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फैड डाइट और बैलेंस डाइट



फैड डाइट और बैलेंस डाइट में क्या अंतर है ?
फैड डाइट (Fad Diet) और बैंलेस डाइट को लेकर तमाम तरह की बहस हैं. मोटापा कम करना हो तो फैड डाइट बेहतर होती है लेकिन 40 से बाद फैड डाइट का सेवन से सेहत को नुकसान हो सकता है.


हाल के वर्षो में फैड डाइट (Fad Diet) का चलन बहुत तेजी से बढ़ रहा है. क्योंकि विश्व में सबसे ज्यादा लोग मोटापा का शिकार हो रहे हैं. वजन कम करने के लिए या वजन कंट्रोल में रखने के लिए लोग फैड डाइट (Fad Diet) लेते हैं. मोटापा की वजह से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर की बीमारी भी मोटापा की वजह होती है. हार्ट के जितने भी रोग होते हैं उनका भी मोटापा से संबंध होता है.


फैड डाइट (Fad Diet) में ऐसे फूड को शामिल किया जाता है जिनमें बहुत कम मात्रा में फैट होता है. फैड डाइट (Fad Diet) में ज्यादातर उन चीजों को शामिल किया जाता है जो फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है.


जब वजन कम करने के लिए कीटो डाइट का सेवन किया जाता है, तो वह फैड डाइट ही होती है. वजन कम करने के लिए कुछ समय के लिए कीटो डाइट का सेवन करना तो फायदेमंद है, लेकिन लगातार कई वर्षों तक फैड डाइट (Fad Diet) का सेवन खतरनाक होता है.
फैड डाइट और बैलेंस डाइट 


केटोजेनिक डाइट की तरह; एल्कलाइन डाइट, बेबी फूड डाइट, वेगन डाइट, पैलियो डाइट और ज़ोन डाइट कुछ फैड डाइट हैं जो इन दिनों काफी लोकप्रिय हो गए हैं.



बढ़ती उम्र के साथ सेहत के लिए अलग-अलग तरह के विटामिन और पोषक तत्वों की जरूरत होती है. फैड डाइट और बैलेंस डाइट में कुछ अंतर होता है. फैड डाइट मुख्य तौर पर तब के लिए अच्छी होती है जब शरीर में फैट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है. लेकिन जब फैट शरीर में कम हो जाता है तो शरीर के लिए बैलेंस डाइट की जरूरत होती है.
बढ़ती उम्र में कौन सी डाइट लें 




इस बारे में डाइट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 30 की उम्र के बाद बैलेंस डाइट की जरूरत होती है. क्योंकि 30 के बाद शरीर को जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति बहुत आवश्यक होती है.


अगर उम्र 50 के आस-पास है तो फैड डाइट का सेवन करने से बचना चाहिए. क्योंकि बढ़ती उम्र में फैड डाइट लेने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है. शरीर में पोषक तत्वों की कमी की वजह से बीमारियों की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.

उम्र के एक पड़ाव के बाद हेल्दी फैट की जरूरत होती है. कुछ लोग फैड डाइट के चक्कर में हेल्दी फैट लेना भी भूल जाते हैं. इसकी वजह से शरीर में हेल्दी फैट की कमी हो जाती है.

भूख को कभी भी कंट्रोल नहीं करना चाहिए. जब खाने की इच्छा हो जरूर खाएं. हेल्दी डाइट ही लें, ऐसा न करें कि भूख लगी है तो कुछ भी खा लें.


एक ऐसी डाइट जिसमें बेबी फूड शामिल कर कम समय में घटा सकते हैं ज्यादा वजन
ये एक ऐसी डाइट है जिसे आजकल कई हॉलीवुड सेलेब्रिटी फॉलो कर रही हैं. कैलोरीज कम लेने के साथ आप इसमें एक बार में ¼ प्लेट ही खाना खाते हैं. मतलब इसमें खाने का पोर्शन कम कर देते हैं.

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हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां सभी लोग लीन (एकदम पतले) होना चाहते हैं, हेल्दी नहीं! खाने में ऐसी चीजें शामिल करना चाहते हैं जिससे वे तुरंत वजन घटा पाएं. बेली फैट कम करना चाहते हैं तो बेबी फूड डाइट आपके लिए बेस्ट है. युवा जो कम समय में ज्यादा वजन घटाना चाहते हैं वे बेबी फूड डाइट अपनाकर अपने एक्सट्रा किलोज कम कर सकते हैं.



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ये एक ऐसी डाइट है जिसे आजकल कई हॉलीवुड सेलेब्रिटी फॉलो कर रही हैं. कैलोरीज कम लेने के साथ आप इसमें एक बार में ¼ प्लेट ही खाना खाते हैं. मतलब इसमें खाने का पोर्शन कम कर देते हैं.



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क्रेविंग्स खत्म करने के लिए इसमें स्नैक्स और मील में बेबी फूड लिया जाता है. अगर आप इस डाइट को फॉलो करते हैं तो खुद को एक बेबी की तरह फीड करते हैं.


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अपनी मील्स को बेबी मील के पोर्शन से बदलते हैं. इसमें मैश की हुई शकरकंद, मटर की प्यूरी और ब्लैंड किया चिकन डाइट में शामिल करते हैं.






एक बच्चा एक बार की मील में करीब 25 से 75 कैलोरी लेता है. बेबी फूड में आप भी एक बार में इतनी ही कैलोरीज लेते हैं. बेबी फूड डाइट पोर्शन कंट्रोल पर काम करती है. एक अच्छी-खासी मील लेने की जगह आप इसमें बेबी फूड मील लेते हैं.




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एक्सपर्ट्स के मुताबिक बेबी फूड युवाओं में पूरे दिन की कैलोरी की आवश्यकता को पूरा नहीं करता है जिसकी वजह से ये क्रैश या फैड डाइट के अंतर्गत आती है.


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इस डाइट को फॉलो करने से आप कम समय के लिए वजन घटाते हैं. मील को बेबी फूड से जब आप बदलते हैं तो इसमें एक तो न्यूट्रीशनल बैलेंस खराब करते हैं साथ ही कैलोरी भी कम लेते हैं.


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बेबी फूड पचने में काफी आसान होता है लेकिन युवा अगर इस डाइट को फॉलो करते हैं तो उनका डाइजेस्टिव सिस्टम खराब हो सकता है क्योंकि बेबी फूड में फाइबर, फैट और प्रोटीन की कमी होती है.



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बेबी फूड डाइट से युवा ज्यादा लंबे समय तक भरा पेट महसूस नहीं कर पाते हैं जिसकी वजह से पेट भरने के लिए बाकी के फूड्स अपनी डाइट में शामिल करने लगते हैं.


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बेबी फूड टेस्ट में काफी ब्लैंड होते हैं. जब तक आप इस डाइट को फॉलो करते हुए बोर नहीं होते हैं तभी तक आप इसे फॉलो कर सकते हैं. लंबे समय तक अगर आप इस डाइट को फॉलो करते हैं तो इससे बॉडी में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है.

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