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न बढ़ेगा मोटापा, न ही कोलेस्ट्रॉल बस इस सीजन रखें डाइट का खास ख्याल


न बढ़ेगा मोटापा, न ही कोलेस्ट्रॉल बस इस सीजन रखें डाइट का खास ख्याल

सर्दियों का सीजन आते ही तमाम तरह की सब्जियां भूख के साथ ही लालच भी बढ़ा देती हैं जिससे कई बार जरूरत से ज्यादा खाना खा लेते हैं। हालांकि सर्दियों में डाइजेशन की उतनी प्रॉब्लम नहीं होती लेकिन कैलोरी और कोलेस्ट्रॉल तो बढ़ता ही है। हेल्दी खाने के साथ ही अनहेल्दी आदतों से कैसे दूर रहा जा सकता है यह जानना जरूरी है। ये हेल्दी ऑप्शन कई तरह की बीमारियों को भी दूर रखने में कारगर होते हैं।

पानी पीती रहें
सर्दियों में कोल्डड्रिंक्स और हार्ड ड्रिंक्स का सेवन करने से बचें। चाय और कॉफी भी इस सीजन में डेली रुटीन से ज्यादा हो जाता है। इसलिए इसका इस्तेमाल भी कम करें। पानी जरूर पिएं। कोशिश करें कि पानी रूम टेम्प्रेचर वाला ही हो। ज्यादा ठंडा पानी पीना भी सेहत के लिए ठीक नहीं है। सबसे खास बात, खाना खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं।

खाना छोड़ना ठीक नहीं
अकसर इस सीजन के दौरान किसी न किसी बहाने खाना ज्यादा हो जाता है, और उसे ठीक करने के चक्कर में लंच या डिनर छोड़ना बेहतर आइडिया नजर आता है। जबकि एेसा करना गलत है। लंच और डिनर जरूर करें, लेकिन उसकी मात्रा कम कर दें। चावल का इस्तेमाल कम कर दें। ऑयली फूड बिल्कुल न लें। यह डाइट सेहत को ठीक रखेगी।

डेज़र्ट की मात्रा कम लें
सर्दियों में डेजर्ट की मात्रा डाइट में अपने आप बढ़ जाती है। इस पर ध्यान दें। दिन की चार में से एक ही मील में डेजर्ट लें। आइसक्रीम और डोनट जैसे डेजर्ट लेने से बचें। इनमें फैट्स की मात्रा काफी होती है।

ताजे फल खाएं
इस सीजन में घर पर मौजूद पहले से स्नैक्स और मिठाई खाने से बचें। उन्हें पूरे दिन में सिर्फ एक बार ही लें। बाकी दिन में भूख लगे तो फ्रेश फ्रूट लें। इससे एनर्जी मिलेगी, और भूख भी मिट जाएगी।
एक्सरसाइज़ करना न भूलें
इस सीजन में आलस और मन दोनों ही सुबह उठने की इजाजत नहीं देते जिससे एक्सरसाइज करने की हिम्मत नहीं रहती। इसलिए टाइम निकालकर कुछ वक्त वॉक जरूर करें। वॉक करने से आपके बॉडी मसल्स पहले की तरह काम करते रहेंगे और आपको होनी वाली थकान से भी छुटकारा मिल जाएगा। रोजाना 15 मिनट की वॉक भी काफी होगी।

नींद है सबसे ज़रूरी
एक्सपर्ट कहते हैं कि खाना खाने के चार घंटे बाद ही सोना चाहिए। इससे खाना पेट में पूरी तरह पच जाता है। अगर इस दौरान भूग लगे तो फ्रेश फ्रूट्स लें। कम से कम आठ घंटे की नींद जरूर लें। इससे शरीर और दिमाग को पूरी तरह से रेस्ट मिलेगा और आप अगले दिन फ्रेश रहेंगी।





टमाटर का रस पीजिए और कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप की समस्या से निजात पाइए



तोक्यो : यदि आप उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल की समस्या से पीड़ित हैं तो टमाटर का बिना नमक का रस आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. टमाटर का रस हृदय संबंधी बीमारियों के खतरे को कम करता है.

‘फूड साइंस एंड न्यूट्रीशन' में प्रकाशित अनुसंधान के लिए 184 पुरुषों और 297 महिलाओं को एक साल तक टमाटर का बिना नमक का रस पिलाया गया. जापान की तोक्यो मेडिकल एंड डेंटल यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं के अनुसार अध्ययन के अंत में उच्च रक्तचाप से पीड़ित 94 प्रतिभागियों के रक्तचाप में गिरावट हुई.

उन्होंने बताया कि इसके अलावा उच्च कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित 125 प्रतिभागियों का एलडीएल कोलेस्ट्रॉल स्तर 155.0 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर से कम होकर 149.9 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर हो गया.



कोलेस्ट्रॉल कम करने का रामबाण है ये घरेलू उपाय…

लिवर द्वारा उत्पादित लिपिड हमारे शरीर की कई प्रक्रियाओं के लिए बहुत महत्वर्पूण है, जैसे कि दिमाग में मौजूद तंत्रिका कोशिकओं को इंसुलेट करना और कोशिकाओं के लिए ढांचा प्रदान करना। वास्तव में समस्या तब उत्पन्न होती है जब हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन या एचडीएल का स्तर कम होने लगता है। दूसरी तरफ लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन या एलडीएल दिल की धमनियों की दीवारों पर जमने लगता है, जिससे रक्त प्रवाह धीमा पड़ जाता है और दिल व उसकी धमनियों के रोग या कार्डियोवेस्कुलर बीमारियां हो जाती हैं। इस बात का ध्यान रखें कि एचडीएल को बढ़ाना है और एलडीएल को घटना।
ऐसा आहार लेने से बचें खराब कोलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए पहले उन खाद्य पदार्थों को त्यागें जिनमें सैचुरेट फैट व ट्रांस फैट बहुत ज्यादा होता है। कई पैकेज्ड फूड जैसे आलू चिप्स व बेकरी उत्पादों में फाइबर यानी रेशे बहुत कम होते हैं और उनमें ट्रांस फैट अत्यधिक होता है। इसके अलावा, उपयोग किया गया कुकिंग ऑयल बार-बार इस्तेमाल करने से ट्रांस फैट का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। अक्सर लाल मांस का सेवन करने, मलाई युक्त दूध पीने, घी व नारियल तेल का भोजन में उपयोग करने से एलडीएल में बढ़ोतरी होती है क्योंकि इनमें सैचुरेटेड फैट अत्यधिक होता है। ऐसी चीजों का सेवन कम से कम करें और उनकी जगह पर ताजे व बिना प्रोसेस किए गए खाद्य पदार्थों को अपनाएं। ये कर सकते हैं सुधार -मक्खन जैसे उच्च सैचुरेटेड फैट युक्त उत्पादों की जगह पर कम वसा युक्त विकल्पों को रखें, जिसमें जीरो कोलेस्ट्रॉल और जीरो ट्रांस फैट हो।

कोलेस्ट्रॉल को स्वस्थ स्तर तक सुधारने के लिए मेवों को भी अपनी खुराक में शुमार करें विशेषकर पिस्ता को।
पिस्ता कुदरती तौर पर कोलेस्ट्रॉल फ्री होता है और प्रोटीन, फाइबर व एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत भी।
साबुत अनाज, अप्रसंस्कृत खाद्य, फल व सब्जियां लें। सूरजमुखी, अलसी के बीज और फैटी फिश फायदेमंद होते हैं।
उच्च वसा युक्त दुग्ध उत्पादों के स्थान पर निम्न वसा युक्त दुग्ध उत्पादों को तरजीह दें।
हर रोज कम से कम 30 मिनट की कसरत जरूरी है। रोजाना तेज चाल से चलें, साइकिल चलाएं, तैराकी करें या फिर अपना पसंदीदा खेल खेलें।
रोजाना की जिंदगी में छोटे-छोटे परिवर्तन भी सहायक साबित होंगे जैसे लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का उपयोग करें, टीवी देखते हुए दंड बैठक लगाएं।
आहार में इन्हें करें शामिल:- फाइबर यानी रेशे (आहारीय) दो किस्म के होते हैं- सॉल्यूबल और इनसॉल्यूबल। अपने आहार में सॉल्यूबल फाइबर की मात्रा बढ़ा दें। वैसे तो ये दोनों ही दिल की सेहत के लिए फायदेमंद हैं लेकिन सॉल्यूबल फाइबर एलडीएल के स्तर को घटाने में मददगार होते हैं। इसलिए अपनी खुराक में ओट्स और ओट ब्रान, फल, बीन्स, दालें व सब्जियां शामिल करें। इसी प्रकार ठंड में घ् में बना ताजा सूप, हरी पत्तेदार सब्जियों व सलाद का सेवन कीजिए ये आपके लिपिड प्रोफाइल में सुधार करेंगे।

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