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रात को पूरी नींद न होने से आप को हो सकती है ये परेशानिया रिसर्च में हुआ खुलासा

रात को पूरी नींद न होने से आप को हो सकती है ये परेशानिया रिसर्च में हुआ खुलासा

: सारा दिन आप काम करने के बाद आपको थकान सी लगती हैजिसमे हर कोई चाहता है कि रात को बिस्‍तर पर पहुंचते ही अच्‍छी नींद मिल जाए। जहां इससे न केवल आपतरो-ताजा दिखते हैं। वहीं कई बीमारियों से दूर भी रहते हैं लेकिन जो लोग कम सोते हैं या नींद के घंटे कम पूरे करते हैं। लेकिन ऐसे लोगोंं को एक जानलेवा बीमारी हो सकती है। जी हां ये बात एक रिसर्च में सामने आई है। वहीं रिसर्च के मुताबिक कम सोने वाले लोगों में हृदय संबंधी बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता हैं।बता दें की ऐथिरोस्क्लेरोसिस नाम की बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। जहां इस बीमारी में शरीर की नाड़ियों में प्लाक जम जाता है जिससे वे सख्त और संकरी हो जाती हैं और उनमें खून का दौरा कम हो जाता हैं।लेकिन शोधकर्ताओं के मुताबिक हृदय संबंधी बीमारी एक वैश्विक समस्या है। देखा जाये तो दवाई, शारीरिक गतिविधि और खान-पान सहित विभिन्न तरीकों से इसकी रोकथाम एवं उपचार कर रहे हैं।दरअसल यह अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि हृदय रोग से निपटने के लिए पर्याप्त नींद लेना होगा. यह एक ऐसी चीज है जिसके साथ हम रोजाना समझौता करते हैं. बता दें कि यह अध्ययन ‘अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है।जहां अभी तक खराब नींद और दिल के दौरे में के बीच के संबंध के बारे में पता नहीं चल पाया हैं। वहीं शोधकर्ता इसे भी ध्रूमपान, मोटापा, अनिद्रा और हृदय संबंधी मुश्किलों से जोड़कर देख रहे हैं। वैसे भी तमाम एक्‍सपर्ट का ये मानना है कि रात में कम से कम सात घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। इसलिए आप कोशिश करें कि रात को समय से पूरी नींद लें।
दूध पीने के साथ कभी ना करें इन चीजों का सेवन जा सकती है आपकी जान

दूध का सेवन करना हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होता है और यह हमारे शरीर को ताकत भी देता है । हमारे बड़े बुजुर्ग भी कहते हैं की रोज दूध का सेवन करना हमारे शरीर के लिए और सेहत के लिए अच्छा होता है पर क्या सिर्फ हमारी सेहत के लिए इतना ही काफी है की दूध का सेवन किया जाये ।

दूध के साथ कुछ ऐसी चीजें भी है जिंका सेवन करना हमारे स्वास्थ्य को खराब कर सकट्टा है और यह हमारे लिए बहुत घातक भी हो सकता है और इतना ही नही यदि इन बातों पर हमने ध्यान नही दिया तो इस कारण हमारी जान भी जा सकती हैं ।

दूध के साथ कभी भी करेला या नमक का सेवन नही करना चाहिए। क्योंकि इससे आपको फायदे के बजाये नुकसान पंहुच सकता है। जिसकी वजह से आपको कई शारीरिक परेशानियां हो सकती है।

दूध का सेवन है इन चीजों से बच कर ही किया जाना ब्वाहुत ज्यादा जरूरी है इसके कारण हमारा पाचन खराब हो सकता है और यह इतना कमजोर हो सकता है की हम किसी और चीज़ का सेवन कर पाने के काबिल भी ना रह जा


कभी भी दूध के साथ उडद की दाल नहीं खानी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपको कई स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियां हो सकती है।


क्या आपके भी दिमाग पे कर रखा है डिप्रेशन ने टोटका?

जिसके बारे में कोई बात नहीं करता क्यूंकि लोगो के दिमाग में ये दिमागी बीमारी केवल एक वेहम बनकर रह गयी है और यही इसके समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन आगाह कर चुका है कि 2020 तक डिप्रेशन दुनिया की दूसरी बड़ी बीमारी बन जाएगी। लेकिन हममें से बहुत से लोग जानते ही नहीं कि डिप्रेशन को कैसे पहचानें।
जानकार कहते हैं कि अगर समय पर डिप्रेशन से गुजर रहे व्‍यक्ति से मेलजोल बढ़ाया जाए तो इससे उबरने में बड़ी मदद हो सकती है। डिप्रेशन के कुछ खास लक्षण होते हैं, खुद डिप्रेशन से गुजर रहा व्‍यक्ति इन संकेतों को पहचान कर इसके इलाज के लिए आगे बढ़ने का विचार कर सकता है। आइए नजर डालें डिप्रेशन के कुछ संकेतों पर:

उदासी और खालीपन 
अगर आपको अकसर मन में खालीपन और उदासी महसूस हो तो इसे अनदेखा न करें। इसके सा‍थ अगर खुद से नफरत हो और लगने लगे कि दुनिया में आपकी कोई अहमियत नहीं है तो समझ जाइए आप डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं।

एक नई स्टडी के अनुसार डिप्रेशन लोगों को मरने जैसी स्थिति में पहुंचा सकता है। इसे ‘साइकोजेनिक डेथ’ कहते हैं। जीते जी मरने की यह स्थिति अलग-अलग चरण में प्रभावित करती है और धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेल देती है। आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है तो आपको उसकी तुरंत मदद करनी चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए…
व्यक्ति का समाज से कट जाना डिप्रेशन के शुरुआती लक्षणों में से एक है। अगर समय पर इसे नहीं समझा गया तो व्यक्ति समाज से पूरी तरह से कट सकता है। यह समस्या युद्ध के मरीजों में भी देखी जाती है जिन्होंने अपनी आंखों से मौतें होती देखी हों। इसमें व्यक्ति भावनाएं जाहिर करना छोड़ देता है और उसे अपने आसपास से कोई फर्क नहीं पड़ता।
इसमें व्यक्ति अपनी जिंदगी और अपने आसपास को लेकर बेहद उदास हो जाता है। वह बहुत नकारात्मक और खुद को बेकार महसूस करता है। उसकी रचनात्मकता खत्म हो जाती है और वह अपने लिए भी कोई काम नहीं करना चाहता है। छोटा सा छोटा काम उसे बहुत भारी लगता है।
समाज से कटने की प्रक्रिया में इंसान एक लेवल और आगे चला जाता है। इसमें उसका दिमाग सो जाना चाहता है। यह कोमा जैसी स्थिति होती है।
इसमें डिप्रेशन का शिकार व्यक्ति के पेन रिसेप्टर्स काम करना बंद कर देते हैं। इससे उसे किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है। वह किसी भी तरह की चोट पर प्रतिक्रिया भी नहीं देता है।
यह मौत से पहले की अवस्था होती है। इसमें इंसान को दुनिया से कोई मतलब नहीं रह जाता है और वह उठने से भी मना कर देता है। इसके बाद लगभग 2-3 दिन के अंदर मरीज की मौत हो सकती है।
डिप्रेशन से उबरना एक कठिन लड़ाई है लेकिन यह नामुमकिन नहीं है। आपको ऐसे व्यक्ति को उस स्थिति में धकेलना होगा जो उसे अच्छा लगता हो। इसके लिए मेडिकल रीहैबिलिटेशन और इलाज की भी सहायता ली जा सकती है।
घर से बाहर निकलने की इच्‍छा न हो 
बस आप अपने घर में अपने कमरे में अकेले रहना चाहें और बाहर जाकर लोगों से घुलना मिलना न चाहें तो बहुत मुमकिन है कि आपके मन में अवसाद घर कर रहा है।

अनिद्रा की परेशानी
अगर आपको लंबे समय से नींद नहीं आती है या रातों को नींद उचट जाए फिर नहीं आए तो समझ लिए यह डिप्रेशन की निशानी है। समय रहते इसका निवारण खोजने की कोशिश करें।


बिस्‍तर से उठने का जी न करे
कभी-कभी तो ठीक है लेकिन अगर अक्‍सर रात भर सोने के बाद बिस्‍तर से उठने का मन न करे तो यह सामान्‍य नहीं है। आप खुद को दुनिया से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

किसी एक चीज पर फोकस न कर पाएं 
जब आप आसानी से एकाग्र न हो पाएं या बार-बार रोजमर्रा के कामों में भी आपकी एकाग्रता भंग होने लगे तो समझ जाइए कि ये डिप्रेशन के लक्षण हैं।


एंग्‍जाइटी और मूड खराब होना
अगर आप हमेशा नर्वस महसूस करें, तनाव में रहें और ऐसा लगता रहे कि कहीं कुछ गड़बड़ होने वाला है तो बहुत मुमकिन है कि ये डिप्रेशन के लक्षण हों। इसके अलावा बिना किसी बात के मूड खराब होना भी डिप्रेशन का संकेत है।

खुदकुशी के ख्‍याल 
अगर किसी को बार-बार अपना जीवन खत्‍म करने का ख्‍याल आए और लगे कि अब मेरे जीवित रहने का कोई कारण नहीं है, तो यह संकेत है कि वह गंभीर डिप्रेशन का शिकार है। सही समय पर डॉक्‍टरी सलाह से इससे बचा जा सकता है।




याद रखिये खुदखुशी में किसी की कोई खुशी नही है. डिप्रेशन बस एक पड़ाव है जीवन का, माना ये पड़ाव सभी के जीवन से होकर नही जाता लेकिन अगर इस पड़ाव पर हार कर आप खुद को हमेशा के लिए खो देंगे तो वो बेहतर दिन और नई मंजिल क्या करेगी जो आपकी राह देख रही है?

आपको लिए कितनी जरूरी होती है नींद, इस बातों का रखेें ध्यान
नई दिल्ली: हर वर्ष 15 मार्च को वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जाता है। इन दिनो में लोगो को सेहत का रखना चाहिये से ध्यान वही अच्छी नींद के फायदे के बारे में बताया जाता है। वर्ल्ड स्लीप डे को वर्ल्ड स्लीप डे कमेटी ऑफ द वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को नींद की समस्याओं के बोझ से छुटकारा दिलाना और नींद की गड़बड़ी की रोकथाम और प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस साल वर्ल्ड स्लीप डे का विषय ‘स्वस्थ नींद, स्वस्थ आयु है।वैसे तो नींद सभी को प्यारी है लेकिन नींद के कई फायदे भी हैं। हम वर्ल्ड स्लीप डे पर इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं।लोगों के बीच एक सोच घर कर गई है कि रात को नहीं खाने से कुछ वज़न कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आप कभी खाली पेट न सोएं। खाली पेट सोने की वजह से आपको नींद नहीं आएगी और नींद की कमी से आपका मोटापा बढ़ सकता है।तुरंत खाकर न सोएं, खाने और सोने के वक्त कुछ गैप रखें। खाना खाकर तुरंत सोने से ब्लड शुगर और इंसुलिन बढ़ता है, इसकी वजह से वजन बढ़ सकता है। रोजाना रात को एक कप हर्बल चाय पीने से तोंद को कम करने में मदद मिलेगीआजकल की बदलती जीवनशैली में ज़्यादातर लोगों को नींद ने आने की समस्या है। नींद ने आने की इस समस्या को इन्सोमनिया कहते हैं। यह आमतौर पर लाइफस्टाइल में बदलाव होने की वजह से होता है। यह दो तरह का होता है-ट्रान्जिएंट और क्रॉनिक। इसका मुख्य कारण टेंशन, वातावरण में बदलाव, हॉर्मोंन्स में बदलाव है।नींद उतनी ही जरूरी है जितना कि खाना और व्यायाम। एक शरीर ठीक से काम करे इसके लिए कम से कम 6-8 घंटे की नींद जरूरी है। जो लोग कम सोते हैं उनके शरीर में लेप्टिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ) का स्तर कम होने की संभावना अधिक होती है, जिससे भूख बढ़ जाती है।आपको संतुलित और स्वस्थ आहार खाना चाहिए। शराब का सेवन कम से कम करें, विशेष रूप से शाम को। आपका बेडरूम साफ, शांत, अंधेरा और एलर्जी और गंध से मुक्त होना चाहिए। कोशिश करें कि बहुत अधिक मोटे बिस्तर पर सोने की आदत न पड़े। सोने से पहले, हल्की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं।
5 मिनट की ये ट्रिक्स बना देगी फिट, जानिएं कैसे

अगर आप बहुत व्यस्त हैं और वजन कम करने के लिए समय नहीं मिलता है तो बता दें कि अधिक वजन होना शरीर से संबंधित एक समस्‍या हो सकती है। वजन घटाने के लिए पहले कुछ बातों की जानकारी रखना बहुत जरूरी है। कुछ ट्रिक्स की मदद से आसानी से वजन कम किया जा सकता है।


अगर यह 5 मिनट ट्रिक्स आप रोजाना अपनाते हैं तो वजन कम करने में काफी मददगार होती हैं। शरीर का बढ़ता वजन भले ही कितना परेशान करता हो आलस उससे ज्यादा खतरनाक होता है।

आज कल के समय में बदलते जीवन शैली की वजह से लोगों की सेहत कई तरह से समस्याओं का सामना करता है। इस आधुनिक जीवन में कई लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा कम करने की तमाम कोशिशों के बाद भी लोगों का वजन कम ही नहीं होता है।


भोजन के बारे में सोचना-

फिलहाल में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया है कि जब आप सोचते हैं कि आप ज्यादा खा रहे हैं, तो ऐसा सोचना आपके दिमाग को ज्यादा संतुष्टि का एहसास दिलाता है और कम खाकर ही आपका पेट भर जाता है। इस मानसिक संतुष्टि से भी वजन कम होता है।

फल खाएं-

ज्यादातर लोग हल्की भूख लगने पर स्नैक्स की ओर दौड़ते हैं। लेकिन आप अगर मोटापे से पीड़ित हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं तो हल्की भूख लगने पर स्नैक्स के बजाए ताजे फलों का सेवन करें. एक स्टडी की रिपोर्टमें बताया कि जो लोग स्नैक्स का अधिक सेवन करते हैं उनका वजन दूसरे लोगों के मुकाबले ज्यादा जल्दी बढ़ता है।

समय से अच्छी नींद-

हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेकर वजन को कम किया जा सकता है। स्टडी के मुताबिक, शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से वजन बढ़ने लगता है। स्टडी के शोधकर्ता का मानना है कि अगर लोग देर तक जगे रहते हैं, तो वे कुछ न कुछ खाते पीते रहते हैं। जो वजन बढ़ाने का काम करता है।

रोजाना टहले-

सभी लोग जानतें हैं कि सेहतमंद रहने और वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज कितनी जरूरी है। लेकिन समय की कमी होने के कारण कई लोग एक्सरसाइज कर नहीं पाते हैं। क्योंकि आप सिर्फ रोजाना वॉक करके भी अपने बड़े हुए वजन को कम कर सकते हैं।

बता दें कि अधिकतर लोग सुबह उठकर कॉफी का सेवन करते हैं, कॉफी पीने से लोगों की नींद पूरी तरह से खुल जाती है और शरीर में चुस्ती आ जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि वर्कआउट करने से पहले कॉफी का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म भी मजबूत होता है। शरीर में एनर्जी ज्यादा होने से वर्कआउट अच्छी तरह से कर पाते हैं, जिससे तेजी से वजन कम होता है।

पानी न पीने पर ऐसी हो सकती है बीमारी, जानकर हो जाएंगे हैरान

“जल ही जीवन है” ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इससे यह बात बिल्‍कुल साफ है कि पानी पीना हमारे लिए कितना जरूरी है। हमारा शरीर जिन तत्वों से बना है, उसमें जल मुख्य है। जैसे कि जीने के लिए हवा जरूरी है वैसे ही शरीर के लिए पानी जरूरी है। हमारें शरीर में 60 फीसदी केवल जल की मात्रा होती है। अगर शरीर में जल की मात्रा कम हो जाता है तो जीवन खतरे में पड़ जाता है। गर्मियों में प्यास अधिक लगती है तो लोग पानी भी खूब पीते हैं मगर सर्दियों में यह मात्रा कम हो जाती है। एक व्यक्ति को कम से कम दिन में दो लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। हालांकि इन दिनों प्यास नहीं लगती और हम कम पानी पिते हैं। इस वजह से कई गंभीर समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है।बता दें कि कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन होने पर शरीर को बहुत से नुकसान पहुंचते हैं। इससे कई खतरनाक बीमारीयों का सामना करना पड़ता हैं जैसे डायरिया, वॉमिटिंग, बुखार, ज्यादा पसीना आना या बार-बार पेशाब आना भी हो सकती है।

डिहाइड्रेशन से आपके शरीर में क्या होता है, चलिए जानते हैं –
कब्ज-

शरीर में पानी की कमी आपके पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। हमें लगता है कि कॉन्स्टिपेशन की समस्या का इलाज केवल फाइबर ही है लेकिन पानी भी उतना ही जरूरी है। फाइबर गट सिस्टम से जहरीले पदार्थ निकालने में मदद करता है लेकिन इन जहरीले पदार्थों को फ्लश करने के लिए पानी की ही जरूरत होती है।

त्वचा पर असर-

अगर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो आपकी स्किन पर भी असर दिखने लगता है। आपकी त्वचा ड्राई हो जाती है, खुजली, स्किन टाइट होना- ये सब डिहाइड्रेशन की ही लक्षण हैं। पानी कम पीने पर ब्लैडर, किडनी या UTI इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। किडनी और पानी का एक गहरा सूबंध होता है। किडनी को भी सुचारू तरीके से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। अगर किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती है तो आपको ब्लैडर और यूरिनरी इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में मौजूद जो साल्ट और मिनरल्स स्टोन बनाते हैं, पानी उन साल्ट और मिनरल्स को यूरीन में घोल देता है। पानी नहीं पीने पर साल्ट और मिनरल्स का जमाव किडनी स्टोन्स में बदल सकता है। कई बार लोग डिहाइड्रेशन को भूख समझ लेते हैं।

अगर आपने तुरंत ही खाना खाया है लेकिन आपको संतुष्टि नहीं मिल रही है तो आप एक गिलास पानी पीकर देखिए, रिसर्च के मुताबिक, पानी पीने से आपको पेट भरा-भरा महसूस होता है। डिहाइड्रेशन होने आप थका हुआ और सुस्त महसूस करते लगते हैं। डिहाइड्रेशन का असर ऊर्जा के स्तर पर और हमारी सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है।

डाक्टरों के मुताबिक, दिन भर रहने वाली थकान की यह एक अहम वजह होती है। यहीं नहीं, मूड स्विंग और गुस्सा आना भी डिहाइड्रेशन के कारण हो सकता है। शरीर की व्यवस्थाएं रक्त द्वारा उपलब्ध ऑक्सीजन पर निर्भर करती हैं। ब्लड डिलीवर जब डिहाइड्रेशन से प्रभावित होती है तो शरीर के कई अंग अपनी क्षमता के मुताबिक कार्य नहीं कर पाते हैं। इससे सुस्ती बढ़ने के साथ-साथ शॉर्ट टर्म मेमोरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

इन सभी समस्याओं से बचने के लिए दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए। आप पानी के अलावा सूप, सब्जियों और ड्रिंक्स, फ्रूट जूस से भी डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं बस कैलोरी का ध्यान रखें।



वजन को करना है कम, तो रोज खाएं अनानास

मुंबई! अपने आप को स्वास्थ्य और तंदुरुस्त रखने के लिए लोग फलों का सेवन करते हैं. जब लोगों शारीर में खून की कमी होती है या कमजोरी सा फील होता तो भी डॉक्टर फल खाने और जूस पीने की सलाह देते हैं. इसी तरह फलों में बहुत से लोगों को अनानास खाना पसंद करते हैं. आपको बता दें अनानास बॉडी की इम्युनिटी को भी बढ़ाता है.

अनानास खाने से पेट से जुड़ी कई बीमारियां दूर हो जाती है. शरीरिक रूप से वजनी व्यक्ति का वजन जल्दी कम करने में अनानास की अहम भूमिका होती है. अनानास में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिन- सी पाया जाता है. अनानास का सेवन स्वास्थ के लिए बहुत अच्छा होता है. आपको बता दें अनानास वजन कम करने में भी काफी मददगार होता है. यह हमारी पाचन शक्ति को भी ठीक रखता है.

अनानास के फायदे

अनानास में एंटी कैंसर एजेंट होता है. अनानास का रोजाना सेवन करने से कैंसर का खतरा न के बराबर होता है.

अनानास में ब्रोमलिन पाया जाता है. ब्रोमलिन एक ऐसा एंजाइम होता है जो जोड़ों के दर्द व सूजन को कम कर देता है.

अनानास में बड़ी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. इसमें मैग्नीशियम भी पाया जाता है. इसके साथ ही बीटा केरोटिन, थाइमीन भी पाया जाता है जो दिल के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.

अनानास खाने से हमारी हड्डी भी मजबूत होती है और साथ ही साथ शरीर में इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.




अगर आपको है ज्यादा खाने की आदत तो ऐसे पा सकते है छुटकारा
डेस्कः अगर आप जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं ऐसा होने की 90 फीसदी चांस होते हैं कि आप जंक फूड खा रहे है। स्वस्थ रहने के लिये आपका खानपान बेहद मायने रखता है। आपका स्वास्थ्य केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आप क्या खाते हैं बल्कि यह ध्यान में रखना भी जरुरी है कि आप कितना खा रहे हैं।

हालांकि घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि आप कुछ टिप्स की मदद से इस आदत से छुटकारा पा सकते हैं।

भोजन से पहले पानी
हर बार जब भी आप भोजन करें तो इससे पहले पानी पिएं। कई बार हमें प्यास लगी होती है और हम इसे भूख समझ कर भोजन कर लेते हैं। इसलिये हर बार आधा या एक गिलास पानी पिएं।

नाश्ता करना ना भूलें
जल्दबाजी में हम अक्सर नाश्ता नहीं करते जिससे हम दिनभर भूखा महसूस करते हैं और जरुरत से अधिक खा लेते हैं। इसलिये नाश्ते में हेल्दी फैट, विटामिन और प्रोटीन युक्त आहार लें।

पर्याप्त नींद लें
सही मात्रा में नींद लेने से क्रेविंग्स कम होती हैं साथ ही फैट को बढ़ाने वाले हार्मोन भी कम होते हैं। इसके अलावा आप रात को जागकर खाने से भी बच जाते हैं।

सावधान: ज्यादा ब्रेड खाने से हो सकती है ये खतरनाक बीमारी 


नई दिल्ली! ज्यादातर लोग सुबह के नाश्ते में ब्रेड खाना पसंद करते हैं. कुछ लोग ब्राउन ब्रेड बटर तो कुछ लोग टोस्ट किया हुआ ब्रेड जैम के साथ खाना पसंद करते हैं. आपको बता दें सुबह भले ही ब्रेड खाने से पेट भर जाता हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इसमें हाई लेवल का सोडियम पाया जाता है जो हार्ट की बीमारियों को बढ़ावा देता है. ब्रेड खाने से हमारी बॉडी में नमक की मात्रा भी बढ़ जाती है. जिसकी वजह से रोगों का खतरा बढ़ जाता है.


मैदे से बनी होने के कारण ब्रेड को पचाने में बॉडी को काफी मेहनत करनी पड़ती है. इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स लीवर को बहुत ज्यादा नुक्सान पहुंचाते हैं.

ब्रेड में हमें किसी भी तरह के पोषक तत्व नहीं पाए जाते हैं. लेकिन अगर हम व्हाइट ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड खाएं तो हमारे लिए थोडा सही रहेगा.

ब्रेड मे बहुत ज्यादा ग्लूटेन है जो सीलिएक रोग का खतरा बढाता है. ब्रेड खाने के बाद कई लोगों का पेट खराब हो जाता हे इसकी वजह है ग्लूटैन इन्टोलरेंस. अगर आप ब्रेड ज्यादा खाते है, तो आपका वजन बढ़ेगा.

होल ग्रेन ब्रेड यानि आटे वाली ब्रेड मे भी कोई पोशक तत्व नहीं है. इसे बनाने के पगासेस में आटे के सभी गुण ख़त्म हो जाते है. ज्यादा ब्रेड खाने से धीरे-धीरे आंत में छेद हो जाता है.




क्‍या बढ़ती उम्र में स्‍प्राउट्स खाना नुकसानदायक होता है, जाने इससे जुड़ी वास्‍तविकता
सेहत को लेकर चिंतित रहने वाले लोगों में अंकुरित अनाज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लोग बीमारियों से बचने और लंबे समय तक स्वस्थ एवं फिट रहने के लिए, एक स्वस्थ विकल्प के रूप में अंकुरित अनाज को पसंद करने लगे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि अंकुरित अनाज स्वास्थ्यवर्धक हैं और उनके अन्‍य विकल्‍पों की तुलना में अधिक पौष्टिक भी हैं, जबकि ऐसा भी माना जाता है कि उम्र बढ़ने पर अंकुरित अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि अंकुरित अनाज से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।


अंकुरित अनाज की शुरुआत साबुत अनाज से होती है। अनाज वाली घास के खाने योग्‍य हिस्‍से को अनाज कहा जाता है जो कि रोगाणु, स्टार्ची एंडोस्पर्म और बाहरी खलिहान की परत से बने होते हैं। अनाज के अंदर तेल और पोषक तत्व होते हैं जो अनाज को अंकुरित करने के लिए फट जाते हैं।

अगर आप खाने के लिए अनाज को अंकुरित कर रहे हैं तो आपको उन्हें केवल तब तक अंकुरित होने देना चाहिए जब तक कि अनाज स्वयं अंकुरित न हो जाए। यदि आप अंकुर को बढ़ने देते हैं, तो अंकुर अनाज में संग्रहीत पोषक तत्वों का उपयोग करना शुरू कर देता है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।


अंकुरित अनाज के पोषक तत्‍व

स्प्राउट्स में फाइबर, विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट जैसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं और स्‍प्राउट्स को आहार में शामिल कर इन फायदेमंद यौगिकों का सेवन किया जा सकता है। स्प्राउट्स में कैलोरी, वसा और सोडियम भी कम होता है जिससे स्‍वस्‍थ रहने में मदद मिलती है।

रिसर्च में भी आया सामने
अंकुरित अनाज में कार्बोहाइड्रेट शुगर में परिवर्तित हो जाते हैं जबकि प्रोटीन अमीनो एसिड में बदल जाता है और वसा फैटी एसिड में बदल जाता है। इस बदलाव से शरीर के लिए इन पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है। 1940 के दशक में किए गए शोध से पता चला है कि अंकुरित अनाज में विटामिन ए और विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। 2001 में, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन ने पाया कि सूखे अनाज की तुलना में अंकुरित अनाज में ज्‍यादा एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, ई और बीटा-कैरोटीन होते हैं।

2008 में टाइप 2 डायबिटीज की डाइट में अं‍कुरित सफेद या ब्राउन राइस पर एक अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि अंकुरित चावल के आहार से ब्‍लड शुगर और कोलेस्ट्रोल के स्तर में सुधार आने में मदद मिली। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अंकुरित अनाज ज्‍यादा पौष्टिक होते हैं।
क्‍या वृद्धावस्‍था में स्‍प्राउट्स खा सकते हैं?

जी हां, वृद्धावस्‍था में स्‍प्राउट्स खा सकते हैं। अंकुरित अनाज के पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये वृद्ध लोगों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जो कि मधुमेह को नियंत्रण में रखने में मदद करता है और पाचन में भी सहायता करता है।

वृद्धावस्‍था में इस तरह की समस्‍याएं आम होती हैं इसलिए बुजर्गु लोगों के लिए भी स्‍प्राउट्स फायदेमंद होते हैं। अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा शरीर को मुक्त कणों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है। अंकुरित अनाजों में मौजूद विटामिन और खनिज भी शरीर को स्वस्थ रखने और बुढ़ापे में पोषण देने में मदद कर सकते हैं।




हर उम्र के लोग खा सकते हैं

अब तो आप जान ही गए होंगे कि स्‍प्राउट्स खाना कितना फायदेमंद है। इसमें न केवल पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं बल्कि कई बीमारियों को दूर करने की भी शक्‍ति होती है। अंकुरित अनाज का सेवन बच्‍चों से लेकर बूढे़ तक कर सकते हैं।

अगर आपने भी अब तक अंकुरित अनाज को अपने आहार में शामिल नहीं किया है तो अब कर लीजिए।




पीरियड्स पेन को चुटकियों में ठीक करता है गुड़ और जीरे का पानी, बेहतर होती हैं इससे और भी कई समस्याएं
लोगों को माइग्रेन या सिर दर्द की समस्या रहती है. ये मौसम में बदलाव या स्ट्रेस ज्यादा लेने के कारण होता है. इसे बेहतर करने के लिए जीरे और गुड़ के पानी का सेवन करें.



कहते हैं रसोई में हर बीमारी का इलाज है. गुड़ और जीरा तो हम सभी के घर में मिलता है. जीरे से खाना स्वादिष्ट बनता है और गुड़ खाने पचाने की प्रक्रिया को बेहतर करने में मदद करता है. दोनों को ही सेहत का ख़जाना माना जाता है. स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदे आपको इनसे मिल जाएंगे. आइए जानते हैं कैसे और किन समस्याओं को बेहतर करने में ये दोनों कारगर हैं.




जीरा और गुड़ दोनों ही पेट की समस्याएं दूर करने के लिए जाने जाते हैं. ये कब्ज, गैस, पेट फूलना और पेट दर्द से राहत दिलाते हैं. जीरा पानी में थोड़ा गुड़ घोल लें. पेट से जुड़ी समस्या को बेहतर करने में इस नुस्खे को अपनाएं. फायदा मिलेगा.





पीठ दर्द, कमर दर्द जैसी समस्याएं आए दिन किसी न किसा को लगी ही रहती हैं. गुड़ और जीरे का पानी इन सभी में काफी मददगार हैं. पीरियड्स के दौरान भी महिलाओं में कई हॉर्मोनल बदलाव आते हैं. और पेट दर्द की समस्या रहती है. इन सभी से निजात दिलाने में गुड़ और जीरे का पानी अच्छा विकल्प है.




लोगों को माइग्रेन या सिर दर्द की समस्या रहती है. ये मौसम में बदलाव या स्ट्रेस ज्यादा लेने के कारण होता है. इसे बेहतर करने के लिए जीरे और गुड़ के पानी का सेवन करें.





सर्दी-जुकाम एक से दूसरे को बेहद जल्दी लगता है. ऐसे में इम्यूनिटी जिनकी कमजोर होती है उनके लिए गुड़ और जीरे का पानी काफी कारगर है. ये टॉक्सिन्स निकालने में मदद करता है. और प्राकृतिक गुणों से भरपूर होता है. जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है.




जीरे का पानी वजन घटाने और फैट कम करने में मदद करता है. गुड़ पाचन क्रिया को बेहतर करता है. रोज सुबह खाली पेट एक कप जीरा और गुड़ का पानी का सेवन करें. फायदा मिलेगा.



जीरे और गुड़ का पानी बनाने के लिए एक बर्तन में दो कप पानी लें. एक छोटा चम्मच पिसा हुआ गुड़ और एक छोटा चम्मच जीरा मिलाएं. उबालें. जब पानी कढ़कर आधा रह जाए तो कप में निकालकर इसका सेवन करें.



रात को पूरी नींद न होने से आप को हो सकती है ये परेशानिया रिसर्च में हुआ खुलासा

नई दिल्ली : सारा दिन आप काम करने के बाद आपको थकान सी लगती हैजिसमे हर कोई चाहता है कि रात को बिस्‍तर पर पहुंचते ही अच्‍छी नींद मिल जाए। जहां इससे न केवल आपतरो-ताजा दिखते हैं। वहीं कई बीमारियों से दूर भी रहते हैं लेकिन जो लोग कम सोते हैं या नींद के घंटे कम पूरे करते हैं। लेकिन ऐसे लोगोंं को एक जानलेवा बीमारी हो सकती है। जी हां ये बात एक रिसर्च में सामने आई है। वहीं रिसर्च के मुताबिक कम सोने वाले लोगों में हृदय संबंधी बीमारियों का ज्यादा खतरा रहता हैं।बता दें की ऐथिरोस्क्लेरोसिस नाम की बीमारी का खतरा बढ़ जाता हैं। जहां इस बीमारी में शरीर की नाड़ियों में प्लाक जम जाता है जिससे वे सख्त और संकरी हो जाती हैं और उनमें खून का दौरा कम हो जाता हैं।लेकिन शोधकर्ताओं के मुताबिक हृदय संबंधी बीमारी एक वैश्विक समस्या है। देखा जाये तो दवाई, शारीरिक गतिविधि और खान-पान सहित विभिन्न तरीकों से इसकी रोकथाम एवं उपचार कर रहे हैं।दरअसल यह अध्ययन इस बात पर जोर देता है कि हृदय रोग से निपटने के लिए पर्याप्त नींद लेना होगा. यह एक ऐसी चीज है जिसके साथ हम रोजाना समझौता करते हैं. बता दें कि यह अध्ययन ‘अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी’ में प्रकाशित हुआ है।जहां अभी तक खराब नींद और दिल के दौरे में के बीच के संबंध के बारे में पता नहीं चल पाया हैं। वहीं शोधकर्ता इसे भी ध्रूमपान, मोटापा, अनिद्रा और हृदय संबंधी मुश्किलों से जोड़कर देख रहे हैं। वैसे भी तमाम एक्‍सपर्ट का ये मानना है कि रात में कम से कम सात घंटे की नींद लेना बेहद जरूरी है। इसलिए आप कोशिश करें कि रात को समय से पूरी नींद लें।
दूध पीने के साथ कभी ना करें इन चीजों का सेवन जा सकती है आपकी जान

दूध का सेवन करना हमारी सेहत के लिए बहुत ही लाभकारी होता है और यह हमारे शरीर को ताकत भी देता है । हमारे बड़े बुजुर्ग भी कहते हैं की रोज दूध का सेवन करना हमारे शरीर के लिए और सेहत के लिए अच्छा होता है पर क्या सिर्फ हमारी सेहत के लिए इतना ही काफी है की दूध का सेवन किया जाये ।

दूध के साथ कुछ ऐसी चीजें भी है जिंका सेवन करना हमारे स्वास्थ्य को खराब कर सकट्टा है और यह हमारे लिए बहुत घातक भी हो सकता है और इतना ही नही यदि इन बातों पर हमने ध्यान नही दिया तो इस कारण हमारी जान भी जा सकती हैं ।

दूध के साथ कभी भी करेला या नमक का सेवन नही करना चाहिए। क्योंकि इससे आपको फायदे के बजाये नुकसान पंहुच सकता है। जिसकी वजह से आपको कई शारीरिक परेशानियां हो सकती है।

दूध का सेवन है इन चीजों से बच कर ही किया जाना ब्वाहुत ज्यादा जरूरी है इसके कारण हमारा पाचन खराब हो सकता है और यह इतना कमजोर हो सकता है की हम किसी और चीज़ का सेवन कर पाने के काबिल भी ना रह जा


कभी भी दूध के साथ उडद की दाल नहीं खानी चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपको कई स्वास्थ्य से संबंधित बीमारियां हो सकती है।


क्या आपके भी दिमाग पे कर रखा है डिप्रेशन ने टोटका?

जिसके बारे में कोई बात नहीं करता क्यूंकि लोगो के दिमाग में ये दिमागी बीमारी केवल एक वेहम बनकर रह गयी है और यही इसके समाधान में सबसे बड़ी बाधा है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन आगाह कर चुका है कि 2020 तक डिप्रेशन दुनिया की दूसरी बड़ी बीमारी बन जाएगी। लेकिन हममें से बहुत से लोग जानते ही नहीं कि डिप्रेशन को कैसे पहचानें।
जानकार कहते हैं कि अगर समय पर डिप्रेशन से गुजर रहे व्‍यक्ति से मेलजोल बढ़ाया जाए तो इससे उबरने में बड़ी मदद हो सकती है। डिप्रेशन के कुछ खास लक्षण होते हैं, खुद डिप्रेशन से गुजर रहा व्‍यक्ति इन संकेतों को पहचान कर इसके इलाज के लिए आगे बढ़ने का विचार कर सकता है। आइए नजर डालें डिप्रेशन के कुछ संकेतों पर:

उदासी और खालीपन 
अगर आपको अकसर मन में खालीपन और उदासी महसूस हो तो इसे अनदेखा न करें। इसके सा‍थ अगर खुद से नफरत हो और लगने लगे कि दुनिया में आपकी कोई अहमियत नहीं है तो समझ जाइए आप डिप्रेशन का शिकार हो चुके हैं।

एक नई स्टडी के अनुसार डिप्रेशन लोगों को मरने जैसी स्थिति में पहुंचा सकता है। इसे ‘साइकोजेनिक डेथ’ कहते हैं। जीते जी मरने की यह स्थिति अलग-अलग चरण में प्रभावित करती है और धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेल देती है। आपके आसपास कोई ऐसा व्यक्ति है तो आपको उसकी तुरंत मदद करनी चाहिए, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए…
व्यक्ति का समाज से कट जाना डिप्रेशन के शुरुआती लक्षणों में से एक है। अगर समय पर इसे नहीं समझा गया तो व्यक्ति समाज से पूरी तरह से कट सकता है। यह समस्या युद्ध के मरीजों में भी देखी जाती है जिन्होंने अपनी आंखों से मौतें होती देखी हों। इसमें व्यक्ति भावनाएं जाहिर करना छोड़ देता है और उसे अपने आसपास से कोई फर्क नहीं पड़ता।
इसमें व्यक्ति अपनी जिंदगी और अपने आसपास को लेकर बेहद उदास हो जाता है। वह बहुत नकारात्मक और खुद को बेकार महसूस करता है। उसकी रचनात्मकता खत्म हो जाती है और वह अपने लिए भी कोई काम नहीं करना चाहता है। छोटा सा छोटा काम उसे बहुत भारी लगता है।
समाज से कटने की प्रक्रिया में इंसान एक लेवल और आगे चला जाता है। इसमें उसका दिमाग सो जाना चाहता है। यह कोमा जैसी स्थिति होती है।
इसमें डिप्रेशन का शिकार व्यक्ति के पेन रिसेप्टर्स काम करना बंद कर देते हैं। इससे उसे किसी तरह का दर्द महसूस नहीं होता है। वह किसी भी तरह की चोट पर प्रतिक्रिया भी नहीं देता है।
यह मौत से पहले की अवस्था होती है। इसमें इंसान को दुनिया से कोई मतलब नहीं रह जाता है और वह उठने से भी मना कर देता है। इसके बाद लगभग 2-3 दिन के अंदर मरीज की मौत हो सकती है।
डिप्रेशन से उबरना एक कठिन लड़ाई है लेकिन यह नामुमकिन नहीं है। आपको ऐसे व्यक्ति को उस स्थिति में धकेलना होगा जो उसे अच्छा लगता हो। इसके लिए मेडिकल रीहैबिलिटेशन और इलाज की भी सहायता ली जा सकती है।
घर से बाहर निकलने की इच्‍छा न हो 
बस आप अपने घर में अपने कमरे में अकेले रहना चाहें और बाहर जाकर लोगों से घुलना मिलना न चाहें तो बहुत मुमकिन है कि आपके मन में अवसाद घर कर रहा है।

अनिद्रा की परेशानी
अगर आपको लंबे समय से नींद नहीं आती है या रातों को नींद उचट जाए फिर नहीं आए तो समझ लिए यह डिप्रेशन की निशानी है। समय रहते इसका निवारण खोजने की कोशिश करें।


बिस्‍तर से उठने का जी न करे
कभी-कभी तो ठीक है लेकिन अगर अक्‍सर रात भर सोने के बाद बिस्‍तर से उठने का मन न करे तो यह सामान्‍य नहीं है। आप खुद को दुनिया से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

किसी एक चीज पर फोकस न कर पाएं 
जब आप आसानी से एकाग्र न हो पाएं या बार-बार रोजमर्रा के कामों में भी आपकी एकाग्रता भंग होने लगे तो समझ जाइए कि ये डिप्रेशन के लक्षण हैं।


एंग्‍जाइटी और मूड खराब होना
अगर आप हमेशा नर्वस महसूस करें, तनाव में रहें और ऐसा लगता रहे कि कहीं कुछ गड़बड़ होने वाला है तो बहुत मुमकिन है कि ये डिप्रेशन के लक्षण हों। इसके अलावा बिना किसी बात के मूड खराब होना भी डिप्रेशन का संकेत है।

खुदकुशी के ख्‍याल 
अगर किसी को बार-बार अपना जीवन खत्‍म करने का ख्‍याल आए और लगे कि अब मेरे जीवित रहने का कोई कारण नहीं है, तो यह संकेत है कि वह गंभीर डिप्रेशन का शिकार है। सही समय पर डॉक्‍टरी सलाह से इससे बचा जा सकता है।




याद रखिये खुदखुशी में किसी की कोई खुशी नही है. डिप्रेशन बस एक पड़ाव है जीवन का, माना ये पड़ाव सभी के जीवन से होकर नही जाता लेकिन अगर इस पड़ाव पर हार कर आप खुद को हमेशा के लिए खो देंगे तो वो बेहतर दिन और नई मंजिल क्या करेगी जो आपकी राह देख रही है?

आपको लिए कितनी जरूरी होती है नींद, इस बातों का रखेें ध्यान
नई दिल्ली: हर वर्ष 15 मार्च को वर्ल्ड स्लीप डे मनाया जाता है। इन दिनो में लोगो को सेहत का रखना चाहिये से ध्यान वही अच्छी नींद के फायदे के बारे में बताया जाता है। वर्ल्ड स्लीप डे को वर्ल्ड स्लीप डे कमेटी ऑफ द वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी द्वारा आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को नींद की समस्याओं के बोझ से छुटकारा दिलाना और नींद की गड़बड़ी की रोकथाम और प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस साल वर्ल्ड स्लीप डे का विषय ‘स्वस्थ नींद, स्वस्थ आयु है।वैसे तो नींद सभी को प्यारी है लेकिन नींद के कई फायदे भी हैं। हम वर्ल्ड स्लीप डे पर इससे जुड़ी कुछ जरूरी बातें बता रहे हैं।लोगों के बीच एक सोच घर कर गई है कि रात को नहीं खाने से कुछ वज़न कम हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आप कभी खाली पेट न सोएं। खाली पेट सोने की वजह से आपको नींद नहीं आएगी और नींद की कमी से आपका मोटापा बढ़ सकता है।तुरंत खाकर न सोएं, खाने और सोने के वक्त कुछ गैप रखें। खाना खाकर तुरंत सोने से ब्लड शुगर और इंसुलिन बढ़ता है, इसकी वजह से वजन बढ़ सकता है। रोजाना रात को एक कप हर्बल चाय पीने से तोंद को कम करने में मदद मिलेगीआजकल की बदलती जीवनशैली में ज़्यादातर लोगों को नींद ने आने की समस्या है। नींद ने आने की इस समस्या को इन्सोमनिया कहते हैं। यह आमतौर पर लाइफस्टाइल में बदलाव होने की वजह से होता है। यह दो तरह का होता है-ट्रान्जिएंट और क्रॉनिक। इसका मुख्य कारण टेंशन, वातावरण में बदलाव, हॉर्मोंन्स में बदलाव है।नींद उतनी ही जरूरी है जितना कि खाना और व्यायाम। एक शरीर ठीक से काम करे इसके लिए कम से कम 6-8 घंटे की नींद जरूरी है। जो लोग कम सोते हैं उनके शरीर में लेप्टिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन ) का स्तर कम होने की संभावना अधिक होती है, जिससे भूख बढ़ जाती है।आपको संतुलित और स्वस्थ आहार खाना चाहिए। शराब का सेवन कम से कम करें, विशेष रूप से शाम को। आपका बेडरूम साफ, शांत, अंधेरा और एलर्जी और गंध से मुक्त होना चाहिए। कोशिश करें कि बहुत अधिक मोटे बिस्तर पर सोने की आदत न पड़े। सोने से पहले, हल्की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं।
5 मिनट की ये ट्रिक्स बना देगी फिट, जानिएं कैसे

अगर आप बहुत व्यस्त हैं और वजन कम करने के लिए समय नहीं मिलता है तो बता दें कि अधिक वजन होना शरीर से संबंधित एक समस्‍या हो सकती है। वजन घटाने के लिए पहले कुछ बातों की जानकारी रखना बहुत जरूरी है। कुछ ट्रिक्स की मदद से आसानी से वजन कम किया जा सकता है।


अगर यह 5 मिनट ट्रिक्स आप रोजाना अपनाते हैं तो वजन कम करने में काफी मददगार होती हैं। शरीर का बढ़ता वजन भले ही कितना परेशान करता हो आलस उससे ज्यादा खतरनाक होता है।

आज कल के समय में बदलते जीवन शैली की वजह से लोगों की सेहत कई तरह से समस्याओं का सामना करता है। इस आधुनिक जीवन में कई लोग मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा कम करने की तमाम कोशिशों के बाद भी लोगों का वजन कम ही नहीं होता है।


भोजन के बारे में सोचना-

फिलहाल में हुई एक स्टडी की रिपोर्ट में बताया है कि जब आप सोचते हैं कि आप ज्यादा खा रहे हैं, तो ऐसा सोचना आपके दिमाग को ज्यादा संतुष्टि का एहसास दिलाता है और कम खाकर ही आपका पेट भर जाता है। इस मानसिक संतुष्टि से भी वजन कम होता है।

फल खाएं-

ज्यादातर लोग हल्की भूख लगने पर स्नैक्स की ओर दौड़ते हैं। लेकिन आप अगर मोटापे से पीड़ित हैं और अपना वजन कम करना चाहते हैं तो हल्की भूख लगने पर स्नैक्स के बजाए ताजे फलों का सेवन करें. एक स्टडी की रिपोर्टमें बताया कि जो लोग स्नैक्स का अधिक सेवन करते हैं उनका वजन दूसरे लोगों के मुकाबले ज्यादा जल्दी बढ़ता है।

समय से अच्छी नींद-

हेल्थ एक्सपर्ट का मानना है कि 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेकर वजन को कम किया जा सकता है। स्टडी के मुताबिक, शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव की वजह से वजन बढ़ने लगता है। स्टडी के शोधकर्ता का मानना है कि अगर लोग देर तक जगे रहते हैं, तो वे कुछ न कुछ खाते पीते रहते हैं। जो वजन बढ़ाने का काम करता है।

रोजाना टहले-

सभी लोग जानतें हैं कि सेहतमंद रहने और वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज कितनी जरूरी है। लेकिन समय की कमी होने के कारण कई लोग एक्सरसाइज कर नहीं पाते हैं। क्योंकि आप सिर्फ रोजाना वॉक करके भी अपने बड़े हुए वजन को कम कर सकते हैं।

बता दें कि अधिकतर लोग सुबह उठकर कॉफी का सेवन करते हैं, कॉफी पीने से लोगों की नींद पूरी तरह से खुल जाती है और शरीर में चुस्ती आ जाती है। हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि वर्कआउट करने से पहले कॉफी का सेवन करना चाहिए। इससे शरीर में एनर्जी का स्तर बढ़ने के साथ मेटाबॉलिज्म भी मजबूत होता है। शरीर में एनर्जी ज्यादा होने से वर्कआउट अच्छी तरह से कर पाते हैं, जिससे तेजी से वजन कम होता है।

पानी न पीने पर ऐसी हो सकती है बीमारी, जानकर हो जाएंगे हैरान

“जल ही जीवन है” ये कहावत तो आपने सुनी ही होगी। इससे यह बात बिल्‍कुल साफ है कि पानी पीना हमारे लिए कितना जरूरी है। हमारा शरीर जिन तत्वों से बना है, उसमें जल मुख्य है। जैसे कि जीने के लिए हवा जरूरी है वैसे ही शरीर के लिए पानी जरूरी है। हमारें शरीर में 60 फीसदी केवल जल की मात्रा होती है। अगर शरीर में जल की मात्रा कम हो जाता है तो जीवन खतरे में पड़ जाता है। गर्मियों में प्यास अधिक लगती है तो लोग पानी भी खूब पीते हैं मगर सर्दियों में यह मात्रा कम हो जाती है। एक व्यक्ति को कम से कम दिन में दो लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। हालांकि इन दिनों प्यास नहीं लगती और हम कम पानी पिते हैं। इस वजह से कई गंभीर समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है।बता दें कि कम पानी पीने से डिहाइड्रेशन होने पर शरीर को बहुत से नुकसान पहुंचते हैं। इससे कई खतरनाक बीमारीयों का सामना करना पड़ता हैं जैसे डायरिया, वॉमिटिंग, बुखार, ज्यादा पसीना आना या बार-बार पेशाब आना भी हो सकती है।

डिहाइड्रेशन से आपके शरीर में क्या होता है, चलिए जानते हैं –
कब्ज-

शरीर में पानी की कमी आपके पाचन तंत्र को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है। हमें लगता है कि कॉन्स्टिपेशन की समस्या का इलाज केवल फाइबर ही है लेकिन पानी भी उतना ही जरूरी है। फाइबर गट सिस्टम से जहरीले पदार्थ निकालने में मदद करता है लेकिन इन जहरीले पदार्थों को फ्लश करने के लिए पानी की ही जरूरत होती है।

त्वचा पर असर-

अगर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीते हैं तो आपकी स्किन पर भी असर दिखने लगता है। आपकी त्वचा ड्राई हो जाती है, खुजली, स्किन टाइट होना- ये सब डिहाइड्रेशन की ही लक्षण हैं। पानी कम पीने पर ब्लैडर, किडनी या UTI इन्फेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। किडनी और पानी का एक गहरा सूबंध होता है। किडनी को भी सुचारू तरीके से काम करने के लिए पानी की जरूरत होती है। अगर किडनी अपना काम ठीक से नहीं कर पाती है तो आपको ब्लैडर और यूरिनरी इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। शरीर में मौजूद जो साल्ट और मिनरल्स स्टोन बनाते हैं, पानी उन साल्ट और मिनरल्स को यूरीन में घोल देता है। पानी नहीं पीने पर साल्ट और मिनरल्स का जमाव किडनी स्टोन्स में बदल सकता है। कई बार लोग डिहाइड्रेशन को भूख समझ लेते हैं।

अगर आपने तुरंत ही खाना खाया है लेकिन आपको संतुष्टि नहीं मिल रही है तो आप एक गिलास पानी पीकर देखिए, रिसर्च के मुताबिक, पानी पीने से आपको पेट भरा-भरा महसूस होता है। डिहाइड्रेशन होने आप थका हुआ और सुस्त महसूस करते लगते हैं। डिहाइड्रेशन का असर ऊर्जा के स्तर पर और हमारी सोचने-समझने की क्षमता पर भी पड़ता है।

डाक्टरों के मुताबिक, दिन भर रहने वाली थकान की यह एक अहम वजह होती है। यहीं नहीं, मूड स्विंग और गुस्सा आना भी डिहाइड्रेशन के कारण हो सकता है। शरीर की व्यवस्थाएं रक्त द्वारा उपलब्ध ऑक्सीजन पर निर्भर करती हैं। ब्लड डिलीवर जब डिहाइड्रेशन से प्रभावित होती है तो शरीर के कई अंग अपनी क्षमता के मुताबिक कार्य नहीं कर पाते हैं। इससे सुस्ती बढ़ने के साथ-साथ शॉर्ट टर्म मेमोरी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

इन सभी समस्याओं से बचने के लिए दिन में पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए। आप पानी के अलावा सूप, सब्जियों और ड्रिंक्स, फ्रूट जूस से भी डिहाइड्रेशन से बच सकते हैं बस कैलोरी का ध्यान रखें।



वजन को करना है कम, तो रोज खाएं अनानास

मुंबई! अपने आप को स्वास्थ्य और तंदुरुस्त रखने के लिए लोग फलों का सेवन करते हैं. जब लोगों शारीर में खून की कमी होती है या कमजोरी सा फील होता तो भी डॉक्टर फल खाने और जूस पीने की सलाह देते हैं. इसी तरह फलों में बहुत से लोगों को अनानास खाना पसंद करते हैं. आपको बता दें अनानास बॉडी की इम्युनिटी को भी बढ़ाता है.

अनानास खाने से पेट से जुड़ी कई बीमारियां दूर हो जाती है. शरीरिक रूप से वजनी व्यक्ति का वजन जल्दी कम करने में अनानास की अहम भूमिका होती है. अनानास में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिन- सी पाया जाता है. अनानास का सेवन स्वास्थ के लिए बहुत अच्छा होता है. आपको बता दें अनानास वजन कम करने में भी काफी मददगार होता है. यह हमारी पाचन शक्ति को भी ठीक रखता है.

अनानास के फायदे

अनानास में एंटी कैंसर एजेंट होता है. अनानास का रोजाना सेवन करने से कैंसर का खतरा न के बराबर होता है.

अनानास में ब्रोमलिन पाया जाता है. ब्रोमलिन एक ऐसा एंजाइम होता है जो जोड़ों के दर्द व सूजन को कम कर देता है.

अनानास में बड़ी मात्रा में फाइबर पाया जाता है. इसमें मैग्नीशियम भी पाया जाता है. इसके साथ ही बीटा केरोटिन, थाइमीन भी पाया जाता है जो दिल के लिए बहुत अच्छा माना जाता है.

अनानास खाने से हमारी हड्डी भी मजबूत होती है और साथ ही साथ शरीर में इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है.




अगर आपको है ज्यादा खाने की आदत तो ऐसे पा सकते है छुटकारा
डेस्कः अगर आप जरूरत से ज्यादा खाना खाते हैं ऐसा होने की 90 फीसदी चांस होते हैं कि आप जंक फूड खा रहे है। स्वस्थ रहने के लिये आपका खानपान बेहद मायने रखता है। आपका स्वास्थ्य केवल इस बात पर निर्भर नहीं करता है कि आप क्या खाते हैं बल्कि यह ध्यान में रखना भी जरुरी है कि आप कितना खा रहे हैं।

हालांकि घबराने की जरुरत नहीं है क्योंकि आप कुछ टिप्स की मदद से इस आदत से छुटकारा पा सकते हैं।

भोजन से पहले पानी
हर बार जब भी आप भोजन करें तो इससे पहले पानी पिएं। कई बार हमें प्यास लगी होती है और हम इसे भूख समझ कर भोजन कर लेते हैं। इसलिये हर बार आधा या एक गिलास पानी पिएं।

नाश्ता करना ना भूलें
जल्दबाजी में हम अक्सर नाश्ता नहीं करते जिससे हम दिनभर भूखा महसूस करते हैं और जरुरत से अधिक खा लेते हैं। इसलिये नाश्ते में हेल्दी फैट, विटामिन और प्रोटीन युक्त आहार लें।

पर्याप्त नींद लें
सही मात्रा में नींद लेने से क्रेविंग्स कम होती हैं साथ ही फैट को बढ़ाने वाले हार्मोन भी कम होते हैं। इसके अलावा आप रात को जागकर खाने से भी बच जाते हैं।

सावधान: ज्यादा ब्रेड खाने से हो सकती है ये खतरनाक बीमारी 


नई दिल्ली! ज्यादातर लोग सुबह के नाश्ते में ब्रेड खाना पसंद करते हैं. कुछ लोग ब्राउन ब्रेड बटर तो कुछ लोग टोस्ट किया हुआ ब्रेड जैम के साथ खाना पसंद करते हैं. आपको बता दें सुबह भले ही ब्रेड खाने से पेट भर जाता हैं लेकिन क्या आप जानते हैं इसमें हाई लेवल का सोडियम पाया जाता है जो हार्ट की बीमारियों को बढ़ावा देता है. ब्रेड खाने से हमारी बॉडी में नमक की मात्रा भी बढ़ जाती है. जिसकी वजह से रोगों का खतरा बढ़ जाता है.


मैदे से बनी होने के कारण ब्रेड को पचाने में बॉडी को काफी मेहनत करनी पड़ती है. इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट्स लीवर को बहुत ज्यादा नुक्सान पहुंचाते हैं.

ब्रेड में हमें किसी भी तरह के पोषक तत्व नहीं पाए जाते हैं. लेकिन अगर हम व्हाइट ब्रेड की जगह ब्राउन ब्रेड खाएं तो हमारे लिए थोडा सही रहेगा.

ब्रेड मे बहुत ज्यादा ग्लूटेन है जो सीलिएक रोग का खतरा बढाता है. ब्रेड खाने के बाद कई लोगों का पेट खराब हो जाता हे इसकी वजह है ग्लूटैन इन्टोलरेंस. अगर आप ब्रेड ज्यादा खाते है, तो आपका वजन बढ़ेगा.

होल ग्रेन ब्रेड यानि आटे वाली ब्रेड मे भी कोई पोशक तत्व नहीं है. इसे बनाने के पगासेस में आटे के सभी गुण ख़त्म हो जाते है. ज्यादा ब्रेड खाने से धीरे-धीरे आंत में छेद हो जाता है.




क्‍या बढ़ती उम्र में स्‍प्राउट्स खाना नुकसानदायक होता है, जाने इससे जुड़ी वास्‍तविकता
सेहत को लेकर चिंतित रहने वाले लोगों में अंकुरित अनाज तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। लोग बीमारियों से बचने और लंबे समय तक स्वस्थ एवं फिट रहने के लिए, एक स्वस्थ विकल्प के रूप में अंकुरित अनाज को पसंद करने लगे हैं। कुछ लोगों का मानना है कि अंकुरित अनाज स्वास्थ्यवर्धक हैं और उनके अन्‍य विकल्‍पों की तुलना में अधिक पौष्टिक भी हैं, जबकि ऐसा भी माना जाता है कि उम्र बढ़ने पर अंकुरित अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए। कहा जाता है कि अंकुरित अनाज से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।


अंकुरित अनाज की शुरुआत साबुत अनाज से होती है। अनाज वाली घास के खाने योग्‍य हिस्‍से को अनाज कहा जाता है जो कि रोगाणु, स्टार्ची एंडोस्पर्म और बाहरी खलिहान की परत से बने होते हैं। अनाज के अंदर तेल और पोषक तत्व होते हैं जो अनाज को अंकुरित करने के लिए फट जाते हैं।

अगर आप खाने के लिए अनाज को अंकुरित कर रहे हैं तो आपको उन्हें केवल तब तक अंकुरित होने देना चाहिए जब तक कि अनाज स्वयं अंकुरित न हो जाए। यदि आप अंकुर को बढ़ने देते हैं, तो अंकुर अनाज में संग्रहीत पोषक तत्वों का उपयोग करना शुरू कर देता है और पोषक तत्व कम हो जाते हैं।


अंकुरित अनाज के पोषक तत्‍व

स्प्राउट्स में फाइबर, विटामिन, खनिज, एंटीऑक्सीडेंट जैसे बायोएक्टिव यौगिक होते हैं और स्‍प्राउट्स को आहार में शामिल कर इन फायदेमंद यौगिकों का सेवन किया जा सकता है। स्प्राउट्स में कैलोरी, वसा और सोडियम भी कम होता है जिससे स्‍वस्‍थ रहने में मदद मिलती है।

रिसर्च में भी आया सामने
अंकुरित अनाज में कार्बोहाइड्रेट शुगर में परिवर्तित हो जाते हैं जबकि प्रोटीन अमीनो एसिड में बदल जाता है और वसा फैटी एसिड में बदल जाता है। इस बदलाव से शरीर के लिए इन पोषक तत्वों को अवशोषित करना आसान हो जाता है। 1940 के दशक में किए गए शोध से पता चला है कि अंकुरित अनाज में विटामिन ए और विटामिन सी की मात्रा अधिक होती है। 2001 में, इंटरनेशनल जर्नल ऑफ फूड साइंस एंड न्यूट्रिशन ने पाया कि सूखे अनाज की तुलना में अंकुरित अनाज में ज्‍यादा एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, ई और बीटा-कैरोटीन होते हैं।

2008 में टाइप 2 डायबिटीज की डाइट में अं‍कुरित सफेद या ब्राउन राइस पर एक अध्ययन किया गया। शोध में पाया गया कि अंकुरित चावल के आहार से ब्‍लड शुगर और कोलेस्ट्रोल के स्तर में सुधार आने में मदद मिली। इसमें कोई संदेह नहीं है कि अंकुरित अनाज ज्‍यादा पौष्टिक होते हैं।
क्‍या वृद्धावस्‍था में स्‍प्राउट्स खा सकते हैं?

जी हां, वृद्धावस्‍था में स्‍प्राउट्स खा सकते हैं। अंकुरित अनाज के पोषक तत्वों को ध्यान में रखते हुए ये कहा जा सकता है कि ये वृद्ध लोगों के लिए भी फायदेमंद होते हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है जो कि मधुमेह को नियंत्रण में रखने में मदद करता है और पाचन में भी सहायता करता है।

वृद्धावस्‍था में इस तरह की समस्‍याएं आम होती हैं इसलिए बुजर्गु लोगों के लिए भी स्‍प्राउट्स फायदेमंद होते हैं। अनाज में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट की उच्च मात्रा शरीर को मुक्त कणों से सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है। अंकुरित अनाजों में मौजूद विटामिन और खनिज भी शरीर को स्वस्थ रखने और बुढ़ापे में पोषण देने में मदद कर सकते हैं।




हर उम्र के लोग खा सकते हैं

अब तो आप जान ही गए होंगे कि स्‍प्राउट्स खाना कितना फायदेमंद है। इसमें न केवल पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं बल्कि कई बीमारियों को दूर करने की भी शक्‍ति होती है। अंकुरित अनाज का सेवन बच्‍चों से लेकर बूढे़ तक कर सकते हैं।

अगर आपने भी अब तक अंकुरित अनाज को अपने आहार में शामिल नहीं किया है तो अब कर लीजिए।





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