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मुंहासे होने के ऐसे कारण जिनसे आप है अनजान!

मुंहासे होने के ऐसे कारण जिनसे आप है अनजान!

मुंहासे आपके चेहरे की सुंदरता को कम कर देते हैं। चेहरे पर मुंहासे होने के ऐसे कई कारण हैं जिन्हें आप जानते हैं। कॉस्मेटिक डर्मटोलोजिस्ट डॉक्टर जयश्री शरद आपको मुंहासे होने के कुछ ऐसे कारण बता रही हैं जिनके बारे में शायद ही आपने पढ़ा या सुना हो।



हार्मोन- हार्मोनल असंतुलन के कारण भी मुंहासे होने का खतरा होता है। यही कारण है कि कई महिलाओं को पीरियड्स शुरू होने से पहले मुंहासे होने लगते हैं।




हेयर प्रोडक्ट्स- ऑयल, जेल और सीरम जैसी चीजों के माथे या गालों पर लगने की वजह से भी आपको मुंहासे हो सकते हैं। इसलिए मुंह धोने के बाद ही ऐसे प्रोडक्ट लगाएं।



तनाव- तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन जारी होता है, जो सिबेशस ग्लैंड द्वारा सीबम या ऑयल प्रोडक्शन को बढ़ाता है जिस वजह से आपके चेहरे पर मुंहासे हो जाते हैं।


कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स- ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स जिनमें शिया बटर, कोका बटर या मिनरल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है उससे भी आपको वाइटहेड्स हो सकते हैं।




तापमान- गर्म और उमस भरे मौसम के दौरान भी मुंहासे होने का अधिक खतरा रहता है। इस दौरान धूल मिट्टी और पसीने की वजह से ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स हो सकते हैं।



दवाएं- स्टेरॉयड और लिथियम जैसी दवाओं से भी पिंपल्स हो सकते हैं। बॉडीबिल्डर या एथलीट एनाबोलिक स्टेरॉयड लेते हैं जिससे उनके शोल्डर्स, आर्म्स, चेस्ट और बैक पर मुंहासे हो जाते हैं।



आनुवंशिक गड़बड़ी- अगर आपके परिवार में किसी को इसकी समस्या रहती है, तो संभव है कि आपको भी मुंहासे हो सकते हैं। इससे बचने के लिए त्वचा की देखभाल बहुत जरूरी है।



देर तक फोन का यूज- कई लोग घंटों फोन पर बात करते हैं जिस वजह से कान के नीचे और गाल पर पसीना आने लगता है। पसीने और स्किन पर जमी धूल की वजह से आपको वाइटहेड्स होने का खतरा रहता है।



डेरी प्रोडक्ट- डॉक्टर शरद के अनुसार, डेरी उत्पाद और ऐसी चीजें जिनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा अधिक होती है उनसे मुंहासे होने का खतरा अधिक होता है। डेरी उत्पाद एण्ड्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ा देते हैं जो कि मुंहासों का कारण बनता है।

हेल्दी स्किन के लिए आपके ब्यूटी प्रोडक्ट में ज़रूर होने चाहिए ये 


खूबसूरती बढ़ाने के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल आज कल हर कोई करता है लेकिन कई बार लोग विज्ञापनों की चपेट में आकर गलत प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। वहीं कई बार लोगों को इतने सारे प्रोडक्ट देखकर यह समझ ही नहीं आता है कि आखिर उनके लिए सही प्रोडक्ट कौन सा है। अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं तो परेशान न हों काया लिमिटेड की वाईस प्रेसिडेंट एंड हेड संगीता वेलास्कर यहाँ बता रही हैं कि कोई ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसमें मौजूद चीजों की जांच कर लें. चलिये ब्यूटी प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली कुछ यौगिकों के बारे में जानते हैं।



कोलेजन (Collagen): स्किन में मौजूद यह प्रोटीन आपकी त्वचा को जवां बनाये रखता है। हालांकि जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे इसका उत्पादन कम होने लगता है जिस वजह से स्किन में झुर्रियां पड़ने लगती हैं। इसलिए ऐसे प्रोडक्ट का चुनाव करें जिसमें कोलेजन मौजूद हो जिससे आपकी स्किन पर झुर्रियां न पड़ें।





ऐसिटल हेक्सापेप्टाइड 8 (Acetyl hexapeptide 8) : यह एक तरह का न्यूरोपेप्टाइड है जो चेहरे की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है जिस वजह से चेहरे पर लाइन और झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। इसलिए प्रोडक्ट खरीदते समय यह चेक कर लें कि उसमें यह यौगिक मौजूद है या नहीं।


ग्लायकोलिक एसिड (Glycolic acid) : इस एसिड के मॉलिक्यूल बहुत ही छोटे हैं जिस वजह से ये स्किन में बहुत अंदर तक चले जाते हैं। चेहरे पर से मुहांसे, ब्लेकहेड्स हटाने में यह काफी असरदार है साथ ही यह ऑयली स्किन वालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसलिए हमेशा ऐसा प्रोडक्ट चुनें जिसमें ग्लायकोलिक एसिड मौजूद हो।




हयाल्युनोरिक एसिड (Hyaluronic Acid) : जब कोलेजन प्रोटीन की सिंथेसिस ठीक से नहीं हो पाती है तो चेहरे पर झुर्रियां बहुत अधिक दिखने लगती हैं साथ ही चेहरे का निखार भी खत्म होने लगता है। ऐसे में हयाल्युनोरिक एसिड कोलेजन सिंथेसिस को ठीक रखने में मदद करता है जिससे चेहरे की नमी बरक़रार रहती है और ग्लो बना रहता है। इसलिए ब्यूटी प्रोडक्ट में इस एसिड की मौजूदगी ज़रूर चेक कर लें।


देर से उठी हैं, आंखों में नींद भरी है? 2 मिनट में ऐसे दिखें फ्रेश 


क्या आपको रोजाना देर से उठने की आदत है? ऐसे में ऑफिस के लिए जल्दबाजी में तैयार होना पड़ता है। जिस वजह से आपका चेहरा दिनभर नींद से भरा नजर आता है और चेहरे की रौनक उड़ी रहती है। हम आपको कुछ आसान टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप सिर्फ दो मिनट में चेहरे की खोई हुई रंगत पा सकते हैं। 



अपने चेहरे पर फेस स्प्रे या गुलाब जल छिड़कें। इससे आपका फेस फ्रेश दिखेगा और आप नींद से भरे हुए नहीं दिखेंगे। इतना ही नहीं इसे लगाने के बाद आपकी आंखें सूजी हुई नहीं दिखेंगी। 


आइब्रो चेहरे का अहम हिस्सा हैं। इसलिए अगर जल्दी से ऑफिस के लिए निकलना है, तो सबसे पहले आइब्रो को शेप दें। इससे आपकी आंखों की सूजन छिप जाएगी। 



उठने के बाद चेहरा खासकर आंखों के नीचे का हिस्सा सूजा हुआ नजर आता है। इसलिए उठते ही अपने चेहरे पर बर्फ का टुकड़ा रगड़े। इससे आप फ्रेश महसूस करेंगी। 

आपको पूरा मेकअप करने की जरूरत नहीं है। आप अपनी आंखों में केवल मस्कारा लगा सकती हैं। इसे लगाने से आपकी पलकें लंबी नजर आती हैं और आंखें बड़ी दिखती हैं। 


कंसीलर स्किन की सभी खामियों के छिपाने के लिए बेहतर चीज है। इसे लगाने के बाद आपका चेहरा साफ-सुथरा नजर आता है और आपके चेहरे पर नींद नजर नहीं आती है।


क्या आप हमेशा अच्छा खाने की सोचते हैं? आप हैं इस बीमारी के शिकार




जब भी हम खानों से जुड़ी किसी डिसऑर्डर के बारे में बात करते हैं तो सबसे पहले एनोरेक्सिया और बुलिमिया का नाम ही आता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा हेल्दी चीजें खाने की आदत भी एक बीमारी है। इस मानसिक बीमारी को ओर्थोरेक्सिया (Orthorexia) नाम से जाना जाता है। हाल ही में कुछ वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह बताया कि ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज किसी सामान्य आदमी की तुलना में कैसे अलग है। आइये जानते हैं ओर्थोरेक्सिया के कुछ ख़ास लक्षणों के बारे में




क्या आप कोई भी चीज खाते समय उसकी कैलोरी के बारे में ही सोचते रहते हैं? अगर ऐसा है तो समझ लें कि आप भी ओर्थोरेक्सिया के शिकार हैं क्योंकि कुछ लोग इस हद तक अपनी कैलोरी को लेकर चिंतित रहते हैं कि वे दिन भर जो भी खाते हैं उससे मिलने वाली कैलोरी की मात्रा नोटबुक में नोट करते रहते हैं और उसे हमेशा चेक करते रहते हैं।




अगर आप भी ग्रोसरी स्टोर में जाने के बाद इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं कि कौन-सा फ़ूड आर्गेनिक है और किसी भी प्रोडक्ट में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है और उनके क्या क्या फायदे हैं तो यह भी ओर्थोरेक्सिया का ही एक लक्षण है।





ऐसे लोग हमेशा ठीक तरीके से खाना खाते हैं और खाते समय साफ़ सफाई को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं और इसी कारण कई बार ये अपने परिवार वालों के साथ भी लंच या डिनर नहीं करते हैं। ऐसे लोग अकेले में खाना खाना ज्यादा पसंद करते हैं।

अगर आप हर समय खाने की प्यूरिटी को लेकर चिंतित रहते हैं कि पता नहीं इस रेस्टोरेंट में कैसा खाना मिलेगा या इसकी क्वालिटी कैसी होगी। साथ ही अच्छा साफ़ सुथरा खाना देखकर आपके चेहरे पर स्माइल आ जाती है तो जान लें कि यह भी ओर्थोरेक्सिया का ही एक लक्षण है।

हर कोई हेल्दी खाना खाते खाते बोर हो जाता है और बीच में किसी दिन कुछ अच्छा अपनी पसंद की चीज खाना चाहता है। लेकिन अगर आपको यह याद ही नहीं आ रहा है कि आपका पिछला चीट डे कब था और लास्ट टाइम कब आपने कोई अनहेल्दी चीज़ खायी थी तो समझ लें कि आप अपने हेल्थ गोल को लेकर बहुत ज्यादा सीरियस हैं और हो सकता है कि आप ओर्थोरेक्सिया के शिकार हों।

ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज को ऐसा लगता है कि इतना प्योर और अच्छी क्वालिटी वाला खाना खाने से उनकी पर्सनालिटी भी काफी प्योर होती जा रही है और इससे वे एक बेहतर इंसान बन रहे हैं। अगर अपनी खानपान की आदतों और च्वाइस पर आपको घमंड है तो जान लें कि आप भी ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित हैं।



ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज को खाने वाली चीज के स्वाद से कोई मतलब नहीं होता है बल्कि उन्हें सिर्फ उसकी क्वालिटी और प्यूरिटी से मतलब होता है। ऐसे लोग हर उस चीज को खा लेते हैं जिनका स्वाद तो बुरा होता है लेकिन उसमें पोषक तत्व बहुत ज्यादा होते हैं।

कई लोगों को जब तेज खांसी होती है तो उसके साथ गले से थूक के साथ बलगम कफ़ भी बाहर निकलता है जो यह दर्शाता है कि आपके शरीर में इस समय कोई न कोई गड़बड़ ज़रूर है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि बलगम के रंग से भी यह पता लगाया जा सकता है कि आप किस बीमारी के शिकार हैं। मुंबई स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के कंसलटेंट फिजिशियन डॉ. प्रदीप शाह यहां बता रहे हैं कि बलगम का अलग अलग रंग का होना क्या दर्शाता है।

सुबह सुबह हैवी ट्रैफिक से गुजरते हुए ऑफिस जाना और वहां पर घंटों टेंशन में काम करना फिर शाम को उसी ट्रैफिक जाम में फंसते हुए वापस घर पहुंचना आज कल की आम लाइफस्टाइल है और इसी कारण आप बहुत थक जाते हैं। इस थकावट को दूर करने के लिए आप योग का सहारा भी ले सकते हैं। जाने माने योगा एक्सपर्ट शमीम अख्तर यहां ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में बता रहे हैं जिससे आप आसानी से अपनी थकान मिटा सकते हैं।




प्रणामासन या प्रेयर पोज: इस योगासन की खासियत यह है कि इसे आप कभी भी कर सकते हैं और इसे करना बहुत ही आसान है। इस योगासन से आपको उर्जा मिलती है साथ ही यह आंखों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसे करने के लिए दोनों हथेलियों को प्रणाम वाली मुद्रा में रखें और इसे अपने सिर के ऊपर ठीक बीचोबीच में रख दें। कुछ देर इसी पोजीशन में टिके रहें और गहरी सांसे लें।




प्राण मुद्रा: यह योगासन स्ट्रेस को दूर भगाने और थकान मिटाने में बहुत असरदार है। इसे करने के लिए आंखें बंद करके बैठ जायें और लिटिल फिंगर और रिंग फिंगर के टिप को एक साथ अंगूठे से छुएं। 3-5 मिनट तक इस पोजीशन में बने रहें और फिर इसे दूसरे हाथ की उंगलियों से दोहरायें।

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पृथ्वी मुद्रा: अगर आप हाइपरटेंशन की समस्या से पीड़ित हैं तो यह योगासन आपके लिए कारगर साबित हो सकता है। ध्यान करने की मुद्रा में बैठ जायें और आंखें बंद का लें। अब रिंग फिंगर के टिप को अंगूठे से छुएं और 3-5 मिनट तक इस पोजीशन में बने रहें। इसे एक ही साथ दोनों हाथो से करें।




सूर्य मुद्रा: यह बहुत ही आसान सा योगासन है और इससे थकान मिटने के अलावा आपके फोकस करने की क्षमता भी बढ़ती है। इसे करने के लिए सुखासन में बैठ जायें और अपनी आंखों को बंद कर लें। अब अपनी तर्जनी उँगली के टिप को अंगूठे से दबाएं और कुछ देर इसी पोजीशन में बने रहते हुए गहरी गहरी सांसे लें। इस पूरी प्रक्रिया को दिन में कई बार दोहरायें।




उज्जयी ब्रेथ : इस ब्रीथिंग तकनीक की मदद से आप थकान और स्ट्रेस दोनों को दूर कर सकते हैं। सुखासन में बैठ जायें और अपने गले पर हल्का दवाब बनाते हुए सांस ऐसे अंदर लें जिसमें सांसो की अंदर जाने की आवाज सुनाई दे । अब इसी साउंड के साथ सांसो को बाहर भी भेजें। इस तरह कम से कम अगले 10 मिनट तक सांसे लें।




मुंहासे होने के ऐसे कारण जिनसे आप है अनजान!

मुंहासे आपके चेहरे की सुंदरता को कम कर देते हैं। चेहरे पर मुंहासे होने के ऐसे कई कारण हैं जिन्हें आप जानते हैं। कॉस्मेटिक डर्मटोलोजिस्ट डॉक्टर जयश्री शरद आपको मुंहासे होने के कुछ ऐसे कारण बता रही हैं जिनके बारे में शायद ही आपने पढ़ा या सुना हो।



हार्मोन- हार्मोनल असंतुलन के कारण भी मुंहासे होने का खतरा होता है। यही कारण है कि कई महिलाओं को पीरियड्स शुरू होने से पहले मुंहासे होने लगते हैं।




हेयर प्रोडक्ट्स- ऑयल, जेल और सीरम जैसी चीजों के माथे या गालों पर लगने की वजह से भी आपको मुंहासे हो सकते हैं। इसलिए मुंह धोने के बाद ही ऐसे प्रोडक्ट लगाएं।



तनाव- तनाव के कारण कोर्टिसोल हार्मोन जारी होता है, जो सिबेशस ग्लैंड द्वारा सीबम या ऑयल प्रोडक्शन को बढ़ाता है जिस वजह से आपके चेहरे पर मुंहासे हो जाते हैं।


कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स- ऐसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स जिनमें शिया बटर, कोका बटर या मिनरल ऑयल का इस्तेमाल किया जाता है उससे भी आपको वाइटहेड्स हो सकते हैं।




तापमान- गर्म और उमस भरे मौसम के दौरान भी मुंहासे होने का अधिक खतरा रहता है। इस दौरान धूल मिट्टी और पसीने की वजह से ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स हो सकते हैं।



दवाएं- स्टेरॉयड और लिथियम जैसी दवाओं से भी पिंपल्स हो सकते हैं। बॉडीबिल्डर या एथलीट एनाबोलिक स्टेरॉयड लेते हैं जिससे उनके शोल्डर्स, आर्म्स, चेस्ट और बैक पर मुंहासे हो जाते हैं।



आनुवंशिक गड़बड़ी- अगर आपके परिवार में किसी को इसकी समस्या रहती है, तो संभव है कि आपको भी मुंहासे हो सकते हैं। इससे बचने के लिए त्वचा की देखभाल बहुत जरूरी है।



देर तक फोन का यूज- कई लोग घंटों फोन पर बात करते हैं जिस वजह से कान के नीचे और गाल पर पसीना आने लगता है। पसीने और स्किन पर जमी धूल की वजह से आपको वाइटहेड्स होने का खतरा रहता है।



डेरी प्रोडक्ट- डॉक्टर शरद के अनुसार, डेरी उत्पाद और ऐसी चीजें जिनमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स की मात्रा अधिक होती है उनसे मुंहासे होने का खतरा अधिक होता है। डेरी उत्पाद एण्ड्रोजन हार्मोन का लेवल बढ़ा देते हैं जो कि मुंहासों का कारण बनता है।

हेल्दी स्किन के लिए आपके ब्यूटी प्रोडक्ट में ज़रूर होने चाहिए ये 4 Ingredients


खूबसूरती बढ़ाने के लिए ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल आज कल हर कोई करता है लेकिन कई बार लोग विज्ञापनों की चपेट में आकर गलत प्रोडक्ट खरीद लेते हैं। वहीं कई बार लोगों को इतने सारे प्रोडक्ट देखकर यह समझ ही नहीं आता है कि आखिर उनके लिए सही प्रोडक्ट कौन सा है। अगर आप भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं तो परेशान न हों काया लिमिटेड की वाईस प्रेसिडेंट एंड हेड संगीता वेलास्कर यहाँ बता रही हैं कि कोई ब्यूटी प्रोडक्ट खरीदने से पहले उसमें मौजूद चीजों की जांच कर लें. चलिये ब्यूटी प्रोडक्ट में इस्तेमाल होने वाली कुछ यौगिकों के बारे में जानते हैं।



कोलेजन (Collagen): स्किन में मौजूद यह प्रोटीन आपकी त्वचा को जवां बनाये रखता है। हालांकि जैसे जैसे आपकी उम्र बढ़ती जाती है वैसे वैसे इसका उत्पादन कम होने लगता है जिस वजह से स्किन में झुर्रियां पड़ने लगती हैं। इसलिए ऐसे प्रोडक्ट का चुनाव करें जिसमें कोलेजन मौजूद हो जिससे आपकी स्किन पर झुर्रियां न पड़ें।





ऐसिटल हेक्सापेप्टाइड 8 (Acetyl hexapeptide 8) : यह एक तरह का न्यूरोपेप्टाइड है जो चेहरे की मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है जिस वजह से चेहरे पर लाइन और झुर्रियां नहीं पड़ती हैं। इसलिए प्रोडक्ट खरीदते समय यह चेक कर लें कि उसमें यह यौगिक मौजूद है या नहीं।


ग्लायकोलिक एसिड (Glycolic acid) : इस एसिड के मॉलिक्यूल बहुत ही छोटे हैं जिस वजह से ये स्किन में बहुत अंदर तक चले जाते हैं। चेहरे पर से मुहांसे, ब्लेकहेड्स हटाने में यह काफी असरदार है साथ ही यह ऑयली स्किन वालों के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसलिए हमेशा ऐसा प्रोडक्ट चुनें जिसमें ग्लायकोलिक एसिड मौजूद हो।




हयाल्युनोरिक एसिड (Hyaluronic Acid) : जब कोलेजन प्रोटीन की सिंथेसिस ठीक से नहीं हो पाती है तो चेहरे पर झुर्रियां बहुत अधिक दिखने लगती हैं साथ ही चेहरे का निखार भी खत्म होने लगता है। ऐसे में हयाल्युनोरिक एसिड कोलेजन सिंथेसिस को ठीक रखने में मदद करता है जिससे चेहरे की नमी बरक़रार रहती है और ग्लो बना रहता है। इसलिए ब्यूटी प्रोडक्ट में इस एसिड की मौजूदगी ज़रूर चेक कर लें।


देर से उठी हैं, आंखों में नींद भरी है? 2 मिनट में ऐसे दिखें फ्रेश 


क्या आपको रोजाना देर से उठने की आदत है? ऐसे में ऑफिस के लिए जल्दबाजी में तैयार होना पड़ता है। जिस वजह से आपका चेहरा दिनभर नींद से भरा नजर आता है और चेहरे की रौनक उड़ी रहती है। हम आपको कुछ आसान टिप्स दे रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप सिर्फ दो मिनट में चेहरे की खोई हुई रंगत पा सकते हैं। 



अपने चेहरे पर फेस स्प्रे या गुलाब जल छिड़कें। इससे आपका फेस फ्रेश दिखेगा और आप नींद से भरे हुए नहीं दिखेंगे। इतना ही नहीं इसे लगाने के बाद आपकी आंखें सूजी हुई नहीं दिखेंगी। 


आइब्रो चेहरे का अहम हिस्सा हैं। इसलिए अगर जल्दी से ऑफिस के लिए निकलना है, तो सबसे पहले आइब्रो को शेप दें। इससे आपकी आंखों की सूजन छिप जाएगी। 



उठने के बाद चेहरा खासकर आंखों के नीचे का हिस्सा सूजा हुआ नजर आता है। इसलिए उठते ही अपने चेहरे पर बर्फ का टुकड़ा रगड़े। इससे आप फ्रेश महसूस करेंगी। 

आपको पूरा मेकअप करने की जरूरत नहीं है। आप अपनी आंखों में केवल मस्कारा लगा सकती हैं। इसे लगाने से आपकी पलकें लंबी नजर आती हैं और आंखें बड़ी दिखती हैं। 


कंसीलर स्किन की सभी खामियों के छिपाने के लिए बेहतर चीज है। इसे लगाने के बाद आपका चेहरा साफ-सुथरा नजर आता है और आपके चेहरे पर नींद नजर नहीं आती है।



अगर आपके शरीर के किसी हिस्से विशेषकर पैर, घुटने, पीठ और गर्दन में तेज दर्द होने लगता है, तो समझ लें कि ऐसा मसल्स क्रैम्प के कारण हो सकता है। योग एक्सपर्ट प्रज्ञा भट्ट आपको कुछ योगासन बता रही हैं जिनका नियमित रूप से अभ्यास कर आप मसल्स क्रैम्प के कारण होने वाले दर्द से राहत पा सकते हैं।



कपोतासन- इस आसन से पेट के निचले हिस्से को स्ट्रेच मिलता है और ऐंठन कम होती है। यह हिप्स को ओपन करने के लिए भी बेहतर आसन है।



उष्ट्रासन- इस आसन से आपके हिप्स और एब्स को स्ट्रेच मिलता है जिससे पीठ, पेट और जांघों की ऐंठन दूर होती है।



बालासन- अगर आपकी कमर में ऐंठन है, तो इस आसन से आपको जरूर आराम मिल सकता है। इस मुद्रा में जब तक संभव हो, तब तक रहें।




बितिलासन- इस आसन से पीठ के निचले हिस्से और पेट की मांसपेशियों की ऐंठन से राहत मिलती है। यह आर्म्स को मजबूत और टोन करने के लिए भी बेहतर आसन है।




सुप्त मत्स्येन्द्रासन- पीठ के निचले हिस्से और पीठ से दर्द से राहत पाने के लिए यह बेहतर आसन है। इससे रीढ़ की हड्डी में लचीलापन बढ़ता है।




क्या आप हमेशा अच्छा खाने की सोचते हैं? आप हैं इस बीमारी के शिकार




जब भी हम खानों से जुड़ी किसी डिसऑर्डर के बारे में बात करते हैं तो सबसे पहले एनोरेक्सिया और बुलिमिया का नाम ही आता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि हद से ज्यादा हेल्दी चीजें खाने की आदत भी एक बीमारी है। इस मानसिक बीमारी को ओर्थोरेक्सिया (Orthorexia) नाम से जाना जाता है। हाल ही में कुछ वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह बताया कि ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज किसी सामान्य आदमी की तुलना में कैसे अलग है। आइये जानते हैं ओर्थोरेक्सिया के कुछ ख़ास लक्षणों के बारे में




क्या आप कोई भी चीज खाते समय उसकी कैलोरी के बारे में ही सोचते रहते हैं? अगर ऐसा है तो समझ लें कि आप भी ओर्थोरेक्सिया के शिकार हैं क्योंकि कुछ लोग इस हद तक अपनी कैलोरी को लेकर चिंतित रहते हैं कि वे दिन भर जो भी खाते हैं उससे मिलने वाली कैलोरी की मात्रा नोटबुक में नोट करते रहते हैं और उसे हमेशा चेक करते रहते हैं।




अगर आप भी ग्रोसरी स्टोर में जाने के बाद इस बात को लेकर परेशान हो जाते हैं कि कौन-सा फ़ूड आर्गेनिक है और किसी भी प्रोडक्ट में किन चीजों का इस्तेमाल किया गया है और उनके क्या क्या फायदे हैं तो यह भी ओर्थोरेक्सिया का ही एक लक्षण है।





ऐसे लोग हमेशा ठीक तरीके से खाना खाते हैं और खाते समय साफ़ सफाई को लेकर बहुत चिंतित रहते हैं और इसी कारण कई बार ये अपने परिवार वालों के साथ भी लंच या डिनर नहीं करते हैं। ऐसे लोग अकेले में खाना खाना ज्यादा पसंद करते हैं।




अगर आप हर समय खाने की प्यूरिटी को लेकर चिंतित रहते हैं कि पता नहीं इस रेस्टोरेंट में कैसा खाना मिलेगा या इसकी क्वालिटी कैसी होगी। साथ ही अच्छा साफ़ सुथरा खाना देखकर आपके चेहरे पर स्माइल आ जाती है तो जान लें कि यह भी ओर्थोरेक्सिया का ही एक लक्षण है।




हर कोई हेल्दी खाना खाते खाते बोर हो जाता है और बीच में किसी दिन कुछ अच्छा अपनी पसंद की चीज खाना चाहता है। लेकिन अगर आपको यह याद ही नहीं आ रहा है कि आपका पिछला चीट डे कब था और लास्ट टाइम कब आपने कोई अनहेल्दी चीज़ खायी थी तो समझ लें कि आप अपने हेल्थ गोल को लेकर बहुत ज्यादा सीरियस हैं और हो सकता है कि आप ओर्थोरेक्सिया के शिकार हों।




ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज को ऐसा लगता है कि इतना प्योर और अच्छी क्वालिटी वाला खाना खाने से उनकी पर्सनालिटी भी काफी प्योर होती जा रही है और इससे वे एक बेहतर इंसान बन रहे हैं। अगर अपनी खानपान की आदतों और च्वाइस पर आपको घमंड है तो जान लें कि आप भी ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित हैं।



ओर्थोरेक्सिया से पीड़ित मरीज को खाने वाली चीज के स्वाद से कोई मतलब नहीं होता है बल्कि उन्हें सिर्फ उसकी क्वालिटी और प्यूरिटी से मतलब होता है। ऐसे लोग हर उस चीज को खा लेते हैं जिनका स्वाद तो बुरा होता है लेकिन उसमें पोषक तत्व बहुत ज्यादा होते हैं।



कई लोगों को जब तेज खांसी होती है तो उसके साथ गले से थूक के साथ बलगम कफ़ भी बाहर निकलता है जो यह दर्शाता है कि आपके शरीर में इस समय कोई न कोई गड़बड़ ज़रूर है। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि बलगम के रंग से भी यह पता लगाया जा सकता है कि आप किस बीमारी के शिकार हैं। मुंबई स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के कंसलटेंट फिजिशियन डॉ. प्रदीप शाह यहां बता रहे हैं कि बलगम का अलग अलग रंग का होना क्या दर्शाता है।

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