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रात में सोने से पहले एक हफ्ते तक पिएं ये 1 ड्रिंक, तेजी से घटेगा वजन


रात में सोने से पहले एक हफ्ते तक पिएं ये 1 ड्रिंक, तेजी से घटेगा वजन



मोटापा कई बीमारियों को दावत देता है. इसकी वजह हार्ट अटैक डायबीटीज़, ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी कई खतरनाक बीमारियां हो सकती हैं. मगर क्‍या आप जानते हैं कि मोटापा आपकी शादीशुदा जिंदगी को भी तबाह कर देता है. आपको ये सुनकर यकीन करना मुश्‍किल हो रहा होगा. मगर हकीकत यही है कि सेक्‍स लाइफ पर मोटापा बहुत बुरा असर करता है. इसके अलावा दो अन्‍य चीजों पर भी मोटापा बुरा असर डालता है.



दरअसल एक शोध के मुताबिक मोटापे से पुरुषों में स्‍पर्म काउंट घटता है और टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन कम होता है.

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ये शोध न्यूयॉर्क की बफ्लो यूनिवर्सिटी में की गई एक स्टडी में किया गया है. शोधकर्ताओं का कहना है कि मोटापे की वजह से पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन का लेवल प्रभावित हो जाता है.


बता दें कि टेस्टोस्टेरोन हॉर्मोन पुरुषों की कामेच्छा को बढ़ाने में मददगार होते हैं और अगर इस हॉर्मोन का स्तर कम हो जाता है तो उनकी सेक्स ड्राइव भी कम हो जाती है.



अब ऐसे में समझ सकते हैं कि मोटापा किस तरह से आपकी शादीशुदा जिंदगी को तबाह करता है.
आजकल की बिगड़ती लाइफ स्‍टाइल की वजह से हमें कई बीमारियां अपनी चपेट में ले रही हैं. उनमे से ही एक है भूलने की बीमारी. जी हां दौड़ती-भागती जिंदगी में हम अक्‍सर कई चीजें भूलने लगे हैं. कभी किसी का नाम नहीं याद आता तो कभी कोई रखी हुई चीज भूल जाते हैं. लोगों में ये प्रॉब्‍लम लगतार बढ़ती जा रही है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं इस बीमारी का एक ऐसा इलाज, जिसमे आपको एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ेगा और आपको इस बीमारी से कुछ राहत मिलेगी. जी हां एक भी रूपये खर्च नहीं होंगे और बीमारी में आराम मिलेगा.
ये इलाज है नियमित व्यायाम. जी हां ताजा शोध के मुताबिक नियमित व्यायाम करके या घर के रोजाना के काम करके याददाशत बरकरार रखी जा सकती है. दरअसल एक शोध के अनुसार, अधिक उम्र के जिन लोगों में अल्जाइमर के लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं वो अगर रोज व्यायाम या घर के डेली काम करें तो इससे याददाशत को बनाए रखा जा सकता है. शोध से पता चला है कि स्वास्थ्य सुधारने, मस्तिष्क पर रक्षात्मक असर पैदा करने के लिए व्यायाम सबसे सस्ता उपाय है.

आजकल का वर्ककल्चर ऐसा है कि अब नाइट शिफ्ट नॉर्मल चीज हो गई है. मगर आप ये नहीं जानते होंगे कि ये नाइट शिफ्ट कई तरह की लाइलाज बीमारियों को दावत दे रही है. जी हां ये बात एक शोध में सामने आई है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को कई तरह की जानलेवा बीमारियों का शिकार होना पड़ सकता है.
आजकल का वर्ककल्चर ऐसा है कि अब नाइट शिफ्ट नॉर्मल चीज हो गई है. मगर आप ये नहीं जानते होंगे कि ये नाइट शिफ्ट कई तरह की लाइलाज बीमारियों को दावत दे रही है. जी हां ये बात एक शोध में सामने आई है कि नाइट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों को कई तरह की जानलेवा बीमारियों का शिकार होना पड़ सकता है.


शोध के मुताबिक रात में काम करने वालों में डीएनए मरम्मत करने वाला जीन अपनी गति से काम नहीं कर पाता और नींद की ज्यादा कमी होने पर यह स्थिति और बिगड़ती जाती है.


शोध में पाया गया है कि जो व्यक्ति रात भर काम करते हैं, उनमें डीएनए क्षय का खतरा रात में काम नहीं करने वालों के मुकाबले 30 फीसदी अधिक होता है. इसकी वजह से उन्‍हें कई गंभीर बीमारी जैसे कैंसर, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारी और तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियां हो सकती हैं.



एनेस्थेशिया अकैडमिक जर्नल में प्रकाशित शोध के मुताबिक, डीएनए पर खतरे का मतलब डीएनए की मूलभूत संरचना में बदलाव है. यानी डीएनए जब दोबारा बनता है तो उसमें मरम्मत नहीं हो पाती है और यह क्षतिग्रस्त डीएनए होता है. ये कई गंभीर बीमारियों के पनपने की वजह बनता है. 




शोध में 28 से 33 साल के स्वस्थ डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जिन्होंने तीन दिन तक पर्याप्‍त नींद ली थी. इसके बाद उन डॉक्टरों का रक्त परीक्षण किया गया, जिन्होंने रात में काम किया था, जिन्हें नींद की कमी थी.



शोधकर्ताओं ने कहा कि शोध में यह पाया गया है कि बाधित नींद डीएनए क्षय से जुड़ा हुआ है. इसलिए नाइट शिफ्ट में लंबे समय तक काम करने से शरीर को कई तरह की गंभीर बीमारियां घेर लेती हैं. 




कहते हैं नवजात शिशु को करीब दो साल की उम्र तक स्तनपान कराना जरूरी होता है. बच्चे को जितने पोषक तत्वों की जरूरत होती है उतने उसे मां के दूध से मिलते हैं. लेकिन कई बच्चे पांच से छह महीने के होने के बाद कई पौष्टिक चीजें डायट में शामिल करने लगते हैं ऐसे में उन्हें स्तनपान करने की आदत छुड़ाने के लिए ये टिप्स अपना सकते हैं. आपके और बच्चे, दोनों के लिए मुश्किल नहीं होगा.




स्तनपान कराने की आदत को धीरे-धीरे कम करें. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रात में कराई गई ब्रेस्टफीडिंग दूध की आदत छुड़ाने में काफी कारगर होती है.




बच्चे को जब भी स्तनपान की तलब लगे तो कोशिश करें कि उसे उस वक्त कुछ और तरल चीज खाने के लिए दें. एक ही प्लेट में खुद के और बच्चे के लिए खाना परोसें. उसे उसी प्लेट से खिलाने की कोशिश करें.

खाने में बच्चे को दाल के पानी के अलावा केला मैश करके दें.


जैसे-जैसे बच्चा खाना शुरू करेगा वैसे-वैसे उसका दूध पीना कम होगा.





ध्यान रहे कि स्तनपान अचानक से बंद न करें. बच्चे के साथ आपको भी इसका नुकसान भुगतना पड़ सकता है. हो सकता है आपके स्तनों में सूजन आ जाए. इंफेक्शन हो जाए.




स्तनपान छोड़ने का हर बच्चे का वक्त अलग होता है. इसलिए इस बात को लेकर ज्यादा परेशान न हों.


गर्भवती महिलाओं में थाइरॉइड की समस्या आम है.



गर्भवती महिलाओं में थाइरॉइड की समस्या आम है. इसके चलते न जाने कितनी महिलाओं को कंसीव करने में भी दिक्कतें आती हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं गर्भवती महिलाओं में थाइरॉइड लेवल कितना होना चाहिए. और अगर थाइरॉइड गर्भावस्था के दौरान बढ़ता है तो उसे नियंत्रण में कैसे लाना है.




हाल ही में हुए एक स्टडी से पता चला है कि प्रेग्‍नेंसी के पहले तीन महीनों के दौरान महिला के शरीर में थाइरॉयड लेवल 0.1 से 2.5 एमएल के बीच रहना चाहिए.



प्रेग्नेंसी के दौरान एक अच्छे डॉक्टर की सलाह लेते रहें. समय-समय पर इसकी जांच कराते रहें.



थाइरॉइड का लेवल अगर बढ़ता है तो इसके लिए डॉक्‍टर के पास जाना आवश्‍यक हो जाता है वरना यह मां और बच्‍चे दोनों के स्‍वास्‍थ्‍य को प्रभावित कर सकता है.


थाइरॉयड के इलाज के लिए दी जाने वाली दवाई जरूरत के हिसाब से घटाई-बढ़ाई जाती है. अगर आप एक ही डोज पर निर्भर रहे तो बच्चे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है.




हाइपोथाइरॉयड होने की स्थिति में गर्भपात की आशंका बढ़ जाती है. भ्रूण के गर्भ में ही मृत्यू हो जाने का डर भी बढ़ता है. इसलिए गर्भवती महिलाओं को अपने खानपान पर ध्‍यान देना चाहिए.



थाइरॉयड ग्रस्‍त गर्भवती महिलाओं के नवजात शिशुओं को भी नियोनेटल हाइपोथाइरॉयड होने की संभावना होती है, इसलिए प्रेग्‍नेंसी के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बरतने पर नुकसान हो सकता है.





प्रेग्नेंसी एक ऐसा पड़ाव है, जो किसी भी महिला के लिए खुशियों की सौगात लेकर आता है. मगर उसके साथ-साथ कई तरह के शारीरिक बदलाव भी होते हैं. इस दौरान बहुत ज्यादा एहितयात रखने की जरूरत होती है. फिर भी शुरुआती तीन महीने में तो ज्‍यादा तकलीफों का सामना करना पड़ता है. इसे मेडिकल भाषा में मार्निग सिकनेस कहते हैं.ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी सावधानियां, जिनको ध्यान में रखकर आप सुबह-सुबह महसूस होने वाली कमजोरी को थोड़ा कम कम कर सकती हैं. 



सुबह या दिन के वक्त या जब भी आपको उल्टी जैसा लग रहा हो तो उस वक्‍त खुद को थोड़ी देर शांत होकर आराम सेे बैठ जाएं. कुछ देर आराम करने केे बाद बेहतर महसूस करेंगी. 


गर्भवती महिलाओं में थाइरॉइड की समस्या आम है.

एक बार में भरपेट खाना खाने के बजाए कम मात्रा में, कई बार ऐसा खाना खाएं जो प्रोटीन और फाइबर से युक्त हो. इसके इतर वसायुक्त एवं तीखे खाने से परहेज करें. 




जब भी आप किसी काम से बाहर जा रही हों तो अपने साथ स्नैक्स का एक थैला जरूर रखें. आप अपने साथ काजू, बादाम या बिस्किट भी रख सकती हैं क्योंकि लंबे समय तक बिना खाए हुए रहने की वजह से आपका ब्लड सुगर घट सकता है, जो कि जी मिचलाने का कारण बनता है. 




पानी की कमी के कारण भी जी मिचलाने की समस्या पैदा होती है. इसकी वजह से प्रत्येक कुछ मिनटों में थोड़ा-थोड़ा पानी पीती रहें. 

गर्भवती महिलाओं में थाइरॉइड की समस्या आम है.


अगर आप चाहें तो आप फलों का जूस भी पी सकती हैं. मगर कैफीन युक्‍त चीजों से दूर रहें.
मौसम बदल रहा है और लोगों में बीमारियां घर कर रही हैं. जुखाम-खांसी नाम से तो छोटे लगते हैं और सुनने में भी लेकिन इम्यूनिटी पर भारी असर डालते हैं. इसके कारण लोगों में बुखार की शिकायत रहती है. जो ठीक होने में कम से कम तीन से चार दिन तक ले लेता है.

आज हम आपको दो ऐसे यूट्यूबर्स के बारे में बताने जा रहे हैं जो सूखी खांसी तक का इलाज आपको घरेलू नुस्खों से बताने जा रहे हैं. ये ऐसे नुस्खे हैं जिन्हें आप घर पर आसानी से तैयार कर इस्तेमाल में ला सकते हैं. पुरानी से पुरानी खांसी तक इनसे ठीक कर सकते हैं. इम्यूनिटी भी बनी रहेगी और आप स्वस्थ भी रहेंगे. आइए जानते हैं उन घरेलू नुस्खों के बारे में वो भी वीडियो से.

#TuesdayThought- वीक के बचे तीन दिन नहीं होंगे बोझिल, अगर इन #YouTubers से लेंगे टिप्स
Top 10 Home Remedies नाम से चैनल यूट्यूब पर सितंबर 2013 से मौजूद है जिसके करीब एक लाख से ऊपर सब्सक्राइबर्स हैं. इस चैनल पर आपको हर बीमारी के घरेलू नुस्खे मिलेंगे जिन्हें आप अपना सकते हैं.

दूसरा चैनल है jaipurthepinkcity के नाम से. इस पर भी आपको घरेलू नुस्खे मिलेंगे जो घर बैठे बीमारी ठीक करने के लिए आसानी से इस्तेमाल में लाए जा सकते हैं. ये चैनल यूट्यूब पर नवंबर, 2009 से उपलब्ध है. इसके करीब तीन मिलियन से भी ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं.

Fat To Fit जर्नी के इन #YouTubers से सीखिए कैसे दो महीनों में वजन घटाया जा सकता हैपुरानी से पुरानी खांसी का इलाज करना चाहते हैं और इससे छुटकारा पाना चाहते हैं तो नीचे साझा की गई यूट्यूब वीडियो देख सकते हैं.


जरूरी नहीं की आपको हर घरेलू नुस्खा फायदा करेगा. हर शरीर की तासीर अलग होती है. पुख्ता तौर पर कहना गलत होगा की ऊपर बताए गए घरेलू नुस्खे काम आएंगे. फिर भी मन में डर न रखते हुए एक बार विशेषज्ञ की सलाह जरूर ले लें. बीमारी को बढ़ाने से कोई फायदा नहीं है.

#YouTubers पर हमारी सीरीज चल रही है जिसके अंदर हम आपको नए आइडियाज के साथ उन यूट्यूबर्स के बारे में बताएंगे जो मशहूर हैं और उनकी वीडियो सबसे ज्यादा देखी गई है.

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आजकल की बिगड़ी लाइफस्‍टाइल में एक प्रॉब्‍लम बेहद कॉमन हो गई है और वो पेट निकलने की. ज्‍यादातर लोग इस प्रॉब्‍लम से जूझ रहे हैं. ऑफिस में लंबे समय तक बैठे रहने की वजह से तो कभी खान- पान की वजह से लोगों का पेट निकल रहा है. ये बढ़ी हुई तोंद ना केवल लुक्स को खराब करती है बल्कि इसकी वजह से कईं तरह की स्वास्थ्य संबधी परेशानियां भी हो सकती हैं. ऐसे में हम पुरुषों को बताने जा रहे हैं सोने से पहले दो इलायची गर्म पानी के साथ खाकर पेट की चर्बी कम कर सकते हैं. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर इलायची खाने से कैसे वजन कम होता है ?

दरअसल इलायची में पोटैशियम, मैग्नीशियम, विटामिन बी1, बी6 और विटामिन सी होता है जो बॉडी की अतिरिक्त चर्बी को पिघला सकते हैं. साथ ही इसमें मौजूद फाइबर और कैल्शियम वजन को भी कंट्रोल करते हैं.

इसके अलावा छोटी इलायची, ब्लडप्रेशर को कंट्रोल करने में भी मददगार साबित है. इसमें पोटैशियम और फाइबर अच्छी मात्रा में होता है जो ब्लड सर्कुलेशन बराबर बनाए रखता है. इसके सेवन से यूरिन इंफेक्शन में भी राहत मिलती है. इसलिए अगर आप भी अपने पेट की चर्बी से परेशान हैं तो दो इलायची का सेवन करके कम कर सकते हैं.
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बॉलीवुड की ग्लैमरस क्वीन मलाइका अरोड़ा खान ने साबित कर दिया है 'ऐज इज़ जस्ट अ नंबर'. बढ़ती उम्र भी उनके जवां होते ग्लैमरस और हुस्न को नहीं प्रभावित कर पा रही है. वो आज भी उतनी ही हसीन लगती हैं जितनी कि अपनी यंग एज में दिखती हैं. मलाइका अरोड़ा खान ने हाल ही में अपने इन्स्टाग्राम अकाउंट पर स्पा ट्रीटमेंट लेते हुए कुछ तस्वीरें अपलोड की हैं.



मलाइका अरोड़ा खान की इन तस्वीरों से साबित होता है कि उम्र के साथ कैसे उन्होंने अपनी फिटनेस से समझौता नहीं किया.





स्पा के दौरान सुगंधित तेलों से मसाज कराती हुईं मलाइका अरोड़ा खान की एक तस्वीर.




खूबसूरत पहाड़ी पर योगासन करती हई मलाइका अरोड़ा खान .



खिड़की के बाहर सूर्य की किरणों से सन बाथ का आनंद लेती हुई मलाइका अरोड़ा खान.




स्विमिंग पूल के किनारे ग्लैमरस अंदाज में मलाइका अरोड़ा खान.




डाइट के एक होर्डिंग को देखती हुई मलाइका अरोड़ा खान की एक तस्वीर.




पारंपरिक तरीके से पैरों की सफाई करवाते हुए मलाइका अरोड़ा खान .की एक तस्वीर.






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