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प्राकृतिक उपचार के ऐसे तरीके दूर भगा देते हैं पीठ का दर्द।


प्राकृतिक उपचार के ऐसे तरीके दूर भगा देते हैं पीठ का दर्द।

पीठ का दर्द सामान्य परिस्थितियों के चलते हुए हो या फिर किसी आंतरिक रोग के कारण, दोनों ही पीड़ादायक होता है। मसलन एक जगह कमर को झुकाए हुए बैठने या उकड़ू खड़े होने की आदतें कई बार इंसान के पीठ में दर्द पैदा कर देती हैं। पीठ शरीर का ऐसा भाग होता है जो सीधा कमर और सीने की हड्डियों से जुड़ा होता है। एक तरफ करवट लेने, ज्यादा वजनी सामान उठाने के चलते भी ऐसी दर्द हो जाता है। कई आंतरिक विकृतियों के चलते भी पीठ दर्द भयानक रूप धारण कर लेता है। हालांकि दर्द होते ही लोग आधुनिक पेन किलर का इस्तेमाल करने से बाज नही आते जो आगे चलकर शरीर को भारी नुकसान पहुंचाता है।

पीठ दर्द के लिए घरेलू उपचार वाकई काबिलेतारीफ होते हैं बस इनके सही और सटीक सेवन की जरूरत होती है। अन्य दवाओं के इतर यह व्यवस्था बेहद सस्ती ओर सुलभ होती है जो आपके किचन में मौजूद होती है।
शहद और अदरक दूर करे पीठ दर्द

पीठ दर्द में घर उपचार के लिए अदरक बेहद काम की चीज होती है। अदरक ऐसी प्राकृतिक पेन किलर मानी जाती है जिसका असर शरीर पर चंद मिनटों में हो जाता है। अदरक के अर्क को कई रूपों में उपयोग में लाया जाता है। पीठमें दर्द के दौरान एक चम्मच अदरक के अर्क में एक चम्मच देशी शहद मिलाकर दिन में 2 बार इस्तेमाल करने से दर्द में आराम होने लगता है। इसके अलावा अदरक की चटनी बनाकर इस्तेमाल में लाने से हड्डियों को भरपूर मात्रा में कैल्शियम की आपूर्ति होती है। हड्डियों में नई ऊर्जा और मज्जा में फ्लूड की हिफाजत करने में भी अदरक का बेहद अहम योगदान होता है। अदरक को सलाद और सब्जियों में मिलाकर रोजाना इस्तेमाल करने से पीठ का दर्द दूर होने लगता है।
तुलसी के पत्तों से भगाएं पीठ दर्द
पीठ दर्द घर उपचार के लिए तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल बेहद असरदार होता है। करीब 20 तुलसी के पत्तों को एक कप पानी मे डालकर उबालें। जब पानी की आधा कप मात्रा बची रह जाये तब उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर गुनगुने रूप में सेवन करें। ऐसा दिन में करीब दो बार इस्तेमाल में लाएं। एक सप्ताह के भीतर दर्द दूर होने लगता है। तुलसी के पत्तों में यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकलने की क्षमता होती है। पीठ दर्द के दौरान तुलसी के पत्तों को पीसकर दर्द वाली जगह पर लेपन करने से भी काफी राहत मिलती है। तुलसी के पत्तों को काढ़ा बनाकर पीने से भी काफी आराम मिलता है।
पीठ दर्द में महुआ से सिंकाई के फायदे

महुआ वैसे तो कई रोगों में औषधि का काम करती है। पीठ दर्द के दौरान महुआ को तवे पर गर्म करके एक कपड़े में बांध लें। अब इसे एक पोटली नुमा बनाकर पीठ की सिंकाई करें। यह सिंकाई ट्यूबरक्लोसिस जैसे रोगों में भी दर्द के दौरान काफी लाभ पहुंचाने वाला होता है। महुआ को तवे पर भूनकर खाने से भी दर्द में आराम प्राप्त होता है।
हल्दी देती है पीठ दर्द में राहत

हल्दी में मौजूद एंटीबायोटिक और एन्टी इन्फ्लामेट्री तत्व जहां पीठ की हड्डियों को दर्द से निजात दिलाते हैं तो इसमें मौजूद कर्कुमिन नामक यौगिक हड्डियों के नर्म ऊतकों की क्षति होने से बचाता है। हल्दी के पेस्ट को चोट के दौरान तुरन्त लगाने से मांसपेशियों के ऊतकों को नष्ट होने से तो बचाता ही है अपितु मांसपेशियों में रक्त संचार भी करता है। चोट लगने पर हल्दी के पेस्ट में हल्का सेंधा नमक मिलाकर गर्म करें और चोट की जगह पर लेप दें। इससे मांसपेशियों में रक्त के थक्के नही बनते और हड्डियों को जरुरी रक्त संचार मिलता रहता है।
पीठ दर्द में सोंठ के फायदे

पीठ दर्द का घरेलू उपचार में सोंठ का बड़ा महत्व होता है। सोंठ प्राकृतिक पेन किलर माना जाता है। इसके सेवन से कफ और वात जैसे रोगों से निजात मिलती है। कई बार कफ बनने से भी पीठ दर्द की समस्या हो जाती है। सोंठ की आधी चम्मच मात्रा के साथ अजवाइन और देसी गुड़ का काढ़ा बनाकर दिन में 2 बार सेवन करने से पीठ और सीने के दर्द में काफी राहत प्राप्त होती है। इसके अलावा एक चम्मच सोंठ में एक चम्मच नारियल तेल मिलाकर आधे कप पानी मे उबालकर दिन में 2 बार एक चम्मच मात्रा का सेवन हड्डियों में नई ऊर्जा का संचार कर उन्हें नई ताकत प्रदान करने का काम करता है। पीठ दर्द के दौरान करीब एक सप्ताह तक इस नुस्खे का सेवन काफी असरदार साबित होता है।
कपूर और प्राकृतिक तेल से मालिश

कपूर, राई और तिल के तेल की बराबर मात्रा लेकर इसे हल्की आंच पर गर्म कर लें। पीठ दर्द के दौरान इस पेस्ट की मालिश काफी असरदार होती है। इस पेस्ट को सीने के साथ ही पीठ में दर्द की जगह पर दिन में 2 बार मालिश करने से से दर्द दूर होने लगता है।
पीठ दर्द घरेलू उपचार में असरदार है अजवाइन

अजवाइन एक ऐसा तत्व है जो कई रूपों में इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन पानी के साथ नीबू का सेवन जहां वात जैसे रोगों से छुटकारा दिलाता है तो दूसरी तरफ मोटापा जैसे रोगों पर भी नियंत्रण करता है। मोटापा कम होने पर हड्डियाँ घर्षण नही करती और पीठ जैसे दर्द से निजात मिलती है। पेय के इतर इसकी पोटली से दर्द की जगह सिंकाई करने से भी खास आराम प्राप्त होता है। करीब 10 ग्राम अजवाइन को तवे पर हल्का भून लें। अब इसे सूती कपड़े में रखकर पोटली बना लें। इस पोटली को पीठ दर्द के स्थान पर सिंकाई करें। ऐसा दिन में 2 बार अमल में लाने से दर्द तो दूर होता ही है बल्कि मांसपेशियों में नई ऊर्जा और रक्त संचार बढ़ने से हड्डियों में मौजूद फ्लूड सक्रिय हो जाते हैं और दर्द दूर होने लगता है।
वाकई में पीठ दर्द के लिए घरेलू उपचार काफी असरदार होते हैं। आम परिस्थितियों में ऐसे नुस्खे आराम तो देते हैं लेकिन भयंकर स्थिति वाले दर्द में तुरंत चिकित्सक की राय लेकर उपचार आरम्भ कर देना ही सबसे श्रेष्ठ होता है।

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