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मन के साथ दिमाग को भी शांत रखती है हल्की सायरी

मन के साथ दिमाग को भी शांत रखती है हल्की सायरी
आज तनाव हमारी जीवनशैली का हिस्सा सा बन गया है। इस कारण डिप्रेशन जैसी कई मानसिक बीमारियां दबे पांव हमारे पास पहुंचने लगती हैं। कुछ छोटे-छोटे उपाय अपना कर आप तनाव को भी काफी हद तक दूर रख सकते हैं और खुश रह सकते हैं।
बदल गया क्यूँ मिजाज उसका कुछ ही मुद्दत में,
वो तो कहता था बदलते लोग उसे अच्छे नहीं लगते !!

: कुछ अजीब सा रिश्ता है उसके और मेरे दरमियाँ
ना नफरत की वजह मिल रही है,ना मोहब्बत का सिला
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लोग कहते हैं कि मोहब्बत जिन्दगी होती है मौत नहीं , मगर वो लोग यह क्यों भूल जाते हैं कि धोखा भी जिन्दगी ही देती है मौत नहीं ..

सुना है प्यार के किस्से अजीब होते हैं, खुशी के बदले गम नसीब होते हैं, मेरे दोस्त महोब्बत ना करना कभी जिन्दगी में, प्यार करने वाले बडे बदनसीब होते हैं..

इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है;
बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है;
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो;
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है!

जो हमारा था ही नहीं उसे खोना कैसा,
जब रहना ही है तनहा तो रोना कैसा !!

तेरा मेरा रिश्ता इतना खास हो जाये
कि तू दूर रहकर भी मेरे पास हो जाये
मन से मन का तार जुड़े कुछ इस तरह
कि दर्द हमें हो और अहसास तुम्हे हो जाए...।
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कसूर किसका कहें कौन गुनहगार यहाँ,
शाम को साया भी छोड़ देता है,
इशारे पर उसके ये सांस चलती है,
एक लम्हे में हर रुख को मोड देता है,
कैसे जज्बात किसकी आरजू में हो मरते,
प्यार के बुत को ये जमाना तोड़ देता है.

वफा की चाह कैसी दिल में लिये फिरते हो,
अब तो चाँद भी फिजां को छोड़ देता है,
कहाँ की दोस्ती है कौन निभाने वाला,
बुझा के प्यास वो घड़ा फोड़ देता है.

कभी शर्म की तस्वीर कभी मोहब्बत का पैगाम देती है
आशिकों के दिल पर ज़ख्म हज़ार करती है
अगर चाहे कोई चाहत को लाख छुपाना
आँखें वही हाल ऐ दिल बयान करती हैं

छुप छुप के देखना अच्छा लगता है
दिल की धड़कन में उनको सुनना अच्छा लगता है
लफ्ज़ होठों पर लाने की ज़रुरत नहीं
आँखों आँखों में बाते करना अच्छा लगता है.

दिल की बातें,बता देती है आखें,
धडकनों को जगा देती हैं ऑंखें,
दिल पर चलता नही जादू,चेहरों का कभी,
दिल को तो,दीवाना बना देती हैं ऑंखें.

बिखरा बजूद टूटे ख्वाब सुलगती तन्हाईयाॅ
कितने हंसीन तोहफे दे जाती है ये अधूरी मोहब्बत
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"जमाने से नही तो तनहाई से डरता हुँ,
प्यार से नही तो रुसवाई से डरता हुँ,
मिलने की उमंग बहुत होती है,
लेकिन मिलने के बाद तेरी जुदाई से डरता हुँ।"

"सब कुछ है मेरे पास पर दिल की दवा नही,
दूर वो मुझसे है पेर मैं खफा नही.
मालूम है अब भी प्यार करता है मुझे.
वो थोडा ज़िद्दी है मगर बेवफा नही. "

‬: दो रोज़ तुम मेरे पास रहो, दो रोज़ मैं तुम्हारे पास रहुं,
चार दिन की ज़िन्दगी है, ना तुम उदास रहो, ना मैं उदास रहुं...

एक ❝ अजीब ❞ सी दौड़ है ये ❝ ज़िन्दगी ❞
जीत जाओ तो कई ❝ अपने ❞ पीछे ❝ छूट ❞ जाते हैं,
और हार जाओ तो ❝ अपने ❞ ही पीछे ❝ छोड़ ❞ जाते हैl

अपनापन छलके जिस की बातों में,
सिर्फ़ कुछ ही बंदे होते है लाखों में

दिल उठ सा गया है इन बेरंग लोगों से,
न वफा करते हैं न रिहा करते हैं!!

ताला लगा दिया दिल को अब तेरे बिन किसी का अरमान नहीं..
बंद होकर फिर खुल जाए, ये कोई दुकान नहीं।

सिमटते जा रहे हैं दिल और ज़ज्बातों के रिश्ते .
सौदा करने में जो माहिर है बस वही कामयाब है.

याद कर लेना मुझे तुम कोई भी जब पास न हो
चले आएंगे इक आवाज़ में भले हम ख़ास न हों..

ना आसूंओं से छलकते हैं ना कागज पर उतरते हैं,
दर्द कुछ होते हैं ऐसे जो बस भीतर ही भीतर पलते है.

मुझे भी पता था की लोग अक्सर बदल जाते है
मगर मैंने कभी तुम्हें उन लोगों में गिना ही नहीं.

बदनाम करते है हमे लोग शहर में उस पगली के नाम से,
कसम से उस पगली को हमने जी भर क कभीे देखा भी नही

कितनी अजीब है कुछ क़रीबी रिश्तों की रोशनी,
उजालो कें बावजूद भी चेहरे पहचाने नहीं जाते..
लाकर तेरे करीब मुझे दूर कर दिया ...
तकदीर भी मेरे साथ इक चाल चल गई..._

मिलते हो ऐसे जैसेकिसी मुक़दमे की तारीख़हो ...
काश किसी रोज़फ़ैसले की तरह मिल जाते .

किस्मत अपनी अपनी है किसको क्या सौगात मिले.
किसी को खाली सीप मिले किसी को मोती साथ मिले...

टूटे जब Dil तो log कहते है...
Tumhe उससे अच्छी अच्छी ladki मिलेगी..
पर कोई ये nahi समझता jarurat अच्छी की नहीं उस ladki की होती है..
जिससे Mohabbat है...

मत पूछ के कितनी मोहब्बत हैं तुझसे "ऐ बेखबर " बारिश की बूँद भी तुझे छु लें ,तो दिल जलने लगता है.

जिससे प्यार करो उसे अगर पा लिया जाये तो इसे किस्मत कहते है,,
और जो किस्मत में नही है फिर भी उसी से प्यार करो तो इसे मोहब्बत कहते है.

तरस आता है मुझे अपनीं मासूम सी पलको पर,
जब भीग के कहती हैं अब रोया नही जाता.


मोहब्बत नहीं है कोई किताबों की बाते!
समझोगे जब रो कर कुछ काटोगे रातें!
जो चोरी हो गया तो पता चला दिल था हमारा!
करते थे हम भी कभी किताबों की बाते!

इंतज़ार करते करते वक़्त क्यों गुजरता नहीं!
सब हैं यहाँ मगर कोई अपना नहीं!
दूर नहीं पर फिर भी वो पास नहीं!
है दिल में कहीं पर आँखों से दूर कहीं!

अपनी तकदीर में तो कुछ ऐसे ही सिलसिले लिखे हैं;
किसी ने वक़्त गुजारने के लिए अपना बनाया;
तो किसी ने अपना बनाकर 'वक़्त' गुजार लिया!

इन आंखो मे आंसू आये न होते;
अगर वो पीछे मुडकर मुस्कुराये न होते!
उनके जाने के बाद बस येही गम रहेगा;
कि काश वो हमारी ज़िन्दगी मे दूबारा आये न होते!

ऐसा जगाया आपने कि अब तक ना सो सके;
यूँ रुलाया आपने कि महफ़िल में हम ना रो सके;
ना जाने क्या बात है आप में सनम;
माना है जबसे तुम्हें अपना किसी के ना हम हो सके।

माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
उसके दिल में, उसकी यादो में कोई और है लेकिन;
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।


अगर मैं हद से गुज़र जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
तेरे दिल में उतर जाऊं तो मुझे माफ़ करना;
रात में तुझे तेरे दीदार की खातिर;
अगर मैं सब कुछ भूल जाऊं तो मुझे माफ़ करना।

बेहद गुस्सा करती हो आजकल,
नफरत करने लगी हो या मोहब्बत ज्यादा हो गयी !!
सोचा ना था वो शख्स भी इतना जल्दी साथ छोङ जाएगा..
जो मुझे उदास देखकर कहता था "मैँ हू ना"..

एक नफरत ही है जिसे दुनिया लम्हों में जान लेती है..!
वरना चाहत का पता लगने में तो ज़माने बीत जाते हैं..

शायरी का बादशाह हुं और कलम मेरी रानी
अल्फाज़ मेरे गुलाम है बाकी रब की महेरबानी

लिखना था की खुश हैं तेरे बगैर भी यहाँ हम,
मगर कम्बख़्त आँसू हैं की कलाम से पहले ही चल दिए



मोहब्बत तो दिल से की थी, दिमाग उसने लगा लिया…. दिल तोड दिया मेरा उसने और इल्जाम मुझपर लगा दिया

चाह से ज्यादा, चाहने की चाह, मुझे भी थी उसे लेकिन क्या फायदा ऐसी चाह का, जो चाहकर भी ना बन सके मेरी चाह

दर्द हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता… रोता हैं दिल जब वो पास नहीं होता… बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में… और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता…

बेशक तू बदल ले अपने आपको लेकिन ये याद रखना.. तेरे हर झूठ को सच मेरे सिवा कोई नही समझ सकता…!

प्यार करता हु इसलिए फ़िक्र करता हूँ, नफरत करुगा तो जिक्र भी नही करुगा

इन्सान ज़िन्दगी में सिर्फ एक बार ही मोहब्बत करता है …. बाकी की मोहबत्तें वो पहली मोहब्बत भुलाने के लिए करता है।

हजारों चेहरों में उसकी झलक मिली मुझको… पर.। दिल भी जिद पे अड़ा था कि अगर वो नहीं, तो उसके जैसा भी नहीं ।

ज़माने तेरे सामने मेरी कोई हस्ती नहीं, लेकिन,,, कोई खरीद ले इतनी भी ये सस्ती नहीं ।

रिश्तों की एहमियत को समझो,
इन्हें जताया नहीं निभाया जाता है !!

यूँ तो सब कुछ सलामत है मेरी दुनिया में,
बस कुछ रिश्ते ही है जो अब टुटे टुटे से नजर आते है !!

जब यकीन टूट जाए तो हर रिश्ता बेईमानी सा लगता है,
और जब उम्मीद छुट जाये तो जीना बेकार सा लगता है !!

समेट लो इन नाजुक पलों को
न जाने ये लम्हे कल हो न हो
हो भी ये लम्हें क्या मालुम
शामिल उन पलों में हम हो न हो.


जब भी जरा भी किसी पर यकीन आया है,
मेरे इस दिल को उसी ने दुखाया है..

तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता,
पता नहीं वजह तेरी खूबी है या मेरी कमी..

खुद ही मर जाऊँगा मै अपने वक्त पे,
ऐ इश्क, तू क्यों मेरी जान का दुश्मन बना हुआ है..

वो जा रही थी और मैं खामोश खड़ा देखता रहा,
बुजुर्गों से सुना था कि पीछे से आवाज़ नहीं देते..

सोचा था कि खुदा के सिवा, मुझे कोई बर्बाद नहीं कर सकता
फिर उनकी मोहब्बत ने मेरा ,सारा वहम तोड़ दिया

समंदर 'बेबसी' अपनी किसी से 'कह' नहीं सकता*......
हजारों' मील तक 'फैला' है, फिर भी 'बह' नहीं सकता

लोगों मै और हम मे बस इतना फर्क है की लौग दिलको दर्द देते है और हम दर्द देने वाले को दिल देते है

खुश्बू कैसे नही आएगी मेरी बातो से यारो… मैने बरसो से एक ही फूल से मोहब्बत की है…

मोहब्बत कौन करता हैं इस दुनिया में निभाने के लिये ....
दिल तो एक खिलौँना हैं ज़ामाने के लिए .......

किसी की नफरत में वो दम नहीँ,
जो किसी की चाहत को मिटा सके।
क्युकी चाहत नफरत से ज्यदा
सुन्दर और गहरा होता।

तुम सुबह का चाँद बन जाओ,
मैं सांझ का सूरज हो जाऊँ !
मिलें हम-तुम यूँ भी कभी,
तुम मैं हो जाओ… मैं तुम हो जाऊँ…

कभी फुर्सत से हिसाब करेंगे
ऐ खुदा_
की मैंने गुनाह ज्यादा किये
या तूने जख्म ज्यादा दिए ❜

जी लो हर लम्हा जाने से पहिले, यादें रह जाती है वक्त जाने के बाद...!

महोब्बत की ऐसी कोई सजा तो ना दोगे,
साथ मिलकर गैरो से दगा तो ना दोगे,
माना मिलती नहीं फुरसत,तुम्हे कामो से अपने,
कही काम में उलझ कर,भुला तो ना दोगे तुम !!

जाने कैसा रिश्ता है इस दिल का तुझसे..
धड़कना भूल सकता है पर तेरा नाम नही..

सुनो ये दिल भी बड़ी बेबस_चीज़ है
देखता_सबको है.
पर ढूँढता सिर्फ_तुझी को है..

सुना है आजकल तेरी मुस्कराहट गायब हो गयी है
तू कहे तो फिर से तेरे करीब आ जाऊं

मैने तो माँगा था थोड़ा सा उजाला अपनी ज़िन्दगी में....
वाह रे चाहने वाले तूने तो आग ही लगा दी....

हे चाँद तू इतना गरूर मत कर हमने भी चाँद देखे है
तेरे में तो दाग़ हे हमने तो बेदाग देखे हे

हम सिमटते गए उनमें और वो हमें भुलाते गए,
हम मरते गए उनकी बेरुखी से, और वो हमें आजमाते गए,
सोचा की मेरी बेपनाह मोहब्बत देखकर सीख लेंगी वफाएँ करना,
पर हम रोते गए और वो हमें खुशी खुशी रुलाते गए..!!

मै रोता रहा रातभर मगर फैसला ना कर सका... तू याद आ रही है... या मै याद कर रहा हूँ..."

बहते पानी की तरह है फितरत- ए-इश्क••••
रुकता भी नहीं- थकता भी नहीं.....
थमता भी नहीं.....
और मिलता भी नहीं...

यदि हर कोई आप से खुश है*
*तो ये निश्चित है कि आपने जीवन*
*में बहुत से समझौते किये हैं...*
*और*
यदि आप सबसे खुश हैं*
*तो ये निश्चित है कि आपने लोगों*
*की बहुत सी ग़लतियों*
*को नज़रअंदाज़ किया है.*

तरस गए हैं तेरे Muh से कुछ सुनने को हम……
Pyaar की बात न सही कोई शिकायत ही कर दे…!!
दिल की वीरान बस्तियाँ अक्सर हमसे कहा करतीं हैं यारो...
वो लोग कहाँ गये जो तुम्हे बहुत अपना अपना कहते थे..

कभी ना कभी तो इश्क़ असर लायेगा मेरा
मैंने पानी की बूंदों से पत्थर पर निशान बनते देखा है

हजारों टुकड़े किये उसने मेरे दिल के , वो खुद ही रो पड़ी हर टुकड़े पर अपना नाम देखकर ..

नहीं फुर्सत यक़ीन मानो हमें कुछ और करने की,
तेरी यादें, तेरी बातें, बहुत मशरूफ रखती हैं,,

मत सोना किसी की गोद में सर रखकर कभी...
जब वो छोङता है तो रेशम के तकिये पर भी नीदं नही आती..

हर बात को ..........लिखना मुमकिनं नहीं
सारे ज़जबात को ....लिखना मुमकिनं नहीं
कुछ समझ भी ज़ाया करो हमारी आखें देख के
दिल के हालात को .....लिखना मुमकिनं नहीं

प्यार की आंच से तो पत्थर भी पिघल जाता है,
सचे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता है,
प्यार की राहों पर मिल जाये साचा हमसफ़र,
तो कितना भी गिरा हुआ इंसान भी संभल जाता है...!!

कोशिश करो की कोई
हम से न रूठे !
जिन्दगी में अपनों का
साथ न छूटे !
रिश्ते कोई भी हो उसे
ऐसे निभाओ !
कि उस रिश्ते की डोर ज़िन्दगी भर न छूटे

शेर-ओ-शायरी तो दिल बहलाने का ज़रिया है जनाब !
लफ़्ज़ काग़ज़ पर उतरने से महबूब लौटा नहीं करते....!!""

"मेरे हालात को देखकर तुम...अब युँ रास्ता न बदलो,
मैं दिल का बादशाह हूँ,.......
मुक़द्दर तो खुदा के हाथ में है !!""


जिंदगी ताज महल हो जाए,
चांदनी खिल के कमाल हो जाए,
तुम जो बन जाओ दोस्त मेरे,
दिल की धडकन भी एक गज़ल हो जाए..

रोयेंगा😭 वो ही जिसने महसुस किया है सच्चे प्यार को...!!!!
वरना मतलब कि चाहत रखने वालो को कोई फर्क नही पङता....!😏



इस दिल की दास्ताँ भी बड़ी अजीब होती है;
बड़ी मुस्किल से इसे ख़ुशी नसीब होती है;
किसी के पास आने पर ख़ुशी हो न हो;
पर दूर जाने पर बड़ी तकलीफ होती है!
माना कि किस्मत पे मेरा कोई ज़ोर नही;
पर ये सच है कि मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही;
उसके दिल में, उसकी यादो में कोई और है लेकिन;
मेरी हर साँस में उसके सिवा कोई और नही।








मेरी यादो में तुम हो, या मुझ मे ही तुम हो,
मेरे ख्यालो में तुम हो, या मेरा ख्याल ही तुम हो,
दिल मेरा धड़क के पुछे बार बार एक ही बात,
मेरी जान में तुम हो या मेरा जान ही तुम हो...!!!



नज़रे करम मुझ पर इतना न कर....@@
कि तेरी मोहब्बत के लिए बागी हो जाऊं
मुझे इतना न पिला इश्क-ए-जाम की,
मैं इश्क़ के जहर का आदी हो जाऊं...@@@



पल पल से बनता है एहसास,
एहसास से बनता है विश्वास,
विश्वास से बनते हैं कुछ रिश्ते,
और उन रिश्तों से बनता है कोई खास....!!!



दिल का दर्द युँ लफ़्ज़ों में बयाँ करते ही नहीं,
तेरी तसवीर आँखों से न बह जाये इसलिये रोते ही नहीं,
तेरे इश्क़ का जुनुँ छाया है इस क़दर,
ज़िंदा हैं ईसी ग़ुमान में वर्ना हम होते ही नहीं...!!!



दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया न करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख़्वाबों में आ कर यु तड़पाया न करो....!!!








चुपके से आकर इस दिल में उतर जाते हो,
सांसों में मेरी खुशबु बन के बिखर जाते हो,
कुछ यूँ चला है तेरे ‘इश्क’ का जादू,
सोते-जागते तुम ही तुम नज़र आते हो....!!!





















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