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कंधे में दर्द हो सकता है डायबिटीज का संकेत..


कंधे में दर्द हो सकता है डायबिटीज का संकेत..

कंधे की अकड़न (फ्रोजन शोल्डर) या कंधे के जोड़ों में दर्द की समस्या आजकल काफी जटिल बीमारी होती दिख रही है इसके दर्द की शुरूआत पहले धीरे-धीरे होना शुरू होती है और आगे चलकर यह असहनीय दर्द का कारण बन जाती है। फ्रोजन शोल्डर के होने का मुख्य कारण है लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करना और एक्सरसाइज की कमी से होता है। पूरे दिन एक जैसे पोजिशन में बैठने से शरीर के जॉइंट्स जाम होने लगते हैं। जिससे कंधे की हड्डियां जाम होकर मूव करना बंद कर देती है। और इससे हाथ उपर नीचे करने से काफी तकलीफ महसूस होने लगती है।


यदि आप भी फ्रोजन शोल्‍डर की समस्‍या से परेशान हैं, तो जानें कंधे की अकड़न के लक्षण, कारण और इलाज के बारें में..

कंधे की अकड़न के लक्षण – आमतौर पर फ्रोजन शोल्डर की समस्या धीरे-धीरे विकसित होती है। यह दर्द तीन चरणों से होकर गुजरता है प्रत्येक चरण कई महीनों तक रह सकते हैं। इसके चरण निम्न तरह से होते हैं।

अकड़न धीरे होना – शुरूआत में आपके कंधे का दर्द धीरे धीरे होना शुरू होता है इसमें हाथों को किसी भी तरह से हिलाने में दर्द होता है। जिससे आपके कंधे का कार्य सीमित हो जाता है।

अकड़न का बढ़ना – इस स्थिति में कंधे का दर्द बढ़ने लगता है और आपका कंधा मुश्किल से हिल पाता है। हाथों को उपर नीचे करने में यहां तक कि उस जगह को हल्का सा टच करने में भी भयकंर पीढ़ा होना शुरू हो जती है। जिससे आप उस हाथ से कोई भी काम नही कर पाते।

अकड़न ठीक होना – इस चरण के दौरान आपके कंधे का दर्द कम होना शुरू हो जाता है और इसमें सुधार शुरू हो जाता है। कुछ लोगों इसका दर्द रात में ज्यादा परेशान करता है। जिसके चलते लोगों की नींद में खलल भी होता है। दैनिक गतिविधियों को करने में कठिनाई होना जैसे कपड़े पहनते समय, ड्राइविंग करना, अपने दांतों को साफ करना, बालों में कंघी करना, नहाते समय हाथ पीछे की ओर ले जाते समय, आदि।
कंधे की अकड़न के कारण
यदि कंधे का दर्द आपको लगातार बना हुआ है तो यह डायबिटीज के शुरूआती होने का संकेत हो सकता है जिससे कंधा खाफी सख्त होने लगता है। डॉक्टर्स के अनुसार जिनको डाइबिटिज की बीमारी होती है उनके शरीर में यह बीमारी हड्डियों के निर्माण पर बाधा डालती है इस कारण कंधे में अकड़न और दर्द बढ़ने लगता है।
डायबिटीज, थायरायड, कार्डियो वैस्कुलर, टीबी और पार्किसन के मरीजों को यह समस्या ज्यादा घेरती है।
पुरुषों की अपेक्षा में महिलाओं में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है।
इस बीमारी से ग्रस्त 60 % लोग तीन साल में खुद ठीक हो जाते हैं।
90% लोग सात साल के भीतर ठीक हो जाते हैं।
चोट या शॉक से होने वाला हर दर्द फ्रोजन शोल्डर नहीं होता।
10% लोग ठीक नहीं हो पाते, उनकी चिकित्सा सर्जिकल और नॉन-सर्जिकल दोनों प्रक्रियाओं द्वारा की जाती है।


फ्रोजन शोल्‍डर के दर्द से राहत पाने के उपाय:
योग कीजिए

फ्रोजन शोल्‍डर के दर्द से राहत पाने के लिए योग काफी बेहतर इलाज साबित हो सकता है, इसके लिये आप पर्वतासन करें। जो कंघें के दर्द को दूर करने के साथ-साथ रीढ़ के सभी जोड़ों के बीच का खिचाव कम करता है। लेकिन इसे करने से पहले डॉक्टर का परामर्श आवश्य ले लें।
स्‍वस्‍थ आहार लें


फ्रोजन शोल्‍डर की समस्‍या से राहत पाने के लिये आप मसालेदार और तीखे आहार से दूर रहें। इनकी जगह आप गर्म सूप, सब्जियों, फलों और जड़ी-बूटियों का सेवन करें। खाने में नमक की मात्रा को कम करें। शोल्‍डर में लुब्रिकेशन को बढ़ाने के लिए अपने आहार में स्‍वस्‍थ तेलों को शामिल करें।
हीट और कोल्‍ड थेरेपी

फ्रोजन शोल्‍डर के दर्द से राहत पाने के लिए आप हीट या कोल्‍ड थेरेपी को चुनें। जैसे कंधें के दर्द के समय आप आइस पैक ठंडे को 15 मिनट कंधें पर रखकर सका सिकाई करें। इसके अलावा आप गर्म सेक के लिए 15 मिनट हीटिंग पैड दिन में कई बार लगाने का प्रयास करें।
ऑयल मसाज करें


फ्रोजन शोल्डर में कंधे के दर्द से राहत पाने के लिये ऑयल मसाज एक बेहतर उपाय हो सकता है। इसके लिए एक पैन में थोड़ा सा सरसों के तेल में दो लहसुन की कली और अजवाइन को डालकर गर्म करें। जब लहसुन भूरा हो जाये तो तेल को आंच से हटां दें। इस तेल को हल्का गुनागुना करने के बाद इससे कंधे की मालिश करें। ऐसा करने से काफी अराम मिलेगा।
एक्यूपंक्चर और फिजियोथेरेपी
फ्रोजन शोल्‍डर के दर्द से जल्दी से राहत पाने के लिये आप एक्यूपंक्चर चिकित्सा पद्धति का सहारा ले सकते हैं। या फिर फिजियोथेरेपी इसका सबसे अच्छा उपाय माना जाता है। फिजियोथेरेपी में कंधों में खिंचाव उत्पन्न कर कंधों को दोबारा गतिमान बनाना जाता है। ऐसा करने के लिए कंधों के विभिन्न बिंदुओं को एक्‍सरसाइज द्वारा धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया जाता है।

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