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स्वस्थ रहने के सूत्र


प्राकृतिक रूप से सेल्युलाइट कम करने के 8 टिप्स
1.फैट नहीं है सेल्युलाइट

स्वस्थ रहने के सूत्र
एक स्वस्थ जीवन शैली का चयन करना एक लंबी, अधिक पूरा जीवन हो सकता है। आपके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार से आप के आसपास हर किसी पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। स्वस्थ रहने के विचार से भयभीत होने की जरूरत नहीं है. कुछ छोटे परिवर्तन करने से आपको बड़े परिणाम देखने को मिल सकते है। 
1.प्रतिदिन वॉक करें। अगर हो सके तो फुटबॉल खेलें यह एक प्रकार का एक्सरसाइज ही है।
2.ऑफिस में या कहीं भी जाएं तो लिफ्ट के बदले सीढिय़ों का इस्तेमाल करें।
3.अपने कुत्ते को वॉक पर खुद लेकर जाएं। बच्चों के साथ खेलें, लॉन में नंगे पांव चलें, घर के आसपास पेड़ पौधे लगाऐं, यानि कि वो सब करें जिनसे आप खुद को एक्टिव रख सकें।
ऐसी जगह एक्सरसाइज न करें जहां भीड़भाड़ ज्यादा हो।
4.तले-भुने भोजन, और अन्य फैटी चीजों से परहेज करें यह बहुत से बीमारियों की जड़ होती है।
5.डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करें। जैसे कि चीज, कॉटेज चीज, दूध और क्रीम का लो फैट प्रोडक्ट आदि।
6.यदि खाना ही है तो, मक्खन ,फैट फ्री चीज और मोयोनीज का लो फैट उत्पाद प्रयोग में लाऐं।
7.तनाव हमारी जिंदगी में काफी निगेटिव असर डालता है। विशेषज्ञों के अनुसार तनाव कम करने के लिए सकारात्मक विचार बहुत मददगार साबित हो सकते हैं।
8.तनाव कम करने के लिए रोज कम से कम आधा घंटा ऐसे काम करें, जिसे करने में आपको मन लगता हो।
9.तनाव कम करने के लिए आप योग का भी सहारा ले सकते हैं।
गुस्सा तनाव बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है इसलिए गुस्सा आने पर स्वंय को शांत करने के लिए एक से दस तक गिनती गिनें।
10.उन लोगों से दूर रहने की कोशिश करें जो आपके तनाव को बढ़ाते हों।
11.धूम्रपान से परहेज करें। धूम्रपान से शरीर और उम्र पर असर तो पड़ता ही है, साथ ही फेफड़ों का कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है।
धूम्रपान में कमी लाने के लिए उसकी तलब लगने पर सौंफ आदि का सेवन करें।
मार्केट में भी आजकल बहुत से प्रोडक्ट मिलने लगे हैं जो धूम्रपान की तलब को कम करते हैं।
12.सुबह-शाम ताजा भोजन करें।निश्चित समय पर भोजन करें।अनियमित भोजन से दूर रहें।पानी ज्यादा से ज्यादा पिएँ।
13.रात का भोजन सोने से तीन घंटे पहले अवश्य कर लें।खाना खाने के बाद 10 मिनट वज्रासन में अवश्य बैठें।
14.भोजन से पहले व तुरंत बाद पानी पीना हानिकारक है।गरिष्ठ, तले, मसालेदार, खटाईयुक्त भोजन से परहेज करें।
15.अंकुरित अन्न, सलाद, सूप का समावेश भोजन व नाश्ते में अवश्य करें।
केक, पेस्ट्री, आइसक्रीम, डिब्बाबंद भोज्य पदार्थों का सेवन कम से कम करें।
फैट का शरीर पर जमाव, जिससे त्‍वचा असमान हो जाती है, को सेल्‍युलाइट कहते हैं। सेल्युलाइट एक ढेलेदार तत्व होता है, जो थाईज, पेट और हिप्स में ही पाया जाता है। जब किन्हीं कारणों से सेल्युलाइट त्वचा के कनेक्टिव टिश्यूज के विपरीत जाने लगते हैं, तब त्वचा सिकुड़ने लगती है या गड्ढेदार दिखाई पड़ती है। ऐसे में ही त्वचा का टेक्चर खुरदुरा हो जाता है। यह समस्‍या महिलाओं को होती है, क्योंकि उनके शरीर में फैट सेल्स अधिक होते हैं। वजनी और दुबली-पतली दोनों ही महिलाओं के शरीर में सेल्युलाइट मौजूद होता है, लेकिन नोटिस सिर्फ वजनी महिलाओं के शरीर में होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि इसे कंट्रोल किया जा सकता है। आइए प्राकृतिक रूप से सेल्‍युलाइट को कम करने के उपायों के बारे में जानें।
2.नियमित एक्‍सरसाइज करें
नियमित रूप से एक्‍सरसाइज करने से फैट जलता है और सेल्‍युलाइट के उभार में कमी आती है। एक्‍सरसाइज से टिश्‍यु में ब्‍लड सर्कुलेशन में वृद्धि होती है। और एक्‍सरसाइज के दौरान पसीना आने से शरीर के विषाक्‍त पदार्थ बाहर निकल जाते हैं और सेप्‍टा लचीला होता है। इस समस्‍या को रोकने के लिए एरोबिक एक्‍सरसाइज एक अच्‍छा तरीका है, इसके लिए आप रानिंग, साइकिलिंग और वाकिंग करें। 
3.बॉडी ब्रशिंग

ड्राई ब्रशिंग के जरिए बॉडी पर जमा गंदगी व डेड सेल्स से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके अलावा यह सेल्युलाइट यानि वसा से भी निजात दिलाता है। सेल्युलाइट के कारण शरीर पर असामान्य उभार व स्ट्रेच मार्कस आ जाते हैं। जिसके चलते महिलाएं अपनी उम्र से बड़ी नजर आती है। इस समस्या में बॉडी ब्रशिंग तकनीक मददगार साबित हो सकती है। इससे त्वचा की रंगत और प्रकार को ठीक किया जा सकता है।

4.चीनी और फैट से बचने का प्रयास करें

अपने आहार में चीनी का प्रयोग कम से कम करें, क्योंकि चीनी से शरीर में इंसुलिन बनता है, जो फैट को स्टोर करने के साथ-साथ सेल्युलाइट बनाने का काम भी करती है। इसके अलावा सैचुरेटेड फैट का सेवन न करें, क्योंकि यह धमनियों को अवरुद्ध कर और टिश्यू में फंसकर टॉक्सिन को शरीर से बाहर निकलने में दिक्कत पैदा करता है। 
5.प्रोटीन

प्रोटीन युक्त भोज्य पदार्थ सेल्युलाइट की मात्रा को घटाते हैं। फलीदार सब्जियां, दालें, अंडा, कम बसा युक्त डेरी उत्पाद, जैसे दूध दही आदि प्रोटीन के अच्छे स्त्रोत होते हैं। इसके अलावा जेली फिश जैसी मछलियां भी प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होती हैं। इन्हें अपने भोजन में शामिल करके सेल्युलाइट के निर्माण को रोका जा सकता है।

6.कुछ घरेलू तरीके
आप कुछ घरेलू उपायों से भी सेल्युलाइट से छुटकारा पा सकते हैा जैसे नारियल तेल से नियमित रूप से शरीर की मसाज करें। बराबर मात्रा में रोजमेरी के तेल और बादाम के तेल को मिलाकर उसे प्रभावित स्थानों पर लगाएं। बॉथ-टब में गुनगुना पानी डालें और उसमें दो कप नमक डालकर पानी में 15 से 20 मिनट तक लेटें। इसके अलावा कॉफी के बीज का पाउडर बनाकर उसे अपने बॉडी लोशन में मिलाएं और त्वचा पर 5 मिनट तक इसे लगा रहने दें, फिर गुनगुने पानी से त्वचा धो लें। इस उपाय को हफ्ते में दो बार करें। 

7.फल और सब्जियां
सेल्युलाइट को रोकने वाले में मदद करने के लिए फल और सब्जियां सर्वश्रेष्ठ आहार होती हैं। ये वसा मुक्त होती हैं और प्रभावशाली तरीके से सेल्युलाइट के निर्माण को रोकती हैं। इसके अलावा फल और सब्जियां एंटी-ऑक्सीडेंट का भी एक बढ़िया स्त्रोत है, जो फ्री-रेडिकल और अन्य विषैले तत्वों को रोकने के लिए आवश्यक हैं। 
8.सेल्युलाइट को कम करें

सेल्युलाइट की समस्या केवल मोटापे से संबंधित नहीं होती है। सेल्युलाइट की समस्या दरअसल शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन के असंतुलन के कारण होती है। चूंकि यह हार्मोन महिलाओं के शरीर में ही पाया जाता है, इसलिए इसमें असंतुलन आने से महिलाएं त्वचा में खिंचाव महसूस करती हैं और उनके शरीर पर झुर्रियां भी जल्दी पड़ जाती हैं। अक्सर लोग सेल्युलाइट को अतिरिक्त चर्बी मान लेते हैं, जबकि सेल्युलाइट और फैट में अंतर होता है। हालांकि सेल्युलाईट स्वास्थ्य के लिए खतरनाक नहीं है, लेकिन यह देखने में भद्दा लगता है इसलिए इसे कम किया जाना चाहिए। 



मोटी जांघों और हिप्स को सेक्सी लुक देने के लिए करें ये योगासन
अर्द्ध चंद्र चपासन



अगर आप अर्ध चंद्रासन यानि मून पोज़ करते हैं तो आप अर्द्ध चंद्र चपासन (sugarcane pose) ट्राई कर सकते हैं। योग एक्सपर्ट प्रज्ञा भट्ट के अनुसार, इस बैलेंसिंग योगासन से आपके हिप्स, हैमस्ट्रिंग, बटक्स और थाई को टोन और स्ट्रेचिंग मिलती है। क्योंकि इस आसन से आपकी लोअर बैक पर असर पड़ता है। इस पोज़ से आपको लोअर बैक, हिप्स, हैमस्ट्रिंग बटक्स और थाई का वजन कम करने में भी मदद मिलती है। इसके अलावा इससे पेट की मसल्स को टोन -अप किया जा सकता है और आपके बैलेंस, फोकस, फ्लेक्सिबिलिटी और को-ऑर्डनेशनमें सुधार मिलता है।

इस तरह करें ये योगासन
इसे करते समय अपना लेफ्ट हैंड मजबूती से फर्श पर रखें और सांस लेते हुए अपने दाहिने पैर को हवा में उठाएं। इस पोजीशन में रिलैक्स रहें और अपनी सांस पर ध्यान केंद्रित करें।
सांस लेते समय अपना दाहिना पैर अंदर की ओर मोडें और अपने सीने की ओर लाएं। जब सांस छोड़े तो अपने दाहिने हाथ को दाहिने पैर के पीछे ले जाएं। यानि आपको अपने दाहिने हाथ से पैर का ऊपरी हिस्सा पकड़ना है।
जब आप इस पोजीशन में आराम की मुद्रा में आ जाएं, तो उसके बाद अपने दाहिने पैर को अपने शरीर के सामने अंदर खींचने की कोशिश करें। ऐसा करने से आपकी क्वाड्रिसेप्स को ज्यादा स्ट्रेच करने में मदद मिलती है। ध्यान रहे कि अपने पैर को जितना संभव हो, उतना ही मोड़े अन्यथा आपके घुटने में चोट लग सकती है।
पहली पोजीशन में वापस आने से पहले 5 से 6 हल्की सांस लें। अब धीरे से अपना पैर फर्श पर रखें और दूसरी तरफ से भी ऐसे ही करें।

टिप्स
बेहतर स्थिरता और अधिक पहुंच के लिए आप अपने दाहिने हाथ के नीचे एक ब्लॉक रख सकते हैं।
अगर आपको अपने पैर तक पहुंचने में परेशानी हो रही है, तो अपने आर्म्स के लिए पैरों को उठाने के लिए एक पट्टा बांध सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
अगर आपकी कमर, टखने और घुटने में दर्द या चोट है, तो आप इस आसन को ना करें।
गर्भवती महिलाएं इस आसन को करने से बचें।

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