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मूंगफली के सेहत से जुड़े कई फ़ायदे हैं


मूंगफली के सेहत से जुड़े कई फ़ायदे हैं

नट्स की दुनिया में पीनट्स यानी की मूंगफली को उतनी तवज्जो नहीं दी जाती है, जितने की वह हक़दार है. पोषण तत्वों से भरपूर मूंगफली का इस्तेमाल रोज़ाना के खानपान में किसी ना किसी रूप में हो ही जाता है. पर क्या आप इसके फ़ायदों के बारे में जानते हैं, जो आपको सेहतमंद रखने का काम करते हैं.
क्या हैं फ़ायदे?
गुड फ़ैट से भरपूर मूंगफली में प्रोटीन की भी काफ़ी मात्रा मौजूद होती है. इसमें सोया और बीन्स जैसी फलियों में पाए जानेवाले कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं. कार्ब्स कम होने के कारण मूंगफली को एक सेहतमंद स्नैक की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें बायोटिन, कॉपर, नियासिन, फ़ॉलेट, विटामिन ई, मैग्नीशियम और मैंगनीज़, विटामिन्स और मिनिरल्स भी होते हैं.
ये पोषक तत्व हार्ट हेल्थ और हार्ट से जुड़ी बीमारियों को रोकने में सहायक होने के साथ ही कोलेस्टेरॉल को भी संतुलित करने काम करते हैं. इसके अलावा येमेटाबॉलिज़्म बढ़ाने, वज़न घटाने और हड्डियों व मांसपेशियों को स्वस्थ बनाने का काम करते हैं. मूंगफली में रेज़वेराट्रोल जैसे ऐंटी-ऑक्सिडेंट भी होते हैं, जो ऐंटी-एजिंग का काम करते हैं.

मूंगफली को अपनी डायट में शामिल करने से पहले यह निश्चित कर लें कि कहीं आपको इससे एलर्जी तो नहीं है, क्योंकि मूंगफली की एलर्जी सबसे गंभीर एलर्जी में से एक मानी जाती है. दिनभर में एक मुट्ठी से ज़्यादा ना खाएं. अगर आप ज़्यादा खाते हैं, तो आप भरा हुआ महसूस करेंगे, जिससे आपको दूसरे पोषक तत्वों को खाने में परेशानी होगी.




क्या आप धनिया पत्ती के फ़ायदों के बारे में जानते हैं?
आलू, गोभी और मटर की सब्ज़ी में धनिया पत्ती नहीं पड़े, तो सब्ज़ी का स्वाद कम-सा लगता है. इस बात को आपने किसी-ना-किसी से तो ज़रूर सुनी होगी. हालांकि केवल इसी सब्ज़ी में नहीं, बल्कि धनिया पत्ती का इस्तेमाल कई तरह की सब्ज़ियों और दालों की गार्निशिंग के लिए किया जाता है. यह खाने के स्वाद को बढ़ाने का काम करती है. लेकिन यह सिर्फ़ स्वाद ही नहीं सेहत के लिहाज से भी बहुत बेहतरीन है और इस वजह से आपको इसके फ़ायदों के बारे में जानना चाहिए.


धनिया पत्ती के फ़ायदे
धनिया पत्ती में कई ऐसे गुण होते हैं, जो आपको सेहतमंद रहने में मदद करते हैं. धनिया की पत्तियां विटामिन सी, विटामिन के और प्रोटीन से भरपूर होती हैं. इनमें कैल्शियम, फ़ॉस्फ़ोरस, पोटैशियम, थियामिन, नियासिन और कैरोटीन की मात्रा पाई जाती है. इसमें फ़ाइबर, आयरन और मैग्नीशियम भी मौजूद होता है. कैलोरी कम होने की वज़ह से इसका इस्तेमाल वज़न कम करने के लिए भी किया जाता है. धनिया पत्ती का जूस बॉडी को डीटॉक्स करने का काम करती है.
धनिया पत्ती का इस्तेमाल कोलेस्टेरॉल के स्तर को संतुलित बनाए रखने में मददगार साबित होती है. यह बैड कोलेस्टेरॉल को कम करके गुड कोलेस्टेरॉल के स्तर को बढ़ाने का काम करती है. पाचनतंत्र को मज़बूत करने के साथ लिवर और आंत को हेल्दी रखने में भी मददगार है. डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए भी धनिया पत्ती फ़ायदेमंद है. इसमें मौजूद विटामिन के अल्ज़ाइमर रोग को रोकने का काम करता है.

आयरन की भरपूर मात्रा होने के कारण यह ख़ून की कमी यानी अनीमिया से पीड़ित लोगों के लिए लाभदायक है. ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स और विटामिन ए लंग कैंसर से बचाने के साथ इसमें मौजूद पोटैशियम दिल की बीमारियों को दूर रखने काम करता है. फलों के जूस, खीरे और गाजर के जूस में धनिया पत्ती या उसका जूस मिक्स करके सेवन कर सकते हैं. हालांकि अगर आप ज़्यादा मात्रा में इस्तेमाल करने की सोच रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से ज़रूर सलाह लें.


 आप शकरकंद के फ़ायदों के बारे में जानते हैं?
आनेवाले दिनों में शकरकंद की आवक काफ़ी बढ़ जाएगी, जिससे अलग-अलग तरह की डिश बनाकर सेवन किया जाएगा. आप भी इसे अपनी डायट में शामिल कर सकती हैं. अगर आप वज़न कम करने के लिए मेहनत कर रही हैं, तो भी शकरकंद आपकी मदद कर सकता है. जी हां, आपने सही पढ़ा. कम कैलोरी और डायटरी फ़ाइबर की अधिकता के कारण यह वज़न कम करने में सहायक है. इसलिए शकरकंद स्वाद ही नहीं सेहत के लिहाज़ से भी बहुत फ़ायदेमंद है.
शकरकंद, अलग-अलग वरायटी में पूरी दुनिया में पाए जाते हैं. भारत में इसकी तीन वरायटी मौजूद हैं, सफ़ेद, बैंगनी और नारंगी. हालांकि तीनों तरह के शकरकंद में विटामिन्स, मिनरल्स और ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स की अच्छी मात्रा पाई जाती है, लेकिन बैंगनी और संतरी रंग के छिलकेवाले शकरकंद में मौजूद ऐंटी- ऑक्सिडेंट्स हमारे शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने का काम करते हैं. कॉपर, फ़ोलेट, मैग्नीशियम, आयरन और विटामिन ए होने की वजह से यह इम्यून सिस्टम को मज़बूत बनाने का काम करता है.

शकरकंद का सेवन पेट संबंधी समस्याओं के लिए फ़ायदेमंद है. इसमें मौजूद ऐंटी-ऑक्सिडेंट्स पेट में अच्छे बैक्टीरिया बनाते हैं, जिससे पाचन क्रिया अच्छी बनी रहती है. यह कैंसर सेल्स से लड़ने में मदद करते हैं और आंखों के लिए लाभदायक हैं.
डायटरी फ़ाइबर से भरपूर शकरकंद को पचने में समय लगता है, जिस वजह से इसका सेवन करने से पेट काफ़ी समय तक भरा हुआ महसूस होता है. जिससे जल्दी भूख नहीं लगती और आप ज़्यादा खाने से बच जाते हैं. इससे कैलोरी की मात्रा संतुलित रखने में मदद मिलती है. 200 ग्राम छिलकेवाले शकरकंद में कैलोरीज़ 180, क़ार्ब्स 41.4 ग्राम, प्रोटीन 4 ग्राम, फ़ैट 0.3 ग्राम और फ़ाइबर 6.6 ग्राम मौजूद होता है.


मीठा होने के बावजूद शकरकंद में जीआई (इसे ग्लाइसेमिक इंडेक्स कहा जाता है. इससे खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट की मात्रा मापी जाती है). की मात्रा कम होती है, इसलिए आप अपने ब्लड शुगर लेवल की चिंता किए बिना इसका सेवन कर सकते हैं.
शकरकंद का सेवन कई तरीक़े से किया जाता है, लेकिन भुना और उबला हुआ शकरकंद ज़्यादा पसंद किया जाता है. कई जगहों पर आलू की जगह शकरकंद की सब्ज़ी बनाई जाती है. बाज़ार में पैकेट बंद चिप्स भी मिल जाते हैं, लेकिन आपको इससे बचना चाहिए. नैचुरल रूप में इसका सेवन करने से यह अधिक फ़ायदेमंद साबित होता है.

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