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ल्यूकोरिया –


ल्यूकोरिया – महिलाओं में सफेद पानी या श्वेत प्रदर की बीमारी को जड़ से ठीक करने का घरेलू उपचार
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How to Cure White Discharge in Hindi – महिलाओ के सफ़ेद पानी White Discharge को अन्य शब्दों में ल्यूकोरिया (Leukorrhea), श्वेत प्रदर, कमजोरी का गिरना आदि नामो से जाना जाता है। आजकल महिलाये हो या युवतियां श्वेत प्रदर की समस्या आम हो गयी है। इससे महिलाओं के शरीर कमजोर होने के साथ-साथ अन्य बिमारियों की समस्या भी होने लगती है। इससे छुटकारा पाने के लिए आईये जाने बेहतरीन घरेलु नुस्खे:-
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सफ़ेद पानी या ल्यूकोरिया के घरेलु इलाज – How to Cure White Discharge in Women in hindi

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परहेज

इससे छुटकारा पाने के लिए सबसे जरुरी बात ये है की अधिक तेल, मसाले वाले भोजन से परहेज करे। बाजार में मिलने वाले डब्बे बंद उत्पाद का कम से कम सेवन करे। इसमें इस्तेमाल किये हुए केमिकल महिलाओ के स्वास्थ पर बहुत बुरा प्रभाव डालते है। [1]

संक्रमण
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श्वेत प्रदर में अपने वेजिना के आस-पास के भागो को और बाल को हमेशा साफ़ रखना चाहिए। वेजिना को सुबह शाम पानी को उबाल कर ठंडा कर ले और उसी से धुले और ढीला अंडर वियर पहने। इससे संक्रमण का खतरा कम रहता है।

ल्यूकोरिया में जीरा – Home Remedies For Leucorrhoea in Hindi

ल्यूकोरिया में जीरा और चीनी की बहुत ही अहम् भूमिका है।
50 ग्राम जीरा और 50 ग्राम चीनी ले। जीरे हो धीमी आंच में तवे पर भून ले।
भुनने के बाद जीरे को पीस ले फिर जीरा और चीनी को मिला ले।
इस मिश्रण को सुबह दोपहर शाम एक-एक चम्मच सेवन कम से कम एक हफ्ते तक सेवन करे।
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मासिक धर्म के समय साफ़-सफाई

मासिक धर्म के समय भी अगर आप स्वेत प्रदर से पीड़ित है तो दिन दो बार पैड को बदले और साफ़-सफाई रखे।

मेथी के बीज ल्यूकोरिया में फायदेमंद

मेथी के बीज ल्यूकोरिया में फायदेमंद होते हैं। ये जलन, सूजन और दर्द से राहत पाने में मदद करते हैं। मेथी के बीज तीन चम्मच लगभग आधे घंटे के लिए लगभग एक लीटर पानी में उबाल ले। पानी को छानकर ठंडा कर लें। इस पानी को ठंडा होने के बाद तुरंत पिए इससे ल्यूकोरिया में आराम मिलेगा।

योनि विकारों से छुटकारा पाने के लिए घरेलू उपचार

अमरुद के पत्तों का काढ़ा अक्सर योनि विकारों से छुटकारा पाने के लिए उपयोग किया जाता है।
अमरूद के कुछ ताज़े पत्तों को लगभग एक लीटर पानी में आधे घंटे तक उबालें।
इसे ठंडा होने दें और फिर इसे लेकर अपने योनि [2] को धुले उससे खुजली, योनि की लालीपन आदि समाप्त हो जायेगा।

सूखे धनिये के बीज भी ल्यूकोरिया में बहुत फायदेमंद

धनिया भी ल्यूकोरिया में बहुत फायदेमंद है।
१० ग्राम सूखे धनिये के बीज को रात भर १०० मिली पानी में भिगो दे।
इस पानी को छान ले सुबह खाली पेट पिए। ऐसा करने से शरीर से टॉक्सिन्स दूर होते हैं और शरीर स्वस्थ रहता है और संक्रमण होने का खतरा नहीं रहता है।

एलोवेरा श्वेत प्रदर में

एलोवेरा श्वेत प्रदर में मदद करता है क्योंकि यह गर्भाशय के ऊतकों को टोन करता है और किसी भी असामान्य तरल पदार्थ के निर्वहन यानी शरीर से बाहर जाने से रोकने में मदद करता है।

नीम ल्यूकोरिया के इलाज के लिए भी बहुत उपयोगी

नीम ल्यूकोरिया के इलाज के लिए भी बहुत उपयोगी है। नीम के पेड़ की छाल या छाल से प्राप्त रस को सफेद जीरे के साथ लेना चाहिए। नियमित रूप से शाम को गाय का दूध पीने से थोड़ी मात्रा में नीम का तेल पीने से ल्यूकोरिया का इलाज करने में मदद मिलती है।

चावल और पानी से बना काढ़ा श्वेत प्रदर से निजात

चावल और पानी से बना काढ़ा सफेद पानी के लिए एक बहुत ही सामान्य और सदियों पुराना उपाय है।
लगभग एक लीटर पानी में आधा मुट्ठी चावल उबालकर और फिर ठंडा होने पर इस पानी को पीने से ल्यूकोरिया ठीक हो जाता है।
इसके अलावा, उबले हुए चावल के पानी में जामुन के बीजों का पाउडर मिलाकर भी श्वेत प्रदर से निजात पाया जाता है।

ल्यूकोरिया के इलाज के लिए आम

ल्यूकोरिया के इलाज के लिए आम को घरेलू उपचार के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आम की गुठली को पेस्ट बनाकर योनि के अंदर लगाने से ल्यूकोरिया में आराम मिलता है। पके आम का गूदा जब योनि पर लगाया जाता है, तो ल्यूकोरिया के कारण होने वाली खुजली और जलन से राहत मिलती है।

सफ़ेद पानी का इलाज करने में भिंडी

ल्यूकोरिया का इलाज करने में ओकरा या भिंडी फायदेमंद हैं।
एक लीटर पानी में लगभग २०० ग्राम भिंडी से बना काढ़ा सफेद स्त्राव को कम करने में सहायक है।
इसे धीमी आंच पर तब तक उबाले जब तक पानी आधे से कम न हो जाए।
इस मिश्रण को पीने से ल्यूकोरिया को ठीक करने में मदद मिलती है।
बेहतर स्वाद के लिए काढ़े में कुछ शहद या चीनी मिला ले।

स्वस्थ योनि मार्ग
अंजीर के पेड़ की छाल या बरगद के पेड़ के काढ़े से जननांग पथ को धोना ल्यूकोरिया को ठीक करने में सहायक है। इससे योनि मार्ग स्वस्थ और स्वच्छ रहेगा।
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ल्यूकोरिया से तेजी से राहत के लिए अखरोट

अखरोट के पेड़ की पत्तियों में कसैले गुण होते हैं जो कि संक्रमण को ठीक करने में सहायक होते हैं। लगभग 20 मिनट के लिए पानी में पत्तियों को उबालें और यह छलनी होने के बाद जननांग पर थोड़े सा छोपे फिर उसी पानी से धुल दे। ल्यूकोरिया से तेजी से राहत के लिए इसे दिन में तीन बार दोहराएं।

आंवले का चूर्ण ल्यूकोरिया के लिए फायदेमंद

सूखे आंवले या आंवले का चूर्ण ल्यूकोरिया के लिए फायदेमंद है। आंवले का पाउडर लें और इसमें मिश्री या चीनी मिलाएं। इसे सुबह शाम एक हफ्ते तक सेवन करे। ल्यूकोरिया में बहुत जल्द आराम दिखना शुरू हो जायेगा।

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श्वेत प्रदर तथा रक्त प्रदर आदि रोगों के होने पर क्या करें

श्वेत प्रदर तथा रक्त प्रदर दोनों ही महिलाओं के शरीर की योनी से सम्बन्धित रोग हैं. श्वेत प्रदर के रोग के होने पर महिला की योनी मार्ग से सफेद पानी निकलने लगता हैं. जो की श्वेत प्रदर की बीमारी का सूचक होता हैं. रक्त प्रदर का रोग अधिकतर मासिक धर्म के दिनों में होता हैं. इन दिनों में ऋतुस्त्राव के समय में अधिक रक्तस्त्राव होता हैं. जिसका प्रभाव महिला के शरीर व स्वास्थ्य पर अधिक पड़ता हैं.


श्वेत प्रदर या ल्यूकोरिया के रोग के होने पर क्या करें

श्वेत प्रदर के रोग होने पर किस प्रकार उपचार किया जा सकता हैं. इसके बारे में जानने से पहले हम यह जान लेते हैं की यह बीमारी क्या हैं. श्वेत प्रदर के रोग को अंग्रेजी भाषा में ‘ल्यूकोरिया’ कहते हैं. श्वेत प्रदर का रोग होने पर महिला की योनी से एक प्रकार का सफेद पानी निकलने लगता हैं. यह रोग लैक्टोबेसिल्स नामक तत्व के कारण होता हैं. महिलाओं के योनी मार्ग में एक लैक्टोबेसिल्स नामक तत्व होता हैं. जिसका का कार्य योनी मार्ग और योनी के पानी में उपस्थित अम्लता में संतुलन बनाए रखना होता हैं. लैक्टोबेसिल्स के संतुलन बनाए रखने से महिला के शरीर में किसी भी प्रकार के हानिकारक जीवाणुओं की वृद्धि नहीं होती. श्वेत प्रदर के रोग होने पर महिला की योनी से कई कारणों से सफेद पानी का स्राव बढ़ जाता हैं. योनी से श्वेत पानी का स्राव मासिक चक्र के शुरु होने के बाद या पहले हो सकता हैं. गर्भावस्था के दौरान भी हो सकता हैं. CLICK HERE TO READ MORE SIMILAR POSTS ...



श्वेत प्रदर होने के कारण

श्वेत प्रदर का रोग कई बार महिला के अधिक मांस – मछली खाने, चाय पीने, शराब का सेवन करने से भी हो जाता हैं. अधिक चटपटे पदार्थों का सेवन करने से भी यह रोग हो सकता हैं. जिन महिलाओं का जीवन आलस्य से भरा होता हैं उनको भी यह रोग हो जाता हैं. मासिक धर्म के अनियमित समय पर होने के कारण भी यह रोग हो सकता हैं. कई लडकियों की जल्दी शादी हो जाती हैं जिसके कारण ही उन्हें जल्दी गर्भ धारण करना पड़ता हैं. उनको भी यह रोग हो जाता हैं. बार – बार गर्भ धारण करने के कारण भी यह रोग हो सकता हैं. इन सब के आलावा योनी के भीतरी भाग में किसी प्रकार की फुंसी, फोड़े या रसूली के होने के कारण भी यह रोग हो जाता हैं.



श्वेत प्रदर रोग के लक्षण

श्वेत प्रदर के रोग के होने पर महिलाओं के योनी मार्ग से गाढ़ा सफेद पानी निकलता हैं. यह पानी मटमैला, चिपचिपा, हल्का लाल और बदबूदार होता हैं. यह यह श्वेत प्रदर के रोग का गम्भीर रूप का लक्षण होता हैं. इन लक्षणों के आलावा इस रोग के गम्भीर रूप धारण करने पर महिला के हाथ – पैरों में, पिंडलियों में, घुटनों में और पैर की हड्डियों में बहुत दर्द होता हैं. इस रोग के होने पर हाथ – पैरों में जलन होती हैं. स्मरण शक्ति कम हो जाती हैं. शरीर में कमजोरी आ जाती हैं. चेहरा पीला पड जाता हैं. पेट में भारीपन महसूस होता हैं. इस रोग के होने पर शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती हैं तथा भूख भी कम लगती हैं. इस रोग के होने पर योनी में खुजली, जलन, योनिशूल, योनिगंध की समस्या उत्पन्न हो जाती हैं. इस रोग के होने पर योनी द्वार में जख्म भी हो जाता हैं.



श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए उपचार

श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए अक्सर महिलाए शर्म के कारण डॉक्टर के पास जाना पसंद नहीं करती. इस स्थिति में महिलायों के लिए घरेलू उपाय बहुत ही फायदेमंद होते हैं. जिनका उपयोग वो घर में बैठे – बैठे आसानी से कर सकती हैं. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप निम्नलिखित उपायों को अपना सकते हैं - 



1. श्वेत प्रदर के रोग से मुक्ति पाने के लिए आप फालसे के शर्बत का सेवन कर सकते हैं. फालसे के शर्बत का सेवन करने से जल्दी ही श्वेत प्रदर के रोग से राहत मिलती हैं.



2. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप केलों का सेवन भी कर सकते हैं. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए 3 केलों का सेवन रोजाना करें. आपको इस रोग से जल्द ही मुक्ति मिलेगी.



3. श्वेत प्रदर के रोग को दूर करने के लिए आंवले का चुर्ण बहुत ही उपयोगी होता हैं. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए 5 या 6 ग्राम आंवले का चुर्ण लें और थोडा शहद लें. अब इन दोनों को अच्छी तरह से मिला लें और इसका सेवन करें. श्वेद प्रदर के रोग से राहत मिलेगी.



4. टमाटर का प्रयोग करके भी श्वेत प्रदर के रोग को दूर किया जा सकता हैं. श्वेत प्रदर के रोग से छुटकारा पाने के लिए टमाटर का उपयोग रोजाना करना चाहिए. 



5. गूलर के फूल का इस्तेमाल करने से भी श्वेत प्रदर का रोग ठीक हो जाता हैं. श्वेत प्रदर के रोग से छुटकारा पाने के लिए गूलर के फूल लें और उसे अच्छी तरह पीस लें. अब इसमें मिश्री और शहद मिला लें. फिर इस मिश्रण का सेवन करें. 4 या 5 बार गूलर के फूल से बने मिश्रण का सेवन करने से आपको इस रोग से राहत मिलेगी.



6. सफेद मूसली का चुर्ण और ईसबगोल का सेवन करके भी श्वेत प्रदर के रोग से निजात पाई जा सकती हैं. श्वेत प्रदर के रोग से मुक्ति पाने के लिए मूसली का चुर्ण लें और ईसबगोल लें. अब इन दोनों का सेवन एक साथ करें. ईसबगोल और मूसली के चुर्ण का सेवन करने से यह रोग जल्दी ही ठीक हगो जायेगा. 



7. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप आंवला और जौ के आटे का भी उपयोग कर सकते हैं. श्वेत प्रदर के रोग को दूर करने के लिए 2 या 3 आंवले लें और उन्हें खूब अच्छी तरह से पीस लें. अब जौ का आटा लें और उसमे पिसा हुआ आंवला डालकर मिला लें. अब इस आटे की रोटी बनाए और खाए. एक या डेढ़ महीने तक लगातार इस आटे की रोटी को खाने से श्वेत प्रदर के रोग से छुटकारा मिल जाता हैं.



8. केवल भिंडी का सेवन करने से भी श्वेत प्रदर का रोग ठीक हो जाता हैं. इस रोग को ठीक करने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट कच्ची भिंडी का सेवन करें. आपको इस रोग से आराम मिलेगा.



9. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप कुछ चीजों का प्रयोग करके चुर्ण बना कर उसका सेवन कर सकते हैं. श्वेत प्रदर के रोग में आराम पाने के लिए 20 ग्राम मुलैठी लें. 10 ग्राम जीरा लें. 40 ग्राम अशोक के पेड़ की छाल लें. अब इन सभी चीजों मिलाकर महीन चुर्ण पीस लें. पिसने के बाद इस चुर्ण का सेवन दिन में 4 या 5 बार करें. आपको इस रोग से जल्दी ही छुटकारा मिलेगा.



10. श्वेत प्रदर के रोग में आराम पाने के लिए आप कच्चे केले और गुड़ का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस रोग को ठीक करने के लिए 5 या 6 कच्चे केले लें और उन्हें सुखा लें. फिर इन सूखे केलों को पीसकर इसका चुर्ण तैयार कर लें. अब चुर्ण की समान मात्रा में गुड़ लें और उसे चुर्ण में मिला दें. फिर इस चुर्ण का सेवन करें. चुर्ण का सेवन करने से श्वेत प्रदर के रोग ठीक हो जायेगा.



11. श्वेत प्रदर के रोग को ठीक करने के लिए आप एक और चुर्ण बना सकते हैं. इसके लिए सिंघाड़ा लें. गोखरू लें. बबूल की गोंद लें. बड़ी इलायची लें. थोड़ी चीनी और सेमल की गोंद लें. अब इन सब को मिलकर पीसकर बारीक़ चुर्ण तैयार कर लें. फिर इस चुर्ण का सेवन करें. श्वेत प्रदर के रोग से राहत मिलेगी. 
श्वेत प्रदर रोग के कारण लक्षण और घरेलू उपचार

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