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कैंसर क्या है कारण लक्षण और बचाव के उपाय –


कैंसर क्या है कारण लक्षण और बचाव के उपाय –

What is cancer in hindi कैंसर असामान्य कोशिका वृद्धि से संबंधित बीमारियों का एक समूह है कैंसर के होने पर शरीर के अन्य भागों में इसके फेल जाने की संभावना होती है किंतु नए बन रहे ट्यूमर के साथ ऐसा नहीं होता क्योंकि ट्यूमर शरीर के अन्य भागों में नहीं फैलता, आज हम आपको इस लेख के द्वारा कैंसर के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं इस लेख में आप जानेंगे कि कैंसर क्या होता है कैंसर किस प्रकार के लक्षण को प्रदर्शित करता है और कैंसर के प्रकार कौन से हैं कैंसर का निदान कैसे किया जाता है तथा कैंसर के बचने के उपाय कौन से हैं इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको इस लेख में प्राप्त होंगे आइए जानते हैं कैंसर क्या है

2015 में लगभग 90.5 मिलियन लोगों को कैंसर था लगभग 14.1 मिलियन नए मामले प्रतिवर्ष कैंसर के आते हैं इसमें से 8.8 मिलियन लोगों की मृत्यु हो जाती है कैंसर के प्रति जागरुकता लाना बहुत जरूरी है ताकि कैंसर के प्राथमिक स्टेज पर ही उसका पता लगा लिया जाए जिससे उसका उचित उपचार किया जा सके|

तंबाकू का उपयोग करने से लगभग 22 प्रतिशत मौतों का कारण कैंसर है जबकि 10% कैंसर मोटापे खराब आहार और शारीरिक गतिविधि की कमी और अत्यधिक शराब पीने के कारण होता है कैंसर के अन्य कारकों में कुछ संक्रमण जैसे विकिरण और पर्यावरण प्रदूषण के संपर्क भी शामिल होते हैं विकासशील देशों में लगभग 20% कैंसर हेपेटाइटिस बी हेपेटाइटिस सी और मानव पेपिलोमावायरस संक्रमण के कारण होते हैं

यह कारक आंशिक रूप से सैल के जीनो को बदल कर कैंसर को उत्पन्न करने का कार्य करते है कैंसर के विकास होने के लिए आमतौर पर कई अनुवांशिक परिवर्तनों की आवश्यकता होती है लगभग 5 से 10% कैंसर किसी व्यक्ति के माता-पिता से वंशानुगत अनुवांशिक दोषों के कारण होता है कैंसर होने का पता कुछ लक्षणों से या स्क्रीनिंग परीक्षणों से लगा सकते हैं इस प्रकार कैंसर को मेडिकल इमेजिंग द्वारा पता लगाया जाता है और अंत में बायोप्सी द्वारा इसकी पुष्टि की जाती है

1.कैंसर क्या है – What is cancer in Hindi
2.कैंसर के लक्षण – Symptoms of cancer in Hindi
3.कैंसर के प्रकार – Types of cancer in Hindi
4.कैंसर के कारण – Causes of cancer in Hindi
5.कैंसर की जाँच – Diagnosis of cancer in hindi
6.कैंसर का इलाज – Cancer treatment in Hindi
7.कैंसर के वैकल्पिक उपचार के घरेलू उपाय – home remedies for cancer in Hindi
8.कैंसर से बचाव के तरीके – Cancer prevention methods in Hindi

कैंसर क्या है – What is cancer in hindi

Cancer कैंसर रोगों का एक बड़ा समूह है जिसमें शरीर के अन्य भागों पर आक्रमण करने या फैल जाने की क्षमता होती है कैंसर होने का मुख्य कारण कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि को माना जाता है कैंसर नियोप्लाज्म के एक सबसेट का निर्माण करते हैं

नियोप्लाज्म ट्यूमर कोशिकाओं का एक समूह है जो अनियमित विकास कर रहा होता है जो की अक्सर एक गांठ के रूप में प्रकट होता है
कैंसर के लक्षण – Symptoms of cancer in hindi
जब कैंसर शुरू होता है तो यह कोई भी लक्षण प्रदर्शित नहीं करता कैंसर के लक्षण कैंसर के प्रकार और स्थान पर निर्भर करते हैं कुछ लक्षण विशिष्ट होते हैं कई बार ऐसे व्यक्ति भी होते हैं जिनको कैंसर के सामान्य लक्षण दिखते हैं लेकिन उन्हें कोई अन्य बीमारी होती है

कैंसर को एक छुपी हुई बीमारी के रुप मैं जाना जाता है इस प्रकार कई लोगों को कैंसर का पता तब चलता है जब वह अपने किसी दूसरे बीमारी का इलाज कराने के लिए जांच कराते हैं और उनके लक्षण कैंसर के लक्षणों से मेल खाते हैं

cancer कैंसर की जांच के बाद ज्यादातर लोग उदास और चिंतित हो जाते हैं कैंसर वाले लोगों में आत्महत्या का खतरा लगभग डबल होता है


कैंसर के मुख्य लक्षण – Major symptoms of cancer in hindi
कैंसर का सबसे आम लक्षण ट्यूमर का बनना है
फेफड़े के कैंसर में खांसी या निमोनिया हो सकता है
कोलेस्ट्रोल कैंसर से आंत में संकुचन या रुकावट उत्पन्न होती है और आंत की गतिविधि भी प्रभावित होती है
स्तन कैंसर में स्तन पर गांठो का उत्पादन हो सकता है
पेशाब करते समय रक्त में खून का आना एनीमिया या गुदा में रक्त स्त्राव को जन्म दे सकता
कैंसर में प्रारंभिक सूजन आमतौर पर दर्द रहित होती है कुछ कैंसर छाती और पेट पेट के भीतर तरल पदार्थ का निर्माण कर सकते हैं
इसके अलावा कुछ सामान्य लक्षण है जो कैंसर के लक्षण हो सकते हैं जिसमें
अचानक अत्यधिक वजन कम होना
बुखार
अत्यधिक थकान और त्वचा में परिवर्तन
यकृत और गुर्दे संबंधी रोग
ल्यूकेमिया जोकि रक्त कैंसर होता है बुखार पैदा कर सकता है
कैंसर के प्रकार – Types of cancer in hindi

100 से अधिक प्रकार के कैंसर पाए जाते हैं यहां हम आपको मुख्य कैंसर के प्रकार के बारे में बताने वाले हैं
गर्भाशय का कैंसर: Uterine cancer in hindi

छोटी उम्र में विवाह, अधिक प्रसव, संसर्ग के दौरान रोग, प्रसव के दौरान गर्भाशय में किसी प्रकार का घाव होना और वह ठीक होने से पहले गर्भधारण हो जाए तो 40 की उम्र के बाद गर्भाशय का कैंसर होने का खतरा रहता है। मीनोपॉज के बाद रक्तस्राव होना, और दुर्गंध आना, पैरों व कमर में दर्द रहना इसके लक्षण हैं.
रक्त कैंसर: Blood cancer (leukemia) in hindi

एक्सरे और विकिरण प्रणाली से किरणें यदि शरीर के अन्दर प्रवेश कर जाएं तो अस्थियों को प्रभावित करती हैं, जिससे उसके अन्दर खून के सेल्स भी प्रभावित होते हैं। ब्लड कैंसर में शरीर की स्वेत रक्त कणिकाओ ने अनियंत्रित वृधि होने लगती है मुख से खून निकलना, जोड़ों व हडि्डयों में दर्द, बुखारा का लगातार कई दिनों तक बना रहना, डायरिया होना, प्लीहा व लसिका ग्रंथियों के आकार में वृद्धि होना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं.
गले का कैंसर: Throat cancer in hindi

तंबाकू सेवन मुख व गले के कैंसर का मुख्य कारण है। मुख के भीतर कोई गांठ, घाव या पित्त बन जाना, मुंह में सफेद दाग, लार टपकना, बदबू आना, मुंह खोलने, बोलने व निगलने में दिक्कत होना इसके लक्षण हैं.
लंग कैंसर: Lung cancer in hindi

हल्की निरंतर खांसी आना, खांसी के साथ खून आना, आवाज में बदलाव आना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके लक्षण हैं.
आमाशय का कैंसर : stomach cancer in hindi

पेट में दर्द, भूख बहुत कम आना, कभी-कभी खून की उल्टी होना, खून की कमी। पतले दस्त, शौच के समय केवल खून निकलना, आंतों में गांठ की वजह से शौच न होना इसके प्रमुख लक्षण हैं.
सर्वाइकल कैंसर : Cervical cancer in hindi

इसके फैलने के बाद रक्त-सामान या मलिन योनिक स्राव उत्पन्न करता है जो कि संभोग या असामान्य रक्त स्राव के बाद नजर आता है। सर्वाइकल कैंसर की प्रारंभिक अवस्थाएं पीडा, भूख की कमी, वजन का गिरना और अनीमिया उत्पन्न करती हैं.
ब्रेन कैंसर: Brain cancer in hindi

ब्रेन कैंसर में मस्तिष्क या स्पाइनल कॉर्ड में गांठ होती है जिससे चक्कार आना, उल्टी होना, भूलना, सांस लेने में दिक्कत होना इसके प्रमुख लक्षण हैं।


कैंसर के कारण – Causes of cancer in Hindi

अधिकांश कैंसर पर्यावरण, जीवन शैली और व्यवहार के द्वारा उत्पन्न होते हैं पर्यावरण को कैंसर का मुख्य कारण माना गया है क्योंकि शरीर और पर्यावरण का परस्पर संबंध होता है लेकिन पर्यावरण के साथ साथ भी जीवन शैली आर्थिक और व्यवहारिक कारण भी कैंसर के कारणों में शामिल होते हैं

कैंसर के कारणों में तंबाकू के सेवन से 25 से 30% , मोटापे से 30 से 35%, संक्रमण से 15 से 20% विकिरण से 10% तथा अन्य शारीरिक गतिविधि की कमी और कोई दूसरे पर्यावरण प्रदूषण के द्वारा उत्पन्न होते हैं

यह साबित करना लगभग असंभव है कि किसी व्यक्ति में कैंसर का कारण क्या है क्योंकि अधिकांश कैंसर के कई संभावित कारण होते हैं उदाहरण के लिए यदि कोई व्यक्ति जो तंबाकू का प्रयोग करता है तो फेफड़ों के कैंसर का खतरा उसमें अधिक होता है इसका मतलब तंबाकू के उपयोग के कारण फेफड़ों का कैंसर होता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो व्यक्ति तंबाकू का सेवन नहीं करता उसे कैंसर ना हो क्योंकि वायु प्रदूषण या विकरण के परिणाम स्वरुप हर किसी के फेफड़े मैं कैंसर के विकास का एक छोटा मौका प्राप्त होता है

कैंसर के कारणों में उम्र बढ़ने का भी संबंध पाया गया है कैंसर को बुढ़ापे को एक जोखिम के रूप में माना जाता है कैंसर के विकास में कई आणविक और सेल्यूलर परिवर्तन शामिल होते हैं इसलिए यह बहुत संभावना है कि यह परिवर्तन बुढ़ापे की प्रक्रिया के दौरान जमा हो जाते हैं अतः उम्र बढ़ने के साथ कैंसर के लक्षण अधिक प्रकट होने लगते हैं

कुछ मुख्य कारक ऐसे भी हैं जिनसे कैंसर होने का खतरा किसी को भी हो सकता है। ये कारक हैं-
वजन बढ़ना या मोटापा।
अधिक शारीरिक सक्रियता ना होना।
एल्कोहल और नशीले पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करना।
कैंसर में पौष्टिक आहार ना लेना।
अपनी दिनचर्या में व्यायाम को शामिल ना करना।

30% से अधिक कैंसर जो कि किसी जोखिम वाले कारकों से उत्पन्न होते हैं को कम किया जा सकता है इनमें सबसे महत्वपूर्ण है तंबाकू के उपयोग में रोक लगाना जो कि कैंसर की लगभग 20% मौतों का कारण होता है

इसके अलावा 10% कैंसर का कारण मोटापे असंतुलित आहार शारीरिक गतिविधि की कमी और शराब पीने के कारण होती है

अन्य कारकों में संक्रमण अनियोजन विकिरण के जोखिम और पर्यावरण प्रदूषण के कारण होता है

विकासशील देशों के लगभग 20% कैंसर ऐसे हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और मानव पैपिलोमा वायरस जैसे संक्रमण के कारण होता है

और अंत में लगभग 5 से 10 परसेंट कैंसर एक व्यक्ति के माता पिता से विरासत में मिली अनुवांशिक दोषों के कारण हो सकता है

कैंसर की जाँच – Diagnosis of cancer in hindi

अधिकांश कैंसर को शुरूआत में या तो लक्षण या लक्षणों के दिखाई देने या स्क्रीनिंग के माध्यम से पहचाना जाता है। इनमें से कोई भी निश्चित निदान की ओर अग्रसर नहीं है, जिसके लिए रोगविज्ञानी (pathologist) द्वारा टिशू नमूना ( tissue sample ) की जाँच की आवश्यकता होती है। संदिग्ध कैंसर वाले लोग चिकित्सा परीक्षणों की जांच में आमतौर पर रक्त परीक्षण , एक्स-रे , सीटी स्कैन और एंडोस्कोपी शामिल हैं ।

बायोप्सी से ऊतक के निदान से पता चलता है कि कोशिका का प्रकोप कितना बढ़ रहा है,जिसमे ऊतक विज्ञान , आनुवंशिक असामान्यताएं और अन्य विशेषताएं शामिल होती हैं। साथ में, यह जानकारी पूर्वानुमान का मूल्यांकन करने और सर्वोत्तम उपचार चुनने के लिए उपयोगी होती है।

साइटोजेनेटिक्स और इम्यूनोहिस्टोकेमिस्ट्री अन्य प्रकार के ऊतक परीक्षण हैं ये परीक्षण आणविक परिवर्तनों (जैसे कि उत्परिवर्तन , संलयन जीन और संख्यात्मक गुणसूत्र परिवर्तन) के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं और इस तरह से रोग का निदान और सर्वोत्तम उपचार भी बता पाते हैं।
कैंसर का इलाज – Cancer treatment in hindi

कैंसर के इलाज के लिए सबसे पहले कैंसर की पहचान होना आवश्यक होता है कैंसर विशेषज्ञ इसकी पहचान करते हैं एक चिकित्सक जोकि कैंसर के उपचार में विशेषज्ञता प्राप्त करते हैं उन्हें ऑंकोलॉजिस्ट (oncologist) कहा जाता है

सबसे पहले कैंसर का इलाज करने के लिए सर्जरी का उपयोग किया जाता है


दूसरे तरीके में विकिरण चिकित्सा का सहारा लिया जाता है

और तीसरे तरीके में कीमोथेरेपी से संबंधित उपचार प्रत्येक विशेष रोगी के लिए अलग-अलग तरह से किया जाता है
कैंसर के वैकल्पिक उपचार के घरेलू उपाय – home remedies for cancer in hindi

कुछ ऐसे घरेलू उपाय हैं जिन्हें कैंसर के उपचार के साथ वैकल्पिक रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है जिसमें भोजन के रूप में ब्रोकली, अंगूर, सोयाबीन, ग्रीन टी, मुसब्बर वेरा और एक्यूपंचर, विटामिन जैसे पूरक आहार शामिल होते हैं के बारे में कहा जाता है कि इनका इस्तेमाल कैंसर के खतरे को कम करता है

लगभग हर चिकित्सक से पता चलता है कि एक संतुलित आहार जो अच्छा पोषण देने में सक्षम होता है कैंसर का मुकाबला करने में मदद करता है

हालांकि इन सभी से कैंसर के कुछ लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है लेकिन इसके कोई भी प्रमाणित सबूत मौजूद नहीं है कि वह किस प्रकार के कैंसर का इलाज करने में सहायता करते हैं


इसलिए कैंसर के मरीज को ऊपर बताए गए आहार का सेवन करने से पहले कैंसर के डॉक्टर के साथ अवश्य ही चर्चा करनी चाहिए

उचित आहार अपनाकर और अपने शारीरिक व्यायाम को बढ़ाकर कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है जैसा कि हम पहले बता चुके हैं कि मोटापा लगभग 30 से 35% कैंसर से होने वाली मृत्यु का कारण बनता है इसलिए आप उचित व्यायाम अपनाकर अपने आप को कैंसर से दूर रख सकते हैं
कैंसर से बचाव के तरीके – Cancer prevention methods in hindi


ज्यादातर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या कैंसर को रोकना संभव है इस पर अधिकांश विशेषज्ञों का मानना है कि कई प्रकार के कैंसर को रोका जा सकता है या फिर कैंसर को विकसित होने वाले खतरों को कम किया जा सकता है इसके लिए कुछ सरल विधियां उपलब्ध है जिनके आधार पर आप कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं और उस से बच सकते हैं
कैंसर से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है कैंसर के कारणों को जानकर उन से बचना


जिसमें सबसे पहला है धूम्रपान कैंसर के मुख्य कारणों में धूम्रपान करना सबसे मुख्य कारण के रूप में जाना जाता है अतः आप कैंसर से बचने के लिए धूम्रपान को त्याग सकते हैं

इसके अलावा अतिरिक्त सूरज की रोशनी से बचने के लिए आप यूवी किरणों के जोखिम को कम करने के लिए सनस्क्रीन का उपयोग कर सकते हैं

इसके साथ ही कुछ रासायनिक पदार्थ भी कैंसर को कम करने के लिए जाने जाते हैं

कैंसर के अन्य कारणों में जिन लोगों में कैंसर होने का खतरा सबसे अधिक होता है वह रासायनिक रूप से कार्य करने वाले व्यक्ति, एक्स रे तकनीशियन, आयोनायजिंग विकरण, शोधकर्ता और एसबेस्टस श्रमिक होते हैं ऐसे लोगों को इस प्रकार के माहौल में कार्य करते समय अधिक सावधानी बरतनी चाहिए जिससे वह इस प्रकार के खतरे से बच सकें|

मोबाइल फोन का उपयोग भी कैंसर का कारण माना जाता है लेकिन कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण अभी तक मोबाइल फोन के कारण होने वाले कैंसर के लिए उपलब्ध नहीं है इस पर अभी शोध जारी है और यह यह संकेत देता है कि मोबाइल फोन का उपयोग करने से कैंसर का जोखिम बहुत कम होता है|

और पढ़े – मोबाइल के साथ सोना कैंसर का ख़तरा बढ़ा सकता है
कैंसर को रोकने के लिए टीकाकरण

इसके अलावा विशिष्ट प्रकार के कैंसर को रोकने के लिए वर्तमान में एफडीए अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दो टीके अनुमोदित किए हैं

जिसमें हेपेटाइटिस बी वायरस के खिलाफ लड़ने वाले टीके जिसमें से कुछ यकृत कैंसर का कारण माना जाता है और human papillomavirus HPV प्रकार के टीके उपलब्ध हैं

NCI के अनुसार HPV वायरस लगभग 70% ग्रीवा कैंसर (cervical cancers) के लिए जिम्मेदार है यह वायरस सिर और गर्दन में पैदा होने वाले कैंसर का कारण होता है साथ ही साथ गुदा क्षेत्र में कैंसर उत्पन्न करने में मुख्य भूमिका निभाता है एचपीवी के खिलाफ टीकाकरण किशोरों और युवा वयस्कों में अनुशंसित किया जाता है एचपीवी वायरस इतना आम है कि 50 वर्ष की आयु से या उससे अधिक आयु के लोगों में इसका होने का खतरा सर्वाधिक होता है

प्रोटेस्ट कैंसर का इलाज करने के लिए एफडीए द्वारा अनुमोदित एक नया टीका जिससे Sipuleucel-T कहते हैं का इस्तेमाल किया जाता है यद्यपि वैक्सीनेशन प्रोटेस्ट कैंसर का इलाज नहीं करता यह प्रोटेस्ट कैंसर वाले व्यक्तियों की उम्र बढ़ने में मदद करते हुए दिखाया गया है

कैंसर से बचाव के उपाय – Cancer prevention methods in Hindi
अनुवांशिक रुप से जुड़े हुए कैंसर के इतिहास के साथ किसी दूसरों में कैंसर विकसित होने से रोकना मुमकिन नहीं है क्योंकि उनके जेनेटिक रूप में बदलाव करना संभव नहीं है हालाकी कुछ व्यक्ति जिनके पास अनुवांशिक रुप से कैंसर से जुड़े कारण होने की उच्च संभावना है कैंसर के विकास को रोकने के लिए प्रयास कर रहे हैं

उदाहरण के लिए कुछ युवा महिलाएं जो स्तन कैंसर का विकास होने की संभावना से ग्रस्त हैं उन्होंने स्तन कैंसर का विकास होने की संभावना को कम करने या समाप्त करने के लिए उनके स्तन के ऊतकों को निकालने के लिए चुना है कुछ डॉक्टर इसे कैंसर को रोकने का अच्छा उपाय मानते हैं जबकि अन्य इसे नकार देते हैं

कैंसर का प्रारंभिक चरण में परीक्षण और स्क्रीनिंग के द्वारा पता लगाया जाना सबसे अच्छा उपाय माना जाता है कैंसर से बचने का क्योंकि इस समय कैंसर के कारण के साथ संभावित इलाज होने की संभावना सर्वाधिक होती है ऐसे स्क्रीनिंग अध्ययन में स्तन परीक्षण, वृषण परीक्षण, कोलन रेक्टल परीक्षण,कोलोनोस्कोपी मैमोग्राफी, कुछ रक्त परीक्षण, प्रोटेस्ट परीक्षण, मूत्र परीक्षण और अन्य प्रकार के परीक्षण शामिल होते हैं

जिन लोगों को संदेह है कि उन्हें कैंसर हो सकता है उन्हें जल्दी से अपने चिकित्सक से इस बारे में चर्चा करनी चाहिए ताकि वह अपने लक्षणों को पहचान सके और कैंसर होने पर उचित उपचार ले सकें और इस अनजान खतरे से बच सकें|

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