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पीरियड मिस होने पर पहचाने


पीरियड मिस होने पर पहचाने गर्भावस्था को इन 11 लक्षणों की मदद से


क्या आप अपने पीरियड मिस होने पर आशंका में हैं?

क्या आपको लगता हैं कि आप गर्भवती हैं?

क्या आप अपने पीरियड मिस होने को गर्भावस्था के शुरूआती संकेतों के तौर पर देख रही हैं?

अगर आपके मन में यह सब सवाल व शंकाएं हैं तो आपकी शंका एक दम ठीक हैं क्योंकि गर्भावस्था की शुरुआत में पीरियड का मिस होना एक मुख्य कारण (pregnancy symptoms in hindi before missed period) हैं लेकिन पीरियड का मिस होना पूरी तरह से आपके गर्भवती होने का पुख्ता सबूत नही हो सकता। इसलिए हम आपकी मदद के लिए कुछ ऐसे आम लक्षण लेकर आये हैं जिनसे आपको अपनी गर्भावस्था को पहचानने में मदद मिलेगी।

यदि आपको नीचे दिए गए लक्षणों (period se pehle pregnancy ke lakshan) में से कोई लक्षण अपने में दिखाई दे तो आपको डॉक्टर के पास अभी जाना चाहिए और प्रेगनेंसी टेस्ट करवाना चाहिए। आइये जानते हैं ऐसे ही कुछ आम लक्षणों के बारे में विस्तार से जिससे आपको अपनी गर्भावस्था को पहचानने में मदद मिलेगी।
गर्भावस्था के लक्षण पीरियड मिस होने से पहले (period se pehle pregnancy ke lakshan)

#1. थकावट भी है निशानी
जी हां, थकावट भी गर्भधारण की निशानी हो सकती है किन्तु यह एक ऐसा लक्ष्ण है जो महिलाओं में कई सारी दूसरी बीमारियों का असर भी दिखाता है. इसीलिए ज्यादातर महिलाएं इस लक्षण को गर्भधारण से जोड़ कर नहीं देख पाती हैं लेकिन प्रेग्नेंसी से पहले ऐसा होने की एक बड़ी वजह है. इसलिए यदि आप मां बनने की तैयारी में हैं तो थकावट को नजरंदाज न करें. दरअसल गर्भ ठीक से विकसित हो इसके लिए एक हार्मोन की आवश्यकता होती है. प्रोजेस्टरोन नाम का ये हरमोन शुरुआती दिनों में तेजी से बढ़ता है जो गर्भवती महिलाओं में थकावट का कारण बनता है. इसके अलावा शुगर लेवल का कम होना या ब्लड प्रेशर में बदलाव भी थकावट का कारण बनते हैं.

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#2. स्तनों में सूजन

गर्भधारण का एक और लक्षण स्तनों में सूजन भी है. प्रोजेस्टरोन के साथ β hCG प्रेग्नेंसी में फ्लूइड रिटेंशन की वजह बनते हैं और सूजन का कारण भी. इसके साथ एक दूसरा बड़ा कारण भी होता है. वो यह कि स्तन में मौजूद धमनियां दूध निर्माण के लिए बड़ी होने लगती हैं और इन वजहों से ही ब्रेस्ट में भारीपन महसूस होता हैं और वे सूजने भी लगते हैं. कई बार ये सूजन दर्द का कारण भी बनती हैं.
#3. दाग लगेंगे
गर्भधारण यदि हो चुका है तो मानिए कि इसके हफ्ते या 10 दिन के अंदर आपको पीरियड वाले दाग महसूस हो सकते हैं. इसको इम्प्लांटेशन ऑफ ब्लीडिंग कहते हैं. ऐसा तब होता है, जब गर्भधान वाले अंडे बच्चेदानी तक का सफर तय करते हैं और इसकी दीवारों पर जमना शुरू होते हैं. हालांकि इन दिनों आने वाला ब्लड आम दिनों वाले पीरियड से कहीं कम होता है, ये रंग में भी हल्का होता है और यह 4 से 5 दिन ना रहकर सिर्फ 1 या 2 दिन ही रहता है. साथ में ऐंठन भी महसूस की जा सकती है.
#4. उबकाई करनी होगी हैंडल

उबकाई आना गर्भधारण की बहुत ही सामान्य परेशानी है जो बेहद शुरुआती दिनों में भी महसूस हो सकती है. खासतौर पर इन दिनों में बस या ट्रेन में यात्रा के दौरान ज्यादा उबकाई महसूस हो सकती है. ऐसे में उल्टियां भी आ सकती हैं.
#5. मूड स्विंग
मूड स्विंग या मन का परिवर्तन भी गर्भधारण का ही एक हिस्सा हैं, पर जब ये पक्की जानकारी के पहले ही महसूस हों तो आपको चिंता हो सकती है. प्रेग्नेंसी के बाद मूड स्विंग आम बात है, जब आपको पता ही नहीं है कि आप गर्भवती हैं तो ऐसा अनुभव खराब साबित हो सकता है. आप बिना किसी कारण रोना चाहती हैं तो चिढ़ भी महसूस कर सकती हैं. आपको बेवजह गुस्सा आ सकता है तो आप खुद को तनाव में भी महसूस करने लगती हैं. यदि मां बनने की चाहत है और अभी तक गर्भधारण की जानकारी नहीं मिली है तो ऐसे लक्षणों के बाद चिकित्सीय सलाह अवश्य ले लें.
#6. कब्ज करेगा परेशान

हार्मोन प्रोजेस्टरोन बॉडी की ज्यादातर मसल्स को फ्री कर देता है. इसके चलते पाचन तंत्र भी रिलैक्स हो जाता है. जिसकी वजह से ज्यादातर गर्भवती महिलाएं कब्ज महसूस कर सकती हैं. यह एक ऐसी दिक्कत है जो प्रेग्नेंसी बढ़ने के साथ बढ़ती ही चली जाती है. इन दिनों में अच्छे से खाने की सलाह दी जाती है, ऐसे में कब्ज की परेशानी लाइफस्टाइल बेहद खराब कर देती है.
#8. बार-बार बाथरूम की दौड़

प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में आपको बार-बार बाथरूम की ओर दौड़ लगानी पड़ सकती है. दरअसल इन दिनों में सबकुछ ठीक से चलाने के लिए ज्यादा टोक्सिन और फ्लुड्स की आवश्यकता होती है और इसकी वजह से किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. इस प्रक्रिया की वजह से शरीर में पानी भी ज्यादा बनता है. बार-बार बाथरूम आपको भागना पड़ता है. ऐसा होने का एक कारण हार्मोन प्रोजेस्टरोन का ब्लैडर मसल्स को रिलैक्स कर देना भी है.
#9. चक्कर आना

खून की धमनियां गर्भधारण के दौरान ज्यादा तनती हैं. ऐसा ज्यादा हार्मोन रिलीज के कारण होता है और यही वजह बनती है ज्यादा ब्लड और इसके कम फ्लो की. इसी का असर दिखता है कि महिलाएं चक्कर का आना महसूस करती हैं. इसके साथ ही ब्लड प्रेशर का गिरना भी चक्कर आने की वजह बन सकता है. दरअसल गर्भ शरीर की ज्यादातर शुगर का इस्तेमाल कर लेता है और इसका शरीर में लेवल गिरने लगता है.
#10. भूख ज्यादा लगना

हर कुछ देर में आपको भूख भी महसूस हो सकती है. आपको लगेगा कि आप बस हमेशा कुछ खाते रहना चाहती हैं. पर आपको पता नहीं है कि आप गर्भवती हैं तो...आपको लग सकता है कि आप मोटी हो जाएंगी या आपकी आदतें खराब हैं. पर ऐसा नहीं है पीरियड रुकने से पहले यानि गर्भ की जानकारी से पहले ऐसी स्थिति आपको परेशान कर सकती है. पर अब जब आप मां बनना चाहें तो बिना किसी अधिकारिक जानकारी के भूख ज्यादा लगने को गर्भ का संकेत मान सकती हैं.
#11. सिरदर्द रोज की बात
पहले ऐसा कभी नहीं हुआ पर अब सिर दर्द रोज का हो गया है. अपने शारीरिक बदलावों पर ध्यान दीजिए, हो सकता है आपके शरीर में ब्लड वॉल्यूम का बढ़ना और ब्लड फ्लो का कम होना इसकी वजह हो जो प्रेग्नेंसी से जुड़ा बड़ा बदलाव है. सिर में दर्द का कारण बेबी की वजह से बॉडी पर पड़ने वाला दबाव भी हो सकता है. इन सारे बदलावों की वजह से होने वाली टेंशन सिर में दर्द दे सकती हैं. कई गर्भवती महिलाओं में माईग्रेन के असर भी देखा गया है.



पीरियड मिस होने से पहले, इन लक्षणों से मालूम चल जाती है प्रेगनेंसी
, प्रेग्नेंसी पता लगाने के घरेलू तरीके | Boldsky
कोई महिला कब जांच करती है कि वो प्रेगनेंट है या नहीं? जब उसके पीरियड्स मिस होते हैं तभी न। आमतौर पर पीरियड्स मिस होने को ही प्रेगनेंसी का सिग्नल माना जाता है। लेकिन असल में पीरियड्स जब मिस होते हैं, तब तक प्रेगनेंसी को कुछ हफ्ते हो चुके होते हैं। जब एग फर्टीलाइज होकर यूटरस में प्रत्यारोपित हो जाता है, तब कोई महिला गर्भवती होती है। यह घटना पीरियड्स मिस होने के बहुत पहले हो जाती है।
अब सोचने वाली बात यह है कि पीरियड्स मिस होने के अलावा गर्भवती होने के और कौन से संकेत हैं? गर्भावस्था की शुरुआत के हफ्तों में ही पीरियड्स मिस होने के अलावा भी कई और संकेत मिलने लगते हैं। यह संकेत बहुत आम होते हैं। किसी और बीमारी की ओर इशारा भी कर सकते हैं कभी-कभी ये प्रेगनेंट होने के भी संकेत होते हैं। यदि आपके साथ भी ऐसा कुछ हो रहा है तो जांच करवा लेना ही बेहतर है।


स्‍तनों में बदलाव
गर्भ धारण करने के 1-2 हफ्ते के दौरान ही स्तनों में बदलाव नजर आने लगता हैं। इस दौरान उनमे दर्द, भारीपन और सूजन जैसे बदलाव देखे जा सकते हैं।
शरीर के तापमान में फर्क
जब हम बिल्कुल आराम की स्थिति में होते हैं, तब हमारे शरीर का जो तापमान होता है उसे 'basal Body temperature' कहते हैं। पीरियड्स के दौरान यह तापमान बढ़ता ही है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान बीबीटी बढ़ा हुआ ही रहता है। आपको इस तापमान पर भी नजर रखना चाहिए।

हल्‍क‍ी ब्‍लीडिंग
यदि आपका मासिक धर्म नियमित रूप से 28 दिन की साइकिल पूरी कर रहा है। आपको 20-24 दिन के दौरान ही हल्की स्पॉटिंग और क्रैम्प्स होने लगे तो यह गर्भावस्था का संकेत होता है। इसे 'implantation bleeding' भी कहते हैं।
थकावट
गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का स्त्राव होता है। इस वजह से थकान लगना और नींद आते रहना बहुत आम है। इसके साथ ही इन दिनों में सिरदर्द और कमरदर्द की समस्या भी हो जाती है।

ब्‍लोटिंग होना
आमतौर पर तो पेट गैस और कब्ज की वजह से फूलता है। मगर गर्भावस्था के दौरान भी प्रोजेस्टेरोन हार्मोन की वजह से पीरियड्स मिस होने से पहले ही पेट का फूलना या भारी होना महसूस होता है।
बार बार पेशाब जाना
गर्भावस्था के दौरान पीरियड मिस होते ही बार-बार पेशाब आने की समस्या होना भी बहुत आम बात है। आपको कई बार खासतौर से रात में पेशाब जाने की जरूरत महसूस होती है।

खाना अच्‍छा नहीं लगना.
आपको अपना पसंदीदा खाना खाने की इच्छा नहीं हो रही है। उसकी खुशबू और टेस्ट अच्छा नहीं लग रहा है। लगभग 85% महिलाएं गर्भावस्था के शुरुआती तीन महीनों में इस स्थिति से गुजरती है।

चक्‍कर आना
गर्भावस्था के दौरान ब्लड प्रेशर कम हो जाता है। इस वजह से चक्कर आना आम समस्या बन जाती है। शुरुआती तिमाही में यह समस्या अधिक होती है। दूसरी तिमाही में ब्लड प्रेशर नार्मल हो जाता है।
मूड स्विंग होना
प्रेगनेंसी के दौरान हार्मोनल चेंजेस होते हैं, जो दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर्स पर प्रभाव डालते हैं। इस वजह से अचानक रोना या तेज गुस्सा आना जैसी दिक्कतें हो जाती हैं।


ये 7 लक्षण बताते हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं, जानें...

प्रेग्नेंसी के दौरान होते हैं शरीर में कई बदलाव
प्रेग्नेंसी के लक्षण

नई दिल्ली: प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी में कई बदलाव होते हैं, जिसके आधार पर आप यह समझ सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं. पीरिड्स मिस होना उसमें सबसे महत्वपूर्ण है. लेकिन कई बार बॉडी में हार्मोनल चेंज के कारण भी पीरियड्स मिस हो जाते हैं या लेट हो जाते हैं. फिर आप कैसे पता करेंगी कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं. यहां हम कुछ ऐसे ही लक्षण बता रहे हैं, जिसकी मदद से आप यह समझ पाएंगी कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं.

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1. शरीर के अंगों में बदलाव: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन का उत्पादन बढ़ जाता है. इसलिए शरीर के कई अंगों के आकार में बदलाव होते हैं. जैसे कि स्तन और कुल्हों में सबसे पहले बदलाव दिखता है.

2. उल्टी आना: प्रेग्नेंसी के शुरुआती तीन महीने खूब उल्टी आती है. खासतौर से सुबह के समय. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन्स बढ़ जाते हैं. इसके असर से बार-बार उल्टी आती है, कब्ज होता है और एसिडिटी होती है. एस्ट्रोजेन के कारण प्रेग्नेंट महिला को किसी खास महक से भी उल्टी आ सकती है.
3. थकान: प्रेग्नेंसी की शुरुआत में शरीर के भीतर कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं. फीटस यानी भ्रूण का विकास हो सके इसलिए दिल की धड़कन तेज हो जाती है और रक्त का प्रवाह भी बढ़ जाता है. इसलिए प्रेग्नेंसी में महिलाओं को थकान महसूस होती है. इस समय प्रोजेस्टेरॉन का उत्पादन बढ़ जाता है. इसके कारण भी थकान होती है.

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4. पीरियड्स मिस होना: प्रेग्नेंसी का यह सबसे पहला लक्षण है. पेल्विक एग्जाम के जरिये आप यह जान सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं. बाजार में आजकल आसानी से मिल जाते हैं.

5. पेट में दर्द और कब्ज: प्रेग्नेंसी की शुरुआत में पेट में दर्द होता है. यह दर्द बिल्कुल पीरियड्स में होने वाले दर्द की तरह ही होता है. साथ ही हार्मोनल बदलाव के कारण कब्ज और एसिडिटी रहने लगती है.

6. शौच: जैसे-जैसे भ्रूण का आकार बढ़ता है, ब्लैडर पर दबाव बढ़ता है. इसके कारण ही प्रेग्नेंट महिला को बार-बार शौच आता है.
7. कभी खुशी कभी गम: प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर कई बदलाव से गुजर रहा होता है. इसका भावनात्मक असर भी होता है. इसलिए प्रेग्नेंट महिलाएं कभी ज्यादा खुश हो जाती हैं, तो कभी बिना बात उदास हो जाती हैं.

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