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घर बैठे चेक करें फिटनेस,

घर बैठे चेक करें फिटनेस, जानें कौन सी बीमारियों का है खतरा


हर कोई लंबी हेल्दी लाइफ जीना चाहता है लेकिन इंसान की लाइफ कितनी बड़ी है, इस बात का पता कोई नहीं लगा सकता। वैज्ञानिकों का कहना है कि रोजाना अगर आप कुछ ऐक्टिविटीज आसानी से कर ले जाते हैं इसका मतलब है कि आप हेल्दी हैं। चेक करें ये चार ऐक्टिविटीज...
एक पैर पर बैलेंस करना


यह सुनकर अजीब लग सकता है लेकिन अगर आप एक पैर पर बैलेंस बना लेते हैं तो इसका मतलब है कि आपका दिमाग हेल्दी है। टाइमर लगाकर एक पैर पर खड़े हों और चेक करें कि क्या आप 60 सेकंड्स तक ऐसा कर सकते हैं। अगर आप 20 सेकंड के बाद ही गिर गए तो मतलब है आपको दिमाग से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जापान में हुई एक स्टडी के मुताबिक, जो वयस्क इस पोजिशन में नहीं खड़े रह पाए उन्हें वक्त के साथ दिमाग में माइक्रोब्लीड समस्या का सामना करना पड़ा। यह माइक्रोब्लीड ब्रेन से जुड़ी बड़ी समस्या की तरफ इशारा होता है।

कितनी जल्दी सीढ़ियां चढ़ सकती हैं आप


एक रिसर्च के मुताबिक, अगर बिना रुके चार बार सीढ़ियां चढ़ सकते हैं तो आप लंबी उम्र जिएंगे। स्टडी में सामने आया कि हेल्दी लोग यह टेस्ट बिना रुके 1 मिनट में कर लेते हैं। जिन्हें यह टास्क पूरा करने में दिक्कत आती है उनमें हार्ट प्रॉबल्म से मरने की संभावना तीन गुनी और कैंसर से मरने की संभावना दो गुनी हो सकती है।
चेयर टेस्ट

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अपनी कुर्सी पर बैठें फिर खड़े हो जाएं। ऐसा 10 बार करें और देखें कि इसे पूरा करने में आपको कितना टाइम लगता है। यूनाइटेड किंगडम में हुई एक स्टडी के मुताबिक, जो वयस्क 21 सेकंड्स में 10 बार या इससे कम में ऐसा कर लेते हैं वे लोग ज्यादा वक्त लेने वालों की तुलना में लंबी उम्र जीते हैं। ऐसा करने के लिए आपकी लोअर बॉडी मसल्स स्ट्रेंथ, बैलेंस, और कार्डियो रिस्पिरेटरी फिटनेस अच्छी होनी चाहिए।
पैर के अंगूठे को छुएं

फर्श पर बैठ जाएं, पैर सीधे करें और अपने पैर का अंगूठा छूने की कोशिश करें। अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे इसका मतलब है कि आपको कार्डियोवस्कुलर प्रॉब्लम होने का रिस्क है।

कान छिदवाना सेहत के लिए भी है फायदेमंद, जानें कैसे

कान छिदवाने के हैं कई फायदे

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कान छिदवाने की परंपरा सदियों पुरानी है। पुरातन काल में सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुष भी कान छिदवाकर कानों में कुंडल पहना करते थे। इस परंपरा को हमारी सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में अगर आप सोचती हैं कि कान छिदवाना सिर्फ फैशन के लिए और अच्छा दिखने के लिए किया जाता है तो आप गलत हैं। इसके पीछे कई वैज्ञानिक कारण भी हैं और कान छिदवाना सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद है। यहां जानें इसके कई फायदों के बारे में...
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​हेल्दी मेन्स्ट्रुअल साइकल


आयुर्वेद की मानें तो कान के बाहरी भाग में सेंटर का हिस्सा सबसे अहम पॉइंट होता है। यह एक ऐसा हिस्सा है जो प्रजनन संबंधी सेहत के लिए सबसे अहम माना जाता है। इतना ही नहीं कान छिदवाने से महिलाओं का मेन्स्ट्रुअल साइकल यानी मासिक धर्म भी सही और हेल्दी बना रहता है।
​ब्रेन का होता है बेहतर विकास


अगर छोटी उम्र में ही बच्चों के कान छिदवा दिए जाएं तो उनके ब्रेन का विकास बेहतर तरीके से होता है। ईयर लोब्स यानी कान के बाहरी हिस्से में मध्याह्न पॉइंट होता है जो ब्रेन के लेफ्ट हेमिस्फियर को राइट हेमिस्फियर से जोड़ने का काम करता है। कान के इस हिस्से में छेद करवाने से ब्रेन के ये हिस्से ऐक्टिवेट हो जाते हैं। ऐक्युप्रेशर थेरपी का सिद्धांत भी यही कहता है कि जब इस मेरिडियन पॉइंट को उत्तेजित किया जाता है तो ब्रेन का जल्दी और हेल्दी तरीके से विकास होता है।

​आंखों की रोशनी रहती है बेहतर

कान के सेंटर पॉइंट पर ही आंखों की रोशनी का सेंटर निर्भर करता है। ऐसे में इन पॉइंट्स पर छेद करवाने के बाद पड़ने वाले प्रेशर की वजह से आइसाइट यानी आंखों की रोशनी बेहतर होती है।
​सुनने की क्षमता होती है मजबूत

आयुर्वेद की मानें तो कान में जहां छेद करवाया जाता है वह सबसे अहम ऐक्युप्रेशर पॉइंट है जो बच्चे के सुनने की क्षमता को मेनटेन करने में अहम रोल निभाता है। ऐक्युप्रेशर एक्सपर्ट्स की मानें तो कान में झनझनाहट जैसी समस्याओं से छुटकारा दिलाने में अहम रोल निभाता है कान में छेद वाला स्पॉट।
तनाव और घबराहट भी होगी दूर

कान छिदवाने से ब्रेन का हेल्दी डिवेलपमेंट तो होता ही है, साथ ही साथ ईयर पियरसिंग की वजह से मिर्गी जैसी समस्याओं को भी रोकने में मदद मिलती है। ऐक्युप्रेशर थिअरी की मानें तो यह हिस्सा ब्रेन के मास्टर सेरेब्रल का हिस्सा भी होता है जो ब्रेन के ज्यादातर फंक्शन्स की जिम्मेदारी लेता है। ऐसे में इस तरह के पॉइंट पर छेद करवाकर प्रेशर डालने से ऐंग्जाइटी, तनाव और घबराहट जैसी समस्याओं को दूर रखने में मदद मिलती है।

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