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क्या सेक्स करने से लड़कियों के हिप्स बड़े हो जाते हैं? –


क्या सेक्स करने से लड़कियों के हिप्स बड़े हो जाते हैं? –
क्या आप जानते हैं लड़कियों के बड़े हिप्स होने का कारण, क्या सेक्स करने से लड़कियों के हिप्स बड़े हो जाते हैं? मैंने कई लोगो से यह सुना है कि लडकियां जब सेक्स करतीं हैं तो उनके हिप्स साइज़ में बड़े हो जाते हैं। आमतौर पर सेक्स करने से आपके कूल्हे चौड़े या बड़े नहीं होते हैं। वास्तव में, यौन गतिविधि (sexual activity) और शरीर के विकास के बीच कोई संबंध नहीं होता है। आपके शरीर में परिवर्तन जैसे आपके कूल्हे या स्तन का बढ़ना जैसी चीजें यौवनावस्था में ही स्वाभाविक रुप से होती हैं। यह सच है कि कुछ युवा महिलाएं उस समय के आसपास यौन संबंध बनाने लगती हैं, जिसके कारण उनके शरीर में परिवर्तन (changes) दिखायी देते हैं। इसलिए लोग सोचते हैं कि सेक्स करने से यह परिवर्तन हुआ है और महिलाओं के हिप्स सामान्य से बड़े हो जाते हैं, जबकि ऐसा नहीं होता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि संभोग करने के बाद जब तक आप प्रेगनेंट नहीं होती हैं, आपके हिप्स या स्तन में कोई परिवर्तन नहीं दिखायी देगा। सच्चाई तो यह है कि गर्भ धारण (conceive) करने के बाद ही आपके हिप्स बड़े होते हैं ना कि सिर्फ सेक्स करने से। इस आर्टिकल में हम आपको बताने जा रहे हैं कि सेक्स करने से हिप्स पर क्या प्रभाव पड़ता है और आखिर किन कारणों से हिप्स बड़े होते हैं।
सेक्स करने से हिप्स पर क्या प्रभाव पड़ता है – Sex karne se hips par kya effect padta hai in Hindi
इन कारणों से बड़े होते हैं हिप्स – Causes of big hips in Hindi
उम्र के कारण बड़े हो जाते हैं महिलाओं के हिप्स – Age effects hip size in Hindi
सुस्त जीवनशैली होती है बड़े हिप्स का कारण – Sedentary Lifestyle causes big hips in Hindi
उच्च कैलोरी का सेवन करने से बड़े होते हैं हिप्स – High Calorie Intake ke karan bade hote hai hips in Hindi
इंसुलिन के कारण बड़े हो जाते हैं हिप्स – Insulin ke karan bade ho jate hain hips in Hindi
एस्ट्रोजन के कारण बड़े होते हैं महिलाओं के हिप्स – Estrogen ke karan ladkiyo ke hips bade hote hain
पेल्विक ग्रोथ के कारण बड़े हो जाते हैं हिप्स – Pelvic growth causes big hips in Hindi
सेक्स करने से हिप्स पर क्या प्रभाव पड़ता है – Sex karne se hips par kya effect padta hai in Hindi

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आहे आप एक बार सेक्स करें या फिर बार बार शारीरिक संबंध बनाएं, आपके हिप्स पर संभोग का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि सेक्स करने से हिप्स पर एक अलग तरीके का प्रभाव जरुर पड़ता है। इससे आपके कूल्हों की मांसपेशियां (hips muscles) टाइट होती हैं, ये सही तरीके से टोन हो जाती हैं जिससे इन्हें सही आकार मिलता है और ये बेहतर तरीके से कार्य करती हैं। लेकिन आपके शरीर की काया (body looks) जिस तरीके की है, इसपर एक्सरसाइज करने से ही परिवर्तन दिखायी देता है ना कि सेक्स करने से।

इसके अलावा यह सच है कि सेक्स करने से आपके शरीर में कुछ हार्मोन में वृद्धि होती है लेकिन सिर्फ यौन गतिविधि के दौरान ही ऐसा होता है। सेक्स करने के बाद हार्मोन का स्तर घट जाता है और शरीर पर इसका प्रभाव बिल्कुल भी नहीं होता है खासतौर से आपके हिप्स या शरीर की काया पर। इसलिए आपको सुनी सुनाई हर बात पर भरोसा नहीं करना चाहिए और सही जानकारी प्राप्त करना चाहिए।

इन कारणों से बड़े होते हैं हिप्स – Causes of big hips in Hindi
आमतौर पर महिलाओं में हिप्स का आकार बड़े होने के कई कारण होते हैं। वास्तव में कई सारे कारणों में से उम्र बढ़ना एक मुख्य कारण होता है। यह परिवर्तन हम अपने दैनिक जीवन में भी देख सकते हैं। इसके अलावा शरीर में कुछ हार्मोन्स की वृद्धि एवं कुछ हार्मोन्स की कमी के कारण भी इसका प्रभाव हिप्स के आकार पर पड़ता है। आइये जानते हैं कि आखिर किस कारण से हिप्स बड़े हो जाते हैं।

उम्र के कारण बड़े हो जाते हैं महिलाओं के हिप्स – Age effects hip size in Hindi

आमतौर पर जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपकी मांसपेशियां क्षतिग्रस्त होने लगती हैं। इसके बाद मांसपेशियां वसा कोशिकाओं (fat cells) द्वारा प्रदान की गई ऊर्जा का उपयोग करने लगती हैं। जब महिलाओं की मांसपेशियों क्षतिग्रस्त हो जाती हैं तो वसा जलाने का कार्य भी धीमा पड़ जाता है। जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है, आपका मेटाबोलिज्म कमजोर होने लगता है। वास्तव में मजबूत मेटाबोलिज्म ही वह चीज है जो वसा को एनर्जी में परिवर्तित (converted) करता है। लेकिन जब यह धीमा पड़ जाता है तो अपने कार्य को ठीक से नहीं कर पाता है। इसकी वजह से नितंबों पर वसा तेजी से जमने (store) लगती है और आपके नितंब बड़े हो जाते हैं।

सुस्त जीवनशैली होती है बड़े हिप्स का कारण – Sedentary Lifestyle causes big hips in Hindi

आमतौर पर जो महिलाएं पूरे दिन काम करती हैं उन्हें अधिक कैलोरी लेने की जरूरत पड़ती है और जो महिलाएं कम कार्य करती हैं उन्हें कम कैलोरी की जरूरत पड़ती है। अगर आप कैलोरी को नष्ट करने के लिए नियमित एक्सरसाइज नहीं करती हैं तो यह वसा के रुप में आपके पूरे शरीर पर जमने लगती है। लेकिन शरीर के अन्य भागों की अपेक्षा हिप्स पर सबसे ज्यादा वसा जमती है। इसका अर्थ यह है कि यदि आप कम एक्टिव हैं, जितना कैलोरी नष्ट नहीं करती हैं उससे अधिक ग्रहण कर लेती हैं तो इस वजह से आपके नितंब बड़े एवं भारी (hips heavy) हो सकते हैं।

उच्च कैलोरी का सेवन करने से बड़े होते हैं हिप्स – High Calorie Intake ke karan bade hote hai hips in Hindi

कैलोरी ऊर्जा का एक मुख्य उपाय है जो मानव शरीर को काम करने के लिए आवश्यक है। अलग अलग प्रकार के भोजन में कैलोरी की अलग अलग मात्रा होती है। जैसे आलू और चीनी एवं स्टार्चयुक्त खाद्य पदार्थों (foods) से भरे कार्बोनेटेड पेय में पत्तेदार हरी सब्जियों की तुलना में अधिक कैलोरी होती है। अपने आहार में इन कैलोरी का अधिक सेवन करने से आपको उन कार्यों की आवश्यकता होती है जो आप एक दिन में करते हैं, जिससे आपका शरीर वसा के रूप में इन अतिरिक्त कैलोरी (extra calorie) को संग्रहीत कर सकता है। जो महिलाएं पूरे दिन उस तरह का कार्य नहीं कर पाती हैं, शरीर की अतिरिक्त कैलोरी कूल्हों पर जमा होने लगती है और इस वजह से कूल्हे बड़े हो जाते हैं।

इंसुलिन के कारण बड़े हो जाते हैं हिप्स – Insulin ke karan bade ho jate hain hips in Hindi

इंसुलिन एक हार्मोन है जो अग्न्याशय (pancreas) द्वारा स्रावित होता है। यह तब होता है जब आपके रक्त में ग्लूकोज का उच्च स्तर मौजूद होता है और आमतौर पर आप जिस तरह का भोजन लेती हैं, उसी के अनुसार ग्लूकोज का स्तर बढ़ता है। इसके अलावा आपकी खराब जीवनशैली एवं आदतें भी रक्त शर्करा को बढ़ा देती हैं। इंसुलिन को एक खराब हार्मोन के रुप में जाना जाता है जो टाइप 2 डायबिटीज का कारण बनता है। सच्चाई यह है कि आपकी मांसपेशियां और अंग कोशिकाएं (organ cells) इंसुलिन का बहुत अधिक उपयोग नहीं कर पाती हैं जिसके कारण इंसुलिन ग्लूकोज का परिवहन नहीं करता है और कूल्हों के ऊपर चर्बी (fat) जमने लगती है और कूल्हे बड़े और भारी दिखायी देने लगते हैं।

एस्ट्रोजन के कारण बड़े होते हैं महिलाओं के हिप्स – Estrogen ke karan ladkiyo ke hips bade hote hain

एस्ट्रोजेन एक ऐसा हार्मोन है जो महिला स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है और शरीर में आदर्श मात्रा में मौजूद होना चाहिए। समस्या यह है कि कई रसायन आपके शरीर में वास्तविक एस्ट्रोजन की नकल करते हैं। इन्हें जेनो (xeno) यानि सिंथेटिक एस्ट्रोजेन कहा जाता है। जेनो एस्ट्रोजेन के संपर्क में आने से आपके हिप्स का आकार बढ़ जाएगा, क्योंकि आपके शरीर के निचले हिस्से (lower body) में कई एस्ट्रोजन सेल रिसेप्टर साइट हैं। यही कारण है कि महिलाओं के नितंब भारी हो जाते हैं।
पेल्विक ग्रोथ के कारण बड़े हो जाते हैं हिप्स – Pelvic growth causes big hips in Hindi
सालों से लोग मानते रहे हैं कि शरीर की वसा में वृद्धि होने के कारण हिप्स बड़े और चौड़े हो जाते हैं। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी के निष्कर्षों से पता चलता है कि जैसे जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती है श्रोणि के विकास (pelvic growth) के कारण हिप्स की साइज बढ़ती है। आमतौर पर यह मोटापे के कारण नहीं बढ़ती है। आप इस सच्चाई को अपने आसपास स्वयं देख सकते हैं। अधेड़ उम्र की महिलाओं के हिप्स युवतियों से अधिक बड़े होते हैं। पेल्विक के बढ़ने के कारण ऐसा होता है।

शरीर में वसा वितरण हार्मोन पर बहुत निर्भर करता है। महिलाओं के शरीर के निचले हिस्सों में अधिक वसा होती है, जबकि पुरुषों में यह ऊपरी भाग में होता है, जो प्रत्येक लिंग के हार्मोन के स्तर से लाया जाता है। लड़की के हिप्स बड़े और चौड़े होना सीधे विकास से जुड़ा हुई है, जो यह दर्शाता है कि एक महिला माँ बनने के लिए सक्षम है और प्रजनन के लिए तैयार है।

सेक्स और उम्र का आपस में संबंध 


Sex aur umar in hindi सेक्स और उम्र का आपस में गहरा संबंध माना जाता है। उम्र के अनुसार सेक्स करने की इक्षा में बदलाव होते रहते हैं सेक्स एक शक्तिशाली भावनात्मक (emotional) अनुभव है। इसे स्वास्थ्य की रक्षा या सुधार के लिए एक महान उपकरण माना जाता है। निश्चित रूप से सेक्स केवल युवाओं के लिए ही नहीं बल्कि हर उम्र के लोगों के स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है। हालांकि 50 वर्ष से अधिक की उम्र में सेक्स एक चुनौतीपूर्ण काम बन जाता है। इसका कारण यह है कि उम्र बढ़ने की प्रक्रिया के साथ ही उम्र में सेक्स की इच्छा (Sex aur umar libido) भी घटती जाती है और महिलाओं को मेनोपॉज तो पुरुषों को भी कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
लेकिन बढ़ती उम्र के साथ सेक्स के प्रति बेहतर समझ (Sex perfect information) और खुले दिमाग के साथ आप शारीरिक और भावनात्मक रूप से यौन जीवन (Sex life) का आनंद लेना जारी रख सकते हैं क्योंकि माना जाता है कि सेक्स उम्र का सवाल नहीं है, बल्कि इच्छा का है। इस लेख में हम आपको सेक्स और उम्र से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां देने जा रहे हैं।
भारत में पुरुष किस उम्र में सेक्स करना शुरू करते हैं – India mein mard kis age mein sex karte hain in hindi
भारत में महिलाएं किस उम्र में करती हैं सेक्स – India mein mahilayein kis age mein sex karti hain in hindi
20 की उम्र में सेक्स की इच्छा – sex drive in your 20s in Hindi
30 की उम्र में सेक्स की इच्छा – 30 ki umar me sex ki iksha in Hindi
40 की उम्र में सेक्स की इच्छा – 40 ki umar me sex ki iksha in Hindi
उम्र के अनुसार इतनी बार करना चाहिए सेक्स – kis umar mein kitni baar sex karna chahiye in Hindi
उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में सेक्स समस्या – Umar badhne par female mein sex problem in Hindi
उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में सेक्स समस्या – Umar badhne par male mein sex problem in Hindi
भारत में पुरुष किस उम्र में सेक्स करना शुरू करते हैं – India mein mard kis age mein sex karte hain in hindi

आंकड़ों से पता चलता है कि शादी से पहले सेक्स अभी भी देश के बड़े क्षेत्रों में एक वर्जित (taboo) है। हमारे देश में ज्यादातर पुरुष अपना पहला इंटरकोर्स 20 से 24 साल की उम्र में करते हैं। इसके अलावा यह भी पाया गया है कि शादी से पहले सिर्फ 11 प्रतिशत एकल पुरुष ही सेक्स करते हैं। जबकि अन्य देशों में ऐसा नहीं है। सर्वे में शादी से पहले सेक्स करने वाले एकल पुरुषों का अनुपात (ratio) छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश राज्यों में अपेक्षाकृत अधिक पाया गया।

भारत में महिलाएं किस उम्र में करती हैं सेक्स – India mein mahilayein kis age mein sex karti hain in hindi


एनएफएचएस के सर्वे के अनुसार भारत में महिलाएं 15 से 19 की उम्र में पहली बार शारीरिक संबंध बनाती हैं। आंकड़े बताते हैं कि हमारे देश में सिर्फ 2 प्रतिशत महिलाएं ही शादी से पहले सेक्स करती हैं। डेटा से पता चलता है कि उत्तर भारत के लोग दक्षिण भारत के लोगों की अपेक्षा यौन रुप से अधिक सक्रिय होते हैं।

20 की उम्र में सेक्स की इच्छा – sex drive in your 20s in Hindi


सेक्सोलॉजिस्ट का मानना है कि 20 की उम्र में व्यक्ति की यौन इच्छाएं चरम (extreme) पर होती हैं क्योंकि यही एक उम्र होता है जब शरीर में कई तरह के महत्वपूर्ण बदलाव होते हैं और सेक्स की तीव्र इच्छा होती है। प्रजनन करने के लए भी पर्याप्त जैविक शक्ति होती है। यही कारण है कि ज्यादातर लोग 20 की उम्र में सेक्स का आनंद लेना शुरू कर देते हैं। यदि 20 से 28 की उम्र में किसी महिला को सेक्स करने की बहुत कम इच्छा होती है तो यह बर्थ कंट्रोल पिल्सके कारण हो सकती है क्योंकि यह पिल्स शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को घटा देती है जिसके कारण योनि में सूखापन (vaginal dryness ) आ जाता है और सेक्स करने की इच्छा नहीं होती। ऐसी समस्या होने पर स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाएं।

30 की उम्र में सेक्स की इच्छा – 30 ki umar me sex ki iksha in Hindi


आमतौर पर देखा जाता है कि 30 की उम्र में सेक्स की इच्छा 20 या 28 की उम्र की तरह नहीं होती है। विशेषरुप में महिलाओं में इस उम्र में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने लगता है और यही एक पड़ाव होता है जब फर्टिलिटी भी धीरे धीरे घटने लगती है। इस उम्र में करियर निर्माण, बच्चे को जन्म देने और उनके लालन पालन की वजह से तनाव भी बहुत अधिक होता है और यह काफी थका देने वाला समय होता है। कुछ महिलाएं जो इस उम्र में मां बन चुकी होती है, बच्चे को स्तनपान कराने के कारण उनकी भी यौन इच्छाएं घटने लगती है।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि यदि 30 के उम्र में ही आपकी यौन इच्छाएं घटने लगे तो आपको अपने पार्टनर से इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए और अंतरंग होने के लिए हर संभव उपाय करना चाहिए जिससे आपका यौन जीवन बेहतर हो सके।

40 की उम्र में सेक्स की इच्छा – 40 ki umar me sex ki iksha in Hindi


यह एक ऐसी उम्र होती है जब महिलाओं को हार्मोनल परिवर्तन से सबसे ज्यादा जूझना पड़ता है। मेनोपॉज होने से कुछ वर्ष पहले ही महिलाओं के शरीर में बड़ा बदलाव होता है और अंडाशय (ovaries) धीरे धीरे एस्ट्रोजन का उत्पादनबंद कर देता है। मेनोपॉज से पहले हार्मोन के उतार चढ़ाव (fluctuating) के कारण सेक्स की इच्छा (sex drive), मूड और यहां तक कि शारीरिक रुप से उत्तेजना (sensation of sex) पर भी प्रभाव पड़ता है। एस्ट्रोजन के कम होने से योनि के ऊतक सूख जाते हैं और सेक्स काफी पीड़ादायक (painful) हो जाता है। यही कारण है कि 30 की उम्र में यौन इच्छा को बेहतर बनाए रखने के लिए महिला और पुरुष दोनों को संतुलित भोजन और नियमित एक्सरसाइज करने की सलाह दी जाती है।

अधिक उम्र में यौन गतिविधि – Sexual Activity Among Older peoples in Hindi

जबकि सेक्स की आवृत्ति अक्सर उम्र के साथ गिरावट आती है, कई पुराने वयस्कों – निश्चित रूप से सेक्स कर सकते हैं। वास्तव में, 2017 के सर्वेक्षण के अनुसार, 65 से 80 वर्ष की आयु के पुरुषों और महिलाओं में लगभग 40 प्रतिशत यौन रूप से सक्रिय हैं, और उनके 70 के दशक में महिलाएं अक्सर अपने 40 के दशक में महिलाओं की तुलना में सेक्स के प्रति अधिक संतुष्टि व्यक्त करती हैं।

इसी तरह के निष्कर्ष ब्रिटिश लॉन्गिट्यूडिनल स्टडी ऑफ एजिंग में नोट किए गए थे, हालांकि वृद्ध पुरुषों की तुलना में अधिक उम्र की महिलाओं के यौन सक्रिय होने की संभावना कम थी। इस अध्ययन में, 80 और 90 वर्ष की आयु के बीच के 31 प्रतिशत ब्रिटिश पुरुषों ने हस्तमैथुन और यौन संबंध बनाने की सूचना दी, जिनमें से सिर्फ 60 प्रतिशत पुरुषों जिनकी उम्र 70 से 80 के बीच थी वह यौन रूप से सक्रिय है। इस बीच, 80 और 90 की उम्र के बीच केवल 14 प्रतिशत महिलाएं, और 70 और 80 वर्ष की 34 प्रतिशत महिलाएं नियमित रूप से सेक्स या हस्तमैथुन में संलग्न थीं।

पुरुषों की तुलना में बड़ी उम्र की महिलाओं में कम सेक्स के बावजूद, नेशनल कमीशन ऑन एजिंग (एनसीओए) के एक अध्ययन में पाया गया कि 70 से अधिक उम्र की महिलाओं ने 40 की तुलना में अधिक शारीरिक रूप से संतुष्ट होने की सूचना दी। सेक्स को दोनों लिंगों के लिए अधिक भावनात्मक रूप से संतोषजनक दिखाया गया।
उम्र के अनुसार इतनी बार करना चाहिए सेक्स – kis umar mein kitni baar sex karna chahiye in Hindi


शोधकर्ताओं ने हजारों लोगों पर किए गए शोध में पाया कि उम्र के अनुसार पार्टनर के साथ उनकी अंतरंगता (intimacy) और संबंध कैसे रहे और उम्र विशेष में सेक्स की उनके जीवन में क्या भूमिका रही। इसी के आधार पर शोधकर्ताओं ने यह आंकड़ा तैयार किया कि किस उम्र में लोगों को कितनी बार सेक्स करना चाहिए।
अध्ययन बताता है कि 18 से 29 वर्ष के लोगों को सप्ताह में औसतन दो बार और साल में 112 बार सेक्स करना चाहिए।
जब यह अगले आयु वर्ग, 30 – 39 की बात आती है, तो लोगों को प्रति वर्ष 86 बार सेक्स करना चाहिए, और प्रति सप्ताह 1.6 बार सेक्स करना चाहिए।
40 से 49 वर्ष की आयु के लोगों को प्रति वर्ष 69 बार सेक्स करना चाहिए। इसके अनुसार सप्ताह में एक बार से भी कम सेक्स करना चाहिए या फिर नहीं करना चाहिए।
जैसे जैसे हम वृद्धावस्था (older ages) की ओर बढ़ते जाते हैं हमारे बेडरूम की गतिविधियां धीमी होती जाती हैं क्योंकि हम परिवार और कामों में व्यक्त होने लगते हैं और हार्मोन के उतार चढ़ाव के कारण सेक्स की इच्छा भी नहीं होती है।

उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में सेक्स समस्या – Umar badhne par female mein sex problem in Hindi


माना जाता है कि बढ़ती उम्र पुरुषों से ज्यादा महिलाओं के यौन जीवन को ज्यादा प्रभावित करती है। उम्र के साथ महिलाओं की योनि संकीर्ण (narrow) और छोटी (shorten) होती जाती है। इसके अलावा योनि की दीवारें पतली और थोड़ी सी सख्त (stiffer) हो जाती हैं। ज्यादातर महिलाओं की योनि की चिकनाई (vaginal lubrication) कम होने लगती है जिसके कारण अधिक उम्र में सेक्स करना पीड़ादायक होता है। महिलाओं की योनि में चिकनाई लाने के लिए जेली या ल्यूब्रिकेंट युक्त कंडोम का प्रयोग किया जाता है इसके अलावा मेनोपॉज के लक्षणों को दूर करने के लिए हार्मोन थेरेपी भी की जाती है।

उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में सेक्स समस्या – Umar badhne par male mein sex problem in Hindi


जैसे-जैसे पुरुष बूढ़े होते हैं उनमें नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन अधिक आम हो जाती है। यह समस्या होने पर पुरुषों को यौन उत्तेजना नहीं होती है या फिर इरेक्शन होने में अधिक समय लग सकता है। अगर इरेक्शन होता भी है तो अधिक समय के लिए नहीं होता है। कई बार इरेक्शन होने में बहुत अधिक समय लग जाता है। हालांकि बढ़ती उम्र के साथ होने वाली इस समस्या को विभिन्न उपायों से दूर किया जा सकता है। आपके डॉक्टर के पास सेक्स को आसान बनाने में मदद करने के लिए सुझाव हो सकते हैं।


सेक्स करने की रुचि और क्षमता दोनों में उम्र के साथ गिरावट आ सकती है, लेकिन 70, 80 या 90 के दशक में बहुत से लोग अभी भी थोड़ी मात्रा में सेक्स का आनंद लेते हैं। यदि आपको चिंता है, तो अपने डॉक्टर से बात करें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो कहावत “इसका उपयोग करें या इसे खो दें”। आपको सेक्स करने के लिए हज़ार साल जीने की आवश्यकता नहीं है, और अपने जीवन के बारे में जानने और अपने साथी से प्यार करने के बाद, यह बेहतर हो सकता है।


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