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कूल्हे दर्द से छुटकारा


इन देशी नुस्खों से मिल जाएगा कूल्हे दर्द से छुटकारा

हिप या कूल्हे में दर्द एक ऐसी समस्या है जो हड्डीयों के रगड़ खाने या फिर फ्लूड की कमी के चलते व्यापक पैमाने पर देखने को मिलती है। कमर के नीचे मौजूद हड्डी का निचला जोड़ पुरानी चोट या मोच के प्रभाव से दर्द ग्रस्त हो जाता है। मांसपेशियों में खिंचाव के चलते इंसान उठने बैठने में परेशानी महसूस करने लगता है। दर्द के बाद हैम फौरी राहत प्रदान करने वाली एलोपैथी चिकित्सा की पेन किलर दवाओं का सेवन करते हैं जिससे दर्द में राहत तो मिलती है लेकिन कई तरह के साइड इफेक्ट शरीर को बेहद नुकसान पहुंचाते हैं।

दुनिया मे कई उपचार माध्यमों से दर्द का उपचार होता आया है लेकिन क्या कभी आपने इस बात पर ध्यान दिया कि हमारी रसोई या आस पास मौजूद कुछ तत्व ऐसी बीमारियों में राहत देने में खासा असरदार होते हैं। कूल्हे दर्द में घरेलू उपचार के तहत हैम इस लेख के माध्यम से कुछ ऐसे देशी नुस्खों के बारे में बताएंगे जिन्हें अमली जामा पहनाकर काफी हद तक इस तरह की समस्या से बचा जा सकता है।
पपीते के सेवन से कूल्हे दर्द में राहत
पपीता जड़ से लेकर तने तक काफी उपयोगी होता है। यह एक फल के रूप में हमारे आस पास मौजूद रहता है। पपीते में मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है साथ ही हड्डियों को भी मजबूत बनाता हूँ। कच्चे पपीते का हलवा या सब्जी के रूप में इस्तेमाल करने से हड्डियों को पोषण मिलता है। पके पपीते का रोजाना नियमित सेवन कूल्हे दर्द में बेहद आराम पहुंचाता है।
सेब के सिरके का सेवन दिलाये कूल्हे दर्द में राहत


कूल्हे दर्द में घरेलू उपचार हेतु सेब का सिरका बेहद असरदार साबित होता है। सेब के सिरके को 2 चम्मच लेकर एक गिलास पानी मे मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से हड्डी संबंधित दर्द दूर हो जाते हैं। सेब के सिरके में मौजूद ऑक्सेलिक एसिड शरीर मे उत्पन्न यूरिक एसिड को पेशाब और पसीने के माध्यम से शरीर से बाहर निकाल देता है। इसके रोजाना 2 बार इस्तेमाल से कूल्हे में दर्द समाप्त होने लगता है।
मेथी के सेवन से पाएं कूल्हे दर्द से राहत

मेंथी ऐसा पदार्थ है जो हर घर की रसोई में आसानी से उपलब्ध रहता है। यदि किसी चोट के चलते कूल्हे में दर्द जैसी स्थिति हो रही हो तब मेथी दाने को पानी मे भिगोकर उसका पेस्ट बना लें। पेस्ट में चुटकी भर लाल मिर्च मिलाकर अच्छे से फेंट लें। अब इस पेस्ट को कूल्हे में दर्द की जगह लेप दें। करीब आधे घंटे तक इस पेस्ट को लगा रहने दें। थोड़ी देर बाद दर्द समाप्त होने लगेगा। इसके अलावा मेथी के पानी खाली पेट सेवन करने से कूल्हे में दर्द जैसी समस्याओं से छुटकारा प्राप्त होता है। मेथी ऐसा तत्व होता है जो शरीर से कब्ज और वात जैसे विकारों को खत्म कर हड्डियों के जोड़ों को मजबूत करता है साथ ही मज्जा में फ्लूड की मात्रा का विकास भी करता है।
हल्दी दिलाये कूल्हे दर्द से निजात

हल्दी एक ऐसा प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो बड़े से बड़ा घाव भरने का माद्दा रखती है। यह बेहतर पेन किलर कर रूप में भी इस्तेमाल की जाती है। गुनगुने दूध के साथ हल्दी की एक चुटकी मात्रा का सेवन कूल्हे में दर्द जैसी समस्याओं से निजात दिलाता है। चोट या मोच के दौरान हल्दी को सरसों के तेल में उबालकर अरंड के पत्ते में लेप लें। अब इस पत्ते को कूल्हे पर रखकर किसी कपड़े से बांध लें। यदि संभव हो तो रात में सोते समय यह क्रिया अपनाएं और रात भर इसे कूल्हे पर बंधा रहने दें। ऐसा करीब एक सप्ताह तक अमल में लाने पर कूल्हे दर्द जैसी व्याधियों से मुक्ति मिलती है।
महुआ का सेवन


महुआ एक ऐसा प्राकृतिक तत्व है जिसे पेन किलर के रूप में जाना जाता है। इसमें मौजूद एल्कोहल तत्व दर्द को दूर भगाने का काम करते हैं। दर्द के दौरान महुआ के पत्तों को हल्की आंच पर गरम कर देशी घी लगाएं। घी लगाए हुए पत्तों को कूल्हे पर कपड़े से बांध लें। रात को सोते समय घरेलू उपाय दर्द को समाप्त कर देता है। इसके अलावा महुआ का तेल जोड़ों और कूल्हे दर्द की अचूक दवा के रूप में विख्यात है। महुआ के तेल में जैतून का तेल मिलाकर कूल्हे पर दिन में 3 से 4 बार हल्की मालिश करने से दर्द काफूर हो जाता है।
प्याज और लहसुन

प्याज में मौजूद पेन किलर गुण कूल्हे दर्द में घरेलू उपाय के तहत बेहद उपयोगी साबित होता है। दर्द के दौरान प्याज और हल्दी के पेस्ट में सरसों तेल मिलाकर अच्छे से आंच पर गरम कर लें। जब यह गुनगुना राह जाए या चमड़ी को सहने लायक हो जाये तब इसे कूल्हे के चारों तरफ लगाकर अरंड के पत्ते को रखकर कपड़े से बांध दें। ऐसा कुछ दिन करने से कूल्हे दर्द की समस्या का अंत हो जाता है। लहसुन अपने पेन किलर गुणों के लिए विख्यात है। दर्द की स्थिति में लहसुन को सरसों के तेल में गरम कर कूल्हों पर हल्का मसाज करें। आप गर्म किये हुए लहसुन की कलियों को खा भी सकते हैं। लहसुन के इस तेल का करीब एक सप्ताह तक मालिश दर्द में राहत पहुंचाता है।
ऊपर दिए गए कूल्हे दर्द के घरेलू नुस्खे बेहद असरदार होते हैं। यह ऐसा प्रारंभिक उपचार होता है जिससे सामान्य परिस्थितियों वाले दर्द आसानी से दूर हो जाते हैं। वास्तव में ऐसे तत्वों का कई उपचार विधाओं की दवाओं में जमकर इस्तेमाल भी होता है। फौरी राहत देने वाली दवाम का सेवन जीवन मे कई तरह के दुष्प्रभाव छोड़ जाता है इसलिए कोशिश यही करना चाहिए कि सबसे पहले देशी नुस्खे अमल में लाये जाएं। हालांकि कुछ परिस्थितियों में दर्द बढ़ जाता है और लंबे समय तक तकलीफ देता है। ऐसी दशा में चिकित्सक की सलाह पर दवाओं का चयन जीवन को सुखमय बना सकता है।

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