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बचना है लिवर कैंसर के खतरे से


बचना है लिवर कैंसर के खतरे से तो करे पपीते के पत्तो का सेवन




पपीता एक स्वादिष्ट फल है और इसमें कई सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसमें विटामिन ए और सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. पपीता स्वास्थ्य के लिए तो फायदेमंद साबित होता ही है लेकिन क्या आपने कभी इसके पत्तों का जूस पिया है. यह पीने में थोड़ा कड़वा जरूर लगता है लेकिन इसके फायदे किसी चमत्कार से कम नहीं.


इसके पत्तों का जूस पीने से आप अपनी कई बड़ी बीमारियों से छुटकारा पा सकते है.


1-पपीते के पत्तों में कैंसर को रोकने वाले तत्व मौजूद होते हैं. यह इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है और ब्रेस्ट, लीवर, फेफड़ो के कैंसर को रोकने में मदद करता है.


2-पपीते के पत्ते मलेरिया और डेंगू से लड़ने में काफी मददगार साबित होते है. इसकी पत्तियों का रस मलेरिया को बढ़ने से रोकता है.


3-पीरियड्स के दर्द से अगर आपको परेशानी हो रही है तो ऐसे में पपीते की पत्ती को इमली, नमक और 1 ग्लास पानी के साथ मिलाकर काढ़ा बनाए और इसे ठंडा करके पिए. ऐसा करने पर काफी हद तक आराम मिलता है.

4-अगर आप पिंपल्स की प्रॉब्लम से परेशान है तो ऐसे में पपीते की सुखी पत्तियों को लेकर पानी के साथ पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें और सुख जाने के बाद गुनगुने पानी से धो लें. ऐसा करने से कुछ ही दिनों में पिंपल्स दूर हो जाएंगे.


5-रोजाना अगर दो चम्मच लगभग तीन महीने तक इसके जूस का सेवन किया जाए तो यह खून की कमी को पूरा करने मेें मददगार साबित होता है


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: मैग्नीशियम की कमी से हो सकता है दिल की बीमारी का खतरामैग्नीशियम की कमी से हो सकता है दिल की बीमारी का खतरा




मैग्नीशियम एक एेसा तत्व है जो शरीर में पर्याप्त मात्रा में होना बहुत जरूरी होता है. शरीर का आधे से ज्यादा मैग्नीशियम हमारी हड्डियों में पाया जाता है और यदि यही कम हो जाए तो हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और शरीर आस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी का शिकार हो जाता है. इसके अलावा मैग्नीशियम की कमी से शारीरिक और मानसिक समस्याएं शुरू हो जाती हैं जैसे याद्दाश्त का कम हो जाना, नाखूनों पर सफेद धब्बे पढ़ना ,शरीर का अधिक थकान महसूस करना आदि.


य़दि हमारे शरीर में कोई अंदरूनी समस्या होती है तो अपने आप ही नाखूनों और त्वचा के बदलते रंगो से पता लगने लग जाता है. 


1-मैग्नीशियम रक्तचाप को कंट्रोल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. शरीर में मैग्नीशियम की कमी हो जाएं तो डायबिटीज होने की संभावना भी अधिक होती है. इसलिए यदि मधुमेह और हाइपरटेंशन जैसी खतरनाक बीमारीयों से बचना है तो मैग्नीशियम का शरीर में सही मात्रा में होना अति आवश्यक है.

2-गर्भवती महिला के लिए मैग्नीशियम बहुत जरूरी है. गर्भवती महिला के शरीर में पल रहे बच्चे को प्रतिदिन 350-400 मिलीग्राम मैग्नीशियम की जरूरत होती है. यदि गर्भावस्था के दौरान मैग्नीशियम की कमी हो जाये तो बच्चे के विकास में बाधा हो सकती है.


3-मैग्नीशियम की पर्याप्त मात्रा न लेने से सिरदर्द, अनिद्रा, तनाव आदि की शिकायत हो सकती है. इसलिये तनाव और अवसाद से बचने के लिए मैग्नीशियम का भरपूर मात्रा में सेवन कीजिए.


4-शरीर में मैग्नीशियम की मात्रा न सही होने पर त्वचा को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है. इसकी कमी से घाव देरी से भरते है. त्वचा पर काले दाग- धब्बे, चकत्ते जैसी समस्याएं हो जाती है.


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: एनर्जी के लिए रोज पिए गर्मा गर्म दूध


हम लोग बचपन से ही सुनते आ रहे है कि दूध पीना सही स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है. दूध पीने से ताकत मिलती है. इन बातों को तो सब जानते है लेकिन बहुत ही कम लोग है, जिनको इस बात की जानकारी होती है कि ठंडा दूध पीना सेहत के लिए फायदेमंद है या गर्म. 


आपकी जानकारी के लिए बता दे कि गर्म दूध पीने से सेहत को ज्यादा लाभ मिलता है. आइए जानते है कैसे?


1-दांतों और हड्डियों को कैल्शियम की जरूरत होती है. इसलिए हर रोज गर्म दूध पीने से हमारे दांत और हड्डियां मजबूत बनते हैं. 


2-दूध में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन उपलब्ध होता है. इसलिए दिन की शुरुआत एक गिलास गर्म दूध से करने से शरीर दिनभर ऊर्जावान बना रहता है. साथ ही मांसपेशियों का विकास होता है. 


3-कब्ज की समस्या होने पर गर्म दूध पीना आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है. ये चीजों को पचाने में भी सहायता करता है. 


4-काम करने के दौरान बहुत जल्दी थकावट महसूस होने लगती है तो ऐसे में गर्म दूध पीना शुरू कर देना चाहिए. 


5-दूध पीने से शरीर हाइड्रेटेड होता है. इसलिए वर्कआउट खत्म करने के बाद दूध पीएं. शरीर को पोषण मिलता है. 


6-अगर आप रात को अनिंद्रा की समस्या से परेशान है तो सोने से पहले हल्का गर्म दूध पीने से नींद अच्छी और भरपूर आती है. 


पेट्रोलियम जेली के भी हो सकते है साइड इफेक्ट्स 
: जोड़ो के दर्द से परेशान है तो करे मूली के पत्ते का सेवनजोड़ो के दर्द से परेशान है तो करे मूली के पत्ते का सेवन


सर्दी के मौसम में ज्यादातर मूली का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अक्सर हम लोग मूली तो खा लेते है पर उसके पत्तों को फैंक देते हैं. आपको बता दे कि मूली से ज्यादा फायदेमंद इसके पत्ते होते हैं. इनमें कई पोष्टिक तत्व मौजूद होते है जो हमे कई तरह की परेशनियों से बचाये रखते है.


आइए आपको बताते हैं मूली के पत्तों के फायदे जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी हैं. 


1-मूली के पत्तों में एंथोसाइनिन मौजूद होता है जो कैंसर के मरीजों के लिए बहुत ही लाभकारी सिद्ध होता है. 


2-मूली के पत्तों को खाने से शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ दूर होते हैं और त्वचा में निखार आता है. 


3-मूली के पत्तों में फाइबर भरपूर होता है जो कब्ज दूर कर पाचन को दुरुस्त रहता है. 


4-डायबिटीज के रोगियों के लिए मूली के पत्ते बहुत ही फायदेमंद होते है क्योंकि मूली के पत्ते खाने से शरीर का ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है. 


5-मूली के पत्तों में आयरन और फास्फोरस जैसे तत्व काफी मात्रा में मौजूद होते है, जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ती है और कमजोरी दूर होती है. 


6-मूली के पत्तों में कैल्शियम की मात्रा काफी होती है जो जोड़ों के दर्द को दूर करने में मदद करते हैं. 


7-मूली के पत्तों में एंटी कंजेस्टिव गुण होते है, जिससे कफ की समस्या में फायदा होता है.


स्वस्थ रहना है तो करे लहसुन हल्दी और लौंग का सेवन 



: छींक रोकने से भी हो सकता है मौत का खतरा




छींक आना स्वस्थ्य जीवन के लिए बहुत जरूरी होता है. कई लोग छींक रोक लेते हैं क्योंकि उन्हें पब्लिक प्लेस पर छींकना अच्छा नहीं लगता. छींक रोकना सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है. दरअसल, छींक हमारी जिंदगी और मौत से जुड़ी होती है, छींक इतनी तेज आती है कि इससे हमारी जान जाने का भी डर होता है. इसलिए छींक आने पर हमारे आस पास के लोग अक्सर हमें ‘गॉड ब्लेस यू’ कहते हैं.


विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप छींक रोकते हैं तो इससे शरीर के दूसरे हिस्सों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है. छींक रोकने पर इसका दबाव नाक और गले की कोशिकाओं पर पड़ता है, जिससे उन्हें नुकसान पहुंच सकता है. कई बार तो इसका असर दिमाग पर भी पड़ता है.


छींक रोकने से कानों पर असर पड़ता है, जिससे ईयर ड्रम्स भी फट सकते हैं. छींकने से शरीर में होने वाले खतरनाक कीटाणु बाहर निकलते है लेकिन अगर आप छींक रोकते हैं तो यह शरीर के अंदर ही रह जाते है. इसके अलावा छींक रोकने से आंखों पर भी गहरा असर पड़ता है. छींक रोकने से दिल का दौरा जैसी बड़ी समस्याओं का भी सामना करना पड़ सकता है. 


नारियल तेल से करे अपने हार्मोन्स को... 


थकान दूर करने के लिए करे गरम पानी का सेवनथकान दूर करने के लिए करे गरम पानी का सेवन





हमारा शरीर का ज्यादातर भाग पानी पर निर्भर है और यदि शरीर में पानी की कमी हो जाए तो शरीर बहुत ही बिमारियों का घर बन जाता है इसलिए हमें पानी की मात्रा को पूरा रखना चाहिए. इसी तरह अगर हम गुनगुना पानी पीतें है तो हमारे शरीर के विषैले तत्व बाहर निकल जाते है जिससे हमें बहुत फाय़दा होता है. गुनगुने पानी से हम घर पर ही कई बिमारियों का इलाज़ कर सकते है. बदलते मौसम में गुनगुना पानी सेहत के लिए रामबाण औषधि है.


आइए जानते है गुनगुना पानी पीने के फायदे-

1-हर वक्त थके-थके रहते हैं तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं. इससे शरीर में रक्त का संचालन बढ़ेगा और शरीर में स्फूर्ती आएगी.

2-सुबह-सुबह एक गिलास गुनगुना पानी पुरानी से पुरानी कब्ज को जड़ से खत्म कर देता है. 

3-स्किन पर रैशेज पड़ गए हैं तो रोज सुबह गुनगुना पानी आरंभ कर दें. इससे त्वचा मुलायम होगी और रैशेज में आराम मिलेगा.

4-मुंहासों और ब्लैकहैड्स से परेशान हैं तो रोज सुबह गुनगुना पानी पीएं. 


5-सर्दी,जुकाम में गुनगुना पानी रामबाण है. इसके होने पर सबसे पहले गुनगुना पानी पीना शुरू कर देना चाहिए. इससे गले की नसें खुलती है और खराश इत्यादि में आराम मिलता है.


6-अगर कई दिनों से भूख न लग रही हो तो गुनगुने पानी में काली मिर्च, नमक और नींबू डालकर शिकंजी बनाएं और रोज पीएं. इससे भूख खुल जाएगी.


7- रोज़ाना सुबह गुनगुना पानी नींबू के साथ लेने से शरीर पर जमी अतिरिक्त चर्बी खत्म हो जाती है.


8-हमेशा जवान दिखते रहने की चाहत रखने वाले लोगों के लिए गर्म पानी एक बेहतरीन औषधि का काम करता है.


सेहत के लिए फायदेमंद है अदरक वाली... 
रूम हीटर यूज़ करते वक़्त ध्यान रखे ये बातेरूम हीटर यूज़ करते वक़्त ध्यान रखे ये बाते



सर्दियों में हम अपने रुप को गर्म रखने के लिए हीटर या फिर ब्लोअर का इस्तेमाल करते है. जिससे कि आपका रुम बाहर के तापमान से ठीक रहें.आपको घर पर सर्दी न लगें साथ ही आप बीमार न पड़े. लेकिन हीटर लगाते समय हम कई ऐसी गलतियां कर देते है. जिससे हम अपनी सेहत के लिए जोखिम पैदा कर देते है. हीटर का इस्तेमाल करने के लिए साइड इफेक्ट भी है. जिसके कारण आपकी सेहत पर फर्क पड़ता है.


अगर आप भी हीटर का इस्तेमाल करते है, तो भूलकर भी ये गलतियां न करें. 

1-सर्दियों के मौसम आने से पहले हम हीटर को उठाकर रख देते है. लेकिन अब इलेक्ट्रिक हीटर यूज करने से पहले उसका कंडीशन के साथ-साथ उसे अच्छी तरह से साफ कर लें. जिससे आगे तक कर कोई प्राब्लम न हो.


2-कई लोगों की आदत होती है कि सर्दियों में कपड़े न सुख पाने के कारण रुम पर ही हीटर ऑन कर इसे सुखाने की कोशिश करते है. अगर आप भी ऐसे करते हो, तो भूलकर भी न करें. रूम का ज्यादा तापमान होने से आपकी सेहत पर भारी फर्क पड़ जाएगा.

3-अगर आप हीटर को बराबर अपने रुम में यूज करते है, तो रुम पर एक बाल्टी पानी भरकर रखें. जिससे कि आपकी स्किन रुखी, नाक या रेस्पिरेटरी सिस्टम से आपको कोई प्राब्लम न हो.


4-अगर आप कही बाहर जा रहे हो, तो हीटर बंद कर जाएं. इससे निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड जेनरेट होगी. जो कि आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है. इससे आपको सिरदर्द, पेट दर्द, सिर चकराने आदि की समस्या हो सकती है.


5-जब भी आप अपने रुप पर हीटर लगाएं, जो दरवाजे और खिड़कियां खोलकर रखें. जिससे कि ऑक्सीजन अंदर आ सकते है. अगर अपना रूम पैक कर रखा तो आपको सेहत संबंधी समस्या हो सकती है.


छींक रोकने से भी हो सकता है मौत का खतरा 

जाने कैसे डालता है शोर आपके दिमाग पर असरजाने कैसे डालता है शोर आपके दिमाग पर असर



हमारे आसपास का शोर हमारे लिए बहुत ही मायने रखता है. ये शोरगुल कभी-कभी अनचाहा बन जाता है. जिसके कारण आप चाहते हुए भी शांति से बैठ नहीं पाते है. आज का दौर ऐसा है कि चारों तरफ अधिक मात्रा में वाहन, फैक्ट्रियां आदि हो गई है. जिसके कारण किसी जगह पर शांति मिले. ये बहुत बड़ी बात है. एक शोध में ये बात सामने आई कि ज्यादा शोरगुल से आपके दिमाग में बहुत अधिक फर्क पड़ता है.


ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता से व्यक्तियों के दिमाग के कार्यो में परिवर्तन हो सकता है, क्योंकि यह ध्वनि प्रणाली से जुड़ा हुआ है. शोधकर्ताओं ने पाया हैं कि ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता श्रवण उद्दीपन के इनकोडिंग में परिवर्तन से जुड़े हुए हैं. यह आवाजों में अंतर करने का काम करते हैं.


व्यक्तियों में ध्वनि संवेदनशीलता श्रवण प्रणाली में आने वाली नए आवाजों पर कम प्रतिक्रिया देती है, खासकर तब जब नई आवाज बाकी से ज्यादा शोरगुल वाली हो.निष्कर्षो से पता चलता है कि वे लोग जो ज्यादा ध्वनि के प्रति संवेदनशील हैं उनमें अवांछित ध्वनियों से नकरात्मकताअनुभव करने की ज्यादा संभावना है. इसकी संवेदनशीलता का उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव देखा गया.


थकान दूर करने के लिए करे गरम पानी का सेवन 

: दिल को स्वस्थ रखने के लिए करे भांग के तेल का सेवनदिल को स्वस्थ रखने के लिए करे भांग के तेल का सेवन





भोजन में तेल और वसा का सही मात्रा में इस्तेमाल बढ़ती उम्र के असर को धीमा करने में एक अहम भूमिका निभा सकता है. उपयुक्त वसा शरीर को संतुष्टि के अहसास के साथ ही ऊर्जा भी देती है. इस तरह की वसा या तेल चर्बी को घटाने में मददगार हो सकते हैं.हर तरह के तेल आपकी सेहत के लिए किसी न किसी तरह फायदा पहुंचाते है. चाहे वो खाने से हो या फिर किसी और तरह इस्तेमाल करने की.


जानिए कौन से तेल आप की सेहत और सौंदर्य के लिए फायदेमद है.


1-बोरेज के बीज में सबसे ज्यादा लिनोलेनिक एसिड होता है. इसका एक्जिमा, सोरायसिस और संधिशोथ जैसी बीमारियों में बड़े पैमाने पर ज्वलनरोधक के रूप में इस्तेमाल किया गया है.


2-भांग का तेल या भांग के बीज ओमेगा फैटी एसिड 3, 6 और 9 का संतुलित मिश्रण है. शोध में बताया गया है कि इसका तेल दिल की सेहत बनाए रखता है और उसकी सही गतिविधियों को बढ़ावा देता है. इस तेल का बालों, त्वचा और नाखून पर सकारात्मक असर होता है. रोजाना भांग का तेल खाने व लगाने वालों के बाल चमकदार व मोटे और त्वचा मुलायम होती है.


3-पटसन या सन का तेल के तेल में ओमेगा 3 फैटी एसिड का जबर्दस्त सम्मिश्रण होता है. देखा गया है कि सही मात्रा में इसका सेवन दिल की सेहत सुधारने के साथ ही पेट के कैंसर की आशंका को कम करता है.


4-नासपाती का तेल त्वचा निखारने संबंधी खूबियों के लिए जाना जाता है. यह अपने आपमें नरिशिंग, मॉश्चराइजिंग और सुरक्षात्मक वसा के साथ ही विटामिन ई जैसे एंटीऑक्सीडेंट समेटे हुए है, जो त्वचा को मुलायम व कांतिपूर्ण बनाते हैं.


नेलपॉलिश से भी हो सकता है कैंसर का खतरा 

इन तरीको से सर्दियों में रखे अपने शरीर को गर्मइन तरीको से सर्दियों में रखे अपने शरीर को गर्म



सर्दी के मौसम में अगर आप ने जरा सा भी ध्यान नही दिया तो इससे आपके सेहत में फर्क पड़ जाता है. जिससे आपको सर्दी जुकाम जैसी आम समस्या आ जाती है. इस मौसम में आप ऊनी कपड़े पहनेते है जिससे कि आपका शरीर गर्म बना रहे. लेकिन ऐसा जरुरी तो नही कि इससे आपका शरीर अंदर से गर्म बना रहें.


आज हम ऐसे कुछ चीजों के बारें में बता रहे है.

1-प्याज के औषधि गुण के बारें में कौन नही जानता है. इसमें तो औषधि गुणों की भरमार है. इसमें ऐसे गुण पाए जाते है जो आपको कई स्वास्थ संबंधी परेशानियों से बचाता है. इतना ही नही अगर आप इसे सर्दियों में रोज अपनी डाइट इसे शामिल किया तो यह आपको ठंड से भी बचाता है. इसे खाने से भी आपके शरीर का ताप बढेगा. जिससे आपका शरीर गर्म रहेगा.


2-बहुत से लोगों की यह आदत होती है जैसे ही वह उठे सबसे पहले उन्हें पीने के चाय चाहिए. जिससे उनके शरीर में स्फूर्ति आए. सुबह-सुबह या किसी भी समय चाय पीने से अच्छा क्या हो सकता है.


3- हरी मिर्च में विटामिन सी, ई और फाइबर होने के साथ- साथ एंटीऑक्सीडेंट होता है जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाता है. इसे खाने से कैंसर जैसे रोगों से बचाव होता है. इसे खाने से हमारे शरीर में गर्मी उत्पन्न होती है. इसका तीखापन हमारे शरीर का तापमान बढाने का काम करता है. जिससे हमारा शरीर अंदर से गर्म रहता है. इसी कारण सर्दियों में यह ठंड से बचाती है. अगर इसका सेवन गर्मियों में किया जाए तो यह आपको लू से बचाता है. इसलिए मिर्च का सेवन जरुर करें.


दिल के मरीज है तो रोज खाये एक अंडा 

अस्थमा रोगियों के लिए फायदेमंद है भुना हुआ लहसुनअस्थमा रोगियों के लिए फायदेमंद है भुना हुआ लहसुन


आयुर्वेद में लहसुन के लिए कहा जाता है कि इसके सेवन से आप जवान बने रहेगे. साथ ही यह कई बीमारियों से जैसे कि बवासीर, कब्ज, कान का दर्द, ब्लड प्रेशर, भूख बढाने आदि में किया जाता है. लहसुन एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक एंटीबायोटिक की तरह काम करता है.

हाल में ही एक रिसर्च की गई जिसमें ये बात सामने आई कि अगर कोई व्यक्ति एक साथ 5-6 भुना हुआ लहसुन खाता है, तो सिर्फ एक दिन में उसे अपने शरीर में बदलाव नजर आने लगते है. इस रिसर्च में यह बात सामने आई कि लहसुन खाने के ठीक एक घंटे के बाद यह लहसुन पेट में पच जाता है और अपना पौष्टिक प्रभाव देना आरंभ करता है. इसके साथ एंटी ऑक्सीडेंट तत्वों को हमारी शरीर अपने भीतर सोखने लगता है.


भुने लहसुन के फायदे -


1-शरीर में खास प्रकार की एनर्जी आती है. जिसके आपके अंदर का आलस्य खत्म हो जाता है.


2-शरीर के अंदर उत्पन्न होने वाले कैंसर की कोशिकाएं जन्म लेती है. भुने हुए लहसुन खाने से वह खत्म हो जाती है.

3-रोजाना भुने हुए लहसुन का सेवन करने से हमारे शरीर का मेटाबॉलिज्म बढ़ जाता है. जिससे बहुत ही जल्दी आपका फैट बर्न हो जाता है.


4-भुने हुए लहसुन खाने के 6 घंटे के बाद हमारे रक्त में मौजूद संक्रमण को खत्म करने का काम करता है.भुने लहसुन खाने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है


5-लहसुन आपकी श्वसन तंत्र के लिए काफी फायदेमंद है. इसका सेवन करने से अस्थमा, निमोनिया, ज़ुकाम, ब्रोंकाइटिस, पुरानी सर्दी, फेफड़ों में जमाव और कफ आदि से निजात और बचाव होता है.


ग्रीन टी के सेवन से हो सकता है एसिडिटी का... 

हर्बल टी को दोबारा गर्म करना हो सकता है खतरनाकहर्बल टी को दोबारा गर्म करना हो सकता है खतरनाक


माना जाता है कि हर्बल टी पीने से वजन कम होने के साथ-साथ आप कई बीमारियों से बच जाते है.मोटापा जैसी बीमारियों से निजात पाने के लिए अगर आप हर्बल टी का इस्तेमाल करते है, तो यह आपके लिए अच्छी बात है. कई बार ऐसा होता है कि हर्बल टी बनाने में हम कई गलतियां कर देते है. जिसके कारण आपको स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.


अगर आप भी पीते है हर्बल टी, तो कभी न करें ये गलतियां.

1-कई लोग ये बात मानते और सोचते है कि बिना दूध के चाय बन ही नहीं सकती है. लेकिन अगर आप मोटापा घटाने के लिए हर्बल टी बना रहे है, तो दूध न मिलाएं. अगर आपने दूध मिला दिया तो यह ज्यादा इफेक्टिव नहीं होगा. इसके साथ दूध और तुलसी का इस्तेमाल एक साथ नहीं करना चाहिए क्योंकि इसके दुष्परिणाम भी हो सकते हैं.


2-हर्बल टी इसलिए नहीं है कि जब भी आपका दिल करे आप इसे पी लें. इसके सेवन का एक निश्चित समय होता है. जैसे तुलसी की चाय सुबह पीने से पाचन अच्छी तरह होता है. उसी तरह किसी भी हर्बल टी का उपयोग करने से पहले अच्छा होगा कि आप डॉक्टर की सलाह ले लें.


3-कई लोगों की आदत होती है कि काम के आगे चाय पीना भूल जाते है. जब याद आता है तो उसे दुबारा गर्म करने के लिए रख देते है. इससे आपको कई शारिरीक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए हमेशा ताजी चाय पिएं.


4-हर्बल टी को बनाते समय इस बात का ध्यान रखें कि ढक्कन बंद कर न बनाएं. हेमशा इसे खोल कर ही बनाएं. पैन खुला हो और पानी भाप बनकर उड़ रहा हो. आयुर्वेद के अनुसार माना जाता है कि हमारे सेहत के लिए काफी फायदेमंद हैं.


बचना है लिवर कैंसर के खतरे से तो करे पपीते के... 
सर्दियों में ड्राई आँखों की तकलीफ को न करे अनदेखासर्दियों में ड्राई आँखों की तकलीफ को न करे अनदेखा





सर्दियों के मौसम में मौसम में हमारी आंखे ड्राई हो जाती है. जिसके कारण आंख संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है.ड्राई आइज आांखों की एक समस्या है, जो समय के साथ अधिक से अधिक लोगों को अपनी गिरफ्त में लेती जा रही है. यह समस्या वैसे तो सामान्य है, लेकिन इसे नजरअंदाज करने पर यह आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है. इस बारे में हमें कुछ जानकारी हो, तो हम इससे अपनी आंखों को बचा सकते हैं.


जानिए क्या है ड्राई आइज और इससे बचने के उपाय.


लक्षण-

आंखों में खुजली,जलन,संवेदनशीलता,लाली,आंखों की नमी का अचानक कम हो जाना

कारन

1-आंखों से संबंधित समस्याओं के लिए अगर हम कहें की जाड़ा सबसे बुरा मौसम है, तो यह गलत नहीं होगा, क्योंकि इस दौरान वातावरण मे स्मॉग (फॉग और धुएं का मिश्रण) बहुत बढ़ जाता है, जिसकी वजह से आंखों की ड्राइ आइज जैसी समस्या भी बढ़ जाती हैं. 


2-कई बार ऐसा भी देखा गया है कि किसी भी प्रकार की आंखों की सर्जरी के बाद कुछ समय तक ड्राइ आइज की समस्या हो जाती है.


3-हेवी आई मेकअप से कई बार ऐसा होता है कि आखों के ऑयल ग्लैंड्स में ब्लॉकेज हो जाता है, जिसके कारण भी ड्राइ आइज की समस्या होती है .


उपाय


1-आंखों को जितना हो सके मोबाइल और लैपटॉप से दूर रखें.फौरन किसी अच्छे नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें तथा बिना उनकी सलाह के किसी भी प्रकार की दवा या फिर आइड्रॉप का प्रयोग ना करें.


2-आंखों को धुएं से बचाएं.


3-अधिक से अधिक पानी पिएं और विटामिन ए, सी, ई और ओमेगा फैटी ऐसिड युक्त खाद्य पदार्थो का सेवन करें.


4-बिना चिकित्सक की सलाह के कॉन्टैक्ट लेंस का उपयोग न करें.


मैग्नीशियम की कमी से हो सकता है दिल की... 


सर्दियों के मौसम में अपनाएं ये सेक्स टिप्स, लाइफ बन जाएगी मज़ेदारसर्दियों के मौसम में अपनाएं ये सेक्स टिप्स, लाइफ बन जाएगी मज़ेदार


सर्दियों के मौसम में सेक्स लाइफ दुसरे मौसमो के मुकाबले ज्यादा सक्रीय हो जाती है. इसी वजह से सर्दियों के मौसम को रोमांस का मौसम कहा जाता है. इसी सिलसिले में आज हम आपको सर्दियों के मौसम में अपनी सेक्स लाइफ को और ज्यादा रोमांटिक बनाने के कुछ टिप्स देने जा रहे है.


- सर्दियों के मौसम में ब्लैंकेट में अपने पार्टनर के साथ बिना कपड़ो के सोये. इससे आपके रोमांस में उत्साह और नयी उमग भर जाएगी.


- सर्दी के मौसम में आप वीमेन आन टॉप पोजीशन में सेक्स कर के अपने सेक्स को और भी रोमांटिक बना सकते है. महिलाओ को ये पोजीशन खासी पसंद होती है.


- सर्दियों के मौसम रात को सोने से पहले आग जलाकर अपने पार्टनर के साथ थोड़ी देर अलाव के पास बेथ कर रोमांटिक बातें करे. इससे आपके रिश्तो में गर्माहट आएगी.


- सर्दियों में रात को सोने से पहले अपने हाथो को गुनगुने पानी से धो कर अपने पार्टनर के नाजुक अंगो का स्पर्श करे. इससे वह काफी जल्दी उत्तेजित होकर आपकी बाँहों में आजायेगी.


इन 3 तरीकों से करें अपने पति को उत्तेजित 
इन 3 तरीकों से करें अपने पति को उत्तेजितइन 3 तरीकों से करें अपने पति को उत्तेजित

कई महिलाओ को सेक्स में काफी काम रूचि होती है. जिस वजह से उनकी सेक्स लाइफ बिगड़ती चली जाती है. अगर आप भी ऐसी ही कोई समस्या का सामना कर रही है तो आज हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताएंगे. जिनकी मदद से आप अपने पति को उत्तेजित कर अपनी सेक्स लाइफ में एक नयी जान फूंक सकती है.


होंठो से : महिलाओ के होंठ उनके शरीर का सबसे कामुक हिस्सा होता है. महिलाए अपने हुहतो की मदद से अपने पति को काफी उत्तेजित कर सकती है. इसके लिए अपने होंठो की मदद से अपने साथी के शरीर को चूमे आप चाहे तो लिपस्टिक का भी इस्तेमाल कर सकती है. ये आपके आनंद को बढ़ाने का काम करेगी.


बॉडी लैंग्‍वेज : महिलाओ की बॉडी लैंग्वेज एक ऐसा हथियार है जो कभी खाली नहीं जाता. अगर आप अपने पति को उत्तेजित करने के बारे में सोच रही है तो ये तरीका सबसे बेस्ट है. आप अपने पति के सामने जितनी कामुक आदि करेंगी, उतनी ही जल्दी वह आपकी तरफ आकर्षित होंगे. इसके अलावा सेक्स के दौरान भी सही बॉडी लैंग्वेज से सेक्स के मज़े को बढ़ाया जा सकता है. इसके लिए आप सेक्स के दौरान अपने साथी का पूरा सहयोग करे.


अंगो का प्रदर्शन : ये सदियों से इस्तेमाल किया जाने वाला तारिक है. पुरुष महिलाओ के गुप्तांगो को अंतर्वस्त्र में देख कर काफी जल्दी उत्तेजित होते है. इसके लिए आप सेक्सी लिंगेरी का भी इस्तेमाल कर सकती है. इस दौरान इस्तेमाल किये जाने वाले अंतरवस्त्रो के रंगों का चयन आपके पति की पसंद के हिसाब से करे.


इन चीजों की मदद से हस्तमैथुन करती है महिलाए

सावधान ! अधिक साइकिलिंग करने से आप हो सकते है नपुंसक 

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