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नारियल के भी हो सकते हैं कुछ नकारात्मक प्रभाव


नारियल के भी हो सकते हैं कुछ नकारात्मक प्रभाव
नारियल तेल में संतृप्त वसा काफी मात्रा में होती है, जिस कारण यह उच्च कोलेस्ट्रॉल या वजन बढ़ने का कारण बन सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में, नारियल के अधिक सेवन से एलर्जी भी हो सकती है।
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नारियल के नकारात्मक प्रभाव 

नारियल फाइबर और आवश्यक विटामिन का एक पौष्टिक व प्राकृतिक स्रोत है। नारियल फल से दूध, तेल, रस, पानी और गूदा मिलता है, जिसे ताजा या सूखा कर, दोनों प्रकार से खाया जा सकता है। हालांकि यह यह कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, लेकिन नारियल तेल में संतृप्त वसा की उच्च मात्रा भी होती है, जिसके चलते यह उच्च कोलेस्ट्रॉल या वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है। कुछ दुर्लभ मामलों में, नारियल के अधिक सेवन से एलर्जी भी हो सकती है। तो यह कहने में कोई आश्चर्य की बात नहीं कि नारियल के भी कुछ नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं। चलिये जानें क्यों और कौंन से। 

 
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उच्च कोलेस्ट्रॉल 

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन नारियल के सेवन को लेकर निगरानी की सिफारिश करती है। क्योंकि इसमें संतृप्त वसा की उच्च मात्रा होती है। वसा के इस प्रकार से कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन या एलडीएल, कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ सकता है, जिससे हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है। नारियल तेल में प्रति चम्मच 11 ग्राम संतृप्त वसा होती है। जबकि कटे हुए लगभग 28 ग्राम नारियल में 16 ग्राम संतृप्त वसा होती है। 

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एलर्जी रिएक्शन 


खाद्य एलर्जी से पीड़ित लोगों, खासतौर पर पेड़ नट से एलर्जी वाले, को सावधानी के साथ नारियल का उपभोग करना चाहिए। नारियल को अमेरिकन फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा एक ट्री नट माना गया है। नारियल से एलर्जी वाले ज्यादातर लोग इसके फल में मौजूद प्रोटीन के प्रति प्रतिक्रिया देते हैं, ना कि तेल के। नारियल तेल से एलर्जी दुर्लभ हैं, लेकिन होने पर जीवन के लिए खतरा हो सकती हैं। 

 
हृदय रोग 


कोलेस्ट्रॉल का उच्च स्तर आपकी धमनियों में रुकावट पैदा कर सकता है। जो कि हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकता है। तो यदि आप उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित हैं तो ऐसे खाद्य पदार्थों के सेवन को नियमित करें, जिनमें नारियल तेल या दूध होता है। 

 
वजन बढ़ना 

कच्चा नारियल, इसका तेल या दूध आदि का ​​अत्यधिक मात्रा में सेवन करने से वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। 28 ग्राम नापरियल में लगभग 187 कैलोरी होती हैं, जबकि एक कब नारियल के दूध में 445 कैलोरी होती हैं। इसमें संतृप्त वसा भी काफी होती है, जो वजन बढ़ा सकती है। 

इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता 
खाद्य तेलों पर शोध करने वाले एमजी विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधिकारी एवं शोध वैज्ञानिकों के मुताबिक नारियल तेल बालों, त्वचा और स्वास्थ्य के लिए तो फायदेमंद हो सकता है, किंतु यदि खाने में इसका अधिक इस्तेमाल किया जाए तो यह शरीर में इंसुलिन प्रतिरोधक क्षमता विकसित करने का खतरा पैदा कर सकता है। 


मधुमेह का प्रमुख कारण 


एमजी विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधिकारी डॉ. बैजू के अनुसार खाने में नारियल तेल का अधिक उपयोग मधुमेह का कारण हो सकता है। जोकि केरल में इंसुलिन प्रतिरोधकता की एक प्रमुख समस्या भी है। इसमें वसा अम्लों की प्रचुर मात्रा होती है। छोटे और मध्यम श्रृंखला वाले वसा अम्लों में कार्बन परमाणुओं की संख्या 14 से कम होती है। जबकि नारियल तेल में मिलने वाले 80 प्रतिशत से अधिक वसा अम्ल इसी श्रेणी के होते हैं। 


और भी नुकसान 


अन्य अधिकांश खाद्य तेलों में सिर्फ लंबी श्रृंखला वाले वसा अम्ल होते हैं। लेकिन यदि कार्बोहाड्रेट की अधिकता वाले भोजन के साथ नारियल तेल का सेवन किया जाए तो लीवर एवं पिंडलियों में ग्लूकोज का अपचयन रुक जाता है। जिस कारण ग्लूकोज का उपयोग कम हो जाता है और लीवर के बीटा कोशिकाओं को ग्लूकोज का उपापचय पूरा करने के लिए ज्यादा इंसुलिन की आवश्यकता पड़ती है। 

 

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