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हस्तमैथुन के ये हैं पांच फ़ायदे


हस्तमैथुन के ये हैं पांच फ़ायदे


विशेषज्ञों का मानना है कि हस्तमैथुन एक स्वस्थ सेक्स जीवन का हिस्सा है.

हस्तमैथुन हाथ या अन्य किसी चीज़ से यौन आनंद प्राप्त करने का तरीका होता है.
कई समाजों में आमतौर पर इसे अनैतिक और हानिकारक माना जाता है. लेकिन विशेषज्ञों की राय उलट है और वे इसे सुख की अनुभूति के साथ-साथ पुरुषों और महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए फ़ायदेमंद भी मानते हैं.
विशेषज्ञों के मुताबिक़ ये हैं हस्तमैथुन के पांच फ़ायदे

1. हस्तमैथुन से मासिक धर्म से जुड़ी परेशानियों को दूर करने में मिल सकती है. मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से हस्तमैथुन से निकलने वाले रसायन की वजह से राहत मिलती है.

फिनबर्ग स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में स्त्री और प्रसूति रोग की प्रोफेसर लॉरा स्ट्रीचर कहती हैं, "हस्तमैथुन से गीलापन बढ़ता है जिससे कि योनि का सूखापन दूर होता है और इससे दर्द से राहत मिलती है."
2. पत्रिका 'सेक्शुअल एंड रिलेशनशिप थैरेपी' के मुताबिक इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह संक्रमण से बचाता है. कई शोधों से पता चला है कि जिन लोगों में ऑर्गेज्म अधिक हुआ होता है उनमें इम्युनोग्लोबिन ए की मात्रा अधिक होती जो जुकाम से बचाने में सहायक होती है.
3. फ्रेंच इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ एंड मेडिकल रिसर्च के शोध के मुताबिक हस्तमैथुन के बाद अच्छी नींद आती है. अनिद्रा को दूर करने का यह सबसे सुरक्षित और बेहतर तरीका है खासकर मर्दों के लिए. क्योंकि इसके बाद मर्दों में यौन इच्छा खत्म हो जाती है और उन्हें नींद आने लगती है.

4. इससे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक स्तर पर रिलैक्स होने का एहसास होता है.
5. लोगों के बीच यह ग़लतफहमी है कि हस्तमैथुन से यौन संबंधों पर बुरा असर पड़ता है.

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पूरी तरह से ग़लत धारणा है. असलियत में इसके उल्टा होता है और हस्तमैथुन से एक बेहतर यौन संबंध बनाने का मौका मिलता है.

इससे उन महिलाओं को भी मदद मिलती है जिन्हें ऑर्गेज्म नहीं होने की समस्या होती है.





बाथरूम में अपने पार्टनर के साथ इस तरह नहाएं, हर अंग रहेगा साफ

आपको आपके पार्टनर के करीब आने के एक बेहद रोमांटिक और ख़ास तरकीब के बारे हम बताने जा रहे हैं, जिसे अपनाने के बाद आप निश्चित रूप से अपने पार्टनर के बेहद करीब आ जाएंगे।



जब आप अकेले नहाते हैं तो आपका हाथ शरीर के हर हिस्से में नहीं पहुंच पाता है और इसी वजह से कई लोग पीठ की सफाई ठीक से नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जब आप अपने पार्टनर के साथ नहायेंगे तो ऐसी कोई दिक्कत नहीं होगी और आप दोनों एक दूसरे के शरीर के हर हिस्से को अच्छे से साफ़ कर लेंगे।

एक साथ शॉवर लेने के दौरान माहौल इतना रोमांटिक हो जाता है कि आप अपने पार्टनर के करीब आने से खुद को नहीं रोक सकते है। बाथरूम में नहाते वक़्त आप अपने पार्टनर के साथ फोरप्ले भी कर सकते हैं। धीरे-धीरे आप दोनों एक दूसरे के बॉडी पार्ट्स पर किस करें। ऐसा करने से आप बेहद उत्तेजित हो जाएंगे।

शारीरिक संबंधो के लिए ऐसे पहल करती है लड़कियां

शारीरिक संबंधो के लिए ऐसे पहल करती है लड़कियां
अगर आप भी यह मानते है कि कई बार महिलाएं सेक्स के दौरान पहल नहीं करती तो आप गलत सोच रहे है ऐसा नहीं है अधिकतर महिलाएं पहल करती है लेकिन पुरुष उनकी पहल को समझ नहीं पाते है। कई शोधों से इस बात का खुलासा हुआ है कि यदि महिला की सेक्स की इच्छा है तो वो पहल कर लेती है। लेकिर उसके पहल करना का तरीका पुरुष को समझ नहीं आता। तो ऐसे में आज हम आपको बताते है महिलाओं की सेक्स को लेकर पहल करने के तरीके। 


महिलाएं पहले अपने पार्टनर का मूड देखती है यदि उसके पार्टनर का मूड ठीक है तो वह उससे प्यार भरी बातें करती है।

आपनी सेक्स की इच्छा है और पार्टनर को इसके लिए तैयार करने के लिए वह आकर्षक कपड़े पहनती है।

रोमेंटिक म्यूजिक चलाकर भी महिलाएं पहल करती है लेकिन पुरुष इसको हल्के में ले लेते है और इग्नोर कर देते है।

पार्टनर को बार बार किसी न किसी बहाने छूंना भी महिलाओं का पहल करने का तरीका होता है। पति का मनपसंदीदा खाना बनाना भी महिलाओं की पहल का एक पहलू है।

– औरतों की छाती


औरतों की छाती से जुड़े 16 सेक्सी रोचक तथ्य...


सभी मर्द सबसे पहले औरतों की छाती निहारते हैं। स्तन औरत के सबसे महत्वपूर्ण शरीर के अंग होते हैं। और पुरुषों को भी यह बहुत सेक्सी लगते है.आपको जो भी भेट में मिला है उससे खुश रहिये. कुछ महिलाओ के स्तन बिल्कुल अच्छे नहीं होते है.सभी महिलाये बड़े और सही आकार में स्तन चाहती है. कई महिला स्तन बड़े बनाने के लिए, डबल पैड ब्रा का उपयोग करती हैं. हर दिन 40 लाख नई ब्रा बनाई जाती है. फिर भी बहुत सी महिलाएँ खुश नही हैं. आज हम आपको महिलाओं और पुरूषों की छाती के बारे में ऐसे रोचक तथ्य बताएंगे जिन्हें पढ़कर आपको बहुत कुछ नया पता चलेगा औरतों की छाती से जुड़े रोचक तथ्य 1. सबसे बड़े साइज की bra L, और सबसे छोटे साइज की bra AAA हैं. 2. 70% महिलाएँ अपने boobs के आकार से खुश नही हैं.

3. धूम्रपान करने वाली महिलाओं के boobs बड़े होते हैं. 4. दुनिया में 6% लोग ऐसे हैं, जिनके 3 स्तन हैं. 5. जो लोग बड़े boobs को पसंद करते हैं वो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं. भूखे आदमी को भी बड़े बूब्स ही पसंद आते हैं. 6. "Pregnancy" के दौरान रिलीज होने वाला हार्मोन Nipples को Dark(काला) बनाता हैं. 7. 80% आदमी जब किसी महिला से पहली बार मिलते हैं तो उसके स्तनों को निहारते हैं.

8. मनुष्य ही एक ऐसी प्रजाति हैं जिसके ब्रेस्ट permanently बड़े हो जाते हैं. 9. कुछ महिलाएँ केवल Nipple के सहलाने से ही Orgasm(उत्तेजना) तक पहुंच सकती हैं. 10. महिलाओ के boobs का वजन लगभग 499 gm होता हैं. जो पूरी body का 4-5% fat होता हैं. 11. सबसे बड़े boobs "Annie Hawkins" नाम की महिला के हैं. जिनका आकार 48v हैं. 12. 80% महिलाएँ गलत साइज की Bra पहनती हैं. 13. ज्यादातर महिलाओं का left boobs बड़ा होता हैं right boobs की तुलना में. 14. चीन में Bra स्टडीज़ में भी डिग्री मिलती हैं. 15. पेट के बल सोने से आपके boobs की shape चेंज हो सकती हैं. 16. औरतों की छाती का साइज हर हफ्ते चेंज होता रहता हैं, क्योकिं हमारी जिंदगी hormonal changes पर based हैं.
ज्यादातर महिलाओं का बायाँ स्तन, दाहिने स्तन से बड़ा होता है.
Image result for – औरतों की छाती
लड़की को पहली बार पीरियड आने के बाद 2-4 साल में स्तन पूरी तरह से विकसित हो जाते हैं.
पुरुषों को भी स्तन कैंसर होता है.
स्तन कैंसर दूसरा सबसे अधिक जान लेने वाला कैंसर है.
वजन को नियंत्रित रखकर, नशा न करके, स्तन में गांठ की जाँच करके स्तन कैंसर से बचा जा सकता है.

सबसे बड़े साइज की Bra L और सबसे छोटी साइज की bra AAA है.
पूरी दुनिया में 70% महिलाएँ अपने स्तनों के आकार से खुश नहीं हैं.
स्तन कैंसर का विवरण 3500 वर्ष पुराने अभिलेखों में भी मिलता है.
गर्भावस्था के दौरान निकलने होने वाला हार्मोन Nipples के रंग को गाढ़ा या काला कर देता है. लेकिन इस रंग परिवर्तन से कोई खतरा नहीं होता है.
80% पुरुष जब भी किसी महिला से पहली बार मिलते हैं तो उसके स्तनों को निहारते हैं.
40 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में स्तन कैंसर का खतरा ज्यादा बढ़ जाता है.
कुछ लोगों में 3 Nipple पाए जाते हैं.
कुछ महिलाएँ केवल Nipple के सहलाने से ही Orgasm तक पहुंच जाती हैं.
महिलाओं के स्तनों का वजन लगभग 500 gm होता है.
80% महिलाएँ गलत आकार की Bra पहनती हैं.
चीन में Bra स्टडीज़ में भी डिग्री मिलती है.
प्राचीन रोम में महिलाएँ काम करने के दौरान अपने स्तनों पर पट्टी बांधा करती थी.

बच्चे को दूध पिलाने से दिल की बीमारी व स्तन कैंसर से माँ का बचाव होता है.
स्तनपान करवाना माँ में सकारात्मक बदलाव लाता है.
हर दिन 40,00,000 से ज्यादा ब्रा का उत्पादन होता है.
निप्पलस से तब भी तरल पदार्थ निकल सकते हैं, अगर आप स्तनपान न करवा रही हों.
इन्सान के स्तनों का दूध, गाय के दूध से मीठा होता है.
खेलते समय या व्यायाम करते समय Sports bra नहीं पहनने से आपके निप्पलस को नुकसान पहुँच सकता है.
पेट के बल सोने से आपके स्तनों का आकार Change हो सकता है.
दुनिया में 8 तरह के nipple होते हैं.
लड़कियाँ भी अपने स्तनों को ऐसे ही देखती हैं, जैसे लड़के देखते हैं.
Hollywood Actress “Angelina Jolie” के breast cancer की खबर मिलने के बाद ब्रेस्ट कैंसर चेकअप करवाने वाली महिलाओं की संख्या दोगुनी हो गई थी.
दुनिया की 50% महिलाएँ Breast Cancer की जाँच नहीं करवाती हैं.
पुरूषों के भी nipple इसलिए होते हैं, क्योकिं शुरूआत में सभी भ्रूण Female होते हैं.
महिलाओं के स्तनों को दबाने पर जो हार्मोन रिलीज होता है, वही हार्मोन गले लगाने पर भी रिलीज होता है.
सिगरेट और शराब पीने वाली महिलाओं के स्तन बेडौल हो जाते हैं.
वजन बढ़ने से स्तनों का आकार बढ़ जाता है और वजन कम करने से स्तनों का आकार घट जाता है.
पुरुषों का निप्पल भी उतना हीं संवेदनशील होता है जितना सम्वेदनशील महिलाओं का निप्पल होता है.
सोते समय महिलाओं के nipple भी sex की वज़ह से लिंग की तरह उत्तेजित्त हो जाते हैं.

अडल्‍ट स्‍टार को हर घंटे करना पड़ता है ये काम, कुछ ऐसी है दिनचर्या


पोर्न इंडस्‍ट्री की अपनी एक अलग दुनिया है। यहां भी काम और पॉपुलैरिटी के हिसाब से पोर्नस्‍टार की पहचान बनती है। हालांकि यह इतना आसान नहीं होता। अडल्‍ट फिल्‍मों की शूटिंग के लिए पोर्नस्‍टार को कुछ नियम और कानून का पालन करना पड़ता है। तो आइए आज जानते हैं इस अडल्‍ट स्‍टार की कैसी होती हैं जिंदगी और इन्‍हें क्‍या-क्‍या करना पड़ता है।






यहां वक्‍त बड़ा है कीमती
अडल्‍ट फिल्‍मों की दुनिया में समय बहुत कीमती होता है। यहां हर घंटे का काम निर्धारित होता है। एक गर्ल पोर्नस्‍टार को सुबह 9 बजे उठना पड़ता है। और घर से तैयार होकर 11 बजे तक शूटिंग स्‍थल तक पहुंचना होता है। वहां पहुंचते ही कागजी कार्रवई के बाद 1 घंटे तक हेयर और मेकअप में टाइम लग जाता है। 12 बजते ही यह गर्ल अडल्‍ट स्‍टार अकेले शूटिंग करती है जिसमें वह कैमरे के सामने अपना अंग प्रदर्शन करती है। यह शूटिंग तकरीबन एक घंटे तक चलती है। तब कहीं दोपहर के एक बजे मेल अडल्‍ट स्‍टार शूटिंग स्‍थल पर पहुंच जाता है। फिर 2 से 4 बजे तक सेक्‍स वीडियो शूट किया जाता है और 5 बजते ही जब दोनों अडल्‍ट स्‍टार चरम स्‍थिति पर पहुंच जाते हैं तो वीडियो पूरा हो जाता है। इसके बाद एक घंटे यानी 6 बजे तक न्‍यूड फोटो खिंचाने का सिलसिला चलता है। आखिर में सभी पोर्न स्‍टार अपने दिन की तनख्‍वाह लेकर घर को रवाना हो जाते हैं। 
फीमेल को मिलता है ज्‍यादा पैसा
पोर्न इंडस्‍ट्री में फीमेल एक्‍टर को मेल एक्‍टर से ज्‍यादा पैसा मिलता है। क्‍योंकि इन्‍हें ज्‍यादा देर तक काम करना पड़ता है। एक शूटिंग के लिए इन्‍हें 1000 डॉलर तक मिल जाते हैं जबकि मेल एक्‍टर को 600 डॉलर मिलते हैं। 
खुद पर कमांड रखना जरूरी
मेल एक्‍टर्स के लिए पोर्न क्‍िलप शूट करना आसान नहीं होता। इन्‍हें अपने जेनिटल पर कंट्रोल रखना पड़ता है और जैसा डॉयरेक्‍टर कहता है उसी हिसाब से काम करना पड़ता है। यही नहीं ऑर्गेज्‍म पर भी कंट्रोल रखना होता है। इसके अलावा फिजिकल फिटनेस और खुद को बीमारी से बचाना भी जरूरी होता है। इसके अलावा फीमेल एक्‍टर्स के लिए कई सीमांए होती हैं। जैसे कि वह अपने मन से किसी बाहरी से शारीरिक संबंध नहीं बना सकतीं। साथ ही एक हफ्ते में एक ही लड़के के साथ सेक्‍स करेंगी। क्‍योंकि अक्‍सर देखा जाता है कि पोर्न मूवीज में एक्‍स्‍ट्रा साइज वाले पेनिस के साथ सेक्‍स करना पड़ता है ऐसे में उनके गुप्‍तांगों को रिकवर होने में कुछ दिन लग जाते हैं।






'मैंने एक साल के लिए हस्तमैथुन छोड़ दिया था'
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(इस लेख में वयस्कों के लिए जानकारी है और लेख में अपना अनुभव साझा करने वाले शख़्स ने अपनी पहचान गुप्त रखी है)

मैं पिछले 13 महीनों से हस्तमैथुन किए बिना रह रहा हूं. इससे दूर रहना इतना आसान भी नहीं था. लेकिन सच कहूं तो मेरी ज़िंदगी कभी भी इतनी बेहतर नहीं थी.

ये जानना अद्भुत है कि हस्तमैथुन न करने से मुझे कैसे-कैसे फ़ायदे हुए हैं.

20 से 30 साल की उम्र में मैंने पहले हफ़्तों के लिए, फिर कई महीनों के लिए हस्तमैथुन से किनारा किया है और मैं अकेला नहीं हूं.

दुनिया भर में लाखों लोग (बस पुरुष नहीं) नोफैप आंदोलन में भाग ले रहे हैं.
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क्या है नोफैप आंदोलन?

नोफैप एक ऐसा आंदोलन है जो लोगों को पॉर्न ना देखने और हस्तमैथुन छोड़ने के लिए प्रेरित करता है.

जब मैं सिर्फ़ 19 साल का था तब से सोचना शुरू किया कि मुझ पर पॉर्न देखने का कैसा असर होता है.

अपनी पीढ़ी की तरह, मैं भी इच्छा होने पर पॉर्न देखते हुए बड़ा हुआ हूं.

मुझे याद है कि जब मैं 14 साल का था तब इंटरनेट पर अंत:वस्त्र तलाशते हुए मैं आपत्तिजनक तस्वीरों तक पहुंच गया था.

अपनी किशोरावस्था के आखिरी सालों में हालत ये हो गई थी कि जब भी मैं अपने कमरे में अकेला होता था तो तुरंत पॉर्न देखने लगता था.

मुझे चिंता होने लगी कि मैं पॉर्न का आदी हो गया हूं. मैं किसी हार मान चुके व्यक्ति जैसा महसूस करने लगा जो लड़कियों से मिल नहीं सकता था और इंटरनेट पर पॉर्न देखकर हस्तमैथुन करने के लिए मजबूर है.

19 साल की उम्र तक मैं कुंवारा और अकेला था. मेरे अब तक के संबंधों में से कोई भी गंभीर नहीं हुआ था और मुझे सेक्स के बारे में कुछ भी नहीं पता था.
'आंखों के आगे लड़कियों की न्यूड तस्वीरें तैरती थीं'

घर पर रहना और हस्तमैथुन मुझे किसी पचड़े में पड़ने से ज़्यादा सुरक्षित तरीका लगा.

जब भी मैंने लड़कियों से बात करने की कोशिश की तो मेरे दिमाग में पिछली रात को देखी हुई लड़कियों की न्यूड तस्वीरें तैरती थीं.

मुझे पता था कि अगर उन्हें इस बारे में पता चलेगा तो वो मुझे अच्छी नज़र से नहीं देखेंगी.

मैं कई रातों तक अकेला जागता रहता. मैं सोचता रहता कि पॉर्न का मेरी ज़िंदगी पर क्या असर पड़ेगा.

मैंने अपने दोस्तों से इस बारे में बात नहीं की. हमारे दोस्तों के बीच निजी बातें साझा करने का चलन नहीं था.

मेरे 20वें जन्मदिन के ठीक बाद मैंने हस्तमैथुन बंद करने का फ़ैसला किया.

मेरी मां आध्यात्मिक किताबें पढ़ती थीं और मैं छिप-छिपकर उनकी किताबें पढ़ने लगा. मैंने ध्यान करना भी शुरू किया तब मुझे यौन क्रियाकलापों में संयम बरतने से आत्मविश्वास बढ़ने के बारे में पता चला.इमेज कॉपीरइटREBECCA HENDIN / BBC THREE
कुंडलिनी जागरण से हस्तमैथुन का संबंध

ये एक प्राचीन धारणा कुंडलिनी से जुड़ा हुआ है. मैं अपनी मां से ये सब कुछ पूछने से पहले काफ़ी शर्मिंदा था.

लेकिन मैंने इस बारे में ज़्यादा जानने का फ़ैसला किया.

शुरुआत में मुझे लगा कि मैं अपनी पूरी ज़िंदगी के लिए हस्तमैथुन छोड़ दूंगा.

तो जब मैंने ये तय करने के एक महीने बाद एक बार फिर हस्तमैथुन किया तो मैं ख़ुद से काफी निराश हुआ.

लेकिन इसके बाद मैंने ख़ुद के लिए असली लक्ष्य बनाने शुरू किए.

नोफ़ैप आंदोलन 90 दिनों तक परहेज़ करने की वकालत करता है.

मैंने पहली बार इसके बारे में एक टेड टॉक में सुना था जो पॉर्न के दिमाग़ पर असर के बारे में थी.

इस टेड टॉक में पॉर्न की तुलना ड्रग्स लेने से की गई थी. इसके साथ ही युवा लड़कों में पॉर्न देखने के चलते गुप्तांग का काम करना बंद करने से जुड़ी समस्याएं सामने आती हैं.

ऐसे कई लोग हैं जो नोफ़ैप से जुड़े हैं क्योंकि वह अपने गुप्तांग को ख़राब होने से बचाने के लिए थे. लेकिन मैं इस कारण से वहां नहीं पहुंचा था.

इंटरनेट पर अपनी तरह सोचने वाले ऐसे लोगों से मिलना एक बेहतर अनुभव है.इमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
बेहतर पारिवारिक रिश्ते

मुझे हमेशा से ऐसा लगता रहा है कि मैं ये करके ठीक करता हूं या नहीं.

हालांकि, ऐसे कई लोग हैं जो पॉर्न देखने के साथ-साथ पारिवारिक रिश्तों को बेहतर रखते हैं.

लेकिन मुझे आश्चर्य तब हुआ जब मुझे पता चला कि दुनिया में मेरी तरह हस्तमैथुन और पॉर्न के प्रभाव के नकारात्मक प्रभाव झेलने वाले लोग भी हैं.

नोफ़ैप मूवमेंट साल 2011 में शुरू हुआ थ जब एक रेडिट यूज़र एलेक्ज़ेंडर रोड्स ने हस्थमैथुन न करने के फ़ायदे से जुड़ी एक पोस्ट शेयर की जो वायरल हो गई.

आज इस पोस्ट पर 3 लाख लोग हैं. ये खुद को फ़ैपएस्ट्रॉनॉट कहते है. एलेक्ज़ेडर ने ऐसे लोगों के लिए एक वेबसाइट भी बनाई है जहां ऐसे लोगों के अनुभव छापे जाते हैं.

कई लोग मानते हैं नोफ़ैप ने उन्हें पॉर्न से पैदा होने वाले इरेक्टाइल डिसफ़ंक्शन से आज़ादी दे दी है.इमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
किसी रिलेशनशिप में नहीं हूं...

मेरे लिए नोफ़ैपिंग आत्मविश्वासी, शांत दिमाग़ का और प्रेरित करनेवाला है.

इससे मुझे लड़कियों से बात करने में आत्मविश्वास रहता है क्योंकि मैं जानता हूं कि मैंने अपने आपको काबू में रखा हुआ है.

मैंने ख़ुद को बीते 10 सालों से हस्तमैथुन और पॉर्न से मुक्त रखा है. पहला हफ़्ता हमेशा दिक्कत से भरा होता है. आपको हर चीज़ सेक्स की ही याद दिलाएगी.

मैं टीवी या किसी यूट्यूब वीडियो पर किसी आकर्षक महिला को देखकर आकर्षित हो जाता था.

कभी-कभी कोई लड़की मुझे रिजेक्ट कर दे तो मैं ख़ुद को खुश करने के लिए हस्तमैथुन करता था.

लेकिन जब जब मैंने अपना ये सिलसिला तोड़ा है तो कुछ दिनों के लिए मैंने बेहद बुरा महसूस किया.

मैंने ख़ुद को कमजोर होने और अनुशासन तोड़ने के लिए मानसिक रूप से प्रताड़ित किया.

इस साल मैंने एक बड़ा प्रोजेक्ट ख़त्म करने के बाद हस्तमैथुन किया. मैं किसी रिलेशनशिप में नहीं हूं और मेरे दोस्त बाहर थे. मैं अकेला था. वो कमज़ोरी की घड़ी थी.

इतने लंबे समय तक हस्तमैथुन न करने से मुझे अपने काम पर फ़ोकस करने में मदद मिली.

आजकल मैं अपने कमरे में घंटों कंप्यूटर के सामने बैठा रह सकता हूं और हस्तमैथुन करने की इच्छा नहीं होती है. मैं ये काम नोफ़ैप के बिना नहीं कर पाता.

मैं एक बार फिर शुरू करने जा रहा हूं. मैं इस बार अपना रिकॉर्ड तोड़कर बिना पॉर्न और हस्तमैथुन के 18 महीनों तक रहना है. और मैं आखिरकार हस्तमैथुन छोड़ देना चाहता हूं.इमेज कॉपीरइटGETTY IMAGES
हस्तमैथुन पर क्या कहते हैं डॉक्टर

जाने माने सेक्सोलॉजिस्ट डॉक्टर प्रकाश कोठारी कहते हैं, "मैं लगभग 50 हज़ार मरीज़ देख चुका हूं और हस्तमैथुन को लेकर लोगों में भारी भ्रांतियां हैं. हस्तमैथुन की प्रक्रिया सेक्स की तरह ही है. दोनों में एक ही काम होता है. ऐसे में ये बिल्कुल बेकार की बात है कि इससे किसी तरह का शारीरिक नुक़सान होता है."

हस्तमैथुन के संबंध में कहा जाता है कि ज़्यादा हस्तमैथुन करने से शारीरिक नुकसान होता है.

डॉक्टर कोठारी बताते हैं, "ऐसी कोई बात नहीं होती है, क्योंकि ज़्यादा बोलने से आपकी जबान कमजोर नहीं होती. प्राइवेट पार्ट के साथ भी ऐसा ही है."

हस्तमैथुन के संबंध में ये भी कहा जाता है कि इसे नहीं करना चाहिए.

इस बारे में डॉ. कोठारी कहते हैं, "अगर आप दो महीने तक चलें ही नहीं. फिर आपको कहा जाए कि दो मील तक टहलकर आएं तो आपके पैरों में दर्द होने लगेगा. और अगर आप दो महीनों तक मौन रहें. इसके बाद आपको अचानक से लेक्चर देने को कह दिया जाए तो आपको अल्फ़ाज़ नहीं मिलेंगे. गुप्तांग के साथ भी कुछ ऐसा ही है. कम इस्तेमाल से नुकसान होता है न कि ज़्यादा इस्तेमाल से."

"इसे गलत ठहराने की बातें सामने आती हैं तो मैं बताना चाहता हूं कि आयुर्वेद की किसी किताब या कामशास्त्र में ये नहीं लिखा है कि ये खराब है."


सेक्स सम्बन्ध बनाते समय महिलाओं को ओर्गजम ( चरमसुख ) का मिलना एक सामान्य बात हो सकती है या नहीं भी किंतु कई बार महिलाएं सेक्स के दौरान झूठा ओर्गजम ( चरमसुख ) होने का नाटक भी करती है| इसमें अचंभित होने की जरूरत नहीं है क्योंकि कई बार सेक्स करते समय महिलाएं अपने आप को और अपने साथी को उत्तेजित महसूस करवाने के लिए ऐसा करती है| एक रिसर्च से यह बात सामने आई है कि कुछ महिलाएं सेक्स के दौरान खुद सेक्स का आनंद लेने के लिए ऐसा करती है तथा कुछ महिलाएं इसलिए ऐसा करती हैं क्योंकि उनके साथी को सेक्स करते समय बुरा ना लगे |

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महिलाएं सेक्स के दौरान मौखिक एवं शारीरिक माध्यम से संकेत देती है कि उसे अपने साथी के साथ सेक्स करने में आनंद आ रहा है| सेक्स के दौरान महिलाओं द्वारा ओर्गजम ( चरमसुख ) का नाटक करना या वास्तविक में ओर्गजम ( चरमसुख ) होने से दोनों साथी को सेक्स में बहुत ही ज्यादा आनंद आता है| कई बार पुरुष सेक्स के दौरान अपने साथी महिला को संतुष्ट नहीं कर पाते हैं| महिलाओं को यह चिंता सताती है कि उसके साथी को बुरा ना लगे इस से चिंतित होकर भी कुछ महिलाएं ओर्गजम ( चरमसुख ) आने का झूठा नाटक करती है|


पुरुषों को सेक्स के दौरान अपने साथी महिला के द्वारा ओर्गजम ( चरमसुख ) करना बहुत पसंद है| इस तनाव तथा दबाव के कारण अधिकतर महिलायें ओर्गजम ( चरमसुख ) करने का नाटक करती है| सेक्स के दौरान महिलाओं का ओर्गजम ( चरमसुख ) ना होना आम बात है| इसी शर्म से बचने के लिए कुछ महिलाएं झूठा ओर्गजम ( चरमसुख ) होने का नाटक या अभिनय करती हैं|

इस समस्या से निजात पाने के लिए दोनों पक्षों (पुरुष और महिला) को स्थिरता से बैठ कर विमान्षा करनी चाहिए | ताकि वास्तविक में दोनों साथी आनंद पूर्वक सेक्स की क्रिया को जीवन्त कर सके |

हस्तमैथुन के साइड एफ्फेक्ट तो हैं ही ये फायदा भी है 


कई ग्रंथों और कई किताबों में यह लिखा और बताया गया है कि हस्तमैथुन करना बुरी आदत है पर आप यह समझिए कि यह आपके जीवन का एक अंग है जिसे आप चाह कर भी त्याग नहीं सकते| पर फिर भी हम कहेंगे कि इसकी आदत नहीं डालनी चाहिए| आइए जानते हैं इसके क्या फायदे हैं और क्या है नुकसान|

हस्तमैथुन के फायदे: हस्तमैथुन के नुकसान ज्यादा हैं पर फायदे भी कम नहीं हैं| यह आपको अच्छी नींद, तनाव मुक्त और जनन अंगों को सामान्य बनाए रखने में मदद करता है|

हस्तमैथुन के साइड एफ्फेक्ट:


इसकी आदत आपको तरुण अवस्था में लग जाती है| इसके बाद आपको हस्तमैथुन करने करने का बार-बार मन करता है| अगर सही तरीके से और नियमित रूप से इसे किया जाए तो इसके परिणाम गंभीर हो सकते हैं|

सूजन: गलत तरीके से हस्तमैथुन करने से मांसपेशियों पर असर पड़ता है| इस प्रक्रिया में जल्दी-जल्दी करने से वीर्य से पहले निकलने वाला द्रव मांसपेशियों में चला जाता है जिसके कारण सूजन आ जाती है|

पायरोनी: हस्तमैथुन करते समय लिंग को कास कर पकड़ने से या दबाने से परिणाम हानिकारक हो सकता है इससे पायरोनी नमक बिमारी हो सकती है| इस बिमारी के कारण जनन अंग टेढ़ा हो सकता है|


शुक्राणु की कमी: नियमित रूप से हस्तमैथुन करने से शुकाणु के संख्या में कमी आने लगती है| कई बार ऐसा देखा गया है कि पिता न बनने में सबसे बड़ा कारण यह भी हो सकता है|


मनोवैज्ञानिक कारण: इसका सबसे ज्यादा प्रभाव आपके दिमाग पर पड़ता है| आपको घबराहट की समस्या को सकती है| आप हमेशा दबाव और तनाव में रहने लगेंगे|

संतुष्टी की कमी: शादी के पश्चात पार्टनर संग सम्बन्ध बनाते वक्त आप न तो खुद संतुष्ट हो पाते हैं और न ही अपने पार्टनर को संतुष्ट कर पाते हैं| यह भी आप में तनाव का जन्म करता है|

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