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कहते हैं कि प्रेग्नेंसी का समय महिला के लिए दुनिया का सबसे खूबसूरत समय होता है.

कहते हैं कि प्रेग्नेंसी का समय महिला के लिए दुनिया का सबसे खूबसूरत समय होता है. 
इसमें खुद के साथ बच्चे का भी ख्याल रखना होता है. प्रेग्नेंसी के दौरान जितना अच्छा खान-पान रखेंगी उतना ही बच्चा स्वस्थ होगा, ऐसा कहा जाता है. जो सच भी है. प्रेग्नेंसी में हर कदम फूक-फूककर रखना होता है. पल-पल बच्चे और खुद की चिंता करनी पड़ती है. थोड़ी-सी लापरवाही से कुछ भी हो सकता है. जो पूरी तरह जुड़ा है डायट से.


आज हम आपको प्रग्नेंसी के पहले महीने की डायट बताने जा रहे हैं जो मां और बच्चे दोनों के लिए ही अहम होती है. प्रेग्नेंसी के दौरान मां का एक सवाल रहता है, वो ये कि डायट में क्या लेना चाहिए और किस चीज को लेने से बचना चाहिए? शुरू के पहले महीने में किन चीजों से परहेज करना चाहिए आइए जानते हैं.





पहला महीना प्रेग्नेंसी में काफी नाजुक होता है. इसमें कैफीन के सेवन से बचना चाहिए. जैसे चाय, कॉफी और चॉकलेट, इन सभी के सेवन से परहेज करना चाहिए. इसके ज्यादा सेवन से गर्भपात का खतरा बढ़ सकता है. इसके अलावा बच्चे का वजन जन्म के समय कम रहने की भी आशंका हो सकती है.



पैकेट वाली चीजों को लेने से बचना चाहिए. इसमें केक, जूस, माइक्रोवेव हुए फूड्स, आदि चीजें शामिल हैं.



प्रेग्नेंसी के दौरान क्रीम दूध से तैयार पनीर के सेवन से भी बचना चाहिए. इसलिए, क्योंकि इसमें लिस्टेरिया नामक एक बैक्टीरिया पाया जाता है जो गर्भपात की वजह बन सकता है. यहां तक की प्रसव का भी खतरा बढ़ सकता है.
कहते हैं कि प्रेग्नेंसी में कच्चा पपीता खाने से बचना चाहिए. ये मां और बच्चे दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. कच्चे पपीते में लेटेक्स नामक तत्व पाया जाता है जो गर्भाशय को संकुचित करता है. समय से पहले प्रसव या गर्भपात की स्थिति इससे पैदा हो सकती है.

नहाना हमारी दिनचर्या का एक हिस्सा है.
 इससे तरोताजा महसूस करते हैं. ऐसा लोगों का सोचना है कि दिन की शुरुआत नहाने से की जाए तो दिन अच्छा गुजरता है. शाम के समय जो लोग नहाते हैं वे दिनभर की थकान मिटाने के लिए ऐसा करते हैं. हम में से कई लोग शावर से नहाना पसंद करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इससे नहाने से आपको कितनी बीमारियां लग सकती हैं. अगर इसे समय-समय पर साफ नहीं किया गया तो...


आज हम आपको बताने जा रहे हैं शावर से नहाने के नुकसान, जिन्हें जानकर आप हो जाएंगे हैरान. कई बार गलत तरीके से शावर लेने की वजह से आप बीमार हो सकते हैं. स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ेगा.



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एक्सरसाइज करने के तुरंत बाद शावर लेने से बचें. पसीना आने की वजह से आपकी बॉडी का तापमान काफी ज्यादा होता है. वहीं अगर आप शावर लेते हैं तो ऐसे में सर्दी-गर्मी हो सकती है. साथ ही शरीर पर लाल दाने भी हो सकते हैं जिसे एलर्जी कहा जाता है. ये पसीने के कारण बैक्टीरिया पैदा होने की वजह से हो सकता है.


तेज गर्म पानी से नहाने से बचें. ऐसा करना भी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है. गुनगुने पानी से नहाएं. और जब आप नहाना खत्म करने वाले हों तो उससे 30 सेकेंड पहले ठंडे शावर को चालू करें. इससे तनाव दूर होगा और इम्यूनिटी बेहतर होगी.


रोज अगर आप बाल धोते हैं तो ऐसा करने से भी बचें. जिन लोगों के बाल पतले और कमजोर हैं उन्हें भी ऐसा रोज करने से बचना चाहिए. सप्ताह में दो बार बाल धोना बहुत है.


शावर लेने के बाद गीले बालों को तौलिए में न लपेटें. इससे बाल कमजोर होते हैं.

ध्यान रखें शावर की समय रहते सफाई करनी बेहद जरूरी है. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. शावर पर जमें बैक्टीरिया पानी के साथ शरीर के अंदर जाते हैं जिससे फफड़ें संक्रमित होते हैं. इसलिए हफ्ते में एक बार शावर की सफाई जरूर कर लें.


आजकल लोग खूबसूरत दिखने के लिए कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चश्मे से बचने के लिए लेंस लगाते हैं लेकिन ये लेंस आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे न केवल कई तरह के इंफेक्शन हो जाते हैं बल्कि इसकी वजह से आंखों को भी हो नुकसान हो सकता है. ये बात एक एक शोध में सामने आई है.
आजकल लोग खूबसूरत दिखने के लिए कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करते हैं. कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चश्मे से बचने के लिए लेंस लगाते हैं लेकिन ये लेंस आपकी आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. इससे न केवल कई तरह के इंफेक्शन हो जाते हैं बल्कि इसकी वजह से आंखों को भी हो नुकसान हो सकता है. ये बात एक एक शोध में सामने आई है.


शोध के मुताबिक अगर कोई शख्स कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर सो जाता है तो उसकी आंखों की रोशनी जा सकती है.

ऐनल्स ऑफ इमरजेंसी मेडिसीन नाम की पत्रिका में प्रकाशित की गई रिपोर्ट के मुताबिक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने और इसके इस्तेमाल में अगर जरा भी लापरवाही की जाए तो इससे आंखों के कॉर्निया में गंभीर इंफेक्शन हो सकता है.


इसके अलावा लेंस के साथ सोनेे से कुछ मामलों में तो स्थायी रूप से आंखें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं.

शोधकर्ताओं के मुताबिक कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर न सिर्फ सोना बल्कि झपकी लेना भी इतना खतरनाक है कि इससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर खतरा हो सकता है.


शोध में सामने आया कि कॉन्टैक्ट लेंस लगाकर सो जाने वाले व्यक्ति के आंखों में इतना गंभीर इंफेक्शन हो गया था कि उसे बचाने के लिए आंखों का ट्रांसप्लांट तक करवाना पड़ा.



स्मोकिंग हम सभी की सेहत के लिए हानिकारक होती है. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो सिगरेट नहीं पीते हैं. टीवी पर या रेडियो पर यहां तक कि अखबारों तक में सिगरेट पीना छोड़ने के लिए इश्तेहार दिए जा रहे हैं. फिर भी सिगरेट पीने वालों में कमी नहीं आ रही है.


सरकार के टैक्स बढ़ाने के बावजूद भी लोगों ने इसकी आदत छोड़ी नहीं है. धूम्रपान और तंबाकू की आदत लोगों में कम हो इसके लिए जापान की एक मार्केटिंग कंपनी पिआला इंक ने अपने कर्मचारियों को सिगरेट पीना छोड़ने के लिए प्रति प्रेरित किया है. उन्हें सही और अच्छी जीवनशैली जीने के लिए कहा है.

इसके चलते कंपनी ने एक प्रस्ताव पास किया है. जिसमें वे लोग शामिल हैं जो सिगरेट पीते नहीं हैं. इसमें उन्हें 6 छुट्टी ज्यादा मिलेंगी. जो वे पूरे साल में कभी-भी ले सकते हैं.



कंपनी के एक कर्मचारी ने सिगरेट पीने वालों की कंप्लेंट की जिसमें उसने उनका ज्यादा ब्रेक लेने और टाइम पास करने का हवाला दिया. साथ ही उसने बताया कि किस तरह सिगरेट पीने वालों का ऐसा करने से कंपनी की प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ता है.


आपको बता दें कि कंपनी 29वीं मंजिल पर है और स्मोकिंग जोन बेसमेंट में है. कंपनी ने हिसाब और समय व्यर्थ होने का आंकड़ा लगाकर ऐसा किया है. कंपनी में करीब 35 फीसदी लोग धूम्रपान करते हैं.



कंपनी के ऐसा करने के बाद करीब 4 कर्मचारियों ने सिगरेट पीनी तो बंद की ही. साथ ही अपनी सेहत पर भी गौर करना शुरू कर दिया है.


आपको बता दें कि जापान की 18 फीसदी जनता सिगरेट पीती है. ऑनलाइन रिपोर्ट के आधार पर बताया जा रहा है कि एक लाख 30 हजार लोगों की हर साल इससे मौत हो रही है.


चेहरे या बॉडी पर तो ध्यान दे देते हैं. लेकिन आंखों का क्या? आप दिन में कितनी बार उन पर ध्यान देते हैं? शायद एक बार भी नहीं. कई ऐसे संकेत हैं जिन पर गौर करने से आपको शरीर में धीरे-धीरे घर कर रही बीमारियों के बारे में पता चलता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में.

चेहरे या बॉडी पर तो ध्यान दे देते हैं. लेकिन आंखों का क्या? आप दिन में कितनी बार उन पर ध्यान देते हैं? शायद एक बार भी नहीं. कई ऐसे संकेत हैं जिन पर गौर करने से आपको शरीर में धीरे-धीरे घर कर रही बीमारियों के बारे में पता चलता है. आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ संकेतों के बारे में.

सर्दियों में प्यास कम लगती है. ऐसे में पानी भी कम ही पिया जाता है. ध्यान रखें आपको सर्दी से बचने के लिए हीटर के आस-पास नहीं बैठना है. इससे आंखें अपनी नमी खोती हैं. यहां तक की त्वचा भी काफी ड्राई रहती है.


लैपटॉप या फिर मोबाइल पर काम करते हुए चश्मे या फिर नीले लाइट वाले फिल्टर का उपयोग करें. उपकरणों से निकलने वाली यूवी रेज से बचाव होगा.


इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले से निकलने वाले विकिरण से भी आंखों में सूखापन आता है. जो धीरे-धीरे बीमारी में तब्दील होता है. इसमें कम और धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हैं.
जॉन्स हॉपकिंस विल्मर आई इंस्टीट्यूट, बाल्टीमोर, यूएसए में हुए एक शोध से पता चला है कि सीडीईडी यानी क्रॉनिक ड्राई आई डिजीज से पीड़ित लोग सामान्य लोगों की तुलना में पढ़ने में धीमे हो जाते हैं.



इससे पीड़ित व्यक्ति की पढ़ने की गति 10 फीसदी तक धीमी हो जाती है और 30 मिनट से ज्यादा पढ़ना उसके लिए मुश्किल भरा हो जाता है.
ऐसे में आंखों का लाल होना, उनमें दर्द रहना, अचानक दिखना देना बंद होना, एक चीज दो दृश्य में दिखाई देना, आंख मे धब्बा बनना, पढ़ने और रात में देखने में दिक्कत होना, रंगों में फर्क करना, जैसी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं. जिन्हें नज़रअंदाज करना आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है.

ऐसे ही बच्चों की आंख का भी ख्याल रखना बेहद आवश्यक होता है. उनकी आंखों का ख्याल रखना आपका काम है. अगर बच्चे को पढ़ाई-लिखाई के प्रदर्शन में अचानक कमी आए, तो इसे नजरअंदाज न करें. लगातार बच्चे से पूछते रहे कि उन्हें दिखाई देने में कोई परेशानी तो नहीं हो रही है. अगर उन्हें कोई दिक्कत होती है तो ऐसे में उन्हें एनब्लायोपिया (चश्मा लगाने के बाद भी धुंधला दिखना) जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है. इसलिए बच्चों की आंखों का नियमित तौर पर जांच कराएं.

30 साल की उम्र के बाद आंखों की नियमित जांच जरूर कराएं. 40 साल की उम्र में आंखों का इंट्राओकुलर प्रेशर टेस्ट जरूर कराएं. इससे ग्लुकोमा और कैटरेक्ट जैसी समस्याओं का समय रहते पता चल सकता है. इसलिए बाकी चीजों के साथ आंखों का ख्याल रखना बेहद जरूरी है.


सर्दियों में अक्सर हमें गले में खराश की परेशानी हो जाती है जिसे हम घरेलू नुस्खे अपनाकर ठीक कर सकते हैं. असल में गले में खराश की समस्या श्वसन तंत्र में किसी गड़बड़ी के कारण होती है. जब गले के अंदरूनी हिस्से में इंफेक्शन हो जाता है तो गले में सूजन, खांसी और खरखराहट की समस्या रहने लगती है.

सर्दियों में अक्सर हमें गले में खराश की परेशानी हो जाती है जिसे हम घरेलू नुस्खे अपनाकर ठीक कर सकते हैं. असल में गले में खराश की समस्या श्वसन तंत्र में किसी गड़बड़ी के कारण होती है. जब गले के अंदरूनी हिस्से में इंफेक्शन हो जाता है तो गले में सूजन, खांसी और खरखराहट की समस्या रहने लगती है.


आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे घरेलू नुस्खे जिन्हें अपनाकर आप गले की खराश को बेहतर कर सकते हैं. बशर्ते आपको इस दौरान ठंडी चीजों से परहेज करना होगा. तेल से बने फूड्स को थाली से बाहर निकालना होगा.


हम सभी जानते हैं कि नींबू, स्वाद में काफी खट्टा होता है. लेकिन इससे गले की खराश को बेहतर किया जा सकता है. नींबू पानी पीना गले की खराश में काफी फायदेमंद होता है. इसमें आप एक चुटकी नमक और एक छोटा चम्मच चीनी भी मिला सकते हैं.



कहते हैं खाली पेट लहसुन चबाने के कई फायदे होते हैं. इसमें एलीसिन नामक तत्व पाया जाता है जो इंफेक्शन को खत्म करने में कारगर है. गले की खराश में आप इसे ले सकते हैं. ध्यान रखिएगा कि आपको केवल एक लहसुन की कली ही लेनी है.


हमारे बड़े-बूढ़े कहते थे कि गले की खराश को खत्म करने के लिए नमक के पानी के गरारे करने चाहिए. दिन में ऐसा आप दो बार कर सकते हैं.
अदरक सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो गले में आई सूजन और दर्द दोनों ही समस्याओं को कम करता है. अदरक का सेवन किसी भी रूप में कर सकते हैं.


किसी व्यक्ति के गले में खराश हो तो वह मुलेठी भी चबा सकता है. या फिर इसका चूर्ण भी ले सकता है. गले की खराश में काफी फायदा मिलेगा.


सर्दियों का मौसम ऐसा होता है जिसमें ठंड ज्यादा लगने के कारण लोग तेज गर्म पानी से नहाना पसंद करते हैं. लेकिन ऐसा करना गलत है. तेज गर्म पानी से नहाने के अपने कई नुकसान हैं जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.

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हाल ही में हुए शोध से पता चला है कि आपके नहाने के पानी का तापमान 32 डिग्री तक होना चाहिए. ये न तो ज्यादा ठंडा होता है और न ही तेज गर्म.



तेज गर्म पानी से अगर आप नहाते हैं तो इससे त्वचा में रूखापन आता है. साथ ही स्किन अपनी दमक खो देती है.


तेज गर्म पानी से नहाने से आपको त्वचा संबंधित कई समस्याएं हो सकती हैं. एलर्जी या इंफेक्शन के होने का खतरा बढ़ सकता है.

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तेज गर्म पानी से नहाने से हमारी त्वचा में मौजूद टिशू डै

वहीं दूसरी ओर अगर आप तेज गर्म पानी में बाल धोते हैं तो इससे बाल बेजान और रूखे होते हैं. बालों के झड़ने की समस्या बढ़ती है. यहां तक की डैंड्रफ होने का खतरा भी बढ़ता है.




तेज गर्म पानी में नाखून टूटने लगते हैं. यहां तक की उनके आस-पास इंफेक्शन और स्किन निकलने की समस्या पैदा होती है.


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गर्म पानी से हमारी आंखों की नमी भी कम होती है. आंखें लाल रहना, उनमें खुजली आना जैसी कई समस्याएं पैदा होती हैं.



कहते हैं कि केला खाने से वजन बढ़ता है. लेकिन ये एक मिथक है. केले को अगर आप दूध के साथ लेते हैं तो इससे वजन बढ़ता है. वहीं अगर आप इसका सेवन दही के साथ कर रहे हैं तो आसानी से वजन घटा सकते हैं
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कहते हैं कि केला खाने से वजन बढ़ता है. लेकिन ये एक मिथक है. केले को अगर आप दूध के साथ लेते हैं तो इससे वजन बढ़ता है. वहीं अगर आप इसका सेवन दही के साथ कर रहे हैं तो आसानी से वजन घटा सकते हैं.



आज हम आपको केले की ऐसी डायट बताने जा रहे हैं जिसके सेवन से आप तेजी से वजन घटा सकते हैं. बशर्ते आपको पूरे दिन में केला, दही और दूध का सेवन ही करना है. नमक खाने का मन करे तो शाम के समय एक बेसन का चीला ले सकते हैं.



केले में पोटैशियम, कैल्शियम, विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये हड्डियों को मजबूत कर दांतों को स्वस्थ रखने में कारगर है. ये खुद में एक प्योर कार्बोहाइड्रेट रिच डायट प्लान है. अगर आप पूरा दिन रोटी नहीं खाते हैं तो आपकी सेहत पर बुरा प्रभाव नहीं पडे़गा. और न ही पोषक तत्वों की कमी होगी.
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अब हम आपको बताने जा रहे हैं पूरे दिन का केला और दही डायट प्लान.

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पूरे दिन में आपको 6 केले खाने हैं. बीच में भूख लगने पर आप फ्रूट और नट्स ले सकते हैं. बस जरूरत है तो नमक को एक दिन के लिए थाली से दूर करने की.


सुबह नाश्ते में दो केले और एक कटोरी दही लें. साथ में 10 बादाम, 10 किशमिश और 2 अखरोट लें. आप चाहें तो एक अंजीर भी ले सकते हैं. फलों का सेवन पूरे दिन में जितना चाहे उतना कर सकते हैं.
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इसके बाद दोपहर के भोजन में आपको दही और दो केले लेने हैं. इसके साथ भी आप बादाम ले सकते हैं. ध्यान रखें बादाम छिले हुए हों तो बहुत बढ़िया है.

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बीच में अगर भूख लगे तो आप दूध पी सकते हैं. आप चाहें तो दूध में केला मिक्स कर, शेक के रूप में इसका सेवन कर सकते हैं. बस इसमें चीनी न मिलाएं. ये बात ध्यान रखें.

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आप देखेंगे एक दिन में एक से डेढ़ किलो तक आपका वजन कम होगा. यानी सामान्य (1600 कैलोरी) से कम कैलोरी एक दिन में लेंगे तो वजन खुद-ब-खुद कम हो जाएगा.

हेल्दी लाइफस्टाइल कौन नहीं जीना चाहता है? ऑफिस में कई लोगों को न तो बीमार होते देखा है और न ही उन्हें बाहर का कुछ ऑयली खाते हुए. एक-दो चीजों को दिनचर्या में अपनाकर आप स्वस्थ जीवनशैली जी सकते हैं. आज हम आपको दो ऐसे कॉम्बिनेशन के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसका अगर रात में सोने से सेवन किया जाए तो कई गंभीर बीमारियों और समस्याओं से चुटकारा दिला सकता है. आइए जानते हैं कैसे...

दूध व शहद साथ लेना, अनिद्रा दूर करने का सबसे प्राचीन नुस्खा है. कहते हैं रात में सोते हुए अगर आप दूध पीते हैं तो ऐसा करने से आपको नींद अच्छी आती है. साथ ही सुबह में कब्ज की समस्या नहीं रहती है. दूध व शहद इंसुलिन के स्राव को नियंत्रित करता है जिससे ब्रेन में ट्रिप्टोफन का सही मात्रा में स्राव होता है.

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दूध में प्रोटीन और शहद में पर्याप्त कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है. रोजाना एक गिलास दूध में शहद मिलाकर पीने से शरीर को एनर्जी मिलती है. मेटाबॉलिज्म क्रिया को बढ़ावा मिलता है. दूध में मौजूद कैल्शियम, विटामिन्स और मिनरल्स हमारे शरीर के लिए काफी अच्छे होते हैं.सिर्फ यही नहीं दूध और शहद को एक साथ मिक्स करके पीने से हमारी आंतें सहीं ढंग से काम करती हैं. साथ ही ये हड्डियों को मजबूत करने में मददगार है. दूध और शहद के सेवन से त्वचा पर निखार आता है. शहद व दूध दोही बैक्टीरिया को दूर करने में मदद करते हैं.

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रोजाना एक गिलास दूध में दो चम्मच शहद मिलाकर लेने से पाचन क्रिया दुरुस्त रहती है. दूध व शहद का संयोजन शरीर को स्वस्थ बनाएं रखने के साथ ही हड्डियों की बीमारियों जैसे ऑस्टियोपोरोसिस और उम्र के साथ होने वाले जोड़ों के दर्द से बचाता है.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स

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सर्दियों का एक ऐसा सीजन होता है जिसमें मार्केट में सबसे ज्यादा हरी सब्जियां आती हैं. सेहत के लिए भी ये काफी फायदेमंद होती हैं. और इन सब्जियों के सेवन से आप मोटापा भी कम कर सकते हैं. जानिए कैसे.
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सर्दियों में आने वाला साग जितना स्वाद में जायकेदार होता है उतना ही स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी. आइए आपको बताते हैं कि कौन-सा साग मोटापे को कम कर सकता है. साथ ही ये चेहरे की झुर्रियों को भी कम करता है.
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साग में विटामिन्स, मिनरल्स, फाइबर, एंटी-ऑक्सिडेंट्स और फाइटो-न्यूट्रीयंट्स पाए जाते हैं. ये मेटाबॉलिज्म बेहतर करता है. खून के दौरे को भी ठीक करता है. जोड़ों के दर्द में फायदा करता है. खाने में शामिल कर सकते हैं ये 5 साग.

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चौलाई के साग में लायसिन नामक अमिनो एसिड पाया जाता है. ये एजिंग प्रक्रिया को धीमा करता है. इसमें एंटी-ऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं. इसे अगर हफ्ते में एक बार डायट में शामिल किया जाए तो चेहरे की स्किन टाइट रहेगी और एजिंग क्रिया धीमी होगी.


सरसों का साग डायट में लेने से जोड़ों के दर्द की समस्या कम होती है. ये कैलोरी में कम और फैट को गलाने में मदद करता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन ए, सी, डी, बी-12, मैग्नीशियम जैसे कई तत्व पाए जाते हैं. ये इम्यूनिटी को बेहतर करता है और टॉकसिन्स को बेहर निकालता है.
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पालक के साग में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, पॉली सैच्यूरेटेड फैट, ओमेगा-3 और 6 फैटी एसिड की मात्रा पाई जाती है. ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रख कैलोरी में कम होता है. जो वजन घटाने में मदद करता है.


बथुए का साग भी सेहत के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. इसमें विटामिन-ए, कैल्शियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम पाया जाता है. इसके रोज सेवन से किडनी स्टोन होने का खतरा कम होता है.
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मेथी भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होती है. इसमें फॉलिक एसिड, विटामिन-ए, बी-6 और सी के साथ पोटैशियम, आयरन और फॉस्फोरस पाया जाता है. ये फाइबर का अच्छा स्रोत मानी जाती है और आंतों को चिकना बनाती है.



आज के जमाने में कौन मोटापे से परेशान नहीं है? हर दूसरा व्यक्ति मोटापे का शिकार है. लेकिन आज हम आपकी ये परेशानी सुलझाने जा रहे हैं. वो ऐसे कि आपको एक ऐसी ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं जो मोटापा तो कम करेगी ही साथ ही एनर्जी भी देगी.
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कहते हैं रात में रोटी खाना बंद करने से मोटापे से छुटकारा पाया जा सकता है. लेकिन अगर रोटी ही खानी बंद कर देंगे तो पोषक तत्वों की भरपाई कौन पूरी करेगा? इसलिए रोटी अगर नहीं खा रहे हैं तो सूप पीना शुरू करें.
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एक डीटॉक्स ड्रिंक ऐसी है जिसे रात में सोने से पहले अगर पिया जाए तो वजन घटा सकते हैं. ये शरीर से टॉक्सिन बाहर निकालेगी. साथ ही एक्सट्रा फैट को गलाने में मदद करेगी.


ड्रिंक हेल्दी है आप ले सकते हैं. इसे घर पर बनाने का तरीका. एक कप पानी, एक चम्मच नींबू का रस, एक चम्मच धनिया जूस, एक चम्मच अदरक का जूस, एक चम्मच ऐलोवेरा जूस, एक चुटकी काली मिर्च, एक कद्दूकस किया खीरा.
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इन सभी को ब्लैंडर में डालकर मिक्स कर लें. प्यूरी के रूप में इसे पिएं. एक हफ्ते तक ऐसा करने से मोटापा कम होगा. और चर्बी भी. बशर्ते आपको ये रोज रात में सोने से पहले पिना है.



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इस ड्रिंक के कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे भी हैं. वो हैं कि ये इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाती है और हॉर्मोन को संतुलित करती है.

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