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सेक्स से क्यों दूर भागती है महिलायें


सेक्स से क्यों दूर भागती है महिलायें 
परिवार में विग्रह के कई कारण होते हैं उनमें से एक कॉमन कॉज़ है पति पत्नी के बीच सेक्स में सामंजस्य का अभाव, ये बात थोड़ी अटपटी लग सकती है लेकिन देश और दुनिया में ज्यादातर जो सर्वे हुए हैं उनके नतीजे इसी ओर इशारा करते हैं। शादी के शुरुआती दिनों में न्यू कपल का ज्यादातर वक्त एक दूसरे के आगोश में या नज़दीकी पाने की चाहत में बीतता है और मौका मिलते ही दोनों एक दूसरे में खोने में ज़रा भी वक्त नहीं गंवाते हैं। लेकिन धीरे-धीरे समय बीतने के साथ दोनों में दूरिया बढ़ने लगती है जिससे लड़किया इस बात से कतराने लगती है…जानें क्यों सेक्स को दौरान लड़कियां दूर जाने लगती है
सेक्स से क्यों दूर भागती है महिलायें 

समय की कमी

ज़िंदगी की भागदौड़ और दूसरी मशरूफित में वही कपल इतने बिज़ी हो जाते हैं कि उनके पास खुद के लिए वक्त नहीं बचता है तो ऐसे में पार्टनर को समय देने या फिर नज़दीकियों के लिए फुरसत ही नहीं मिल पाती है और नतीजा पार्टनर के साथ अंतरंग पल बिताने का मौका तो दूर दो पल भी नहीं बिता पाते हैं। लेकिन पति या पत्नी एक की ख्वाहिश उसी प्यार को पाने की बनी रहती है और ऐसे में अगर शादी के शुरुआती दिनों वाला प्यार न मिले तो धीरे-धीरे चिड़चिड़ा स्वभाव होने लगता है और बात-बात पर विवाद के साथ हालात और खराब होने पर तानेबाज़ी भी शुरू हो जाती है। ऐसे में अगर पार्टनर समझदार है तो वो माहौल को खुशनुमा बनाने की कोशिश करता है, लेकिन ऐसा नहीं होने पर नौबत तलाक तक की आ जाती है और एक खुशहाल परिवार बिखर जाता है।


सेक्स के प्रति नीरसता

कई बार देखा गया है कि शादी के बाद जो न्यू कपल एक दूसरे के बिना एक पल भी नहीं रह सकते, अपने पार्टनर की नज़रों के सामने रहने या अपने पार्टनर को हमेशा अपनी नज़रों के सामने रखने वाले कपल समय के साथ बदलने लगते हैं कारण कई हैं उनमें से एक बड़ा कारण है सेक्स के बाद अपराध बोध महसूस करना। जी हां, ज्यादातर देखा गया है जो कपल शादी के बाद किसी मौके को नहीं छोड़ता था वही कपल समय बीतने के बाद नीरस जिंदगी जीने लगता है, खासकर बच्चे पैदा होने के बाद महिलाओं को लगता है परिवार को उत्तराधिकारी देने के बाद उसका दायित्व खत्म हो गया है। अब सेक्स करना अपराध है जबकि पति को अपनी पत्नी से उसी प्यार की ख्वाहिश होती है। लेकिन पत्नी बाद में सेक्स को अपराध की नज़रों से देखने लगती है, नतीजा होता है दोनो में दूरियों का बढ़ना, यही नौबत आगे चल कर तलाक तक पहुंच जाती है।



प्रेगनेंसी का डर

कई बार ऐसा भी देखा गया है कि जो पत्नी अपने पति के बिना एक पल भी नहीं रहती थी उसे अपने बेडरूम में जाने से भी डर लगने लगता है। इसकी वजह होती है वो प्रजनन पीड़ा जिससे पहले वो गुज़र चुकी होती है। उनके ज़हन में सेक्स का मतलब होता है कि परिवार को उत्तराधिकारी देना भर, ऐसे में वो पति की नज़दीकियों से भी डरने लगती है, उन्हे हमेशा ये डर सताने लगता है कि जो पीड़ वो पहले झेल चुकी हैं अब वो दोबारा उस कष्ट को नहीं झेलना चाहती हैं। हलांकि आधुनिक युग में प्रेगनेंसी रोकने के कई उपाय हैं बावज़ूद इसके उनके ज़हन से वो पीड़ा नहीं निकलती है और वो बिस्तर पर दूरियां बनाने लगती है जबकि उनके पार्टनर की ख्वाहिश अधूरी रहती है कई बार इसके लिए ज़ोर-ज़बरदस्ती भी होती है नतीजा होता है विवाद और अलगाव।

सेक्स के प्रति गलत धारणा

कई बार ऐसा देखा गया है कि जो न्यू कपल शुरुआती दिनों में सेक्स के लिए लालायित रहते थे उनमें समय बीतने के साथ सेक्स को लेकर नीरसता आ जाती है, दुनियाभर में हुए सर्वे के नतीजों को देखें तो ज्यादातर परिवार में बिखराव की मुख्य वजह सेक्स माना गया है। यहां तक कि मशहूर लेखक सलमान रुश्दी की चौथी पत्नी पद्मा लक्ष्मी ने भी अपनी किताब में ये खुलासा किया है कि उनके पति उनसे हमेशा सेक्स की डिमांड करते थे और यही वजह बनी तलाक की। ज्यादातर कपल्स में तलाक की मुख्य वजह सेक्स को ही माना गया है। खास कर पाश्चात्य देशों में तो भारत के मुकाबले तलाक के आंकड़े काफी ज्यादा हैं। हलांकि भारत में तलाक कम होने की वजह भारतीय परंपरा और संस्कार को भी जाता है, यहां परिवार के बिखराव को बचाने के लिए परिवार के बड़े-बुजुर्ग भी मध्यस्थता करते हैं, इसके अलावा सामाजिक डर से विवाद ज्यादा मुखर हो कर सामने नहीं आ पाता हैं। लेकिन दुनिया के दीगर तनाव के साथ आपसी झगड़ा भी बड़े तनाव का कारण बना रहता है। जबकि इसे आपसी समझ और कांउसलिग से सुलझाया जा सकता है। समय बीतने के साथ ये सोच घर करने लगती है कि शारीरिक संबंध स्थापित करने से सेहत पर बुरा असर पड़ता है।


जबकि रिसर्च कुछ और कहते हैं, जानकारों की माने तो सेक्स के बाद इंसान के मष्तिस्क में होने वाले श्राव से इंसान तनाव और दर्द मुक्त होता है। कई जानकार तो सेक्स को हृदय रोगों पर नियंत्रण रखने वाला भी बताते है। लिहाजा पति या पत्नी के ज़हन में सेक्स को लेकर गलत धारणा भी तलाक की वजह बन जाती है। 

इन वजहों से सेक्स करने से डरती है लड़कियां, जानें कारण

आमतौर पर ज्यादातर महिलाओं में सम्बन्ध को लेकर हमेशा एक नयी रूचि देखी जाती हैं। सम्बन्ध बनाने को लेकर हर कपल के मन में अपनी एक अलग योजना होती हैं।
आपको बता दें कि लवमेकिंग का हर पल बेहद खास होता हैं लेकिन कुछ महिलायें सेक्स के नाम से डर जाती हैं। यह अक्सर देखा गया है कि डर की वजह से कई महिलाओं की सेक्सलाइफ बोरिंग हो जाती है। कई तो इससे बचना भी चाहती हैं और इसके लिए तरह-तरह के बहाने बनाती हैं।
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आइए आपको बताते हैं कि आखिर क्यों महिलायें सेक्स के नाम से घबराती है
1- महिलाएं सेक्स से डरने का सबसे बड़ा कारण है अनचाही प्रेगनेंसी। प्रेगनेंसी का खौफ लगभग हर महिला को रहता है। कंडोम पसंद ना करने वाले पुरुष के साथ महिला सेक्स करने से बचती है।

2- महिलाओं के लिए वर्जिनिटी बहुत बड़ा मु्द्दा है। वे सिर्फ अपने हमसफर के साथ ही इसे खोना पसंद करती हैं। यही कारण है कि महिलायें सेक्स से ज्यादा ओरल सेक्स को प्रमुखता देती हैं।

3- महिलाएं सबसे ज्यादा सेक्स से इसलिए भागती हैं क्योंकि उन्हें पुरुषों के लिंग के बड़े साइज का डर रहता है। वो सोचती हैं कि इंटरकोर्स के दौरान होने वाले दर्द का कारण लिंग का साइज बड़ा होना है।
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4- ज्यादातर महिलाओं की शिकायत रहती है कि उनके पार्टनर सेक्‍स के दौरान महिलाओं की इच्‍छाओं और उनकी भावनाओं का ख्‍याल नहीं करते। वे अपनी संतुष्टि से मतलब रखते हैं। पुरुषों का यही स्‍वार्थी रवैया महिलाओं में डर और असुरक्षा को बढ़ावा देता है।
5- पीरियड्स के दौरान महिलाओं में शारीरिक संबंध की इच्छा काफी बढ़ जाती है, लेकिन उन्हें लगता है कि इस अवस्था में अगर शारीरिक संबंध किया तो पता नहीं इससे क्या समस्या पैदा हो जाये।

6- महिलायें सेक्स के दौरान होने वाले दर्द से बहुत डरती हैं। लेकिन एक से दो बार सेक्स करने के बाद महिलायें इस दर्द को इंजॉय करने लगती हैं।
शामिल, कम होगा मोटापा
मोटापा एक ऐसी गंभीर समस्या है जिससे डायबिटीज, हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारी हो सकती हैं। मोटापा कम करने के लिए एक डाइट की जरूरत होती हैं जो आपका वजन कम करने मे मदद करे।
कई बीमारियों का कारण है मोटापा

स्वस्थ आहार में विटामिन्स, प्रोटीन, मिनरल्स जिंक, कैल्शियम, आयरन, आयोडीन की पूर्ण मात्रा के अलावा रोजाना व्यायाम और अनुशासित जीवनशैली को होना बहुत जरूरी है, साथ ही अच्छी नींद लेना भी आवश्यक है।

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यह हैं कुछ शाकाहारी भोजन जो वजन कम करने में करेंगे मदद-
क्वानोवा-

क्वानोवा में अच्छी मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है, जो मेटाबॉलिज्म बढ़ाने के साथ भूख कम करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। यह ग्लूटेन फ्री होता है, जो गेहूं, राई, जौ जैसे अनाजों में पाया जाता है। इसमें फाइबर की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया में सहायक होते हैं।

ओट्स-
ओट्स काफी पौष्टिक माना जाता है, जिसमें महत्वपूर्ण विटामिन, खनिजों और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा होती है। इसमें कम फैट के साथ कैलोरी भी कम होती है जिसे पचाना आसान होता है। इसमें फाइबर की भरपूर मात्रा होने के साथ-साथ रेसिस्टेंट स्टार्च भी होता हैं।

बीन्स और सोया सामग्री-

सोया प्रोडक्ट और बीन्स शरीर में प्रोटीन की मात्रा की पूर्ति करता है। इसमें भी फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में मोटापा कम करने में मदद करता है। सेम, छोले, दाल, टोफू और ब्लैक बीन्स खाने से भूख कम लगती है और मेटाबॉलिज्म रेट कम होता है।

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फल-
फल में कई पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन क्रिया को सही करता है और मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है। वजन कम करने के लिए फाइबर से भरपूर फलों जैसे कि तरबूज, सेब, खरबूज, पपीता, संतरा और सभी तरह की बैरीज को खाना चाहिए।

नट्स-

नट्स से ना सिर्फ दिमाग तेज होता है बल्कि यह वजन कम करने में भी मदद करता है। जो लोग अपने आहार में नट्स शामिल करते हैं, वे वजन बढ़ने की संभावना को कम कर देते हैं और इससे उन्हें मोटापे का खतरा कम होता है। बादाम, अखरोट, पिस्ता, अखरोट और मूंगफली जैसे नट्स शरीर में ज्यादा फैट को बर्न करते हैं।




पूरे दिन संघर्ष का कारण है आपका खराब मूड में सुबह उठना

अक्सर जब हम सुबह सोकर उठते है तो ज्यादा किसी से बात नहीं करते चिढ़े- चिढ़े से रहते है ऐसे में हमारा पूरा दिन काफी खराब और संघर्षों से भरा रहता है। पेनसिलवेनिया में स्थित पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों के एक ताजा शोध में यह बात सामने आई है।
पेन स्टेट यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने किया शोध
वैज्ञानिकों ने अपनी नई रिसर्च में यह पाया है कि सुबह खराब मूड के साथ उठे लोग पूरे दिन संघर्ष करते रहते हैं। सुबह की नकारात्मक मानसिकता का असर पूरे दिन रहता है। शोध के मुताबिक ऐसे लोग जो सुबह से ही यह सोच लेते हैं कि उनका दिन खराब रहने वाला है, तो इसका बुरा असर उनके दिमाग पर भी पड़ता है।

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सुबह नेगेटिव माइंडसेट रखने से मस्तिष्क बाद में काम करना धीमा कर देता है। इससे काम में गलती होने की आंशका बढ़ जाती है और ध्यान केंद्रित करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कुछ बुरा न होने के बावजूद भी दिन खराब ही जाता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि उनकी इस रिसर्च से लोगों को खुश रहने में मदद मिलेगी। अगर लोग इन बातों को ध्यान में रखेंगे तो तनाव उन पर हावी नहीं होगा।
शोध में वैज्ञानिकों ने 240 व्यस्कों की मदद ली। उन्हें कहा गया कि इस बात पर ध्यान दें कि वह दिन में कितना तनावग्रस्त रहते हैं। उन्हें काम के दौरान अपनी याददाश्त का आकलन करने के लिए भी कहा गया। शोध में पाया गया कि जो लोग खराब मूड और तनाव के साथ सुबह उठे थे, उनका प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

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शोधकर्ता मार्टिन स्लिविंस्कीन ने कहा, ‘जब आप सुबह एक विशेष नजरिए के साथ उठते हैं तो कहीं न कहीं आप दिन के उत्साह को मार देते हैं। अगर आप सोचते हैं कि आपका दिन तनाव भरा रहने वाला है तो कुछ बुरा न होने के बावजूद भी आप दिन भर तनावग्रस्त रहेंगे।’


आपके शरीर में रहती हरदम थकान? तो जरुर करिए यह काम

बदलते जीवनशैली में सभी एक साथ कई सारे क्रय करना चाहते है ऐसे में शरीर थकान आम बात है। काम करते हुए हम अक्सर अपनी सेहत का ख्याल रखना भूल जाते हैं। ऐसी लाइफ स्टाइल से शरीर को कई नुकसान होते हैं। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसी बातें जिनपर ध्यान देकर आप इन समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं।
पानी की कमी से शरीर में होती है उर्जा की कमी

भरपूर नींद- थकान की यह सबसे बड़ी वजह होती है। कई लोग नींद पूरी नहीं कर पाते हैं इसकी वजह से उनके शरीर में थकान बनी रहती है। 8 घंटे की नींद भरपूर नींद की श्रेणी में आती है। इसलिए कम से कम 8 घंटे जरूर सोएं।

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खूब सारा पानी पिंए- गर्मियों के मौसम में पानी शरीर के लिए बहुत आवश्यक है। पानी की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है जिससे थकावट महसूस होती रहती है। इसलिए दिनभर पानी खूब पिएं।
पौष्टिक आहार- हम जानते है कि हमारे शरीर को प्रोटीन युक्त आहार की जरूरत होती है लेकिन पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार लेने के बजाय हम गलत चीजें खाते रहते हैं। हरी साग-सब्जी का सेवन करेंगे तो शरीर को पर्याप्त मात्रा में पोषण मिलेगा और आपको थकान महसूस नहीं होगी।

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व्यायाम- कहते हैं कि दिनभर अगर नहीं थके रहना चाहते तो सुबह खुद को एक घंटे थकाइए। इससे साफ है कि अगर आप नियमित रूप से व्यायाम करेंगे तो ना केवल शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि थकान भी नहीं रहेगी।


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