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अगर हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है वजाइना में यीस्ट इन्फेक्शन

अगर हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है वजाइना में यीस्ट इन्फेक्शन


जयपुर|आजकल महिलाओं की ज़िन्दगी भी भागदौड़ से भरी हुई है बाहर की लाइफ को संभालना और फिर घर के कामों को भी देखने मने वो खुद की सही से देखभाल नहीं कर पाती हैं और महिलाओं के पूरे स्वास्थ में वजाईना का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है पर कई बार वजाइना में कई प्रकार के इन्फेक्शन हो जाते हैं जिनमे से एक हैं यीस्ट इन्फेक्शन| इस इन्फेक्शन के कारण महिलाओं को वजाईना में अत्यधिक जलन के साथ खुजली भी होती है और वाइट डिस्चार्ज निकलता है|


दरअसल वजाईना में बैक्टीरीया और फंगल कोशिकाएं बराबर मात्रा में होती हैं पर जब किसी कारण से बैक्टीरीया की जगह फंगल कोशिकाएं बढ़ जाती है तो वजाईना में यह इन्फेक्शन हो जाता है| इसके कारण कई बार वजाइना लाल पड़ जाता है और उसमें सूजन भी आ जाती है|

अगर हम इस इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें तो यह इन्फेक्शन होने पर वजाइना में यूरीनेशन के दौरान तेज़ जलन होती है और साथ ही उसमे काफी ज़्यादा खुजली भी होती रहती है| यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण वजाइना में सूजन आ जाती है और वह लाल पड़ जाता है या फिर उसमे रेड स्पॉट्स आ जाते हैं| अगर आपके वजाईना से अधिक मात्रा में वाइट डिस्चार्ज हो रहा है तो यह भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है|


इस इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण पीरियड्स के दौरान की गयी किसी तरह की लापरवाही के कारण हो सकता है जैसे कई महिलाएं बहुत अधिक देर तक सैनिटरी नैपकिन नहीं बदलती या जो महिलाएं कपड़े का प्रयोग करती हैं उन्हें यह इन्फेक्शन होने के ज़्यादा खतरे होते हैं| हर रोज़ नहाते समय वजाईना को वजाइनल वाश से ज़रूर साफ़ करना चाहिए और उसे साफ़ करने के लिए किसी तरह के साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना इससे वजाइना रफ़ हो जाता है और लगातार सफाई ना करने से यह इन्फेक्शन हो सकता है|

जो महिलाएं कॉटन की पैंटी की जगह दुसरे कपड़ों की इस्तेमाल करती हैं तो उससे उन्हें अधिक पसीना होता है और पसीने के बैटीरीया से भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है साथ ही हॉर्मोन में हुयी किसी तरह की गड़बड़ी के कारण भी यह इन्फेक्शन हो सकता है|

इस इन्फेक्शन से बचने के लिए महिलाओं को अपने वजाइना का पूरा ध्यान रखना चाहिए और उसे साफ़ सुथरा रखना चाहिए और समय समय पर आप चाहें तो उसमे कॉटन के प्रयोग से एंटीबायोटिक लिक्विड का इस्तेमाल भी कर सकती हैं जिससे आपका वजाइना भी स्वस्थ रहेगा और आप भी|

अगर हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है वजाइना में यीस्ट इन्फेक्शन

जयपुर|आजकल महिलाओं की ज़िन्दगी भी भागदौड़ से भरी हुई है बाहर की लाइफ को संभालना और फिर घर के कामों को भी देखने मने वो खुद की सही से देखभाल नहीं कर पाती हैं और महिलाओं के पूरे स्वास्थ में वजाईना का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है पर कई बार वजाइना में कई प्रकार के इन्फेक्शन हो जाते हैं जिनमे से एक हैं यीस्ट इन्फेक्शन| इस इन्फेक्शन के कारण महिलाओं को वजाईना में अत्यधिक जलन के साथ खुजली भी होती है और वाइट डिस्चार्ज निकलता है|

दरअसल वजाईना में बैक्टीरीया और फंगल कोशिकाएं बराबर मात्रा में होती हैं पर जब किसी कारण से बैक्टीरीया की जगह फंगल कोशिकाएं बढ़ जाती है तो वजाईना में यह इन्फेक्शन हो जाता है| इसके कारण कई बार वजाइना लाल पड़ जाता है और उसमें सूजन भी आ जाती है|

अगर हम इस इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें तो यह इन्फेक्शन होने पर वजाइना में यूरीनेशन के दौरान तेज़ जलन होती है और साथ ही उसमे काफी ज़्यादा खुजली भी होती रहती है| यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण वजाइना में सूजन आ जाती है और वह लाल पड़ जाता है या फिर उसमे रेड स्पॉट्स आ जाते हैं| अगर आपके वजाईना से अधिक मात्रा में वाइट डिस्चार्ज हो रहा है तो यह भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है|



इस इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण पीरियड्स के दौरान की गयी किसी तरह की लापरवाही के कारण हो सकता है जैसे कई महिलाएं बहुत अधिक देर तक सैनिटरी नैपकिन नहीं बदलती या जो महिलाएं कपड़े का प्रयोग करती हैं उन्हें यह इन्फेक्शन होने के ज़्यादा खतरे होते हैं| हर रोज़ नहाते समय वजाईना को वजाइनल वाश से ज़रूर साफ़ करना चाहिए और उसे साफ़ करने के लिए किसी तरह के साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना इससे वजाइना रफ़ हो जाता है और लगातार सफाई ना करने से यह इन्फेक्शन हो सकता है|


जो महिलाएं कॉटन की पैंटी की जगह दुसरे कपड़ों की इस्तेमाल करती हैं तो उससे उन्हें अधिक पसीना होता है और पसीने के बैटीरीया से भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है साथ ही हॉर्मोन में हुयी किसी तरह की गड़बड़ी के कारण भी यह इन्फेक्शन हो सकता है|





इस इन्फेक्शन से बचने के लिए महिलाओं को अपने वजाइना का पूरा ध्यान रखना चाहिए और उसे साफ़ सुथरा रखना चाहिए और समय समय पर आप चाहें तो उसमे कॉटन के प्रयोग से एंटीबायोटिक लिक्विड का इस्तेमाल भी कर सकती हैं जिससे आपका वजाइना भी स्वस्थ रहेगा और आप भी|

Sex के दौरान आपकी Vagina में Pain होता है - और Pain का क्या अर्थ है

सेक्स मेड इज़ी के लेखक डॉ डेबी हेर्बेनिक कहते हैं, "दर्दनाक संभोग (Painful intercourse) का कारण बनने वाली अधिकांश स्थितियां बहुत ही इलाज योग्य होती हैं।
1. ऐसा लगता है, जैसे उसका लिंग सैंडपेपर से बना है
योनि सूखापन (Vaginal dryness)। डॉ हर्बेनिक कहते हैं, "स्नेहन (Lubrication) की कमी दर्दनाक यौन संबंध (Painful sex) का सबसे आम कारण है।" कुछ दवाएं - पिल्ल, एंटीड्रिप्रेसेंट्स, कुछ एलर्जी और ठंडे मेड सहित - आपके रस बहने से रोक सकती हैं। तो पूर्व-सेक्स को गर्म स्नान में भिगो दें, जो योनि ऊतक (Vaginal tissue) को सूखता है।

फोरप्ले के दौरान अपनी लड़की के हिस्सों में पानी आधारित स्नेहक की एक गुड़िया लागू करें। एक अमेरिकी अध्ययन में पाया गया कि काम करने के दौरान ल्यूब का इस्तेमाल करने वाली महिलाओं ने काफी कम दर्द और बोनस की सूचना दी है! - संतुष्टि के बहुत अधिक स्तर।

उन पदों का चयन करें जो आपको पेसिंग (शीर्ष पर महिला की तरह) को नियंत्रित करने की अनुमति देते हैं, और यदि आवश्यक हो तो पुनः लागू होने से रोकें। अभी भी दर्द में? डब्ल्यूएच सेक्स विशेषज्ञ डॉ एल्ना रुडॉल्फ कहते हैं, यदि केवल कुछ स्थितियां आपको चोट पहुंचा रही हैं, तो आम कारण कब्ज (Constipation), मांसपेशी स्पैम, एंडोमेट्रोसिस, सिस्ट या अन्य कार्बनिक कारण हैं।

2. आपकी जननांग खुजली (Genital itching) और प्रवेश इससे खराब महसूस करता है

यद्यपि विभिन्न स्थितियों में खुजली हो सकती है, सबसे आम कारण खमीर संक्रमण होता है, जो एंटीबायोटिक्स लेने से हो सकता है। शोध में कई मौखिक सेक्स (Oral sex) और पुनरावर्ती खमीर संक्रमण (Recurrent yeast infection) के बीच एक लिंक भी सुझाता है; जो महिलाएं इस स्थिति से पीड़ित हैं, वे लगातार मौखिक प्रेम 

(Oral love) प्राप्त करने के अंत में तीन गुना होने की संभावना है। हालांकि, डॉ रूडॉल्फ के अनुसार, यह दुर्लभ है। "संभावित रूप से अपराधी सुगंधित बबल स्नान, लुब्स और डचिंग जैसी हानिकारक गतिविधियां हैं," वह कहती हैं।

डॉ रुडॉल्फ कहते हैं, अगर आपको लगता है, कि आपके पास खमीर संक्रमण है, तो ओवर-द-काउंटर उपचार का उपयोग करें। "अगर यह पांच दिनों के भीतर बेहतर नहीं है, तो अपनी जीना देखें और उसे योनि तलछट (Vaginal sediment) लें," वह कहती हैं। खुजली हो रही है? सालाना पांच बार ओटीसी उपचार का उपयोग करना ठीक है - अगर आपको इसे और अधिक बार चाहिए, तो एक और swab लिया है।

डॉ रुडॉल्फ कहते हैं, "आपके पास प्रतिरोधी संक्रमण (Resistant infection) हो सकता है, या यह खमीर संक्रमण (yeast infection) नहीं हो सकता है।" "लाइफन स्क्लेरोसस (Life sclerosis) जैसी स्थितियां भी खुजली (itching) का कारण बनती हैं, और यह खमीर संक्रमण (yeast infection) के रूप में इसका इलाज करने के लिए हानिकारक है।"


3. ऐसा लगता है जैसे वह आपके गर्भाशय के माध्यम से फटने जा रहा है

नहीं, वह तुम्हारे लिए बहुत बड़ा नहीं है। आप शायद चीजें दौड़ रहे हैं। डॉ। रुडॉल्फ कहते हैं, "यदि आप पर्याप्त उत्तेजित हैं, तो योनि का 'गुब्बारा' होता है। "गर्भाशय पेट में खींचा जाता है और योनि के आसपास की मांसपेशियों में आराम होता है, जिससे उसके लिए जगह बनायी जाती है।"

प्री-गेम गर्मजोशी (Warmth) पर कंजूसी न करें। ज्यादातर महिलाओं को यह सुनिश्चित करने के लिए 20 मिनट की फोरप्ले की आवश्यकता होती है, कि उनके हिस्से कार्रवाई के लिए तैयार हों। बस ल्यूब जोड़ना एक अच्छा शॉर्ट कट नहीं है। डॉ हेर्बेनिक कहते हैं, "यह प्रविष्टि (Entry) को आसान बना सकता है, लेकिन यह आपकी योनि (Vagina) की लंबाई या आकार को नहीं बदलेगा।"

अभी भी असहज? डॉ। रुडॉल्फ कहते हैं, "अगर कोई लिंग स्वस्थ गर्भाशय को हिट करता है तो दर्दनाक नहीं होना चाहिए।" यदि आपको अभी भी लगता है, कि पर्याप्त जगह नहीं है, तो अपनी गीना (Gina) देखें।

4. पोस्ट-बेबी नुकीली आपको खुजली और कच्ची पत्तियां छोड़ देती है

नई माताओं, खासतौर पर जो स्तनपान कर रहे हैं, वे एस्ट्रोजेन के स्तर को कम कर सकते हैं जो सहारा की तुलना में योनि सुखाने और योनि दीवारों को फाड़ने के लिए प्रवण होती है। एक खराब ढंग से ठीक एपिसीटॉमी पर निशान ऊतक (Tissue) भी प्रवेश की समस्या पैदा कर सकता है।

संभोग (sexual intercourse) से एक ब्रेक ले लो। प्रसूति स्त्री रोग विशेषज्ञ (Obstetrician gynecologist) डॉ एलिजाबेथ स्टीवर्ट कहते हैं, कि कई महिलाएं शारीरिक रूप से तीन महीने या उससे अधिक समय तक तैयार नहीं होती हैं। लेकिन डॉ रुडॉल्फ कहते हैं, लेकिन घनिष्ठता पर पूरी तरह कटौती न करें। एक उंगली का उपयोग करके शुरू करें और फिर प्रवेश की कोशिश करें - बहुत सारे लुबे के साथ।

5. ऐसा लगता है, जैसे कांच के शर्दे (Sharde) आपकी बाहरी योनि (Outer vagina) काट रहे हैं

Vestibulodynia प्रदान किया - एक समस्या श्रोणि मांसपेशियों, फासिशिया और नसों को शामिल करने के लिए सोचा।
यदि यह हल्का है, तो डॉ। रुडॉल्फ कहते हैं, आपका डॉक्टर रीमेकाइन जेली या एम्ला क्रीम को स्थानीय एनेस्थेटिक युक्त कर सकता है। एक बार जब आपकी गीना ने संक्रमण जैसे स्पष्ट कारणों से इंकार कर दिया है, तो किसी ऐसे व्यक्ति को देखें जो जननांग दर्द में माहिर हैं। "प्रबंधन चिकित्सा उपचार, फिजियोथेरेपी और कुछ मामलों में मनोवैज्ञानिक हस्तक्षेप का एक कॉम्बो होगा।"

6. जब वह प्रवेश करने की कोशिश करता है, तो आपकी योनि क्लैंप (Vaginal clamp) बंद हो जाती है
योनि (Vagina) का संकुचन (Contraction)। यह दर्दनाक लेकिन इलाज योग्य स्थिति योनि के प्रवेश द्वार पर मांसपेशियों को प्रवेश पर स्पैम करने का कारण बनती है, जिससे सभी को संभोग (sexual intercourse) करना असंभव हो जाता है।

वैगिनिस्मस अनैच्छिक मांसपेशी स्पैम (Waginismus Involuntary Muscle Spam) से जुड़े प्रवेश का डर है, और उपचार में डर पर काबू पाने, श्रोणि तल की मांसपेशियों को नियंत्रित करने और उन्हें प्रवेश करने के लिए पर्याप्त रूप से खींचने में शामिल होना शामिल है, डॉ रूडॉल्फ कहते हैं। अभ्यासों को खींचना कान की कलियों (Buds) जैसी छोटी वस्तुओं से शुरू होता है, जो एक पेंसिल, छोटे टैम्पन और योनि (Vaginal) dilator पर चलते हैं।

मालिश के माध्यम से मांसपेशी नॉट्स को तोड़ने के लिए आपका डॉक्टर सेक्स थेरेपी, मनोचिकित्सा और श्रोणि तल फर्श फिजियोथेरेपी भी लिख सकता है। बोटॉक्स अति सक्रिय योनि मांसपेशियों (Active vaginal muscles) को आराम करने के लिए भी काम करता है, लेकिन यह अभी भी प्रयोगात्मक है।


7. सेक्स के बाद आपको अपने vulva के चारों ओर एक खुजली (itching), हाइव-जैसे bursts मिलती है

एक एलर्जी प्रतिक्रिया (Allergic reaction) , शायद लेटेक्स कंडोम या आपके ल्यूब के कारण। कोई फ्लेवोरेंट, और पानी या सिलिकॉन आधारित लुब (Lube) के साथ सादे कंडोम चुनें। यदि यह अभी भी एक समस्या है, तो एक डॉक्टर को देखें।

जरा सम्‍भलकर.. अगर आप वजाइना क्रीम लगाने की सोच रही है तो पहले इसे पढ़ ले!

वजाइना लड़कियों के शरीर का सबसे संवेदनशील अंग है इसलिए इसकी देखभाल सबसे ज्यादा करनी चाहिए। हाल के कुछ सालों से लड़कियां वजाइना को टाइट रखने को लेकर काफी जागरूक हो गयी हैं और इस वजह से बाज़ार में कई तरह की ऐसी क्रीम और जेल आने लगे हैं जो वैजाइना को टाइट करने का दावा करती हैं।

इस तरह की क्रीम और जेल पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं और इससे कई तरह के साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं। इसलिए इनके उपयोग से पहले सारी जानकारी पढ़ लें। इस आर्टिकल में हम आपको इन क्रीम के इस्तेमाल से होने वाले कुछ प्रमुख साइड इफ़ेक्ट के बारे में बता रहे हैं।


जलन:


वजाइना को टाइट करने वाली क्रीम कई तरह के केमिकल से युक्त होती हैं। खासतौर पर इनमें मंजाकनी एक्सट्रेक्ट (Manjakani extract) नामक यौगिक ज़रूर होता है जो कि नुकसानदायक है। मंजाकनी एक्सट्रेक्ट का इस्तेमाल काफी पहले से ही जन्म के बाद वजाइना को टाइट करने के लिए किया जाता रहा है। इसके इस्तेमाल से वैजाइना में अंदर और बाहर दोनों साइड तेज जलन होने लगती है और उठने बैठने या पेशाब करने में भी काफी तकलीफ होने लगती है।



एलर्जिक रिएक्शन :

अगर क्रीम में मौजूद किसी केमिकल से आपको एलर्जी है तो इसके इस्तेमाल से आपको योनि में तेज खुजली, रेडनेस और रैशेज की समस्या होने लगती है। वजाइना में ऐसी एलर्जी होने से दिक्कतें काफी बढ़ जाती है और तेज दर्द भी होने लगता है। इसलिए क्रीम लगाने के बाद ऐसे कोई लक्षण दिखे तो तुरंत ऐन्टीहिस्टमीन (antihistamine) दवाइयां लें।


इन्फेक्शन:
इस तरह की क्रीम से लड़कियों में बैक्टीरियल वैजिनोसिस (BV) और यीस्ट इन्फेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। वजाइना को स्वस्थ रखने में पीएच लेवल का महत्वपूर्ण रोल है जबकि वैजाइना के अंदर ऐसी कोई भी क्रीम या जेल डालने से जिसमें कई तरह के केमिकल हों वैजाइनल पीएच लेवल पर बुरा असर पड़ता है। इसलिए इन क्रीमों से परहेज करें।


हार्मोन पर प्रभाव :
इस तरह के फेमिनिन प्रोडक्ट एंडोक्राइन सिस्टम को भी प्रभावित कर देते हैं। जिसमें ओवरीज, थायराइड ग्रंथि और पीयूष ग्रंथि मुख्य रूप से शामिल हैं। ये ही ग्रंथियां मुख्य रूप से हार्मोन का उत्पादन करती हैं। अगर इन पर कोई बुरा असर पड़ता है तो इससे पूरे शरीर का स्वास्थ्य खराब हो सकता है।


यौन संबंधी रोग :

वजाइना को टाइट करने का दावा करने जैसी क्रीम या जेल के इस्तेमाल से आपको सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) भी हो सकता है। आमतौर पर ऐसी क्रीम दुर्गंधरहित होते हैं जिससे एसटीडी के कारण आने वाली महक भी खत्म हो जाती है और आपको पता ही नहीं चलता है कि आपके वैजाइना में कोई इन्फेक्शन हुआ है। अगर ऐसे में काफी दिनों तक आप इलाज नहीं करवाती हैं तो आगे चलकर यह गंभीर रोग भी हो सकता है। इसलिए समय रहते ही डॉक्टर से जांच करवा लें।



वैजाइना को नेचुरल तरीके से कैसे टाइट करें:

किसी महंगी क्रीम की बजाय आप योनि को टाइट करने के लिए पेल्विक एक्सरसाइज करें। ये एक्सरसाइज वजाइना के आस पास कि मसल्स को टाइट कर देते हैं साथ ही उन्हें मजबूती भी प्रदान करते हैं।


कीगल एक्सरसाइज करें

वजाइनल मसल्स को टाइट करने के लिए कीगल एक्सरसाइज करना सबसे उपयुक्त है। इसमें आपको अपनी पेल्विक मसल्स को सिकोड़ना होता है और फिर थोड़ी देर बाद उन्हें ढीला छोड़ दें। इसे आप कहीं भी बैठे बैठे कर सकती हैं।

कीगल एक्सरसाइज को करने के लिए सबसे पहले आपको अपनी पेल्विक मसल्स को पहचानना होगा। इसके लिए पेशाब करते समय बीच में उसे बार बार रोके और उन मसल्स पर ध्यान दें जिन पर दवाब बनाकर आप पेशाब रोक रही हैं। जब आप उन मसल्स को अच्छे से पहचान लें तो कभी भी कहीं भी बैठे हुए उन मसल्स को सिकोड़ें और फिर थोड़ी देर बाद ढीला छोड़ दें। इस एक्सरसाइज को दिन में तीन बार कम से कम 5 मिनट तक करें।


डॉक्‍टर की सलाह जरुर ले


इसके अलावा इस बात का ध्यान रखें कि कभी भी बिना डॉक्टर की सलाह लिए कोई भी क्रीम जा जेल वैजाइना में ना लगायें। इससे आपके वैजाइना को बहुत नुकसान पहुंच सकता है।

क्या वजाइना सर्जरी कराकर वाकई खूबसूरत हो जाती हैं महिलाएं?

अपने फिगर और लुक्स की तुलना तो महिलाएं अक्सर दूसरी महिलाओं से करती रहती हैं. लेकिन हैरानी की बात यह है कि अब वे अपने प्राइवेट पार्ट को लेकर भी ऐसा सोचने लगी हैं...

महिलाओं में बढ़ रही है डिजाइनर वजाइना की चाहत


बीते कुछ सालों में स्किनी जींस पहनने का चलन काफी बढ़ा है. ऐसे में खूबसूरत दिखने के लिए लड़कियां आजकल वजाइनल सर्जरी का सहारा ले रही हैं. एक प्लास्ट‍िक सर्जन की मानें तो बीते कुछ समय में डिजाइनर वजाइना के लिए सर्जरी कराने वाली लड़कियों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है.

वजाइनल सर्जरी कराने वालों में 16 साल की लड़की से लेकर 70 साल की महिलाएं तक शामिल हैं. आमतौर पर इन लड़कियों और महिलाओं की मांग होती है कि कॉस्मेटिक सर्जरी करके उनके गुप्तांग का आकार और रूप बदल दिया जाए.






सर्जरी गुप्तांग के ऊपरी हिस्से या आप कह सकती हैं कि सबसे बाहरी भाग पर की जाती है. लेकिन सवाल ये उठता है कि आखिर वजाइना सर्जरी की जरूरत ही क्यों है?


ब्रि‍टेन के गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर अहमद इस्माइल के अनुसार हर वजाइना का अपना आकार होता है और ये हर महिला में उसके अनुरूप होता है. अगर आपको गुप्तांग में किसी प्रकार का दर्द या तकलीफ नहीं है तो ये बिल्कुल सही है और आपको किसी भी तरह की सर्जरी की जरूरत नहीं है.



महिलाओं में अचानक से आए इस बदलाव के लिए मीडिया में आने वाली खबरें और सेलेब्रेटीज हैं. इन्हीं की वजह से अब महिलाएं इस तरह की सर्जरी को जरूरी समझने लगी हैं. उन्हें ये लगने लगा है कि सर्जरी कराकर ही वो खूबसूरत बन सकेंगी. सबसे बड़ी समस्या तो ये है कि वे अपने प्राइवेट पार्ट्स की तुलना दूसरी महिलाओं के साथ करती हैा.


इस्माइल बताते हैं कि उनके पास कई ऐसी महिलाएं आती हैं जो उनसे ये पूछती हैं कि क्या उनका गुप्तांग सामान्य है.

इस्माइल कहते हैं कि ऐसा पूछने वाली महिलाओं से मैं कहता हूं कि परफेक्ट लुकिंग वजाइना जैसी कोई चीज है ही नहीं. हर औरत के शरीर की बनावट अलग होती है. कोई भी अंग एक आकार, एक रूप, एक रंग का नहीं हो सकता है और अंगों के संदर्भ में आदर्श अंग जैसी कोई बात हो ही नहीं सकती.

ये बात शरीर के सभी अंगों के लिए लागू होती है और वजाइना इससे अलग नहीं है. इस्माइल कहते हैं कि अगर आपके वजाइना में दर्द या किसी तरह की तकलीफ नहीं है तो आपका वजाइना एकदम सामान्य है. ऐसे में किसी से भी तुलना करना गलत है. बस आपको अपने गुप्तांगों को साफ और स्वस्थ रखना होता है.





इस्माइल के अनुसार, शरीर के सभी अंगों की तरह वजाइना भी उम्र के साथ बदलता है. उसका आकार और रंग उम्र के साथ बदल सकता है, ऐसे में डरने की या चिंता करने की जरूरत नहीं है. डिजाइनर वजाइना सर्जरी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस्माइल कहते हैं कि लैबियाप्लास्टी कराना अहम नहीं है. सबसे जरूरी है कि आपके अंग साफ और स्वस्थ रहें.


लड़कियां अपनी योनि को रखना चाहती हैं सुरक्षित तो इन उत्पादों से रहें दूर





महिलाओं में वजाइना शरीर के सबसे नाजुक अंगों में से एक मानी जाती है। योनि की साफ सफाई और उसे स्वस्थ रखना काफी जरूरी माना जाता है क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। आमतौर पर पुरुष हों या फिर महिलाएं उनके जननांगों में संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा रहता है। ऐसे में हमें अपने शरीर के इस नाजुक हिस्से की देखभाल के प्रति काफी सतर्क रहना चाहिए।

जानिए, कितना खतरनाक है योनी से निकलने वाला सफेद पानी 





महिलाओं को काफी विस्तृत श्रृंखला में उनके प्रजनन अंग से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का अनुभव करना पड़ता है। ल्यूकोरिया रोग होने पर महिला के योनी मार्ग से सफेद पानी निकलने लगता है।


योनि में एक सेल्फ-क्लिन्ज़िंग मेकॅनिज्म होता है जो किसी भी बाहरी कण को हल्के निर्वहन के माध्यम से समाप्त कर देता है। यह पूरी तरह से सामान्य है और इसके बारे में चिंता करने की कोई बात नहीं है। लेकिन अगर आपकी योनी मार्ग से एक चिपचिपा, सफेद, पीले, हरे या भूरे रंग का पानी निकलने लगे और उसमें जलन, गंध और खुजली होने लगे तो यह शायद चिंता की बात है।

श्वेत प्रदर (योनि से सफ़ेद पानी आना या ल्यूकोरिया) के लक्षण –

महिला की योनी मार्ग से सफेद पानी निकलना ल्यूकोरिया के नाम से जाना जाता है। यह ऊपर बताए गये कई कारणों के कारण हो सकता है। अधिकतार यह स्राव दर्द रहित होता है लेकिन कभी-कभी आपको दर्द महसूस हो सकता है। स्राव के समय खुजली हो सकती है। कुछ महिलाओं को दर्द और जलन भी महसूस होती है। नम स्थितियों के कारण, आपके जांघ क्षेत्र में लाली, कब्ज या सिरदर्द का अनुभव कर सकते हैं। यद्यपि यह बहुत गंभीर विकार नहीं है, फिर भी ल्यूकोरिया बहुत असुविधाजनक और परेशान कर सकता है और आपको इसका इलाज करने की आवश्यकता है।



ल्यूकोरिया का कारण है पोषण की कमी-
कफ दोष की उत्तेजना ल्यूकोरिया का कारण हो सकती है। अधिक मात्रा में मक्खन, दही, पनीर और अन्य कच्चा खाद्य पदार्थ खाने से अस्वस्थ होते हैं। भारी, तेलयुक्त और टला हुआ भोजन लेना बहुत ही उपयोगी नहीं होता है। पर्याप्त पोषण ना लेना भी चिंता का एक प्रमुख कारण हो सकता है क्योंकि यह पाया जाता है कि जिन महिलाओं में रक्त की कमी होती है वो ल्यूकोरिया से पीड़ित हो सकती है।


संक्रमण है श्वेत प्रदर का कारण-

कई बीमारियां हैं जो ल्यूकोरिया के लिए रास्ता बना सकती है। एनीमिया और मधुमेह से ग्रस्त महिलाएं सफेद योनि स्राव या ल्यूकोरिया का अनुभव करती हैं। कुछ यौन संचारित रोगों में भी योनि स्राव और गंध हो सकती है। ल्यूकोरिया एक बैक्टीरिया जो फंगल या खमीर संक्रमण के कारण भी हो सकता है। यूटीआई (मूत्र पथ के संक्रमण) भी योनि स्राव के पीछे एक कारण माना जाता है। पैल्विक क्षेत्र में सूजन से जुड़ी कुछ बीमारियों से भी ल्यूकोरिया हो सकता है।


सफेद पानी के आने का कारण है पुवर पर्सनल हाइजीन –
पुवर पर्सनल हाइजीन योनि में संक्रमण का एक कारण हो सकता है जिससे योनि में स्राव हो सकता है। अंडरवियर को नियमित रूप से ना बदलना, मासिक धर्म के दौरान अनुचित स्वच्छता और अत्यधिक पसीना आना आदि योनि स्राव के कारण हो सकते हैं। चिपचिपे और सिंथेटिक सामग्री से बने अंडर गारमेंट्स भी स्राव के कारण हो सकते हैं। ध्यान रखें कि ल्यूकोरिया एक संक्रमित महिला से स्वस्थ महिला को भी फैल सकता है। यह तब हो सकता है जब कोई उसकी प्रसाधन सामग्री या किसी और महिला के साथ अंडर गारमेंट्स का आदान-प्रदान करता है। इसके अलावा योनि क्षेत्र में चोट के कारण भी ल्यूकोरिया हो सकता है। यह भी संभव है कि कुछ गर्भनिरोधक स्राव के लिए योनि को परेशान कर सकते हैं। क्रीम, साबुन और सफाई करने का तरीका योनि के पीएच संतुलन को परेशान कर सकता है।




हार्मोनल परिवर्तन हैं लिकोरिया के कारण –

हार्मोनल परिवर्तन के कारण विशेष रूप से गर्भावस्था के दौरान योनि स्राव हो सकता है। आप यौवन के दौरान भी ल्यूकोरिया का अनुभव कर सकते हैं। यह भी देखा गया है कि कुछ लड़कियों को माहवारी चक्र शुरू होने से पहले भी स्राव होता है।

श्वेत प्रदर (योनि से सफ़ेद पानी आना या ल्यूकोरिया) से बचाव –

ल्‍यूकोरिया स्त्री की योनि से जुड़ी एक बहुत ही सामान्य स्थिति है। योनि मार्ग से आने वाले सफेद और चिपचिपे गाढ़े स्राव को ल्‍यूकोरिया कहते हैं। कभी-कभी योनि से हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने के लिए यह सामान्य होता है। लेकिन कई बार योनि से निकलते स्राव में ज़्यादा चिपचिपापन, जलन, खुजली, गंध होती है जिसके कारण यह ज़्यादा परेशानी का कारण बनता है। पर कुछ उपायों की मदद से आप इस अस्वस्थ योनि स्राव को रोक सकते हैं –


ल्‍यूकोरिया में क्या खाएं –

बहुत भारी, मीठा और तला हुआ भोजन और बड़ी मात्रा में डेयरी उत्पादों का सेवन करने से ल्‍यूकोरिया हो सकता है। शराब और वातित पेय और मशरूम के सेवन से बचें। मसालों और नमक का सेवन भी सीमित करने की कोशिश करें। आपको किण्वित (fermented) खाद्य पदार्थों से बचने का प्रयास करना चाहिए। ताजे फल और सब्जियां जैसे संतरे, क्रैनबेरी, हरी सब्जियां, नींबू, लेडीफिंगर्स और आम जैसे आहार आपके भोजन का एक हिस्सा होने चाहिए। आसानी से पचने योग्य भोजन खाएं क्योंकि अपच योनि स्राव पैदा कर सकता है। पूरे दिन पर्याप्त मात्रा में पानी पीना सुनिश्चित करें।

ल्‍यूकोरिया की रोकथाम के लिए बनाए रखें योनि स्वास्थ्य –

योनि स्वास्थ्य को बनाए रखना काफी जाहिर सी बात है। आप कुछ बुनियादी आदतों से उचित स्वच्छता सुनिश्चित कर सकते हैं। अपनी योनि को धोने के लिए केवल पानी का उपयोग करें और किसी कॉस्मेटिक योनि वाश का उपयोग न करें क्योंकि ये आपकी योनि के पीएच संतुलन को बिगाड़ सकते हैं। आरामदायक अंडरवियर पहनें जो आमतौर पर कॉटन से बने होते हैं जो आपकी त्वचा के लिए अच्छे होते हैं। सिंथेटिक कपड़े से बना अंडरवियर पहनना समस्याएं पैदा कर सकता है। माहवारी के दौरान उचित स्वच्छता सुनिश्चित करें। हर 6 घंटे में सैनिटरी नैपकिन बदलें और उन्हें ठीक से डिस्पोज करें। साफ कपड़े पहनें।


ल्‍यूकोरिया से मुक्ति के लिए अपनाएं स्वस्थ आदतें –

यदि आप मधुमेह या एनीमिया से पीड़ित हैं, तो आपको ल्‍यूकोरिया होने की अधिक संभावना होती है। मूत्र पथ का संक्रमण भी ल्‍यूकोरिया से जुड़ा हुआ है। कई यौन बीमारियां भी ल्‍यूकोरिया का कारण हो सकती हैं। अपनी निजी स्वच्छता का ख्याल रखें। हार्मोनल परिवर्तनों के कारण गर्भवती महिलाओं में ल्‍यूकोरिया सामान्य होता है इसलिए गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखें। इससे बचाव के लिए आप अपनी दिन


र्या में कसरत भी शामिल कर सकते हैं।


महिलाओं की योनी कितने प्रकार के होती हैं और क्या होता हैं उसमे ख़ास जाने आप भी…

महिलाओं की योनि (Vagina) कितने प्रकार की होती हैं, महिलाओं का मुख्य जननांग वेजाइना (योनि) कहलाता है। जिस तरह से हर महिला अलग होती है और उनकी शख्सियत भी अलग होती है उसी तरह वेजाइना का प्रकार भी अलग-अलग होते है। अधिकांश महिलाओं को भी यह बात ज्यादा पता नहीं होती है। विभिन्न प्रकार के रिसर्च में ये पाया गया है कि जिस तरह लोगों के फिंगर प्रिंट विभिन्न प्रकार के होते हैं उसी तरह महिलाओं के वेजाइना का आकार (योनि के प्रकार)भी भिन्न-भिन्न होता है। हर वेजाइना का आकार और आकृति यानि की शेप और साइज अलग होता है।

वेजाइना के मुख्यत: 21 प्रकार होते हैं लेकिन आमतौर पर जो प्रकार महिलाओं में अधिक पाया जाते हैं उनकी संख्या 8-10 होती है। इस आर्टिकल में हम विस्तार से वेजाइना के प्रकार, आकार और आकृति के बारे में बताने जा रहे हैं ताकि हर वेजाइना के बारे में बेहतर ढंग से समझ पाएं। आइए जानते हैं वेजाइना के अलग-अलग टाइप के बारे में।


यह आकार महिलाओं की अधिकतर वेजाइना का पाया जाता है। यह तब होता है जब लेबिया मिनोरा लेबिया मेडा के बीच से बाहर निकलता है। यह उसी प्रकार दिखाई देता है जिस प्रकार किसी चीज को सही तरह से पैक नहीं किया गया हो। वेजाइना के इस प्रकार के बारे में अक्सर सोचा है जाता है कि वेजाइना में कोई बीमारी है या वेजाइना का प्रकार सही नहीं हैं। वेजाइना का आकार इस तरह का होना कोई बीमारी नहीं है बल्कि यह वेजाइना का सही प्रकार है और आप बिल्कुल स्वस्थ हैं।

वजाइना का ये प्रकार अधिक खुला होता है और ऊपर से चौड़ा दिखाई देता है। इस आकार में लेबिया मिनोरा थोड़ा सा बाहर निकला हुआ दिखाई देता है क्योंकि ये अधिकतर लेबिया मेडा के अंदर ही होता है। ये वेजाइना एक प्रकार से बंद होती है और इसका शेप घोड़े की नाल जैसा होता है इसलिए इसे होर्स शू वेजाइना कहा जाता है। योनि का यह प्रकार तीसरा मुख्य प्रकार है जो महिलाओं में पाया जाता है।


अगर हो रही हैं ये समस्याएं तो हो सकता है वजाइना में यीस्ट इन्फेक्शन



जयपुर|आजकल महिलाओं की ज़िन्दगी भी भागदौड़ से भरी हुई है बाहर की लाइफ को संभालना और फिर घर के कामों को भी देखने मने वो खुद की सही से देखभाल नहीं कर पाती हैं और महिलाओं के पूरे स्वास्थ में वजाईना का स्वस्थ रहना बहुत ज़रूरी है पर कई बार वजाइना में कई प्रकार के इन्फेक्शन हो जाते हैं जिनमे से एक हैं यीस्ट इन्फेक्शन| इस इन्फेक्शन के कारण महिलाओं को वजाईना में अत्यधिक जलन के साथ खुजली भी होती है और वाइट डिस्चार्ज निकलता है|

दरअसल वजाईना में बैक्टीरीया और फंगल कोशिकाएं बराबर मात्रा में होती हैं पर जब किसी कारण से बैक्टीरीया की जगह फंगल कोशिकाएं बढ़ जाती है तो वजाईना में यह इन्फेक्शन हो जाता है| इसके कारण कई बार वजाइना लाल पड़ जाता है और उसमें सूजन भी आ जाती है|



अगर हम इस इन्फेक्शन के लक्षणों की बात करें तो यह इन्फेक्शन होने पर वजाइना में यूरीनेशन के दौरान तेज़ जलन होती है और साथ ही उसमे काफी ज़्यादा खुजली भी होती रहती है| यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण वजाइना में सूजन आ जाती है और वह लाल पड़ जाता है या फिर उसमे रेड स्पॉट्स आ जाते हैं| अगर आपके वजाईना से अधिक मात्रा में वाइट डिस्चार्ज हो रहा है तो यह भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन के कारण हो सकता है|



इस इन्फेक्शन का एक बड़ा कारण पीरियड्स के दौरान की गयी किसी तरह की लापरवाही के कारण हो सकता है जैसे कई महिलाएं बहुत अधिक देर तक सैनिटरी नैपकिन नहीं बदलती या जो महिलाएं कपड़े का प्रयोग करती हैं उन्हें यह इन्फेक्शन होने के ज़्यादा खतरे होते हैं| हर रोज़ नहाते समय वजाईना को वजाइनल वाश से ज़रूर साफ़ करना चाहिए और उसे साफ़ करने के लिए किसी तरह के साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए वरना इससे वजाइना रफ़ हो जाता है और लगातार सफाई ना करने से यह इन्फेक्शन हो सकता है|

जो महिलाएं कॉटन की पैंटी की जगह दुसरे कपड़ों की इस्तेमाल करती हैं तो उससे उन्हें अधिक पसीना होता है और पसीने के बैटीरीया से भी यीस्ट फंगल इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है साथ ही हॉर्मोन में हुयी किसी तरह की गड़बड़ी के कारण भी यह इन्फेक्शन हो सकता है|

इस इन्फेक्शन से बचने के लिए महिलाओं को अपने वजाइना का पूरा ध्यान रखना चाहिए और उसे साफ़ सुथरा रखना चाहिए और समय समय पर आप चाहें तो उसमे कॉटन के प्रयोग से एंटीबायोटिक लिक्विड का इस्तेमाल भी कर सकती हैं जिससे आपका वजाइना भी स्वस्थ रहेगा और आप भी|

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