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माहवारी की तकलीफों को समझे इस गाइड से


माहवारी की तकलीफों को समझे इस गाइड से
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माहवारी का चक्र सिर्फ प्रेगनेंसी या गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में नहीं हैं, यह हमारी सेहत के बारे में बहुत कुछ कहता है। Read Periods Problem in Hindi (Periods Ki Problems Ke Liye Guide)

Periods Problem in Hindi
(Periods Ki Problems Ke Liye Guide)
1. लम्बे समय तक चलने वाला अनियमित व अधिक बहाव (Irregular Menses and Heavy Menstrual Bleeding)
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अगर आपको लम्बे समय तक चलने वाला अनियमित व अधिक बहाव होता है और आपका वज़न ज्यादा है, तो इसका मतलब है कि आपका एस्ट्रोजन बढ़ा हुआ है। अत्यधिक फैट सेल्स ओवरीस को अंडाशय रिलीज़ करने से रोकते हैं और इंडोमेटरिअल लाइनिंग मोटी होती रहती है। अपने डॉक्टर से सलाह लेकर वज़न कम करें।


2. कम या नहीं के बराबर बहाव (Less and Low Menstrual Bleeding)

कम बहाव का अर्थ है कि पीरियड्स की अवधि दो दिन से कम है या फिर बहाव 80मि.ली. से कम है। यह वंशानुगत हो सकता है, इसलिए यदि आपकी माता या बहन को कम बहाव होता है तो घबराने की ज़रूरत नहीं। वैसे कम बहाव तब भी होता है जब ओव्युलेषण नहीं होता।


3. पीरियड्स ना होना (No Periods)

प्रेगनेंसी के दौरान, ब्रैस्ट फीडिंग के दौरान,प्युबर्टी के पहले या फिर मेनोपॉज के बाद पीरियड्स न होना सामान्य बात है।

पीरियड्स का बिलकुल ना होना सामान्य नहीं है। इस स्थिति का निवारण मुश्किल होता है। इसके आलावा अगर किसी को सिर्फ एक बार ही पीरियड्स हुए हैं तो ये भी सामान्य नहीं है।


4. मेंस्त्रुअल क्रेम्प्स(एंठन) (Menstrual Cramps)

पीरियड्स के दौरान क्रेम्प्स या एंठन बेहद सामान्य घटना है, जो कि ज्यादातर एक या दो दिन चलती है।

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5. असामान्य रक्तस्राव (Abnormal Bleeding)

जब आपकी पीरियड साइकिल के बीच में, या सेक्सुअल गतिविधि के बाद अत्यधिक या सामान्य से ज्यादा रक्तस्राव होता है या स्पॉटिंग होता है तो उसे असामान्य युटरीन ब्लीडिंग कहते हैं। अगर आपकी पीरियड साइकिल 21 दिन से कम या 35 दिन से ज्यादा हो तो उसे भी असामान्य माना जाता है। 3 से 6 महीने तक भी अगर आपको ब्लीडिंग नहीं होती है तो ये भी असामान्य है।


पीरियड्स और आपका मानसिक स्वास्थ्य (Periods and Mental Health)

पीरियड्स का आपके शरीर और आपकी मानसिक स्थिति से सीधा सम्बन्ध है। एस्ट्रोजन का आपकी सकारात्मक सोच, प्रेरणा शक्ति, याददाश्त, सेक्स ड्राइव, सोचने समझने की शक्ति और तनाव के प्रति आपके रवैय्ये पर प्रभाव आता है। ये आपको अच्छी भावनाएं देता है।




महिलाओं को मेथी क्यों खानी चाहिए?
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मेथी का स्वाद कडवा और खुशबू अच्छी होती है। इसमें फायदा देने वाले कई पोषक तत्व होते हैं। दाल, पराठे और सब्जियों का स्वाद निखारने के लिए मेथी का उपयोग पत्ती और दाने दोनों ही रूपों में होता है। वैसे तो मेथी का सेवन दमा से लेकर कामेच्छा तक, कई मामलों में फायदेमंद है लेकिन महिलाओं के लिए इसका सेवन खास वजह से भी जरूरी है। Read Fenugreek for Women Problems in Hindi (Mahilao ke Liye Methi ke Fayde).
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Fenugreek for Women Problems in Hindi
(Mahilao ke Liye Methi ke Fayde)
यह महिलाओं के लिए अत्यंक लाभदायक है क्योंकि इसमें सैपोनिन(स्टेरॉयड) और डाईसोजेनिन(एस्ट्रोजन के समान) होता है। महिलाओं के लिए मासिक चक्र से जुड़ी समस्याओं के उपचार में यह काफी फायदेमंद माना दाता है।
Periods में होने वाले दर्द और क्रेम्प्स से मेथी प्राकृतिक रूप में आराम देती है।
इसमें आयरन बहुलता में होता है इसलिए गर्भवती महिलाओं को एवं बच्चों को अपना दूध पिलाने वाली माताओं को मेथी के सेवन की सलाह दी जाती है।
मेथी में मौजूद सेपोनिन्स और डायोसजेनिन शरीर में सेक्स हार्मोन बढ़ाते हैं जिससे महिलाओं की कामेच्छा बढ़ती है।
मेथी में मौजूद डायोसजेनिन और आइसोफ्लेवोन्स मेनोपॉस के दौरान महिलाओं के मूड को नियंत्रित करने में मददगार माना जाता है।

नोट: मेथी को विटामिन C के साथ जैसे टमाटर के साथ पकाने से शरीर में आयरन जल्दी घुलता है।
स्तनों के आकार को कम करने के घरेलू नुस्खे – How To Reduce Breast Size Naturally in Hindi
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छरहरी काया हर महिला को पसंद होती है और इस छरहरी काया को खूबसूरत बनाते हैं स्तनों के सही आकार। अगर स्तनों का आकार जरूरत से कम या ज्यादा हो, तो उससे महिला की खूबसूरती प्रभावित होती है। बढ़ते वजन, गर्भावस्था और अन्य कारणों से अक्सर स्तनों का आकार बढ़ जाता है। इन बड़े स्तनों के कारण कई बार महिलाएं अपने पसंद के कपड़े नहीं पहन पाती हैं और उन्हें असहज भी महसूस होता है। ऐसे में महिलाओं के मन में यह सवाल उठता है कि ब्रेस्ट कम कैसे करें? हालांकि, इसके लिए वो कई तरह के उपाय अपनाती हैं। यहां तक कि सर्जरी और दवाइयों तक की मदद लेती हैं, लेकिन इनका साइड इफेक्ट होने का खतरा रहता है। ऐसे में जरूरी है कि वक्त रहते स्तनों के आकार पर ध्यान देकर उन्हें सामान्य आकार में लाया जाए। इस लेख में हम स्तन कम करने के उपाय आपको बता रहे हैं, जो काफी आसान हैं।
विषय सूची

पहले हम यह जान लेते हैं कि स्तनों का आकार बढ़ने के कारण क्या हैं।

स्तनों के आकार बढ़ने के कारण – Factors That Affect The Breast Size in Hindi

स्तनों के आकार में वृद्धि होने के कई कारण है और उन्हीं में से कुछ कारण हम नीचे आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

अनुवांशिक – स्तनों के आकार में बदलाव के लिए आपके जीन्स अहम भूमिका निभाते हैं। यह उन हॉर्मोंस के स्तर को प्रभावित करते हैं, जो आपके ब्रेस्ट टिश्यू पर असर डालते हैं।

वजन – आपके स्तन छोटे हों या बड़ें, लेकिन एक बात जिसे हम अनदेखा नहीं कर सकते, वो यह कि आपके ब्रेस्ट टिश्यू फैट से बने होते हैं। इसलिए, जब वजन घटेगा या बढ़ेगा, तो आपके स्तनों का आकार भी उसी हिसाब से बदलेगा।

आयु – जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ती है आपके स्तनों के आकार में भी बदलाव आने लगता है। लिंगामेंट एक प्रकार के कनेक्टिव टिश्यू होते हैं, जो स्तनों की पकड़ बनाए रखने में मदद करते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ये कमजोर होने लगते हैं और परिणामस्वरूप स्तन ढीले हो जाते हैं।

स्तनपान – हॉर्मोन भी आपके स्तनों के आकार में बदलाव का एक कारण है। हॉर्मोन के उतार-चढ़ाव के कारण भी आपके स्तनों के आकार में बदलाव होते हैं। जब आप स्तनपान कराती हैं, तो भी आपके स्तनों का आकार बढ़ता है, लेकिन वक्त के साथ-साथ कम भी हो जाते हैं।


अब आपको स्तनों के आकार में बदलाव के कारण तो पता चल ही गए हैं, तो क्यों न अब स्तन कम करने के उपाय के बारे में जानें?

नीचे हम ब्रेस्ट कम करने के उपाय (How to reduce breast size in hindi) के बारे में बता रहे हैं। ये बहुत ही आसान घरेलू उपाय हैं।
1. मेथी


सामग्री

तीन चम्मच मेथी
पानी (आवश्यकतानुसार)

उपयोग करने की विधि

रातभर के लिए मेथी को पानी में भिगोएं।
अगले दिन मेथी को थोड़े पानी के साथ पीसकर पेस्ट बना लें।
अब इस पेस्ट को अपने स्तनों पर लगाएं।
फिर इसे सूखने दें और उसके बाद धो लें।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हफ्ते में तीन से चार बार यह पेस्ट लगाएं।

कैसे फायदेमंद है ?

मेथी में कई गुण हैं, जो आपके स्तनों के आकार को कम करने में मदद करेंगे। मेथी के पेस्ट को लगाने से आपके स्तनों को सही आकार मिलेगा और ज्यादा बड़े या झुके हुए नहीं नजर आएंगे (1)।
2. अलसी


Shutterstock

सामग्री
एक चम्मच पीसी हुई अलसी
एक गिलास गर्म पानी

उपयोग करने का तरीका
एक चम्मच अलसी के पाउडर को गर्म पानी में मिलाएं।
फिर इसे पिएं।
आप चाहें तो अलसी के पाउडर को अपने खाने या जूस में मिलाकर भी सेवन कर सकते हैं।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हर रोज एक बार इसका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है ?
अलसी में एस्ट्रोजन के स्तर को कम करने के गुण होते हैं (2), (3)। एस्ट्रोजन एक प्रकार का हॉर्मोन होता है, जो स्तनों की कोशिकाओं को फैलने में मदद करता है। जब एस्ट्रोजन का स्तर कम होता है, तो स्तनों का आकार भी कम होता है।
3. अदरक
सामग्री
एक चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक
एक कप पानी
शहद

उपयोग करने का तरीका
एक कप पानी में एक चम्मच कद्दूकस किया हुआ अदरक डालें।
फिर इस मिश्रण को एक बर्तन में डालकर उबालें।
इसे पांच मिनट के लिए उबलने दें और फिर छान लें।
अब इसे ठंडा करें और फिर शहद डालकर पिएं।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप इस चाय को पूरे दिन में दो से तीन बार पिएं।

कैसे फायदेमंद है ?

आपके स्तन मुख्य रूप से फैटी ऊतकों से बने होते हैं। अदरक की चाय का नियमित सेवन करने से आपका चयापचय दर (metabolic rate) बढ़ता है और आपके स्तनों में जमा फैट कम होने लगता है (4), (5)।
4. ग्रीन टी
सामग्री
एक चम्मच ग्रीन टी या एक ग्रीन टी का बैग
एक कप पानी
शहद

उपयोग करने का तरीका
एक कप पानी में ग्रीन टी डालें।
फिर इसे पांच मिनट के लिए उबाल लें।
चाय को थोड़ी देर के लिए ठंडा होने दें और उसके बाद शहद मिला लें।
उसके बाद इसे पिएं।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हर रोज तीन से चार बार ग्रीन टी का सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

ग्रीन टी एक अद्भुत उपाय है, जो आपके स्तनों के आकार को कम करने में मदद करता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो आपके शरीर के चयापचय दर (metabolic rate) को बढ़ाते हैं (6)। ब्रेस्ट कम करने के उपाय में यह एक आसान उपाय तो है ही, साथ ही इससे न सिर्फ स्तनों के आकार में बदलाव आएगा, बल्कि यह वजन कम करने और आपको स्वस्थ रखने में भी मदद करेगा।
5. नीम और हल्दी
सामग्री
मुट्ठीभर नीम के पत्ते
दो चम्मच हल्दी पाउडर
चार गिलास पानी
शहद
उपयोग करने का तरीका
नीम के पत्तों को पानी में डालकर पांच से दस मिनट के लिए उबाल लें।
जब यह मिश्रण पीने लायक गर्म हो जाए, तब इसमें दो चम्मच हल्दी और शहद मिला लें।
फिर इस मिश्रण को पिएं।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप कुछ महीनों तक इस मिश्रण को हर रोज पिएं।

कैसे फायदेमंद है ?

अगर आप गर्भावस्था के बाद या स्तनपान के बाद अपने स्तनों का आकार कम करना चाह रही हैं, तो यह घरेलू नुस्खा बहुत फायदेमंद हो सकता है। जब आप स्तनपान कराती हैं, तो सूजन के कारण आपके स्तनों का आकार बड़ा हो जाता है। नीम और हल्दी सूजन को और एक्स्ट्रा फैट को कम करने में मदद करता है और स्तनों के आकार को कम करता है (7), (8)।
6. गार्सिनिया कंबोजिया (Garcinia Cambogia)
सामग्री
300-500 mg गार्सिनिया कंबोजिया का सप्लीमेंट

उपयोग करने का तरीका
300-500 mg गर्सिनिआ कंबोजा के सप्लीमेंट का सेवन करें।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हर रोज तीन बार इसका सेवन कर सकते हैं।

कैसे फायदेमंद है ?

गार्सिनिया कंबोजिया में फैट बर्निंग गुण होते हैं। इसके नियमित सेवन से आपका चयापचय दर (metabolic rate) बढ़ता है, जिससे आपका वजन आसानी से कम हो सकता है (9)।
7. फिश ऑइल कैप्सूल
सामग्री
फिश ऑइल कैप्सूल (एक हजार mg)

उपयोग करने का तरीका
आप फिश ऑइल सप्लीमेंट का सेवन करें।
आप हर दूसरे दिन मछली को अपने खाने में शामिल भी कर सकते हैं।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हर रोज कम से कम एक बार इनका सेवन करें।

कैसे फायदेमंद है ?

फिश ऑइल में ओमेगा 3- फैटी एसिड मौजूद होता है। इन फैटी एसिड में एंटी-एस्ट्रोजन गुण मौजूद होते हैं, जो आपके शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को कम करते हैं (10)। इससे आपके स्तनों का आकार भी कम हो सकता है।
8. स्तनों की मालिश
सामग्री
मालिश के लिए गर्म तेल (नारियल या जैतून का तेल)

उपयोग करने का तरीका
गुनगुना नारियल या जैतून का तेल लें और अपने स्तनों पर लगाएं।
धीरे-धीरे दोनों स्तनों की सर्कुलर मोशन में मालिश करें।
आप 10 मिनट तक मालिश करें और फिर चाहें तो तेल को साफ कर लें।

कितनी बार उपयोग करें ?

आप हर रोज मालिश करें।

कैसे फायदेमंद है ?

हर रोज स्तनों की मालिश से आपके ब्रेस्ट टिश्यू में जमे फैट कम हो सकते हैं (11)।
9. डाइट
सिर्फ घरेलू नुस्खे ही नहीं, बल्कि आपकी डाइट भी आपके स्तनों के आकार को कम करने में अहम भूमिका निभाती है। अगर आप आहार में जरूरत से ज्यादा कैलोरी शामिल करते हैं, तो आपका वजन बढ़ने लगता है और इसी का नतीजा होता है कि आपके स्तन बड़े होने लगते हैं। इसलिए, ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करें, जो आपके फैट को कम करे। आप खाने में सब्जी, मछली व फलों को शामिल करें। साथ ही आप फैटी फूड जैसे – रेड मीट, चीज, क्रीम या तैलीय खाने से दूर रहें।
यहां ब्रेस्ट कम करने का तरीका तो आपने जान ही लिया, अब वक्त है ब्रेस्ट कम करने की एक्सरसाइज के बारे में जानने का।
10. ब्रेस्ट कम करने की एक्सरसाइज
जॉगिंग करना

किसी भी तरह की कार्डिओ एक्सरसाइज आपके शरीर के फैट को कम करने में मदद करती है। इसलिए, अपने स्तनों के आकार को कम करने के लिए रोज जॉगिंग करें, दौड़ें या साइकिल चलाएं। इससे न सिर्फ आपके स्तनों का आकार कम होगा, बल्कि आप तंदरुस्त भी महसूस करोगे।
कितनी देर के लिए एक्सरसाइज करें ?

आप हर रोज 20 से 30 मिनट के लिए एक्सरसाइज करें।
पुश-अप
पुश-अप करने से भी आपके स्तनों का आकार कम हो सकता है।

कितनी बार करें

हर रोज 15 से 20 पुश-अप करें।
स्विमिंग

स्विमिंग करने से आपके सीने और कंधों के मांसपेशियों पर असर पड़ता है। इससे आपके स्तनों को सही आकार मिलेगा।

कितनी देर ?

करीब 20 मिनट करें।
योग

योग से कई बीमारियां ठीक हो जाती हैं और यह वजन कम करने के लिए भी एक अच्छा उपाय है। आप अपने स्तनों के आकार को कम करने के लिए प्रणाम आसन, अर्ध चंद्रासना व मंडूकासन कर सकते हैं।

कितनी देर के लिए योग करें

हर योगासन को 10-20 सेकंड के लिए करें।

नोट : ऊपर दिए गए स्तन कम करने के उपाय में इस्तेमाल की गई किसी भी सामग्री से अगर आपको एलर्जी हो, तो उपयोग करने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ से जरूर पूछ लें। इसके अलावा, अगर किसी भी सामग्री के इस्तेमाल करने के बाद आपको खुजली, जलन या अन्य एलर्जी जैसी समस्या महसूस हो, तो उसका उपयोग तुरंत बंद करें और डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही जो भी एक्सरसाइज या योग करें, उसे अच्छे विशेषज्ञ से ट्रेनिंग लेने के बाद या ट्रेनर की देखरेख में ही करें। अगर किसी भी एक्सरसाइज या योग को करते वक्त या उसके बाद आपको असहज महसूस हो, तो उसे तुरंत बंद करें।

स्तनों के आकार कम करने के कुछ अन्य टिप्स

ब्रेस्ट कम करने के उपाय के साथ-साथ आप कुछ और टिप्स का भी ध्यान रख सकते हैं, जिनके बारे में हम यहां बता रहे हैं।
अपने खान-पान पर ध्यान दें यानि सही डाइट लें।
किसी भी तरह का प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी वाला खाना, सॉफ्ट ड्रिंक व तैलीय खाना न खाएं।
ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, ताकि आपका शरीर डिटॉक्सिफाई हो सके।
अपना वजन हमेशा चेक करते रहें।
ब्रेस्ट कम करने की एक्सरसाइज करने के साथ-साथ नियमित रूप से अन्य भी व्यायाम करें।
आप यहां बताए गए स्तन कम करने के उपायों को आजमाएं और सही खान-पान व अच्छी जीवनशैली को अपनाएं, क्योंकि सिर्फ ब्रेस्ट कम करने का तरीका ही नहीं, बल्कि सही दिनचर्या भी बहुत जरूरी है। इन उपायों को आजमाने के बाद अपने अनुभव हमारे साथ कमेंट बॉक्स में शेयर 



Vaginal Hygiene के लिए कुछ टिप्स


योनि में खुजली होना । आधी आबादी महिलाओं की समस्‍या है। वैसे तो ज्‍यादातर महिलाएं इस बारे में खुल कर बात नहीं करती मगर जब यह समस्‍या असहनिये बन जाती है तब जा कर कुछ महिलाएं अपना मुंह खोलती हैं। यह महिलाओं के लिए एक चिंताजनक समस्या है, खासकर अगर यह जीर्ड (क्रोनिक) रूप में होती है, और यह बहुत बड़ी असुविधा का कारण बन सकती है। आइए जानते है vaginal hygiene के लिए कुछ टिप्स। Read Vaginal Hygiene Tips in Hindi (Vaginal Hygiene Ke Liye Tips).


आगे से पीछे(वजाइना से एनस) की ओर पानी से धोएं। इसका उल्टा न करें क्योंकि एनस के बैक्टीरिया वजाइना में जाने से इन्फेक्शन का खतरा रहता है।
नर्म कपड़ा या टिश्यु लेकर खुद को सूखा रखें।
वेस्टर्न स्टाइल के पब्लिक टॉयलेट्स का इस्तेमाल न करें यदि उन्हें डिसइन्फेक्ट नहीं किया गया है। आप डिस्पोज़ेबल टॉयलेट सीट का इस्तेमाल कर सकते हैं।
सेनेटरी पैड्स समय पर बदलते रहें(हर4-6 घंटे में)।
हर साल एक बार गाएनिक से चेक-अप कराएं क्योंकि कुछ इन्फेक्शन ऐसे भी होते हैं जिनके लक्षण नज़र नहीं आते और हम उनके बारे में जानते भी नहीं।
एब्नार्मल वजाइनल डिस्चार्ज चेक करवाएं- (कपड़ों पर गाढ़े धब्बे/ खुजली युक्त दुर्गन्ध वाला डिस्चार्ज/पीला हरा या लाल रंग का) इत्यादि।
Healthy भोजन खाएं, Exercise करें और तनाव रहित रहें। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यदि अच्छी हो तो इन्फेक्शन से सुरक्षा होती है।
ज्यादा Strong साबुन, डिओ और Powder का इस्तेमाल ना करें।
Private parts को हौले हौले साफ़ करें न कि रगड़कर।
इंटिमेट वॉश माइल्ड और पी.ऍच बैलेंस्ड होते हैं। साबुन की जगह उनका इस्तेमाल रोज़ किया जा सकता है, सेक्सुअल इंटरकोर्स और टॉयलेट के पश्चात भी।
सूती इनर वियर पहनें और रोज़ दो बार बदलें। फैंसी सिंथेटिक इनर वियर से स्किन पर इरीटेशन हो सकती है।
टाइट कपड़े लम्बे समय तक ना पहनें जैसे स्किन टाइट जीन्स या टाइट अंडरवियर। सलवार आरामदायक होती है और स्किन को हवा भी मिलती है।
सेक्स के दौरान लुब्रिकेशन काम में लें(ज़रूरत के हिसाब से)। सूखे हिस्से पर रगड़ लगने से त्वचा छिल जाती है जो इन्फेक्शन का कारण बन सकती है।
इंटरकोर्स के बाद अपने प्राइवेट पार्ट्स को अच्छी तरह से साफ़ करें और सुखाएं।
प्यूबिक हेयर को समय समय पर साफ़ करें या छोटा रखें ताकि साफ़ रखना आसान हो।
डूशिंग(पानी की तेज़ धार से धोना) न करें,इससे इन्फेक्शन हो सकता है।
मोटी महिलाओं को इन्फेक्शन ज्यादा होते हैं, इसलिए वजन पर काबू रखें।
अगर आपके Partner को जेनाईटल या Urinary Infection है तो Sex Avoid करें।
Sexual Partner बदलने की प्रवृत्ति न रखें।

महिलाओं को बरसात के दिनों में होने वाली परेशानियां (Difficulties Faced by Ladies in Monsoon)

वर्षाकाल में होने वाली नमी से फफूंद होने के कारण यीस्ट इन्फेक्शन होता है। हो सकता है गीले वस्त्र बदलने का मौका भी न मिले। बाढ़ के दिनों में कमर तक चढ़े पानी में से निकलने से भी वजाइना में इन्फेक्शन होता है।
वजाइनल हाइजीन से जुड़े मिथक (Myth Related to Vaginal Hygiene)

टेलकम पाउडर रोजाना इस्तेमाल करना चाहिए।

रगड़कर बेहतर साफ़ किया जाता है।

डूशिंग आपको साफ़ रखता है।

साबुन से साफ़ करना चाहिए। वजाइना एसिडिक होता है और इसमें कुदरती Healthy Bacteria होते हैं जो इन्फेक्शन से बचाते हैं। साबुन रसायन युक्त होते हैं जो P-H balance और Healthy Bacteria को disturb करते हैं। साथ ही साबुन में Strong तत्व होते हैं जिनसे खुजली हो सकती है। इसलिए नाज़ुक स्थान को एक जेंटल P-H balance वाला Cleanser चाहिए होता है , जो नुकसान पहुंचाने वाले Bacteria और फफूंद को ख़तम कर सके।


जाने क्या है Vaginal Discharge में दुर्गन्ध के कारण


महिलाओं में Vaginal Discharge आम बात है। Vaginal Discharge के अलग अलग type हैं जो इन्फेक्शन हो सकते हैं। डिस्चार्ज अगर गाढा हो और पीली या हरी रंगत लिए हुए हो, और उसमें दुर्गन्ध भी हो तो ये असामान्य की श्रेणी में आता है। इसके अलावा और भी तकलीफदायक लक्षण हैं। Read about of Smell in Vaginal Discharge in Hindi (Vaginal Discharge Me Smell Ke Karan).


बैक्टीरियल इन्फेक्शन (Bacterial Infection)

किसी भी डिस्चार्ज के दुर्गन्धपूर्ण और असामान्य होने की वजह है इन्फेक्शन। ये तब होता है जब एक ख़ास किस्म के माइक्रो-ओर्गेनिज्म की वृध्धि होती है। ये असंतुलन इन्फेक्शन पैदा करता है। ये बैक्टीरियल संक्रमण वेजाइना के अन्दर बढ़ता जाता है और तकलीफ बढ़ जाती है। गाय्नेकोलोजिस्ट से चेक करवाना ही इस इन्फेक्शन को पता करने का एकमात्र तरीका है।


सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज/एस.टी.डी. (Sexualy Transmitted Disease)

वेजाइना की दुर्गन्ध का एक और कारण है एस.टी.डी.। एक से ज्यादा व्यक्ति के साथ शारीरिक सम्बन्ध या कई बार प्रोटेक्शन के बिना सेक्स करने से ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है। ज्यादा गर्भ निरोधक गोलियां खाने से भी वेजाइनल डिस्चार्ज होता है।


Vaginal Atrophy

Vaginal atrophy भी दुर्गन्धपूर्ण डिस्चार्ज से सम्बंधित है। ये तभी होता है जब आप मेनोपॉज की स्टेज में पहुँच गयी हों। ऐसे वक़्त में हमेशा डॉक्टर की सलाह की राय दी जाती है। मैडिटेशन इस वक़्त मायने रखता है।


Cervical Cancer

Cervical cancer एक आम बीमारी हो गई है और कई महिलाएं इसकी वजह से मौत के मुँह में चली गई हैं। वेजाइनल डिस्चार्ज इसका एक लक्षण है।


लक्षण (Symptoms of Vaginal Discharge)

दुर्गन्धपूर्ण वेजाइनल डिस्चार्ज के कई लक्षण हैं। आपकी जानकारी के लिए कुछ लक्षण यहाँ बताये जा रहे हैं:


रक्तिम या भूरा (Bloody or Brown Discharge)

अगर आपका वेजाइनल डिस्चार्ज रक्तिम या भूरा है तो या तो आपका मेन्स्त्रुअल साइकिल अनियमित है, या आपको सर्वाइकल कैंसर या एन्दोमेत्रिअल कैंसर है। इसके साथ होने वाले लक्षणों में वेजाइनल ब्लीडिंग और पेल्विक पेन भी हैं।


पीला (Yellow Discharge)

अगर आपका डिस्चार्ज पीला या सफ़ेद है तो इसके साथ होने वाले लक्षणों में दो पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग होना, पेल्विक पेन और पेशाब न रोक पाने जैसी स्थिति होगी।


गुलाबी (Pink Discharge)

गुलाबी डिस्चार्ज का मतलब है बच्चे के जन्म के दौरान यूट्रीन की लाइनिंग का बिखरना। ये सिर्फ प्रेगनेंसी के वक्त होता है।

गाढ़ा एवं खमीरी (Yeast Infection and Thick Discharge)

गाढ़ा, सफ़ेद और पनीर की तरह दिखने वाला डिस्चार्ज यीस्ट इन्फेक्शन की ओर इशारा करता है। इसके साथ और भी लक्षण होते हैं जैसे योनी के आसपास दर्द, खुजली, सेक्स के दौरान दर्द आदि।


पीला और अजीब गंध वाला (Pale and Strange Smelling Discharge)

आखिरी लक्षण है पीला और अजीब गंध वाला, इसमें खुजली होती है और वेजाइना में सूजन आ जाती है और योनी लाल हो जाती है।

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