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माइक्रोकरंट फेशियल क्या है?

माइक्रोकरंट फेशियल क्या है?
इसे करवाने से आपके आपकी स्किन पर कैसे ग्लो आता है, इसे किस उम्र की महिलाओं को करवाना चाहिए और माइक्रोकरंट फेशियल किसे नहीं करवाना चाहिए आइए आपको सब बताते हैं।


माइक्रोकरंट फेशियल क्या होता है?
माइक्रोकरंट फेशियल फेस की मसल्स को टोन करके टेक्सचर को बेहतर करता है। इसे कराने से भी दूसरे फेशियल की तरह आपकी स्किन ग्लो और चमकने लगती है, लेकिन इसे मशीन और कुछ केमिकलयुक्त प्रॉडक्ट्स के द्वारा किया जाता है। बता दें, इसे कराते हुए आपको किसी तरह का दर्द नहीं होता है।

कैसे होता है माइक्रोकरंट फेशियल?
माइक्रोकरंट फेशियल प्रोफेशनल द्वारा किया जाता है। बहुत सारे डर्मोटोलॉजिस्ट इसकी सर्विस देते हैं। इसमें सबसे पहले क्लींजिंग की जाती है, जिससे चेहरे पर जमी गंदगी हट जाए। इसके बाद मैग्नीफाइंग लैम्प्स की मदद से स्किन की जांच की जाती है और पता लगाया जाता है कि आखिर त्वचा की जरूरत क्या है। इसके बाद हॉट स्टीम दी जाती है, जिससे स्किन सॉफ्ट हो जाए और पोर्स भी ओपन हो जाए।

स्टीम देने के बाद डर्मेटोलॉजिस्ट मैकेनिकल की मदद से स्किन की डेड स्किन निकालकर एक्सफोलिएशन किया जाता है। इसके बाद मसाज की जाती है। फिल मास्क लगाया जाता है और आखिर में टोनर लगाकर छोड़ देते है। इसे कराने का बेद कम से कम एक दिन तक चेहरे पर किसी चीज का इस्तेमाल करने से परहेज करना पड़ता है।

स्किन को इतना हेल्दी बनाता है माइक्रोकरंट फेशियल
एक्सपर्ट की मानें को माइक्रोकरंट फेशियल आपकी स्किन के टेक्सचर को सबसे पहले बेहतर बनाता है। जिससे आपकी स्किन पर जो फाइन लाइन्स और झुर्रियां आनी शुरु होती है वो कम होने लगती हैं। इस फेशियल से आपकी त्वचा के पोर्स टाइट होते हैं जिससे पिंपल्स और एक्ने जैसी समस्या नहीं कम होती है। इसके अलावा माइक्रोकरंट फेशियल आपकी स्किन को डिटॉक्स करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर भी करता है।

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