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महिलाएं कब सेक्सी महसूस करती हैं?


महिलाएं कब सेक्सी महसूस करती हैं?

रूखे-ख़राब बालों वाले दिन, मोटा महसूस करने वाले दिन और ‘मेरे पास तो पहनने को कुछ है ही नहीं’ वाले दिन... ये वो समय है, जब महिलाएं सेक्सी महसूस नहीं करतीं. तो कब वे सेक्सी महसूस करती हैं और क्या करें सेक्सी महसूस करने के लिए? फ़ेमिना ने इन सवालों के जवाब ढूंढ़े हैं. 
ये तो हम सभी जानते हैं कि अंतरंग रिश्तों के मामले में सारा खेल दिमाग़ का है... और ब्रिटेन में हुए एक सर्वे के नतीजे भी यही संकेत देते हैं. इस सर्वे के अनुसार महिलाएं 30 वर्ष की उम्र के बाद बहुत सेक्सी महसूस करती हैं, क्योंकि इससे पहले उन्हें ख़ुद पर इतना विश्वास होता है कि वे इस विषय पर सोचती ही नहीं हैं. इसलिए यह मान के चलें कि जब आपका दिमाग़ कहता है कि आप सेक्सी हैं तो सब कुछ अपने आप ठीक हो ही जाएगा. आकर्षक फ़िगर या जिमी चू शूज़ से सेक्सी होने का कोई लेनादेना नहीं है, क्योंकि आरामदेह पायजामा पहन कर, अपना चश्मा लगाए हुए और पॉनीटेल बनाने के बावजूद आप सेक्सी महसूस कर सकती हैं.

मुझे सेक्सी महसूस होता है, जब मेरे हाव-भाव वैसे हों
अमेरिका के फ़्लोरिडा विश्वविद्यालय ने एक अध्ययन किया. ऐसी मॉडल्स, जिन्हें बहुत सेक्सी माना जाता था, की कुछ तस्वीरें लोगों को दिखाईं, लेकिन लोगों ने उन्हें पसंद नहीं किया. बाद में उनकी बदली हुई भाव-भंगिमाओं वाले फ़ोटो भी उन्हीं लोगों को दिखाए गए तो लोगों ने उन्हें पसंद किया यानी हाव-भाव बदलने का असर होता है. ये तरीक़ा तो आप भी अपना सकती हैं. 26 वर्षीय दंत चिकित्सक रिचा अग्रवाल की साधारण सी फ़िलॉसफ़ी है,‘‘मैं सेक्सी ऐक्ट करती हूं, तभी सेक्सी महसूस करती हूं. अत: मैं पार्टी में जाने पर लोगों से आई कॉन्टेक्ट बनाए रखती हूं. इसका जादू देर से ही सही, पर चलता ज़रूर है. मैं अपनी स्लीव्स सीधी करती हूं, हेमलाइन ठीक करती हूं. मुझे पता है कि ऐसा करने से लोगों का ध्यान मेरी ओर आकर्षित होगा.’’ रिचा इस मामले में उस पुरानी तकनीक को भी मानती हैं कि पैरों और बांहों को क्रॉस करके रखने से सही संदेश नहीं जाता. और यह भी कि यदि आपको समझ नहीं आ रहा है कि हाथों को कैसे रखें तो बेहतर होगा कि आप ड्रिंक का एक ग्लास थाम लें.
लाइफ़ कोच वरखा चुलानी कहती हैं,‘‘यदि आपको लगता है कि आप सेक्सी हैं तो इसे अपने व्यवहार और छवि से दर्शाएं भी, क्योंकि इससे आप ख़ुद को और सेक्सी महसूस करेंगी.’’

मैं सेक्सी महसूस करती हूं, जब वे मुझे प्यार करते हैं
31 वर्षीया फ़िज़ियोथेरैपिस्ट श्रिजीता शंकर का कहना है कि वे हमेशा ही सेक्सी महसूस करती हैं. वे इसका पूरा श्रेय अपने पति शंकर को देती है, जो हर समय उन्हें सेक्सी होने का एहसास कराते रहते हैं. सच तो ये है कि डोपामाइन, सेरोटोनिन आदि हार्मोन्स प्यार की इच्छा को बनाए रखने में और अपने पार्टनर के प्रति सेक्सुअल आकर्षण बनाए रखने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं.
वरखा भी कहती हैं,‘‘इस बात का एहसास कि कोई हमें प्यार करता है, सेक्सी महसूस कराने में सहायक होता है और इसलिए ज़रूरी है कि सबसे पहले हम ख़ुद से प्यार करना सीखें.’’

मुझे सेक्सी महसूस कराता है मेरा फ़िगर
डॉ देवेश सिंह का कहना है कि पुरुषों को आकर्षित करने के लिए शरीर का आकार यानी फ़िगर वज़न से कहीं ज़्यादा मायने रखता है. यदि कमर का नाप कूल्हों के नाप से 30 फ़ीसदी तक कम है तो ये हाई फ़र्टिलिटी की निशानी है और पुरुषों को ऐसा फ़िगर लुभाता है. स्कार्लेट जोहान्सन, तब्बू, बिपाशा बासु, नाइजैला लॉसन... इनका फ़िगर भी तो ऐसा ही है.
सेक्सुअल हेल्थ कंसल्टेंट डॉ महेन्दर वत्सा का मानना है कि महिलाओं की ज़िंदादिली और फुर्तीलापन पुरुषों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है, जबकि सामाजिक विज्ञान के प्रोफ़ेसर डॉ पैपर श्वार्ट्ज, क्वीन लतिफ़ाह का उदाहरण देते हुए बताते हैं कि आपकी सोच आपको किस क़दर सेक्सी बना सकती है. वे जानती हैं कि वे हॉट हैं और वे इसे प्रदर्शित करने में भी नहीं हिचकिचातीं.
मनोवैज्ञानिक वीरेन स्वामी कहते हैं कि कई संस्कृतियों और उनकी परंपराओं में मोटापे को आज भी स्वास्थ्य और समृद्धि से जोड़ कर ही देखा जाता है. वरखा कहती हैं,‘‘पुरुष भरे शरीर की महिलाओं को ही पसंद करते हैं, क्योंकि अक्सर अपने वज़न को लेकर ज़रूरत से ज़्यादा सजग रहने वाली महिलाओं की सेक्स अपील में कमी आती है.’’


मैं सेक्सी महसूस करती हूं आव्युलेशन के दौरान
ओव्युलेशन से ठीक पहले महिलाएं बहुत अच्छा महसूस करती हैं. उन्हें अच्छे कपड़े पहनना, एक्सेसरीज़ पहनना अच्छा लगता है. उनके हाव-भाव और यहां तक कि चलने का तरीक़ा भी बदल जाता है. ये प्रकृति का इशारा है कि अब वे अंतरंग पलों का आनंद उठाने पूरी तरह तैयार हैं.
यूएसए की कैलिफ़ोर्निया यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन से पता चला है कि ओव्युलेशन के दौरान महिलाओं की आवाज़ मीठी हो जाती है. इस दौरान महिलाओं की महक भी कामोत्तेजक हो जाती है.
प्राग्वे में हुए एक अध्ययन के दौरान कुछ महिलाओं को अपनी आर्मपिट पर रखने के लिए कॉटन के पैड्स दिए गए और उन्हें पऱफ्यूम, डियो, मसालेदार खाना, धूम्रपान, शराब, हार्मोनल व कॉन्ट्रासेप्टिव पिल्स आदि के इस्तेमाल की मनाही कर दी गई. बाद में ये पैड्स पुरुषों को दिए गए और इसमें ओव्युलेशन के पहले दिन वाले पैड्स को सबसे ज़्यादा रेटिंग मिली.
मैं सेक्सी महसूस करती हूं, जब ख़ुद से प्यार करती हूं
ख़ुद से प्यार करने का मतलब है कल्पना लोक में खोना. आंखें बंद करके अपनी सेक्स संबंधी कल्पनाओं को महसूस करें. यक़ीन मानिए आप तुरंत ही उत्तेजित और सेक्सी महसूस करने लगेंगी. डॉ फ्रैन वॉलफ़िश, मनोचिकित्सक, लेखिका और अमेरिकी टीवी शो सेक्स बॉक्स की पैनलिस्ट का मानना है कि आप अपनी सेक्स संबंधी रोमांचक कल्पनाओं को महसूस करते हुए यदि हस्तमैथुन करती हैं तो न केवल आपको संतुष्टिदायक ऑर्गैज़्म मिलता है, बल्कि आप बेहद सेक्सी महसूस करती हैं. कल्पना लोक में खोने से पहले वे महिलाओं को तैयारी करने की सलाह देती हैं. डॉ वॉलफ़िश के मुताबिक़ लेसी, ट्रान्स्पैरेंट लॉन्जरी या नाइटी पहनें. फिर बाथटब और शॉवर या काउच और बेड का रुख़ करें. मद्धम रौशनी, हल्की ख़ुशबू और रोमैंटिक सॉन्ग माहौल को सेक्सी बनाने में आपकी मदद करेंगे. ऐसे माहौल में ख़ुद से प्यार करें. यह बात दिमाग़ से निकाल दें कि ख़ुद से प्यार करने में कोई बुराई है. हस्तमैथुन करें और चरमोत्कर्ष का आनंद लें.


सेक्सी महसूस करने के लिए झटपट मंत्र
* अपना मनपसंद परफ़्यूम लगाएं
* किसी पसंदीदा व्यक्ति से बात करें
* किसी उत्तेजक कहानी के बारे में सोचें, इसका मुख्य क़िरदार ख़ुद को मानें
* किसी के साथ फ़्लर्ट करें
* हील्स पहने
* सेक्सी लॉन्जरी पहनें
* चॉकलेट खाएं
* ऐसी ड्रेस पहनें जिसमें आप ख़ूबसूरत नज़र आती हों


सेक्स की पाठशाला में आपका स्वागत है!

आप चाहे जिस थ्योरी में यक़ीन रखती हों, लेकिन सेक्स ऐसा विषय है, जिसमें हमेशा कुछ न कुछ नया सीखने की गुंजाइश बनी ही रहती है. इसके इतिहास से लेकर गणित तक, सेक्स की पाठशाला में बहुत कुछ है जानने के लिए.सेक्स के इतिहास की क्लास

पाठ: 1 योनी मसाज
वजाइना को संस्कृत में योनि कहा जाता है. योनि मसाज की प्रथा भी प्राचीन काल से चली आ रही है. उस समय एक राजा की कई रानियां होती थीं और वह सभी को संतुष्ट नहीं कर पाता था. अत: कुछ नौकरों और किन्नरों को योनि मसाज का काम दिया जाता था. आजकल सेक्स से संबंधित कई समस्याओं, जैसे-सेक्स संबंधी अवरोध आदि के लिए सेक्स थेरैपिस्ट योनि मसाज का इस्तेमाल करते हैं.

पाठ: 2 महाराजाओं का हरम
बहुपत्नी प्रथा के समर्थक प्राचीन काल के राजाओं की कई पत्नियां होती थीं. इसके अलावा वे अपनी प्रेमिकाओं को भी हरम में रखते थे. हरम में रहने वाली महिलाओं का अधिकांश समय सौंदर्य उपचारों में बीतता था, ताकि उनका सौंदर्य राजाओं को रिझाने के लायक बना रहे.

पाठ: 3 पशुओं से सेक्स
यदि आपको लगता है कि पशुओं के साथ सेक्स की सोच एक मानसिक विकार है तो 950 से 1050 ई. के बीच चंदेल राजाओं द्वारा खजुराहो में बनाए गए मंदिरों को देखिए. यहां बनाए गए वास्तुशिल्प में से 10 फ़ीसदी हस्तमैथुन या समलैंगिकता को प्रदर्शित करते हैं. लक्ष्मण मंदिर की बाहरी दीवारों पर मनुष्यों की पशुओं के साथ यौनक्रियाओं को भी उकेरा गया है.
पाठ: 4 सेक्स गंभीर साहित्य बना
वात्सयायन द्वारा सेक्स पर लिखी गई पुस्तक कामसूत्र दुनियाभर में सबसे ज़्यादा प्रसिद्घ है. इसमें 64 भावों के लिए सेक्स की 64 भंगिमाओं का उल्लेख किया गया है. पुराने समय में गुरुकुलों में सेक्स, शिक्षा का अनिवार्य विषय था. पहली से छठवीं शताब्दी के बीच कई विद्वानों ने सेक्स के विषय में जानकारी का संकलन किया, लेकिन इसे अंतिम स्वरूप वात्सयायन ने दिया.
पाठ: 5 राजघरानों पर किन्नरों का प्रभाव
किन्नर राजघरानों में प्रभावशाली स्थान रखते थे. बलिष्ठ, लेकिन स्त्रियों को संतुष्ट कर पाने में असमर्थ होने के कारण वे हरम में अंगरक्षक के पद के लिए सबसे उपयुक्त थे. वैसे तो उन्हें साफ़-सफ़ाई आदि का ही ज़िम्मा सौंपा जाता था, लेकिन क़ाबिल हों तो मंत्री या सेनापति जैसे पद भी दिए जाते थे.

सेक्स की बायोलॉजी की क्लास

पाठ: 1 स्त्री और पुरुष दोनों के कामोत्तेजक अंग समान होते हैं
महिला हो या पुरुष, बालों में धीरे-धीरे उंगलियां फिराना दोनों ही पसंद करते हैं, क्योंकि ऐसा करने पर एन्डॉर्फि़न हार्मोन रिलीज़ होता है, जिससे ख़ुशी का एहसास होता है. होंठों पर होंठों का स्पर्श आप दोनों में जबरदस्त जोश पैदा करता है, क्योंकि इस स्पर्श से ऑक्सिटोसिन नामक ‘ख़ुशनुमा’ हार्मोन रिलीज़ होता है.
पाठ: 2 सिर्फ़ नाम ही काफ़ी है
सेक्स के दौरान पुरुषों के एरिओले और स्त्रियों के ब्रेस्ट्स का स्पर्श दोनों को ही आनंद देता है. क्या आप जानती हैं कि एरिओले के आसपास का हिस्सा भी बहुत संवेदनशील होता है और उसका स्पर्श भी पुरुषों को सुख देता है. इसी तरह महिलाओं के ब्रेस्ट्स के आसपास का हिस्सा भी संवेदनशील होता है. इनके बारे में और क्या कहा जाए, इनका तो नाम ही काफ़ी है.
पाठ: 3 वो कोमल हिस्से
जांघों का अंदरूनी और घुटनों के पीछे वाले भाग बहुत संवेदनशील होता है. इन हिस्सों की त्वचा इतनी नाज़ुक होती है कि इन्हें स्पर्श करते ही दिमाग़ को सूचना मिल जाती है. इन जगहों पर हल्का-सा स्पर्श ही मूड को रूमानी बना देता है. तो इन हिस्सों पर स्पर्श करना न भूलें.

पाठ-4 इन्हें भी नज़रअंदाज़ न करें
हाथ, पैर और कान शरीर के ऐसे अंग हैं, जहां रक्त-नलिकाओं का अंत होता है. यहां प्यार भरी छुअन कामोत्तेजना को बढ़ा देती है. अरे हां! उत्तेजना बढ़ानी हो तो कलाई और बगलों को तो नज़रअंदाज़ किया ही नहीं जा सकता.
पाठ-5 जन्मपत्री मिलाने की ज़रूरत है क्या?
मनुष्य की मूल सोच गुफ़ा मानव की तरह ही है. जब भी शादी की बात आती है तो पुरुष सुंदर चेहरा, सुडौल वक्ष और आकर्षक फ़िगर को तरजीह देते हैं, वहीं महिलाएं अपने साथी में मज़बूत शरीर, चौड़े कंधे और अच्छे स्वास्थ्य को प्राथमिकता देती हैं. स्त्री-पुरुष दोनों ही चाहते हैं कि उनका साथी बुद्धिमान और जीविका के साधन जुटाने में सक्षम हो. यह जानकर क्या आपको नहीं लगता कि शादी के लिए जन्मपत्री मिलाना ग़ैरज़रूरी है.

सेक्स के गणित की क्लास

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