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पेशाब में जलन और दर्द (डिस्यूरिया) के कारण, लक्षण और उपचार –

पेशाब में जलन और दर्द (डिस्यूरिया) के कारण, लक्षण और उपचार –
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Burning or painful urination in hindi मूत्राशय या शरीर के आस-पास के हिस्‍सों को प्रभावित करने वाली स्थिति पेशाब में जलन और दर्द का कारण बन सकती है। डॉक्‍टर पेशाब में जलन और दर्द को डिस्यूरिया के नाम से पुकारते हैं। यह एक आम बीमारी है जिसका इलाज भी संभव है। हालांकि डिस्यूरिया अक्‍सर मूत्र पथ संक्रमण की उपस्थिति की ओर इंगित करता है। इस प्रकार की समस्‍या होने पर इसका तुरंत ही इलाज किया जाना चाहिए। इसके लिए आपको डॉक्‍टर से संपर्क करना आवश्‍यक है। यह एक प्रकार की यौन बीमारी है जिसकी संभावना महिलाओं में अधिक होती है। आइए जाने पेशाब में जलन और दर्द के बारे में अन्‍य जानकारीयां।

1. पेशाब में जलन क्‍या है – Burning or painful urination Kya Hai in Hindi
2. पेशाब में जलन और दर्द होने का कारण – Peshab Me Jalan Aur Dard Ke Karan In Hindi
पेशाब में जलन का कारण मूत्र पथ संक्रमण – Urinary Tract Infection in Hindi
पेशाब में जलन होने का कारण यौन संचारित संक्रमण – Sexually Transmitted Infection in Hindi
पेशाब नली में दर्द का कारण हो सकता है प्रोस्‍टेट संक्रमण – Prostate Infection in Hindi
पेशाब में जलन होने का कारण हो सकती है पथरी – Kidney Stones in Hindi
पेशाब में जलन का कारण हो सकती है अंडाशय में गांठ – Ovarian Cysts in Hindi
पेशाब में जलन का कारण बन सकता अंतराकाशी मूत्राशय शोथ – Interstitial Cystitis in Hindi
योनि संक्रमण या जलन बन सकती है पेशाब में जलन का कारण – Vaginal infection or irritation in Hindi
पेशाब में जलन का कारण हो सकती है दवाएं – Medication in Hindi

3. पेशाब में जलन और दर्द के लक्षण – Burning or painful urination (Dysuria) Symptoms in Hindi
4. पेशाब की जलन और दर्द की जांच और परीक्षण – Burning or painful urination Diagnosis in Hindi
5. पेशाब में जलन और दर्द कितने दिनो तक रहता है – Expected Duration Of Dysuria in Hindi
6. पेशाब में जलन और दर्द से बचाव के उपाय – Prevention Of Burning or painful urination in Hindi
7. पेशाब में जलन और दर्द का इलाज – Treatment Of Burning or painful urination (Dysuria) in Hindi
8. पेशाब में जलन होने पर डॉक्‍टर से कब संपर्क करें – When To Contact Doctor in Hindi
पेशाब में जलन क्‍या है – Burning or painful urination Kya Hai in Hindi
पेशाब करते समय दर्द या असुविधा का डिस्यूरिया चिकित्‍सा शब्‍द है। अक्‍सर मूत्र पथ में जीवाणु संक्रमण के कारण डिस्यूरिया होता है। यह 20 से 50 वर्ष की उम्र के बीच कभी भी हो सकता है। यह संक्रमण विशेष रूप से तब होता है जब कोई बैक्‍टीरिया जननांग में प्रवेश करता है। यह महिलाओं के मूत्र मार्ग में भी प्रवेश कर सकता है और उन्‍में पेशाब में जलन के लक्षणों को बढ़ा सकता है। 50 वर्ष से अधिक उम्र वाले पुरुषों में मूत्राशय संक्रमण आमतौर पर एक बढ़ी हुई प्रोस्‍टेट या प्रोस्‍टेट संक्रमण से जुड़ा होता है।
पेशाब में जलन और दर्द होने का कारण – Peshab Me Jalan Aur Dard Ke Karan In Hindi
पेशाब में जलन का कारण मूत्र पथ संक्रमण – Urinary Tract Infection in Hindi
पेशाब में जलन होने का कारण यौन संचारित संक्रमण – Sexually Transmitted Infection in Hindi
पेशाब नली में दर्द का कारण हो सकता है प्रोस्‍टेट संक्रमण – Prostate Infection in Hindi
पेशाब में जलन होने का कारण हो सकती है पथरी – Kidney Stones in Hindi
पेशाब में जलन का कारण हो सकती है अंडाशय में गांठ – Ovarian Cysts in Hindi
पेशाब में जलन का कारण बन सकता अंतराकाशी मूत्राशय शोथ – Interstitial Cystitis in Hindi
योनि संक्रमण या जलन बन सकती है पेशाब में जलन का कारण – Vaginal infection or irritation in Hindi
पेशाब में जलन का कारण हो सकती है दवाएं – Medication in Hindi

मानव शरीर में मूत्र पथ संक्रमण एक आम समस्‍या है जो लगभग सभी लोगों को हो सकती है। पेशाब में जलन होने या डिस्यूरिया के कई कारण हो सकते हैं। इनमें अधिकतर कारणों का इलाज किया जा सकता है। आइए जाने पेशाब में जलन होने के संभावित कारण क्‍या हैं।
पेशाब में जलन का कारण मूत्र पथ संक्रमण – Urinary Tract Infection in Hindi
पेशाब में जलन होने का प्रमुख कारण बैक्‍टीरिया का प्रवेश हो सकता है। जब किसी व्‍यक्ति या महिला के यौन अंगों के माध्‍यम से कोई बैक्‍टीरिया मूत्र पथ में पहुंच कर संक्रमण फैलाता है। तब इस समस्‍या का कारण बन सकता है। इसके अन्‍य लक्षण इस प्रकार हैं
बार-बार पेशाब लगना।
पेशाब के साथ रक्‍त का आना।
बुखार।
बदबू दार पेशाब आना।
छाती और पीठ में दर्द होना।

(और पढ़े – मूत्र पथ संक्रमण (यूटीआई) के कारण, लक्षण और उपचार…)
पेशाब में जलन होने का कारण यौन संचारित संक्रमण – Sexually Transmitted Infection in Hindi

पेशाब में जलन या दर्द यौन संक्रमण के कारण भी हो सकता है। लैंगिक रूप से संक्रमित संक्रमण जैसे कि क्‍लैमिडिया, गोनोरिया और हर्पीस आदि मूत्र पथ को प्रभावित कर सकते हैं। जिससे पेशाब करने के दौरान जलन या दर्द महसूस हो सकता है।

पेशाब नली में दर्द का कारण हो सकता है प्रोस्‍टेट संक्रमण – Prostate Infection in Hindi

एक अल्‍पावधि जीवाणु संक्रमण के परिणामस्‍वरूप प्रोस्‍टेट संक्रमण या प्रोस्‍टेटाइटिस हो सकता है। य‍ह प्रोस्‍टेट में सूजन पैदा कर सकती है जिससे के कारण आपको डिस्यूरिया की परेशानी हो सकती है। इसके लक्षण इस प्रकार हैं।
पेशाब करने में दिक्‍कत होना।
मूत्राशय, टेस्टिकल्‍स और लिंग में दर्द होना।
स्‍खलन के दौरान दर्द होना।
बार-बार पेशाब लगना विशेष रूप से रात के समय।

(और पढ़े – प्रोस्टेट कैंसर क्या है, कारण, लक्षण, जांच और इलाज…)
पेशाब में जलन होने का कारण हो सकती है पथरी – Kidney Stones in Hindi

गुर्दे के पत्‍थरों के कारण भी पेशाब के दौरान दर्द और जलन हो सकती है। गुर्दे के पत्‍थर कैल्शियम या यूरिक एसिड का संग्रह होते हैं जो गुर्दे के आसपास कठोर पत्‍थरों का निर्माण करते हैं। कई बार गुर्दे के पत्‍थर स्‍वयं ही मूत्राशय में प्रवेश हो जाते हैं इस कारण भी पेशाब के दौरान दर्द हो सकता है। इसके अन्‍य लक्षण हैं :
बाजूओं और पीठ में दर्द होना।
पेशाब का रंग गुलाबी या भूरा होना।
धुंधला पेशाब आना।
जी मिचलाना और उल्‍टी होना।
ठंड लगना और बुखार आना।


पेशाब में जलन का कारण हो सकती है अंडाशय में गांठ – Ovarian Cysts in Hindi

गुर्दे के पत्‍थरों की तरह ही ओवेरियन सिस्ट पेशाब में जलन और दर्द का कारण बन सकते हैं। अंडाशय में गांठ एक या दोनों अंडाशय पर विकसित हो सकते हैं जो मूत्राशय के दोनो तरफ होते हैं। इसके लक्षणों में :
असामान्‍य रूप से योनि रक्‍तस्राव होना।
योनि में दर्द होना।
दर्दनाक अवधि।
स्‍तन की सिथिलता।
निचले हिस्‍से में हल्‍का दर्द होना।

पेशाब में जलन का कारण बन सकता अंतराकाशी मूत्राशय शोथ – Interstitial Cystitis in Hindi

यह मूत्राशय दर्द सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। इंटरस्टिशियल सिस्टिटिस (interstitial cystitis) एक ऐसी स्थिति है जो मूत्राशय की पुरानी जलन को अंतर्निहित संक्रमण के बिना 6 सप्‍ताह या उससे अधिक समय तक चलती है। इसके लक्षण हैं :
मूत्राशय क्षेत्र में दबाव।
संभोग के दौरान दर्द ।
योनि में दर्द ।
स्‍क्रोटम में दर्द ।
अक्‍सर पेशाब तेज आना लेकिन बहुत ही कम उत्‍सर्जित करना।

योनि संक्रमण या जलन बन सकती है पेशाब में जलन का कारण – Vaginal infection or irritation in Hindi

इसे वैजिनाइटिस या वैजिनोसिस (vaginitis or vaginosis) के रूप में भी जाना जाता है। यह संक्रमण बैक्‍टीरिया या खमीर के अतिप्रवाह के कारण योनि को संक्रमित कर सकता है। इसके अन्‍य लक्षण हैं :
योनि की जलन।
बदबूदार पेशाब।
संभोग के दौरान दर्द।
योनि रक्‍तस्राव जो आमतौर पर हल्‍का होता है।

पेशाब में जलन का कारण हो सकती है दवाएं – Medication in Hindi


कुछ दवाएं मूत्राशय ऊतकों को भंग कर सकती हैं। मूत्राशय कैंसर के इलाज के लिए डॉक्‍टरों द्वारा निर्धारित कुछ दवाएं मूत्राश्‍य ऊतकों को परेशान कर सकती हैं और जलन पैदा कर सकती है। पेशाब करते समय यह अक्‍सर दर्द का कारण बन सकता है।

अगर किसी व्‍यक्ति ने नई दवाओं को शुरू किया है और पेशाब करते समय दर्द महसूस करता है तो उसे अपने डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।
पेशाब में जलन और दर्द के लक्षण – Burning or painful urination (Dysuria) Symptoms in Hindi

डिस्यूरिया की समस्‍या होने पर पेशाब के दौरान दर्द के अलावा अन्‍य लक्षण भी हो सकते हैं। इन लक्षणों में शामिल हैं :

निचले मूत्र पथ में संक्रमण (cystitis) – बार-बार पेशाब लगना, पेट के निचले हिस्‍से में दर्द होना, पेशाब का रंग धुंधला होना, बदबूदार पेशाब आना आदि।

ऊपरी मूत्र पथ संक्रमण (pyelonephritis) – ऊपरी हिस्‍से में दर्द, ठंड के साथ उच्‍च बुखार, मतली और उल्‍टी के साथ उच्‍च बुखार, बार-बार पेशाब लगना आदि।

यूरेथ्राइटिस (Urethritis) – मूत्र मार्ग से स्राव होना, मूत्र मार्ग के आसपास लाली, लगातार पेशाब आना, योनि स्राव। यौन संक्रमित बीमारी से होने वाली पेशाब की जलन के कोई लक्षण नहीं होते हैं।

वैजिनाइटिस (Vaginitis) – योनि में दर्द और खुजली, यौन संभोग के दौरान एक असामान्‍य गंध योनि स्राव, बेचैनी आदि।

(और पढ़े – वैजिनाइटिस (योनिशोथ या योनि में सूजन) के कारण लक्षण और बचाव…)
पेशाब की जलन और दर्द की जांच और परीक्षण – Burning or painful urination Diagnosis in Hindi
इस प्रकार की समस्‍या होने पर आपको अपने डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। आप डॉक्‍टर आपके पिछले इलाज की समीक्षा करेगा। जिसमें आपके समग्र स्‍वास्‍थ्‍य और डिस्यूरिया के पिछले प्रभाव के बारे में प्रश्‍न हो सकते हैं। पेशाब, यौन और सामाजिक इतिहास के बारे में जानकारी इस समस्या का उपचार करने में मदद कर सकती है। शारीरिक परिक्षण आपके इतिहास पर निर्भर करती है। इस परीक्षण में आमतौर पर पेट की जांच शामिल होती है और अक्‍सर बाहरी जननांग की जांच और महिलाओं के लिए स्‍त्री रोग संबंधी जांचे शामिल होती हैं।

आपके पेशाब का एक नमूना लिया जा सकता है जिससे पेशाब की जलन और दर्द के कारणों का पता लगाया जा सके। यह परीक्षण बैक्‍टीरिया की उपस्थिति की जानकारी उपलब्‍ध करा सकता है। इसकी जांच माइक्रोस्‍कोप के तहत की जाती है । यह जांच बैक्‍टीरिया के प्रभाव को कम करने के लिए अति महत्‍वपूर्ण होती है।

पेशाब में जलन और दर्द कितने दिनो तक रहता है – Expected Duration Of Dysuria in Hindi

किसी व्‍यक्ति पर डिस्यूरिया का प्रभाव कितने दिनो तक रहता है इसके कारण पर निर्भर करता है। मूत्र पथ के संक्रमण वाले ज्‍यादातर लोग कुछ दिनों के भीतर ही इलाज के लिए अच्‍छी प्रतिक्रिया देते हैं। जब कारण निर्धारित करना मुश्किल होता है तो ये लक्षण लंबे समय तक चलते हैं और इनका उपचार करने में भी काफी समय लग सकता है।
पेशाब में जलन और दर्द से बचाव के उपाय – Prevention Of Burning or painful urination in Hindi


सिस्टिटिस या पायलोनेफ्राइटिस के कारण होने वाले डिस्यूरिया को रोकने के लिए आप दिन में कई गिलास पानी का सेवन करें। यह मूत्र पथ के संक्रमण को दूर करने में सहायक हो सकता है। मल त्‍याग करने के बाद महिलाओं को पीछे से आगे की ओर नहीं हटना चाहिए। क्‍योंकि इस स्थिति में ही बैक्‍टीरिया आसानी से गुदा द्वार और योनि में प्रवेश कर सकते हैं। बैक्‍टीरिया को मूत्र मार्ग से दूर करने के लिए संभोग के तुरंत बाद पेशाब करना चाहिए। यह बैक्‍टीरिया को मूत्राशय में जाने से रोकने में मदद करता है।
महिलाओं में डिस्यूरिया के दौरान होने वाली जलन को शांत करने के लिए जननांग क्षेत्र को साफ और सूखा रखना चाहिए। अक्‍सर टैम्पोन और सैनिटरी नैपकिन बदलना चाहिए। इसके अलावा उन्‍हें योनि स्‍प्रे और डोउच का उपयोगनहीं करना चाहिए। किशोरी लड़कियों को जलन से बचने के लिए बवल वॉथ (bubble baths) को कम से कम उपयोग करना चाहिए।

यौन संक्रमित बीमारियों के कारण होने वाले रोग को रोकने में मदद के लिए सुरक्षित सेक्‍स का अभ्‍यास करें। इसमें हमेशा कंडोम का उपयोग करना शामिल है जब तक कि आपके पास केवल एक स्थिर यौन साथी न हो।

पेशाब में जलन और दर्द का इलाज – Treatment Of Burning or painful urination (Dysuria) in Hindi

डिस्यूरिया का इलाज इसके संभावित कारणों पर निर्भर करता है। पेशाब की जलन का उपचार निम्‍न तरीकों से किया जा सकता है।

सिस्टिटिस और पायलोनेफ्राइटिस के कारण पेशाब में जलन का उपचार – आमतौर पर बैक्‍टीरिया के कारण होने वाले इस संक्रमण का इलाज करने के लिए कुछ दवाओं का उपयोग किया जा सकता है। यह दवाएं सामान्‍य रूप सेवन करने वाली एंटीबायोटिक दवाएं हो सकती हैं। जो इस समस्‍या को प्रभावी रूप से ठीक कर सकती हैं। एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग उच्‍च बुखार, ठंड लगना और उल्‍टी आदि लक्षणों के दौरान इंजेक्‍शन के रूप में नसों में दिया जा सकता है।

मूत्रमार्गशोथ (Urethritis) – इस प्रकार के लक्षणों का इलाज भी एंटीबायोटिक्‍स के द्वारा ही किया जाता है। एंटीबायोटिक का उपयोग इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा संक्रमण इस समस्‍या का कारण है।

वैजिनाइटिस (Vaginitis) – ट्राइकोमोनीसिस और जीवाणु योनिओसिस का एंटीबायोटिक्‍स के साथ इलाज किया जाता है। खमीर संक्रमण का इलाज एंटीफंगल दवाओं के साथ किया जाता है। सामान्‍य रूप से गोली का सेवन किया जा सकता है या फिर किसी क्रीम के रूप में उपयोग की जा सकती है।

यौन संक्रमण के कारण पेशाब में जलन का उपचार – यदि आप यौन सक्रिय हैं और यौन संक्रमित बीमारी के कारण डिस्यूरिया के लिए इलाज किया जा रहा है तो आपके यौन भागीदारों को भी इलाज किया जाना चाहिए।


पेशाब में जलन होने पर डॉक्‍टर से कब संपर्क करें –
 When To Contact Doctor in Hindi
यदि आप पेशाब की जलन से परेशान हैं या पेशाब में रक्‍त आ रहा है। ऐसी स्थिति में आपको तुरंत ही डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए। इसके अलावा निम्‍न लक्षण होने पर भी डॉक्‍टर की सलाह लेना आवश्‍यक होता है।
बुखार आना।
बार-बार पेशाब लगना लेकिन पेशाब कम मात्रा में करना।
पेट में दर्द।
पीठ में दर्द।
एक असामान्‍य योनि स्त्राव या मूत्रमार्ग निर्वहन।



पानी पीने का सही समय जानें और पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित कैसे करें –

पानी पीना सेहत के लिए बहुत जरुरी होता है। इसलिए पानी पीने का सही समय आपको पता होना चाहिए, पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है साथ ही शरीर के सभी अंग सुचारु रुप से कार्य कर पाते हैं। पानी पीने का भी सही समय होता है। (Best time to Drink Water in hindi) जहां सही स्थिति और समय पर पानी पीना शरीर के लिए बेहद लाभकारी होता है तो वहीं गलत समय पर पानी का सेवन आपको नुकसान भी दे सकते हैं। इस आर्टिकल में हम विस्तार से समझाने जा रहें है कि पानी पीने का सही समय कौनसा होता है और आप पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित कैसे कर सकते है। (How to motivate yourself to drink water in hindi)

पानी पीने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और यह वजन कम करने में मदद करता है सभी टॉक्सिन्स भी इस कारण शरीर से निकल जाते हैं। पानी पीने से इम्यून सिस्टम (Immune system) सही रहता है, सिरदर्द, माइग्रेन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है साथ ही लिवर, किडनी, ब्लैडर और दिमाग जैसे महत्वपूर्ण अंग सुचारु ढ़ग से कार्य करते हैं।


इतने सारे लाभ होने के कारण ही पानी को एक जीवनदायी तत्व माना जाता है। लेकिन अक्सर व्यस्त दिनचर्या के कारण लोग पानी पीना भूल जाते हैं और पानी की कमी के कारण कई समस्याओं का शिकार हो जाते हैं इसलिए पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करना (motivate yourself to drink water) जरुरी होता है।

1. पानी पीना क्यों है जरुरी – why water is so necessary in Hindi
2. पानी पीने के सही समय – the Best time to Drink Water in Hindi
पानी पीने का सही समय है सुबह उठने के तुरंत बाद – the Best time to Drink Water just after wake up in Hindi
पानी पीने के लिए सही समय है खाना खाने से पहले – the Best time to Drink Water Before a Meal in Hindi
पानी पीने का सही समय है तेज भूख लगने पर – the Best time to Drink Water When You’re Hungry in Hindi
पानी पीने का सही समय है वर्कआउट से पहले – the Best time to Drink Water Before a Workout in Hindi
पानी पीने का सही समय है थकान होने पर – the Best time to Drink Water when you tired in Hindi

3. पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के तरीके – How to motivate yourself to drink water in Hindi

पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए फ्लेवर एड करें – Add flavor to motivate yourself to drink water in Hindi
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए वाटर अलार्म सेट करें – Set alarm to motivate yourself to drink water in Hindi
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए पानी का जग पास में रखें – keep jug with you motivate yourself to drink water in hindi
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए मिनरल वाटर पीएं – Mineral water to motivate yourself to drink water in hindi
पानी की कमी दूर करने के लिए पानी से भरपूर खाना खाएं – Eat hydrate food to motivate yourself to drink water in hindi
पानी पीना क्यों है जरुरी – why water is so necessary in hindi
जल को जीवन इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह शरीर को हाइड्रेट करता है
पोषक तत्वों को पचाता है
टॉक्सिन निकालता है
मल-मूत्र बनने की प्रक्रिया को सही रखता है
अवशोषण में सहायक होता है।
1. पानी पीने के सही समय – Best time to Drink Water in hindi
पानी पीने का सही समय है सुबह उठने के तुरंत बाद – Best time to Drink Water just after wake up in Hindi

शरीर को ऊर्जा देने के लिए सुबह उठने के बाद आपको पानी जरुर पीना चाहिए। 8 घंटे की नींद के दौरान पानी ना पीने के कारण शरीर में पानी की कमी हो जाती है और ऊर्जा भी नहीं बचती। इसलिए सुबह उठने के तुरंत बाद पानी जरुर पीएं। इससे आपके सभी उत्सर्जक अंग भी सही ढंग से काम करते हैं और आपका पाचन तंत्र भी स्वस्थ रहता है।

पानी पीने के लिए सही समय है खाना खाने से पहले – the Best time to Drink Water Before a Meal in Hindi

अक्सर लोग खाना खाने के बाद पानी पीते हैं लेकिन खाना खाने से पहले पानी पीना फायदेमंद होता है। इससे पेट भरा हुआ रहता है और आप जरुरत से ज्यादा नहीं खा पाते। साथ ही भोजन करने के पहले पानी पीने से पेट मॉइश्चराइज रहता है और एसिडिक खाद्य पदार्थों (Acidic Foods) के बुरे प्रभाव उस पर नहीं पड़ते हैं।

(और पढ़े – क्या होता है जब आप खाली पेट पानी पीते हैं आइए जानते हैं)
पानी पीने का सही समय है तेज भूख लगने पर – Best time to Drink Water When You’re Hungry in hindi

भूख लगने से आप दिमाग (Brain) के संकेतों को सही से प्राप्त नहीं कर पाते और जरुरत से ज्यादा खा लेते हैं। इसलिए भूख लगने पर पहले पानी पीएं और फिर कुछ खाएं। जिससे आप अनहेल्दी स्नैक्स का अधिक मात्रा में सेवन नहीं कर पाते।

पानी पीने का सही समय है वर्कआउट से पहले – Best time to Drink Water Before a Workout in Hindi

वर्कआउट करने के कारण शरीर से पसीना आता है और शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे आप डिहाइड्रेट हो जाते हैं। गर्मियों के मौसम में वर्कआउट (workout) करने पर यह परेशानी और भी ज्यादा होती है। इसलिए वर्कआउट करने से पहले पानी जरुर पीना चाहिए। यह पानी पीने का एक आदर्श समय होता है।
पानी पीने का सही समय है थकान होने पर – Best time to Drink Water when you tired in hindi

थके हुए होने पर एक झपकी लेने के साथ-साथ एक गिलास पानी भी पिएं। क्योंकि थकान भी डिहाइड्रेशन (Dehydration) का एक संकेत होती है जिसमें पानी पीना फायदेमंद रहता है। पानी पीने से एनर्जी लेवल भी बूस्ट हो जाता है और शरीर स्वस्थ बना रहता है।

2. पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के तरीके – How to motivate yourself to drink water in Hindi
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए फ्लेवर एड करें – Add flavor to motivate yourself to drink water in Hindi

पानी पीने में भी अगर स्वाद का मजा लेना चाहते हैं तो पानी में फ्लेवर (Flavor) एड करें। पानी में ताजा खीरे, स्ट्रॉबरी, पुदीने, अदरक जैसे आदि पदार्थों को काटकर मिलाएं और कुछ घंटों बाद पी लें। इस पानी में खाद्य पदार्थों का फ्लेवर आ जाता है। इससे आपका पानी स्वादिष्ट बनता है।
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए वाटर अलार्म सेट करें – Set alarm to motivate yourself to drink water in hindi

अपने हाइड्रेट लेवल को बढ़ाने के लिए फोन में ही अलार्म लगा लें जो कि हर एक घंटे में आपको याद दिलाए की आपको पानी पीना है। इससे आप पानी पीना नहीं भूलते हैं।

पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए पानी का जग पास में रखें – keep jug with you motivate yourself to drink water in hindi

अपने डेस्क पर ही निश्चित मात्रा के पानी के जग को रखें और उसे खत्म करने का सही समय निर्धारित करें। ऐसे में बार-बार उस जग को देख कर पानी पीने के लिए प्रोत्साहित होते रहते हैं।
पानी पीने के लिए खुद को प्रेरित करने के लिए मिनरल वाटर पीएं – Mineral water to motivate yourself to drink water in hindi

आपको बता दें कि पानी एक ज़ीरो कैलोरी पेय होता है इसलिए सोडे की बजाय पानी पीना लाभकारी होता है। इसलिए सोडा पीने की बजाय रिफ्रेश होने के लिए मिनरल वाटर पीएं।
पानी की कमी दूर करने के लिए पानी से भरपूर खाना खाएं – Eat hydrate food to motivate yourself to drink water in hindi



खीरा, ककड़ी, तरबूज, चकोतरा आदि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थ होते हैं जिनका सेवन करने से पानी की कमी पूरी होती है। खुद को हाइड्रेट रखने के लिए आप पानी से भरे इन फलों का मजा भी ले सकते हैं।

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