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सीली स्ट्रॉबेरी के 10 स्‍वास्‍थ्‍य लाभ

सीली स्ट्रॉबेरी के 10 स्‍वास्‍थ्‍य लाभ
https://www.healthsiswealth.com/

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लाल रंग का रसीला स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध व स्वाद के कारण विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय फल माना जाता है। स्‍ट्रॉबेरी का नाम सुनते ही हर किसी के मुंह में पानी आ जाता है। कई लोग इसे बहुत पसंद करते हैं मगर कुछ लोगों को यह बिल्‍कुल भी पसंद नहीं। इसका कई रूपों में उपयोग किया जाता है। स्ट्रॉबेरी का मिल्क शेक हो या फिर आइसक्रीम अथवा स्ट्रॉबेरी का मीठा दही या फिर जैम, किसी भी रूप में क्यों न हो, स्ट्रॉबेरी अपनी मनमोहक सुगंध के कारण विश्व का सर्वाधिक लोकप्रिय फल है।

अब लगभग पूरे भारत में स्ट्रॉबेरी का फल उपलब्ध होता है और ताजे फल से लेकर विभिन्न रूपों में प्रयोग किया जाता है। जो फल केवल महाबलेश्वर, ऊटी जैसे पर्वतीय प्रदेशों में उपलब्ध था, अब गर्म रेगिस्तानी क्षेत्रों को छोड़कर सभी जगह इसकी कृषि होती है। आज कह स्‍ट्रॉबेरी का ही सीजन है तो, अगर आप स्‍ट्रॉबेरी नहीं खाते, तो अब खाना शुरु कर दीजिये।

स्‍ट्रॉबेरी ना केवल स्‍वाद में ही लाजवाब होती है मगर इसके कई स्‍वास्‍थ्‍य लाभ भी हैं। दरअसल हाल ही में हुए एक अध्ययन में पता चला है कि स्ट्रॉबेरी हमारे भीतर हृदय रोगों और मधुमेह का विकास नहीं होने देती। आइये और जानते है लाल और स्‍वाद भरी स्‍ट्रॉबेरी के बारे में-



प्रतिरक्षा को बढाती है

स्‍ट्रॉबेरी में विटामिन सी होता है जो कि आपके दिनभर की विटामिन सी की कमी को पूरा करती है। यह एक आपी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढा सकती है, जिससे आप दिनभर लगन से काम कर सकें।



आंखों के लिये स्‍ट्रॉबेरी


इसमें एंटीऑक्‍सीडेंट तत्‍व होता है जो कि आंखों को मोतियाबिंद से बचाता है। हमारी आंखो को विटामिन सी की आवश्‍यकता होती है जिससे वह कडी सूरज की रौशनी और यूवी रेज से लड़ती नहीं तो आंखों के लेंस की प्रोटीन नष्‍ट हो सकती है।



कैंसर से लडे़

स्‍ट्रॉबेरी में एंटीऑक्‍सीडेंट और कैंसर से लड़ने वाले तत्‍व होते हैं जो कि कई तरह के कैंसर से लड़ सकते हैं। इसमें फ्लेवोनॉइड, फोलेट, केंफेरॉल और विटामिन सी होता है जो कि कैंसर पैदा करने वाले सेल का नाश करता है।



झुर्रियां भगाए

विटामिन सी होने के नाते यह त्‍वचा में कोलाजेन अधिक पैदा करती है जो कि त्‍वचा में खिंचाव पैदा करता है। उम्र के साथ कोलाजेन नष्‍ट होता जाता है और चेहरे पर झुर्रिया पड़ने लगती है इसलिये विटामिन सी से भरे फल खाइये।


हार्ट अटैक
इसमें पोटैशियम होता है जो कि हार्ट अटैक और स्‍ट्रोक के रिस्‍क को कम करता है। साथ ही इस फल में फोलेट होता है जो कि लाल रक्‍त कोशिकाओं का निमार्ण करता है।



दांतों में चमक लाए

इसमें एसिड होता है जो कि दांत से दाग को साफ कर के उन्‍हें चमकदार बनाती है। आपको करना केवल इतना है कि फल को आधे भाग में काटिये और उससे अपने मसूड़ों और दांतों को रगड़े। इससे मसूड़े मजबूत भी बनते हैं।


जोड़ों की सूजन को कम करे

स्‍ट्रॉबेरी में एंटीऑक्‍सीडेंट और फाइटोकैमिकल होते हैं जो कि जोड़ों की सूजन को कम करता है।

ब्‍लड प्रेशर ठीक करे

पोटैशियम दिल के स्‍वास्‍थ्‍य के लिये अच्‍छा है, यह हाई ब्‍ल्‍ड प्रेशर को लो करने में मदद करता है।


हड्डियों को मजबूती दे

स्‍ट्रॉबेरी में मैग्‍नीज अधिक पाया जाता है जो कि हड्डियों का ठीक प्रकार से विकास करता है। हड्डियों के लिये पोटैशियम, मैग्‍नीशियम, विटामिन के आद‍ि बहुत आवश्‍यक पोषण हैं।


वजन घटाए


स्ट्रॉबेरी में फैट फ्री और लो कैलोरी वाली होती है जिसमें ना तो शक्‍कर होती है और ना ही सोडियम। रोजाना डेढ़ कप स्‍ट्रॉबेरी खाने से आपको बाहर का कोई स्‍नैक्‍स खाने की जरुरत नहीं पडे़गी जिससे वजन नियंत्रण में रहेगा।

स्ट्रॉबेरी |

हिंदी नाम

अंग्रेजी नाम (English Name)

वैज्ञानिक नाम (Scientific Name) 


स्ट्रॉबेरी 

स्ट्रॉबेरी (Strawberry) 

फ्रेगेरिया x अनानासा (Fragaria × ananassa) 


स्ट्रॉबेरी का वैज्ञानिक नाम फ्रेगेरिया x अनानासा (Fragaria × ananassa) है। स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से मधुमेह (Diabetes), मोतियाबिंद (Cataracts) और मोटापा आदि समस्याओं में लाभ मिलता है। स्ट्रॉबेरी की सबसे ज्यादा पैदावार अमेरिका में होती है। ऐसे और भी अन्य देश हैं जहाँ स्ट्रॉबेरी की पैदावार होती है, जैसे मेक्सिको, तुर्की, स्पेन, मिस्र, कोरिया गणराज्य, जापान, रशियन फ़ेडरेशन, जर्मनी, पोलैंड आदि।
स्ट्रॉबेरी के फायदे 
स्ट्रॉबेरी के सेवन से त्वचा की झुर्रियां साफ होती हैं। 
स्ट्रॉबेरी और शहद का लेप बनाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा साफ़ और गोरी होती है। 
स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से मोटापा कम होता है। 
स्ट्रॉबेरी के सेवन से हड्डियों का घनत्व बढ़ता है। 
गर्भावस्था में महिलाओं के लिए स्ट्रॉबेरी का सेवन करना लाभप्रद होता है। 
स्ट्रॉबेरी को नारियल के तेल और शहद के साथ मिश्रित करके बालों में लगाने से बाल मजबूत और रुसी रहित होते हैं। 
मधुमेह (Diabetes) रोग में स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से लाभ मिलता है। 
स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से आँखों की रोशनी में वृद्धि होती है। 
स्ट्रॉबेरी के सेवन से मोतियाबिंद (Cataracts) रोग का उपचार होता है। 
स्ट्रॉबेरी के सेवन से दांत मज़बूत और चमकदार होते हैं। 
स्ट्रॉबेरी का सेवन करने से कैंसर रोग नहीं होता। 

Pregnancy में भूल कर भी ना खाएं ये 6 फूड, नहीं तो.... 

गर्भावस्था के दौरान होने वाली मां को पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने की सलाह दी जाती है। परंतु स्वस्थ आहार खाने के अलावा गर्भवती माताओं को कुछ विशेष पदार्थ खाने से बचना चाहिए। मां जो कुछ भी खाती है उसका सीधा प्रभाव उसके बच्‍चे पर पड़ता है, इसलिये उसे कुछ भी उल्‍टा पुल्‍टा खाने से पहले डॉक्‍टर से जानकारी ले लेनी चाहिये।





हमने आपको कई लेखों में बताया है कि अगर आप मां बनने वाली हों तो, अपनी डाइट में क्‍या क्‍या शामिल करें। पर आज हम आपको कुछ ऐसे 6 खघ पदार्थ बताएंगे जो आपको प्रेगनेंसी के दौरान नहीं खाने चाहिये।

निषिद्ध खाद्य पदार्थ खतरनाक हो सकते हैं और गर्भपात हो सकता है। यहाँ कुछ खाद्य पदार्थ दिए गए हैं जिन्हें गर्भावस्था के दौरान खाने से बचना चाहिए।



उच्च पारे वाली मछली
पारा बेहद जहरीला होता है। गर्भवती महिलाओं को एक महीने में एक या दो सर्विंग से ज्‍यादा मछली का सेवन नहीं करन चाहिये। इन मछलियों में शार्क, ट्यूना, किंग मैकेरल और स्‍वॉर्ड फिश शामिल हैं। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ रागीनी अग्रवाल के अनुसार, "कच्ची मछली को भी खाने से बचा जाना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान सुशी को खाने से पूरी तरह से बचा जाना चाहिए।"






कैफीन

अगर आप कैफीन के बिना कोई काम नहीं कर सकती तो दिन मे सिर्फ दो कप कैफीन ही लें। सबसे अच्छा यह है कि आप कॉफी से पूरी तरह दूरी बना लें। मुंबई की आहार विशेषज्ञ दीपशिखा अग्रवाल कहती हैं, ''गर्भावस्था के दौरान ज्यादा मात्रा में कैफीन लेना, खासकर पहले तीन महीने के दौरान, मिसकरेज और भ्रूण की दूसरी समस्याओं को जन्म दे सकता है। बेहतर होगा कि आप इसका सेवन संयमित मात्रा में करें।'


जंक फूड
प्रेगनेंट महिलाओं को बाहर का जंक फूड नहीं खाना चाहिये खास तौर वह जिसमें मैदा मिला हो। स्ट्रीट फूड से इंफैक्शन का खतरा बढ़ जाता है। अगर आप ऐसे भोजन खाकर बीमार पड़ जाते हैं तो आपको दवाई का सहारा लेना पड़ेगा। सारे दवाई गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए अच्छे नहीं होते हैं। इसलिए जहां तक हो सके स्ट्रीट फूड से दूर ही रहें। इतना ही नहीं गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का इम्युनिटी आमतौर पर सामान्य से कम हो जाता है। इससे वे बड़ी आसानी से इंफैक्शका का शिकार हो जाती हैं।
कच्‍चे स्‍प्राउट्स
स्‍प्राउट्स काफी हेल्‍दी होते हैं। लेकिन बिना पके हुए स्‍प्राउट्स प्रेगनेंट औरत के लिये अच्‍छे नहीं माने जाते। कच्‍चे स्‍प्राउट्स में आपको साल्मोनेला जैसा जीवाणु मिल सकता है। यह बीज से अच्‍छी तरह से धुला नहीं जा सकता। यह केवल पकाने के बाद ही हटाया जा सकता है। प्रेगनेंट महिलाएं इसे तब ही खा सकती हैं जब यह पूरी तरह से पकाया जा चुका हो।


शराब

शराब का यदा-कदा सेवन करने से कोई परेशानी नहीं होती है। पर अगर आप ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करेंगे तो आपको इससे होने वाली समस्या से सावधान रहना चाहिए। दीपशिखा महिलाओं को चेताते हुए कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान बहुत अधिक मात्रा में शराब पीने से बच्चा और उनके दिमाग का विकास ठीक से नहीं होता है। साथ ही इससे बच्चे के चेहरे की बनावट भी प्रभावित होती है।

ऑइली खाने से बचें
गर्भवती महिलाओं को आपने खाने का बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए। जितना हो सके ऑयली और जंक फ़ूड से दूर रहें, क्योंकि इनमें नमक और शक्कर अधिक मात्रा में होता है और बहुत सारे प्रीजर्वेटिव केमिकल्स भी मौजूद रहते हैं जो गर्भवती महिलाओं और उनके बच्चे पर बुरा असर डाल सकते हैं। इसके विपरीत उन्हें ताज़ा भोजन करना चाहिए। और जितना हो सके अपने भोजन में कैल्शियम, आयरन की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।

प्रेगनेंसी टिप्‍स गर्भावस्‍था


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