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इसबगोल के फायदे और नुकसान –


इसबगोल के फायदे और नुकसान –

इस लेख में आप जानेंगे इसबगोल के फायदे, नुकसान और इसबगोल का सेवन करने के तरीके के बारे में, इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है जो प्लांटैगो ओवाटा (Plantago ovata) के बीजों से प्राप्त होता है। यह पानी को अवशोषित करता है और एक चिपचिपा यौगिक बन जाता है जो कब्ज, दस्त, रक्त शर्करा, रक्तचाप, कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने में फायदा करता है। प्लांटैगो ओवाटा एक जड़ी-बूटी (herb) है जो भारत में उगाया जाता है। इसबगोल आमतौर पर भूसी (husk) के रूप में पाया जाता है और इसका उपयोग पूरक आहार के रूप में किया जाता है। यह कैप्सूल और पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है।

ज्यादातर घरों में पेट के कब्ज को दूर करने के लिए इसबगोल अधिक प्रचलित है। यह अधिक पानी अवशोषित करता है और इसमें एक मोटा और चिपचिपा यौगिक मौजूद होता है जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्राल, और ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित करता है।


1. इसबगोल की खुराक – Isabgol Dosage in Hindi
2. इसबगोल के फायदे – Benefits of Isabgol (Psyllium Husk) in Hindi

कब्ज दूर करने में इसबगोल के फायदे – Isabgol benefits for Constipation in Hindi
डायरिया में इसबगोल के फायदे – Isabgol for Diarrhea in Hindi
इसबगोल के गुण पाचन बेहतर करने में – Isabgol for Improve Digestion in Hindi
वजन घटाने में इसबगोल के फायदे – Isabgol for Weight Loss in Hindi
इसबगोल के लाभ एसिडिटी में – Isabgol for Acidity in Hindi
इसबगोल के फायदे हृदय रोगों को दूर करने में – Isabgol Reduces Heart Conditions in Hindi
मधुमेह के लिए इसबगोल है फायदेमंद – Isabgol Control Diabetes in Hindi

3. इसबगोल के नुकसान – Isabgol Side Effects in Hindi
इसबगोल क्या है? What Is Psyllium in Hindi?

इसबगोल एक घुलनशील फाइबर है जो प्लांटैगो ओवेटा के बीज से प्राप्त होता है, मुख्य रूप से भारत में उगाई जाने वाली एक जड़ी बूटी (1) है। इसका उपयोग आहार पूरक के रूप में किया जाता है और आमतौर पर भूसी, दानों, कैप्सूल या पाउडर के रूप में पाया जाता है। इसबगोल भूसी Metamucil में मुख्य सक्रिय संघटक है, एक फाइबर पूरक है जो अक्सर कब्ज को कम करने के लिए उपयोग किया जाता है। इसकी उत्कृष्ट पानी की घुलनशीलता के कारण, इसबगोल (Psyllium) पानी को अवशोषित कर सकता है और एक मोटा, चिपचिपा यौगिक बन सकता है जो छोटी आंत में पाचन को रोकता है।

पाचन के लिए इसका प्रतिरोध उच्च कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। यह वजन कम करने में सहायता कर सकता है और दस्त और कब्ज ( 3, 4) से छुटकारा दिला सकता है। इसके अलावा, फाइबर के कुछ अन्य शक्तिशाली स्रोतों के विपरीत, इसबगोल का अच्छी तरह से पाचन किया जाता है। (5)
इसबगोल की खुराक – Isabgol Dosage in Hindi

इसका प्रयोग मुख्यरूप से औषधि के रूप में किया जाता है। 5 से 10 ग्राम इसबगोल का सेवन प्रतिदिन भोजन करने के बाद कम से कम एक बार जरूर करना चाहिए। यदि इसमें मौजूद फाइबर की बात करें तो यह हमेशा स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता है। इसलिए अधिक फाइबर प्राप्त करने के लिए इसका अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसबगोल का सेवन पानी के साथ करना चाहिए और इसका सेवन करने से पहले इसे पानी में भिगो लेना चाहिए। शुरू में एक गिलास पानी के साथ 5 ग्राम इसबगोल लेने की सलाह दी जाती है लेकिन बाद में इसका डोज बढ़ाया जा सकता है।


इसबगोल के फायदे – isabgol khane ke fayde in hindi

1. कब्ज दूर करने में इसबगोल के फायदे – Isabgol benefits for Constipation in Hindi
2. डायरिया में इसबगोल के फायदे – Isabgol for Diarrhea in Hindi
3. इसबगोल के गुण पाचन बेहतर करने में – Isabgol for Improve Digestion in Hindi
4. वजन घटाने में इसबगोल के फायदे – Isabgol for Weight Loss in Hindi
5. इसबगोल के लाभ एसिडिटी में – Isabgol for Acidity in Hindi
6. इसबगोल के फायदे हृदय रोगों को दूर करने में – Isabgol Reduces Heart Conditions in Hindi
7. मधुमेह के लिए इसबगोल है फायदेमंद – Isabgol Control Diabetes in Hindi
कब्ज दूर करने में इसबगोल के फायदे – Isabgol benefits for Constipation in Hindi

घुलनशील और अघुलनशील फाइबर की मात्रा इसबगोल में पर्याप्त मात्रा में पायी जाती है जो पेट के कब्ज को ठीक करने में बहुत फायदेमंद होती है। इसबगोल पाचन तंत्र से पानी को अवशोषित कर लेता है और मल त्यागने की क्रिया को आसान बनाता है। (5, 6)


(और पढ़े – कब्ज के कारण और इलाज)
कब्ज के लिए इसबगोल का उपयोग कैसे करें – how to use isabgol for constipation in hindi

इसलिए यदि आप पेट के कब्ज से परेशान हैं तो रात को सोने से पहले दो चम्मच इसबगोल का गर्म पानी (lukemarm water) के साथ सेवन कीजिए, कब्ज की समस्या समाप्त हो जाएगी। दो हफ्तों तक लगातार दिन में दो बार इसबगोल का सेवन करने से पेट साफ रहता है। (2, 11, 12, 13)

इसके अलावा कब्ज से राहत पाने के लिए, एक गिलास गर्म दूध में दो चम्मच ईसबगोल मिलाकर बिस्तर पर जाने से ठीक पहले इसे पीया जा सकता है।

(और पढ़े – दूध के फायदे, गुण, लाभ और नुकसान)
इसबगोल के फायदे डायरिया में – Isabgol for Diarrhea in Hindi

पानी-अवशोषक एजेंट का गुण मौजूद होने के कारण इसबगोल डायरिया से राहत दिलाने में भी बहुत फायदेमंद होता है। यह मल की मोटाई को बढ़ाता है कोलन के माध्यम से होने वाली डायरिया को रोकता है। इसके अलावा यह मल के आकार का बढ़ता है और डायरिया के कारण आंत में उत्पन्न हलचल को खत्म कर देता है। दो चम्मच इसबगोल को तीन चम्मच दही (yogurt) में मिलाएं और दिन में दो बार इसका सेवन करने से डायरिया की समस्या दूर हो जाती है।


इसबगोल का सेवन पाचन बेहतर करने में – Isabgol for Improve Digestion in Hindi

हम आपको ऊपर बता चुके हैं कि इसबगोल में अधिक मात्रा में फाइबर मौजूद होता है जिसका सेवन करने से पाचन ठीक रहता है। यह पेट की दीवारों से विषाक्त पदार्थों (toxins) को बाहर निकालकर पेट की सफाई करता है और इसके साथ ही भोजन को आंत (intestine) में पहुंचाने में भी सहायता करता है। प्रतिदिन भोजन करने के तुरंत बाद बटरमिल्क के साथ इसबगोल का सेवन करने से पाचन तंत्र मजबूत होता है। लेकिन इसबगोल का सेवन शुरू करने से पहले एकबार डॉक्टर से सलाह जरूर ले लेनी चाहिए।
इसबगोल के फायदे वजन घटाने में –
 Isabgol benefits weight loss in Hindi
इसमें एक चिपचिपा यौगिक पाया जाता है जो भूख को नियंत्रित रखने में मदद करता है और वजन घटाता है। एक स्टडी में पाया गया है कि प्रतिदिन भोजन करने से तुरंत पहले 10 ग्राम इसबगोल (Isabgol) का सेवन करने से वजन नहीं बढ़ता है। इसबगोल एक बार भोजन करने के कई घंटों बाद तक भी भूख नहीं लगने देता है जिससे कि व्यक्ति अधिक भोजन करने से बच जाता है और इस कारण वजन भी नियंत्रित रहता है। एक चम्मच इसबगोल में एक चम्मच नींबू का रस मिलाकर प्रतिदिन सुबह खाली पेट इसका सेवन करने से वजन नियंत्रित रहता है।

टिप: इसबगोल को गर्म पानी में नींबू के साथ मिलाएं और मिश्रण को अपने भोजन से ठीक पहले पियें। वजन घटाने के लिए आप इसका सेवन सुबह भी कर सकते हैं।

बवासीर में ईसबगोल के फायदे – Isabgol Home remedy for anal fissures and piles in Hindi

चूंकि इसबगोल में मौजूद फाइबर प्रकृति में अघुलनशील और घुलनशील दोनों होते हैं, इसलिए इसबगोल गुदा दर्द और बवासीर जैसी दर्दनाक स्थितियों से पीड़ित लोगों के लिए बहुत अच्छा है। न केवल यह अपने आंत्र को प्रभावी ढंग से साफ करने में मदद करता है, यह आंत के आस-पास के हिस्सों से पानी को अवशोषित करके उनके मल को भी नरम करता है – मल के मार्ग को चिकना और दर्द मुक्त बनाता है। इसके अलावा, सहज शौच में मदद करने के लिए अपनी जन्मजात प्रकृति के कारण, इसबगोल भी बवासीर को ठीक करने में मदद करता है, क्योंकि यह मॉल त्याग करते समय गुदा को बहुत अधिक खींचने से बचाता है और घावों के टूटने से बचाता है।

इसबगोल को हर रात या सोने से पहले गर्म पानी में मिलाकर पिएं। यह बवासीर को ठीक करने के लिए यह मल को ढीला करने में मदद करेगा और आपके मल को नरम करेगा।
इसबगोल के लाभ एसिडिटी में – Isabgol for Acidity in Hindi
पेट में जलन होना एसिडिटी का लक्षण माना जाता है और आमतौर पर ज्यादातर लोग इस समस्या से ग्रसित रहते हैं। यदि आपको भी एसिडिटी की समस्या है तो इसबगोल इस समस्या का एक प्राकृतिक उपचार है। इसबगोल का सेवन गर्म पानी के साथ करने से पेट के अंदर यह एक सुरक्षा कवच बनाता हैै और जलन से पेट की रक्षा करता है। यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और असामान्य रूप से स्रावित हो रही एसिड को कम करता है और पेट की एसिडिटी से राहत प्रदान करता है।

(और पढ़े – एसिडिटी के कारण, लक्षण और बचाव के घरेलू उपाय )
इसबगोल के फायदे हृदय रोगों को दूर करने में – Isabgol Reduces Heart Conditions in Hindi

एक स्टडी में पाया गया है कि वसा में घुलनशील फाइबर (water-soluble fiber) युक्त आहार लेने से शरीर में ट्राईग्लिसराइड का स्तर कम होता है जिससे कि हृदय रोगों का खतरा भी कम रहता है। इसबगोल में पर्याप्त फाइबर पाया जाता है जिसे स्वस्थ आहार में शामिल करने से व्यक्ति में हृदय रोगों की संभावना घटती है। इसबगोल लिपिड के स्तर को बढ़ाता है, हृदय की मांसपेशियों को मजबूत रखता है और ब्लड प्रेशर को भी कम करता है जिससे हृदय रोगों का खतरा समाप्त हो जाता है। (और पढ़े – हार्ट अटेक कारण और बचाव)

मधुमेह के लिए इसबगोल है फायदेमंद – Isabgol Control Diabetes in Hindi


इस बीमारी को नियंत्रित करने में इसबगोल प्राकृतिक उपचार (natural treatment) का कार्य करता है। इसबगोल में जिलेटिन नामक एक प्राकृतिक पदार्थ पाया जाता है जो मानव शरीर के टूटने की प्रक्रिया एवं शरीर में ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा करता है। डायबिटीज से पीड़ित कम ही मरीजों को यह पता होता है कि इसबगोल से भी उनकी बीमारी दूर हो सकती है। प्रतिदिन भोजन के बाद दिन में दो बार गर्म पानी से इसबगोल का सेवन करने से डायबिटीज के लक्षण नियंत्रित हो जाते हैं। हालांकि डायबिटीज के मरीजों को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह ले लेनी चाहिए।


इसबगोल के नुकसान – isabgol ke nuksan in Hindi

Isabgol ke nuksan in Hindi हर चीज में फायदे और नुकसान दोनों समाहित होते हैं। इसबगोल शरीर के कई विकारों को दूर करने के लिए फायदेमंद होता है लेकिन यदि अधिक मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो इसका नुकसान भी झेलना पड़ सकता है। आइये जानते हैं कि इसबगोल के नुकसान क्या हैं।

इसबगोल का सेवन करने से पहले इसे पानी में भिगो दें, इसके बाद इसका सेवन करें अन्यथा पेट में ऐंठन और मरोड़ शुरू हो सकती है।
अत्यधिक मात्रा में इसबगोल का सेवन करने से एलर्जिक रिएक्शन भी हो सकता है इसलिए सेवन से पहले इसकी मात्रा का विशेष ध्यान रखें।
यदि अपेंडिसाइटिस (appendicitis) की समस्या हो तो इसबगोल का सेवन न करें, अन्यथा आपकी समस्या अधिक बढ़ सकती है।
इसबगोल कुछ दवाओं के अवशोषण को रोक देता है, इसलिए यदि आप किसी दवा का सेवन कर रहे हों तो इसबगोल का सेवन करने से बचें।
इसबगोल खरीदने के टिप्स –

आमतौर पर किसी भी सुपरमार्केट या जनरल स्टोर में इसबगोल बहुत आसानी से मिल जाता है। इसे खरीदने का सबसे अच्छा तरीका प्री-पैकेज्ड है। ख़राब या खुले इसबगोल को खोने से बचें क्योंकि इसमें अशुद्धियाँ और मिलावट हो सकती हैं जो आपको सर्वोत्तम परिणाम नहीं दे सकती हैं। इसके अलावा, खरीदते समय इसबगोल के सादे गैर-स्वाद वाले रूपों के विकल्प चुने। ये अधिक प्राकृतिक हैं और आपके पेट पर बेहतर काम करते हैं। सामान्य रूप से बेचे जाने वाले डाइटर्स इसबगोल, कृत्रिम स्वाद और रंग के साथ मिश्रित इसबगोल से ज्यादा कुछ नहीं है – ये दोनों ही स्वास्थ्य के लिए बेहद खराब हैं।


इसबगोल के फायदे और साइड इफेक्ट्स 

इसबगोल के फायदे और साइड इफेक्ट्स - Isabgol Health Benefits in Hindi

Isabgol Health Benefits in Hindi- दुनिया में बहुत से औषधीय पौधे पाए जाते हैं जिनके बारे में किसी को कुछ नहीं पता होता लेकिन अगर पता होता है तो ये नहीं पता होता कि उसका उपयोग कैसे किया जाता है. ऐसे मे आप गूगल करने लगते हैं और हर चीज के बारे में जानने के बाद ही कुछ करते हैं लेकिन हर कोई गूगल कर ले ऐसा जरूरी तो नहीं लेकिन बीमारी किसी को भी हो सकती है ये बहुत ये पूरी तरह से सच होता है इसे सभी जानते हैं. फिर भी आपको इसबगोल के बारे में कुछ जानकारी होनी चाहिए कि ये किन-किन बीमारियों में फायदा करता है और क्या इसके नुकसान भी होते हैं. इसलिए आज के इस आर्टिकल मैं आपको यही बताऊंगी.



क्या है इसबगोल

इसबगोल को अंग्रेजी में Psyllium Husk कहा जाता है और ये Planovate पौधे का बीज होता है. इसके पत्ते बिल्कुल एलोवेरा की तरह दिखते हैं और पौधे के बहुत बड़े-बड़े फूल होते हैं जिसमे इसके बीज पाए जाते हैं. आयुर्वेद में इसबगोल का बहुत महत्व माना जाता है.इसबगोल को भारतमें सबसे ज्यादा पहचाने वाला आयुर्वेदिक पौधा होता है जो बहुत ही फायदेमंद होता लेकिन हर फायदेमंद चीज के कुछ नुकसान भी होते हैं तो इसबगोल के फायदों के साथ ही कुछ नुकसान भी पाए जाते हैं जिसके बारे में आपको आगे बताउंगी.

इसबगोल का इस्तेमाल और डोस - Use Of Isabgol

इसबगोल एक नेचुरल और हर्बल औषधि होती है जिसका प्रयोग पानी में भिगोकर किया जाता है. पानी में भिगोने के बाद ये फूलकर जैल बन जाता है लेकिन इसमें ना कोई स्वाद होता है और ना कोई सुगंध पाया जाता है. इसके प्रॉपर्टी रेचक होती है इसकी वजह से यह हमारे आंतों से पास से गुजरता है और इसके साथ-साथ यह हमारे बाउल मूवमेंट को भी इंप्रूव करता है. इसबगोल हमारी बॉडी में ना तो कोई न्यूट्रीशन को ऑबजर्ब करता है और ना ही डाइजेस्टिव एंजाइम को नुकसान पहुंचाता है. इसके रेचक प्रॉपर्टी की वजह से यह प्राकृतिक तौर पर हमारे बाउल मूवमेंट को इंप्रूव करता है. इसके अलावा यह हमारे आंतों में बने बैक्टीरिया और टॉक्सिन को भी भी ऑबजर्ब करता है . इसबगोल के अलग-अलग डोज होते हैं जिसमें बड़ों को इसका सेवन 7 से 10 ग्राम तक करना चाहिए जो 2 से 3 चम्मच के बराबर होता है. इसको दिन में 1 से 3 बार तक किया जा सकता है. इसको आप पानी दूध और जूस के साथ ले सकते हैं और इसके अलावा आप इसको रात भर पानी में भिगोकर सुबह भी ले सकते हैं.

इसबगोल खाने के फायदे - Isabgol of Benefits

जब इसबगोल का नाम कोई सुनता है तो लोग सोचते हैं कि इसे सिर्फ कब्ज को दूर करने के रूप में किया जाता है लेकिन इसके और भी कई फायदे होते हैं. बाजार में औषधि के रूप में मिलने वाले इसबगोल का उपयोग आपने शायद कभी नहीं किया हो लेकिन इसके गुणों के बारे में आपको जानना चाहिए क्योंकि ये आपके हित में हो सकता है.

कब्ज - इसबगोल प्राकृतिक रेचक प्रॉपर्टी वाली एक हर्बल औषधि है जिसमें फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जब हम ज्यादा मात्रा में फाइबर लेते हैं तो यह हमारे बाउल मूवमेंट को इंप्रूव करता है और हमें कब्ज से मुक्ति दिलाता है.

डायरिया - इसबगोल का इस्तेमाल डायरिया ठीक करने के लिए भी किया जाता है और जब आपको डायरिया होता है तो इसको दही के साथ मिक्स करके खाना चाहिए. दही एक प्रोबायोटिक प्रॉपर्टी है जिससे यह हमारे बॉडी को इन्फेक्शन से दूर रखता है. डायरिया को दूर करने के लिए आप 4 चम्मच इसबगोल को लेकर 8 चम्मच दही में मिलाकर इसका सेवन कर सकते हैं इसे आपको दिन में दो बार लेना होता है.

एसिडिटी - अगर आपको एसिडिटी की समस्या है तो इसबगोल आपके लिए सबसे बढ़िया औषधि साबित होगी और यह हमारे पेट में बनने वाले एसिड को कम करने से मिलती है और इसके इफेक्ट को खत्म कर देती है. एसिडिटी दूर करने के लिए आपको इसबगोल को ठंडे पानी में मिक्स करके खाने 10 मिनट बाद लेना चाहिए. इससे एसिडिटी की समस्या दूर हो जाती है.


टॉक्सिन - इसबगोल में सोखने की कमाल की क्षमता होती है और जब यह हमारे आंतो से होकर गुजरता है तो वहां पर मौजूद नुकसानदायक टॉक्सिन को सोखकर इससे हमारा कोलोन साफ होता है. इससे हमें कई तरह की स्वास्थ संबंधी समस्याएं दूर होती है. कोलोन को साफ करने के लिए आपको हल्के गर्म पानी या हल्के गर्म दूध में रात को सोने से पहले इसका सेवन करना सही होता है.

वजन कम करना - अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो भी इसबगोल आपके लिए फायदेमंद होगा. यह आपको फूड क्रेविंग से भी बचाता है . फूड क्रेविंग एक ऐसी समस्या है जिसमें बार-बार खाने की आदत हो जाती है. जब आप कोई ज्यादा मीठी चीज खाते हैं तो आपको हर थोड़े समय के बाद ज्यादा भूख लगने लगती है.

बवासीर - बहुत से लोग जानते हैं कि बवासीर जैसी गंभीर बीमारी में भी इसबगोल फायदा करता है. जैसा कि हमने आपको बताया है कि इसमें रेचक प्रॉपर्टी होती है जो हमारे बाउल मूवमेंट्स को नेचुरल इंप्रूव करता है. इसके अंदर बहुत ज्यादा मात्रा में सॉलुबल और इनसॉलुबल फाइबर होता है जो बवासीर को दूर करने में मदद करता है. इसे रात में सोने से पहले हर रोज पानी के साथ लेना चाहिए

डायबिटीज - इसबगोल एक पतला और मुलायम हर्बल औषधि है जो कि आसानी से टूट जाता है और यह हमारी बॉडी से ग्लूकोज को रोकता है. इससे बॉ़डी में ग्लूकोज की मात्रा कम होती है और इस तरह से इसबगोल आपके डायबिटीज को कंट्रोल करता है. डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए आपको खाने के बाद पानी के साथ एक चम्मच ये लेना चाहिए.

इसबगोल के साइड इफेक्ट्स 


इसबगोल से कोई भी गंभीर एलर्जी रिएक्शन नहीं होता है और साइड इफैक्ट के मामले मे इसे बहुत सुरक्षित माना जाता है. मगर हर फायदा करने वाली चीज जरूरत से ज्यादा लेने से नुकसान तो करती ही है वही हाल इसबगोल का भी है. अगर आप इसका सेवन जरूरत से ज्यादा करेंगे तो इसका नुकसान हो सकता है. भूलकर भी इसबगोल को यूंही नहीं खाएं बल्कि हमेशा पानी, दूध या फिर दही में मिलाकर ही खाएं. वैसे तो इसके एलर्जिक रिएक्शन नहीं होते हैं लेकिन अगर ऐसा होता है तो तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए. अगर आपको कभी एपेंडिक्स या पेट में ब्लॉकेज की समस्या है तो इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर से जरूर मिल लें.
फायदे ही नहीं, नुकसान भी पहुंचाता है इसबगोल



गलत खान-पान की वजह से लोगों को पेट की कई समस्याएं हो जाती हैं। एसिडिटी, पेट फूलना और कब्ज की समस्या आम सुनने को मिलती है जिसके लिए लोग कई तरह की दवाओं का सेवन करते हैं। इन्हीं में से एक है इसबगोल, जिसे डॉक्टर गैस के रोगी के लिए फायदेमंद बताते हैं। इसबगोल में काफी मात्रा में जिंक, कॉपर और मैंगनीज होता है जो पेट को साफ करके कब्ज की समस्या को दूर करता है लेकिन इसका अधिक सेवन करने से शरीर को नुकसान भी पहुंचता है जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते होंगे।

दवाएं नहीं करती असर
जो लोग किसी बीमारी की वजह से रैगुलर दवाओं का सेवन करते हैं और इस दौरान पेट की समस्या होने पर इसबगोल भी खाते हैं तो दवा अपना असर दिखाना बंद कर देती है। इसबगोल दवा को सतह पर ही रोक लेता है और खून में घुलने नहीं देता जिस वजह से शरीर को नुकसान पहुंचता है।
पोषक तत्वों को करता है अवशोषित
इसबगोल का अधिक सेवन करने से शरीर में मौजूद जिंक, कॉपर और मैगनीज जैसे मिनरल तत्व मल के रास्ते शरीर से बाहर निकलने लगते हैं। जिस वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और हड्डियों में भी दर्द होने लगता है।
पेट में सूजन
इसमें काफी मात्रा में फाइबर होता है जो कब्ज और एसिडिटी की समस्या से छुटकारा दिलाता है लेकिन जब इसका अधिक सेवन करते हैं तो शरीर में फाइबर की मात्रा बढ़ जाती है जिससे पेट में सूजन हो जाती है और दर्द होने लगता है।

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