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कमर का दर्द


कमर का दर्द – Back Pain in Hindi

बढ़ती उम्र के साथ कमर में दर्द एक आम बात होती है लेकिन आज के दौर में यह समस्या हर उम्र के लोगों में घर बनाती जा रही है. मसलन बच्चे, युवा भी आज इस रोग से बुरी तरह जूझ रहे हैं. यह समस्या हो जाने पर पर चलना तो दूर हिलने डुलने में दिक्कते आती हैं. योग सहित चिकित्सा के कुछ साधन कमर दर्द में राहत पहुंचाने का काम करते हैं।

कमर दर्द का कारण
बदलते मौसम की वजह से कमरदर्द
कमर दर्द के लक्षण
पुरुषों में कमर दर्द
महिलाओं में कमर दर्द
कमर दर्द होने के पहले रोकथाम
कमर दर्द होने के बाद रोकथाम
एलोपैथ से कमर दर्द का इलाज़
यूनानी से कमर दर्द का इलाज़
आयुर्वेद से कमर दर्द का इलाज़ं
होम्योपैथ से कमर दर्द का इलाज़
कमर दर्द होने पर क्या करें क्या ना करें

कमर दर्द का कारण

एक सर्वे के मुताबिक़ देश के करीब 15 फ़ीसदी लोग किसी ना किसी समस्या के चलते कमर दर्द से परेशान हैं. इस तरह की समस्या के कई कारण हो सकते हैं.
अनियमित दिनचर्या से भी कमर में दर्द होने की संभावना बनी रहती है
ज्यादा देर एक जगह बैठकर काम करने से भी इस समस्या का होना आम बात है.
मोटापा इस तरह की समस्या का बड़ा कारण माना जाता है
हार्मोनल परिवर्तन भी कमर दर्द का कारण बन जाता है
पुरानी चोट भी इस तरह की समस्याओं को जन्म देती है
वात कफ और पित्त जैसी समस्याएं भी इसका कारण बन जाती है
किडनी रोग या आन्तरिक समस्याओं के चलते कमर दर्द हो सकता है
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाने से यह समस्या हो सकती है

बदलते मौसम की वजह से कमरदर्द

सर्दियों के शुरू होते ही बूढ़े बुजुर्गों में कमर दर्द की समस्या होना शुरू हो जाती है. इसके अलावा युवा वर्ग भी इस मर्ज़ से नही बच पाता. सर्दियों में होने वाली कमरदर्द की सबसे बड़ी वजह होती है मांशपेशियों में संकुचन की वजह से यह समस्या बन जाती है. बायुमंद्लीय दबाव और अत्यधिक नमी के चलते नसों का संकुचन कमर में सूजन लाता है. इसके अलावा बारिश के महीनों में तेज हवा के चलते कमोवेश पुरवाई हवा के चलते पुरानी चोट का उभरना आम बात है. यदि कभी आपकी कमर में मोच या चोट लगी होती है तो इस मौसम में दर्द का बढ़ना स्वाभाविक हो जाता है.

कमर दर्द के लक्षण

कमर रीढ़ की हड्डियों पर टिकी होती है. रीढ़ की हड्डियों में दो डिस्क होती है जो शरीर के झटकों को सहन करती है.
कमर दर्द होने के दौरान रीढ़ की हड्डियों में संकुचन महसूस होता है
कमर के आसपास सूजन महसूस हो सकती है
कमर के आसपास नशों हड्डियों में पीड़ा का अनुभव होता है
कभी कभी दर्द कमर से होकर पैर तक पहुँच जाता है
इस रोग में वजन भी घटना शुरू हो सकता है
पेशाब में जलन पीड़ा या मल त्याग में परेशानी हो सकती है
नितम्बों में सुन्नता आ जाना या फिर बुखार का भी अनुभव हो सकता है

पुरुषों में कमर दर्द

पुरुषों में बढ़ता वजन कमर या पीठ दर्द का बड़ा कारण माना जाता है. शरीर के मध्य भाग में भारीपन से रीढ़ की हड्डियाँ कमजोर पड़ना शुरू हो जाती हैं. अर्थराइटिस ऐसा रोग है जो बुढ़ापे में एक आम रोग बनता जा रहा है लेकिन अब युवा पीढ़ी भी इसकी जद में आ चुकी है. एक सर्वे के मुताबिक़ धूम्रपान और अल्कोहोलिक पुरुष इसकी चपेट में ज्यादा आते हैं. किडनियों में यूरिक एसिड की मात्रा का जम जाना भी इस तरह के रोग का बड़ा कारण माना जाता है. इसके अलावा पुरानी चोट भी कभी कभार उभरकर सामने आ जाती है जिसके चलते यह समस्या हो जाती है



महिलाओं में कमर दर्द

पुरुषों की तुलना में महिलाएं ज्यादा कोमल होती हैं. कुछ आंतरिक संरचना के चलते महिलाएं पुरुषों से भिन्न होती हैं. गर्भावस्था के दौरान कमर दर्द एक आम समस्या है. एक सर्वे के मुताबिक़ 20 से 50 साल की उम्र में करोड़ों लोग इस समस्या का शिकार हो जाते हैं.

अधिकतर महिलायें श्वेतप्रदर-रक्तप्रदर जैसी बीमारी से परेशान रहती हैं। खान-पान, रहन-सहन तथा सामाजिक वातावरण के दुष्प्रभावों के कारण इन बीमारियों से ग्रस्त होकर नवयुवतियां धीरे-धीरे शारीरिक शक्ति खोने लगती हैं. इसके चलते कमर में दर्द का होना एक समस्या बन जाती है. महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन एक बड़ी समस्या होती है जिसके चलते उन्हें यह कष्ट ज्यादा सहना पड़ता है.

आमतौर पर 12 साल यानि पीरियड के दौरान से लेकर करीब 50 साल की उम्र वाली महिलाओं को कमर दर्द सहन करना पड़ता है जबकि इसके बाद की उम्र वाली महिलाओं में अर्थराइटिस जैसे रोगों के लक्षण देखे जाते हैं.

कमर दर्द होने के पहले रोकथाम
कमर हमारी शारीरिक संरचना का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. उठने बैठने से लेकर चलने फिरने तक में इसका बड़ा योगदान होता है. इसमें दर्द ना हो इसके लिए कुछ टिप्स अपनाने महत्वपूर्ण होते हैं
अनियमित दिनचर्या से बचने की जरूरत होती है
किसी भी कुर्सी पर बैठकर लगातार काम करने से बचें
महिलाएं गर्भावस्था के दौरान विशेष ख़याल रखें
नियमित दिनचर्या अपनाएं
खानपान की गुणवत्ता बनाएं रखें
योगा और व्यायाम नियमित रूप से करें
आहार में प्रोटीन और विटामिन्स को प्रचुरता से शामिल करें
अल्कोहल या धूम्रपान से बचें

कमर दर्द होने के बाद रोकथाम

कमर शरीर का ऐसा भाग है जो शरीर के मुड़ने से लेकर उठने बैठने सबमे निर्णायक भूमिका का निर्वहन करता है। यदि काफी कोशिश करने के बाद भी इस तरह की तकलीफ से बचाव संभव ना हो पाए तब हम आधुनिक दवाओं का प्रयोग कर सकते हैं। निदान के साथ ही बाजार में मौजूद कई तरह की सार्वभौमिक उपचार की तकनीकियों से कमर में दर्द की समस्या को दूर किया जा सकता है।

एलोपैथ से कमर दर्द का इलाज़

वास्तव में एलोपैथी ही दुनिया का इकलौता ऐसा उपचार माध्यम है जो दर्द में तुरंत आराम देता है। कमर में दर्द की शिकायत होने पर एक पेन किलर की गोली तुरंत रहत दे सकती है हालाँकि बिना डॉक्टर की अनुमति के इन दवाओं का बेहद खतरनाक परिणाम भी आ सकता है। कमर से परेशान मरीज को सामान्य स्थिति में चकित्सक कुछ पेनकिलर खाने की सलाह देते हैं। यदि कुछ दिनों के बाद भी तकलीफ कम नहीं होती तब कई तरह के टेस्ट के बाद ही इलाज किया जाता है। वैसे यह दूरगामी परिणाम देने वाली उपचार विधा है जिसका असर लम्बे समय तक महसूस किया जा सकता है।

यूनानी से कमर दर्द का इलाज़

यूनानी दवाएं कमर दर्द में सबसे ज्यादा असरदार होती हैं. इस चिकित्सा से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य लाभ मिलता है यह बात कई शोध में कही गई है. कमर दर्द के लिए यूनानी में कई पद्धतियाँ इजाद की गई हैं मसलन डाइटोथेरेपी, फार्माकोथेरेपी और रेजिमेंटल थेरेपी प्रमुख हैं हालांकि इस विधा से इलाज़ के दौरान खानपान में कई तरह के परहेज भी करना पड़ता है.

आयुर्वेद से कमर दर्द का इलाज़

सदियों से हमारा देश आयुर्वेद का बड़ा ज्ञाता रहा है. वेदों पुराणों में आयुर्वेद की कई तकनीक आज भी मरीजों का समूल इलाज़ करने का दावा करती है. कमर दर्द में अश्वगंधा, शिलाजीत, नारियल तेल और अरंडी सहित दशमूल जैसी औषधियां बिना किसी साइड इफ्फेक्ट के राहत पहुंचाती हैं.

होम्योपैथ से कमर दर्द का इलाज़

ऐसा माना जाता है कि होम्योपैथ की दवाएं शरीर में मौजूद कई तरह के साइड इफेक्ट ख़त्म कर देती हैं. मसलन कमर दर्द चाहे जिस वजह से हो रहा हो इस विधा में कई तरह की दवाइयां मौजूद होती हैं. मसलन अर्निका क्रीम या केलनडुला ऑफिसिनसीड जैसी दवाइयों से कमर दर्द का उपचार किया जाता है. दवाओं का इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह लेना महत्वपूर्ण होता है.

कमर दर्द होने पर क्या करें क्या ना करें

कमर या पीठ का दर्द होने पर कुछ बातों का ख़ास ख्याल रखना पड़ता है.
भोजन में वसा का कम से कम प्रयोग करें
दैनिक आहार में दूध फल और हरे पत्तेदार साग सब्जियों का सेवन करें
अंकुरित बीजों का सेवन करें
अल्कोहल को एकदम से ना कहें
धूम्रपान से बचें
ज्यादा मात्रा में पानी पीयें
दिनचर्या में सुधार करें/ नियमित करें
ज्यादा शारीरिक श्रम से बचें
नियमित योगा और व्यायाम करें
खाने के बाद कुछ दूर पैदल चलें
एक जगह बैठकर काम करने से बचें
किसी बी एक जगह ज्यादा देर तक खड़े ना हों
खट्टे और ज्यादा मीठे पदार्थों को खाने से बचें

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