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डिलीवरी के बाद कमर या पीठ दर्द के कारण और उपाय


डिलीवरी के बाद कमर या पीठ दर्द के कारण और उपाय 

डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याएं हो सकती हैं। शिशु के जन्म के बाद मां को कमर या पीठ दर्द होना भी ऐसी ही एक समस्या है। प्रेगनेंसी के समय कई महिलाओं को कमर दर्द होता है, लेकिन दुर्भाग्यवश यह समस्या डिलीवरी के बाद भी कई महीनों तक बरकरार रहती है। डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) होना आम है और कुछ घरेलू उपायों से इससे छुटकारा पाया जा सकता है। इस ब्लॉग में हम आपको प्रसव के बाद कमर दर्द क्यों होता है और इसको कम करने के घरेलू उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं।

1. डिलीवरी के बाद कमर दर्द क्यों होता है? 
(Delivery ke baad kamar dard kyu hota hai)
डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) से लगभग हर महिला जूझती है और इसके कारणों की चर्चा नीचे की गई है-
प्रेगनेंसी के समय बढ़ा हुआ गर्भाशय मांसपेशियों पर दबाव डालता है, जो शिशु के जन्म के बाद ढीला होने लगता है और जिसकी वजह से कमर दर्द हो सकता है।
शिशु के जन्म के बाद महिला के शरीर में आई कमज़ोरी की वजह से कमर दर्द हो सकता है।
डिलीवरी के बाद हार्मोनल बदलाव की वजह से कमर दर्द हो सकता है।
डिलीवरी के बाद शिशु को स्तनपान सही अवस्था में न कराने की वज़ह से कमर दर्द हो सकता है।

2. डिलीवरी के बाद कमर दर्द कब तक बना रहता है? 
(Delivery ke baad kamar dard kab tak bana rehta hai)
डिलीवरी के बाद कमर दर्द होना स्वाभाविक है, जोकि कुछ महीनों में ठीक हो जाता है, लेकिन कुछ महिलाओं को यह समस्या साल भर तक महसूस होती है। दरअसल, डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (delivery ke baad pith dard) होने की संभावना उन महिलाओं में अधिक होती है, जिन्हें प्रेगनेंसी के समय ज्यादा कमर दर्द की शिकायत रही हो।

3. डिलीवरी के बाद कमर दर्द होने पर डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए? 
(Delivery ke baad kamar dard hone par doctor ke pas kab jana chahiye)

डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad pith dard) होने पर महिलाओं को डॉक्टर के पास तब जाना चाहिए, जब उनसे दर्द सहा न जाए, क्योंकि नौ महीनों के बाद शरीर में बदलाव होने की वज़ह से दर्द होता है। हालांकि, अगर कमर दर्द के साथ आपका वज़न लगातार बढ़ रहा है, तो आपको डॉक्टर के पास ज़रूर जाना चाहिए।

4. डिलीवरी के बाद कमर दर्द कम करने के घरेलू उपाय क्या है? 
(Delivery ke baad kamar dard kam karne ke gharelu upay kya hai)

आमतौर पर डिलीवरी के बाद कमर दर्द होने पर डॉक्टर तब तक कोई दवाई नहीं देते हैं, जब तक दर्द असहनीय न हो जाए। ऐसे में डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) से राहत पाने के लिए महिलाएं नीचे लिखे गये कुछ घरेलू उपायों का सहारा ले सकती हैं-


गुनगुने पानी से सिकाई करें- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad pith dard) से राहत पाने के लिए गुनगुने पानी से कमर की सिकाई करनी चाहिए।


गुनगुने पानी से नहाएं- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad pith dard) से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को गुनगुने पानी से नहाना चाहिए।


कमर की मालिश करवाएं- डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (delivery ke baad pith dard) को कम करने के लिए महिलाओं को कमर की मालिश करवानी चाहिए।


ज्यादा देर तक एक ही अवस्था में खड़ी या बैठी न रहे- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) होने पर महिलाओं को ज्यादा देर तक बैठें या खड़े नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें थोड़ी थोड़ी देर बाद अपनी अवस्था को बदलते रहना चाहिए।

डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad pith dard) को कम करने के लिए महिलाओं को अपनी डाइट में निम्नलिखित चीज़ों को शामिल करना चाहिए-


हरी सब्जियां खाएं- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad pith dard) से राहत पाने के लिए महिलाओं को हरी सब्जियां (पालक, मेथी, ब्रोकली आदि) खानी चाहिए।


सूखे मेवे खाएं- डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (delivery ke baad pith dard) से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को सूखे मेवे (काजू, बादाम आदि) खाने चाहिए।

दूध पीएं- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को दिन में तीन से चार गिलास दूध पीना चाहिए।


फल खाएं- डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (delivery ke baad pith dard) से राहत पाने के लिए महिलाओं को ताज़े फल (अनार, सेब, केला आदि) खाने चाहिए।


जूस पीएं- डिलीवरी के बाद पीठ दर्द (delivery ke baad pith dard) से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को ताज़े फलों का जूस पीना चाहिए।

5. डिलीवरी के बाद कमर दर्द कम करने के लिए कौन कौन से योग करने चाहिए? 


डिलीवरी के बाद महिलाओं को ठीक होने में काफी समय लगता है और इस दौरान उन्हें कई परेशानियों से जूझना पड़ता है, जिनसे छुटकारा पाने के लिए योग कारगर है। दरअसल, विशेषज्ञ भी यही कहते हैं कि प्रेगनेंसी के नौ महीने के बाद कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए योग का सहारा लेना चाहिए, क्योंकि इससे शरीर के साथ साथ मन भी शांत रहता है। तो चलिए जानते हैं कि डिलीवरी के बाद कमर दर्द से राहत पाने के लिए महिलाएं कौन कौन से योग कर सकती हैं-


कपोतासन (kapotasan / pigeon pose)- प्रसव के बाद नियमित रूप से कपोतासन करने से महिलाओं के शरीर के निचले हिस्से की अकड़न कम होती है और उनके कमर में लचीलापन आता है, जिससे कमर दर्द से राहत मिल सकती है। इसके अलावा प्रसव के बाद रोज़ाना कपोतासन करने से पेशाब में संक्रमण का खतरा भी कम हो जाता है।
कपोतासन की विधि-
सबसे पहले व्रजासन की मुद्रा में बैंठे।
इसके बाद अपने दोनों हाथों की हथेलियों को कमर के पीछे ज़मीन पर टिकाएं।
अब अपनी हथेलियों का सहारा लेते हुए धीरे धीरे पीछे की तरफ देंखें।
इसके बाद अपनी कमर को पीछे की तरफ धीरे धीरे मोड़े और अपने सिर को ज़मीन पर टिकाने की कोशिश करें।
धीरे से अपने हाथों को सिर के पीछे ले जाएं और हथेलियों को ज़मीन पर ही रखें।
इसके बाद अपनी जांघों को उठाए और हाथों को सीधा करने की कोशिश करें।
अब इस मुद्रा में 5 मिनट के लिए बने रहें और गहरी सांस लें।
इस प्रक्रिया को तीन से चार बार दोहराए।


पश्चिमोत्तानासन (paschimottanasana in hindi)- डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) से राहत पाने के लिए महिलाएं पश्चिमोत्तानासन कर सकती हैं। इस योग से कमर दर्द जल्दी ठीक हो सकता है और इससे रीढ़ की हड्डी भी मजबूत होती है।
पश्चिमोत्तानासन की विधि-
सबसे पहले ज़मीन पर बैठ जाएं।
अब दोनों पैरों को सामने की तरफ सीधे फैलाएं।
इसके बाद पंजों को थोड़ी दूर करें।
अब गहरी सांस लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं।
फिर सांस छोड़ते हुए आगे की तरफ झुके ।
इसके बाद कोशिश करें कि हाथों से पैरों की उंगलियां पकड़ सके और नाक को घुटने पर टिका सकें।
इस प्रक्रिया को तीन से चार बार दोहराएं।

6. डिलीवरी के बाद कमर दर्द से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? 
(Delivery ke baad kamar dard se bachane ke liye kya savdhaniyan bartani chahiye)

डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) से बचने के लिए महिलाएं नीचे लिखी गयी सावधानियों को अपना सकती हैं-
डिलीवरी के बाद शिशु को आराम से उठाना चाहिए।
प्रसव के बाद कमर दर्द से बचने के लिए महिलाओं को भरपूर आराम करना चाहिए।
महिलाओं को अधिक वज़न उठाने से बचना चाहिए।
शिशु को नहलाते समय अगर झुकना पड़े तो घुटनें के बल बैठना चाहिए।
स्तनपान कराते समय झुककर बैठने के बजाय सीधे होकर बैठना चाहिए।
डिलीवरी के बाद कुछ समय तक आरामदायक चप्पलों का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
महिलाओं को डिलीवरी के बाद 15 से 20 दिन के अंतराल पर अपना वजन तुलवाते रहना चाहिए।

डिलीवरी के बाद कमर दर्द (delivery ke baad kamar dard) भले ही सामान्य है, लेकिन इससे दिन रात महिलाओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। डिलीवरी के बाद पीठ दर्द से छुटकारा पाने के लिए महिलाएं ऊपर लिखे गये उपायों को आज़मा सकती हैं, लेकिन अगर दर्द बहुत ज्यादा हो रहा है, तो उन्हें डॉक्टर से ज़रूर संपर्क करना चाहिए।

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