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स्तन को अधिक समय तक सुंदर,स्वस्थ टाइट रखने के प्राकृतिक रहस्य


आकर्षक और सुडौल स्तन पाने के घरेलू नुस्खे 

कई महिलाऐं अपने लूज़ ब्रेस्ट के कारण परेशान रहती हैं। जिससे उनका शरीर अपना पहले वाला आकर्षण खोने लगता है। बढ़ती उम्र, ब्रेस्ट फीडिंग, गलत साइज की ब्रा पहनना आदि इस समस्या के कारण हो सकते हैं। दरअसल ब्रेस्ट फैटी टिशू से बने होते हैं। ब्रेस्ट टिश्यूज़ के शिथिल होने से यह समस्या होती है। लेकिन अगर आप सही से अपने ब्रेस्ट की केयर करेंगी तो ब्रेस्ट लूज़ की नौबत कभी नहीं आएगी।
ब्रेस्ट लूज़ के कारणः-



बढ़ती उम्र- आम तौर पर ब्रेस्ट लूज़ की समस्या महिलाओं में 40 की उम्र के बाद होती है।

ब्रेस्ट फीडिंग – ज्यादा समय तक बच्चे को स्तनपान कराने से भी ब्रेस्ट लूज़ होते हैं। इस दौरान जब बच्चा मां का दूध पीता है तो स्तन झुक जाते हैं और ढ़ीले पड़ जाते हैं। स्तनपान के कारण महिलाओं के सीने के तंतु ढ़ीले पड़ जाते हैं।

गर्भावस्था- गर्भावस्था के दौरान शरीर में तेजी से परिवर्तन होते हैं जिससे स्तनों में ढ़ीलापन होने लगता है।

रजोनिवृत्ति- रजोनिवृत्ति औरत के जीवन का वह समय होता है जब अण्डकोश की गतिविधियां समाप्त होने लगती हैं। यह चक्र 45-50 वर्ष की आयु से चालू होता है। इसमें महिलाओं को मासिक धर्म होना बंद हो जाता है। जिससे महिलाओं में कई शारीरिक परिवर्तन होने लगते हैं और स्तनों में शीथिलता आने लगती है।

पोषक तत्वों की कमी- संतुलित आहार हमारे शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करते हैं और शरीर को मजबूती प्रदान करते हैं। ऐसा संतुलित भोजन करें जिसमें विटामिन K और आयरन की अधिक मात्रा हो, जैसे हरी पत्तेदार सब्जियां, फलियां और मांसाहारी भोजन। शरीर में पोषक तत्वों की कमी से हमारा स्वास्थ्य खराब रहता है।

मिसफिट ब्रा- महिलायें अपनी ब्रा को लेकर काफी नासमझी कर जाती हैं। मिसफिट ब्रा पहनना उनके लिये काफी नुकसान देह साबित हो सकता है। इससे ब्रेस्ट लूज़ हो जाते हैं और आपका फिगर भी ख़राब लगने लगता है।

धूम्रपान- धूम्रपान करने से महिलाओं में कई खतरनाक बीमारियां तो होती ही हैं इसके अलावा महिलाओं को ब्रेस्‍ट कैंसर, असमय पीरियड्स, अनिंद्रा और त्‍वचा खराब होने जैसी समस्याएं भी होने लगती हैं।
शिथिल स्तनों में कैसे कसाव लायें?


भुजा चक्कर
व्यायाम के द्वारा स्तनों को सही आकार एंव कसाव देने के लिए और स्तनों की अंतर्निहित मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए अपने दोनों हाथों को आगे और पीछे की तरफ गोल गोल घुमाए। इस व्यायाम को नियमित रूप से करते रहें। इस अभ्यास के दौरान आप अपने दोनों हाथों में हल्के वजन का उपयोग भी कर सकते है।


सरल व्यायाम

स्तनों में कसाव लाना है तो इस व्यायाम में हल्के वजन का उपयोग करें। बेंच पर लेट कर अपनी पीठ के भार से कंधों को ऊपर उठाने वाले वजन का प्रयोग करें। कम से कम 10 बार ऐसा करें और इसे तीन बार दोहराएं। सही तरह से व्यायाम करने के लिए नॉटिलस उपकरणों पर इस व्यायाम को करें। इसमें छाती और ऊपरी बांह क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित रखना होता है।

योगा

चेहरे की सुंदरता के अलावा स्तनों की सुंदरता बढ़ाने के लिये नियमित रूप से योगा करते रहें। स्तनों की सुंदरता को बढ़ाने के लिए योगा करते समय स्तनों और ऊपरी बाहों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। योगा न केवल स्तन सौंदर्य के लिए बल्कि पूरे शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए भी किया जा सकता है। बेहतर परिणाम के लिए आपको ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

पुश अप

पुश अप दो प्रकार से आप कर सकते हैं मानक पुश अप या संशोधित पुश अप। सप्ताह में कम से कम इसे तीन बार करें। मानक पुश अप मे शरीर हवा में उठाया जाता है और संशोधित पुश अप में घुटने मोड़ दिए जाते है। इसमें शरीर का सिर्फ़ ऊपरी हिस्सा ज़मीन से ऊपर आता है। ऐसा करने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। शुरू में आप आराम से पुश अप करें और फिर आप धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ा सकते हैं।
दृढ़ स्तनों के लिए डंब बेल

अपने शिथिल स्तनों के आकार में कसाव लाने के लिए यह एक अच्छा व्यायाम है। इसे करने के लिये पहले आप चटाई पर लेट जाएं और दोनो हाथों में एक-एक डंब बेल लें लें। हाथो को सीधा करें। डंब बेल्स आपकी मांसपेशियों को वजन देते हैं। 2 मिनट के लिए इसी तरह करने के बाद हाथों को अपने शरीर के दोनों पक्षों की तरफ लें। कोहनी को मोड़े नहीं और फर्श पर पड़ी चटाई पर ना टिकें। अपने हाथों को फर्श के स्तर से कुछ इंच ऊपर रखें। अपने हाथों को 10 मिनट के लिए इस मुद्रा मे रखें और फिर इन्हें अपने शरीर की तरफ लें लें। 10 बार प्रत्येक दिन इस अभ्यास को दोहराएं। यह छाती की मांसपेशियों को मजबूत बनाने के लिए एक अच्छा व्यायाम है।

स्पेशल और उपयुक्त ब्रा
आप हमेशा उचित ब्रा का ही चयन करें जो आपके स्तन को कसावदार बनाये रखे। विशेष ब्रा के कप में सपोर्ट रहता है और इन से आपके स्तनों के उठाव में मदद मिलेगी। यह दृढ़ स्तनों के लिए कंधों और कप के नीचे समर्थन के साथ उत्थान के लिए मदद करते हैं।
स्तन के कसाव के कुछ घरेलू उपचार

बर्फ की मालिश- बर्फ की मसाज से ब्रेस्ट लूज़ होने से रोके जा सकते हैं। बर्फ आपके स्तनों को उभार देता है और उन्हें ढीला होने से रोकता है। 2 बर्फ के टुकड़े लें और उन्हें गोलाकार मुद्रा में अपने स्तनों के आसपास घुमाएं। इसे 1 मिनट से ज़्यादा न करें क्योंकि स्तनों के पास की त्वचा काफी संवेदनशील होती है।


तेल की मालिश- हमारे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जिस तरह संतुलित आहार व योगासन आवश्यक है उसी तरह मालिश भी शरीर को स्वस्थ रखने में काफी योगदान रखती है। मालिश से शरीर पुष्ट होता है और मांसपेशियों को भी नवजीवन मिलता है। वैसे तो बाजार में कई औषधीय तेल मिलते हैं लेकिन स्तनों की मालिश के लिये जैतून का तेल ही सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आप रोजाना स्तनों की मालिश जैतून के तेल से करेगें तो आपके स्तनों का आकार बढ़ेगा। मालिश के द्वारा रक्त परिसंचरण बढ़ जाता है जो स्तनों के अंदर ऊतकों को फैलाने में मदद करता है और उन्हें बड़ा, मजबूत और कसावदार बनाने में मदद करता है।


अंडे की जर्दी और ककड़ी- अंडे की जर्दी में विटामिन डी होता है जो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। मक्खन, ककड़ी के साथ अंडे की जर्दी को मिलाकर इसका पेस्ट तैयार करें। 20-30 मिनिट तक गोलाकार आकार में मालिश करें। ऐसा रोज करने से कसाव के साथ ही स्तन के आकार में भी परिवर्तन आयेगा।

मैथी- घर में मसालों के रूप में उपयोग की जाने वाली मेथी में भरपूर मात्रा में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन सी, नैसिन, पौटेशियम, आयरन और अल्‍कालाड्यस जैसै तत्व मौजूद होते है। यह माना जाता है की मैथी के बीज एस्ट्रोजन की मात्रा बढ़ाने में मदद करते हैं। आप मैथी के बीज का पाउडर बना लें एवं पानी के साथ इसका पेस्ट बना लें। अब इस मिश्रण से रोजाना 10 मिनट तक मालिश करें। इसे महीने में दो बार अवश्य करें। इसका एस्ट्रोजेन हार्मोन स्तन के आकार को बढ़ाने में एवं कसाव देने में मदद करता है।

अनार- अनार एंव केले का सेवन आपके स्तनों के आकर को बड़ा करता है अपितु इन्हें खूबसूरत बनाता है। इसके अलावा एक तरो ताजा अनार लें एंव पीस लें। इसे 200 या 250 ग्राम सरसों के तेल में डालकर गर्म कर लें। इस तेल की मालिश नियमित रूप से स्तनों पर करते रहने से स्त्रियों के स्तन उन्नत, सुडौल, सख्त और सौंदर्ययुक्त बन जाते हैं। अनार की छाल एक किलो और माजूफल 125 ग्राम को 2 लीटर पानी में डालकर इतना पकायें कि पानी आधा बच जाये। तब इसे छानकर रख लें। फिर इसी में 125 ग्राम तिल का तेल डालकर, पकाकर स्तनों पर लेप करने से स्तन कठोर होते हैं।

एलोविरा- एलोविरा यह आजकल हर घर में देखा जा सकता है। यह एक औषधीय पौधा होता है। इसे ग्वारपाठा या धृतकुमारी के नाम से भी जाना जाता है। यह कांटेदार पत्तियों वाला पौधा होता है इसमें रोग निवारण के गुण भरे होते हैं। औषधि की दुनिया में इसे संजीवनी भी कहा जाता है। इसका जूस हमारे त्वचा की नमी को बनाए रखता है जिससे त्वचा स्वस्थ दिखती है। यह स्किन के कोलेजन और लचीलेपन को बढ़ाकर स्किन को जवान और खूबसूरत बनाता है।

Rhassoul क्ले-इनमें लोहा, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम और सोडियम जैसे कई खनिज तत्व शामिल होते हैं। इसे त्वचा के लिये उपयोगी घटक माना गया है। यह चेहरे की त्वचा के साथ स्तन में कसाव लाने में बहुत मददगार साबित होता है।

विधि: 2 चम्मच मुलतानी मिट्टी और पानी का पेस्ट तैयार करें। इस पेस्ट को अपने स्तनों पर लगाएं। यह स्तनों में कसाव लाने में मदद करता है।

एक प्रकार का वृक्ष मक्खन- इसमें विटामिन ए, डी, ई और एफ, प्रचूर मात्रा में पायें जाते हैं। यह एक उत्तम प्रकार का वृक्ष मक्खन है। इसका लोशन तथा पेस्ट अन्य प्राकृतिक त्वचीय देखभाल के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसका पेस्ट बनाकर अपने स्तनों पर लगाएं। यह स्तनों में कसाव लाता है।

शारीरिक परिश्रम- रोज़ाना किये जाने वाले घर के कार्यों से शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही ढ़ीले स्तनों में भी जान आती है। आपके बिना जाने आपके स्तन कसते हैं। अगर ज़्यादा दौड़ भाग, जॉगिंग एवं इस तरह के अन्य व्यायाम आप नियमित रूप से करेंगी तो इससे कसावट की प्रक्रिया तीव्र होगी।

आसन की जांच करें– हमारे शरीर के ढ़ीले स्तनों का एक प्रमुख कारण खराब मुद्राओं में उठना बैठना भी है। अगर आप हमेशा अपने कंधों को आगे की ओर झुकाकर बैठी रहती हैं तो इसका आपके स्तनों पर खराब प्रभाव पडेगा। इस मुद्रा में बैठने वाली ज़्यादातर महिलाओं को ढ़ीले स्तनों की समस्या होती है। हमेशा सीधे होकर बैठने का प्रयास करें।
ब्रेस्ट शिथिलता को रोकने के लिए जरूरी उपाय

1. शरीर के लिये अनियमितता बरतना सेहत के लिये काफी नुकसान देह होता है। अगर आप चाहती हैं कि आपका मोटापा ना बढ़े और स्तन भी भारी ओर बैडौल ना हो जाएं तो इसके लिए भोजन करने की आदत को ठीक करें और रोजाना व्यायाम करने की आदत डालें।

2. संतुलित आहार भरपूर मात्रा में खायें। अंडा, प्रोटीन शेक, मछली, मीट और दूध में प्रोटीन अधिक मात्रा में पाया जाता है और इसे भी खाने से ब्रेस्‍ट साइज बढ़ता है।

3. ध्रूमपान के सेवन से बचें, जो स्वास्थ के लिये, एवं आपकी त्वचा के लिये काफी हानिकारक होता है।
हमेशा आप अपने कंधों को आगे की ओर झुकाकर ना बैठे।




स्तन को अधिक समय तक सुंदर,स्वस्थ टाइट रखने के प्राकृतिक रहस्य
हर औरत अपने-अपने सहयोगियों और दोस्तों से अधिक सुंदर लगना चाहती है लेकिन यह सिर्फ अच्छे चेहरे और आकर्षक कमर से हासिल करना संभव नही है। एक स्वस्थ और सुंदर स्तन औरत की एक विशेष संपत्ति होती है इसके अलावा युवा और तना हुआ स्तन शारीरिक और मानसिक रूप से सुंदरता प्रदान करता है।


स्तन (ब्रेस्ट) न तो बहुत ज्यादा लटके हो और न ही बहुत छोटे होने चाहिए क्योकि स्तन का एक कनेक्शन ब्रेस्ट फीडिंग के अतिरिक्त यौन क्षमता को सक्रिय करने की संवेदनशीलता और कामुक से भी होता है। गर्भावस्था से पहले स्तन 'मासूम लड़कियों' की तरह होते है और गर्भावस्था के बाद निपल्स के आसपास के क्षेत्र बड़ा होकर पवित्र सुलझी हुई महिलाओं की तरह लगता है।



स्तनपान की वजह व कई अन्य कारणों की वजह से स्तन के आकार व साइज में कई तरह से परिवर्तन आते है जिसके बाद कई बार स्तन उतने हेल्दी और प्रभावशाली नही रह जाते है। आज हम सुंदर और हेल्दी ब्रेस्ट के लिए कुछ ऐसे सुझाव अपने पाठकों के लिए लेकर आयें है जिनको लाइफस्टाइल में शामिल करके उनकी ख़ूबसूरती को अधिक समय तक कायम रखा जा सकता है।


स्तन मसाज : स्तन मसाज में एक तरह का जादू होता है जो स्तन को स्वस्थ सुंदर और दोबार जीवंत करने में अहम योगदान देता है। छाती में दर्द, सूजन स्तन गांठ, और स्तनपान के साथ उत्पन्न हुई कई समस्याओं को कम व पूर्ण समाप्त करने का काम बड़ी सहजता से करने में सक्षम है।


स्तन मालिश स्तन को पोषण देने का सबसे सस्ता सरल उपाय है यह बात लगभग सभी चिकित्सक भी मानतें है। स्तन मसाज फाइब्रॉएड और अल्सर हार्मोन के प्रभाव में संतुलन बनाने, स्तन आकार में वृद्धि , ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की पूर्ति करने के साथ-साथ स्तन त्वचा को नर्म कोमल व कसा हुआ बनाता है जिसकी वजह से स्तन हेल्दी और सुंदर बनते है।

अगर आप चाहती है अधिक उम्र तक आपके स्तन सुडौल सुंदर व हेल्दी रहे तो स्तन मसाज को अपनी दिनचर्या में नियमित रूप से शामिल अवश्य करें। 


ड्राई ब्रशिंग से स्तन को स्वस्थ बनाएं : स्तन को स्वस्थ रखने का यह सबसे सस्ता और सरल ट्रिक है। स्तन के चारों ओर हल्के हाथों से ड्राई ब्रशिंग करने से स्तन पहले से अधिक हेल्दी होते है क्योकि ड्राई ब्रशिंग करने से स्तन त्वचा के आसपास रक्त संचार क्रिया में सुधार होता है। ड्राई ब्रशिंग टॉक्सिन्स को बॉडी से बाहर करने में अहम योगदान देता है जिसकी वजह से स्तन से संबंधित गंभीर दिक्कतें नही आती है और नियमित रूप से स्तन पर ड्राई ब्रशिंग की जाएँ तो स्तन पहले से आकर्षक बन जाते है।


सूरज की किरणों से स्तन को चमकदार करें : सूर्य विटामिन डी का सबसे अच्छा व किफायती स्त्रोत है और हाल ही में हुए कई शोधों से यह बात भी साबित हो चुकी है कि विटामिन डी से स्तन का आकार तो बड़ा होता ही है साथ में स्तन त्वचा में चमक भी पैदा होती है इसलिए संभव हो तो सप्ताह में एक दिन अपने स्तन और सूर्य किरणों के बीच से कपड़ों के हटा कर सूरज की ताकत को अपने स्तन के अंदर तक महसूस करें।


हॉट कोल्ड शावर : यह तरीका स्तन के हेल्थ और ख़ूबसूरती के काफी असरदार है। इस तरीके का लाभ लेने के लिए सबसे पहले स्तन पर गर्म पानी से 30 सेकंड तक शावर लें। उसके बाद 10 सेकंड तक कोल्ड पानी से शावर लें। इस ट्रिक को प्रयोग में लाते समय इस बात का ध्यान रखें हॉट और कोल्ड शावर के बीच कम से कम 3 सेकंड का अंतर अवश्य हो और समाप्ती हमेशा ठंडे पानी से ही करें।


यह तकनीक स्तन त्वचा में रक्त संचार ठीक करने,टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और स्तन को टाइट कर स्तन को पहले से अधिक सुंदर और आकर्षक बनाने का काम करती है इसलिए इसे भी अपनी स्तन केयर लिस्ट में जरुर शामिल कर लें।


नग्न योग : योग हर रूप में न केवल स्तन के लिए अथवा समूचे शरीर के लिए लाभकारी है लेकिन हाल ही कई विदेशी शोध से यह बात निकल कर सामने आई है कि अगर महिलाएं योग और कसरत नग्न अवस्था में करती है तो कामुक हिस्से पर उनका लाभ जल्द और बेहतर मिलता है।


स्तन कैसर के प्रभाव को कम करने, स्तन को टाइट करने और हेल्दी स्तन के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट योग व कसरत जरुर करनी चाहिये। जल्दी और बेहतर परिणाम के लिए 15 दिन में एक बार सूरज की पहली किरण के सामने नग्न योग किया जा सकता है।


मॉइस्चराइजिंग : सुंदर स्तन की चाह रखने वाली महिलाएं त्वचा के अन्य भागों की तरह स्तन पर भी नियमित रूप से मॉइस्चराइजर लागू करना हरगिज ना भूलें। हर दिन स्नान के बाद त्वचा हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त रूप से स्तन त्वचा को मॉइस्चराइजिंग प्रदान करें और इससे झुरियां कम होने की उम्मीद बढ़ जाती है।


स्वस्थ आहार : ख़ूबसूरती और हेल्थी बॉडी पार्ट बिना स्वस्थ आहार के असंभव है। अगर आप उम्र के आखिरी पड़ाव तक स्तन स्वस्थ सुंदर हेल्थी और सुडौल रखने की चाह है तो अपनी डाइट को हमेशा बेहतर रखें। भोजन में दूध अंडे, मूंगफली का मक्खन,मछली, चिकन,जैतून का तेल, नट, पनीर दही,कद्दू, लहसुन, लाल राजमा, लाइमा बीन्स बैंगन, खजूर, चेरी,सेब बेरीज, सन बीज, चिया बीज,सलाद और सोया प्रोडक्ट्स को नियमित रूप से अपनी डाइट में शामिल करें।



सही ब्रा चुने : ढीले और बेडौल स्तन को टाइट दिखाने के लिए अकसर महिलाएं साइज से छोटी ब्रा पहनती है जो हेल्थी स्तन के लिए बेहद खतरनाक है। हमेशा सही साइज की ब्रा चुने जो आखिरी हुक तक फिट हो। इसके आलावा एक ही ब्रा अधिक ना पहनें। कपड़ों की तरह ही ब्रा की भी कम से कम 5 से 6 सेट आपके पास होने चाहिए। सूती ब्रा का प्रयोग नायलोन और फोम ब्रा के बजाय ज्यादा करना चाहिए और रात को बिना ब्रा के सोना सबसे बेहतर है।
ब्रेस्ट में ढीलापन लाने वाली आपकी गंदी आदतें

ब्रेस्ट में ढीलापन आना बहुत ही आम समस्या है। स्तन में ढीलापन आने का मूलत: उम्र बढ़ने की निशानी होती है। ब्रेस्ट में ढीलापन उम्र बढ़ने का एक स्वाभाविक कारण जरुर होता है लेकिन उम्र से पहले और बढती उम्र की शुरुआत में ही स्तन को ढीले होने को किसी भी लिहाज से सही परिभाषित नही किया जा सकता है।



ढीले स्तनों को छुपाने के औरते पैडेड ब्रा या साइज से छोटी ब्रा का इस्तेमाल शुरू कर देती है लेकिन गंभीरता से कुछ कारणों और निपल की स्थिति के अनुसार मूल्यांकन कर विचार किया जाएं और अपनी लाइफस्टाइल में परिवर्तन किया जाएं तो निश्चित ही छाती दीवार को नीचे गिरने से रोका जा सकता है।


डाइटिंग : डाइटिंग करते समय हम अपने स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए कुछ भोज्य पदार्थों से परहेज़ कर लेते है। अमूमन डाइटिंग बड़ते वजन को कम करने के लिए की जाती है लेकिन आवश्यकता से अधिक परहेज या कम समय में अधिक वजन गिराने की वजह से, स्तन के ऊतकों में अधिक सुस्ती आ जाती है जिसके वजह से ब्रेस्ट में ढीलापन की समस्या उत्पन्न हो जाती है। इसके अतिरिक्त बार-बार वजन कम ज्यादा होने से भी स्तन ढीले पड़ने लग जाते है। अगर हम वजन को नियंत्रित कर पोषक देने वाले पदार्थों की डाइटिंग ना करें तो ब्रेस्ट को सीधा तना हुआ रखने में अधिक समय तक मदद मिल सकती है।

धूम्रपान अर्थात स्मोकिंग : सिगरेट या अन्य कोई भी धूम्रपान की लत यदि आपको है तो स्तनों में ढीलापन की समस्या से आप बच नही सकती है। कभी-कभी धूम्रपान की लत भी त्वचा की सतह में रक्त की पूर्ति को कम करके त्वचा को कमजोर कर देती है जिसकी वजह से टाइट स्तन आयु से पहले ही ढीले हो जाते है और तो और स्तन के साइज में भी गिरावट आ जाती है इसलिए अगर आप अधिक समय तक स्तन टाइट और उचित साइज के रखना चाहती है तो फौरन स्मोकिंग की लत को त्याग दें।

सनस्क्रीन का त्याग : सनस्क्रीन की सुरक्षात्मक कोटिंग के बिना यूवी किरणों के सम्पर्क में चेहरा या स्तन स्किन आती है तो झुर्रियों के होने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा त्वचा के खराब होने और कोलेजन के प्रभाव का असर ब्रेस्ट के कसाव पर भी पड़ता है। स्तन को हमेशा तना हुआ और सुडौल रखने के लिए जब भी घर से बाहर निकले पर अच्छी कम्पनी का सनस्क्रीन जरुर प्रयोग करें।


गलत साइज की ब्रा पहनना : ब्रेस्ट में ढीलापन नही चाहती है तो सबसे पहले दुकानदार से अपने स्तन आकार की फिटिंग के लिए उचित साइज वाली ब्रा के बारें में पूछना बंद कर दीजिये। आप सुनिश्चित कर ले कौन सा साइज आपके लिए फिटिंग का है और फिर अपने लिए सही साईज की ब्रा का ही चुनाव करें। जिम में स्पोर्ट्स ब्रा हो या फिर पार्टी के लिए चुनी गयी खास ब्रा हो अगर स्तन को झूलने से रोकना चाहती है तो ना तो अधिक ढीली ब्रा और ना ही अधिक टाइट ब्रा का चुनाव करें इसके अतिरिक्त खास बात यह है कि रात को सोते समय ब्रा निकाल कर कर खुले वस्त्रों में ही नींद पूरी करें।

आवश्यकता से अधिक और भारी कसरत : कई अनुसंधान यह बात साबित कर चुके है की कसरत को आवश्यकता से अधिक दोहराने और कसरत की गति सही नही रखने पर स्तन कोलेजन टूटने लगते है। ब्रेस्ट साइज और आकार को युवा स्थिति में बनाएं रखने के लिए व्यायाम जरूरी है लेकिन व्यायाम सही तरीके से और कसरत के विवरण की जानकारी विशेषज्ञों के सामने या फिर सलाह से ही करें।

उपर दिए गयी आदतों के अगर छोड़ दिया जायें इसके आलावा प्रेगनेंसी के बाद उचित आहार और डॉक्टरी सलाह के साथ ब्रेस्ट फीडिंग कराई जायें तो यकीनन ब्रेस्ट में ढीलापन अधिक समय तक के लिए टाला जा सकता है।

उपर दिए गये सभी उपायों के अतिरिक्त प्रचुर मात्रा में पानी का सेवन और ओरल सेक्स भी सुंदर स्वस्थ स्तन प्रदान करने में महत्वपूर्ण रोल निभाते है। पानी त्वचा को हाइड्रेटेड रखने का काम करता है तो ओरल सेक्स सच्ची ख़ुशी के साथ-साथ ब्रेस्ट साइज बढाने,स्तन कैंसर और मीनोपॉज प्रभाव को कम करता है।

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