Header Ads

घुटनों में दर्द के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार –


घुटनों में दर्द के लक्षण, इलाज और घरेलू उपचार – 





कई बार ऐसा होता है कि चलते-फिरते, उठते-बैठते या फिर सीढ़ियां चढ़ते-उतरते समय हमारे घुटने में चोट लग जाती है। खासकर, खिलाड़ियों को घुटने की चोट से ज्यादा जूझना पड़ता है। हालांकि, घुटने में चोट लगना कोई गंभीर विषय नहीं है, लेकिन कई बार चोट इतनी गहरी होती है कि उसके लिए दवा लेनी पड़ती है। वहीं, कुछ लोगों को अर्थराइटिस के कारण भी घुटने का दर्द होता है। इससे बचने के लिए घुटनों के दर्द की दवा खाने से बेहतर घरेलू उपचार करना होता है। अगर आप भी कुछ ऐसे ही घरेलू उपचार खोज रहे हैं, तो वो सभी आपको स्टाइक्रेज के इस आर्टिकल में मिल जाएंगे।

पहले हम बताते हैं कि घुटनों में दर्द होने के पीछे मुख्य वजह क्या है।


विषय सूची
घुटनों में दर्द के कारण – Causes of Knee Pain in Hindi
घुटने के दर्द (जोड़ों का दर्द) का घरेलू इलाज – Home Remedies for Knee Pain in Hindi
घुटने के दर्द के लिए कुछ और उपाय – Other Tips for Knee Pain in Hindi
घुटनों में दर्द से बचाव – Prevention Tips for Knee Pain in Hindi
घुटनों में दर्द के कारण – Causes of Knee Pain in Hindi

घुटने का दर्द थोड़ी देर के लिए या फिर लंबे समय तक रह सकता है। यह दर्द किसी शारीरिक समस्या या फिर बीमारी के चलते हो सकता है। कुछ ऐसे ही कारणों के बारे में हम यहां बता रहे हैं :
टेंडिनाइटिस : यह घुटने के आगे वाले हिस्से को प्रभावित करता है। इस कारण घुटने में तेज दर्द होता है और सीढ़ियां चढ़ना व उतरना तक मुश्किल हो जाता है।
गाउट : यह एक प्रकार का गठिया रोग होता है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक होने पर गाउट की समस्या होती है। साथ ही घुटने का दर्द होता है।
ऑस्टियोअर्थराइटिस : इस अवस्था में भी घुटने का दर्द व जोड़ों का दर्द होता है। साथ ही घुटनों में सूजन भी आ जाती है, जिस कारण पीड़ित को काफी तकलीफ होती है।
बेकर्स सिस्ट : घुटने के जोड़ में सिनोवियल फ्लूड का निर्माण होता है, जो जोड़ों को आपस में रगड़ने से रोकता है। जब यह फ्लूड अधिक मात्रा में बनने लगता है, तो घुटने के पिछले हिस्से में इकट्ठा होने लगता है, जिस कारण घुटने में सूजन आती है और पीड़ित व्यक्ति असहज महसूस करता है।

बर्साइटिस : यह समस्या बर्सा में सूजन के कारण होती है। बर्सा त्वचा के नीचे और जोड़ों के ऊपर तरल पदार्थ से भरी एक थैली होती है। यह थैली हड्डियों के लिए कुशन का काम करती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस : शरीर में ऑटोइम्यून सिस्टम के खराब होने पर यह समस्या होती है। इसमें जोड़ों का दर्द व सूजन का सामना करना पड़ता है। साथ ही जोड़ आपस में रगड़ खाने लगते हैं।
डिस्लोकेशन : जोड़ के अपनी जगह से हिल जाने या उखड़ जाने के कारण भी दर्द होने लगता है।

मेनिस्कस टियर : एक या एक से ज्यादा कार्टिलेज (जोड़ों में पाए जाने वाले कठोर व लचीले टिशू) टूटने पर जोड़ों का दर्द होता है।
लिगामेंट का टूटना : चोट लगने पर इनके टूट जाने से भी घुटनों व जोड़ों का दर्द होता है। लिगामेंट एक प्रकार के लचीले टिशू होते हैं, जो जोड़ों को आपस में जोड़ कर रखते हैं।

बोन ट्यूमर : यह घुटने के आसपास पनपता है।

आर्टिकल के इस अहम हिस्से में जानिए कि घुटने के दर्द का इलाज कैसे किया जाए।

घुटने के दर्द (जोड़ों का दर्द) का घरेलू इलाज – Home Remedies for Knee Pain in Hindi
1. सेब का सिरका


सामग्री :
दो चम्मच सेब का सिरका
एक गिलास गर्म पानी
प्रयोग की विधि :
सेब के सिरके को पानी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें।
फिर इस पानी को पी जाएं। संभव हो, तो भोजन से पहले इसे पिएं।
आप सेब के सिरके को थोड़े-से नारियल तेल में मिक्स करके प्रभावित जगह पर लगा भी सकते हैं।
कितनी बार करें :
आप प्रतिदिन कम से कम दो बार तो जरूर करें।
कैसे है फायदेमंद :

सेब के सिरके में एसिटिक एसिड होता है, जो एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। इस गुण के कारण ही यह जोड़ों में दर्द व घुटने की सूजन को कम कर सकता है (1)। घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए आप इस विधि को अपना सकते हैं।
2. हल्दी
सामग्री :
एक चम्मच हल्दी
एक गिलास नारियल/बादाम का दूध
प्रयोग की विधि :
सबसे पहले दूध को गर्म कर लें।
फिर इसमें हल्दी को डालकर मिक्स कर दें।
अब आप इस दूध को हल्का गर्म होने पर पिएं।
कितनी बार करें :
आप रोज दो बार यह दूध पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

हल्दी में करक्यूमिन नामक प्रमुख तत्व पाया जाता है। यह एंटीइंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों में पाया गया है कि हल्दी के प्रयोग से जोड़ों के दर्द व घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है (2) (3)। इसलिए, हल्दी के जरिए घुटने के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
3. अदरक
सामग्री :
अदरक का एक इंच टुकड़ा
एक कप पानी
साफ कपड़ा
प्रयोग की विधि :
अदरक को पानी में डालकर करीब पांच मिनट तक उबालें।
इसके बाद पानी को छानकर थोड़ा ठंडा होने के लिए रख दें।
फिर कपड़े को इस पानी में डालकर निचोड़ लें और प्रभावित जगह पर रखें।
अब शरीर के प्रभावित हिस्से को इस कपड़े से लपेट दें।
आप इस पानी को चाय की तरह पी भी सकते हैं।
कितनी बार करें :
बेहतर परिणाम के लिए इसे दिन में कई बार किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :
अगर आपको ऑस्टियोअर्थराइटिस के कारण घुटने में दर्द हो रहा है, तो आप इससे निपटने के लिए अदरक का इस्तेमाल कर सकते हैं (4)। अदरक में जिंजेरॉल पाया जाता है, जो एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह काम करता है। साथ ही इसे एनाल्जेसिक यानी दर्द को कम करने वाली जड़ी-बूटी भी माना गया है (5)। आप घुटने के दर्द का इलाज करने के लिए अदरक का प्रयोग कर सकते हैं।
4. लाल मिर्च
सामग्री :
तीन चम्मच लाल मिर्च
एक कप जैतून का तेल
आधा कप बीवैक्स का चूर्ण
एक डबल बॉयलर
एक जार
प्रयोग की विधि :
लाल मिर्च को जैतूल के तेल में मिक्स कर दें।
इसे डबल बॉयलर में डालकर मध्यम आंच पर करीब 10 मिनट तक उबालें।
अब इसमें बीवैक्स को डालकर लगातार हिलाते रहें।
बीवैक्स के पूरी तरह घुलने और मिश्रण के मुलायम होने तक इसे हिलाते रहें।
इसके बाद मिश्रण को करीब 10 मिनट के लिए फ्रिज में रख दें और बाद में बाहर निकालकर फिर से फेंटें।
अब इसे फिर से 15 मिनट के लिए ठंडा होने दें और एक बार फिर अच्छी तरह फेंटें।
आपका मिश्रण तैयार है। अब इसे जार में डालकर ढक दें और फ्रिज में रख दें।
अब आपको जब भी जरूरत हो, इसका इस्तेमाल करें।
कितनी बार करें :
आप इस पेस्ट को दिनभर में कई बार प्रभावित जगह पर लगा सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

लाल मिर्च में कैप्साइसिन पाया जाता है, जो घुटनों के दर्द को ठीक करने का काम कर सकता है। कैप्साइसिन में एंटी-इंफ्लेमेटरी व एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं, जो प्राकृतिक रूप से दर्द निवारक का काम करते हैं (6)। घुटनों के दर्द का इलाज लाल मिर्च से किया जा सकता है।
5. मेथी दाने
सामग्री :
दो चम्मच मेथी दाने
एक गिलास पानी
प्रयोग की विधि :
पानी में मेथी दाने डालकर रातभर के लिए छोड़ दें।
अगली सुबह पानी को छानकर पी लें।
आप पानी के साथ मेथी दानों को पीसकर पेस्ट भी बना सकते है। फिर इस पेस्ट को प्रभावित जगह पर लगाएं।
कितनी बार करें :
आप रोज एक बार इस पेस्ट का इस्तेमाल जरूर करें।
कैसे है फायदेमंद :

मेथी दानों में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं, जो पेन किलर की तरह काम करते हैं। इसके इस्तेमाल से घुटने की सूजन को कम किया जा सकता है (7)। मेथी दाने के इस्तेमाल से घुटनों के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
6. सेंधा नमक
सामग्री :
एक कप सेंधा नमक
पानी
प्रयोग की विधि :
बाथ टब में पानी भरकर उसमें सेंधा नमक मिक्स कर दें। साथ ही आप इसमें पुदीने के तेल की कुछ बूंदें भी डाल सकते हैं।
अब आप इस पानी में करीब 20-30 मिनट तक बैठें।
कितनी बार करें :
प्रतिदिन एक बार ऐसा किया जा सकता है।
कैसे है फायदेमंद :

सेंधा नमक में मैग्नीशियम और सल्फेट होता है, जो दर्द निवारक की तरह काम करता है। खासकर, मैग्नीशियम सूजन को कम करता है। यही कारण है कि घुटनों में दर्द होने पर सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जा सकता है। यह तरीका न सिर्फ सस्ता है, बल्कि आसान भी है (8)। सेंधा नमक से घुटनों के दर्द का इलाज किया जा सकता है।
7. नींबू


सामग्री :
एक नींबू
एक चम्मच तिल का तेल
प्रयोग की विधि :
नींबू का रस निकालकर तिल के तेल में मिक्स कर दें।
अब इस मिश्रण को घुटनों पर लगाएं और 30-40 मिनट के लिए छोड़ दें।
नींबू का जूस पीने से भी आपको और फायदा हो सकता है।
कितनी बार करें :
आप इस मिश्रण को प्रतिदिन तीन-चार बार घुटनों पर लगा सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

नींबू में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो घुटनों की सूजन और दर्द को कम कर सकते हैं (9)।
8. सरसों का तेल
सामग्री :
सरसों का तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोग की विधि :
सरसों के तेल को अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से घुटनों की मालिश करें।
आप इस तेल में लहसुन की कलियों को पीसकर मिक्स कर सकते हैं।
कितनी बार करें :
आप दिनभर में कई बार इस तेल से मालिश कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

घुटने पर सरसों का तेल लगाने से दर्द व सूजन से राहत मिलती है (10)। अगर आप घुटनों के दर्द का इलाज घर बैठे करना चाहते हैं, तो सरसों के तेल का इस्तेमाल करें।
9. लहसुन


सामग्री :
50 ग्राम लहसुन
25 ग्राम अजवाइन
10 ग्राम लौंग
200 ग्राम सरसों का तेल
प्रयोग की विधि :
लहसुन, अजवाइन और लौंग को पीस लें।
अब इन सभी सामग्रियों को तेल में डालकर जला लें।
जब तेल ठंडा हो जाए, तो कांच की बोतल में डालकर रख दें।
अब जब भी जरूरत हो, इससे घुटनों की मालिश करें।
कितनी बार करें :
इस तेल से दिन में एक या दो बार मालिश की जा सकती है।
कैसे है फायदेमंद :

लहसुन में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो अर्थराइटिस व रुमेटाइड के कारण होने वाली सूजन व दर्द से राहत दिलाते हैं। कई वैज्ञानिक शोध में भी इस बात की पुष्टि की गई है कि जोड़ों में दर्द होने पर घुटने के दर्द का उपचार के रूप में लहसुन का प्रयोग किया जा सकता है (11)। अगर आप भी घुटने के दर्द का उपाय खोज रहे हैं, तो लहसुन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
10. जैतून का तेल
सामग्री :
एक्स्ट्रा वर्जिन जैतूल का तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोग की विधि :
आपको जितना तेल चाहिए, उतना अपनी उंगलियों पर लगाकर हल्के-हल्के हाथों से मालिश करें।
तेल को लगा रहने दें, ताकि वह अपने आप स्किन में अवशोषित हो जाए।
अगर आपको इसका चिपचिपापन अच्छा नहीं लगे, तो करीब 30 मिनट बाद उसे साफ कर दें।
कितनी बार करें :
अच्छे परिणाम के लिए आप यह तेल दिन में तीन-चार बार लगा सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

जैतून के तेल में पॉलीफेनॉल्स जैसे हाइड्रॉक्सीटेरोसोल, टायरोसोल, ओलेओकैंथल और ओलेयूरोपिन जैसे कई बायोलॉजिकल तत्व होते हैं। ये सभी तत्व एंटी-इंफ्लेमेटरी की तरह घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में मदद करते हैं (12)। इसलिए, घुटने के दर्द का उपाय व घुटने में दर्द का इलाज जैतून के तेल से किया जा सकता है।
11. नारियल तेल

सामग्री :
एक्स्ट्रा वर्जिन नारियल तेल (आवश्यकतानुसार)
प्रयोग की विधि :
उंगलियों पर जरूरत के अनुसार नारियल तेल लगाकर घुटने की हल्के हाथों से मालिश करें।
मालिश के बाद इस तेल को अपने आप सूखने दें या फिर 30 मिनट बाद साफ कर दें।
कितनी बार करें :
दिनभर में दो से तीन बार मालिश कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

नारियल तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण होते हैं। यही कारण है कि इसे लगाने से घुटनों में आई सूजन व दर्द धीरे-धीरे कम होने लगता है (13)। आप नारियल तेल के जरिए घुटने के दर्द का उपाय कर सकते हैं। साथ ही जोड़ों के दर्द का इलाज कर सकते हैं।
12. एसेंशियल ऑयल

पुदीने का तेल
सामग्री :
पुदीने के तेल की सात बूंदें
एक चम्मच नारियल तेल
प्रयोग की विधि :
पुदीने के तेल को नारियल के तेल में मिला दें।
इन दोनों को अच्छी तरह मिक्स कर, प्रभावित घुटने पर लगाएं।
कितनी बार करें :
दिनभर में आप इसे कितनी भी बार लगा सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

पुदीने के तेल में मुख्य रूप से मेंथॉल पाया जाता है। मेंथॉल में प्राकृतिक रूप से एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। इसलिए, पुदीने का तेल घुटनों में होने वाले दर्द व सूजन से राहत दिला सकता है (14)। घुटनों के दर्द की दवा की जगह आप पुदीने का तेल लगा सकते हैं।

लोबान का तेल
सामग्री :
लोबान के तेल की सात बूंदें
एक चम्मच नारियल तेल
प्रयोग की विधि :
लोबान के तेल और नारियल तेल को आपस में मिक्स कर लें।
फिर इस मिश्रण को जिस घुटने में दर्द हो रहा हो, वहां लगाएं।
कितनी बार करें :
आप इस तेल को दिन में कई बार लगा सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :
लोबान के तेल में भी एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है। इस लिहाज से यह घुटनों के दर्द में कारगर साबित हो सकता है (15)। लोबान का तेल घुटनों के दर्द की दवा के रूप में काम करता है।
13. डंडेलियन की पत्तियां


सामग्री :
डंडेलियन की 10-12 पत्तियां
एक कप पानी
थोड़ा-सा शहद
प्रयोग की विधि :
सबसे पहले पत्तियों को अच्छी तरह धो लें।
फिर इन पत्तियों को सॉस पैन में पानी के साथ डालकर करीब पांच मिनट तक उबालें।
पानी को छानकर ठंड होने के लिए रख दें।
इसके बाद पानी में शहद मिलाकर तुरंत पी जाएं।
कितनी बार करें :
डंडेलियन की पत्तियों का यह पानी आप दिन में एक-दो बार पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद :

ये पत्तियां एंटी-इंफ्लेमेटरी का प्रमुख स्रोत हैं। इसे उबाल कर पानी पीने से आपको घुटनों के दर्द में जरूर आराम मिलेगा (16)। घुटनों के दर्द की दवा के रूप में डंडेलियन की पत्तियां कारगर हैं। साथ ही यह घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज है।
14. गर्म व ठंडी सिकाई
सामग्री :
एक हॉट पैक
एक कोल्ड पैक
प्रयोग की विधि :
दर्द वाली जगह पर पहले हॉट पैक रखें और फिर उसके बाद कोल्ड पैक रखें।
हर पैक को कम से कम पांच मिनट के लिए रखें।
ऐसा करीब तीन बार करें।
कितनी बार करें :
यह प्रक्रिया आप दिन में कई बार कर सकते हैं, ताकि आपको जल्द आराम आए।
कैसे है फायदेमंद :

हॉट और कोल्ड पैक को एक के बाद एक प्रभावित जगह पर रखने से दर्द व सूजन से तुरंत आराम मिलता है। जहां कोल्ड पैक दर्द वाली जगह को सुन्न कर देता है, वहीं हॉट पैक घुटनों में रक्त के प्रवाह को बड़ा देता है (17)। यह भी घुटने के दर्द का आयुर्वेदिक इलाज है।
15. विटामिन्स
कैसे है फायदेमंद :
अगर आप घुटनों के दर्द से परेशान हो चुके हैं, तो अपनी डाइट में विटामिन-डी और विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों को शामिल करें। इससे आपको दर्द से काफी हद तक राहत मिलेगा। विटामिन-डी से हड्डियां मजबूत होती हैं, जबकि विटामिन-सी से शरीर में कोलेजन का निर्माण होता है। कोलेजन एक प्रकार का प्रोटीन होता है, जो घुटनों की नसों में पाया जाता है। दूध, पनीर, अंडे, सिट्रस फल, ब्रोकली व हरी पत्तेदार सब्जियों में विटामिन्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं (19) (20)।

घरेलू उपचार के साथ-साथ कुछ अन्य टिप्स भी हैं, जो घुटनों के दर्द से राहत दिलाने में आपके काम आ सकते हैं।
घुटने के दर्द के लिए कुछ और उपाय – Other Tips for Knee Pain in Hindi
एक्सरसाइज : नियमित रूप से एक्सरसाइज करने से मांसपेशियां मजबूत होती हैं। ध्यान रहे कि एक्सरसाइज करने से पहले वॉर्मअप जरूर करें, वरना आपका दर्द कम होने की जगह बढ़ सकता है। साथ ही गलत एक्सरसाइज करने से भी दर्द बढ़ सकता है। इसलिए, बेहतर यही होगा कि आप किसी विशेषज्ञ की देखरेख में ही एक्सरसाइज करें। प्रतिदिन व्यायाम करने से घुटने के दर्द का उपाय किया जा सकता है।
योग : प्रतिदिन योग करने से भी आपके घुटनों में हो रहा दर्द कम हो सकता है। धनुरासन, सेतुबंध आसन, त्रिकोणासन, ताड़ासन, भुजंगासन, पादहस्तासन आदि करने से आपको जरूर लाभ होगा। अगर आप इन योगासनों को पहली बार कर रहे हैं, तो किसी प्रशिक्षित योग गुरु की देखरेख में ही करें।
मालिश : आप मालिश के लिए तिल का तेल या अरंडी का तेल ले सकते हैं। घुटने के दर्द का उपाय अरंडी के तेल से किया जा सकता है। मालिश करने से घुटनों में रक्त का संचार ठीक तरह से होने लगता है। इससे घुटनों में आई सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है और दर्द से भी आराम मिलता है।
सही मुद्रा : गलत तरीके से उठने-बैठने या फिर चलने-फिरने से भी घुटनों में दर्द हो सकता है। इसलिए, आप अपने शरीर की सही मुद्रा का ध्यान रखें।
अधिक आराम : दिनभर में जरूरत से ज्यादा आराम करने से मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। इससे घुटनों व अन्य जोड़ों में दर्द शुरू हो सकता है।
RICE का रखें ध्यान : घुटनों या जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को R-रेस्ट, I-आईस, C-कंप्रेशन व E-एलिवेशन का पालन करने की सलाह दी जाती है। पहले आप कुछ देर रेस्ट करें, ताकि घुटने को आराम मिल सके। फिर उस पर कुछ देर आईस रखें, ताकि दर्द व सूजन कम हो। इसके बाद कंप्रेशन बैंडेज घुटनों पर लपेटें और घुटने को थोड़ा ऊपर रखें।
एक्यूपंक्चर : यह चाइनीज पद्धति आपके लिए कारगर साबित हो सकती है। इसमें शरीर के कुछ निश्चित पॉइंट्स पर सुइयां चुभाई जाती हैं, जिससे दर्द से आराम मिलता है।
क्या खाएं : घुटनों के दर्द या फिर गठिया रोग से परेशान लोगों के लिए कोई निश्चित डाइट चार्ट नहीं है। फिर भी कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिनके सेवन से दर्द व सूजन कम हो सकती है। इनके बारे में हम यहां बता रहे हैं (21):

मछलियां : साल्मन व टूना जैसी मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड सूजन को कम कर सकता है। आप हफ्ते में दो बार इसका सेवन कर सकते हैं।

सोयाबीन : इसमें फैट कम और फाइबर व प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है। साथ ही यह ओमेगा-3 फैटी एसिड का प्रमुख स्रोत भी है।

एक्स्ट्रा वर्जिन जैतून तेल : इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी की मात्रा अधिक होती है। साथ ही ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है।

डेयरी उत्पाद : हड्डियों के लिए विटामिन-डी जरूरी है और दूध, दही व पनीर इसके प्रमुख स्रोत हैं।

ग्रीन टी : इसके सेवन से भी घुटनों में हो रहे दर्द से राहत मिलती है। इसमें पॉलीफेनॉल्स व एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन व दर्द से राहत दिलाते हैं।

नट्स : आम नियमित रूप से सीमित मात्रा में अखरोट, मूंगफली, पिस्ता व बादाम का सेवन कर सकते हैं। इनमें प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, मैग्नीशियम व विटामिन-ई जैसे प्रमुख स्रोत होते हैं।
क्या न खाएं : आप अधिक नमक, तली-भूनी व मिर्च-मसाले वाली चीजें, अधिक मीठा व सोडा आदि का सेवन न करें। साथ ही शराब व धूम्रपान से भी दूरी बनाए रखें।

आइए, अब यह भी जान लेते हैं कि घुटनों में दर्द से बचने के लिए क्या करें।
घुटनों में दर्द से बचाव – Prevention Tips for Knee Pain in Hindi
संतुलित वजन : वजन जरूरत से ज्यादा होने पर मांसपेशियों व हड्डियों पर असर पड़ता है। इस कारण से भी घुटनों व अन्य जोड़ों में दर्द हो सकता है। इसलिए, अपने वजन को संतुलित रखें।
पानी : दिनभर में कम से कम आठ-दस गिलास पानी जरूर पिएं। इससे शरीर में जमा विषैले जीवाणु जोड़ों पर इकट्ठा होने की जगह बाहर निकल जाएंगे।
पौष्टिक आहार : पोषक तत्वों से युक्त आहार का सेवन करें, ताकि मांसपेशियों व हड्डियों को जरूरी कैल्शियम, विटामिन्स व प्रोटीन मिलते रहें।
जूते व चप्पल : आप हमेशा आरामदायक जूते व चप्पल पहनें। इन्हें पहनकर आपको अहसास होना चाहिए कि आपके पैरों के नीचे कुशन हैं। इससे घुटनों के जोड़ों पर किसी तरह का अतिरिक्त जोर नहीं पड़ता है।
एक्टिव रहें : पर्याप्त आराम के साथ-साथ काम करते रहना भी जरूरी है। शरीर के गतिशील रहने से हड्डियां व मांसपेशियां बेहतर तरीके से काम कर पाती हैं।
घुटनों व जोड़ों का दर्द आपके जीवन की रुकावट नहीं बन सकता। इससे बचने के लिए आप न सिर्फ स्वस्थ दिनचर्या का पालन करें, बल्कि पौष्टिक आहार का भी सेवन करें। वहीं, अगर आपको किसी भी तरह की तकलीफ महसूस होती भी है, तो इस आर्टिकल में बताए गए उपचारों से उसे दूर कर सकते हैं। अगर समस्या गंभीर है, तो आप बिना देरी के अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें। हमें उम्मीद है कि इन घरेलू उपचारों से आपको जरूर फायदा होगा। आप अपने विचार व सुझाव नीचे दिए कमेंट बॉक्स के जरिए हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।

कोई टिप्पणी नहीं

Healths Is Wealth. Blogger द्वारा संचालित.