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रसोई घर में रखी इलायची करती है बहुत काम

रसोई घर में रखी इलायची करती है बहुत काम

रसोई घर में रखी इलायची करती है बहुत काम

हम अपने स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह के नुस्खे अपनाते रहते है आये दिन तरह-तरह की दवाईयोें और औषधीयों का उपयोग करते रहते है लेकिन हम यह नहीं जानते है कि कई बीमारियों के इलाज में सहायक एक रामबाण औषधी हमेशा हमारे रसोईघर में रखी रहती है बस उसका अच्छे से उपयोग करना हमें आना चाहिए। वो औषधी है आपके रसोईघर में रखी “इलायची” |

इलायची के फायदे

आपको बता दे की इलायची का मुख्य रूप से उपयोंग पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत, हिचकी से आराम, सर्दी-खांसी, गले की खराश, ब्लड प्रेशर कम करने में, अस्थमा, भूख बढ़ाने में ,मुंह की दुर्गंध दूर करने में, और मिचली से राहत, नपुंसकता दूर करने में और तनाव संबंधी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है।
इलायची के नुकसान
ईलायची के अत्यधिक इस्तेमाल करने से गर्भपात, पित्ताशय की पथरी और एलर्जी होने का खतरा बना रहता है इसलिए इलायची का उपयोग हमें किसी डाॅक्टर या वैद्य के परामर्श से ही करना चाहिए

अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम का है बहुत महत्व

अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम का है बहुत महत्व

कैल्शियम मजबूत हड्डियों के लिए बहुत जरूरी है, यह रक्त के थक्के (ब्लड क्लॉटिंग) में भी बहुत मदद करता है। शिशुओं के शुरुआती विकास और मांसपेशियां बनाने में भी बहुत सहायक होता है। कैल्शियम की कमी से कमजोर नाखून, दांत में दर्द, मासिक धर्म दर्द, धड़कन बढ़ना और नाड़ी की समस्याएं भी हो सकती हैं। एक रिपोर्ट के मुताबिक, 14 से 20 साल उम्र के ज्यादातर भारतीय से कैल्शियम की कमी से भी जूझ रहे हैं। सब्जियां, दही, बादाम और पनीर इसके स्रोत हैं।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष ने हमे बताया कि कैल्शियम की कमी जिसे हायपोकैल्शिमिया भी कहा जाता है, तब होता है जब आपको पूरा कैल्शियम कभी नहीं मिलता। अच्छी सेहत के लिए कैल्शियम के महत्व के बारे में हमे पता अवश्य होना चाहिए।


उन्होंने कहा कि जिन लोगों में कैल्शियम की कमी हो, उन्हें अपने आप दवा नहीं लेनी चाहिए और ज्यादा मात्रा में सप्लीमेंट्स नहीं लेने चाहिए। डॉक्टर से सलाह लें और सेहतमंद खानपान के साथ सप्लीमेट लें। उन्होंने कहा कि उम्र के साथ कैल्शियम की कमी भी हो सकती है। शरीर का ज्यादातर कैल्शियम हड्डियों में संचित होता है। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियां पतली और कम सघन हो जाती हैं जिससे कैल्शियम की मांग भी बहुत बढ़ जाती है।

भूखे रहने और कुपोषण, हार्मोन की गड़बड़ी, प्रिमैच्योर डिलीवरी और मैलएब्र्सोब्शन की वजह से भी कैल्शियम की बहुत कमी हो सकती है। मैलएब्र्सोब्शन तब होता है, जब हमारा शरीर खुराक से विटामिन और मिनरल कभी नहीं सोख पाता।


लगातार बैठने से होने वाली गंभीर समस्यायें

लगातार बैठने से होने वाली गंभीर समस्यायें


जब भी आप आॅफिस पर घंटो काम करते है तो आपको शरीरिक समस्याएं होने लगती है। अत्यधिक लंबे समय तक बैठने से आपको दिल के दर्द, मधुमेह, तनाव और पीठ की गंभीर समस्याओं से सामना करना पड़ सकता है। अगर आपकी गर्दन में लगातार दर्द होता है, तो इसका मुख्य कारण आपका डेस्क पर लंबे समय तक बैठना है। एक अध्ययन मे यह पता चला है कि आठ घंटे से अधिक समय तक बैठने से डिस्क की क्षति, तनावग्रस्त गर्दन जैसी लंबी समस्याएं हो जाती हैं। आज हम आपको लगातार बैठने से होने वाली गंभीर समस्याओं से पूर्ण्तः रुबरु करवाते है।

हृदय से जुड़ी समस्या

लंबे समय तक बैठने से उच्च रक्त और कोलेस्ट्रॉल के स्तर में अत्यधिक वृद्धि हो जाती है और विभिन्न हृदय समस्याओं का कारण बन सकती हैं।

मांसपेशियों में गिरावट आने लग जाती है।

मांसपेशियों की ताकत और लचीलापन बनाए रखने के लिए उन्हें उपयोग करना बहुत महत्वपूर्ण होता है लेकिन लगातार बैठने से आपकी मांसपेशी बहुत कमजोर हो जाती है।

पीठ में दर्द होने लग जाता है

लंबे समय तक बैठने से रीढ़ की हड्डी की संरचना में बहुत असंतुलन हो सकता है जिसमें डिस्क क्षति, रीढ़ की हड्डी का लचीलापन, तनावग्रस्त गर्दन, और पीठ का दर्द होने जैसी गंभीर समस्या होने लग जाती है।

गर्दन में दर्द होना

लगातार लम्बे समय तक बैठने से आपकी गर्दन में तेज दर्द होने लग जाता है। काम करते समय आप एक ही जगह देखते रहते है तो आपकी गर्दन एक ही जगह स्थिर हो जाती है और आपको गर्दन में दर्द होना शुरु हो जाता है।

तनावग्रस्त हो जाते है
लगातार बैठने से आपका दिमाग उरनंथ चिड़चिड़ा हो जाता है। और आपको गुस्सा आने लग जाता है और आप तनाव में रहने लग जाते हो। अपनी फैमेली को समय नहीं दे पाते हो

लक्षण:
मसल क्रैम्प– होमोग्लोबिन और पानी की उचित मात्रा लेने के बावजूद अगर आप नियमित रूप से मसल क्रैम्प का सामना कर रहे हैं तो यह कैल्शियम की कमी का संकेत हैं।

लो बोन डेनसिटी– जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है कैल्शियम हड्डियों की मिनरलेजाईशन के लिए जरूरी होता है। कैल्शियम की कमी सीधे हमारी हड्डियों की सेहत पर असर करती है और ओस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्च र का खतरा बढ़ा सकती है।
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कमजोर नाखून– नाखून के मजबूत बने रहने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है, उसकी कमी से वह भुरभुरे और कमजोर हो सकते हैं।

दांत में दर्द– हमारे शरीर का 90 प्रतिशत कैल्शियम दांतों और हड्डियों में जमा होता है उसकी कमी से दांतों और हड्डियों का नुकसान हो सकता है।

सिक धर्म दर्द– कैल्शियम की कमी वाली महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान काफी तीव्र दर्द हो सकता है, क्योंकि मांसपेशियों के काम करने में कैल्शियम अहम भूमिका निभाता है।

एम्यूनिटी में कमी– कैल्शियम सेहतमंद रोग प्रतिरोधक क्षमता बना के रखता है। कैल्शियम में कमी पैथगॉन अटैक से जूझने की क्षमता कम कर देता है।

नाड़ी की समस्याएं– कैल्शियम कमी से न्योरोलॉजिकल समस्याएं जैसे कि सिर पर दबाव की वजह से सीजर और सिरदर्द भी हो सकता है। इसकी कमी से डिप्रेशन, इनसोमेनिया, पर्सनैल्टिी में बदलाव और डेम्निशिया भी हो सकता है।

धड़कन– कैल्शियम दिल के बेहतर काम करने के लिए बहुत ही आवश्यक है और कमी होने पर हमारे दिल की धड़कन भी बहुत बढ़ सकती है और बेचैनी हो सकती है। कैल्शियम दिल को रक्त पंप करने में मदद करता है। उनकी सलाह है कि अगर आप इनमें से किसी लक्षण का सामना कर रहे हैं तो अपने डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।

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