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. नावासन


2. नावासन

यह आसन सीधे पेट की चर्बी को निशाना बनाता है और पेट की चर्बी कम करता है।
नावासन (नौकासन) करने का तरीका और फायदे 
Navasana yoga in hindi नावासन करने का तरीका और उसके फायदों को हम आज इस आर्टिकल में विस्तार से जानेगें। यह आसन हमारे योग की श्रृंखला का एक बहुत ही प्रमुख आसन हैं, इस आसन में व्यक्ति एक नाव के समान दिखाई देता हैं। नावासन करने से शरीर में होने वाले अनेक प्रकार के रोगों और बीमारियों से बचा जा सकता हैं। यह हमारे जीवन में ताकत और संतुलन पैदा करता हैं। यह आपकी छाती को फ़ैलाने में भी मदद करता हैं।

2. नावासन
यह आसन सीधे पेट की चर्बी को निशाना बनाता है और पेट की चर्बी कम करता है।
नावासन (नौकासन) करने का तरीका और फायदे)

1. नवासना (नौकासन) क्या हैं – What is Navasana in Hindi
2. नावासन करने से पहले किये जाने वाले आसन – Navasana karne se pehle ke aasan in Hindi
3. नावासन (नौकासन) करने का तरीका – Navasana karne ka tarika in Hindi
4. नावासन (नौकासन) के फायदे – Navasana ke fayde in Hindi

नौकासन योग के लाभ लीवर और किडनी के लिए – Navasana Benefits Improves the Functioning of Liver and Kidneys in Hindi
नावासन योग के लाभ रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए – Navasana Benefits for strong spinal cord in Hindi
तनाव को कम करने में नावासन योग के लाभ – Navasana Benefits De-stresses the Body and Mind in Hindi
नावासन योग के फायदे पाचन तंत्र को मजबूत करता हैं – Navasana ke fayde pachan tantra ko majbut karta hain in Hindi
नौकासन योग के लाभ इच्छाशक्ति को नियंत्रित करता हैं – Navasana benefits for Builds willpower in Hindi
नौकासन योग के लाभ जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करता हैं – Navasana ke fayde jangh kee maanshpeshiyon ko majbut karta hai in Hindi
नावासन योग के फायदे करें हार्मोनल सिस्टम को बैलेंस – Navasana ke fayde Balances Hormonal System in Hindi

5. नावासन करने में क्या सावधानी बरती जाए – Precautions to do Navasana in Hindi
नवासना (नौकासन) क्या हैं – What is Navasana in Hindi

नावासन एक संस्कृत का शब्द हैं इसे नौकासन के नाम से भी जानना जाता हैं जो दो शब्दों से मिलके बना हैं जिसमे पहला शब्द “नौका” या “नव” का अर्थ “नाव” होता हैं और दूसरा शब्द “आसन” का अर्थ होता हैं “मुद्रा”। इस आसन में व्यक्ति की स्थिति एक नाव के सामान दिखाई देती हैं। जैसे कोई स्थिर जहाज किसी समुद्र में शांत रूप से चल रहा हो। नावासन करने के लिए दोनों हाथ और पैर के फैलाव की स्थिति रहती हैं। इस आसन को करने वाला व्यक्ति V के समान दिखाई देता हैं। यह आसन सभी उम्र के लोगों के लिए लाभकारी होता हैं। यह आसन अनेक प्रकार की बीमारियों को ठीक करने के लिए जाना जाता हैं। आइये इस योग को करने के तरीके को विस्तार से जानते हैं।


नावासन करने से पहले किये जाने वाले आसन – Navasana karne se pehle ke aasan in Hindi

इस आसन को करने से पहले आप निम्न आसन को करें जिससे आपको नावासन करने में सहायता मिलेगी-
दंडासन
नावासन (नौकासन) करने का तरीका – Navasana karne ka tarika in Hindi

नावासन करने लिए हम नीचे आपको कुछ स्टेप बताने जा रहे रहे हैं जिसका पालन करके आप इसे आसानी से कर सकते हैं-
नवासना करने के लिए आप एक योगा मेट को बिछा के अपने दोनों पैरों को अपने सामने सीधा कर के बैठ जाएं या दंडासन में बैठे।
अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें और अपने दोनों हाथों को भी सीधा जमीन पर रखें।
अब अपने दोनों पैरों को सीधा रखें हुए ऊपर उठायें।
अगर आपको को उठाते समय संतुलन बनाने में कठिनाई होती हैं और आप संतुलन नहीं बना पा रखें हैं तो आप अपने दोनों पैरों को पास-पास रखें और घुटनों के यहाँ से मोड़ लें।
अपने दोनों हाथों से जांघों से पकड़े और पैरों को सहारा दें।
अब अपने दोनों पैरों को धीरे-धीरे ऊपर की ओर सीधे करते जाएं।
अपने दोनों हाथों को अपने आगे की ओर सीधा रखें और अपनी रीड के हड्डी को सीधा ही रखना हैं।
इस स्थिति में सिर्फ आपके कूल्हों जमीन पर रहेंगे और पूरा शरीर ऊपर उठा रहेगा।
अपने कूल्हों पर संतुलन बनाये रखना हैं।
इस स्थिति में आपके पैरो और शरीर के ऊपरी हिस्से के बीच कमर पर 45 डिग्री का कोण बनेगा।
आप नावासन में कम से कम शुरुआत में 10 से 20 सेकंड तक रुकें फिर अभ्यास के साथ इस समय को बढ़ाते जाएं
अब अपनी प्रारंभिक स्थिति में आने के लिए अपने अपने पैरों को नीचे लाएं और साथ में हाथों को भी नीचे लें लाएं।

नावासन (नौकासन) के फायदे – Navasana ke fayde in Hindi

नावासन करने के अनेक लाभ हैं और इससे विभिन्न प्रकार की बीमारियाँ से बचा जा सकता हैं, आइये इसके लाभ को विस्तार से जानते हैं-
नौकासन योग के लाभ लीवर और किडनी के लिए – Navasana Benefits Improves the Functioning of Liver and Kidneys in Hindi

मनुष्य के शरीर के मुख्य अंग होते हैं लीवर और किडनी, इनके बिना मनुष्य का जीवित रहना असंभव हैं। अतः इनको स्वस्थ रखना बहुत ही आवश्यक होता हैं। नावासन लीवर और गुर्दे के कार्य प्राणी में सुधार करता हैं। यह शरीर के पेट, यकृत, गुर्दे, अग्नाशय आदि को स्वस्थ रखता हैं इन अंगों का कार्य शरीर से विषाक्त पदार्थों को हटाना होता हैं और यह तरल पदार्थों का नियंत्रण करता हैं। अपने शरीर को स्वस्थ रखने के लिए नावासन एक अच्छा आसन हैं।


नावासन योग के लाभ रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने के लिए – Navasana Benefits for strong spinal cord in Hindi

इस आसन को करने के लिए आपको अपनी रीढ़ के हड्डी को सीधा रखना पड़ता हैं जिसके कारण आपके रीढ़ के हड्डी मजबूत होती हैं। इसके अलावा यह erector spinae, quadratus lumborum, lower trapezius, transversospinalis जैसी समस्या को ठीक करता हैं। यह पीठ दर्द में भी आराम देता हैं।

तनाव को कम करने में नावासन योग के लाभ – Navasana Benefits De-stresses the Body and Mind in Hindi

यह तनाव के कम करने के लिए एक बहुत ही अच्छा आसन हैं। यह सभी अवांछित विचारों को रोक के मन को शांत रखता हैं और ध्यान को केन्द्रित करने में सहायता करता हैं। जब आप नावासन करेंगे को कुछ दिन में ही आपको इसका अनुभव होने लगेगा। यह आपके दिमाग को स्वस्थ रखता हैं जिससे आप किसी भी कार्य को पूरे मन से कर पाते हैं।


नावासन योग के फायदे पाचन तंत्र को मजबूत करता हैं – Navasana ke fayde pachan tantra ko majbut karta hain in Hindi

यह आसन पेट की मांसपेशियों को मजबूत करता हैं और आपकी पाचन क्रिया में सुधार करता हैं। यह अपच जैसे समस्या को खत्म करता हैं। नावासन करने से आपके पेट सम्बन्धी अनेक प्रकार की बीमारियाँ को खत्म किया जा सकता हैं।

नौकासन योग के लाभ इच्छाशक्ति को नियंत्रित करता हैं – Navasana benefits for Builds willpower in Hindi

यह इच्छाशक्ति, दृढ संकल्प और आत्म-नियंत्रण बनता हैं।

यह आपके शरीर में ऊर्जा का प्रवाह को बढ़ता हैं।

यह आसन प्रजनन प्रणाली को मजबूत करता हैं।




शीर्षासन योग करने की विधि और लाभ





योग एक ऐसी चीज है जिसकी सहायता से कई तरह की बीमारियों को दूर किया जा सकता है। अगर आप दवा खाने से हिचकिचाते हैं या फिर दवा खाना आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है तो फिर आपको योग करना सीख लेना चाहिए। योग के लिए कोई उम्र नहीं है, आप किसी भी उम्र में इसकी शुरुआत कर सकते हैं। इसके बहुत ही फायदे हैं।


अगर आप किसी एक आसन को ध्यान से और सावधानी के साथ करते हैं तो आपको उस आसन से बहुत ही फायदे होंगे। ‘शीर्षासन’ भी एक ऐसा आसन है. इस आसन से न केवल आप अपनी स्मरण शक्ति को बढ़ा सकते हैं बल्कि झड़ते और सफेद होते बालों की समस्याओं को दूर कर सकते हैं। आइए जानते हैं विस्तार से इसकी विधि और फायदों के बारे में…






शीर्षासन योग करने की विधि


शीर्षासन योग करने के लिए के सबसे पहले समतल स्थान पर कंबल या चटाई आदि बिछाकर वज्रासन की अवस्था में बैठ जाएं। अब आगे की ओर झुककर दोनों हाथों की कोहनियों को जमीन पर टिका दें। दोनों हाथों की उंगलियों को फंसाकर आपस में जोड़ लें। अब सिर को दोनों हथेलियों के मध्य धीरे-धीरे रखें और उसे जमा दें। सिर को जमीन पर टिकाने के बाद धीरे-धीरे शरीर का पूरा वजन सिर छोड़ते हुए शरीर को ऊपर की उठाना शुरू करें। इसके लिए धीरे-धीरे पैरों को धड़ के समीप लाइये और घुटनों को मोड़िये ताकि पीठ सीधी तनी रहे। यह ध्यान रखिए जाघों का दबाव उदर एवं निचली छाती पर रहे। इसके बाद शरीर का भार सिर पर लें। एक पैर उठाने के बाद दूसरा उठाइए। इसके बाद शरीर को सीधा कर लें। इस अवस्था में शरीर हाथों और सिर के सहारे संतुलित रहेगा। बस यही अवस्था को शीर्षासन कहा जाता है। यह आसन सिर के बल किया जाता है इसलिए इसे शीर्षासन कहते हैं।


इस चीज का ध्यान रखें कि श्वास लेने की प्रकिया सामान्य हो। शुरुआती रूप से वैसे तो आप अंतिम स्थिति 30 सेकेंड तक रूकें। इसके अलावा जो लोग इस आसन को कई सालों से लगातार करते आ रहे हैं वह 30 मिनट तक रूक सकते हैं। वैसे तो स्वस्थ्य रहने के लिए आपको 3 से 5 मिनट तक इस आसन को करते रहना चाहिए।


शीर्षासन योग करने के लाभ
इस आसन के करने से आप शारीरिक रूप से आप मजबूत होते हैं साथ ही यह आपके संतुलन बनाने की क्षमता को भी विकसित करता है।
शीर्षासन तनाव को दूर करने में सहायक है। यह एक ऐसा आसन है जो आपके अंदर के डर, घबराहट और बेचैनी को भी कम कर देता है। इससे आपका मूड सही रहता है।
इससे मस्तिष्क का रक्त संचार बढ़ता है, जिससे की स्मरण शक्ति काफी अधिक बढ़ जाती है।
शीर्षासन से हमारा पाचनतंत्र स्वस्थ रहता है। यह हर्निया, कब्ज आदि रोगों को दूर करता है।
यह असमय बालों का झडऩा एवं सफेद होना दूर करता है। इस आसन के करने से आपके बाल घने और काले होते हैं।
इस आसन से हमारे पूरे शरीर की मांसपेशियां एक्टिव हो जाती है।
आंख में जलन, आखों में सूजन या आख में लगे चश्में को हटाना है तो आप शीर्षासन करना शुरू कर दें।
लगातार शीर्षासन करने से आप स्किन संबंधित समस्या को दूर कर सकते हैं। यह झुर्रियों और चेहरे के दानों को दूर करने में भी सहायक है


शीर्षासन योग – सावधानियां
जिस व्यक्ति को ब्लड प्रेशर की शिकायत है या दिल की बीमारी हो वह इस आसन को हरगिज ना करें।
आंखों से संबंधित कोई बीमारी हो, तब भी इस आसन को नहीं करना चाहिए।
गर्दन में कोई समस्या और चक्कर आने की स्थिति में भी इस आसन को न करें।


नोट: सबसे जरूरी चीज, यदि आप पूर्णत: स्वस्थ नहीं है तो इस आसन के अभ्यास से पूर्व किसी योग एक्सपर्ट से परामर्श अवश्य करें।

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