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अपच, मन्दाग्नि (फंशनल डिस्पेप्सिया) : कारण, लक्षण और इलाज


अपच, मन्दाग्नि (फंशनल डिस्पेप्सिया) : कारण, लक्षण और इलाज
क्या आप जानते हैं कि आपकी मानसिक स्थिति आपके गैस्ट्राइटिस पर असर डाल सकती है। बहुत अधिक फिक्रमंद होना, और एंग्जायटी व स्ट्रेस गैस्ट्रिक एसिड का स्राव बढ़ा सकते हैं पाचन तंत्र के म्यूकोसा को ख़राब कर सकते हैं।


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फंशनल डिस्पेप्सिया (Functional dyspepsia) यानी अपच व मन्दाग्नि ऐसी बीमारी है जो व्यावहारिक रूप से तनाव या चिंता के कारण होती है और पेट को प्रभावित कर सकती है। यहगैस्ट्रिक म्यूकोसा में जलन पैदा कर सकती है। यह एक बहुत ही आम भावनात्मक गड़बड़ी है, जो कई लोगों को प्रभावित करती है और हार्टबर्न, नॉजिया या पेट दर्द जैसे लक्षण पैदा करती है।

फंशनल डिस्पेप्सिया तेज या पुरानी हो सकती है। एक्यूट गैस्ट्राइटिस अचानक प्रकट होती है और यह बहुत तीव्र होती है। हालांकि, अगर इलाज नहीं किया जाये तो क्रोनिक गैस्ट्राइटिस वर्षों तक रह सकती है।

इस रोग का एक कम आम रूप अपघर्षी गैस्ट्राइटिस है, जो आम तौर पर बहुत अधिक सूजन का कारण नहीं होती, लेकिन पेट की भीतरी दीवारों में रक्तस्राव और अल्सर का कारण बन सकती है।

सूजन कई कारणों से हो सकती है, जैसे संक्रमण, तनाव, चोट या इम्यून सिस्टम की गड़बड़ी। कई किस्म की स्टडी में पुष्टि हुई है कि भावनात्मक तनाव और डिप्रेशन अपच, मन्दाग्नि जैसे जठरांत्र से जुड़ी गड़बड़ियों को प्रभावित कर सकती है।
सौभाग्य से अपच, मन्दाग्नि के लक्षणों का इलाज घर पर ही कुछ प्राकृतिक नुस्खों से इलाज किया जा सकता है।
अपच, मन्दाग्नि (Dyspepsia) के कारण क्या हैं?

अपच, मन्दाग्नि निम्नलिखित में से किसी कारण से भी हो सकती है:
तनाव (Stress)
चिंता (anxiety)
घबराहट (nervousness)
शराब की अधिकता
उल्टी
एलर्जी या वायरस के कारण संक्रमण
बाइल रिफ्लक्स (Bile reflux)
अल्प खुराक

हालांकि इनके अलावा कार्यात्मक अपच, मन्दाग्नि मुख्य रूप से हेलिकोबैक्टर पाइलोरी (Helicobacter pylori) नाम के बैक्टीरिया के कारण हो सकती है, जो ऊपर बताये गए लक्षणों से बढ़ जाती है। इसके अलावा, पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आपकी रूटीन इस स्थिति को बदतर बना सकती है।

यह जीवाणु 60 और 80% लोगों के पेट में रहता है। यह आमतौर पर बिना कोई लक्षण के रहता है लेकिन यह सुरक्षात्मक गैस्ट्रिक म्यूकोसा की दीवार को नुकसान पहुंचा सकता है।

अधिक जानने के लिए पढ़ना जारी रखें।


अपच, मन्दाग्नि (फंशनल डिस्पेप्सिया) के लक्षण क्या हैं?



फंशनल डिस्पेप्सिया के लक्षण व्यक्तियों में अलग-अलग हो सकते हैं। इनमें सबसे आम हैं:
उल्टी
काला मल
पेट में जलन
भूख में कमी
पेट में दर्द
खट्टी डकार
जी मिचलाना
पेट की गड़बड़ी
हार्टबर्न


“अच्छी सेहत ऐसी चीज नहीं है जिसे हम खरीद सकें।

हालांकि यह एक अत्यंत मूल्यवान सेविंग अकाउंट हो सकता है। ”

-एन विल्सन शेफ-
अपच, मन्दाग्नि (Dyspepsia) का इलाज

अपच, मन्दाग्नि का इलाज करने और लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद पाने के लिए एक हल्के और स्वस्थ आहार पर रहना चाहिए। इसका मतलब है, आपको अपने भोजन में सब्जियां, फल, मांस-मछली, सूप, चावल और ढेर सारा पानी शामिल करना है।

साथ ही, गैस्ट्राइटिस का इलाज करने के लिए भावनात्मक रूप से स्टेबल होना आवश्यक है। मानसिक संतुलन बनाए रखने से शरीर को खुद को ठीक रखने में मदद मिलती है और इस प्रकार शरीर और दिमाग को हार्मोनी में रहने और स्वस्थ ढंग से कामकाज करने की सहूलियत मिलती है।
इसलिए, आपको स्ट्रेस मैनेजमेंट करना होगा। इसके लिए दूसरी बातों के साथ भावनाओं पर काबू पाना सीखना चाहिए क्योंकि यह गैस्ट्रिक एसिड के स्राव को बढ़ाने और पेट के म्यूक्स मेम्ब्रेन का नुकसान करने के लिए जिम्मेदार है। तनाव खत्म करने और एंडोर्फिन(endorphins) का स्राव बढ़ाने के लिए एक्सरसाइज सबसे अच्छा उपाय है।

साथ ही, हम आपके एनाल्जेसिक यानी पेन किलर का कम उपयोग करने लेने की सलाह देते हैं। यदि आप फंशनल डिस्पेप्सिया से पीड़ित हैं और ओवर-द-काउंटर दवाओं की खरीद करते हैं, तो ये अस्थायी राहत प्रदान ज़रूर कर सकते हैं। पर किसी डॉक्टर से तुरंत राय लेना बेहतर होगा। वे आपके एसिड स्राव को प्रभावी ढंग से कम करने और म्यूकस मेम्ब्रेन की रक्षा करने के लिए एक नुस्खा दे सकते हैं।


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कौन से इलाज फंशनल डिस्पेप्सिया में राहत देते हैं?

सबसे अहम बात जो आप घर पर कर सकते हैं, वह है, अपनी डाइट को कंट्रोल करना और तनाव को दूर करना।

ध्यान रखें कि भोजन अपच, मन्दाग्नि का इलाज करने में अहम भूमिका निभाता है। भोजन न केवल अल्पकालिक आधार पर गड़बड़ पेट को ठीक करता है, बल्कि यह दीर्घकालिक आधार पर पाचन तंत्र की रक्षा भी करेगा। शराब पीने, प्रोसेस्ड फ़ूड, एसिडिक, डेयरी प्रोडक्ट और शुगर या मसालेदार भोजन खाने से बचें।

हम उन खाद्य पदार्थों को शामिल करने की सलाह देते हैं जिनमें प्रोबायोटिक्स होते हैं। ये पाचन में सुधार करने और रेगुलर मूवमेंट को उत्तेजित करने में मदद कर सकते हैं। ये सप्लीमेंट पाचन तंत्र में अच्छे बैक्टीरिया डालते हैं, जो हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया की ग्रोथ को रोकने में मदद कर सकते हैं।
इसके अलावा, जैसाकि रिसर्च से पता चलता है, हफ़्ते में कम से कम एक बार शहद के साथ ग्रीन टी पीने से पाचन तंत्र में एच पाइलोरी को कम करने में मदद मिलती है।
आप एक चम्मच बेकिंग सोडा (9 ग्राम) भी आज़मा सकते हैं क्योंकि यह हार्टबर्न ख़त्म करने में मदद कर सकता है जो फंशनल डिस्पेप्सिया के कारण होता है।
इसके अलावा, एलोवेरा जलन से राहत देने के लिए उपयोग किए जाने वाले पौधों में से एक है, और यह फंशनल डिस्पेप्सिया के नुकसानदेह नतीजों को कम करने में भी योगदान देता है।
पेपरमिंट या अदरक जैसे एसेंशियल ऑयल का पेट में पॉजिटिव असर हो सकता है।

अंत में, यह न भूलें कि स्ट्रेस फंशनल डिस्पेप्सिया को बदतर कर सकता है। इसलिए लाइफस्टाइल में बदलाव पर विचार करना बहुत महत्वपूर्ण है जो एंग्जायटी कम करने में मदद कर सकता है। अगर आप व्यायाम करना शुरू करते हैं, स्वस्थ आहार खा रहे हैं और अच्छी नींद ले रहे हैं, तो नतीजे बहुत अच्छे होंगे और आप बेहतर महसूस करेंगे।



पाचन की समस्या से लड़ने वाली नेचुरल टी
क्या आप दर्दनाक अपच या असहज कब्ज से पीड़ित हैं? रोजाना ये नेचुरल टी पीने से पाचन समस्याओं से लड़ने में मदद मिलती है।


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क्या आप पेट दर्द और बेचैनी से पीड़ित हैं? क्या आप अपने पाचन की समस्या से लड़ने के इच्छुक हैं?

खाए गए भोजन को सही ढंग से पचा पाने में असमर्थता ही अपच (Indigestion) है। नतीजतन पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसे पेट फूलना (bloating) समझने की भूल नहीं करनी चाहिए, जो कभी-कभार होता है और लंबे समय तक नहीं रहता।

इस लेख में हम आपको ऐसी चाय के बारे में बताएंगे जो अपच जैसी पाचन समस्याओं से लड़ने में शानदार हैं। यदि आप इस समस्या से पीड़ित हैं, तो इन प्राकृतिक चाय के लाभ उठाने की कोशिश करें!

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हमें अपच क्यों होती है?


ऐसे कई कारण हैं जिनसे हमें अपच हो सकती है। सबसे आम कारणों में से कुछ हैं:
पाचन तंत्र के रोग

पेट में अल्सर की उपस्थिति अपच या अन्य पाचन समस्याओं को जन्म दे सकती है। हालांकि ऐसा पित्ताशय की पथरी (gallstones), गैस्ट्राइटिस, पैनक्रियाज का कैंसर, पेट का कैंसर, एसिड रिफ्लक्स रोग से या इनकी मिलीजुली बीमारी से भी हो सकता है।

एसिड रिफ्लक्स रोग पेट और एसोफेगस की की दीवारों की क्षति के कारण बनता है। यह आपको खाने के बाद दर्द के प्रति ज्यादा संवेदनशील बनाता है।
खाने-पीने की आदतें

शायद आपने यह कहावत सुनी ही होगी कि “आप वही हैं जो आप खाते हैं।” हम शायद इसे बदल कर कह सकते हैं कि “आप जो खाते हैं उसके अनुसार ही बीमार पड़ते हैं।” यह निश्चित रूप से सच है।

कुछ खाद्य अपच का शिकार होने की संभावना को बढ़ाते हैं। ये खाद्य पदार्थ बहुत अधिक फैट या गरिष्ठ भोजन वाली असंतुलित डाइट हैं।

इसके साथ ही अपच के कई स्रोत हैं। यह जल्दी-जल्दी खाने, दो समय के भोजन के बीच बराबर नाश्ता खाने, बहुत सारी सब्जियां खाने, कॉफी पीने और च्युइंग गम से हो सकता है।


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इसका एक और उल्लेखणीय कारण भी हो सकता है। यह है, कुछ खाद्य पदार्थों से असहनशीलता या इनटॉलरेंस। इस ग्रुप में सबसे प्रसिद्ध समस्याओं में से एक लैक्टोज इनटॉलरेंस है। एक और समस्या एक ही समय में बेमेल खाने खाना है। ठंडा पानी पीते समय गर्म सूप पीना आपके पेट के लिए अच्छा नहीं है।
दवाइयां और विषाक्त पदार्थ


एक और कारण से हम पाचन समस्याओं से पीड़ित हो सकते हैं। वह है दवाइयों का सेवन। कुछ तगड़ी दवाएं जैसे एंटीबायोटिक्स, एंटीडिप्रेसेंट्स, एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स और कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। तंबाकू खाना भी समस्याओं का कारण बन सकता है। और चूंकि यह विषाक्त है, इसलिए हमें हर कीमत पर इससे बचना चाहिए।
मनोवैज्ञानिक समस्याएं (Psychological problems)

तनाव, घबराहट, चिंता या व्यक्तिगत समस्याएं सभी आपके पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। नतीजतन, जब हम किसी बात से नाराज़ या दुखी होते हैं, तो हमें उतना अच्छा नहीं लगता।
चाय जो पाचन की समस्या से लड़ने में मदद करती हैं

हमारे पेट में दर्द या अपच की स्थिति में हमारी नानी-दादी जो उपाय किया करती थीं, उनमें ” एक कप चाय पीना” भी था।

मानें या न मानें, दादी माँ के नुस्ख़े में कोई बात ज़रूर थी। दरअसल कुछ तरह की चाय पाचन की समस्या, जैसे कि अपच आदि के लक्षणों से लड़ने में मदद कर सकती हैं। उनमें से कुछ सबसे बेहतरीन चाय ये हैं:
ग्रीन टी (Green Tea)

इस चाय को पीने के कई फायदे हैं, जिनमें से अधिकांश पाचन तंत्र (digestive tract) से संबंधित हैं।

शुरुआती तौर पर आपको पता होना चाहिए कि हरी चाय (ग्रीन टी) कॉफी का एक बेहतरीन विकल्प है। साल के अपने पसंदीदा मौसम में आप इसे ठंडा या गर्म पी सकते हैं।

ग्रीन टी में कई एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो गैस्ट्रिक जूस के काम को प्रोत्साहित करते हैं और पाचन आसान बनाते हैं। इसके बारे में और भी कुछ जानना है? तो जान लीजिये कि यह सूजन को कम करने की क्षमता भी रखती है।

आप सुबह में एक कप ग्रीन टी पी सकते हैं, दूसरी बार दोपहर में और तीसरी बार रात को सोने से पहले। इसे टी बैग या खुली पत्ती के रूप में पा सकते हैं।


कैमोमाइल मोटी सौंफ़ के साथ (Chamomile with anise)



कैमोमाइल (Chamomile) को ऐंठन-रोधी (antispasmodic) और सूजन-रोधी जड़ी-बूटीमाना जाता है। यह आपके पेट को शांत करने, भारीपन की कम करने और गैस से छुटकारा पाने में मदद करता है।

एक शांतिदायक पौधा होने के कारण कैमोमाइल घबराहट या चिंता के कारण होने वाली अपच में भी अच्छी तरह काम आता है। यह स्वादिष्ट भी है!

दिन में इसका दो कप पिएं और आपको अच्छे परिणाम दिखाई देंगे।
सोआ (Dill)

सोआ (सोया) भूमध्य सागर के क्षेत्र का पौधा है और अक्सर खाना पकाने में उपयोग किया जाता है। अपने चिकित्सीय लाभ के कारण, बहुत से लोग हर्बल चाय में सोया मिलाते हैं।
सौंफ (Fennel)


खाना पकाने में भी सौंफ का उपयोग किया जाता है। यह पाचन की समस्या से लड़ने में भी हमारी मदद कर सकती है। यह फुलाव (swelling) को कम करती है, ऐंठन का इलाज करती है और अन्य जठरांत्र संबंधी गड़बड़ियों (gastrointestinal issues) से लड़ती है। साथ ही, यह हमें भरा-भरा महसूस करने में मदद करती है।

पाचन में मददगार इस पौधे का स्वाद बहुत कोमल होता है और आमतौर पर इसे जीरा और मोटी सौंफ के साथ मिलाया जाता है।

जैसे ही आपको अपच के लक्षण महसूस होने लगें सौंफ की चाय जरूर पिएं।
सहस्त्रपर्णी (Yarrow)

यदि आप पेट या आंतों के प्रबल दर्द से पीड़ित हैं, तो सहस्त्रपर्णी की चाय आजमायें। येरो में फ्लेवोनोइड्स की उच्च मात्रा होती है। ये पाचन को बढ़ाने और आपको नियमित रखने मेंमदद करते हैं।

आप मतली और पेट में एसिड की समस्याओं के इलाज के लिए सहस्त्रपर्णी का भी उपयोग कर सकते हैं। इसमें मूत्रवर्धक गुण (diuretic properties) होते हैं और यह आपके लीवर को उत्तेजित करती है।

आप हेल्थ फ़ूड स्टोर्स में सहस्त्रपर्णी पा सकते हैं। इसकी चाय बनाएं और इसे रोजाना पिएं। इस तरह आप इसके सभी फायदों का आनंद ले सकते हैं।
अजवायन के फूल (Thyme)

अपने उत्कृष्ट गुणों के कारण यह जड़ी-बूटी सदियों से पाचन में मदद करने के लिए उपयोग की जाती है। यह दस्त, ऐंठन, गैस और उल्टी से राहत देने में बहुत अच्छा है।

इस चाय को रात में पीने की सलाह दी जाती है। अपने पेट के भारी अहसास को अलविदा कहने के लिए बिस्तर पर जाने से पहले एक कप पिएं। इसके अतिरिक्त, थाइम बुरे सपने और अनिद्रासे लड़ने में मदद करता है।

अन्य पौधे जो अपच को कम करने में आपकी मदद कर सकते हैं वे हैं डोंग क्वाई (dong quai), सौंफ (anise), लेमन बाम (lemon balm), रूइबोस (rooibos) और मरुआ (marjoram)।
यहाँ बताये गए कई चाय और जड़ी-बूटियाँ आपके स्थानीय बाजार या किराने की दुकान पर आसानी से मिल सकती हैं। पाचन की समस्या से लड़ने में मदद के लिए उन्हें अपने आहार में शामिल करें और आराम करते हुए गर्म व स्वादिष्ट चाय का आनंद लें।

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