Header Ads

स्‍पर्म और सीमन में होता है फर्क



स्‍पर्म और सीमन में होता है फर्क, जानें इससे जुड़े फैक्‍ट जो आपको होने चाहिए मालूम!

क्‍या आप जानते है कि स्‍पर्म और सीमन एक नहीं बल्कि दो अलग-अलग चीजें है। अगर आप भी इस फैक्‍ट से अंजान थे तो आपको जानकर थोड़ा धक्‍का लग सकता है। आजकल अपने आसपास आप सीमन या स्‍पर्म को लेकर बहुत सारी अजीबो-गरीब खबरे पढ़ने को या सुनने मिलती होगी कि सीमन फेशियल से पाएं चमकती त्‍वचा और सीमन के सेवन से मिलता है प्रोटीन। स्‍पर्म और सीमन को लेकर हमारे आसपास कई तरह की मनगढ़ंत बातें है

जिनके बारे में आपको मालूम होना बेहद जरुरी है। आज हम आपको स्‍पर्म और सीमन से जुड़े कई दिलचस्‍पी और जरुरी फैक्‍ट बता रहे हैं। जिससे आप इसे जुड़ी गलतफहमी से न‍िकलने में मदद करेगी।


स्‍पर्म काफी समय तक टिका रहता है
क्‍या आप जानते है कि स्‍पर्म एक मनुष्‍य शरीर में 5 दिन तक मौजूद रह सकता है? जी हां, यही कारण है कि शुक्राणु वास्तव में काफी लंबे समय तक यौन संबंध बनाने के बाद महिला प्रजनन प्रणाली के आसपास ही घूमता रहता है। हालांकि, ये शरीर के बाहर ज्‍यादा द‍िन तक जीवित नहीं र‍ह सकते हैं। खासतौर पर अगर सीमन सूख चुका है तो।


सीमन फेशियल क्‍या सचमुच चमत्‍कारी है!
सुंदर और बेदाग दिखने के ल‍िए दुन‍िया के कोनो में महिलाएं सीमन फेशियल तक करवाने लगी है। आपको जानकर हैरत होगी कि सीमन आपके चेहरे को नुकसान तो नहीं पहुंचाता है लेकिन ये कोई चमत्‍कार भी नहीं करता है। जी हां, सीमन फेशियल को आज दुन‍ियाभर में बढ़ाचढ़ाकर दिखाया जा रहा है लेकिन ये न तो आपके चेहरे को खूबसूरत बनाता है न ही ये मुंहासें की समस्‍या को दूर करता है।
स्‍पर्म, सीमन का ही एक हिस्‍सा है

वीर्य (Seman) वास्तव में स्खलन (ejaculates)के दौरान लिंग से निकलने वाला तरल होता है। दूसरी ओर शुक्राणु (sperm) यानी स्‍पर्म, टैडपोल के आकार की जर्म्‍स सेल होती हैं, जो सीमन का ही एक हिस्सा होती हैं। इसके आधे हिस्‍से में नियमित मानव गुणसूत्र होते है जबकि बाकी हिस्‍से में अंडे की कोशिकाएं होती है।



वीर्य बदबूदार नहीं होना चाहिए

जी हां, सामान्‍यतौर पर पुरुषों के सीमन से बदबू नहीं आती है और ये रंगहीन होता है। अगर आप कभी नोटिस करें कि आपके सीमन से बदबू आती है और इसके रंग में परिवर्तन है तो ये इस बात की तरफ इशारा करता है कि आपको किसी हेल्‍थ इश्‍यू जैसे कि इंफेक्‍शन और एसटीडी से पीड़ित हो सकते हैं।

Most Read : क्‍या स्‍पर्म एलर्जी के वजह से बांझपन हो सकता है?
वीर्य की थोड़ी मात्रा यानी बहुत सारा शुक्राणु
क्‍या आप जानते है कि स्‍खलन (ejaculates) के दौरान पुरुष के वीर्य (Seman) में लगभग 15 मिलियन से 200 मिलियन शुक्राणु (sperm) कोशिकाएं मौजूद होती हैं? बढ़ती उम्र के साथ ही पुरुषों में शुक्राणुओं (sperms) के उत्पादन में कमी आने लगती है, लेकिन फिर भी इनकी मात्रा काफी ज्‍यादा होती है।
प्री-कम से नहीं बना सकता है आपको गर्भवती
कई बार लोग प्री-कम यानी वीर्य स्‍खलन पूर्व स्रावित (Pre-Cum) से होने वाले चिपचिपे पदार्थ को लेकर आशंकित हो जाते हैं। जबकि यह बिलकुल सामान्‍य सी बात है। हालांकि, यह वीर्य नहीं होता। इसमें और वीर्य में काफी अंतर होता है। प्री-कम (Pre-Cum) संबंध बनाने की शुरुआत हो सकता है तो स्खलन अंत। पुरुषों में उत्तेजना के दौरान प्रारम्भिक स्‍तर पर वीर्य न‍िकलता है जिसे प्री-कम कहा जाता है ये एक तरह लुब्रिकेंट का काम करता है। इसमें स्‍पर्म की मात्रा न के बराबर होती है लेकिन अगर आप शंका में नहीं रहना चाहते है तो बेहतर है कि आप कंडोम का इस्‍तेमाल करें।
वास्‍तविक है सीमन एलर्जी
हालांकि ये बहुत ही दुलर्भ स्थिति है, लेकिन सीमन से एलर्जी आपको हो सकती है। इसकी वजह से आपको कई तरह की एलर्जिक र‍िएक्‍शन होने की सम्‍भावना रहती है जैसे कि खुजली, सूजन और इसकी सम्‍पर्क में आने वाले त्‍वचा के आसपास आपको लालपन भी महसूस हो सकता है।

Most Read : ये आदतें बर्बाद कर रही है आपकी सेक्‍स लाइफ, पोर्न है सबसे ज्‍यादा जिम्‍मेदार!
विटामिन से भरपूर होता है सीमन
जी हां, सीमन में भी पोष्टिक तत्‍वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन सी, B12, एस्कॉर्बिक एसिड, कैल्शियम, साइट्रिक एसिड, फ्रुक्टोज, लैक्टिक एसिड, मैग्नीशियम, जस्ता, पोटेशियम, सोडियम, वसा और प्रोटीन पाया जाता है। लेकिन इसे दैनिक सेवन में शामिल करने की कोई भी वजह आज तक सामने नहीं आई है।



स्पर्म और सीमन से जुड़ी ये बातें हैं सरासर गलत

प्रजनन प्रक्रिया महिला और पुरुष की फर्टिलिटी पर निर्भर करती है। कुछ ज़रूरी बातें हैं जिन्हें ध्यान रख कर ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि आप एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दें। इस बात का भी ध्यान रखें की आप हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हों।

अच्छी खुराक सीमन के प्रोडक्शन को बढ़ा सकता है और उसकी क्वालिटी को भी बेहतर कर सकता है। पुरुषों की फर्टिलिटी को मापने का फैक्टर है- स्पर्म की गतिशीलता और उसकी गिनती।

स्पर्म जो पुरुषों का रिप्रोडक्टिव सेल है, ग्रीक शब्द 'स्पर्मा' से लिया गया है जिसका मतलब है बीज। स्पर्म का काम अंडाणु तक पहुंच कर वहां अंडों को फर्टिलाइज़ करना है। वहीं सीमन में स्पर्म के आलावा, 200 तरह के प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन सी और बी12, सिट्रिक एसिड, लैक्टिक एसिड, नाइट्रोजन, पोटाशियम, सोडियम, फास्फोरस और जिंक होता है।

इस आर्टिकल में आज हम स्पर्म और सीमन से जुड़ी उन मान्यताओं पर बात करेंगे जिन्हें लोग सच मानते हैं लेकिन हक़ीक़त में ऐसा नहीं है।


1. स्पर्म की लाइफ होती है छोटी
एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म 5 दिनों तक सक्रिय रहता है। ये सर्वाइकल म्यूकस के सम्पर्क में आता है जो इसे वजाइना में मौजूद एसिडिटी से बचाता है। ये उन स्पर्म को रिजेक्ट कर देता है जो अपने आकार या गतिशीलता की वजह से अंडों तक पहुंचने में असफल होते हैं।

Most Read: ये आदतें बर्बाद कर रही है आपकी सेक्‍स लाइफ, पोर्न है सबसे ज्‍यादा जिम्‍मेदार!
2. स्पर्म सीधा अंडों तक पहुंचते हैं

अगर आप ये सोचते हैं कि एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म सीधे एग तक पहुंच जाते हैं तो आप पूरी तरह से गलत हैं। एजाक्यूलेशन के बाद स्पर्म को एक लंबी यात्रा तय करनी पड़ती है।

3. एक व्यक्ति के जीवनकाल तक स्पर्म की फर्टिलिटी बनी रहती है
लोगों का मानना है की हमेशा स्पर्म की फर्टिलिटी बनी रहती है और पुरुषों को लगता है की वो पूरी ज़िंदगी अच्छी क्वालिटी का स्पर्म ही प्रोड्यूस करते हैं लेकिन ये सच नहीं है। पुरुष अपने जीवन में जितना चाहे उतना स्पर्म प्रोड्यूस कर सकता है लेकिन उसकी क्वालिटी, गतिशीलता उम्र के साथ प्रभावित होने लगती है।




4. अंडरवियर से स्पर्म काउंट को नहीं पड़ता फर्क
अगर आप टाइट ब्रीफ्स पहनते हैं तो इस बात की संभावना है कि आपका स्पर्म काउंट कम हो जाए। वहीं दूसरी तरफ अगर कोई व्यक्ति लूज़ बॉक्सर्स पहनता है तो उसकी स्पर्म प्रोडक्टिविटी बेहतर होगी क्योंकि स्पर्म को तैयार होने के लिए संतुलित तापमान मिलता है। एक अध्ययन से भी ये बात साफ़ हो चुकी है कि बॉक्सर्स पहनने वालों का स्पर्म काउंट ब्रीफ्स पहनने वालों की तुलना में 17 प्रतिशत ज़्यादा है।

5. सीमन है प्रोटीन से भरपूर
ज़्यादातर लोगों का मानना है कि सीमन में प्रोटीन की उच्च मात्रा मौजूद रहती है जो सच नहीं है। अगर आप प्रोटीन की चाहत में स्पर्म को गटकते हैं तो आप गलत सोच कर ऐसा कर रहे हैं। एक अंडे के सफ़ेद हिस्से में जितना प्रोटीन होता है वो आधा कप स्पर्म के बराबर है।
6. फर्टिलिटी के मामले में गाढ़ा सीमन है बेहतर
सीमन का टेक्सचर यदि गाढ़ा है तो इसका मतलब ये बिल्कुल भी नहीं है कि वो ज़्यादा फर्टाइल है। ये टेक्सचर व्यक्ति की डाइट, शारीरिक गतिविधि, विटामिन खासतौर से बी12 के सेवन पर निर्भर करता है।

7. पाइनएप्पल से सीमन का टेस्ट होगा अच्छा

कई लोगों का ये मनना है की अन्नानास के सेवन से सीमन का टेस्ट अच्छा होगा लेकिन इसे विज्ञान ने अभी तक माना नहीं है। खाने या पीने के किसी भी आइटम से सीमन के टेस्ट या गंध में कोई बदलाव होता है ये बात साबित नहीं हुई है। सच्चाई ये है कि सीमन की गंध, टेस्ट और क्वालिटी व्यक्ति की पूरी डाइट, लाइफस्टाइल और जींस पर निर्भर करती है। बहरहाल, जिन खाद्य पदार्थों में विटामिन सी और बी12 पाया जाता है वो स्पर्म काउंट और उसकी गतिशीलता को प्रभावित कर सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.