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नीम के पानी से नहाने के 5 फायदे – हमाम


नीम के पानी से नहाने के 5 फायदे – हमाम
अपनी सुहानी पत्तियों औऱ नाज़ुक फूलों के कारण नीम का पेड़, आंखों के लिए एक सुकून भरा एहसास है। लेकिन भारत में पीढ़ियों से ये पेड़ कई रोगों की रामबाण दवा के रूप में जाना जाता है। ऐसे में क्या ये कोई अचरज की बात है कि नीम की पत्तियों के अर्क मिले पानी में नहाना कई स्वास्थ्य समस्याओं से निजात दिला सकता है?



 त्वचा रोग

पानी में नीम की पत्तियां उबालकर इस मिश्रण को पानी में मिलाकर नहाने से छाले और गांठ या मस्से की समस्या से निजात मिलती है। नीम का सूक्ष्मजीवरोधी गुण खुजली और जलन से भी राहत देता है।

नीम मिला पानी सोरायसिस और एक्ज़ेमा जैसे त्वचा रोगों के इलाज में भी काफी कारगर साबित होता है।



# शरीर की दुर्गंध और मुंहासे

कीटाणुरोधी गुण के कारण नीम के पानी से नहाने से शरीर की दुर्गंध से छुटकारा मिलता है। कील- मुंहासों के धब्बे मिटाने में भी नीम काफी मददगार है। नहाने के आखिर में अपने चेहरे पर नीम के पानी का छींटा मारें- इससे स्किन टोन होती है साथ ही पिगमेंटेशन और ब्लैक हेड्स की समस्या से भी छुटकारा मिलता है।



# रूसी

शैंपू के बाद नीम मिले पानी से बाल धोने से सिर की त्वचा के रुखेपन, बालों का झड़ना, और रूसी की समस्या से निजात मिलती है। नीम, सिर की त्वचा के रोम छिद्र खोलकर उन्हें कसाव देता है जिससे न सिर्फ रूसी का खात्मा होता है] बल्कि बाल मुलायम औऱ चमकदार भी बनते हैं।



# छोटी चेचक और जलने के घाव

चेचक के मरीज़ों को राहत पहुंचाने का सबसे आजमाया हुआ उपाय है, उन्हें नीम के पानी से नहलाना। इससे संक्रमण को फैलने से भी रोका जा सकता है।

जले के घाव नीम के पानी से स्नान करने से जल्दी ठीक होते हैं, क्योंकि नीम के कीटाणुरोधी गुण त्वचा को जल्द ठीक होने में मदद करते हैं। साथ ही प्रभावित हिस्से को एलर्जी और संक्रमण से भी बचाते हैं।



# आंखों का संक्रमण

कन्जक्टिवाइटिस में नीम के पानी से आंखें धोने से आंखों की जलन औऱ चुभन शांत होती है। साथ ही बिलनी और आंख में दाने जैसी छोटी-मोटी समस्या में भी इससे काफी राहत मिलती है।



जहां एक ओर नीम शरीर के दर्द में राहत दिलाता है वहीं नीम का पानी त्वचा को पोषण देता है.साथ ही ये एक एंटी एजिंग एजेंट भी है जो त्वचा में प्राकृतिक निखार लाता है!

नीम के अनगिनत फायदों से तुरंत लाभ पाने के लिए हमाम जैसे प्रोडक्ट का इस्तेमाल करें। तुलसी, एलोवेरा और शुद्ध नीम तेल से बना ये साबुन सभी त्वचा रोगों से साल भर आपकी रक्षा करता है।


वैदिक युग से ही नीम क्यों कहलाता है दिव्य रोगनिवारक



भारतीय संस्कृति में नीम का पूजा और घरेलू उपयोग दोनों से गहरा नाता है। आज भी दांत साफ करने के लिए दातून के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। त्वचा से जुड़ी बीमारी जैसे चेचक आदि के पारंपरिक इलाज के लिए पानी में नीम की पत्तियां डालकर इस्तेमाल किया जाता है।

आध्यात्मिक मोर्चे पर नीम के फूल और माला पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ देवताओं को अर्पित किए जाते हैं। नीम को देवी-देवताओं को रूप भी माना जाता है। भारत के कुछ हिस्सों में पेड़ को देवी, नीमरी देवी माना जाता है। नीम के फूल और पत्तियों का इस्तेमाल बुरी आत्माओं को भगाने के लिए भी किया जाता है। वाकई में नीम की उत्पत्ति भारतीय संस्कृति से गहराई से जुड़ी है।

नीमः हमारी जीवंत परंपरा

भारतीयों को जीवंत परंपरा का आशीर्वाद प्राप्त है जो हमारे आसपास से प्रकृति की सबसे अच्छी चीज़ों का निचोड़ देती है।यहां तक कि प्राचीन आयुर्वेदिक विज्ञान, जो कि चारों वेदों से प्रेरित है,उसमें भी नीम को अनेक रूपों में 75% आर्युवेदिक दवाओं में इस्तेमाल किया जाता है। बृहत संहिता, जिसे भारतीय संस्कृति का विश्वकोष (इनसाइक्लोपीडिया) कहा जाता है, उसमें भी दवाओं के रूप में नीम के इस्तेमाल की सलाह दी गई है।

कुछ रिकॉर्ड्स के मुताबिक, नीम का तेल शायद सबसे पुराना ज्ञात औषधीय तेल है।

नीम का पेड़ बाकियों से अलग क्यों है?

यहां थोड़ा-सा सामान्य ज्ञान: क्या आपको पता है कि नीम के पेड़ को इंडियन लाइलक भी कहा जाता है? नीम, सबसे पहले ज्ञात पेड़ों में से एक है जिसे 'सर्व रोग निवारिणी' यानि 'सभी बीमारियों का इलाज करने वाला' कहा जाता है। स्वस्थ रहने के लिए रोज़ाना नीम की छाल, तेल, पत्ते और फूल सभी का इस्तेमाल किया जा सकता है। पारंपरिक रूप से नीम को अक्सर कुदरती दवा की दुकान भी कहा गया है।

चलिए नीम के तेल के बारे में बात करते हैं। हालांकि नीम के तेल की महक बाकी तेलों के मुकाबले थोड़ी तेज़ होती है, लेकिन इसके गुण किसी से कम नहीं। अनेक गुणों के कारण ही नीम के तेल का इस्तेमाल स्किनकेयर उत्पाद से लेकर मच्छर भगाने वाले उत्पादों तक में किया जाता है।

नीम के तेल में फैटी एसिड और अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, साथ ही त्वचा के लिए फायदेमंद तत्व भी होते है जैसे:
विटामिन ई
ट्राइग्लिसराइड्स
कैल्शियम
एंटीऑक्सीडेंट

उपयुक्त तत्वों के कारण ही नीम न सिर्फ त्वचा के कॉस्मेटिक उपचार, बल्कि गंभीर त्वचा संबंधी समस्याओं जैसे एग्ज़ेमा और सोरायसिस के इलाज में भी मददगार है। नीम एंटी फंगल, एंटी डायबिटिक, एंटी बैक्टीरियल, एंटीवायरल, एंथेलमिन्टिक, गर्भनिरोधक और शामक गुणों के साथ संक्रमण ठीक करने के लिए जाना जाता है।

शोध के मुताबिक, नीम का तेल सर्जरी के बाद खोपड़ी के घाव जल्दी भरने में मदद करता है। लंबे समय तक इस्तेमाल से मुंहासों की समस्या से भी निजात मिलती है।

नीम से आप और क्या कर सकते हैं?
नीम का तेल कीटों को दूर हटाने का काम करता है। इसीलिए अब भी घरों के आसपास नीम का पेड़ लगाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ये ताज़ी और ठंडी हवा देने के साथ कीटों को भी भगाता है।पहले और आज भी महिलाओं के रोज़ाना इस्तेमाल के सौंदर्य प्रसाधनों को बनाने में नीम इस्तेमाल किया जाता रहा है, जैसे हमाम।

नीम की शक्ति का दोहन

कई पौराणिक संदर्भों में इस बात का ज़िक्र है कि नीम की रोगनिवारक शक्ति के कारण ही हमारे पूर्वज #GoSafeOutside जा पाते थे। आज भी यह परंपरा जारी है। नीम के गुणों वाले हमाम के साथ।

क्या आप नीम की शक्ति का वैसा उपयोग कर रहे हैं, जैसा आप कर सकते हैं?




नीम क्यों है ‘सर्व रोग निवारिणी’?

आज की महिला होना आसान नहीं। जी हां, हम ऐसा जीवन जी रहे हैं जो हमें व्यस्त और प्रेरित तो रखता है लेकिन इसका असर हमारी जीवनशैली पर दिखता है। लगातार काम करते रहने से हमारे शरीर पर जो बुरा असर पड़ता है, वो सबसे पहले नज़र आता है त्वचा पर। अगर प्रदूषण, तनाव और जीवनशैली की चुनौतियों के कारण त्वचा को होने वाले नुकसान पर ध्यान नहीं दिया जाता, तो इसका प्रभाव कम करना नामुमकिन होगा।

मुंहासे त्वचा की सबसे आम समस्याओं में से एक है जो लंबे समय तक धूप में रहने से होती है। इसका कारण है बंद रोमछिद्र और त्वचा में अतिरिक्त तेल का जमाव। हॉर्मोनल बदलाव की वजह से भी महिलाओं में मुंहासों की संभावना ज्यादा होती है।

आइए, जानते हैं आप किस तरह इस समस्या से छुटकारा पाएं और कैसे अपनी त्वचा की देखभाल करें।

पारंपरिक सोचें....नीम के बारे में सोचें !

नीम सदियों से पारंपरिक भारतीय चिकित्सा का हिस्सा रहा है।वेदों में इसे 'सर्व रोग निवारिणी' कहा गया है, जिसका मतलब होता है वो जो सभी बीमारियों और रोगों को ठीक करता है। दिलचस्प बात यह है कि इसे दैवीय उत्पति माना जाता है और इसे 'कल्पवृक्ष' के नाम से भी जाना जाता है।
नीम के गुण

नीम आपकी त्वचा को अनगिनत फायदे पहुंचाता है।आज के दौर में भी इसके रोगनिवारक और एंटीबैक्टीरियल गुणों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। नीम त्वचा की देखभाल के साथ ही इन समस्यों से बचाता है-
त्वचा की बढ़ती उम्र
मुंहासे
रूखी त्वचा से होने वाली समस्या

नीम में कीटनाशक गुण होते हैं और यह त्वचा को मुलायम बनाने के साथ ही नमी और ज़रूरी पोषण देता है। इसमें ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा के बैक्टीरिया मिटाकर मुंहासे रोकते हैं।ये मुंहासों के कारण होने वाली सूजन, जलन और लालिमा को भी कम करने में मददगार है

पारंपरिक रेसिपी

दुकान पर आपको ढेरों स्किन केयर प्रोडक्ट्स मिल जाएंगे, लेकिन सभी असरदार हं, ये ज़रूरी नहीं। सच्चाई तो ये है कि इनमें से कुछ त्वचा को फायदे से ज़्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। त्वचा बहुत ही नाज़ुक अंग है,जिसकी नियमति और खास देखभाल ज़रूरी है। अपनी त्वचा को समझें और नीम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं। त्वचा पर ढेर सारे उत्पाद लगाने की बजाय, हमाम इस्तेमाल करें, जिसमे हैं 100 प्रतिशत शुद्ध नीम का तेल,जो त्वचा की समस्याएं दूर करता है। जब आप अपनी त्वचा की हिफाज़त के साथ #GoSafeOutside चाहें, तो भरोसा करें नीम पर।

याद रखिए जब बात हो त्वचा की देखभाल की, तो कुदरती चीज़ों पर विश्वास करना हमेशा अच्छा होता है।

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