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पॉप डायट?



क्या है कोरियन यानी के पॉप डायट?
पारंपरिक कोरियाई खानपान और तरीक़ों की वजह से कोरियन डायट दुनियाभर में फ़ेमस हो रही है. इसे के पॉप डायट के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि कोरियाई पॉप सिंगर्स, इस डायट को सफल रूप से फ़ॉलो कर रहे हैं. इस डायट को बिना किसी ताम-झाम के लंबे समय तक फ़ॉलो किया जा सकता है. 

कोरियन डायट में सिर्फ़ पारंपरिक कोरियन फ़ूड्स को ही शामिल किया जाता है. इस दौरान प्रॉसेस्ड और रिफ़ाइन्ड फ़ूड्स का इस्तेमाल बहुत ही कम मात्रा में या फिर नहीं किया जाता है. डायट को फ़ॉलो करनेवालों को अपने आहार में कम कैलोरी वाले फ़ूड्स जैसे-फल, सब्ज़ियां, सूप और सलाद शामिल करना चाहिए, जो पौष्टिक होने के साथ पेट भर सकें. इसके अलावा उबले, हल्के फ्रायड या भुने हुए सी फ़ूड्स भी खा सकते हैं. इस डायट में लीन मीट (चिकन) और अंडे के साथ ही वेगन फ़ूड्स जैसे-टोफ़ू, समुद्री सब्ज़ियां -
जैसे-सीवीड्स के कई प्रकार, केल्प, अगर इत्यादि. मशरूम और शिताके भी शामिल कर सकते हैं. 
इस डायट में दिन में कम से कम एक बार किमची यानी फ़र्मेंटेड सब्ज़ियां खाना ज़रूरी होता है. फ़र्मेंटेड पत्तागोभी व अन्य सब्ज़ियों से बनी यह डिश पेट के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होती है. यह पाचन क्रिया और मेटाबॉलिज़्म को बढ़ाने के साथ वज़न कम करने में भी मदद करती है. इसमें हाई कैलोरी और फ़ैट फ़ूड्स जैसे-तेल, सॉस और सीज़निंग की कम मात्रा इस्तेमाल की जाती है. मैदा, शक्कर, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड फ़ूड्स खाने से बचना चाहिए. इसके बदले में टैपिओका (साबूदाने का आटा) आटे का इस्तेमाल कर सकते हैं. दिन में एक बार अच्छी गुणवत्ता वाले चावल या उससे बने नूडल्स को भी अपनी डायट में शामिल कर सकते हैं, हालांकि उसकी भी मात्रा कम होनी चाहिए.
डेयरी प्रॉडक्ट्स कम से कम इस्तेमाल करें. भूख महसूस ना हो तो स्नैकिंग से बचें और खाने की सही मात्रा पर ध्यान दें, जो आपको एनर्जेटिक फ़ील करवाएंगे. पोषक त्तवों से भरपूर कोरियन डायट वज़न कम करने के साथ ही दिल और पेट को सेहतमंद बनाए रखने में मदद करती है. यह त्वचा और बालों के लिए भी फ़ायदेमंद है.

क्या सचमुच वेजेटेबल सूप से वज़न कम होता है?
वेजेटेबल सूप आपकी भूख को शांत करने वाला ड्रिंक. वेजेटेबल सूप आपकी डायट में विटामिन्स, मिनरल्स, फ़ाइबर, ऐंटीऑक्सिडेंट्स, अच्छे कार्ब्स और प्रोटीन्स की मात्रा बढ़ाता है. वेजेटेबल सूप कई सारे न्यूट्रिएंट्स का अहम् स्रोत है. इसके अलावा बाक़ी खाने के मुक़ाबले सूप को पचाना काफ़ी आसान होता है. खाने की शुरुआत सूप से करने पर आप खाने में कम कैलोरीज़ का सेवन करते हैं. और सूप की सबसे बेहतरीन बात यह है कि यह बहुत ही कम इन्ग्रीडिएंट्स के साथ मिनटों में तैयार हो जाता है. नमामी अग्रवाल, डायटीशियन, फ़ाउंडर ऐंड सीईओ, नमामी लाइफ़ वेजेटेबल सूप के फ़ायदों के बारे में बताते हुए कहती हैं,“वेजेटेबल सूप का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखता है, मोटापा कम करता है, दिल से जुड़ी समस्याओं को घटाता है और टाइप-2 डाइबिटीज़ में शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करता है.” आप हर दिन वेजेटेबल सूप पी सकती हैं. घर पर बनाए गए वेजेटेबल सूप के कई फ़ायदे हैं. वेजेटेबल या अन्य कोई भी सूप हो, उसे लंच या डिनर के ‌ठीक पहले पिएं.

सूप के फ़ायदे
वज़न कम करता है
सूप हमारे वज़न को संतुलित रखता है. लंबे समय तक पेट भरे होने का एहसास कराता है, जिससे आप कम खाते हैं और यह सेहतमंद वज़न बनाए रखने में मदद करता है.

पोषण का डोज़
हर दिन न्यू‌ट्रिशन का डोज़ देता है. हर दिन सलाद, हरी सब्ज़ियां खाना सबके बस की बात नहीं होती. इसलिए हर दिन का अपना पोषण पाने के लिए अपनी पसंदीदा दो से तीन सब्ज़ियों को काटें और कुछ हर्ब्स के साथ प्रेशर कुक करें. चाहें तो इसे ब्लेंड करें या फिर ऐसे ही सूप को एन्जॉय करें.

मूड को दुरुस्त करता है
सूप में पानी की मात्रा ज़्यादा होती है. यह आपको हमेशा हाइड्रेटेड रखेगा. यह छोटी-मोटी मूड स्विंग से जुड़ी समस्याओं को भी कम करता है, जिससे आप सकारात्मक महसूस कर सकती हैं.

पाचन को दुरुस्त करता है
ब्लॉटिंग, कब्ज़, अपचन जैसी कई पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में वेजेटेबल सूप कारगर होता है. वेजेटेबल सूप फ़ाइबर से भरपूर होते हैं, जिससे यह पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करते हैं. इसमें मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स अपचन की समस्याो को कम करने और एसिडिटी से छुटकारा दिलाने में मदद करते हैं. गाजर, टमाटर, कॉलिफ़्लावर और बीन्स से बनाए गए सूप में पोटैशियम, विटामिन ए, सी और अन्य डायट्री फ़ाइबर होते हैं. और यदि पाचन ठीक रहेगा, तो आपका वज़न भी तेज़ी से घटेगा.

यूं बनाएं वेट लॉस वाला वेजेटेबल सूप
पालक, केल, ब्रॉकलि, शिमला मिर्च, कॉर्न, खीरा, पत्ता गोभी, फूलगोभी, मशरूम, टमाटर, प्याज़, बैंगन, कद्दू, ज़ुकिनी, गाजर, बीटरूट इत्यादि के कॉम्बिनेशन से तैयार किया जा सकता है. सूप का फ़्लेवर और न्यूट्रिशन वैल्यू बढ़ाने के लिए आप इसमें हल्दी, अदरक, लहसुन, रोज़मेरी, पार्स्ले, थाइम या लैवेंडर जैसे हर्ब्स डाल सकते हैं. इन सभी इन्ग्रीडिएंट्स को मिलाने पर आपको न्यूट्रिशन की अच्छी मात्रा मिल सकती है. आप अपनी पसंद के मुताबिक़, सब्ज़ियों को ब्लेंड करके या फिर बिना ब्लेंड किए छानकर अलग करके बचे हुए सूप को पी सकती हैं. यदि आप बीमार हैं, तो क्लियर सूप आपके लिए ज़्यादा बेहतर विकल्प है.


क्यों और कैसे खाएं फ़र्मेंटेड फ़ूड?

फ़र्मेंटेशन एक नैचुरल प्रक्रिया है, जिसमें यीस्ट और बैक्टीरिया जैसे माइक्रोऑर्गैनिज़म कार्ब्स को अल्कोहल या एसिड में कन्वर्ट करते हैं. सभी तरह के फ़र्मेंटेड फ़ूड में हमारे शरीर के लिए फ़ायदेमंद बैक्टीरिया होते हैं. जूली वागले, वेलनेस कोच और फ़ाउंडर, मेटाबॉलिएक्स बताती हैं,“ये बैक्टीरिया प्रोबायोटिक्स की तरह काम करते हैं और हमारे पेट को सेहतमंद बनाए रखते हैं. और कुछ में तो यीस्ट भी होते हैं, जो हमारे शरीर के पाचन को दुरुस्त करने में मदद करते हैं. फ़र्मेंटेशन अच्छे बैक्टीरिया के ग्रोथ को प्रोत्साहित करता है, जिसे प्रोबायोटिक कहते हैं.” फ़र्मेंटेड फ़ूड एक सेहतमंद और संतुलित डायट का हिस्सा होते हैं. फ़र्मेंटेड फ़ूड हमारे शरीर को कई तरह से फ़ायदा पहुंचाते हैं. इसके कुछ फ़ायदों को यहां जानें.

फ़ायदे
* इंफ़ेक्शन से होनेवाले डायरिया को ठीक करता है.
* बैक्टीरियल इंफ़ेक्शन को कम करता है.
* डाइजेस्टिव सेहत को दुरुस्त करता है.
* इम्यून सिस्टम सुधारता है.
* खाने का पाचन आसान करता है.
* वज़न कम करने में मदद करता है.
* दिल से जुड़ी बीमारियों की संभावना को कम करता है.
* मन को दुरुस्त रखता है.
* फ़र्मेंटेड फ़ूड डिप्रेशन, यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक इंफ़ेक्शन को ठीक करने, रेस्पिरेटरी हेल्थ को सुधारने में जादुई नतीजे देते हैं. यह हार्मोनल डिस्ऑर्डर, किडनी व लिवर के फ़ंक्शन को सेहतमंद बनाए रखते हैं. डायबिटीज़, कैविटीज़ की समस्या को दूर करते हैं. ग़ौरतलब है, कि फ़र्मेंटेड फ़ूड बीमारी से तेज़ी से रिकवरी करने में मदद करते हैं, इसीलिए * आयुर्वेद में खाने की थाली में दही को अलग-अलग तरीक़ों से जगह दी गई है.

कैसे करें इसे डायट में शामिल?
हमें हर दिन कम से कम किसी एक मील में फ़र्मेंटेड फ़ूड ज़रूर लेना चाहिए. फिर चाहे आप ट्रेडिशनल दही खाएं, छाछ पिएं या फिर कॉम्बूचा, सॉक्रॉत (फ़र्मेंट की हुई पत्तागोभी) जैसी चाइनीज़ व जर्मन रेसिपी खाएं. घर पर बने अचार भी फ़र्मेंटेड फ़ूड की लिस्ट में आते हैं. आप इन्हें भी अपनी थाली का हिस्सा बना सकते हैं, लेकिन इनकी मात्रा को सीमित ही रखना चाहिए. हमारे मौसम के लिहाज़ से दही, छाछ जैसे फ़र्मेंटेड डेयरी फ़ूड्स सबसे उपयुक्त हैं. लेकिन यदि आप डेयरी फ्री फ़र्मेंटेड फ़ूड के विकल्प तलाश रहे हैं, तो हम आपको यहां कुछ और नाम सुझा रहे हैं. जिन्हें अपनी डायट में शामिल करके आप गुड बैक्टीरिया का स्वागत कर सकते हैं.

कॉम्बूचा
कॉम्बूचा एक तरह का मीठा ब्लैक टी है. यह चाय फ़र्मेंट कर तैयार किया जाता है, जिससे यह हमारे शरीर में अच्छे बैक्टीरिया व यीस्ट का प्रोडक्शन बढ़ाता है. कॉम्बूचा ड्रिंक को अक्सर हर्ब्स से फ़्लेवर किया जाता है. कॉम्बूचा बैक्टीरिया ऐंटीऑक्सिडेंट्स भी प्रोड्यूस करता है.

ऐप्पल साइडर विनेगर
ऐप्पल साइडर विनेगर का आमतौर पर इस्तेमाल सलाद को फ़्लेवर देने के लिए किया जाता है. लेकिन बहुत कम ही लोग जानते हैं कि यह हमारे शरीर को फ़र्मेंटेड फ़ूड द्वारा दिए जानेवाले सारे फ़ायदे देता है. सेब को फ़र्मेंट कर बनाया गया यह विनेगर ऐंटी-ऑक्सिडेटिव, ऐंटी-डायबिटिक, ऐंटी-माइक्रोबियल है. आप इसे पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं.


चीज़
चीज़ बनाने की प्रक्रिया में भी फ़र्मेंटेशन शामिल है. सीमित मात्रा में चीज़ का सेवन हमारी हड्डियों को मज़बूत बनाने, दांतों के आकार को बनाए रखने, पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है. फ़ेटा, पार्मेंज़न और कॉटेज चीज़ का सेवन करें.

इडली-दोसा
शहरों के गली-नुक्कड़ से लेकर फ़ाइव स्टार होटल तक के ब्रेकफ़ास्ट मेन्यू में मिलनेवाले इडली और दोसा टेस्टी फ़र्मेंटेड फ़ूड्स के विकल्प हैं. तबीयत नासाज़ लगे या पेट ख़राब हो, तो इन साउथ इंडियन फ़ूड्स को अपनी डायट का हिस्सा बनाएं.
भिंडी, ब्रोकलि, बीटरूट्स, अदरक, बैंगन जैसी सब्ज़ियों को भी आप अलग-अलग तरीक़ों से फ़र्मेंट करके खा सकते हैं.

खानपान में फ़र्मेंटेड फ़ूड शामिल करने के टिप्स
* ब्रेकफ़ास्ट में फ़र्मेंटेड फ़ूड शामिल करने के लिए स्मूदी, सीरियल्स या ओटमिल, फलों आदि को दही के साथ खाएं.
* अंडे को फ़र्मेंटेड सलाद के साथ खाएं.
* अचार, फ़र्मेंटेड प्याज़, किमची (यह एक कोरियन डिश है, जिसमें सब्ज़ियों को लहसुन, अदरक के साथ फ़र्मंट किया जाता है) को सैंडविच में भरकर खा सकते हैं.
* स्टोर से मेयोनीज़ ख़रीदने की बजाय फ़र्मेंटेड मेयोनीज़ का सेवन करें.
* फ़र्मेंटेड हमस भी एक बेहतरीन विकल्प है.

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