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प्रेगनेंसी में सीने में जलन

प्रेगनेंसी में सीने में जलन : कारण और घरेलू उपाय 
(Pregnancy me seene me jalan : karan aur gharelu upay)

गर्भावस्था के नौ महीने महिलाओं के लिए किसी तपस्या से कम नहीं होते हैं, क्योंकि इस दौरान उन्हें कई शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं को कई दिक्कतें होती हैं, जिनमें से एक है प्रेगनेंसी में सीने में जलन होना।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (heartburn during pregnancy in hindi) होना सामान्य है और इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है, लेकिन जलन होने पर गर्भवती बहुत असहज और परेशान हो जाती है। इस ब्लॉग में हम आपको प्रेगनेंसी में सीने में जलन से संबंधित तमाम जानकारियाँ देंगे।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन क्यों होती है? 
(Pregnancy me seene me jalan kyun hoti hai)
प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) होने पर टेंशन नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इस दौरान गर्भवती महिलाओं के पेट में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है और इससे जलन होना स्वाभाविक है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) गले से लेकर नीचे स्तनोंं की हड्डी तक महसूस होती है। यह जलन काफी असहनीय होती है, जिससे कई बार घबराहट होने लगती है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) शारीरिक और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन में बदलाव की वजह से हो सकती है। प्रेगनेंसी की तीसरी तिमाही में गर्भाशय के बढ़ने से पेट पर दबाव पड़ता है, जिसके चलते भोजन नली में पेट की सामाग्रियां वापस आ जाती हैं, ऐसे में सीने में जलन हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी और सीने में जलन में अतंर क्या है? 
(Garbhavastha ke dauran acidity aur seene me jalan me antar kya hai)
आमतौर पर गले से लेकर स्तन तक होने वाली जलन को एसिडिटी कहा जाता है, लेकिन मेडिकल भाषा में एसिडिटी और सीने में जलन यानि हार्टबर्न अलग अलग होते हैं। तो चलिए जानते हैं कि एसिडिटी और जलन में क्या अंतर है।

गर्भावस्था के दौरान एसिडिटी (pregnancy me acidity)

एसिडिटी तब होती है, जब पेट भोजन पचाने के लिए ज्यादा एसिड का उत्पादन करता है, जिससे पेट के ऊपरी हिस्से में जलन भी महसूस हो सकती है।

गर्भावस्था के दौरान हार्टबर्न (pregnancy me seene me jalan)

हार्टबर्न यानि सीने में जलन तब होती है, जब पेट में मौजूद एसिड ऊपर भोजन नली में पहुंच जाता है और जिससे जलन के साथ पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द भी होता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के घरेलू उपाय क्या है? 
(Pregnancy me seene me jalan ko kam karne ke gharelu upay kya hai)
नीचे प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) को कम करने के लिए कुछ प्रमुख घरेलू उपायों की चर्चा की गई है, जिनकी मदद से गर्भवती महिलाएं इस परेशानी से राहत पा सकती हैं।

ध्यान दें -कई महिलाएं प्रेगनेंसी में सीने में जलन होने पर ईनो (eno in hindi) पी लेती हैं, लेकिन इस दौरान उन्हें इसे पीने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, क्योंकि गर्भावस्था में यह हानिकारक हो सकता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए अदरक खाएं

अदरक में मौजूद गुण प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) को कम करने में कारगर है। ताजा अदरक चबाने या इसकी चाय पीने से सीने में जलन कम हो सकती है, क्योंकि अदरक पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए दही खाएं

दही में मौजूद प्रोटीन गर्भवती महिलाओं के लिए ज़रूरी होता है। दही भोजन के पाचन में सहायक होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को खाने के साथ दही ज़रूर खाना चाहिए। दही खाने से गर्भावस्था के दौरान सीने में जलन की संभावना कम होती है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए एलोवेरा का जूस पीएं

एलोवेरा में मौजूद गुण एसिडिटी और सीने में जलन को कम करने में सहायक हैं। प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक गिलास पानी में थोड़ा सा एलोवेरा का जूस मिलाकर पीना चाहिए। इसको पीने से सीने में जलन और एसिडिटी कम हो सकती है, क्योंकि एलोवेरा पाचन तंत्र को मजबूत करता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए नींबू पानी पीएं
प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) से राहत पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक गिलास पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीना चाहिए, इससे सीने में जलन की समस्या खत्म हो सकती है, क्योंकि यह पाचन क्रिया को सुधारता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए बेकिंग सोडा को पानी में मिलाकर पीएं

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) से छुटकारा पाने के लिए गर्भवती महिलाओं को एक गिलास पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा मिलाकर पीना चाहिए। यह पाचन को दुरुस्त करता है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए सौंफ खाएं

सौंफ में कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, सौडियम आदि तत्व पाये जाते हैं, जो सीने में जलन को कम करने में सहायक होते हैं। प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) को कम करने के लिए सौंफ और मिश्री का चूर्ण बनाकर रोजाना रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ खाना चाहिए।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए लहसुन खाएं

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) को कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को रोज़ाना भोजन में लहसुन का इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंंकि इसमें मौजूद गुण पाचन तंत्र को सुचारु बनाते हैं।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए हरी सब्जियां खाएं

गर्भावस्था में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) कम करने के लिए गर्भवती महिलाओं को हफ्ते में तीन से चार बार हरी सब्जियोंं को खाना चाहिए। हरी सब्जियां खाने से पाचन प्रक्रिया दुरुस्त रहती है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन कम करने के लिए बादाम खाएं

बादाम में मौजूद प्रोटीन प्रेगनेंसी में सीने में जलन (heartburn during pregnancy in hindi) को कम करनेे में सहायक है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को इसे ज़रूर खाना चाहिए।

प्रेगनेंसी में छाती में जलन होने पर क्या नहीं खाना चाहिए? 
(Pregnancy me chhati me jalan hone par kya nahi khana chahiye)
नीचें हम उन चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) को बढ़ाने के लिए जानी जाती हैं, ऐसे में गर्भवती महिलाओं को इन चीजों का परहेज करना चाहिए -
चॉकलेट
मसालेदार खाना
चाय
कॉफी
फास्ट फूड्स, जैसे- बर्गर, पिज्जा आदि।
प्याज
टमाटर
सरसोंं
खट्टे फल, जैसे- संतरा, मौसमी आदि।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए क्या करना चाहिए? 
(Pregnancy me seene me jalan se bachne ke liye kya karna chahiye)
प्रेगनेंसी में गर्भवती महिलाओं के पेट पर दबाव पड़ने से एसिडिटी की समस्या पैदा होती है, जिससे सीने में जलन होती है। तो चलिए जानते हैं कि प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को क्या क्या सावधानियां बरतनी चाहिए।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए थोड़ा थोड़ा खाएं

प्रेगनेंसी में महिलाओं को एक साथ खूब सारा खाना खाने से बचना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को थोड़ी थोड़ी देर बाद हल्का खाना चाहिए, इससे सीने में जलन से बचा जा सकता है।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए सोने से काफी देर पहले ही खाएं

गर्भवती महिलाओं को सोने से तीन घंटे पहले ही भोजन कर लेना चाहिए, इससे भोजन पचने में आसानी होती है।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए तकिये का सहारा लें

जब भी गर्भवती महिलाएं सोएं तो उन्हें अपने सिर के नीचे दो तकिये लगाने चाहिए, ताकि गर्दन पेट से ऊपर रहे, इससे भोजन पचने में आसानी होती है और पेट में मौजूद एसिड गले में नहीं आता, जिससे पेट में जलन से राहत मिलती है।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए ढीलें ढालें कपड़े पहनें

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को ढींले ढालें कपड़े पहनने चाहिए, क्योंंकि टाइट कपड़े पहने से पेट पर दबाव पड़ता है।

गर्भावस्था में सीने में जलन से बचने के लिए खूब पानी पीएं
गर्भावस्था की शुरूआत से ही गर्भवती महिलाओं को दिन में 8 से 10 गिलास पानी पीना चाहिए, ताकि उनके शरीर में पानी की कमी न हो, क्योंकि पानी की कमी की वजह से भी सीने में जलन हो सकती है।

प्रेगनेंसी में सीने में जलन (pregnancy me seene me jalan) होने पर गर्भवती महिला को घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि यह डिलीवरी के बाद अपने आप ही खत्म हो जाती है।

सीने में जलन होने पर गर्भवती महिलाएं ऊपर बताए गये सुझावों को अपना सकती हैं, लेकिन अगर जलन ज्यादा है, तो एक बार उन्हें डॉक्टर से ज़रूर संपर्क कर लेना चाहिए, ताकि किसी भी तरह की कोई परेशानी न हो।

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