपने इसी रुतबे को वह क्यों नहीं कायम कर पाती है? इसकी एक बड़ी वजह उनके फिगर में होने वाले परिवर्तन को माना जा सकता है। अक्सर ऐसा कहा जाता है कि शादी के बाद उनका वजन अचानक से बढ़ गया!


अब सवाल यह उठता है कि अपवाद को छोड़कर शादी के बाद महिलाएं मोटी क्यों हो जाती हैं? क्या यह शारीरिक प्रक्रिया के कारण होता है या फिर उनकी ही लापरवाही का नतीजा है?

गर्भावस्थाी और मां बनने के बाद

गर्भवती होने के बाद या मां बनने के बाद शारीरिक सरंचना में बदलाव आता है। इस कारण वजन का बढ़ना स्वाेभाविक है। यहां तक कि अधिक वजन तथा मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को गर्भावस्था में वजन बढ़ाने की सलाह दी जाती है।


कुछ भी खाते रहना

अक्सर देखा गया है कि महिलाओं में शादी के बाद खुद को फिट रखने का ख्याल मन से निकल जाता है। डाइट चार्ट जो वह शादी से पहले फॉलो करती थी, शादी के बाद नहीं करती हैं। वह कुछ भी खाना शुरू कर देती हैं।


परिवार में उलझे रहना

शादी के बाद पुरुषों से ज्यादा महिलाएं व्यस्त रहती हैं। यह व्यस्तता तब और बढ़ जाती है जब परिवार में बच्चा आ जाता है। घर का काम बच्चों की देखभाल, सास और ससूर का ख्याल रखना, पति की जरूरतों को पूरा करना, नौकरी पर जाना आदि बहुत से ऐसे काम हो जाते हैं जिससे महिला खुद के स्वस्थ्य रहने के बारे में सोच ही नहीं पाती हैं। वह फिगर पर ध्यान ही नहीं दे पाती हैं।


आलसीपन

शादी के बाद देखा गया है कि महिलाओं में आलसीपन बहुत ही तेजी बढ़ने लगता है। खुद को फिट रखने के लिए जो रूचि शादी से पहले वह रखती थी, शादी के बाद वह सब भूल जाती हैं।


महिला स्वास्थ्य
महिलाओं के लिए उपयोगी कसरत और योग 
Useful yoga asans and exercises tips for women in hindi. 





आज के समय में फिट रहना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि जब आप फिट हैं, तो आप तंदरुस्त है। फिट रहने के लिए एक्सरसाइज बहुत ही जरूरी होती है, लेकिन कुछ लोगों के पास जिम या पार्क में जाने का समय नहीं होता। खासकर उन महिलाओं के पास जो काम में इस तरह से उलझी हुई होती हैं कि वो अपनी सेहत पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे पातीं, इसलिए महिलाओं के लिए उपयोगी कसरत और योग जानना बहुत जरुरी है। अगर आप महिला हो और अपने मोटापे के कारण परेशान हो, तो हम आपको कुछ ऐसे आसनों के बारे में बताएगें, जिसे आप रूटीन में करोगे तो आपको उससे बहुत ही फायदे प्राप्त होंगे। 
महिलाओं के लिए उपयोगी योग आसन 



साइड प्लैंक

यदि आप अच्छी सेहत या अच्छी बॉडी पाना चाहते हो, तो साइड प्लैंक एक्सरसाइज आप के लिए बहुत ही लाभकारी है। इस आसन के द्वारा शरीर के अलग-अलग अंगों पर प्रभाव पड़ता है और इसके साथ ही फैट बर्न होता है। इस आसन के द्वारा कंधें, सीने और पेट की मांसपेशियां मजबूत होती है और शरीर की चर्बी खत्म हो जाती है।

पुश अप

इस आसन के द्वारा महिलाओं के स्तन आकार में आते हैं, साथ ही कंधों और सीने को मजबूती मिलती है। इसको करने से न केवल हमारा शरीर फिट रहता है बल्कि इसको करने से शरीर को भी वी शेप मिलती है।

प्लाई

यह व्यायाम स्क्वैट्स के समान होता है। इस आसन के द्वारा जांघों और नितम्ब एरिया के पास का फैट खत्म होता है।

एक्सरसाइज बॉल

इस आसन को करने के लिए एक्सरसाइज बॉल का इस्तेमाल किया जाता है। इससे शरीर को पतला करने में बहुत ही सहायता मिलती है।

तैराकी

तैराकी बहुत ही अच्छा व्यायाम है। इसे करने से हमारे शरीर के सभी अंगों का व्यायाम हो जाता है। इसको करने से हमारी हड्डियों को भी मजबूती मिलती है।

दौड़ना

तेज दौड़ना आपके लिए बहुत ही अच्छा व्यायाम होता है। इस व्यायाम को करने के लिए सबसे पहले 100 मीटर दौड़ लगानी चाहिए और फिर 25 मीटर तक चलना चाहिए। इस प्रकार आप को 6 से 7 बार तक करना चाहिए।

बर्पी

जब आप बर्पी करते हो तो आप जल्दी ही अपने वजन को कंट्रोल में कर सकते हो। इस एक्सरसाइज को आमतौर पर एरोबिक फिटनेस और शरीर की मजबूती के लिए किया जाता है।


नौकासन

इस आसन को बैठकर किया जाता है। इस आसन के द्वारा आप अपने पेट, जांघ और नितम्ब की फैट को कम कर सकते हैं।

क्रंच

यदि आप मोटापे से परेशान है और पतला होना चाहते हैं, तो आपको दिन में कम से कम 40 बार क्रंच जरूर करना चाहिए।

एरोबिक्स

एरोबिक्स महिलाओं के लिए बहुत ही अच्छा व्यायाम होता है। इसको करने से महिलाएं फिट रहती हैं।


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