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स्लो मास्टरबेशन के फायदे और तकनीक

 जानिए स्लो मास्टरबेशन के फायदे और तकनीक


बीते कुछ वक्त में जिस तरह सेक्स थेरपिस्ट के बीच Karezza सेक्स तकनीक चर्चा का विषय बना, उसी तरह Edging Sex प्रैक्टिस के लिए भी उनमें कौतूहल देखने को मिला। सेक्स थेरपिस्ट ही नहीं बल्कि कई कपल्स के बीच भी एजिंग( edging) सेक्स तकनीक काफी पॉप्युलर हो रही है। आज हम आपको इसी सेक्स स्टाइल के बारे में बताएंगे:


एजिंग (edging) सेक्स की एक ऐसी प्रैक्टिस है जिसमें ऑर्गेज्म को कंट्रोल किया जाता है। यानी इसमें एक पार्टनर अपने दूसरे पार्टनर को ऑर्गेज्म के चरण तक लेकर तो जाता है, लेकिन पहले ही बैक ऑफ कर जाता है। इसके बाद वह दोबारा अपनी सेक्शुअल एनर्जी को इकट्ठा कर फिर से ऑर्गेज्म तक ले जाता है।




ऑर्गेज्म कंट्रोल को एलेक्स कंफर्ट की किताब ‘द न्यू जॉय ऑफ सेक्स’ में स्लो मास्टरबेशन का नाम दिया गया है। इसे एक्सटेंडेट मैसिव ऑर्गेज्म भी कहा जाता है।
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ऑर्गेज्म कंट्रोल का एक्सपीरियंस लेने के लिए कपल्स पार्टनर्ड सेक्स या फिर मास्टरबेशन का सहारा ले सकते हैं। पार्टनर्ड सेक्स में एक पार्टनर दूसरे पार्टनर को स्टिम्युलेट करता है और धीरे-धीरे उसे हाई ऑर्गेज्म की अवस्था तक लेकर आता है। अगर लंबे समय तक ऑर्गेज्म न होने दिया जाए और बार-बार इस प्रक्रिया को दोहराया जाए तो इससे सेक्शुअल टेंशन और उत्तेजना बढ़ जाती है।


मास्टरबेशन के दौरान ऑर्गेज्म कंट्रोल तकनीक से काफी मदद मिलती है। यह सेक्शुअल प्लेजर तो बढ़ाता ही है, साथ ही पार्टनर के लिए एक ट्रेनिंग टूल के तौर पर काम करता है। इसकी मदद से पार्टनर न सिर्फ सेक्स की अवधि को बढ़ा सकता है बल्कि बेहतरीन ऑर्गेज्म पा सकता है।
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एजिंग सेक्स प्रैक्टिस के एक स्टाइल यानी पॉज एजिंग (Pause Edging) को महिलाएं काफी इंटेंसिव मानती हैं। उनके मुताबिक, इस स्टाइल में काफी फायदा होता है और तीव्र ऑर्गेज्म मिलता है। इसके लिए मेल पार्टनर सेक्स के दौरान फीमेल पार्टनर को ऑर्गेज्म की अवस्था तक लाए। फीमेल प्राइवेट पार्ट के आस-पास टच न करे और पार्टनर के नॉर्मल अवस्था में आने का इंतजार करे। इस प्रक्रिया को फिर से दोहराएं और ऑर्गेज्म के चरण पर जाकर रुक जाएं। इस तरह रिपीट करने से फीमेल पार्टनर को वैसा ही ऑर्गेज्म मिलेगा जैसा वह चाहती है।


एजिंग सेक्स तकनीक से पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो स्मूद होता है। एक रिसर्च के अनुसार, edging ऑर्गेज्म को चरम अवस्था तक पहुंचाने में मदद करता है, जिससे मेल और फीमेल पार्टनर को संतुष्टि मिलती है।
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इस प्रोसेस को पार्टनर के साथ भी परफॉर्म किया जा सकता है और बिना पार्टनर के भी। 2005 में प्रकाशित एक स्टडी के अनुसार, एजिंग की वजह से महिलाओं के ब्रेन में स्थित amygdala और hippocampus पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये दोनो हिस्से डर और टेंशन से संबंधित हैं।

न्यू यॉर्क के यूरोलॉजिस्ट स्टेसी लोइब के अनुसार, एजिंग की मदद से पुरुषों में प्री-मच्योर इजैक्युलेशन की समस्या को ठीक करने में मदद मिलती है। साथ ही इसकी मदद से प्रोस्टेट कैंसर की संभावना भी कम होती है।


नारियल तेल का उपयोग संभोग को बनाता है आसान |

भारत में सदियों से नारियल का तेल नैचरल लुब्रिकेंट की तरह सहवास करने में उपयोग होता आ रहा है और यह तब से इस्तेमाल हो रहा है, जब कंडोम इजाद भी नहीं हुए थे। क्या नारियल का तेल आर्टिफिशल लुब्रिकेंट्स से बेहतर ऑप्शन है? इससे कॉन्डम इस्तेमाल करने में कोई परेशानी तो नहीं होगी? इस तरह के प्रश्न कई बार सभी के मन में उठते है।

आप नारियल का तेल(coconutoil) बिना किसी शंका के इस्तेमाल कर सकते हैं। यह हर मायने में आर्टिफिशल लुब्रिकेंट से बेहतर ऑप्शन है। नारियल तेल की लुब्रिकेशन की क्षमता को इस बात से भी समझा जा सकता कि इसका लुब्रिकेशन तकरीबन वैसा ही होता है, जैसा महिला की योनि का नैचरल एवं चिकना लुब्रिकेशन होता है। जहां तक बात है कॉन्डम के इस्तेमाल की, तो इससे कॉन्डम के इस्तेमाल में कोई दिक्कत नहीं आती। पेट्रोलियम जेली से भले ही कंडोम(condom) को कोई नुकसान पहुंचे, लेकिन नारियल का तेल पूरी तरह से सेफ है।

यदि नारियल का तेल एवं कंडोम दोनों लगाकर सम्भोग करना है तो पहले कंडोम पहन ले उसके बाद नारियल के तेल को स्त्री की योनि में डाल दे, फिर धीरे धीरे मर्दन करे। यदि कंडोम नहीं लगा रहे हो तो नारियल का तेल लेकर लिंग के आगे के भाग में लगा ले एवं फिर लिंग को योनि में प्रवेश कराये। इससे लिंग का प्रवेश सुगम तरीके से होता है।
भारत में मुखमैथुन कामन नहीं है जिससे स्त्री की योनि मैथुन क्रिया करने से पहले गीली नहीं हो पाती है, इससे बचने के लिए लिंग पर नारियल तेल लगाकर योनि में लिंग प्रवेश करने से सम्भोग आसान एवं सुगम हो जाता है। बिना नारियल तेल या चिकनाई के सम्भोग करने से लिंग एवं योनि के बीच में ड्राईनेस की वजह से रगड़ लगती है जिससे दोनों को कष्ट होता है। यदि नारियल तेल भी उपलब्ध ना हो तो पुरुष अपना थूक भी लिंग पर लगाकर मैथुन कर सकता है।

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