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सुबह दौड़ने के बाद कौन-से खाद्य पदार्थों का सेवन करें


सुबह दौड़ने के बाद कौन-से खाद्य पदार्थों का सेवन करें
Morning run: सुबह के समय दौड़ लगाना आपके स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। सुबह दौड़ने के बाद आपके शरीर में कुछ चीजों की कमी हो जाती है जिसे कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करके दूर किया जा सकता है।

Morning Run: सुबह दौड़ के बाद कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
स्वस्थ और फिट रहने के लिए दौड़ना सबसे फायदेमंद एक्सरसाइज होती है। रोजाना सुबह दौड़ने से आपके हृदय के स्वास्थ्य में सुधार होता है, स्टेमिना बढ़ता है इसके साथ ही एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम करने में मदद मिलती है। जब आप सुबह दौड़ के आते हैं भूख लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आपके शरीर में ग्लूकोज की मात्रा कम हो जाती है साथ ही मांसपेशियां को पोषक तत्वों की जरुरत होती है। अगर इस दौरान आप ग्लूकोज और प्रोटीन का सेवन नहीं करते हैं तो मांसपेशियों में चोट लगने और कमजोर होने की संभावना बढ़ जाती है। इस समस्या से बचने के लिए सुबह दौड़ के बाद कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन जरुरी होता है। तो आइए आपको उन खाद्य पदार्थों के बारे में बताते हैं जिनका सुबह दौड़ने के बाद सेवन करना चाहिए। [ये 
Morning run: सुबह दौड़ने के बाद सेवन करने वाले खाद्य पदार्थ


चॉकलेट मिल्क
उबले अंडे, एवोकाडो और अनार
तरबूज से बने सलाद
दूध और बादाम
ओटमील

चॉकलेट मिल्क: चॉकलेट मिल्क का सेवन दौड़ के बाद मांसपेशियों को रिकवर करने में मदद करता है। चॉकलेट मिल्क में आपको चॉकलेट पाउडर , दालचीनी पाउडर और बादाम का पाउडर मिलाना होता है।


उबले अंडे, एवोकाडो और अनार: दौड़ के बाद उबले अंडे, अनार और एवोकाडो का सेवन फायदेमंद होता है। इनमें कई पोषक तत्व होते हैं जो शरीर को स्वस्थ बनाकर ऊर्जा प्रदान करने में मदद करते हैं।


तरबूज से बने सलाद: तरबूज में 90 प्रतिशत तक पानी होता है। दौड़ के बाद पसीना बह जाने की वजह से आपके शरीर में पानी की कमी हो जाती है। पानी की कमी को दूर करने के लिए आप दौड़ के बाद तरबूज से बनी सलाद का सेवन करें।

दूध और बादाम:Almond milk: सुबह दौड़ने के बाद बादाम के दूध का सेवन करें।

दूध और बादाम दोनों में मौजूद मिनरल और विटामिन आपके शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके लिए 1 कप दूध और कुछ बादाम का सेवन करें।


ओटमील: ओटमील में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर को स्वस्थ रखने के साथ वजन कम करने में भी मदद करते हैं। साथ ही प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत होते हैं जिसकी वजह से इनका सुबह दौड़ के बाद सेवन फायदेमंद होता है।


सुबह दौड़ के बाद भूख लगती है तो कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन आपके लिए फायदेमंद होता है।

दौड़ने से ज्यादा टहलना क्यों फायदेमंद होता है 

टहलना दौड़ने से बेहतर होता है। आप किसी भी उम्र में टहलने जा सकते हैं और इससे किसी भी प्रकार की चोट भी नहीं लगती है तो वहीं दौड़ने से चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है।



स्वस्थ रहने के लिए हमेशा टहलने की सलाह दी जाती है। सिर्फ ज्यादा वजन वाले व्यक्ति को नहीं बल्कि सभी को फिट रहने के लिए टहलना चाहिए। वजन कम करने के लिए लोग दौड़ना भी पसंद करते हैं साथ ही इससे आपको स्टेमिना बढ़ाने में मदद मिलती है। साथ ही इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। दौड़ना भी व्यक्ति को स्वस्थ रखने में मदद करता है। दिन में 30 मिनट तक टहलने की सलाह दी जाती है। अगर आप हृदय की बीमारी, डायबिटीज से ग्रसित है तो उसके लिए टहलना बहुत फायदेमंद होता है। तो आइए आपको बताते हैं कि दौड़ने से ज्यादा टहलना क्यों फायदेमंद होता है। [ये भी पढ़ें: इन्वर्सन टेबल थेरेपी क्या है और उसके लाभ]

टहलना दौड़ने से बेहतर क्यों होता है

1- टहलना सबसे अच्छा शारीरिक व्यायाम होता है। इसके लिए आपको ज्यादा प्रयास करने की जरुरत नहीं होती है। इसके साथ ही इससे आपको अपने लिए भी समय मिल जाता है। टहलना से मतलब यह नहीं होता है कि आप इधर-उधर घूमने चले जाएं। टहलने से मतलब एक पार्क में सही तरह से टहलना होता है। सुबह के समय टहलने से आपको ताजी हवा मिलती हैं।
2- टहलने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन और शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। टहलने से कैलोरी बर्न करने में और वजन कम करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही इससे आपको तनाव नहीं होता है औप मूड भी अच्छा रहता है। दौड़ने की बजाय टहलने से चोट लगने की संभावना कम रहती है। रोजाना टहलने से अच्छी नींद आती है और इंसोमनिया की समस्या दूर हो जाती है। [ये भी पढ़ें: घर पर खुद को कैसे फिट रखें]

3- हर उम्र का इंसान दौड़ नहीं सकता है लेकिन किसी भी उम्र में टहला जा सकता है। घास पर नंगे पैर चलने से हाई ब्लड प्रेशर से रोकथाम, शुगर लेवल नियंत्रित और आंखें भी स्वस्थ रहती हैं। जोड़ों के दर्द के लिए भी टहलना फायदेमंद होता है।

4- दौड़ने की वजह से कई लोगों को असहज महसूस हो सकता है हो सकता है आपके शरीर में दर्द हो लेकिन टहलने से किसी भी तरह का दर्द नहीं होता है।

5- अगर आपको शरीर के निचले हिस्से में दर्द रहता है या कोई परेशानी है तो दौड़ने की वजह से इसका आपके जोड़ों और हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसकी दूसरी तरफ चलने से जोड़ों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती ह और किसी तरह की चोट लगने की संभावना भी नहीं होती है। 


टिप्स जो दौड़ लगाने वाले लोगों को वजन करने में मदद करते हैं 

फिट रहने के लिए दौड़ना काफी लाभदायक होता है। इसके साथ ही इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है। अगर आप दौड़ लगाते हैं और वजन कम करने की कोशिश कर रहे हैं तो इस दौरान आपको कुछ टिप्स को फॉलो करने की जरुरत होती है।




खुद को स्वस्थ रखने और वजन कम करने के लिए लोग दौड़ लगाते हैं। दौड़ना स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। दौड़ने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक रहता है साथ ही आपको कई समस्याओं को दूर करने में मदद मिलती है इसके साथ ही दौड़ने से कैलोरी बर्न होती है। जब आप दौड़ लगाते हैं तो वजन कम करने के लिए आपको कई चीजों को ध्यान में रखना जरुरी होता है। दौड़ लगाने वालों को जब वजन कम करने की बात आती है तो उन्हें ऊर्जा के साथ कैलोरी के सेवन पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर आप सही मात्रा में भोजन का सेवन करते हैं तो इससे वजन कम करने में मदद मिलती है। तो आइए आपको उन टिप्स के बारे में बताते हैं जो दौड़ लगाने वाले लोगों को जवन कम करते समय ध्यान में रखनी चाहिए। [ये भी पढ़ें: खाने को लेकर की गई गलतियां जिनके कारण आप वजन कम नहीं कर पाते]

खाने को नहीं छोड़ें: अगर आप वजन कम करने के लिए दौड़ रहे हैं तो अपनी डाइट और भोजन को छोड़े नहीं। कैलोरी बर्न करने के लिए आपके शरीर को ऊर्जा की जरुरत होती है और खाली पेट ज्यादा मात्रा में कैलोरी बर्न नहीं हो पाती है इसलिए भोजन का सेवन करना जरुरी होता है।

फाइबर का सेवन करें: भोजन में फाइबर की उच्च मात्रा वाली चीजों का सेवन करें। इसके लिए आप हरी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। इससे आपका पेट जल्दी भर जाता है और आपको जल्दी भूख भी नहीं लगती है। आपके फाइबर का सेवन बढ़ने से स्टार्च की मात्रा कम कर देनी चाहिए। दौड़ लगाने से पहले हाई-फाइबर का सेवन करना फायदेमंद होता है जो वजन कम करने में मदद करता है। [ये भी पढ़ें: खाद्य पदार्थ जो वजन कम करते वक्त कैलोरी की कमी को करते हैं दूर]
हाइड्रेट रहें: अगर आप दौड़ लगाने जा रहे हैं तो उस दौरान आपके शरीर का हाइड्रेट होना जरुरी होता है। दौड़ने के दौरान पसीना निकलता है जिसकी वजह से आपको सही मात्रा में पानी पीना चाहिए। यह शरीर से लैक्टिक एसिड जैसे विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद करता है। दौड़ने जाने से पहले कैफीन का सेवन ना करें। दौड़ने के दौरान आपको अपने साथ एनर्जी ड्रिंक रखनी चाहिए।

डिनर में ज्यादा ना खाएं: जब आप वजन कम कर रहे हो तो डिनर में कुछ ज्यादा ना खाएं। इस दौरान सब्जियां खाएं। लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि प्रोटीन का सेवन करने से उनका वजन बढ़ जाता है और अपनी डाइट से कार्बोहाइड्रेट कम कर देते हैं लेकिन इस बात को भूल जाते हैं कि मसल्स के लिए कार्बोहाइड्रेट की भी जरुरत होती है।

ज्यादा नहीं दौड़ें: ज्यादा वर्कआउट करने से चोट लगने की संभावना बढ़ जाती है। तेज दौड़ने से आप मजबूत नहीं बन जाते हैं। इस दौरान आपको ब्रेक लेने की भी जरुरत होती है इसलिए दौड़ते समय ब्रेक लेना जरुरी होता है। 

आजकल हर कोई वजन कम करने और अपने शरीर को फिट रखने का प्रयास करता है। देसी घी वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट जो शरीर के एक्सट्रा फैट को बर्न करने में मदद करता है।




वजन कम करने का प्रयास बहुत से लोग करते हैं क्योंकि अधिक वजन होने से ना सिर्फ शरीर बेडॉल दिखता है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याएं भी हो जाती हैं। वजन कम करने के लिए लोग एक्सरसाइज, वर्कआउट या फिर डाइटिंग जैसी चीजों को अपनाते हैं। लेकिन ये पूरी तरह से प्रभावी नहीं होता है बल्कि शरीर पर इसका दुष्प्रभाव भी पड़ सकता है। डाइटिंग करने के चक्कर में लोग खाना-पीना छोड़ देते हैं जिसकी वजह से कई बार उन्हें कमजोरी भी हो जाता है। ऐसे में जो लोग वजन कम करने का प्रयास करते हैं उनके लिए देसी घी का सेवन करना फायदेमंद होता है। ये आपके शरीर के एक्सट्रा फैट को बर्न करने में मदद करता है। आइए जानते हैं वजन कम करते वक्त देसी घी का सेवन क्यों बेहतर होता है। [ये भी पढ़ें: खाने को लेकर की गई गलतियां जिनके कारण आप वजन कम नहीं कर पाते]

पाचन में सुधार करता है:
देसी घी में मौजूद फैट्स डाइजेस्टिव सिस्टम को उत्तेजित करता है। जब आपका पाचन चंत्र बेहतर होता है तो वो आपके खाद्य पदार्थों को ब्रेकडाउन करने में मदद करता है जिससे फैट एक जगह एकत्रित नहीं होता है और इस प्रकार ये आपके शरीर के एक्सट्रा फैट्स को बर्न करने में मदद करता है।

लिनोलिक एसिड होता है:
देसी घी के वैसे तो बहुत से स्वास्थ्य लाभ होते हैं। उनमें से एक है वजन कम करना। देसी घी में ओमेगा-3 फैटी एसिड और लिनोलिक एसिड होता है जो शरीर के फैट्स को कम करने में मदद करते हैं और साथ ही ये बेली फैट्स को भी बर्न करता है। इसके अलावा इसके सेवन से आपका मेटाबॉलिक रेट बढ़ता है जिससे शरीर का फैट कम होता है। [ये भी पढ़ें: 5 मिनट ट्रिक्स जो वजन कम करन में मदद करती हैं]

इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है:
देसी घी में एंटीऑक्सीडेंट होता है जिससे आपका इम्यून सिस्टम बेहतर होता है जो आपके शरीर को एलर्जी से बचाता है। इससे आप अपने वर्कआउट पर ध्यान को केंद्रित करने में सक्षम होंगे जिससे आपको वजन कम करने वाले वर्कआउट करने में सहायता मिलेंगी।

विटामिन ए और के होता है:
देसी घी में विटामिन-ए, के और एंटीऑक्सीडेंट होता है जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद करता है। इसके अलावा ये मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करता है और शरीर में होने वाले कैलोरी को भी घटाने में मदद करता है। देसी घी शरीर को फ्री-रेडिकल्स के कारण होने वाले सेल्स को डैमेज होने से भी बचाता है जिससे ये शरीर के अतिरिक्त फैट को भी बर्न करने में मदद करता है। 


बैली फैट्स से जुड़े कुछ प्रचलित मिथक

बैली फैट कम करने के लिए ही अक्सर लोग वर्कआउट करते हैं लेकिन क्या बैली फैट्स के बारे में कुछ गलत जानकारी के कारण आप सही तरह से वजन कम नहीं कर पाते हैं इसलिए इन मिथक के बारे में जानें और सही जानकारी रखें।




बहुत ज्यादा बैली फैट आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इससे आपको मोटापा, ब्लड प्रेशर और अन्य कई तरह की बीमारियां हो सकती है। बैली फैट के पीछे जंक फूड खाना और आपकी कई सारी अस्वस्थ आदतें हो सकती है। इसे कम करने के लिए आप बहुत साऱे खाद्य-पेय पदार्थों, डाइट प्लान और वर्कआउट का सहारा ले सकते हैं। बैली फैट बढ़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। बैली फैट कई प्रकार का होता है लेकिन जानकारी के अभाव में लोग चाहकर भी बैली फैट कम नहीं कर पाते हैं। इससे जुड़े मिथक को सच मानकर लोगों का बैली फैट कम नहीं हो पाता है।आइए जानते हैं कि बैली फैट को लेकर क्या-क्या आम मिथक प्रचलित है और फैक्ट्स क्या हैं।[ये भी पढ़ें: वजन कम करने के लिए स्वैट बैंड का इस्तेमाल करना हो सकता है हानिकारक]

बैली फैट के प्रकार: अधिकांश लोग एब्डॉमिनल फैट्स से ग्रसित होते हैं। बैली फैट को दो प्रकार में वर्गीकृत किया गया है- सबक्यूटेनियस फैट और विसेरल फैट। सबक्यूटेनियस फैट आपकी बैली की मांसपेशियों को प्रभावित करते हैं और ऐब्स की विजिबिलिटी को भी प्रभावित करते हैं। विसेरल फैट आपके ऐब्डोमेन के अंदर बनते हैं जो आपके अंगों के आस-पास होता है।

मिथक: बीयर बैली फैट एल्कोहल के सेवन के कारण होता है:
बैली फैट अक्सर बहुत ज्यादा फैट और कैलोरी के सेवन से पैदा होता है ना की बीयर के अधिक सेवन से।लेकिन अगर आप स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आपको एल्कोहल का सेवन कम करना चाहिए । [ये भी पढ़ें: वजन घटाने के लिए खुद को कैसे प्रेरित करें]

मिथक: हेल्दी फैट कम खाने से बैली फैट कम होता है:
हेल्दी फैट वजन कम करने में मददगार होता है। साथ ही यह बालों और निखरी त्वचा के लिए भी आवश्यक होता है इसलिए वजन कम करने के लिए हेल्दी फैट का सेवन करना बंद नहीं करना चाहिए। आप ऑलिव ऑयल और एवोकाडो ऑयल का सेवन कर सकते हैं।
मिथक: कुछ लोगों में वजन बढ़ना आनुवांशिक होता है: यह मानना गलत होता है कि आप में मोटापा आनुवांशिक होता है और आप इससे बच नहीं सकते हैं। हेल्दी डाइट और सही वर्कआउट आपका बैली फैट आसानी से कम कर देता है। सेहत का ख्याल रखकर आप पतले हौ सकते हैं चाहें आपके परिवार में मोटे लोग क्यों ना हो।

मिथक: क्रंचेज जैसी एक्सरसाइज आपका बैली फैट कम करती है:
लोगों का मानना होता है कि क्रंचेज करने से उनका बैली फैट कम हो जाता है लेकिन ऐसा नहीं हैं। क्रंचेज और एब्स के वर्कआउट सिर्फ आपकी पेट की मसल्स की ताकत बढ़ाते हैं।


मेनोपॉज के बाद वजन को बढ़ने से कैसे रोकें

Lose Weight After Menopause: मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने की समस्या आम होती है, ऐसे में कुछ आसान टिप्स का पालन कर के आप अपने वजन को बढ़ने से रोक सकते हैं और खुक को स्वस्थ भी रख सकते हैं।



Lose Weight After Menopause: मेनोपॉज के दौरान वजन कैसे कम रखें

मेनोपॉज के दौरान महिलाओं के शरीर में कई प्रकार के हार्मोनल बदलाव आते हैं जिसके कारण उन्हें कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। मेनोपॉज होने का सही समय 40 या उसके बाद होता है और यदि इस उम्र के पहले महिलाओं को मेनोपॉज आ जाता है तो उन्हें असहजता महसूस होने लगती है। मेनोपॉज के दौरान अंडे का उत्पादन होना बंद हो जाता है और इस वजह से भी कई मानसिक और शारीरिक समस्या हो जाती है। मेनोपॉज के बाद कई महिलाओं का वजन अनियमित रूप से बढ़ने लगता है और इसके कारण भी उन्हें कई स्वास्थ्य समस्या होने का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान बढ़ते वजन को रोकने के कई उपाय होते हैं। [ये भी पढ़ें: food to avoid in menopause: मेनोपॉज की अवस्था में किन खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए]
Lose Weight After Menopause: मेनोपॉज के बाद कैसे वजन को बढ़ने से रोका जा सकता है
हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी
एक्सरसाइज
स्वस्थ आहार का सेवन
पर्याप्त नींद लेना

हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी:Lose Weight After Menopause: मेनोपॉज के दौरान वजन कैसे कम रखें
हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी प्रक्रियाएं हैं, जो मेनोपॉज के दौरान सेक्स हार्मोन के नुकसान को रोकता है। इसके अलावा ये थेरेपी मेनोपॉज के बाद वजन को भी बढ़ने से रोकता है और शरीर के अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद करता है।

एक्सरसाइज:
मेनोपॉज के बाद एक्सरसाइज करना या शारीरिक गतिविधि को बनाएं रखना आवश्यक होता है क्योंकि इससे आपका वजन नियंत्रित रहता है और शरीर में मौजूद एक्सट्रा फैट भी बर्न हो जाते हैं। एक्सरसाइज और भी कई प्रकार से शरीर को स्वस्थ रखता है।

स्वस्थ आहार का सेवन:
स्वस्थ आहार का सेवन करना आवश्यक होता है खासकर मेनोपॉज के बाद। मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए कभी भी अधिक तैलीय खाद्य पदार्थो का सेवन ना करें और कोशिश करें की फाइबर युक्त आहारों का ही सेवन करें और लो-कैलोरी वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करें।

पर्याप्त नींद लेना:
पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाता है। मेनोपॉज के बाद कम से कम आपको 6-7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए ताकि आपका वजन नियंत्रित रहें। [ये भी पढ़ें: Weight gain during menopause: मेनोपॉज के दौरान वजन बढ़ने के क्या कारण होते हैं]

मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने से रोकने के लिए आप कुछ आसान टिप्स का पालन कर सकते हैं और ये टिप्स आपको स्वस्थ रखने में भी मदद करते हैं।
महिलाओं का वजन बढ़ाने के लिये डाइट टिप्स 

How To gain weight: लोग सोचते हैं कि वजन बढ़ाना बहुत आसान है। हालांकि ऐसा नहीं है। यह भी उतना ही मुश्किल काम है जितना कि वजन घटाना। महिलाओं को स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के लिये कुछ डाइट टिप्स का पालन करना चाहिए।



कुछ डाइट टिप्स हैं जो महिलाओं को वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।

How To gain weight: वजन बढ़ाना स्वस्थ रहने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। केवल वो लोग ही समझ सकते हैं कि वज़न बढ़ाना कितना जरुरी है, जिनका वजन उनकी उम्र और लंबाई के हिसाब से कम है। यह समस्या महिलाओं में अधिक सामान्य है। हालांकि वजन बढ़ाना एक आसान काम नहीं है। इसके लिये आपको बहुत मेहनत करनी पड़ती है। शरीर का मेटाबॉलिक रेट खराब होने के कारण हम वजन नहीं बढ़ा पाते हैं। अगर आप वजन बढ़ाना चाहती हैं तो आपको अधिक खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। अधिक का मतलब है, आप दिन में जितनी कैलारी बर्न करती हैं, उससे अधिक खाएं। इसके लिये आप कुछ डाइट टिप्स अपना सकती हैं। [ये भी पढ़ें: 10 दिन में महिलाएं अपना वजन कैसे बढ़ाएं]
How Women can gain weight: महिलाएं वजन बढ़ाने के कौन से डाइट टिप्स अपनाएं
प्रोटीन खाएं
कार्बोहाइड्रेट्स
फैटी फूड
स्वस्थ खाद्य पदार्थ
हेल्दी स्नैक्स

प्रोटीन खाएं
स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ाने के लिये सबसे आसान तरीका प्रोटीन से भरपूर भोजन का सेवन है। सेम और दाल, डेयरी उत्पाद जैसे खाद्य पदार्थों का सेवन करें। दूध में प्रोटीन होता है यह आसानी से उपलब्ध स्रोत है। एक दिन में दो से तीन गिलास दूध पिएं।

कार्बोहाइड्रेट्स
वो खाद्य पदार्थ अपने आहार में शामिल करें जिनमें स्वस्थ कार्बोहाइड्रेट होते हैं। गेहूं की रोटी, ताजे फल, ब्राउन राइस, अनाज, आलू, ड्राय फ्रूट्स, केले और आम आदि का सेवन करें।

फैटी फूड
वजन बढ़ाने के लिये अपने आहार में फैटी फूड्स को भी शामिल करें। जैतून का तेल, सूरजमुखी का तेल, एवोकाडो और मछली जैसे टूना और मैकेरल का सेवन करें। इन्हें कम अनुपात में अपने आहार में शामिल कर सकते हैं।
स्वस्थ खाद्य पदार्थवजन बढ़ाने के लिये महिलाएं स्वस्थ खाद्य पदार्थों का सेवन करें।
कुछ खाद्य पदार्थ हैं जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं। स्टेक, चिकन, फल, सब्जियां, नट्स और पनीर आदि महिलाओं को वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। अपने दैनिक आहार में होल ग्रेन, पास्ता और अनाज की रोटी शामिल करें।

हेल्दी स्नैक्स
जंक फूड खाने के बजाय, हेल्दी स्नैकिंग खाएं। एक गिलास दूध, सेब और मुट्ठीभर नट्स आदि नाश्ते में खा सकते हैं। इस स्वस्थ आदत को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सोडा ड्रिंक्स, पैक्ड फ्रूट ड्रिंक्स और स्मूदी आदि को अलविदा कहें।

ये कुछ डाइट टिप्स हैं जो महिलाओं को वजन बढ़ाने में मदद करते हैं। इन्हें अपनाकर आप स्वस्थ तरीके से वजन बढ़ा सकते हैं।

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