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सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) –


सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) –
 सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) का ज्ञान उतना ही जरूरी है, जितना कि दूसरे विषयों का ज्ञान होना जरूरी है। हमारे देश में कॉलेज तक में सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) के बारे में नहीं बताया जाता है, जिसके परिणामस्वरूप सेक्स एजुकेशन से जुड़ी भ्रांतियां, सेक्स संबंधी अंधविश्वास और इससे जुड़ी कई समस्याएं उत्पन्न होती हैं। इसके आलावा वैवाहिक जीवन को सुखी बनाने के लिए भी स्त्री-पुरुष दोनों को सेक्स के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। यहां पर हम आपको सेक्स एजुकेशन (सेक्स शिक्षा) के बारे में सम्पूर्ण जानकारियां दे रहे हैं।

परंपरागत रूप से हमारी संस्कृति में किशोरों को यौन संबंधों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती है। वास्तव में इस मुद्दे पर बात करना भी वर्जित माना जाता है। लोग मानते हैं कि शादी से पहले यौन क्रियाओं के बारे में जानना जरूरी नहीं होता है लेकिन समय बदलने के साथ ही यौन संबंधों को लेकर धारणा भी बदली है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, 12 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चों पर यौन शिक्षा दी जानी अनिवार्य है। एक आंकड़े के अनुसार एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों में से 34 प्रतिशत 12 से 19 आयु वर्ग के हैं। इस आर्टिकल में हम आपको सेक्स एजुकेशन क्या होता है और इसके फायदे और नुकसान के बारे में बताएंगे। हर लड़के और लड़की को ज़रूर जाननी चाहिए सेक्स एजुकेशन से जुड़ी ये खास बातें।
1. सेक्स एजुकेशन (सेक्स शिक्षा) क्या है? – What is Sex Education in Hindi
2. सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) का उद्देश्य – Objectives of Sex Education in Hindi
3. सेक्स एजुकेशन (सेक्स शिक्षा) के फायदे – Benefits of Sex Education in Hindi
यौन शिक्षा के फायदे नॉलेज बढ़ाने के लिए – Sex Education Knowledge badhane ke liye in Hindi
सेक्स एजुकेशन के फायदे यौन समस्याओं से बचने के लिए – Sex Education Benefits for prevent sexual problems in Hindi
यौन शिक्षा के फायदे दूसरों से बात करने के लिए – Sex Education negotiate with others in Hindi
सेक्स एजुकेशन के फायदे अच्छी सेक्स लाइफ के लिए – Sex Education ke fayde achhi sex life ke Liye in Hindi
यौन शिक्षा के लाभ गुड टच और बैड टच पहचानने के लिए – Sex Education good aur bad touch samjhne ke liye in Hindi
सेक्स शिक्षा के फायदे टीनएज प्रेगनेंसी से बचने के लिए – Sex Education teenage pregnancy se bachne ke Liye in Hindi

4. सेक्स एजुकेशन के नुकसान – Side effects of Sex Education in Hindi
सेक्स एजुकेशन (सेक्स शिक्षा) क्या है? – What is Sex Education in Hindi

व्यक्ति के शरीर की यौन संरचना, यौन क्रियाएं, यौन प्रजनन, शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव, सुरक्षित यौन संबंध, प्रेगनेंसी, माहवारी और बर्थ कंट्रोल के बारे में बच्चों और किशोर लड़के लड़कियों को बताना सेक्स एजुकेशन कहलाता है। भारतीय समाज में आमतौर पर घरों में बच्चों को यौन शिक्षा नहीं दी जाती है लेकिन बच्चों के साथ बढ़ते यौन उत्पीड़न और किशोरावस्था में बलात्कार की घटनाओं के कारण बच्चों को जागरूक करने के लिए स्कूलों में सेक्स एजुकेशन देने की शुरूआत की गयी है। कई स्थानों पर बच्चों को नुक्कड़ नाटक और विभिन्न तरह के कार्यक्रम आयोजित करके सेक्स एजुकेशन दी जाती है।

सेक्स एजुकेशन (यौन शिक्षा) का उद्देश्य – Objectives of Sex Education in Hindi
बच्चों को सेक्स एजुकेशन देने का सबसे बड़ा उद्देश्य यह है कि किशोरों को एसटीडी, एसआईवी जैसे यौन रोगों और कम उम्र में अनचाही प्रेगनेंसी से बचाया जा सके।
यौन शिक्षा का उद्देश्य बच्चों के व्यवहार में होने वाले परिवर्तन को नियंत्रित करना, कंडोम के प्रयोग, सेक्स से परहेज और गर्भनिरोधक की उपयोगिता के बारे में बताना है।
सेक्स के प्रति बच्चों के नजरिये को बदलने, उन्हें जोखिमों से बचाकर सुरक्षा प्रदान करने, ज्ञान बढ़ाने और मनोवैज्ञानिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सेक्स एजुकेशन दिया जाता है।
किशोरावस्था में प्रवेश करते ही कुछ लड़के नशे के आदी हो जाते हैं और फिर नशे की हालत में बलात्कार जैसी घटनाओं में लिप्त हो जाते हैं, इस तरह की स्थिति को रोकने के लिए स्कूल में बच्चों को सेक्स एजुकेशन दिया जाती है।

सेक्स एजुकेशन (सेक्स शिक्षा) के फायदे – Benefits of Sex Education in Hindi
यौन शिक्षा के फायदे नॉलेज बढ़ाने के लिए – Sex Education Knowledge badhane ke Liye in Hindi
सेक्स एजुकेशन के फायदे यौन समस्याओं से बचने के लिए – Sex Education Benefits for prevent sexual problems in Hindi
यौन शिक्षा के फायदे दूसरों से बात करने के लिए – Sex Education negotiate with others in Hindi
सेक्स एजुकेशन के फायदे अच्छी सेक्स लाइफ के लिए – Sex Education ke fayde achhi sex life ke liye in hindi
यौन शिक्षा के लाभ गुड टच और बैड टच पहचानने के लिए – Sex Education good aur bad touch samjhne ke liye in hindi
सेक्स शिक्षा के फायदे टीनएज प्रेगनेंसी से बचने के लिए – Sex Education teenage pregnancy se bachne ke liye in hindi

आज के समय में हर बच्चे को सही उम्र में सेक्स एजुकेशन देना बेहद जरूरी है। कुछ माता पिता अपने बच्चों के साथ इतने खुले होते हैं कि वे घर में ही बच्चों को यौन शिक्षा देते हैं जबकि कुछ बच्चों को इसके बारे में स्कूल में जानकारी दी जाती है। आइये जानते हैं कि सेक्स एजुकेशन के क्या फायदे होते हैं।
यौन शिक्षा के फायदे नॉलेज बढ़ाने के लिए – Sex Education Knowledge badhane ke liye in Hindi

सेक्स एजुकेशन या यौन शिक्षा देने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि इससे अपने शरीर, प्रजनन क्षमता, स्तनों के विकास, दाढ़ी मूंछ आना सहित किशोरावस्था में शरीर में होने वाले अन्य बदलावों के बारे में पता चलता है। इस तरह सेक्स एजुकेशन मिलने के बाद छात्रों का ज्ञान बढ़ता है और उन्हें कम से कम अपने शरीर के बारे और उनमें समय के साथ होने वाले परिवर्तन के बारे में पता चल पाता है। इसके अलावा हार्मोन परिवर्तन के कारण लड़के या लड़कियों की तरफ आकर्षित होने के कारणों के बारे में भी पता चलता है।

(और पढ़े – लड़कियों में किशोरावस्था (टीनएज) में दिखने लगते हैं ये लक्षण…)
सेक्स एजुकेशन के फायदे यौन समस्याओं से बचने के लिए – Sex Education Benefits for prevent sexual problems in Hindi

छात्रों को स्कूल में सेक्स एजुकेशन देने से उनके ऊपर इसका गहरा प्रभाव पड़ता है और उन्हें यौन समस्याओं से बचने में आसानी होती है। वास्तव में किशोरावस्था में बच्चे कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें पूरे जीवन भुगतना पड़ता है। ऐसे में उचित समय पर बच्चों को यौन शिक्षा देने से वे यौन समस्याओं से बच सकते हैं। इसके अलावा बच्चे निर्णय लेने में भी सक्षम हो पाते हैं कि उनके लिए क्या सही है और क्या गलत है।

यौन शिक्षा के फायदे दूसरों से बात करने के लिए – Sex Education negotiate with others in Hindi
कहा जाता है कि जब किसी चीज के बारे में पहले से ही थोड़ी जानकारी होती है तो उस विषय पर बात करना बेहद आसान होता है। स्कूलों में बच्चों को सेक्स एजुकेशन देने का बड़ा फायदा यह होता है कि माता पिता भी अपने बच्चों से इस बारे में घर में बातें कर सकते हैं और बच्चों को भी बात करने में शर्म नहीं आएगी। इससे यदि कोई रिश्तेदार बच्चों का यौन उत्पीड़न करता है तो कम से कम बच्चा अपने माता पिता से बताने में संकोच नहीं करेगा।

सेक्स एजुकेशन के फायदे अच्छी सेक्स लाइफ के लिए – Sex Education ke fayde achhi sex life ke liye in hindi

यौन शिक्षा देने का एक अन्य फायदा यह होता है कि इससे हर उम्र के बच्चों को यह पता चल पाता है कि सेक्स का जीवन पर क्या प्रभाव पड़ता है। यौन शिक्षा से बच्चों का ज्ञान विस्तृत होता है और साथ में सेक्स से जुड़े मिथक और भ्रांतियों से भी उन्हें बाहर निकलने में मदद मिलती है। इसके अलावा बच्चों को इस बात का भी ज्ञान होता है कि किस उम्र में सेक्स करना फायदेमंद होता है और कब नुकसानदायक होता है।


यौन शिक्षा के लाभ गुड टच और बैड टच पहचानने के लिए – Sex Education good aur bad touch samjhne ke liye in hindi

स्कूल, ट्यूशन में और किसी रिश्तेदार के हाथ बच्चों का यौन उत्पीड़न होना बहुत आम बात है। ज्यादातर बच्चे इतने डरे होते हैं कि वे इस बारे में अपने घर में नहीं बता पाते हैं। इस स्थिति में बच्चों को यौन शिक्षा देने का यह फायदा होता है कि बच्चों को यह पता चल जाता है कि अच्छे तरीके से छूने और गलत तरीके से छूने में क्या अंतर है। इससे बच्चों को जब भी कोई गलत मकसद से छूता है तो वे तुरंत इसके बारे में अपने माता पिता से बता सकते हैं।


सेक्स शिक्षा के फायदे टीनएज प्रेगनेंसी से बचने के लिए – Sex Education teenage pregnancy se bachne ke liye in hindi
अक्सर देखा जाता है कि किशोरावस्था में प्रवेश करते ही लड़के लड़कियों की तरफ आकर्षित होने लगते हैं और उनके साथ छेड़छाड़ करना शुरू कर देते हैं। इसके अलावा लड़कियां भी खुद को कंट्रोल नहीं कर पाती हैं और कम उम्र में ही असुरक्षित शारीरिक संबंध बनाने के लिए तैयार होती हैं। सेक्स एजुकेशन देने का एक फायदा यह होता है कि लड़के लड़कियों के शरीर में होने वाले परिवर्तन को समझते हैं और जानकारी होने पर भद्दे कमेंट नहीं करते हैं। इसके अलावा लड़कियां भी टीन एज प्रेगनेंसी से बच जाती हैं।

(और पढ़े – किशोर गर्भावस्‍था (टीनेज प्रेगनेंसी) क्या है, कारण, लक्षण, खतरे और बचाव…)
सेक्स एजुकेशन के नुकसान – Side effects of Sex Education in Hindi

आमतौर पर बच्चों को सेक्स एजुकेशन देने वाले शिक्षक विशेषज्ञ नहीं होते हैं। वे बच्चों को कभी कभी बहुत गलत तरीके से और भ्रामक यौन शिक्षा देते हैं जिसके कारण बच्चों के मस्तिष्क पर इसका गलत प्रभाव पड़ता है जो बच्चों के लिए हानिकारक हो सकता है।

यौन शिक्षा देना वास्तव में कोई आसान काम नहीं होता है। अपने शरीर के प्राइवेट पार्ट्स के बारे में सुनने में बच्चों को तो शर्म आती ही है साथ में शिक्षक को भी काफी संकोच होता है। इसलिए इसका नुकसान यह हो सकता है कि बच्चे इसे सुनने या ग्रहण करने में रुचि नहीं ले सकते हैं।

शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में जानने के बाद बच्चों को इंटरनेट पर पोर्न वीडियो देखने की भी लत लग सकती है।

कहा जाता है कि अधूरा या थोड़ा ज्ञान ज्यादा घातक होता है। ज्यादातर सेक्स एजुकेटर बच्चों को शारीरिक शिक्षा या स्वास्थ्य कक्षाओं में ही सेक्स एजुकेशन देते हैं। पर्याप्त जानकारी न देने के कारण बच्चे खुद ही कोई न कोई प्रयोग करके सीखने लगते हैं जो काफी नुकसानदायक होता है।


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पुरुष यौन अंग और उनके स्वास्थ्य के बारे जानकारी – 


Male Sexual Organs In Hindi पुरुष यौन अंगों में लिंग, अंडकोष और प्रोस्टेट ग्रंथि शामिल हैं। पुरुष सेक्स हार्मोन एक आदमी की कामुकता और सेक्स जीवन के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। पुरुष का यौन स्वास्थ्य, किसी भी व्यक्ति को पूर्ण रूप से सम्भोग करने की अनुमति प्रदान करता है। आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति सेक्स करना चाहता है, जिनमें से कुछ व्यक्ति पूर्ण रूप से संभोग करने में सक्षम नहीं हो पाते हैं, जिसका कारण पुरुषों के यौन स्वास्थ्य में गड़बड़ी हो सकती है। अतः जो पुरुष अपनी महिला साथी को प्रेग्नेंट कराना चाहते है और आनंदायक सम्भोग करना चाहते है, उन पुरुषों का यौन स्वास्थ्य और प्रजनन प्रणाली पूर्ण रूप से उत्तम होनी चाहिए। अतः आज के इस लेख के माध्यम से आप पुरुषों के यौन स्वास्थ्य के बारे में जानेंगे।
पुरुषों के यौन स्वास्थ्य से क्या तात्पर्य है – What is Men’s sexual health in Hindi
पुरुष यौन अंग लिंग – penis in Hindi
लिंग को स्वस्थ रखने के तरीके – healthy penis tips in Hindi
पुरुष यौन अंग अंडकोष – Testicle in Hindi
अंडकोष को स्वस्थ रखने के उपाय – healthy testicles tips in Hindi
वीर्य – Semen in Hindi
वीर्य की पहचान – semen analysis in Hindi
वीर्य स्वास्थ्य के लिए उपाय – Healthy semen home remedies in Hindi
पुरुष जननांग में उत्तेजना – stimulation of the male genitalia in Hindi
स्खलन – ejaculation in Hindi
पुरुष प्रजनन प्रणाली कैसे कार्य करती है – How the male reproductive system works in Hindi
पुरुषों यौन स्वास्थ्य बढ़ाने के उपाय – how to increase men sexual health in Hindi
पुरुषों के यौन स्वास्थ्य से क्या तात्पर्य है – What is Men’s sexual health in Hindi

यौन स्वास्थ्य उस स्थिति को संदर्भित करता है, जो किसी भी व्यक्ति को यौन गतिविधि में पूरी तरह से भाग लेने और आनंद प्राप्त करने के लिए उत्तरदाई होती है। सेक्स जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो आनंददायक अनुभूति प्रदान करता है। शारीरिक, मनोवैज्ञानिक, पारस्परिक और सामाजिक कारकों की एक श्रृंखला एक आदमी के यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।
एक पुरुष के यौन स्वास्थ्य का समबन्ध, यौन इच्छा (sexual desire (libido)) और एक स्तंभन (erection) को प्राप्त करने या बनाए रखने की क्षमता से होता है। हालांकि मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक कारक के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य की स्थिति भी सेक्स की इच्छा और सेक्स करने की क्षमता दोनों को प्रभावित कर सकती है। पुरुष यौन स्वास्थ्य का सम्बन्ध बीमारी की अनुपस्थिति के साथ-साथ, पुरुष जननांग प्रणाली का उचित तरीके से कार्य करने से होता है।
अतः पुरुष अपने यौन स्वास्थ्य में होने वाले सामान्य बदलावों को समझकर और उनका निवारण कर, किसी भी उम्र में स्वस्थ और सुखद सेक्स जीवन को बनाए रखने में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
पुरुषों को अपने यौन स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त करने के लिए नीचे दिए निम्न तथ्यों के बारे में जानकारी प्राप्त करना आवश्यक है।

पुरुष यौन अंग लिंग – penis in Hindi

पेनिस (लिंग) पुरुष प्रजनन प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग है। पेनिस स्वास्थ्य के तहत् अधिक इरेक्शन (स्तंभन) प्राप्त होने की स्थिति को शामिल किया जाता है। अतः लिंग स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के प्रत्येक व्यक्ति को इसके उचित कार्य और सबसे आम समस्याओं की जानकारी होना अतिआवश्यक है। लिंग स्पंजी ऊतक की 3 परतों से बना है, तथा उत्तेजना के दौरान इन ऊतकों में रक्त भरने से लिंग सख्त और खड़ा हो जाता है, जिसे स्तंभन (erection) कहा जाता है। पेनिस स्वास्थ्य का उत्तम होना स्तंभन (Erection), स्खलन और प्रजनन (reproduce) की क्षमता को बढ़ने के लिए जरुरी होता है।

लिंग संबंधी समस्याएं एक अंतर्निहित स्वास्थ्य स्थिति का संकेत हो सकती हैं। इरेक्टाइल डिसफंक्शन या सेक्स के लिए पर्याप्त रूप से इरेक्शन प्राप्त करने या इरेक्शन बनाये रखने में असमर्थता के साथ साथ पेनिस निम्न समस्याओं से भी ग्रस्त हो सकता है, जैसे:
पेनाइल फ्रैक्चर (Penile fracture)
फाइमोसिस (Phimosis)
खमीर संक्रमण (Yeast infection)
पैराफिमोसिस (paraphimosis)
पेनाइल कैंसर (Penile cancer), इत्यादि।

लिंग को स्वस्थ रखने के तरीके – healthy penis tips in Hindi

लिंग स्वास्थ्य और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए, जैसे कि:
शारीरिक सम्बन्ध बनाने से पहले कंडोम का उपयोग करें
26 वर्ष या उससे कम उम्र के होने पर ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) का टीका लगवाएं
उच्च कोलेस्ट्रॉल, उच्च रक्तचाप, टाइप 2 मधुमेह और अन्य स्तंभन दोष के जोखिम कारकों को कम करने के लिए स्वस्थ वजन बनाए रखें
लिंग की अच्छी स्वच्छता पर ध्यान दें
नियमित रूप से लिंग की जांच करें, तथा अनिश्चितता का पता चलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


पुरुष यौन अंग अंडकोष – Testicle in Hindi
अंडकोष या वृषण अंडाकार अंग होते हैं, जो अंडकोश की थैली से कवर होते हैं। प्रत्येक पुरुष में दो अंडकोष होते हैं। वृषण (अंडकोष) मुख्य रूप से पुरुषों में सेक्स हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) और शुक्राणु के उत्पादन का कार्य करते हैं। वृषण के भीतर कुंडलित ट्यूब होती हैं, जिन्हें सेमीनीफेरस नलिका (seminiferous tubules) कहा जाता है। ये नलिकाएं शुक्राणुजनन (spermatogenesis) नामक प्रक्रिया के माध्यम से शुक्राणु कोशिकाओं का उत्पादन करती हैं। अंडकोष, प्रजनन प्रणाली में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह शुक्राणु का निर्माण करता है, जो परिपक्व होने के बाद स्खलन के समय वीर्य के रूप में लिंग से बाहर निकलते हैं।

अतः किसी पुरुष की प्रजनन क्षमता मुख्य रूप से अंडकोष या वृषण के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। स्वस्थ अंडकोष (testicle) शुक्राणु की मात्रा और गुणवत्ता को बढ़ने में सहायक होते हैं, जिससे प्रजनन क्षमता बढती है। अतः वृषण (टेस्टिकल) स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए इसका नियमित परीक्षण और स्वास्थ्य आदतों को अपनाना आवश्यक होता है। अतः प्रत्येक व्यक्ति को अंडकोष को स्वस्थ रखने के तरीके के बारें में जानना आवश्यक होता है।


अंडकोष को स्वस्थ रखने के उपाय – healthy testicles tips in Hindi

अंडकोष के स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए निम्न तरीके अपनाने चाहिए, जैसे:
अंडकोष की नियमित रूप से जाँच करनी चाहिए
नियमित और निश्चित व्यायाम करना चाहिए
मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उचित प्रयास करना चाहिए
ढीले और आरामदायक कपड़े पहनना चाहिए
धूम्रपान और अधिक शराब का सेवन नहीं करना चाहिए
गर्म पानी से स्नान नहीं करना चाहिए, शरीर की अपेक्षा अंडकोष को हमेशा ठंडा रखने का प्रयास करना चाहिए
नहाने के बाद लिंग और अंडकोश की थैली को हमेशा सूखा रखना चाहिए, इत्यादि।
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वीर्य – Semen in Hindi

वीर्य पुरुष प्रजनन द्रव (reproductive fluid) है, यह आमतौर पर सफेद या भूरे रंग का गढ़ा द्रव होता है। यह किसी पुरुष की यौन उत्तेजना के समय स्खलन के दौरान बाहर निकलता है। वीर्य में लगभग 10 प्रतिशत शुक्राणु और बाकी प्रोटीन, एंजाइम, विटामिन सी, कैल्शियम, सोडियम, जिंक और फ्रुक्टोज आदि का मिश्रण तरल रूप में पाया जाता है। वीर्य की प्रति मिलीलीटर मात्रा में लाखों शुक्राणु उपस्थित होते है। वीर्य प्रजनन प्रणाली में शुक्राणु के परिवहन और संरक्षण का कार्य करता है।
तनाव वीर्य की गुणवत्ता को कम कर देता है, जिससे वीर्य स्वास्थ्य में गिरावट आने पर शीघ्रपतन, नपुंसकता जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। इसके अतिरिक्त वीर्य, शुक्राणु की गतिशीलता को प्रभावित कर सकता है। अतः जो दंपत्ति बच्चे पैदा करने की योजना बना रहे हैं, तो उन्हें शुक्राणु और वीर्य के स्वास्थ्य के बारे में ध्यान देना चाहिए।

वीर्य की पहचान – semen analysis in Hindi

वीर्य की स्थिति भी पुरुषों के यौन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। स्खलन के दौरान वीर्य की स्थिरता (गाढ़ापन), रूप (रंग) और गंध के आधार पर संपूर्ण स्वास्थ्य का वर्णन किया जा सकता है। स्वस्थ वीर्य आमतौर पर सफेद या भूरे रंग का जेली के सामान एक तरल होता है और इसमें क्षारीय पदार्थों (alkaline substances) की उपस्थिति के कारण ब्लीच जैसी गंध आती है। वीर्य से बदबू आना और वीर्य का स्पष्ट रूप से पीला या हरा रंग, यौन संचारित संक्रमण (sexually transmitted infection) का संकेत दे सकता है। इसके अतिरिक्त वीर्य का पतला होना, शुक्राणुओं की कमी या अल्पशुक्राणुता (Oligospermia) की ओर संकेत करता है।

(और पढ़े – शुक्राणु की जांच (सीमेन एनालिसिस टेस्ट) स्पर्म टेस्ट क्या है, कीमत, आवश्यकता…)
वीर्य स्वास्थ्य के लिए उपाय – Healthy semen home remedies in Hindi

वीर्य को गाढ़ा और पूर्ण रूप से स्वस्थ रखने के लिए व्यक्ति निम्न तरीके अपना सकते हैं, जैसे:
नियमित स्खलन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नियमित स्खलन करने से वीर्य पतला हो जाता है
स्वास्थ्य वजन को बनाये ररखने के लिए उचित प्रयास करना चाहिए
नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए
तनाव से बचने के सभी संभव प्रयास करना चाहिए
सूरजमुखी व कद्दू के बीज का नियमित रूप से सेवन करना चाहिए
नियमित मात्रा से विटामिन डी और कैल्शियम युक्त सप्लीमेंट या खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए।

(और पढ़े – अच्छी सेक्स लाइफ के लिए खजूर और कद्दू के बीज जरुर खाएं…)
पुरुष जननांग में उत्तेजना – stimulation of the male genitalia in Hindi

पुरुष जननांग में उत्तेजना उस स्थिति को कहते हैं, जब किसी व्यक्ति को शारीरिक या मनोवैज्ञानिक उत्तेजना या फिर दोनों के साथ इरेक्शन (erection) प्राप्त होता है। पुरुष जननांग में उत्तेजना मुख्य रूप से किसी सुंदर लड़की को देखने के दौरान, शारीरिक संपर्क के दौरान या संभोग के दौरान व्यक्ति के सर (दिमाग) से प्रारंभ होती है और पुरुष जननागों तक जाती है। शारीरिक संपर्क से व्यक्ति पूर्ण रूप से उत्तेजित हो सकता है। यौन उत्तेजना आम तौर पर शरीर के अंगों में रसायनों जैसे- एंडोर्फिन (endorphins) की रिहाई के कारण उत्पन्न होती है।

किसी व्यक्ति के उत्तेजित होने के लिए मुख्य रूप से दो कारक जिम्मेदार होते हैं, (१) सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) और (२) यौन उत्तेजना। “सेक्स ड्राइव” का अर्थ, किसी व्यक्ति की सेक्स के प्रति रूचि होना है। अतः पुरुष जननांग में उत्तेजना के लिए सेक्स ड्राइव का होना अति आवश्यक होता है। सेक्स ड्राइव (कामेच्छा) और यौन उत्तेजना के द्वारा ही व्यक्ति स्तंभन, स्खलन, संभोग आदि क्रियाओं को प्राप्त कर सकता है।

स्खलन – ejaculation in Hindi

उत्तेजना (stimulation) के समय लिंग से वीर्य का बाहर आना, स्खलन (ejaculation) कहलाता है। सामान्यतः उत्तेजना या सेक्स के दौरान स्खलन (ejaculation) होता है। लेकिन कुछ स्थितियों में बिना सम्भोग के भी स्खलन हो सकता है। उचित समयानुसार स्खलन होना, पुरुषों के उत्तम यौन स्वास्थ्य की ओर संकेत करता है। स्खलन, गर्भावस्था को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। स्खलन के दौरान दर्द, समय से पहले स्खलन, या स्खलन न होना आदि समस्याएँ पुरुष यौन स्वास्थ्य के लिए संकट पैदा करती हैं। अतः स्खलन से सम्बंधित कोई भी समस्या उत्पन्न होने सम्बंधित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
पुरुष, स्खलन (ejaculation) से संबंधित अनेक प्रकार की समस्याओं या कठिनाइयों का अनुभव कर सकते हैं। स्खलन की समस्याओं के अंतर्गत निम्न को शामिल किया जा सकता है जैसे:
स्खलन में असमर्थता
दर्दनाक स्खलन (painful ejaculation)
स्खलन में कमी (reduced ejaculation)
स्वपन दोष (nightfall) या (Wet Dreams)
शीघ्रपतन (premature ejaculation)
स्खलन में देरी (delayed ejaculation)
प्रतिगामी स्खलन (retrograde ejaculation), इत्यादि।

पुरुष प्रजनन प्रणाली कैसे कार्य करती है – How the male reproductive system works in Hindi


संपूर्ण पुरुष प्रजनन प्रणाली हार्मोन पर निर्भर है, जो पुरुष प्रजनन प्रणाली की कोशिकाओं या अंगों की गतिविधि को उत्तेजित या नियंत्रित करते हैं। पुरुष प्रजनन प्रणाली के कार्यों में शामिल सबसे महत्वपूर्ण हार्मोन निम्न है, जिसे- फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) (follicle-stimulating hormone), ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH) (luteinizing hormone) और टेस्टोस्टेरोन।
फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन (FSH) और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन (LH), मस्तिष्क में उपस्थित पिट्यूटरी ग्रंथि द्वारा निर्मित होते हैं। फॉलिकल स्टिम्युलेटिंग हॉर्मोन शुक्राणु उत्पादन के लिए आवश्यक होता है, और ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन अंडकोष या वृषण में टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन को उत्तेजित करता है।

पुरुष प्रजनन प्रणाली के अंतर्गत पुरुष यौन जननांग एक साथ काम करते हैं और संभोग के दौरान वीर्य का उत्पादन करते हैं, जो स्खलन द्वारा महिला की योनि में प्रवेश कर गर्भावस्था का कारण बनता है।


पुरुष यौन स्वास्थ्य बढ़ाने के उपाय – how to increase men sexual health in Hindi


कोई भी व्यक्ति प्रजनन क्षमता को संरक्षित करने तथा यौन स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए निम्न तरीके अपना सकता है, जैसे:
संतुलित आहार और नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए
धूम्रपान नहीं करना चाहिए
मनोरंजनात्मक ड्रग्स (recreational drugs) का उपयोग नहीं करना चाहिए
अत्यधिक शराब का सेवन न करें
सुरक्षात्मक और आरामदायक कपड़े पहनने
सुरक्षित रूप से यौन सम्बन्ध बनायें, यौन संचारित रोगों से बचने के लिए सेक्स करते समय कंडोम का प्रयोग करें
मानसिक स्वास्थ्य और शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए उचित प्रयास करें तथा डॉक्टर की सलाह लें।

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