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अपामार्ग :


Traditional method of reducing weight 


अपामार्ग का पौधा आप सभी लोगो ने देखा होगा लेकिन आपने यह कभी सोचा नहीं होगा कि अपामार्ग (Rough ) या लटजीरा (Rough chaff tree ) भी आपके मोटापे के लिए काम का हो सकता है | जी हाँ ! अपामार्ग एक ऐसा चमत्कारी पोधा है जो की बिना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचाए आपके शरीर में जमा चर्बी को मक्खन की तरह पिघला देता है| अपामार्ग आपको खेत, सड़क, तथा मैदानी जगहों पर आसानी से दिख जाता है | इसका पका बीज पास से निकलते समय आपके कपड़ो से चिपक जाता है|
अपामार्ग के बीज मोटापा कम करने की एक बेहद अचूक और सस्ती औषधि है| कुछ लोग अपना वजन कम करने के लिए डाइटिंग जैसी कई अन्य चीजें करते है और इसका उनकी सेहत पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है| यदि आप अपना वजन कामकरने की सोच रहे हैं तो एक बार अपामार्ग के बीजों का प्रयोग भी करके देखें | यह बिना साइड इफ़ेक्ट के आपकी भूख को नियंत्रित करके आपके शरीर में जमा चर्बी को पिघलायेगा |

अपामार्ग के काम करने का तरीका :- 

अधिक भोजन करने के कारण जिनका वजन बढ़ रहा हो, उन्हें भूख कम करने के लिए अपामार्ग के बीजों को चावलों के समान भात या खीर बनाकर नियमित सेवन करना चाहिए। इसका प्रयोग करने से आपको प्राकृतिक तरीके से भूख कम लगेगी और शरीर की चर्बी धीरे-धीरे घटने भी लगेगी। इसके बीज चावल की तरह दिखते है , इन्हें तंडुल कहते है| यदि स्वस्थ व्यक्ति इन्हें खा ले तो उसकी भूख -प्यास आदि समाप्त हो जाती है| इसकी खीर उनके लिए वरदान है जो भयंकर मोटापे के बाद भी भूख को नियंत्रित नहीं कर पाते|



आप इसे प्रयोग करके एक महीने में अपना वजन घटा सकते है आपको सिर्फ प्रयोग करना है सिर्फ लटजीरा/अपामार्ग का | ये आपके शरीर से विषाक्त पदार्थो(toxic substances ) और अतिरिक्त जल (More Water )को बाहर निकालने में मदद करता है | चिंता न करे इससे मात्र आपका पेट भरा हुआ सा लगेगा और यह आपको छुधा यानी भूंख भी नहीं लगने देगा और आपका वजन बहुत ही जल्दी कंट्रोल में ला देगा | हो सकता है इसके सेवन से आपको बार -बार मूत्र त्याग (Urination ) करना पड़े तो परेशान न हो ये आपके अंदर की विजातीय तत्वों (Foreign element ) की सफाई है |


लटजीरे के बीजों को एकत्र करकर मिटटी के बर्तन में भूनकर उसे पीसकर चूर्ण बनाकर लगभग आधा चम्मच इसे खाया जाये तो भूख कम लगती है तथा यह शरीर की वसा को भी कम करता है | इस प्रकार यह वजन कम करने में भी मदद करता है और इसके कोई दुष्परिणाम भी नहीं है | पहले के ऋषि मुनि जब तपस्या करने जाते थे अपामार्ग के बीज का चावल की खीर बना के खाते थे तो उनको एक माह तक भूंख नहीं लगती थी |

अपामार्ग का काढा /खीर बनाने की विधि :- 

ïपौधे में अंकुर में एक फल जैसा संरचना (Structure ) होती है उसको एक पूरा ले लें |

ïफिर उसे अच्छी तरह से सुखा ले |

ïसूखने के पश्चात इसकी खीर या काढा बनायें|


ïखीर बनाने के लिए सर्वप्रथम किसी पात्र में लगभग दो गिलास पानी लें |


ïइसके बाद इस पानी में दो ग्राम अपामार्ग के फल डालें |


ï अब इस अपामार्ग के फल वाले पानी को धीमी आंच पर उबाल आने तक गर्म करें |


ï जब फल नर्म हो जाए तब उसमे अपने स्वाद के अनुसार गुड (jaggery ) मिला ले |


ï फिर थोडा उबाले जब दो गिलास पानी एक गिलास रह जाए इस काढ़े को उतार कर छान ले |


ï इसके बाद इस एक गिलास काढ़े में आधा गिलास पका हुआ दूध (Boiled milk ) मिलाये |


ï जब दूध आपस में अच्छी तरह मिल जाए तो आप इसका दिन में एक बार सेवन करे |

अपामार्ग का चूर्ण बनाने की विधि :- 



ïसर्वप्रथम आप लटजीरे/अपामार्ग के बीजों को एकत्र करें |


ïएकत्र किये हुए बीजों को अच्छे से साफ़ कर लें |


ïतत्पश्चात आप एक मिट्टी का बर्तन लें और अपामार्ग के बीज “जिन्हें हम तंडुल भी कहते हैं” को एक मिटटी के बर्तन में भून लें |


ïभुने हुए बीजों को अच्छी तरह से पीस कर उसका चूर्ण बना लें |


ïइस चूर्ण का एक दिन में लगभग आधा चम्मच सेवन किया जाये तो भूख कम लगती है तथा यह शरीर की वसा को भी कम करता है |






अपामार्ग की प्रयोग विधि :- 






अपामार्ग का प्रयोग केवल निर्धारित मात्रा में ही करना चाहिए | कुछ लोग सोचते हैं कि यदि हम प्रतिदिन इसकी ज्यादा मात्रा का सेवन करेंगे तो फर्क जल्दी दिखाई देगा | परन्तु ऐसा संभव नहीं है और आप ऐसा कदापि ना करें |


इसकी ज्यादा मात्रा आपके शरीर के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकती है| अतः आप अपामार्ग का प्रयोग सर्वथा उचित मात्रा में ही करें |

सावधानी :- 


ïअंकुर के ऊपर लगे फल जैसी संरचना (Structure ) की मात्र दो ग्राम मात्रा ही पकाने में प्रयोग करे| दो ग्राम से ज्यादा न ले| यदि आपके फल बाख गए हैं तो बचे हुए फल को दुसरे दिन के लिए उपयोग में ले | इस प्रकार आप पंद्रह दिन या एक माह तक इसका सेवन करे |


ïअपामार्ग का प्रयोग ज्यादा मात्रा में नहीं करना चाहिए | यदि आप इसका ज्यादा मात्रा में उपयोग करेंगे तो आपको उल्टियां होने लगेंगी |

ïअपामार्ग का सेवन किसी गर्भवती स्त्री को नहीं करना चाहिए क्योंकि यह एक गर्भनिरोधक पौधा होता है | अतः यदि कोई गर्भवती स्त्री इसका सेवन करती है तो उसके गर्भ के गिरने की संभावना विकसित हो जाती है |


ïबच्चों को अपामार्ग एक उचित एवं निर्धारित मात्रा में ही दिया जाना चाहिए|

इसका प्रयोग करने से पहले यदि आप किसी अनुभवी वैध्य की सलाह ले ले तो यह अति उत्तम होगा |

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