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8 लक्षण जो लीवर में टॉक्सिन जमा होने पर आपको परेशान करते हैं


8 लक्षण जो लीवर में टॉक्सिन जमा होने पर आपको परेशान करते हैं
क्या आपको मालूम है, लीवर में टॉक्सिन जमा होने पर यह आपको त्वचा के माध्यम से संकेत दे सकता है। यदि आपको खुजली होती है या बार-बार त्वचा फटती है तो तुरंत अपने लीवर की जांच कवाएं।

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लीवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। इसका सही ढंग से कार्य करना ऊँची गुणवत्ता वाली स्वस्थ ज़िंदगी जीने के लिए बहुत ज़रूरी है। यह ठीक तरह से कार्य करे, इसके लिए आवश्यक है कि आप अपने किसी भी लक्षण की अनदेखी न करें। उदारण के लिए लीवर में टॉक्सिन का जमा होना बहुत ख़तरनाक साबित हो सकता है।

लीवर मुख्य रूप से हमारा ख़ून साफ़ करके ऐसे अपशिष्ट पदार्थों को हटाता है जिनकी शरीर को आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा यह कई महत्वपूर्ण मेटाबोलिक कार्य भी करता है। साथ ही, यह कुछ विशिष्ट हार्मोन को भी ख़ून में छोड़ता है।

यह भोजन से कार्बोहाइड्रेट और फैट बनाने में अहम भूमिका निभाता है और अच्छी सेहत के लिए आवश्यक विभिन्न विटामिन को भी स्टोर करता है।

फिर भी शरीर के अन्य अंगों की तरह कई कारक इसके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं।

लीवर को हमारे ख़ून की सफ़ाई के लिए लगातार काम करना पड़ता है। ऐसे में अगर इसमें टॉक्सिन जमा हो जाएं तो यह अपना काम पूरी क्षमता से नहीं कर पाएगा।

इसी कारण कुछ भी अस्वाभाविक महसूस हो, तो सावधानी बरतना अच्छा रहता है। हमें ऐसे लक्षणों से जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाहिए।

इस पोस्ट में हम आपको ऐसे 8 टॉप लक्षणों के बारे में बताएंगे ताकि उनकी पहचान करने पर आप तुरंत बेझिझक उचित कदम उठा सकें।
1. मल और मूत्र में बदलाव


अगर आपके मल और मूत्र का रंग बदल जाता है तो इसे चेतावनी का संकेत मानना चाहिए।

वैसे पाचन और मूत्र से संबंधित परेशानियों के कारण ऐसे बदलाव हो सकते हैं पर कई मामलों में ऐसा कहीं न कहीं लीवर में समस्या के कारण होता है।
किसी स्वस्थ व्यक्ति का मूत्र हल्के पीले रंग का होता है जबकि किसी पीलिया के मरीज का गहरा पीला दिखता है।
इसी तरह अगर मल बहुत गहरे या हल्के रंग का है तो यह संकेत है कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ है।
2. लीवर में टॉक्सिन की वजह से हो सकती है पेट में सूजन

वैसे पेट की सूजन कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी अवस्थाओं से जुड़ी होती है। फिर भी ऐसा होने पर हम लीवर को नज़रअंदाज नहीं कर सकते हैं।
जिन व्यक्तियों के लीवर में टॉक्सिन जमा हो जाते हैं उन्हें पेट में लगातार ऐंठन, गैस का बनना और भारीपन महसूस होता है।
3. लीवर में टॉक्सिन का सम्बन्ध त्वचा से जुड़े रोगों से


लीवर में ज़रूरत से ज़्यादा टॉक्सिन जमा होने का सबसे बुरा असर त्वचा पर पड़ता है। व्यक्ति को कई तरह की त्वचा से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
बेवजह खुजली, सूखापन और एक्ने (चेहरे पर चित्तियां) होना लीवर में ज़रूरत से ज़्यादा टॉक्सिन जमा होने का संकेत है।
हालांकि कुछ उपचार लक्षणों की तीव्रता को कम कर सकते हैं, या पूरी तरह से राहत दे सकते हैं, लेकिन पूरा आराम पाने के लिए लीवर को डिटॉक्स करना ज़रूरी हो जाता है।
4. एसिड बनना और डकारें आना

पेट में एसिड बनना और डकारें आना (गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स) उन व्यक्तियों में आम है जो भर पेट या ज़रूरत से ज़्यादा भोजन खाते हैं। फिर भी, कभी-कभी हमें डकारें आने के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच-पड़ताल करनी चाहिए। ऐसा इसलिए कि लीवर में टॉक्सिन जमा होने पर भी ऐसा हो सकता है।
5. शारीरिक और मानसिक थकान


शारीरिक और मानसिक थकान का कारण रोज़ाना ज़रूरत से ज़्यादा कामकाज करना या फिर कुछ ख़राब आदतें हो सकती हैं। लेकिन अगर बार-बार बेवजह थकान होती है तो इसका कारण लीवर की कोई समस्या भी हो सकती है।
सुस्ती, मन एकाग्र करने में कठिनाई और शारीरिक कमज़ोरी का कारण ख़ून में मौजूद टॉक्सिन हो सकते हैं।
6. लीवर में टॉक्सिन से शरीर में तरल जमा हो सकता है

टिश्यू में अत्यधिक सूजन के कारण शरीर में तरल जमा हो जाता है। इसका कारण लीवर का ठीक तरह से काम नहीं करना है।
यह लक्षण किडनी की बीमारी से पीड़ित मरीजों में आम तौर पर पाया जाता है लेकिन ऐसा लीवर के अत्यधिक कार्य करने से भी हो सकता है।
इनमें से अधिकतर मामलों में हाथ-पैरों के साथ-साथ पेट में सूजन नज़र आती है।
7. पीली त्वचा


पीली त्वचा एक बीमारी है जिसे पीलिया कहते हैं और इसका कारण ख़ून में बिलीरुबिन का जमा होना है।
यह पिगमेंट पित्त (बाइल) से बनता है जो कि पाचन प्रक्रिया के लिए बहुत ज़रूरी होता है। यह ख़ून में तब जमा हो जाता है जब लीवर अपशिष्ट पदार्थों को साफ़ करने में नाकाम रहता है।
8. भूख न लगना

कई तरह की बीमारियों या भावानात्मक परिस्थितियों के कारण हमें भूख नहीं लगती है। हालांकि समझदारी इसी में है कि इस स्थिति में सावधानी बरती जाए क्योंकि कभी-कभी इसका कारण लीवर की समस्या हो सकती है।

इससे भी ज़्यादा चिंता की बात यह है कि इससे कई जटिलताएं पैदा हो सकती हैं। इसके कारण शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी हो सकती है।

क्या आप ऊपर बताए गए किसी लक्षण का अनुभव कर रहे हैं? यह लीवर में टॉक्सिन की अधिकता का परिणाम हो सकता है। अपने शरीर को साफ़ करने के लिए डिटॉक्स डाइट पर विचार करें। ख़ून शुद्ध करने वाले पेय पदार्थों के साथ ज़्यादा से ज़्यादा पानी पियें और लीवर में टॉक्सिन जमा होने से जुड़ी समस्याओं से निजात पाएं।

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