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माइग्रेन दर्द से राहत दिलाएगा


माइग्रेन दर्द से राहत दिलाएगा नया स्मार्टफोन एप


अनुसंधानकर्ताओं ने स्मार्टफोन आधारित एक एप विकसित किया है, जो माइग्रेन से पीड़ित लोगों के सिरदर्द को घटाने में मदद कर सकता है। अमेरिका के न्यूयार्क चिकित्सा स्कूल विश्वविद्यालय (एनवाईयू) माइग्रेन से पीड़ित जिन लोगों ने एक सप्ताह में कम से कम दो बार इस तकनीक का इस्तेमाल किया उन्हें हर महीने औसतन कम से कम चार दिन सिरदर्द से आराम मिला।


माइग्रेन का इलाज करेगा 'स्मार्टफोन एप'
'रिलैक्स ए हेड' नाम का एप मरीजों को मांसपेशियों में निरंतर आराम (पीएमआर) का तरीका बताता है। व्यवहार संबंधी थैरेपी के रूप में, मरीजों की अलग अलग मांसपेशियों में आराम मिलता है, जिससे तनाव कम होता है। 'नेचर डिजिटल मेडिसिन' पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन ऐसा पहला अध्ययन है जिसमें माइग्रेन के इलाज के लिए एक एप के स्वास्थ्य संबंधी असर का मूल्यांकन किया गया है।



एनयूवाई में सहायक प्रोफेसर मिआ मिनेन ने कहा, 'हमारा अध्ययन साबित करता है कि अगर मरीजों के पास व्यवहार संबंधी थैरेपी आसानी से उपलब्ध हो तो वे इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, वे अपने हिसाब से इसका इस्तेमाल कर सकते हैं और यह सस्ता है।' माइग्रेन का मुख्य लक्षण बेहद तेज सिरदर्द है और बाद में इसमें उबकाई तथा प्रकाश एवं ध्वनि के प्रति संवेदनशीलता भी जुड़ जाती है।
क्या है माइग्रेन?

माइग्रेन एक ऐसी बीमारी है, जिसमें सिर के आधे हिस्से में तेज दर्द होता है। ज्यादा देर हाई ब्लड प्रैशर, कंप्यूटर के सामने बैठने, तनाव, पूरी नींद ना लेने के कारण यह समस्या अधिक होती है। गर्मियों में माइग्रेन का दर्द और भी बढ़ जाता है क्योंकि इस दौरान तेज धूप का असर आंखों और दिमाग पर भी पड़ता है। इसके अलावा तेज आवाज या शोर-शराबे के चलते भी यह दर्द अचानक शुरू हो जाता है। इसके अलावा भरपूर मात्रा में पानी न पीना, मौसम में बदलाव या किसी एलर्जी के कारण भी माइग्रेन की समस्या हो सकती है।
माइग्रेन के लक्षण

सिर के आधे हिस्से में तेज दर्द
नींद ना आना
धुंधला दिखाई देना
बार-बार यूरिन आना
शरीर का एक हिस्सा सुन्न महसूस होना
भूख ना लगना
कमजोरी महसूस होना
जी मिचलाना और उल्टी होना
लो ब्लड प्रैशर
गुस्सा व चिड़चिड़ापन
घरेलू नुस्खों से भी कर सकते हैं इलाज
माइग्रेन दर्द होने पर देसी घी की कुछ बूंदें नाक में डालें। इससे दर्द कुछ ही देर में गायब हो जाएगा। इसके अलावा किसी ऑयुर्वेदिक तेल जैसे लैंवेंडर, जैतून आदि से मालिश करने पर भी दर्द से आराम मिलेगा।




माइग्रेन-मोटापा जैसी 10 बीमारियों का काल है त्रिकोणासन, जानें करने का सही तरीका


त्रिकोणासन योग करते समय बॉडी का आकार त्रिकोण (Triangle) के जैसा हो जाता है, इसलिए इसे त्रिकोणासन या Triangle Pose कहा जाता हैं। वजन घटाने के लिए यह सबसे आसान और असरदार आसान है। साथ ही इससे आप रीढ़ की हड्डी में दर्द, ब्लड शुगर और अन्य कई हेल्थ प्रॉब्लम्स को कंट्रोल कर सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं त्रिकोणासन करने का तरीका और इसके कुछ फायदे, जिससे आप इस समस्या से बचे रह सकते हैं।


त्रिकोणासन की विधि:

इस आसन को करने के लिए दोनों पैरों को खोलकर सीधे खड़े हो जाएं। इसके बाद हाथों को पैरों के समानांतर फैलाएं और पैरों के बीच में 2 फिट का गैप रखें। अब दाएं पैर के पंजो को दाएं हाथ से छूने की कोशिश करें। इस दौरान आपका दूसरा हाथ आसमान की ओर 90 डिग्री कोण पर होना चाहिए। 15-20 सेकंड तक इस पोजिशन में रहने के बाद सामान्‍य स्थिति में आएं। इसके बाद यही क्रिया दूसरे हाथ से भी दोहराएं।

त्रिकोणासन के फायदे
वजन घटाए

त्रिकोणासन मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करने के साथ पाचन क्रिया को दुरूस्त रखता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे बॉडी की स्ट्रेचिंग होती है और फैट बर्न होता है।
डायबिटीज

इस योग की रोजाना प्रैक्टिस से टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। इतना ही नहीं, इसके अभ्यास से शुगर लेवल भी कंट्रोल में रहता है।

दिल को रखे स्वस्थ
नियमित रूप से यह आसन करने पर ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा इससे बॉडी भी डिटॉक्स होती है। इसके अलावा यह योग कंधे और दिमाग में कैल्शियम के जमाव को रोकता है, जिससे आप दिल की बीमारियों से बचे रहते हैं।
हाइट बढ़ाए

अगर आपके बच्चे की हाइट भी कम है तो उन्हें रोजाना यह आसन करवाएं क्योंकि यह बॉडी को स्ट्रेच करके हाइट बढ़ाने में मदद करता है। हाइट बढ़ाने के लिए कम से कम 6-12 साल के बच्चों को यह योगासन करवाया जा सकता है।
शरीर को बनाए लचीला

अगर आप अपने शरीर के लचीलेपन को बढ़ाना चाहते हैं तो यह आसन सबसे अच्छा ऑप्शन है। इस आसन का अभ्यास करने से सीने, टखनों, कूल्हों और पैरों को ताकत मिलती है। इसके अलावा इस आसन के अभ्यास से आपके पैर और हाथ मजबूत होते हैं।
माइग्रेन दर्द को करे दूर

अगर आपको माइग्रेन का दर्द रहता है तो यह योग आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है। इससे दिमांग शांत होता है, जिससे माइग्रेन का दर्द भी गायब हो जाता है।

जोड़ो का दर्द करें दूर
त्रिकोणासन आसन करने से शरीर में खून का बहाव ठीक रहता है, जिससे जोड़ों के दर्द में काफी आराम मिलता है। इसके अलावा इससे रीढ़ की हड्डी और पीठ दर्द में भी आराम मिलता है।
फेफड़े के लिए फायदेमंद

इसके अभ्यास से आप अपने फेफड़े में ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन लेते हैं और साथ ही इससे लंग्स की एक्सरसाइज भी हो जाती है।
गर्भावस्था में फायदेमंद

गर्भावस्था में त्रिकोणासन करने से डिलीवरी के समय होने वाला दर्द कम होता है। प्रैग्नेंट महिलाएं इस आसन को पहले महीने से शुरू कर सकती हैं। इस आसन को करने से गर्भवती महिलाओं में तनाव भी कम होता है।
ग्लोइंग स्किन

चेहरे की सुंदरता बढ़ाने के लिए महिलाएं बहुत से ब्यूटी प्रॉडक्टस का इस्तेमाल करती हैं लेकिन रोजाना यह आसन करके भी आप चेहरे का ग्लो बरकरार रख सकती हैं वो भी बिना किसी साइड इफैक्ट के।

बरते सावधानी
जिन लोगों की पेट की सर्जरी हुई है, उन्हें त्रिकोणासन नहीं करना चाहिए। अगर स्लिप डिस्क की समस्या है तो यह आसन करने से बचें। साइटिका पेन के मरीज गलती से भी त्रिकोणासन ना करें।

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