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मां बनने का सपना हर महिला का होता है.

मां बनने का सपना हर महिला का होता है.हो भी क्यूं न आखिर ये इतनी खूबसूरत चीज जो होती है. लेकिन आपका बच्चा लेफ्ट हैंड होगा या राइट, इस पर कभी गौर किया है?




ये पूरी तरह बच्चे पर निर्भर करता है कि वो लेफ्ट हैंड से लिखेगा या राइट हैंड से. लेकिन वहीं दूसरी ओर, शोधकर्ताओं का कहना है कि ब्रेस्टफीडिंग के तरीके और कितने वक्त तक आप बच्चे को ब्रेस्टफीड कराती हैं उस पर भी निर्भर करता है.




एक शोध में पता चला है कि बच्चे को स्तनपान का तरीका, उसके हाथ उपयोग करने पर असर डाल सकता है.




यूनिवर्सिटी ऑफ वाशिंगटन में हुए एक अध्ययन से पाया कि जिन शिशुओं ने स्तनपान किया है उनमें बाएं हाथ से काम करने वाले कम हैं.




नौ महीने तक जिस शिशु ने स्तनपान किया होता है वे दाएं हाथ से काम करते हैं. वहीं, जिन शिशुओं ने बोतल से दूध पिया होता है वे बाएं हाथ से काम करने वाले होते हैं.




इसका कारण यह भी हो सकता है कि हाथ पर नियंत्रण करने वाला दिमाग का हिस्सा दिमाग के एक हिस्से में स्थिर हो जाता है. ये शोध 62 हजार, 129 मां और बच्चे पर किया गया है. यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के प्रोफेसर फिलिप हुजोयल कहते हैं कि बच्चा राइट हैंड होगा या लेफ्ट यह बात बहुत हद तक बच्चे के जीन्स पर भी निर्भर करती है.
सुबह उठने के बाद सबसे पहले क्या करते हैं. ब्रश? जो लोग दिन में दो बार ब्रश नहीं करते हैं उनमें पीले दांतों की समस्या देखी गई है. कहते हैं साल में एक बार डेंटिस्ट के पास जाकर दांतों की स्किलिंग करा लेनी चाहिए. मसूड़ों और दांतों में जमा प्लाक की सफाई होती है. साथ ही मीठा ज्यादा खाने के कारण लगा दांत में कीड़ा भी खत्म होता है.

Tandoori Chai: बारिश के मौसम में पीना चाहते हैं पसंदीदा तंदूरी चाय तो इन #YouTubers से सीखें बनाना

बार-बार डेंटिस्त के पास जाने का वक्त नहीं और पीले दांतों को सफेद करना हो तो ऐसे में घरेलू नुस्खों को अपनाएं. नीचे दी गई वीडियो आपको बताती है कि पीले दांतों को आप मोतियों की तरह कैसे चमका सकते हैं. वो भी एक घरेलू नुस्खा अपनाकर. वैसे तो यूट्यूब पर कई ऐसे चैनल हैं जो दांतों के पीलेपन से छुटकारा दिलाने के तरीके बताते हैं लेकिन ये वीडियो सबसे ज्यादा बार देखा गया है. तरीका भी इसमें आसान बताया गया है.
Fat To Fit जर्नी के इन #YouTubers से सीखिए कैसे दो महीनों में वजन घटाया जा सकता हैPriya Malik नाम से ये चैनल यूट्यूब पर अप्रैल, 2011 में बनाया गया था. आज इसके दो मिलियन, चार लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं जो इसे फॉलो करते हैं. प्रिया हमें बता रही हैं पीले दांतों को सफेद करने का तरीका.


#YouTubers पर हमारी सीरीज चल रही है जिसके अंदर हम आपको नए आइडियाज़ के साथ उन यूट्यूबर्स के बारे में बताएंगे जो मशहूर हैं और उनकी वीडियो सबसे ज्यादा देखी गई है.एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पास, सब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी WhatsApp अपडेट्स



कई बार ऐसा होता है कि होठों पर कालापन आ जाता है. ये सस्ती लिपस्टिक लगाने और ज्यादा लिपबाम लगाने की वजह से होता है. ये फिर शरीर में खून की कमी से. ऐसे में आज हम आपको चार घरेलू नुस्खे बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप होठों के कालेपन को दूर कर सकते हैं.

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टूथब्रश सिर्फ दांत साफ करने के लिए नहीं बल्कि होठों के कालेपन को भी दूर किया जा सकता है. लिप्स पर जमी डेड स्किन और इसके कालेपन को दूर करने के लिए साफ टूथब्रश से हल्के हाथ से होठों साफ करें.




ग्लिसरीन एक ऐसी क्रीम है जो होठों के कालेपन को दूर करने के लिए कारगर है. इसके साथ नींबू के रस की दो से तीन बूंदें मिक्स करें. होठों पर लगाएं और थोड़ी देर बाद इसे निकाल दें. कालापन दूर होगा.




चीनी और नींबू एक तरह से स्क्रब का काम करते हैं. इन दोनों को मिक्स कर होठों पर लगाएं. उंगली से धीरे-धीरे रब करें. डेड स्किन के साथ होठों का कालापन भी दूर होगा.





चुकंदर एक ऐसी सब्जी है जिससे आप लिप्स के लिए प्राकृतिक लिपस्टिक तैयार कर सकते हैं. इसका रस होठों पर लगाएं. इससे होंठ मुलायम होंगे और इनका कालापन भी दूर होगा.




अक्सर ऐसा होता है कि न चाहते हुए भी कई बार पब्लिक टॉयलेट का इस्तेमाल करना पड़ता है. इसकी वजह से कई तरह के बैक्टीरिया या वायरस से जुड़ी बीमारियों की आशंका बना रहता है. वहीं अगर आपसे पहले किसी बीमार या इंफेक्टेड व्यक्ति ने उस टॉइलट सीट का इस्तेमाल किया है तो आपको भी इंफेक्शन होने का खतरा और भी बढ़ जाता है. ऐसे में हम आपको कुछ सावधानी बताने जा रहे हैं, जिससे आप इसके खतरे से बच सकते हैं.





वॉशरूम में जाने के लिए सबसे पहले आपको दरवाजा खोलना पड़ता है. दरवाजा खोलने के लिए आप उस पर लगे हैंडल को पकड़ते हैं और यही वो जगह है जहां से आप कीटाणुओं के संपर्क में आते हैं. ये कीटाणु आपको कई गंभीर बीमारियां दे सकते हैं. इसके लिए, टिशू पेपर से दरवाजे का हैंडल पकड़ें. हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है.





टॉयलेट सीट कितनी भी साफ हो, फिर भी इंफेक्शन दे सकती है. इसलिए टिशू पेपर से सीट कवर साफ करें.





टॉयलेट का इस्‍तेमाल करने के बाद फ्लश दबाने के लिए टॉयलेट पेपर का इस्तेमाल करें और फिर उसे फ्लश में ही डाल दें.

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फ्लश करते वक्त कई कीटाणु आप तक कई कीटाणुं पहुंच सकते हैं. ये कीटाणुं आपकी श्वास नली में पहुंच सकते हैं और गले का इन्फेक्शन भी हो सकता है. इसलिए जब आप फ्लश करें, तो फौरन टॉयलेट से बाहर आ जाएं. दूसरा विकल्प ये है कि टॉयलेट की सीट को बंद कर दें.





हम सभी को काम करते हुए, खाना पकाते हुए या फिर फोन पर बात करते हुए इयरफोन लगाने की आदत होती है. जोकि गलत है. और जानलेवा भी. कई आर्टिकल्स में हमने पढ़ा है कि ज्यादा इयरफोन के इस्तेमाल से कान से सुनाई देना बंद हो जाता है. जोकि सच है. घंटों इयरफोन लगाकर गाने सुनने से आपको दो गंभीर समस्याएं हो सकती हैं जिसके बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं.





आपका ऐसा करना कई गंभीर रोगों को निमंत्रण दे सकता है. आइए जानते हैं कैसे.




हेडफोन लगाने से आपको काम में इंफेक्शन हो सकता है. इससे कान के कैंसर का भी शिकार हो सकते हैं.

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अगर किसी व्यक्ति को कान में फंगल इंफेक्शन है और आप उसका इयरफोन इस्तेमाल करते हैं तो आपको भी इंफेक्शन होने का खतरा बढ़ सकता है. आगे जाकर ये कैंसर का भी रूप ले सकता है.




एक अध्ययन में पाया गया है कि लंबे समय तक हेडफोन का प्रयोग करने से सुनने की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है. इसका इस्तेमाल करना ही चाहते हैं तो कुछ समय का गैप रखें.

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लंबे समय के लिए कान में इयरफोन लगाकर गाने सुनने से हमारे कान सुन्न भी हो सकते हैं. इयरफोन का इस्तेमाल लंबे समय तक करने से आपके कान में हवा का प्रवाह नहीं हो पाता है, जिससे कान में संक्रमण होने के साथ ही आप हमेशा के लिए अपने सुनने की शक्ति से भी हाथ धो सकते हैं.




शरीर चुस्त-दुरुस्त रहे, इसकी ख्वाहिश हम सभी की होती है. भारत में काफी कम लोग हैं जो अपने शरीर की ओर ध्यान देते हैं. रोज एक्सरसाइज, जुम्बा, ऐरोबिक्स या रनिंग करने के साथ पार्क में टहलने के लिए जाते हैं. बाकी सब तो ठीक है लेकिन क्या आपने कभी अपने अंडरवियर के बारे में सोचा है? कौन-सा अंडरवियर आपको पहनना चाहिए जो जिम में एक्सरसाइज करते समय आरामदायक रहे.

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मेकअप, त्वचा, बाल, कपड़े इन सभी पर तो सब ध्यान देते हैं लेकिन, अंडरवियर पर शायद ही कोई देता होगा. आइए आपको बताते हैं कि एक्सरसाइज करते समय आपको किस तरह का अंडरवियर चुनना चाहिए.




सेहत को नुकसान न पहुंचे इसके लिए महिलाओं और पुरुषों दोनों को समान रूप से अपने अंडरवियर पर ध्यान देना चाहिए.



वर्कआउट करते समय जब हमें पसीना आता है तो ऐसे में ये कपड़ों पर जमकर कीटाणु विकसित करता है. जिसकी वजह से हमें खुजली की समस्या हो सकती है. अगर आपने एक्सरसाइज करते हुए ऐसे कपड़े नहीं पहनें हैं जिसमें ब्रीदिंग स्पेस हो, हवा निकलने की जगह न हो तो त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है.





पसीने के कारण आपको प्राइवेट भाग में यूटीआई की समस्या हो सकती है. इसलिए एक्सरसाइज करते समय इन बातों का ख्याल रखें. और एक आरामदायक अंडरवियर पहनना चुनें.




अपने बाकी के कपड़ों से एक्सरसाइज वाले कपड़े अलग रखें. कुछ ऐसा पहनें जिसमें हवा आ-जा सके.




एक्सरसाइज करने के बाद नहाना न भूलें. कॉटन के आरामदायक कपड़े पहनें. आप चाहें तो पॉलिस्टर या नाइलॉन के कपड़े भी पहनना चुन सकते हैं. ऐसा कपड़ा आप अंडरवियर में भी पहन सकते हैं.





एंटीमाइक्रोबियल क्वॉलिटी के अंडरवियर का भी आप इस्तेमाल कर सकते हैं.




अक्‍सर महिलाओं को डिलिवरी के बाद कमर और पीठ दर्द की शिकायत रहती है. ऐसे में कई महिलाएं इससे छुटकारा पाने के लिए दवाई लेना शुरू कर देती हैं. लेकिन जो महिलाएं दवाई लेने से बचना चाहती हैं वे इन घरेलू नुस्खों को अपनाकर कमर दर्द की समस्या से छुटकारा पा सकती हैं.





सबसे पहले तो बच्चे को फीड करते हुए हमेशा पीठ के पीछे तकिया लगाएं. साथ ही पैरों को सीधा रखें. पीठ दर्द दूर करने के लिए आप एक्सरसाइज का सहारा भी ले सकती हैं.

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बाद पीठ दर्द को गायब करने के लिए फल, हरी सब्जियां, जूस, दूध और सूखे मेवे का सेवन करें. इससे आपकी पीठ की मांस-पेशियों को दोबारा मजबूत करने में मदद मिलेगी.

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इसके अलावा इस दर्द से बचने के लिए डेली रूटीन में ध्‍यान रखें कि काम करते वक्‍त भारी सामान न उठाएं. इस कारण पीठ दर्द हो सकता है. साथ ही ध्यान रखें जब आप खड़ी हो रही हों तो दोनों पैरों पर समान वजन रखें.

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