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रागी एक, फ़ायदे अनेक

रागी एक, फ़ायदे अनेक
आजकल हर इंसान किसी न किसी बीमारी से परेशान है. किसी को हाईब्लड प्रेशर है तो किसी को कब्ज़. कोई डायबिटीज़ से डर रहा है तो किसी का इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो रहा है. ऐसे में सिर्फ़ कुछ लाल-भूरे दाने कमाल कर सकते हैं. ये दाने हैं, अनाज रागी के. एक्स्पर्ट भी मानते हैं कि रागी से ढेरों बीमारियों का इलाज संभव है. क्या-क्या हैं इसके फ़ायदे, बता रही है फ़ेमिना. 
वज़न कम करना है, कब्ज़ की भी दिक़्क़त है, डायबिटीज़ भी दस्तक दे रहा है, दिल की भी चिंता है, कैल्शियम की कमी भी है-तो इन सबका सस्ता और बेहतरीन इलाज रागी है. एक ऐसा मोटा अनाज, जो अपने छोटे-छोटे दानों में ढेरों बीमारियों का इलाज समेटे है. बहुत आसान तरीक़े से रागी का सेवन किया जा सकता है. ये आपके खाने को इस कदर पौष्टिक बना देता है कि आप सोच भी नहीं सकतीं. इसको ऐसे समझ सकते हैं कि 100 ग्राम रागी में पूरे 344 मिलीग्राम कैल्शियम होता है. यह ग्लूटन फ्री भी है. इसका सेवन ग्लूटन एलर्जी वाले भी कर सकते हैं.
बॉडी होगी रिलैक्स
रागी को नियमित खानपान में शामिल करना बॉडी रिलैक्सेशन के लिए भी फ़ायदेमंद है. दरअस्ल, इसमें मौजूद तत्वों के चलते यह अवसाद से निकलने में मदद करती है तो ग़ुस्से और इन्सोम्निया से भी राहत दिलाती है. इन्सोम्निया नींद न आने की बीमारी होती है. रागी से यह सारे फ़ायदे इसमें मौजूद ऐंटीऑक्सिडेंट्स की वजह से होते हैं. ख़ासतौर पर ट्रिप्टोफ़ैन और अमीनो एसिड नाम के ऐंटीऑक्सिडेंट्स रागी को बेहद स्पेशल अनाज बना देते हैं.

त्वचा भी चमकाए
रागी के छोटे-छोटे दाने त्वचा पर बड़ा असर करते हैं. रागी का सेवन त्वचा को जवां और चमकदार बना देता है. इसमें मौजूद मिथायोनिन और लाइसिन त्वचा की कसावट को बनाए रखने और झुर्रियों को रोकने में मदद करते हैं.

पाचन होगा आसान
रागी पेट का भी भरपूर ख़्याल रखता है. रागी को आहार का हिस्सा बनाने से ये पाचनतंत्र को ठीक रखता है. दरअस्ल रागी में मौजूद ऐल्कलाइन तत्व खाने को जल्दी पचाने में मदद करता है. बहुत ही मानी हुई बात है कि पेट ख़राब होना, कई और दिक़्क़तों की वजह भी बनता है. ऐसे में रागी का सेवन कई बीमारियों का एक साथ इलाज करेगा.

हड्डियों का रखेगा ख़्याल
आजकल सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली समस्याओं में से एक है हड्डियों से जुड़ी बीमारी. पर रागी के पास इसका भी इलाज है. रागी में पाया जाने वाला फ़ास्फ़ोरस हड्डियों के विकास में सहायक होता है.

नुक़सान भी हैं
रागी का ज़रूरत से ज़्यादा सेवन नुक़सानदायक होता है. ज़्यादा सेवन से शरीर में आक्ज़ैलिक एसिड बढ़ता है. इसके अलावा यह गुर्दे की पथरी वालों को भी नहीं दिया जाना चाहिए.

रखें ध्यान
रागी के छिलकों को हटा कर ही सेवन करना चाहिए, क्योंकि इसके छिलके पचाने में दिक़्क़त होती है. इसके लिए रागी को पहले अच्छे से धो लें और उसकी परत यानी छिलके हटा दें.
(कानपुर यूनिवर्सिटी के इंस्टिट्यूट ऑफ़ हेल्थ साइंसेस में असिस्टेंट प्रोफ़ेसर डॉ भारती दीक्षित से बातचीत पर आधारित) 



कब्ज़, सर्दी और लूज़ मोशन में किन चीज़ों से करें परहेज़
कब्ज़, सर्दी-खांसी, लूज़ मोशन आदि आम तक़लीफ़ें हैं. इन दौरान खानपान का ख़ास ध्यान रखना होता है, क्योंकि इससे आपको रिकवरी में मदद मिलती है. आइए जानते हैं, क्या होने पर क्या छोड़ने से आप जल्दी ठीक हो सकते हैं.


जब: कब्ज़ करे परेशान
तब: चॉकलेट से कर लें तौबा 
इसका सबसे पहला कारण यह है कि चॉकलेट में शक्कर और कैफ़ीन की मात्रा काफ़ी अधिक होती है. जहां शक्कर को प्रोसेस करना आसान नहीं होता, वहीं कैफ़ीन के चलते डीहाइड्रेशन हो जाता है. डीहाइड्रेशन यानी जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है तब मल सख़्त हो जाता है. इसके अलावा चॉकलेट बनाने के लिए दूध का इस्तेमाल भी किया जाता है, जो कब्ज़ को बढ़ा सकता है. वैसे भी डेयरी प्रॉडक्ट्स, लैक्टोज़ की मौजूदगी के कारण कब्ज़ बढ़ा देते हैं. अत: यदि आप कब्ज़ की समस्या का सामना कर रहे हों तो दूध की मौजूदगी वाले चॉकलेट को दूर से ही सलाम करने में भलाई है.
तो क्या खाएं?: कब्ज़ से राहत पाने के लिए ढेर सारे तरल पदार्थों को पेट में जाने दें. बीन्स, दालें, साबुत अनाज और फ़ाइबर से भरपूर चीज़ें खाकर भी आप कब्ज़ से जल्द निपट सकते हैं.
जब: पेट ख़राब हो जाए
तब: खट्टे फल न खाएं
खट्टेर यानी सिट्रस फल हमारी सेहत के सबसे अच्छे दोस्तों में गिने जाते हैं, पर जब आपके पेट में उथल-पुथल मची हो यानी पेट ख़राब हो तो विटामिन सी से भरे यही दोस्त हमारे दुश्मन बन सकते हैं. कारण यह कि खट्टेे फलों में एसिड की मात्रा काफ़ी अधिक होती है, वे पेट में हलचल मचा सकते हैं. खट्टे फलों के साथ-साथ टमाटर आदि भी न खाएं, क्योंकि वो भी एसिडिक होता है.
तो क्या खाएं?: केला, पपीता, दही, चावल, ओट्स और सौंफ आदि से अपसेट स्टमक यानी ख़राब पेट को दुरुस्त करने में मदद मिलती है. 
जब: सर्दी से हों हैरान
तब: मीठे ड्रिंक्स से बनाएं सुरक्षित दूरी
जब हमें सर्दी होती है तो ऐसा लगता है कि शरीर से पूरी ऊर्जा निचुड़ चुकी है. ऐसे में हम शुगरी ड्रिंक्स लेते हैं. अपनी इस इच्छा के आगे हथियार डालने का मतलब है, अपने इम्यूनिटी सिस्टम को और कमज़ोर बनाने की दिशा में क़दम उठाना. दरअस्ल, मीठे ड्रिंक्स के चलते वाइट ब्लड सेल्स वायरस से लड़ पाने में ख़ुद को सक्षम नहीं पाते.
तो क्या खाएं?: आप फल और सब्ज़ियां खा सकते हैं, इनसे आपको पर्याप्त पोषण मिलता है और आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यूनिटी भी स्ट्रॉन्ग होती है. ख़ुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए हॉट ड्रिंक्स या गर्म पानी पिएं. आप सूप पिएं. वैसे भी सर्दी होने पर चिकन सूप पीने की सलाह आज की नहीं है.

जब: कफ़ सताए
तब: दूध को कहें बाय-बाय 
वैसे तो दूध कफ़ पैदा करने के कारकों में नहीं है, पर कफ़ होने पर इससे बचकर ही रहा जाए तो बेहतर होगा. दरअस्ल, दूध ख़ुद म्यूकस (बलगम) नहीं पैदा करता, पर पहले से मौजूद बलगम यानी कफ़ को गाढ़ा करने में मददगार होता है. यह समस्या को बढ़ाकर आपको परेशान कर सकता है. 
तो क्या खाएं?: कफ़ वाली स्थिति में पानी पीना काफ़ी फ़ायदेमंद साबित हो सकता है. पानी से म्यूकस पतला हो जाता है और आसानी से बाहर निकल जाता है. रही खाने की बात तो आप खट्टेद फल खा सकते हैं, क्योंकि उनमें ऐंटी-इन्फ़्लैमेट्री गुण होते हैं, जो आपको राहत पहुंचाते हैं. 
जब: जब दस्त से हाल हो बेहाल
तब: प्याज़ से बनाएं दूरी
प्याज़, बीन्स, पत्तागोभी और ब्रोकलि जैसी सब्ज़ियों से पेट में गैस हो जाती है. पेट फूल जाता है और दस्त की समस्या और गंभीर हो जाती है. इसके अलावा दूध, चीज़ और बटर जैसे डेयरी प्रॉडक्ट्स से बचना चाहिए. इनमें लैक्टोज़ होता है, जो मामले को और बिगाड़ सकता है. हां, फ़ाइबर की अधिकतावाली चीज़ें भी न खाएं. 
तो क्या खाएं?: केला, दही, दही-चावल, टोस्ट, उबले आलू और ओटमील खाने से आपको आराम मिल सकता है. हां, दस्त के दौरान इस बात का ख़ास ध्यान रखें कि शरीर में पानी की कमी न होने पाए. बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें.



सेहतमंद बालों के लिए सही खानपान

‘आप जैसा खाते हैं, वैसा बनते हैं’ यह कहावत अनेकों बार, कई लोगों द्वारा कही गई है, और जो लोग इसका पालन करते हैं उन्हें पता है कि वाक़ई यह चमत्कारी कथन है. यह कथन स्वस्थ, मज़बूत और चमकीले बालों के लिए भी उतना ही सटीक है, जितना ओवरऑल हेल्थ के लिहाज़ से सही माना जाता है. यदि आप शानदार और सेहतमंद बाल पाना चाहते हैं तो आइए जानें, आपको अपने खानपान में क्या बदलाव करने पड़ेंगे.

हरी सब्ज़ियों से तुरंत कर लें दोस्ती
यदि अब तक आप हरी सब्ज़ियों को दूर से ही सलाम-नमस्ते करते रहे हैं तो अपनी इस सोच को बदल दें, कम से कम बालों की ख़ातिर. हरी सब्ज़ियों का सेवन करने से आपके बालों की वृद्धि में ही मदद नहीं मिलती, बल्कि इसके और भी कई फ़ायदे हैं. चूंकि हरी सब्ज़ियां आयरन से भरपूर होती हैं इसलिए वे आपके बालों को टूटने की समस्या से छुटकारा दिलाने में काफ़ी कारगर होती हैं. रही बात उनके सेहत से जुड़े दूसरे फ़ायदों की तो उनके बारे में हमें बचपन से ही बताया जाता रहा है, जैसे-त्वचा को बेहतर और हड्डियों को मज़बूत बनाना. बाक़ी फ़ायदे फिर कभी. 
अंडे को शामिल करें अपनी डायट में
‘संडे हो या मंडे, रोज़ खाओ अंडे’ यह स्लोगन सुनकर हमारी पीढ़ी बड़ी हुई है. हरी सब्ज़ियों की तरह अंडे भी हमारी सेहत के साथ-साथ बालों के लिए भी बेमिसाल होते हैं. अंडे में प्रोटीन और विटामिन बी१२ की प्रचुर मात्रा होती है. इसके अलावा कॉपर और आयरन जैसे मिनरल्स भी इसमें भरपूर होते हैं. साथ ही अंडे में बालों की ग्रोथ के लिए ज़रूरी तीन मिनरल्स ज़िंक, सल्फ़र और सेलेनियम की ख़ासी मात्रा होती है. यानी अब अपने दिन की शुरुआत ऑमलेट या अंडे की भुर्जी के साथ करने को आप न केवल स्वादिष्ट बल्कि सेहतमंद विकल्प भी कह सकते हैं. 
सीफ़ूड की तो बात ही निराली है!
सीफ़ूड पसंद करनेवालों को यह तथ्य पसंद आएगा. आपको यह जानकर बहुत ख़ुशी होगी कि फ़िश और प्रॉन जैसे आपके पसंदीदा सीफ़ूड आपके बालों के लिए वरदान की तरह हैं. मछली में ओमेगा-3 फ़ैटी एसिड की अच्छी मात्रा होती है, जिससे बाल मज़बूत, मुलायम और ‌रेशमी बनते हैं. वहीं श्रिम्प और प्रॉन में विटा‌मिन बी१२ और ज़िंक होते हैं, जो बालों को शानदार बनाते हैं. उम्मीद है आपको सीफ़ूड खाने का एक और ज़ायकेदार कारण बताने में हम सफल रहे हैं.
शाकाहारी निराश न हों आपके लिए भी है बहुत कुछ
यदि आप शाकाहारी हैं तो ऊपर के दो विकल्पों के बारे में पढ़कर आपका दिल बैठ गया होगा. दुखी मत होइए आपके खानपान में भी ऐसी कई सारी चीज़ें हैं, जो आपके बालों का ख़्याल रखने में सक्षम हैं. आप प्रून (आलूबुखारा) और बीटरूट को अपनी डायट में शामिल करें. इनके नियमित सेवन से बालों का झड़ना काफ़ी हद तक कम हो जाता है. वहीं बालों के लिए आवश्यक प्रोटीन की पूर्ति बीन्स और दालों से हो जाती है. बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए डॉक्टर्स बेरीज़ खाने की भी सलाह देते हैं. कारण: बेरीज़ में विटामिन सी की अधिछकता होती है और विटामिन सी बालों की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी है. विटामिन सी से शरीर को आयरन के अवशोषण में मदद मिलती है. इनमे कोलैजन के प्रोडक्शन में भी वृद्धि होती है, जो घने-मज़बूत बालों के लिए काफ़ी अहम् है.
सबसे सिम्पल, सबसे प्रभावी: ख़ूब पिएं पानी
बालों की सेहत का सबसे प्रभावी टॉनिक है पानी. पानी हमारी ही नहीं, बालों की ज़िंदगानी के लिए भी वरदान है. जब आप पर्याप्त मात्रा में पानी पीते हैं तब हमारा स्कैल्प हाइड्रेटेड रहता है और बालों की वृद्धि होती है. पानी बालों के साथ-साथ त्वचा को भी अच्छी सेहत देता है. उम्मीद है कि आप यह सीधा-सा संदेश समझ ही गए होंगे कि यदि घने, लहराते बाल पाना है तो पानी से यारी निभाना है.
नोट: हर किसी के बाल और स्कैल्प में अंतर होता है. यहां बताई गई डायट आम सलाह है. अपने बालों के प्रकार के अनुसार सही डायट के लिए अपने डायटीशियन या हेयर एक्स्पर्ट से सलाह लें.

* डॉ विनोद सोनावणे, एमडी-हेयर ट्रान्स्प्लान्ट सर्जन, मैनेजिंग डायरेक्टर, ब्लूम हेयर ट्रान्स्प्लान्ट के इनपुट्स पर आधारित


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